न्यूज डेस्क – 08 जून 2026
राजनांदगांव में ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ के लाभार्थियों का हुआ भव्य सम्मान; विधानसभा अध्यक्ष ने अयोध्या से लौटे श्रद्धालुओं के धोए चरण।
छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज राजनांदगांव में आयोजित ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ (अयोध्या धाम यात्रा) के लाभार्थी तीर्थयात्रियों के सम्मान सम्मेलन में शामिल हुए। इस भावुक और आध्यात्मिक कार्यक्रम में डॉ. रमन सिंह ने अयोध्या की पुण्य भूमि से प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर लौटे श्रद्धालुओं का पैर पखारकर (चरण धुलाकर) और शॉल-श्रीफल भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत व सम्मान किया।
अयोध्या धाम से लौटे श्रद्धालुओं के आध्यात्मिक अनुभवों को सुनकर डॉ. रमन सिंह भावविभोर हो उठे। उन्होंने इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने आगे कहा कि लगभग 492 वर्षों तक जिस मंदिर का निर्माण विवादित रहा और जिसे विदेशी आक्रांताओं द्वारा ध्वस्त कर दिया गया था, आज वह मंदिर अयोध्या में पूरी शान से स्थापित है। पीएम मोदी ने देश की जनता की आस्था, विश्वास और आपसी सामंजस्यता के साथ इस ऐतिहासिक निर्माण कार्य को पूर्ण कराया है। यह यात्रा ‘मोदी की गारंटी’ और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन का ही परिणाम है, जो आज हजारों श्रद्धालुओं के लिए आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक आनंद का माध्यम बनी है।
छत्तीसगढ़ के 47 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना की सफलता के आंकड़े साझा करते हुए बताया गया कि छत्तीसगढ़ सरकार की ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ के तहत अब तक प्राप्त संख्या के आधार पर 47,600 से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम की निःशुल्क यात्रा कर प्रभु श्रीराम के दर्शन का पुण्य लाभ प्राप्त कर चुके हैं।
योजना से जुड़ी मुख्य बातें: पात्रता और प्रक्रिया
यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य इस योजना का लाभ उठाना चाहता है, तो इसके नियम और शर्तें निम्नलिखित हैं:
यात्रा पूरी तरह है निःशुल्क
यह यात्रा राज्य सरकार द्वारा पूरी तरह से स्पॉन्सर्ड है। इसमें श्रद्धालुओं को निम्नलिखित सुविधाएं मुफ्त मिलती हैं:
विशेष ट्रेनों के माध्यम से आने-जाने का संपूर्ण किराया।
अयोध्या में रहने (आवास) की उत्तम व्यवस्था।
शुद्ध शाकाहारी भोजन और स्थानीय परिवहन (बस आदि) का खर्च।
कौन हो सकता है पात्र? (पात्रता मापदंड)
मुख्य आयु वर्ग:
मुख्य रूप से 55 से 75 वर्ष के आयु वर्ग के नागरिकों को इसमें प्राथमिकता दी जाती है।
न्यूनतम आयु:
योजना के तहत न्यूनतम आयु 18 वर्ष भी निर्धारित की गई है।
स्वास्थ्य स्थिति:
आवेदक का शारीरिक और चिकित्सकीय रूप से पूरी तरह फिट (Fit) होना अनिवार्य है, ताकि यात्रा के दौरान कोई परेशानी न हो।
राष्ट्रसेवा और मर्यादा के मार्ग पर चलने का संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने उपस्थित जनसमुदाय को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम की कृपा हम सभी छत्तीसगढ़ वासियों पर हमेशा बनी रहे। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्श हमें सदैव राष्ट्रसेवा, कर्तव्यपरायणता और मर्यादा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते रहेंगे।
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में रामभक्त व नागरिक उपस्थित रहे।


