नई दिल्ली/ 30 मई 2026
म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 मई से 3 जून 2026 तक भारत की पांच दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर आए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रही यह यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि अप्रैल 2026 में राष्ट्रपति पद संभालने के बाद यह उनकी भारत की पहली आधिकारिक यात्रा है।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस यात्रा की पुष्टि करते हुए बताया कि राष्ट्रपति यू मिन के साथ कई कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और कारोबारी नेताओं का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों देश अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
बोधगया की आध्यात्मिक यात्रा
अपने दौरे की शुरुआत में राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने 30 मई को बिहार के बोधगया का दौरा किया। बोधगया वह पवित्र स्थान है जहां भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। यह दौरा भारत और म्यांमार के बीच सदियों पुराने बौद्ध धर्म और सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित करता है।
म्यांमार एक बौद्ध-बहुल देश है और बोधगया की यह यात्रा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच सभ्यतागत जुड़ाव का प्रतीक भी है। भारत ने इस अवसर पर दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और ऐतिहासिक बंधनों को रेखांकित किया।
व्यापार मंच और आर्थिक सहयोग
31 मई 2026 को नई दिल्ली में म्यांमार-भारत व्यापार मंच (Business Forum) का आयोजन किया गया। इस मंच पर दोनों देशों के व्यापारिक नेता और उद्योगपति आपसी व्यापार, निवेश और आर्थिक साझेदारी के अवसरों पर चर्चा करेंगे।
भारत और म्यांमार के बीच द्विपक्षीय व्यापार को और गति देने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। भारत पहले से ही म्यांमार के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में से एक है और इस दौरे से दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
पीएम मोदी से द्विपक्षीय वार्ता
इस दौरे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के बीच होने वाली द्विपक्षीय वार्ता है। इस वार्ता में दोनों देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा, सीमा प्रबंधन और आपसी सहयोग के मुद्दों पर चर्चा होगी।
भारत की ‘पड़ोस पहले’ (Neighbourhood First) नीति के तहत म्यांमार एक महत्वपूर्ण साझेदार है। दोनों देश 1643 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं और पूर्वोत्तर भारत की सुरक्षा और विकास के लिए म्यांमार से संबंध अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
मुंबई दौरा और भविष्य की संभावनाएं
2 जून को राष्ट्रपति यू मिन मुंबई की यात्रा करेंगे, जहां वे भारत के प्रमुख उद्योगपतियों और कारोबारी नेताओं से मिलेंगे। मुंबई भारत की आर्थिक राजधानी है और यह दौरा म्यांमार में भारतीय निवेश को बढ़ावा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह यात्रा समग्र रूप से भारत-म्यांमार संबंधों के एक नए अध्याय की शुरुआत है। अप्रैल 2026 में विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने म्यांमार में राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया था और अब यह आधिकारिक यात्रा दोनों देशों के बीच उच्चतम स्तर पर संपर्क को और प्रगाढ़ करेगी।


