कबीरधाम /23 मई 2026 /पवन तिवारी
जब किसी गाँव की गली-गली में दीपक जलें, घर-घर के दरवाजों पर कलश सजें और हवाओं में मंत्रोच्चार की गूँज हो — तो समझ लीजिए, वहाँ भगवान स्वयं विराजमान हैं। ऐसा ही अलौकिक दृश्य इन दिनों कबीरधाम जिले के ग्राम बोधाईकुंडा में देखने को मिल रहा है, जहाँ श्री लक्ष्मीनारायण पुरुषोत्तम महायज्ञ का भव्य आयोजन सम्पन्न हो रहा है।
प्रातःकाल से ही गूँजते हैं मंत्र
पंडित अरुण शर्मा के कुशल संयोजन में आयोजित इस महायज्ञ में प्रतिदिन प्रातःकाल यज्ञनारायण भगवान की भँवरी और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ परिक्रमा की जाती है। यज्ञ की पावन अग्नि में आहुतियाँ देते श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता है।
कथा सुनने उमड़ रही है भीड़
दोपहर 3 बजे से श्री राम चरितमानस की कथा का अमृतपान कराया जा रहा है। चित्रकूट धाम की सुप्रसिद्ध कथावाचक सुश्री विद्या दुबे अपनी मधुर वाणी, भजनों और गीतों से श्रोताओं को भावविभोर कर रही हैं। प्रचंड गर्मी के बावजूद ग्रामवासियों और क्षेत्रवासियों की उमड़ती भीड़ इस आयोजन की लोकप्रियता और जनआस्था का जीवंत प्रमाण है।
संध्या में बदल जाता है गाँव का रूप
संध्या आरती-वंदन के पश्चात ग्राम बोधाईकुंडा का दृश्य मनमोहक हो उठता है — हर घर के दरवाजे पर लोटे के कलश पर दीपक टिमटिमाते हैं। दीपों की इस माला को देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो साक्षात अयोध्या धाम उतर आया हो इस गाँव में।
रात को राम लीला का भव्य मंचन
धार्मिक उत्सव को और रंगीन बनाने के लिए आयोजक परिवार द्वारा प्रतिरात्रि 8 बजे से राम लीला का भी भव्य मंचन किया जा रहा है। आसपास के गाँवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस लीला का आनंद लेने पहुँच रहे हैं।
ग्राम बोधाईकुंडा का यह महायज्ञ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को एकता, श्रद्धा और संस्कृति के सूत्र में पिरोने का एक पावन प्रयास है।


