दिहाड़ी मजदूरों की बढ़ती आत्महत्याएं गंभीर सामाजिक संकट:ब्रजेश शर्मा
रायपुर/दिल्ली-15 मई 2026
भारतीय जनता मजदूर ट्रेड यूनियन काउंसिल (BJMTUC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बृजेश शर्मा ने दिहाड़ी मजदूरों की बढ़ती आत्महत्याओं को बेहद गंभीर और चिंताजनक बताया है। उन्होंने आंकड़ों पर बात करते हुए कहा एनसीआरबी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश में आत्महत्या करने वालों में दिहाड़ी मजदूरों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है, जो मजदूर वर्ग की बदहाल स्थिति को साफ दिखाती है ।
बृजेश शर्मा ने कहा कि बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, अस्थिर आय और कर्ज का बोझ अब केवल आर्थिक समस्या नहीं रह गया है, बल्कि यह मजदूरों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डाल रहा है। निर्माण कार्य, फैक्ट्री, ठेकेदारी और दैनिक मजदूरी पर निर्भर लाखों परिवार रोज़गार रुकने, बीमारी या समय पर भुगतान न मिलने की स्थिति में सीधे संकट में आ जाते हैं।
उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास के दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर मजदूरों की स्थिति अभी भी बेहद चिंताजनक है। कई राज्यों में समय पर वेतन, सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक सहायता योजनाओं तक पहुंच की कमी जैसी समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं ।
BJMTUC ने सरकार से मांग की है कि दिहाड़ी मजदूरों के लिए स्थायी रोजगार, न्यूनतम आय सुरक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और मानसिक स्वास्थ्य सहायता को मजबूत किया जाए। संगठन का कहना है कि केवल आर्थिक योजनाएं ही नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर भी गंभीरता से काम करने की जरूरत है, ताकि मजदूर वर्ग खुद को अकेला और असहाय महसूस न करे ।(दीपक पाण्डेय राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी)
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