32.8 C
Raipur
Friday, June 5, 2026

गुजरात में भाजपा की ‘प्रचंड’ आंधी: वोटिंग से पहले ही 720 सीटों पर जीत का महा-रिकॉर्ड, विपक्ष के ‘मैदान’ छोड़ने से सन्नाटा

Must read

गांधीनगर | 17 अप्रैल, 2026
गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों के शंखनाद के साथ ही भारतीय जनता पार्टी ने एक ऐसा ‘सियासी चक्रव्यूह’ रचा है, जिसने विपक्षी दलों के होश उड़ा दिए हैं। राज्य में मतदान की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही भाजपा ने 720 से अधिक सीटों पर निर्विरोध जीत दर्ज कर एक नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड कायम कर दिया है। यह आंकड़ा गुजरात की चुनावी राजनीति में अब तक का सबसे बड़ा ‘प्री-पोल स्वीप’ माना जा रहा है।

कैसे बना यह ‘विजय रिकॉर्ड’?

राज्य चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार, नामांकन वापस लेने की समय सीमा समाप्त होने के बाद यह चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। कई जिलों में विपक्षी दलों—कांग्रेस और आम आदमी पार्टी—के उम्मीदवारों ने अंतिम समय पर अपने पर्चे वापस ले लिए, जबकि कई महत्वपूर्ण वार्डों और पंचायतों में विपक्ष को उम्मीदवार तक नहीं मिले।

प्रमुख क्षेत्र: गांधीनगर, जामनगर और मानसा तालुका पंचायत जैसे क्षेत्रों में भाजपा ने बड़ी बढ़त बनाई है।

विपक्ष का पलायन: अकेले मानसा में ही भाजपा ने मतदान से पहले कई सीटें अपनी झोली में डाल ली हैं।

विपक्षी खेमे में सन्नाटा, ‘मैदान’ खाली

खबर सूत्रों की नजर से 700 से ज्यादा सीटों पर भाजपा के निर्विरोध निर्वाचन ने विपक्षी खेमे में खलबली मचा दी है। जहाँ भाजपा इसे ‘मोदी मैजिक’ और जनता का अटूट भरोसा बता रही है, वहीं विपक्ष ने इसे सत्ता का दुरुपयोग और डराने-धमकाने की राजनीति करार दिया है। हालाँकि, हकीकत यह है कि चुनावी रणभूमि सजने से पहले ही भाजपा ने मनोवैज्ञानिक रूप से बड़ी जीत हासिल कर ली है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का बड़ा बयान
गुजरात भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने इस जीत पर खुशी जताते हुए कहा, “यह केवल सीटों की जीत नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास कार्यों पर जनता की मुहर है। गुजरात की जनता ने चुनाव से पहले ही अपना फैसला सुना दिया है। विपक्ष के पास न विजन है और न ही कार्यकर्ता, इसीलिए वे मैदान छोड़कर भाग रहे हैं।”

सियासी मायने: जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में सीटों का निर्विरोध जीतना यह दर्शाता है कि भाजपा का जमीनी संगठन इस कदर मजबूत हो चुका है कि विपक्ष उसके सामने टिकने का साहस नहीं जुटा पा रहा है। मतदान वाले दिन अब केवल औपचारिकताओं की ही उम्मीद बची है।

बड़ी बात: 2022 के विधानसभा चुनाव में 156 सीटें जीतने वाली भाजपा ने 2026 के इन निकाय चुनावों में अपना ही रिकॉर्ड तोड़कर यह साबित कर दिया है कि गुजरात अभी भी ‘केसरिया गढ़’ बना हुआ है।


- Advertisement -spot_img

More articles

- Advertisement -spot_img

Latest article