बेमेतरा_31/03/2026
क्षेत्र के पावन धार्मिक स्थल शिव गंगा धाम सलधा में अध्यात्म और सेवा की नई धारा प्रवाहित होने वाली है। रविवार को धाम के आश्रम प्रांगण में दंडी स्वामी ज्योतिर्मयानंद सरस्वती महाराज के नेतृत्व में सलधा व आसपास के ग्रामीणों एवं सनातन धर्मावलंबियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इसका मुख्य उद्देश्य संवत् 2083 में ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी के पावन चातुर्मास व्रत अनुष्ठान को सपाद लक्षेश्वर धाम में संपन्न कराने की रणनीति तैयार करना था।
सामूहिक धार्मिक बैठक में बनी योजना
पूज्य दंडी स्वामी ज्योतिर्मयानंद सरस्वती महाराज की गरिमामयी उपस्थिति में आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा साझा की गई। उपस्थित ग्रामीणों व धर्मप्रेमियों से आयोजन की अवधि, ग्रामीण परिवेश में व्यवस्थाओं, आवास एवं सुगम आवागमन पर सुझाव लिए गए। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि एक प्रतिनिधिमंडल बनारस (यू.पी.) जाकर पूज्य शंकराचार्य जी के समक्ष अनुरोध पत्र प्रस्तुत कर उनकी सहमति व आशीर्वाद प्राप्त करेगा।
विश्व विख्यात मंदिर विश्व प्रसिद्धि की ओर
निर्माण को गति
इस आयोजन का प्रमुख केंद्र बिंदु शिव गंगा धाम सलधा में निर्माणाधीन सवा लाख शिवलिंगों वाला ऐतिहासिक मंदिर है। अपनी अद्भुत शैली से यह भविष्य में विश्व पटल पर धूम मचाएगा। स्थानीयजनों का विश्वास है कि जगद्गुरु शंकराचार्य जी के सान्निध्य से न केवल क्षेत्र में आध्यात्मिक जागरण होगा, अपितु मंदिर निर्माण को नई गति व ऊर्जा मिलेगी।
महाशिवरात्रि पर विशेष संकल्प
बैठक में आगामी महाशिवरात्रि की तैयारियों व मंदिर के अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने पर गहन चर्चा हुई। ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि शिव गंगा की पावन धरा पर इस भव्य मंदिर को तत्काल पूर्ण स्वरूप प्रदान करेंगे। प्रमुख गण उपस्थित रहे जिसमें गौतम जैन, नटराज पटेल, पुरुषोत्तम पटेल, भवानी मंडल, अंगद साहू, लेखमणी पांडेय, जितेंद्र शुक्ला, जय पांडेय, डी.के. तिवारी, संजीव तिवारी, सुदर्शन साहू, गजानंद शर्मा, प्रवीण दुबे, राजेंद्र तिवारी, घनश्याम आदिवासी, सुनील दत्त दुबे, जलेश्वर पटेल, बुलाक साहू सहित सैकड़ों धर्मानुरागी शामिल है।
सपाद लक्षेश्वर धाम में चातुर्मास करेंगे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती


