भारत और इजरायल ने पिछले सप्ताह यूपीआई के सीमा-पार उपयोग को सक्षम करके अपनी डिजिटल और वित्तीय साझेदारी को और गहरा करने की घोषणा की।
डिजिटल डेस्क _ 02 मार्च 2026
यूनाइटेड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने फरवरी में नया जलवा दिखाया। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार:
ट्रांजेक्शन वॉल्यूम 20.39 अरब (पिछले साल से 27% बढ़ोतरी)ट्रांजेक्शन वैल्यू 26.84 लाख करोड़ रुपये (22% सालाना ग्रोथ)प्रतिदिन औसत 728 मिलियन ट्रांजेक्शन और 95,865 करोड़ रुपये का लेनदेन (जनवरी से बेहतर)
जनवरी में भी UPI ने 21.70 अरब ट्रांजेक्शन (28% YoY ग्रोथ) और 28.33 लाख करोड़ वैल्यू दर्ज की थी।
अन्य पेमेंट सिस्टम्स की झलक
IMPS 336 मिलियन ट्रांजेक्शन (14% YoY बढ़ोतरी), वैल्यू 6.42 लाख करोड़
FASTag 350 मिलियन ट्रांजेक्शन, वैल्यू 6,925 करोड़ (5% ग्रोथ)
ग्लोबल एक्सपैंशन: UPI अब UAE, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस, मॉरीशस, कतर समेत 8+ देशों में सक्रिय। हाल ही में भारत-इजरायल ने सीमा-पार UPI को मंजूरी दी, जो रेमिटेंस को तेज और सस्ता बनाएगा।इस प्रक्रिया में, यूपीआई इजरायल के घरेलू भुगतान ढांचे से जुड़ेगा ताकि डिजिटल लेनदेन तेज और अधिक किफायती हो सकें।
वित्त मंत्रालय के अध्ययन में UPI भारत के कुल पेमेंट्स का 57% हिस्सा बन चुका है—नकद (38%) को पछाड़ते हुए। इसकी लोकप्रियता आसान इस्तेमाल और इंस्टेंट ट्रांसफर से है।
(इनपुट-आईएएनएस)


