इस फैसले से एयरलाइंस पर नियंत्रण की संभावना बढ़ी है। सरकार के जवाब से किराया नियमन पर स्पष्टता आएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह आम यात्री के हित में बड़ा कदम साबित होगा।
नई दिल्ली, 24 फरवरी 2026
सुप्रीम कोर्ट ने त्योहारों व छुट्टियों के दौरान हवाई टिकटों की बेतहाशा बढ़ोतरी पर गहरी चिंता जताई है। जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस विक्रम नाथ व जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने केंद्र सरकार को चार सप्ताह में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल कौशिक ने बताया कि मामला उच्च स्तर पर विचाराधीन है और अतिरिक्त समय का अनुरोध किया। कोर्ट ने अगली सुनवाई 23 मार्च तय की।
याचिका में एयरलाइंस पर मनमानी किराया निर्धारण व डायनामिक प्राइसिंग के नाम पर अधिक वसूली का आरोप है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि हवाई यात्रा अब आवश्यक सेवा है, लेकिन ऊंचे दाम आम लोगों से दूर कर रहे हैं।
एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट का हवाला देते हुए यात्रियों के मौलिक अधिकारों के उल्लंघन का दावा किया गया। त्योहारों में यह शोषण विशेष रूप से चिंताजनक है।
फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस पक्षकार बनने की मांग पर कोर्ट ने कहा कि पहले सरकार कदम उठाए। विशेषज्ञ समिति गठित हो सकती है, जिसमें हितधारकों को शामिल किया जाएगा। कोर्ट ने जोर दिया कि कार्यपालिका निर्णय ले, अन्यथा न्यायपालिका हस्तक्षेप करेगी। यह निर्देश यात्रियों को राहत की उम्मीद जगाता है।


