36.3 C
Raipur
Saturday, March 7, 2026

सूचना क्रांति के युग का लक्ष्य: लोकतांत्रिक संस्थाओं को जन-केंद्रित बनाना है—लोकसभा अध्यक्ष

Must read

नई दिल्ली में संपन्न हुआ 28वाँ राष्ट्रमंडल पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (CSPOC); अब लंदन में होगा अगला आयोजन

नई दिल्ली | 16 जनवरी 2026

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा उद्घाटित ‘राष्ट्रमंडल देशों के अध्यक्षों एवं पीठासीन अधिकारियों का 28वाँ सम्मेलन’ (सीएसपीओसी) आज नई दिल्ली में लोकतंत्र को अधिक जन-केंद्रित बनाने के संकल्प के साथ संपन्न हुआ। समापन सत्र को संबोधित करते हुए लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की प्रासंगिकता तभी बनी रहेगी, जब वे जनता के प्रति पूरी तरह पारदर्शी, समावेशी और जवाबदेह होंगी।

जनता का विश्वास ही लोकतंत्र की शक्ति

​श्री बिरला ने अपने संबोधन में पारदर्शिता और समावेशन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा, “पारदर्शिता निर्णय लेने की प्रक्रिया में खुलेपन को सुनिश्चित कर जनता के विश्वास को बढ़ाती है। वहीं, समावेशन यह सुनिश्चित करता है कि समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की आवाज़ भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सुनी और सम्मानित की जाए।” उन्होंने रेखांकित किया कि ये सिद्धांत नागरिक और राज्य के बीच के संबंधों को और अधिक स्थायी व मजबूत बनाते हैं।

सहमति-असहमति के बीच संसदीय मर्यादा जरूरी

​संसदीय आचरण पर चर्चा करते हुए लोक सभा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में सहमति और असहमति दोनों का अपना महत्व है और ये इसकी वास्तविक शक्ति हैं। हालांकि, उन्होंने सचेत किया कि विचारों की अभिव्यक्ति हमेशा संसदीय मर्यादा के दायरे में होनी चाहिए।

तकनीक से आएगी कार्यकुशलता

​सूचना क्रांति के युग का जिक्र करते हुए श्री बिरला ने कहा कि आज नागरिकों की अपेक्षाएं बढ़ी हैं। उन्होंने ‘ई-संसद’, कागज-रहित कार्यप्रणाली और डिजिटल डेटाबेस जैसी पहलों की सराहना करते हुए कहा कि इन माध्यमों से विधायिकाओं की कार्यकुशलता और पारदर्शिता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।

यूनाइटेड किंगडम को सौंपी गई कमान

​सम्मेलन के समापन पर एक महत्वपूर्ण औपचारिक प्रक्रिया के तहत श्री ओम बिरला ने 29वें सीएसपीओसी की अध्यक्षता यूनाइटेड किंगडम के हाउस ऑफ कॉमन्स के अध्यक्ष, सर लिंडसे होयल को सौंपी। अगला सम्मेलन अब लंदन में आयोजित किया जाएगा।

​इस दो-दिवसीय ऐतिहासिक सम्मेलन में राष्ट्रमंडल देशों के पीठासीन अधिकारियों ने वैश्विक साझेदारियों और नई विश्व व्यवस्था को आकार देने वाली प्रौद्योगिकियों पर विस्तृत चर्चा की।

- Advertisement -spot_img

More articles

- Advertisement -spot_img

Latest article