श्री विजयपुरम_03/01/2026
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की हालिया श्री विजयपुरम (पूर्व में पोर्ट ब्लेयर) यात्रा भारत के सामरिक और सांस्कृतिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है। ₹373 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण केवल बुनियादी ढांचे का विकास नहीं, बल्कि इस द्वीप समूह को ‘बोझ से योगदानकर्ता’ बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
अंडमान-निकोबार केवल द्वीपों का समूह नहीं, बल्कि हर भारतीय के लिए एक तीर्थभूमि है। सेलुलर जेल में वीर सावरकर का स्मारक और निरंतर प्रज्ज्वलित मशाल आज भी स्वतंत्रता सेनानियों के उस अदम्य साहस की याद दिलाती है, जिन्होंने यातनाओं को संकल्प में बदला। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इन द्वीपों का नाम ‘शहीद’ और ‘स्वराज’ रखकर न केवल नेताजी सुभाष चंद्र बोस को सम्मान दिया, बल्कि गुलामी की हर निशानी को मिटाने के भारत के संकल्प को भी दोहराया है।
मोदी सरकार की नीतियों के कारण आज यह क्षेत्र भारत की समुद्री शक्ति (Maritime Power) और आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बन रहा है।
📌 ग्रेट निकोबार परियोजना: यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट इस द्वीप को एक वैश्विक कार्गो हब और पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करेगा, जिससे यह भारत की सामरिक सुरक्षा का एक अभेद्य स्तंभ बनेगा।
📌 नीली अर्थव्यवस्था (Blue Economy): अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्कूबा डाइविंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित होने से यहाँ पर्यटन और रोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं।
श्री विजयपुरम नगर पालिका द्वारा 98% कचरा संग्रहण स्वच्छ भारत मिशन की एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इसके साथ ही, गृह मंत्री द्वारा तीन नए कानूनों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन न्याय प्रणाली में तकनीक और पारदर्शिता के नए युग का संकेत है।
पिछली सरकारों की उपेक्षा के विपरीत, आज अंडमान-निकोबार ‘विकसित भारत’ के विजन में एक महत्वपूर्ण भागीदार है। पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक विकास के बीच संतुलन बनाकर मोदी सरकार इस ‘वीर भूमि’ को दुनिया के नक्शे पर एक समृद्ध और सुरक्षित गंतव्य के रूप में स्थापित कर रही है।
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