सांसद ने आग्रह किया कि नागरिकों की मेहनत की कमाई को बचाने के लिए AI-बेस्ड सुरक्षा तंत्र तुरंत लागू किए जाएँ।
रायपुर/नई दिल्ली, 11 दिसंबर 2025।
लोकसभा के शून्यकाल में रायपुर सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता श्री बृजमोहन अग्रवाल ने देशभर में तेजी से बढ़ रहे डिजिटल अरेस्ट और वित्तीय धोखाधड़ी को गंभीर राष्ट्रीय संकट बताते हुए तत्काल नीतिगत हस्तक्षेप की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण से अनुरोध किया कि भारतीय बैंकिंग सिस्टम में AI-आधारित सेफ्टी-होल्ड गाइडलाइंस, एस्क्रो मैकेनिज्म, तथा AI-Enabled Banking Friction जैसे सुरक्षा उपाय तुरंत लागू किए जाएँ।
अग्रवाल ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट स्कैम अब केवल साइबर अपराध नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक आतंक का उन्नत रूप बन चुका है। अपराधी वीडियो कॉल के जरिए खुद को CBI या पुलिस अधिकारी बताकर पीड़ितों को घंटों नहीं, बल्कि कई दिनों तक “डिजिटल बंदी” बनाकर रखते हैं। झूठी कानूनी धमकियों के बीच पीड़ित मानसिक दबाव में आकर अपनी जीवनभर की कमाई तक ट्रांसफर कर देते हैं।
उन्होंने एक हालिया घटना का उल्लेख किया जिसमें एक महिला ने सितंबर 2024 से मार्च 2025 के बीच ₹32 करोड़ गँवा दिए। अग्रवाल ने कहा कि इस तरह की घटनाएँ केवल आर्थिक चोरी नहीं, बल्कि नागरिकों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा हमला हैं।उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही डिजिटल अरेस्ट को राष्ट्रीय चुनौती घोषित कर चुका है और अब तक खासकर वरिष्ठ नागरिक ₹3,000 करोड़ से अधिक की राशि खो चुके हैं।
उन्होंने कहा, “जब कोई पीड़ित दबाव में आकर मिनटों में अपनी जमा-पूंजी का 80–90% ट्रांसफर कर देता है, तो वर्तमान बैंकिंग सिस्टम उसे सामान्य ट्रांजैक्शन की तरह प्रोसेस करता है। यह प्रणाली बदले बिना सुधार संभव नहीं।”सिंगापुर के मनी-लॉक फीचर और कूलिंग ऑफ पीरियड का उदाहरण देते हुए अग्रवाल ने कहा कि भारत को भी ऐसे AI-सक्षम सुरक्षा ढाँचे अपनाने होंगे।


