प्रशासनिक सुधारों की आवश्यकता पर बढ़ता सवाल,चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया पर राजनीति और जांच के दबाव
खबर पश्चिम बंगाल _23/11/2025
पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में एक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) महिला रिंकू तरफदार ने शनिवार सुबह अपने आवास पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मामले में रिंकू के परिवार ने चुनाव आयोग की चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को उनकी मौत का प्रमुख कारण बताया है। महिला BLO ने अपने सुसाइड नोट में प्रशासनिक दबाव और अपमान का आरोप लगाया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि कार्य भार इतना अधिक था कि वह उसे सहन नहीं कर पाईं।
रिंकू तरफदार कृष्णनगर के बंगालझी इलाके में रहती थीं और चापड़ा थाने के बूथ नंबर 201 की BLO थीं। वह अंशकालिक शिक्षक भी थीं। सुसाइड नोट में उन्होंने स्पष्ट लिखा है कि उन्होंने अपना अधिकांश ऑफलाइन कार्य पूरा कर लिया था पर ऑनलाइन काम को संभालना मुश्किल था और कई बार अधिकारियों से मदद मांगने के बावजूद कोई सहयोग नहीं मिला। उन्होंने लिखा कि BLO के रूप में काम न कर पाने पर अत्यधिक प्रशासनिक दबाव आता था, जो उन्होंने सहन नहीं किया।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और चुनाव आयोग से इस SIR प्रक्रिया को रोकने की मांग की है। CM ने कहा कि अब तक इस प्रक्रिया के दबाव में 28 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। विपक्ष ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए SIR प्रक्रिया की समीक्षा और जांच की मांग की है।
SIR एक मतदाता सूची का पुनरीक्षण और सत्यापन कार्यक्रम है, जिसमें हर घर जाकर मतदाता सूची के फॉर्म भरे और दस्तावेज़ सत्यापित किए जाते हैं। यह प्रक्रिया 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक पश्चिम बंगाल में चल रही है। BLOs पर इस प्रक्रिया का अत्यधिक दबाव और काम का बोझ पड़ा है, जिससे कई कर्मचारी मानसिक तनाव और स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं।


