श्री पीएम मोदी ने शहीद भगत सिंह और भारत रत्न लता मंगेशकर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी और देश की बेटियों की उपलब्धियों की सराहना की।
नई दिल्ली/भारत/मन की बात:_28/09/2025
भगत सिंह को श्रद्धांजलि
मोदी जी ने कहा कि शहीद भगत सिंह का साहस और निडरता युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने अंग्रेजों को लिखा पत्र याद दिलाया जिसमें भगत सिंह ने फांसी की जगह गोली मारने की मांग की थी। मोदी जी ने कहा कि भगत सिंह हमेशा पीड़ितों और जरूरतमंदों की मदद में आगे रहते थे।
लता मंगेशकर की यादें
प्रधानमंत्री ने लता मंगेशकर को भारतीय संस्कृति और संगीत की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने कहा कि लता दीदी के गायन में देशभक्ति और संवेदनशीलता झलकती है।
राखी का रिश्ता: मोदी और लता दीदी का अनोखा बंधन
मोदी जी ने लता मंगेशकर के साथ अपने निजी रिश्तों को भी याद किया और बताया कि वे हर साल उन्हें राखी भेजती थीं। उन्होंने सुधीर फड़के के साथ लता दीदी द्वारा गाया गीत “ज्योति कलश छलके” का ज़िक्र करते हुए इसे अपना प्रिय बताया।
नवरात्रि और नारी-शक्ति
नवरात्रि के अवसर पर मोदी जी ने नारी शक्ति की महत्ता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि देश की बेटियाँ व्यापार से लेकर खेल, शिक्षा और विज्ञान तक हर क्षेत्र में परचम लहरा रही हैं।
नौसेना की महिला अधिकारियों का जिक्र
मोदी जी ने भारतीय नौसेना की दो महिला अफसरों—लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा—की बहादुरी की प्रशंसा की।
समुद्र की शेरनियाँ:
नौसेना की महिला अधिकारियों का अद्भुत साहस
उन्होंने बताया कि इन अधिकारियों ने नाविका सागर परिक्रमा के दौरान आठ महीने तक समुद्र में रहकर 50,000 किलोमीटर की कठिन यात्रा पूरी की। इसे साहस और दृढ़ संकल्प का अद्भुत उदाहरण बताया गया।
वोकल फॉर लोकल पर दिया जोर:_प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से वोकल फॉर लोकल का संकल्प दोहराने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर त्योहार और खास अवसर पर हमें स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि छोटे व्यापारियों, कारीगरों और स्वदेशी उद्योगों की प्रगति हो।
खादी को जीवनशैली का हिस्सा :_मोदी जी ने कहा कि खादी केवल वस्त्र नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भरता और स्वदेशी सोच का प्रतीक है। उन्होंने महात्मा गांधी और स्वतंत्रता आंदोलन में खादी की भूमिका को याद करते हुए लोगों को ज्यादा से ज्यादा खादी अपनाने की अपील की।
आरएसएस की 100वीं वर्षगांठ पर विचार:_प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी वर्षगांठ का उल्लेख करते हुए कहा कि संघ ने राष्ट्र निर्माण में सामाजिक संवेदना, सेवा और संस्कारों का जो कार्य किया है, वह सराहनीय है। उन्होंने संघ के योगदान को समाज में एकता और राष्ट्रभक्ति को मजबूत करने वाला बताया।


