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Saturday, March 7, 2026

स्वश्री शांताराम सर्राफ: निस्वार्थ सेवा और समाज जागरण के आदर्श:_विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह

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डॉ सिंह ने कहा, “उनकी तेज और सम्मोहित करने वाली वाणी, निस्वार्थ सेवा और समाज कल्याण के प्रति समर्पण हमें सदैव प्रेरित करता रहेगा।”

रायपुर:20/09/2025/जनचौपाल36

छत्तीसगढ़ के समाजसेवी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रखर प्रचारक शांताराम सर्राफ का निधन केवल राज्य या देश के लिए ही नहीं, बल्कि समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि शांताराम सर्राफ जी का जीवन सतत सेवा, लोककल्याण और प्रेरणा का उदाहरण था।

शांताराम सर्राफ का जन्म 1932 में महाराष्ट्र के यावल में हुआ। अपने माता-पिता से संस्कारित, उनके जीवन में संस्कार, राष्ट्रभक्ति और सनातन संस्कृति की गहरी छाप थी। प्रारंभिक शिक्षा के बाद उन्होंने मध्यप्रदेश के सागर जिले के एक बैंक में कार्य किया, जहां उन्हें डॉ. हेडगेवार जी के विचारों से प्रेरणा मिली। यही प्रेरणा उन्हें संघ के प्रचारक जीवन की ओर ले गई।

1963 में दुर्ग में जिला प्रचारक और 1967 में रायपुर विभाग प्रचारक बने। उस समय रायपुर विभाग में बस्तर क्षेत्र भी शामिल था। श्री सर्राफ जी ने कोंटा, भोपालपट्टनम, मोहला और मानपुर जैसे दूरदराज अंचलों में संघ के विचारों को पहुंचाने के लिए निरंतर भ्रमण किया। रायपुर के जयस्तंभ चौक में स्थित छोटे कार्यालय से उन्होंने संघ का कार्य पूरे प्रदेश में फैलाया।
आज पंडरी में संघ का प्रांत कार्यालय उनके अथक प्रयासों की यादगार है।

उनके मार्गदर्शन में जागृति मंडल का निर्माण हुआ। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि उनके मार्गदर्शन और अनुभव ने उन्हें व्यक्तिगत और राजनीतिक दृष्टि से भी प्रोत्साहित किया।

शांताराम सर्राफ जी का जीवन निस्वार्थ, तपस्वी और समाजसेवी था। उन्होंने मदकू द्वीप को राष्ट्रीय और सांस्कृतिक पहचान दिलाई। नवागढ़ के प्राचीन गणेश मंदिर का जीर्णोद्धार और सिमगा के ओडगन में राम मंदिर का निर्माण उनके अथक प्रयासों का प्रतिफल है। अपने जीवनकाल में उन्होंने किसी भी व्यक्तिगत लाभ की कामना नहीं की और हमेशा समाज की भलाई के लिए कार्य किया।

डॉ. रमन सिंह ने कहा, “उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी। हमें उनके आदर्शों से सीख लेकर समाज कल्याण और राष्ट्र सेवा के पथ पर अग्रसर होना चाहिए।”

शांताराम सर्राफ का जीवन हमें याद दिलाता है कि सच्ची सेवा और समर्पण का मूल्य कभी खोता नहीं, और उनके विचार हमेशा समाज के लिए प्रकाशस्तंभ बने रहेंगे।

डिस्क्लेमर:_यह लेख विधानसभा अध्यक्ष के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिया गया है। मानवीय त्रुटि स्वाभाविक है, कृपया किसी भी अशुद्धि या कमी को नज़रअंदाज़ कर क्षमा करें।




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