नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में युवाओं से की सक्रिय भागीदारी की अपील
NEWS UPDATES | नई दिल्ली | 12 सितंबर 2025
नई दिल्ली में आयोजित ‘ज्ञान भारतम पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘ज्ञान भारतम मिशन’ भारत की संस्कृति, साहित्य और चेतना का उद्घोष बनने जा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि यह मिशन भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक और नवाचार से जोड़ने का एक ऐतिहासिक प्रयास है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की ज्ञान परंपरा चार मुख्य स्तंभों – Preservation (संरक्षण), Innovation (नवाचार), Addition (योगदान) और Adaptation (अनुकूलन) – पर आधारित है। यही स्तंभ भारत को भविष्य में एक ‘ज्ञान महाशक्ति’ के रूप में स्थापित करेंगे।
उन्होंने युवाओं से विशेष अपील करते हुए कहा कि नई पीढ़ी इस मिशन की सबसे बड़ी शक्ति है।
“युवा अगर ज्ञान भारतम से जुड़े, तो प्राचीन ग्रंथों और परंपराओं का संरक्षण भी होगा और डिजिटल टेक्नोलॉजी के माध्यम से अतीत की खोज भी आसान बनेगी,” प्रधानमंत्री ने कहा।
सम्मेलन में विद्वानों, शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं ने भाग लिया। विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों ने भी भारतीय संस्कृति और ज्ञान की वैश्विक प्रासंगिकता पर अपने विचार रखे।
प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि ज्ञान भारतम सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि
“भारत की आत्मा और भविष्य को जोड़ने वाला एक सेतु” है।


