🔴 हाइलाइट
आर्थिक अपराध ईकाई (EOU) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, विनोद कुमार राय ने जब खुद को सरकार की रडार पर पाया तो उसने न केवल पैसों को जला दिया, बल्कि पानी की टंकी में भी नोट छुपा दिए। हालांकि, इतनी कोशिश के बाद भी वह आर्थिक अपराध ईकाई की नजरों से नहीं बच सके।
पटना, 22 अगस्त 2025।
बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने शुक्रवार को ग्रामीण कार्य विभाग के अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार राय के पटना स्थित आवास पर बड़ी कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान राय के घर से भारी मात्रा में कैश, सोना-चांदी के जेवर, करोड़ों की जमीन-जायदाद के कागजात और लक्ज़री वाहन बरामद किए गए।
नोट जलाने की कोशिश से मचा हड़कंप
रेड की भनक लगते ही अभियंता की पत्नी ने घर में रखी नोटों की गड्डियों को जलाना शुरू कर दिया। लाखों रुपये के नोट जलाकर नालियों और टॉयलेट में बहाए गए, जिससे पाइपलाइन जाम हो गई। बाद में नगर निगम की टीम को बुलाकर अधजले नोटों को पाइप से बाहर निकाला गया।
जब्त की गई संपत्ति
EOU अधिकारियों के मुताबिक कार्रवाई में—
करीब ₹52 लाख कैश, जिनमें ₹39.5 लाख जले हुए नोट शामिल हैं।
लगभग ₹26 लाख कीमत के सोने-चांदी के आभूषण।
करोड़ों रुपये की जमीन-जायदाद से संबंधित दस्तावेज।
एक SUV वाहन, बीमा पॉलिसी और बैंक खातों से जुड़े कागजात बरामद हुए।
करोड़ों की बेनामी संपत्ति का संदेह
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि विनोद कुमार राय ने अपनी आय से कई गुना अधिक संपत्ति अर्जित की है। अधिकारियों का अनुमान है कि कुल अवैध संपत्ति का मूल्य ₹100 करोड़ से अधिक हो सकता है। अब जांच एजेंसी राय और उनसे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की गहन जांच करेगी।
कार्रवाई का संदेश
EOU की इस कार्रवाई ने बिहार में सरकारी अधिकारियों के बीच हड़कंप मचा दिया है। यह मामला सिर्फ एक अभियंता की संपत्ति तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसमें अन्य प्रभावशाली लोगों के शामिल होने की संभावना भी जताई जा रही है।
रिपोर्ट : (Google News Support)


