भारतीय रेल अब यात्रियों की भोजन व्यवस्था पर सुधार लाने प्रयास तेज की है,जिससे भोजन गुणवत्ता के साथ साफ सुथरा मिले।
Janchoupal 36:_07/08/2025_सूत्र “PIB “
भारतीय रेलवे ने ट्रेनों में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता और सफाई को और बेहतर करने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में जानकारी दी कि आईआरसीटीसी ने अब तक की शिकायतों के आधार पर ठेकेदारों पर कुल 13.2 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
रेलवे हर दिन करीब 16.5 लाख यात्रियों को भोजन परोसता है। खाने की गुणवत्ता बनाए रखने और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के लिए रेलमदद पोर्टल पर भी निगरानी की जा रही है।
रेल मंत्रालय ने 2023 में एक सर्कुलर जारी कर ट्रेनों के समूहों को ठेके देने की नई व्यवस्था लागू की है, जिससे खाने की जिम्मेदारी ठेकेदारों की तय हो सके।
इस नई व्यवस्था के तहत आईआरसीटीसी ने 24 जगहों पर बोली मंगाई, जिसमें से 20 संस्थाओं को अनुबंध दिए गए। किसी भी एक कंपनी को एक से अधिक ठेके नहीं दिए गए हैं, जिससे एकाधिकार ना बन सके।
रेलवे ने खाने की निगरानी के लिए 1695 होटल मैनेजमेंट स्नातकों को तैनात किया है, जो बेस किचन और ट्रेन में कैटरिंग सेवा की देखरेख कर रहे हैं।
इनमें 819 मॉनिटर रसोई में और 876 मॉनिटर ट्रेनों में ऑनबोर्ड सेवा की निगरानी कर रहे हैं।
रेलवे ने यात्रियों, जनप्रतिनिधियों और कैटरिंग संगठनों से मिलने वाली शिकायतों को गंभीरता से लेकर उस पर कार्रवाई करना जारी रखा है।
रेल मंत्री ने भरोसा दिलाया कि यात्रियों को बेहतर भोजन और सेवा देने के लिए समय-समय पर सुधार और निगरानी जारी रहेगी।


