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Friday, June 5, 2026

क्या होता है यूएन शांति मिशन और वहां क्या करते हैं भारतीय सैनिक?

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डिजिटल डेस्क नई दिल्ली, 14 अप्रैल 2026

लेबनान में इजरायली हमलों की खबरों के बीच एक सवाल बार-बार उठ रहा है — आखिर भारतीय सैनिक वहां क्यों हैं और वे क्या करते हैं? आइए समझते हैं पूरा मिशन।

क्या है UNIFIL?
UNIFIL यानी United Nations Interim Force in Lebanon — संयुक्त राष्ट्र की वह शांति सेना जो 1978 से इजरायल और लेबनान के बीच की सीमा पर तैनात है। इसकी स्थापना उस वक्त हुई थी जब दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर था। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 425 और 426 के तहत इस मिशन का मकसद इजरायली सेना की वापसी सुनिश्चित करना, क्षेत्र में शांति बहाल करना और लेबनान सरकार को अपनी सत्ता मजबूत करने में मदद करना था।

क्या है ब्लू लाइन?
भारतीय सैनिक मुख्य रूप से ‘ब्लू लाइन’ पर तैनात हैं। यह करीब 120 किलोमीटर लंबी एक सीमांकन रेखा है, जो इजरायल और लेबनान को अलग करती है। यह कोई आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय सीमा नहीं, बल्कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा दोनों देशों के बीच सीधे टकराव को रोकने के लिए तय की गई रेखा है।

भारतीय सैनिक वहां क्या करते हैं?
भारतीय जवानों की भूमिका सिर्फ सुरक्षा तक सीमित नहीं है। वे एक ‘बफर’ की तरह काम करते हैं, जिससे दोनों पक्षों के बीच सीधा टकराव रोका जा सके। इसके अलावा उनकी जिम्मेदारियों में शामिल हैं — लेबनानी सेना को दक्षिणी क्षेत्र में मजबूत करने में मदद करना, संघर्ष प्रभावित नागरिकों तक राहत सामग्री और दवाइयां पहुंचाना, सीमा पर किसी भी घुसपैठ या उल्लंघन पर नजर रखना और युद्धविराम समझौते को जमीन पर लागू कराना।

कितने बड़े हैं इस मिशन में भारत के सैनिक?
वर्तमान में UNIFIL में करीब 7,500 से 8,500 शांति सैनिक तैनात हैं, जो लगभग 50 देशों से आते हैं। इनमें भारत के 50 अधिकारी और 550 जवान शामिल हैं, जो मुख्यतः ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट से हैं। दल में केवल पैदल सेना ही नहीं, बल्कि आर्मर्ड, इंजीनियर्स, सिग्नल, मेडिकल और एयर डिफेंस के विशेषज्ञ भी शामिल हैं।

क्या भारत इन्हें वापस बुला सकता है?
नहीं। चूंकि ये सैनिक संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन के तहत तैनात हैं, इसलिए भारत उन्हें एकतरफा वापस नहीं बुला सकता। यह पूरी प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय नियमों और संयुक्त राष्ट्र के दिशा-निर्देशों के तहत ही होती है।

क्या शांति सैनिकों पर हमला अपराध है?
हां। अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 के तहत शांति सैनिकों पर हमला एक गंभीर अपराध माना जाता है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी निंदा होती है।

वैश्विक शांति में भारत की भूमिका
भारत दुनिया के उन देशों में अग्रणी है, जो संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में सबसे ज्यादा योगदान देते हैं। संयुक्त राष्ट्र के अलग-अलग शांति मिशनों में भारत के करीब 6,000 जवान दुनियाभर में तैनात हैं। लेबनान में भारतीय सैनिकों की मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि भारत केवल अपने राष्ट्रीय हितों तक सीमित नहीं, बल्कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए भी सक्रिय भूमिका निभाता है।(खबर मीडिया सूत्रों अनुसार

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