छत्तीसगढ़ के शहरों में जलभराव पर बरसे पूर्व मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया –
“मंत्री-अफसर AC कमरों में सोए हैं, सड़कों पर जनता डूब रही”
रायपुर 14 सितंबर 2026
प्रदेश के पूर्व नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया ने वर्तमान भाजपा सरकार और नगरीय प्रशासन विभाग पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की घोर लापरवाही और प्रशासनिक अदूरदर्शिता के कारण आज प्रदेश की जनता नरकीय जीवन जीने को मजबूर है।
छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में भारी बारिश के बाद उपजे जलभराव और बदहाली को लेकर राजनीति गरमा गई है।
स्मार्ट सिटी के नाम पर सिर्फ कागजी विकास
पूर्व मंत्री डॉ डहरिया ने राजधानी रायपुर, बिलासपुर, कोरबा और अंबिकापुर की स्थिति का हवाला देते हुए कहा, “प्रदेश के मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री बड़े-बड़े मंचों से विकास के दावे करते नहीं थकते, लेकिन मात्र कुछ घंटों की बारिश ने इनकी ‘डबल इंजन’ सरकार के दावों की पोल खोलकर रख दी है।
आज छत्तीसगढ़ की जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।”
उन्होंने कहा कि राजधानी रायपुर के पॉश इलाकों से लेकर बिलासपुर और कोरबा की निचली बस्तियों तक में घुटनों तक पानी भरा हुआ है। बिलासपुर में स्थिति इतनी बदतर है कि लोग खुद अपने पैसों से सड़कों के गड्ढे भरने को मजबूर हैं। स्मार्ट सिटी और सीवरेज प्रोजेक्ट के अधूरे कामों ने शहरों को मलबे और गड्ढों के ढेर में तब्दील कर दिया है।
मानसून से पहले नालों की सफाई में हुआ बड़ा भ्रष्टाचार
पूर्व नगरीय प्रशासन मंत्री ने सीधे तौर पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा, “हमारे कार्यकाल में मानसून से ठीक पहले सभी नगरीय निकायों में नालों की सफाई और ड्रेनेज मेंटेनेंस की सख्त मॉनिटरिंग की जाती थी। लेकिन वर्तमान सरकार में केवल कागजों पर नालों की सफाई दिखाई गई और बजट को ठिकाने लगा दिया गया। यदि सही समय पर नालों की गाद (सफाई) निकाली गई होती, तो आज कोरबा में 40 से अधिक घरों में पानी नहीं घुसता और न ही लोगों का राशन बर्बाद होता।”
जनता बेहाल, प्रशासन और मंत्री नदारद
उन्होंने गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने और धमतरी-कांकेर जैसे इलाकों में बाढ़ के खतरे पर चिंता जताते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन के नाम पर सरकार पूरी तरह फेल साबित हुई है। “जब जनता के घरों में पानी घुस रहा है, तब नगरीय प्रशासन विभाग सोया हुआ है। मंत्री और अधिकारी वातानुकूलित कमरों से बाहर निकलने को तैयार नहीं हैं।”
पूर्व मंत्री ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने तुरंत प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी की व्यवस्था नहीं की, सड़कों के गड्ढे नहीं सुधारे और पीड़ित परिवारों को मुआवजा नहीं दिया, तो वे जनता की आवाज बनकर सड़कों पर उतरेंगे और इस सोई हुई सरकार को जगाने के लिए उग्र आंदोलन करेंगे।
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