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Thursday, October 29, 2026
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दोस्ती का खौफनाक अंत…30 लाख रुपये के लेन-देन में शिक्षक ने साथी को जंगल में ले जाकर मार डाला…CCTV और VSK ऐप से खुला राज

रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगे आरंग इलाके में पैसों के विवाद ने दो शिक्षकों की दोस्ती को खूनी अंजाम तक पहुंचा दिया। पुलिस के मुताबिक 30 लाख रुपये के लेन-देन को लेकर चल रहे विवाद में एक शिक्षक ने अपने साथी शिक्षक की हत्या की साजिश रची। आरोपी उसे स्कूटी पर बैठाकर सुनसान इलाके में ले गया और वहां हथौड़े तथा धारदार हथियार से हमला कर उसकी जान ले ली।पुलिस ने मामले में आरोपी शिक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। जांच के दौरान CCTV फुटेज और शिक्षा विभाग के VSK ऐप की जानकारी ने पुलिस को अहम सुराग दिए।

महानदी किनारे मिला शिक्षक का शव

17 सितंबर 2026 को आरंग पुलिस को बनचरौदा गांव के पास महानदी तट पर एक व्यक्ति का शव पड़े होने की सूचना मिली। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो मृतक के सिर और चेहरे पर गंभीर चोट के निशान मिले।जांच के बाद मृतक की पहचान 46 वर्षीय शिवकुमार चंद्राकर के रूप में हुई। वह रामपुर डंगनिया, थाना गोबरा नवापारा क्षेत्र का रहने वाला था और पेशे से शिक्षक था।

एक ही स्कूल में पढ़ाते थे दोनों आरोपी और मृतक

जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को पता चला कि शिवकुमार और आरोपी चंद्रप्रकाश वर्मा कुम्हारी गांव के एक ही स्कूल में शिक्षक थे। स्थानीय लोगों से पूछताछ के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली कि शिवकुमार को आखिरी बार चंद्रप्रकाश के साथ सफेद स्कूटी पर बनचरौदा की दिशा में जाते देखा गया था।इसके बाद पुलिस ने स्कूल में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग और शिक्षा विभाग के VSK ऐप की लॉग रिपोर्ट की जांच की। इसी दौरान आरोपी की गतिविधियों को लेकर पुलिस को कई अहम सुराग मिले।

VSK ऐप की लॉग रिपोर्ट से गहराया शक

पुलिस के मुताबिक 17 सितंबर की सुबह करीब साढ़े 9 बजे चंद्रप्रकाश स्कूल पहुंचा था। इसके बाद वह मोबाइल की लोकेशन बंद करके निजी काम का हवाला देते हुए स्कूल से बाहर चला गया।बताया गया कि हत्या के बाद वह करीब 1 बजे वापस स्कूल पहुंचा और दूसरे शिक्षक के मोबाइल से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। CCTV और डिजिटल रिकॉर्ड में सामने आई इन गतिविधियों ने पुलिस का शक और मजबूत कर दिया।

30 लाख रुपये के लेन-देन से शुरू हुआ विवाद

18 सितंबर को पुलिस ने चंद्रप्रकाश को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार पूछताछ में उसने शिवकुमार की हत्या की बात स्वीकार की।जांच में सामने आया कि दोनों पिछले करीब चार साल से रेत, रियल एस्टेट और बुलियन मार्केट में ट्रेडिंग से जुड़े थे। आरोपी का दावा है कि उसने शिवकुमार को 30 लाख रुपये उधार दिए थे। इसके बदले शिवकुमार ने ग्रामीण बैंक के तीन ब्लैंक चेक दिए थे।पुलिस के मुताबिक आरोपी हर महीने ब्याज लेता था, लेकिन पिछले तीन महीनों से ब्याज की रकम नहीं मिलने के कारण दोनों के बीच विवाद चल रहा था।

स्कूल के बाहर विवाद के बाद जंगल में ले गया

पुलिस की जांच के अनुसार 17 सितंबर को कुम्हारी स्कूल के बाहर पटवारी कार्यालय के पास दोनों के बीच पैसों को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद चंद्रप्रकाश शिवकुमार को स्कूटी पर बैठाकर बनचरौदा के सुनसान जंगल की तरफ ले गया।आरोप है कि वहां उसने स्कूटी में रखे हथौड़े और धारदार हथियार से शिवकुमार पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने के बाद उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी वहां से लौटकर स्कूल पहुंचा।

पुलिस ने कई अहम सामान किए जब्त

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल बताई गई स्कूटी, हथौड़ा और धारदार हथियार बरामद किए हैं। इसके अलावा तीन ब्लैंक चेक, मृतक का पर्स, दोनों मोबाइल फोन और खून लगे कपड़े व जूते भी जब्त किए गए हैं।पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले में पुलिस अब हत्या से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

दिनदहाड़े 2 लाख की उठाईगिरी…बाइक की डिक्की में पैसे रखते ही बदमाशों ने मारा झपट्टा…IPS अधिकारी के पिता से जुड़ा मामला

सूरजपुर : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में दिनदहाड़े उठाईगिरी की वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई। प्रतापपुर थाना क्षेत्र में बैंक से 2 लाख रुपये निकालकर बाइक की डिक्की में रख रहे एक व्यक्ति को अज्ञात बदमाशों ने निशाना बनाया। रकम हाथ लगते ही आरोपी मौके से फरार हो गए।बताया जा रहा है कि घटना के शिकार हुए व्यक्ति एक IPS अधिकारी के पिता हैं। हालांकि इस संबंध में पुलिस की ओर से अधिकारी के साथ पीड़ित के रिश्ते की आधिकारिक पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है।

बैंक से पैसे निकालकर बाजार पहुंचे थे

जानकारी के मुताबिक पीड़ित मानपुर क्षेत्र के रहने वाले हैं। शनिवार को वह प्रतापपुर स्थित बैंक से 2 लाख रुपये निकालने पहुंचे थे। बैंक से रकम लेने के बाद वह साप्ताहिक बाजार के पास अपनी बाइक के पास पहुंचे और पैसे डिक्की में रखने लगे।इसी दौरान दो अज्ञात युवक वहां पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने मौका मिलते ही पीड़ित के हाथ से रकम छीन ली और तेजी से वहां से भाग निकले।

क्या बदमाश बैंक से ही कर रहे थे पीछा?

घटना के बाद आशंका जताई जा रही है कि आरोपियों ने बैंक के आसपास से ही पीड़ित पर नजर रखी होगी। बदमाशों को इस बात की जानकारी कैसे मिली कि व्यक्ति बड़ी रकम लेकर जा रहा है, इसकी जांच पुलिस कर रही है।वारदात के दौरान पीड़ित ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को मदद के लिए बुलाने की कोशिश की, लेकिन तब तक आरोपी मौके से फरार हो चुके थे।

शिकायत मिलते ही जांच में जुटी पुलिस

घटना की सूचना मिलने के बाद प्रतापपुर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है। फुटेज के जरिए संदिग्धों की पहचान करने और उनके भागने के रास्ते का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि वारदात से पहले आरोपियों ने पीड़ित की रेकी की थी या नहीं।

IPS अधिकारी के पिता होने की भी चर्चा

घटना को लेकर सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आ रही है कि पीड़ित छत्तीसगढ़ में पदस्थ एक IPS अधिकारी के पिता हैं। बताया जा रहा है कि संबंधित अधिकारी वर्तमान में प्रदेश के ही एक जिले में पुलिस टीम की कमान संभाल रहे हैं।फिलहाल पुलिस की जांच के आधार पर ही घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी। आरोपियों की पहचान और 2 लाख रुपये की बरामदगी के लिए पुलिस संभावित सुरागों को खंगाल रही है।

अवैध मवेशी तस्करी पर बड़ी कार्रवाई, 6.10 लाख का माल जब्त, 01 गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार

बेमेतरा -19 सितंबर 2026

जिला बेमेतरा के चौकी देवकर पुलिस ने गौवंश तस्करी के मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 03 नग मवेशियों सहित परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे पिकअप वाहन को जब्त कर लिया है।

जप्त संपत्ति की कुल कीमत लगभग 6 लाख 10 हजार रुपये आंकी गई है। वहीं, मामले का मुख्य आरोपी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 17 सितंबर 2026 को गौवंश सेवक पुनीत साहू को सूचना मिली कि बोलेरो पिकअप वाहन (CG 25 Q 8641) में अवैध रूप से मवेशियों को ठूंस-ठूंस कर देवकर की ओर ले जाया जा रहा है। इस सूचना पर गौवंश सेवकों ने नवकेशा चौक के पास घेराबंदी कर वाहन को रोका।

जांच के दौरान वाहन में बिना चारा-पानी की व्यवस्था के 01 भैंस और 02 पड़िया पाई गईं। वाहन चालक करण यदु (22 वर्ष, निवासी बांसा, बेरला) के पास पशु परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज या रसीद नहीं थी।

पूछताछ के दौरान एक मोटरसाइकिल चालक राजेश गोस्वामी (निवासी देवपुरा, जिला केसीजी) वहां पहुंचा, जिसने मवेशियों को अपना बताया। वैध कागजात मांगे जाने पर वह पुलिस कार्रवाई के डर से मौके पर मोटरसाइकिल छोड़कर जालबांधा रोड की ओर भाग निकला।

घटना की गंभीरता को देखते हुए बेमेतरा पुलिस अधीक्षक (SP) त्रिलोक बंसल के निर्देशन, एएसपी डॉ. हरीश यादव व एसडीओपी बेरला श्रीमती रुचि वर्मा के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी देवकर उप निरीक्षक अलील चंद के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया।

पुलिस ने आरोपी चालक करण यदु के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम और मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया और न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 5,80,000 रुपये कीमत का पिकअप वाहन और 30,000 रुपये मूल्य के 03 नग मवेशी जब्त किए हैं। पुलिस फरार आरोपी राजेश गोस्वामी की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय-10 हजार से अधिक जन शिकायतों का हुआ निपटारा

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नई दिल्ली, 19 सितंबर 2026

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने विशेष अभियान के छठे चरण की तैयारियां शुरू कर दी हैं।

अभियान के छठे चरण की तैयारी।अभियान
पिछले चरण में देशभर में 1.95 लाख से ज्यादा स्वच्छता अभियान।

मंत्रालय का कहना है कि इस अभियान में स्वच्छता के साथ-साथ सरकारी रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने, लंबित मामलों और जन शिकायतों के जल्द निपटारे पर भी जोर दिया जाएगा।
मंत्रालय के सचिव अनिल मलिक ने सभी कार्यालयों और संस्थानों से अभियान में सक्रिय भागीदारी करने को कहा है। अभियान का उद्देश्य केवल कुछ दिनों तक सफाई अभियान चलाना नहीं, बल्कि सरकारी कार्यालयों में व्यवस्था सुधारने और उसका स्थायी असर सुनिश्चित करना है।
1.95 लाख से ज्यादा जगहों पर चला स्वच्छता अभियान

विशेष अभियान के पांचवें चरण के दौरान देशभर में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से जुड़े आंगनवाड़ी केंद्रों, बाल देखभाल संस्थानों, वन स्टॉप सेंटरों, सखी निवासों और शक्ति सदनों सहित विभिन्न स्थानों पर 1,95,620 स्वच्छता अभियान चलाए गए।

इन अभियानों के दौरान करीब 26,506 वर्ग फुट कार्यालय स्थान खाली कराया गया। पुराने कबाड़ और ई-कचरे के निपटारे से मंत्रालय को 14.29 लाख रुपये से ज्यादा की आय भी हुई।

10 हजार से ज्यादा जन शिकायतों का निपटारा

अभियान के दौरान सरकारी रिकॉर्ड को भी व्यवस्थित किया गया। मंत्रालय ने 6,267 भौतिक फाइलों और 3,874 ई-फाइलों की समीक्षा की। इनमें से 3,591 ई-फाइलों को बंद किया गया।
इसके अलावा 10,126 जन शिकायतों और 1,877 शिकायत अपीलों का निपटारा किया गया। सांसदों से जुड़े 35 संदर्भ, 11 संसदीय आश्वासन और 28 राज्य सरकारों से संबंधित संदर्भों का भी निपटारा किया गया।

योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचाने पर जोर

अभियान के दौरान पोषण ट्रैकर के आंकड़ों का इस्तेमाल प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के संभावित लाभार्थियों की पहचान के लिए भी किया गया। इसका उद्देश्य पात्र लोगों को योजना का लाभ लेने में आसानी पहुंचाना है।

मंत्रालय के अधिकारियों ने दिल्ली और लखनऊ सहित विभिन्न स्थानों पर अभियान की गतिविधियों की समीक्षा की।

छठे चरण में मंत्रालय का जोर साफ-सफाई के साथ लंबित काम कम करने, शिकायतों के निपटारे और सरकारी सेवाओं को आम लोगों के लिए आसान बनाने पर रहेगा।

एनआईटी रायपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने वाली तकनीक पर अंतरराष्ट्रीय मंथन

रायपुर, 19 सितंबर 2026

AI और मशीन लर्निंग से बीमारी की पहचान से लेकर डॉक्टर की सलाह तक आसान बनाने पर चर्चा, बस्तर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों तक तकनीक पहुंचाने पर जोर|राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक के जरिए बेहतर और आसान बनाने को लेकर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शुरू हुआ। ‘इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन एम्बिएंट इंटेलिजेंस इन हेल्थ केयर’ (ICAIHC-2026) में देश-विदेश के विशेषज्ञों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन लर्निंग और स्मार्ट तकनीक के स्वास्थ्य क्षेत्र में इस्तेमाल पर चर्चा की।

सम्मेलन में विशेषज्ञों ने कहा कि आने वाले समय में तकनीक की मदद से लोगों की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखने, बीमारी के शुरुआती संकेत पहचानने और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से परामर्श के लिए समय तय करने जैसे काम आसान हो सकते हैं। इसका उद्देश्य केवल तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाना नहीं, बल्कि मरीजों को समय पर और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना होना चाहिए।

महंगी तकनीक गरीबों की पहुंच से बाहर न हो

एनआईटी रायपुर के निदेशक (प्रभारी) डॉ. समीर बाजपेयी ने स्वास्थ्य क्षेत्र में AI और दूसरी आधुनिक तकनीकों की बढ़ती भूमिका के साथ उनकी लागत को भी बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि तकनीक ऐसी होनी चाहिए जो आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए भी उपलब्ध हो सके।

उन्होंने छत्तीसगढ़ के बस्तर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि आधुनिक स्वास्थ्य तकनीक का लाभ केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। गांवों और दूरदराज के इलाकों तक इसकी पहुंच बढ़ाना जरूरी है।

भारतीय जरूरतों के हिसाब से बने तकनीक

एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) अशोक जिंदल ने चिकित्सा और इंजीनियरिंग संस्थानों के बीच बेहतर सहयोग की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि भारत की परिस्थितियों और जरूरतों को ध्यान में रखकर चिकित्सा उपकरण और तकनीक विकसित की जानी चाहिए।

उन्होंने भारतीय इंजीनियरिंग संस्थानों, विशेषकर एनआईटी रायपुर, के साथ चिकित्सा क्षेत्र का डेटा और अनुभव साझा करने पर जोर दिया। इससे देश में ऐसी तकनीक विकसित करने में मदद मिल सकती है जो भरोसेमंद होने के साथ-साथ किफायती भी हो।

उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बावजूद मरीज और डॉक्टर के बीच मानवीय संबंध और व्यक्तिगत देखभाल का महत्व बना रहना चाहिए।

1200 से ज्यादा शोध-पत्र मिले

आईसीएआईएचसी-2026 में देश-विदेश के शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, तकनीकी विशेषज्ञों और विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन के लिए 1,200 से अधिक शोध-पत्र प्राप्त हुए हैं। इनमें स्वास्थ्य सेवाओं में AI, मशीन लर्निंग और स्मार्ट कंप्यूटिंग के इस्तेमाल से जुड़े विभिन्न विषय शामिल हैं।

आईआईआईटी नवा रायपुर के निदेशक डॉ. ओम प्रकाश व्यास ने AI के विकास और स्वास्थ्य क्षेत्र में इसके संभावित उपयोगों पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भविष्य में स्मार्ट तकनीक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के शुरुआती संकेत पहचानने और मरीजों को समय पर चिकित्सा सलाह उपलब्ध कराने में मददगार हो सकती है।

अमेरिका स्थित एथेरोपॉइंट के सीईओ डॉ. जसजीत एस. सूरी ने भी स्वास्थ्य सेवाओं को व्यक्ति की जरूरत के अनुसार बेहतर बनाने में एम्बिएंट तकनीक की संभावनाओं पर चर्चा की। महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं को भी सम्मेलन में विशेष रूप से रेखांकित किया गया।

सम्मेलन का मुख्य संदेश यही रहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीक का विकास तभी सार्थक है, जब उसका लाभ बड़े शहरों के साथ गांवों, गरीबों और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों तक भी पहुंचे।

सरकारी दफ्तरों में लंबित काम निपटेंगे, किसानों की शिकायतों के समाधान पर जोर

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नई दिल्ली- 19 सितंबर 2026

2 अक्टूबर से कृषि विभाग का विशेष अभियान 6.0।ई-कचरे का होगा निपटारा, किसानों की शिकायतों को प्राथमिकता।

कृषि और किसान कल्याण विभाग 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष अभियान 6.0 चलाएगा। इस दौरान सरकारी दफ्तरों की साफ-सफाई के साथ किसानों और आम लोगों की शिकायतों को दूर करने, पुराने लंबित काम निपटाने और बेकार पड़े इलेक्ट्रॉनिक सामान को हटाने पर जोर रहेगा।

सरकार के मुताबिक अभियान का मकसद सिर्फ कार्यालयों की सफाई करना नहीं है। सरकारी कामकाज को व्यवस्थित करना और लोगों को सरकारी दफ्तरों से जुड़े काम में कम परेशानी हो, इस पर भी ध्यान दिया जाएगा।

किसानों की शिकायतों के समाधान पर जोर

कृषि विभाग से जुड़ी योजनाओं का लाभ लेने के दौरान किसानों को कई बार शिकायत या परेशानी होती है। ऐसी शिकायतों को दर्ज करने और उनका समाधान करने के लिए विभाग के पास अलग-अलग ऑनलाइन व्यवस्था है।
पीएम किसान और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) जैसी प्रमुख योजनाओं से जुड़ी शिकायतों के लिए भी पोर्टल उपलब्ध हैं। विभाग का कहना है कि इन माध्यमों से मिलने वाली किसानों की शिकायतों के निपटारे की गुणवत्ता पर भी नजर रखी जा रही है।

फसल बीमा से जुड़ी शिकायतों के लिए ‘कृषि रक्षक’ पोर्टल बनाया गया है। इसे किसानों के लिए एक जगह शिकायत दर्ज कराने और समाधान पाने की सुविधा के रूप में विकसित किया गया है।

पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामान से बनाए किसानों के काम के मॉडल
विशेष अभियान 5.0 के दौरान कृषि विभाग के कार्यालयों में सफाई और ई-कचरे के निपटारे पर विशेष ध्यान दिया गया। कृषि मशीनरी प्रशिक्षण और परीक्षण संस्थानों ने बेकार इलेक्ट्रॉनिक सामान का इस्तेमाल कर ड्रोन, ट्रैक्टर और कल्टीवेटर जैसे कृषि उपकरणों के मॉडल तैयार किए।

इन मॉडलों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। विभाग ने इस पहल को ‘कचरे से उपयोगी चीज बनाने’ की अच्छी मिसाल माना है।

दफ्तरों में लंबित काम कम करने की कोशिश

विशेष अभियान 6.0 में कृषि विभाग के मुख्यालय के साथ उसके अधीन और संबद्ध कार्यालयों में भी अभियान चलाया जाएगा। इसमें कार्यालयों की साफ-सफाई, पुराने और बेकार सामान का निपटारा तथा लंबे समय से लंबित मामलों को कम करने पर जोर रहेगा।

विभाग का कहना है कि अभियान का अंतिम उद्देश्य सरकारी व्यवस्था को बेहतर बनाना और किसानों सहित आम लोगों को सरकारी सेवाएं लेने में कम परेशानी हो, यह सुनिश्चित करना है।

श्रीराधा ने श्रीकृष्ण को प्रेम से मानवता की ऊंचाई दी

आध्यात्म – 19 सितंबर 2026

राधाष्टमी केवल राधा रानी के जन्मोत्सव का पर्व नहीं, बल्कि उस प्रेम को समझने का अवसर है, जिसने प्रेम को पाने की इच्छा से उठाकर त्याग, समर्पण और आत्मिक एकत्व की ऊंचाई दी।

सच्चा प्रेम केवल भाव नहीं, जीवन-दर्शन है और सच्चा कर्म केवल क्रिया नहीं, चेतना की अभिव्यक्ति।

राधा का प्रेम और कृष्ण का कर्म इसी जीवन-दर्शन के दो आयाम दिखाई देते हैं—एक भीतर को पूर्ण करता है और दूसरा संसार के प्रति अपने कर्तव्य को।

कृष्ण का जीवन संघर्ष और कर्म की अखंड यात्रा है। कंस के अत्याचार से लेकर मथुरा, द्वारका और महाभारत के महासंग्राम तक उन्होंने परिस्थितियों से कभी पलायन नहीं किया।

कुरुक्षेत्र में अर्जुन को दिया गया गीता का संदेश भी यही था—कर्तव्य से विमुख मत हो, कर्म कर और उसके फल के प्रति आसक्ति मत रख। कृष्ण स्वयं इस कर्मयोग के सबसे बड़े उदाहरण बने।
लेकिन कृष्ण के इस विराट कर्म के समानांतर वृंदावन में राधा का प्रेम एक दूसरी ही ऊंचाई रचता है। वह प्रेम अधिकार नहीं मांगता, प्रतिफल नहीं मांगता और अपने प्रिय को बांधने का प्रयास नहीं करता।
राधा का प्रेम पाने से अधिक समर्पण और साथ रहने से अधिक स्मरण का प्रेम है। इसीलिए राधा को केवल कृष्ण की प्रेयसी के रूप में देखना उनके प्रेम की आध्यात्मिक गहराई को सीमित कर देना होगा।

वेदांत के अद्वैत भाव में प्रेम की चरम अवस्था वही है, जहाँ ‘मैं’ और ‘तुम’ का भेद मिटने लगता है। राधा का प्रेम इसी अहं-विलय का प्रतीक माना जा सकता है—जहाँ प्रेमी अपने अस्तित्व को प्रिय में समर्पित कर देता है और बदले में कुछ नहीं मांगता। प्रेम तब संबंध नहीं रहता, साधना बन जाता है।

कृष्ण ने संसार को कर्म का मार्ग दिखाया और राधा ने प्रेम को उसकी आत्मा दी। कृष्ण का कर्म कहता है—धर्म के लिए अडिग रहो; राधा का प्रेम कहता है—समर्पण में अपना अहंकार छोड़ दो। एक बाहर की दुनिया को दिशा देता है, दूसरा भीतर की दुनिया को।

शायद इसी में राधा-कृष्ण की सबसे बड़ी दार्शनिक सुंदरता छिपी है—कृष्ण कर्म में अडिग रहे और राधा प्रेम में अमर। कृष्ण ने संसार को कर्तव्य दिया और राधा ने प्रेम को वह ऊंचाई, जहाँ पाने की इच्छा समाप्त होकर केवल समर्पण शेष रह जाता है।

सेवा संकल्प अभियान : पीएम श्री नवोदय विद्यालय कुसमी में स्वास्थ्य शिविर

बेमेतरा- 18 सितंबर 2026

शिविर में चिरायु टीम से डॉ. ऋषभ शर्मा, डॉ. दिलीप, डॉ. प्रीति, डॉ. ज्योति एवं डॉ. अभिषेक द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया गया।

शिविर में 377 बच्चों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण

सेवा संकल्प अभियान के तहत पीएम श्री नवोदय विद्यालय कुसमी में स्कूली बच्चों का शिविर लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण एवं रक्त जांच किया गया। यह स्वास्थ्य जांच शिविर कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देश पर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शरद कोहाड़े के मार्गदर्शन में चिरायु टीम द्वारा आयोजित किया गया।

पीएम श्री नवोदय विद्यालय, कुसमी में स्वास्थ्य परीक्षण के साथ ही हीमोग्लोबिन, रक्त शर्करा, सिकल सेल एनीमिया, ब्लड ग्रुप आदि की रक्त जांच हेतु शिविर लगाया गया। शिविर में विद्यालय के लगभग 377 बालक-बालिकाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

इस दौरान 150 बालिकाओं का हीमोग्लोबिन (Hb) परीक्षण किया गया तथा साथ ही 70 बालक-बालिकाओं को लक्षण आधार पर दवाइयों का वितरण भी किया गया। विद्यार्थियों का सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श एवं उपचार प्रदान किया गया।

स्वास्थ्य टीम में नेत्र सहायक अधिकारी मुकेश टंडन, फार्मासिस्ट खिलेन्द्र एवं बलवंत बंजारे, एमएलटी मनीष साहू, एएनएम श्रीमती दीपा साहू एवं श्रीमती आरती वर्मा ने सेवा प्रदान की।
शिविर के सफल आयोजन में नवोदय विद्यालय की नर्सिंग ऑफिसर भावना का विशेष सहयोग रहा। सभी स्वास्थ्य कर्मियों एवं विद्यालय स्टाफ के समन्वित प्रयास से स्वास्थ्य शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

अर्धशासकीय प्रोफेसर, बाबू, लिपिक की पेंशन बंद करना अत्याचार – विकास उपाध्याय

रायपुर (छत्तीसगढ़), 18 सितंबर 2026

पूर्व संसदीय सचिव एवं छाया सांसद विकास उपाध्याय ने अर्धशासकीय संस्थानों में कार्यरत प्रोफेसर, बाबू, लिपिक, प्यून सहित समस्त कर्मचारियों की पेंशन बंद किए जाने पर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक सेवा देने वाले कर्मचारियों की पेंशन बंद करना न्यायसंगत नहीं, बल्कि अत्याचार है।

उपाध्याय ने कहा कि 70, 80 और 90 साल के बुजुर्गों के जीवनयापन का एकमात्र साधन पेंशन है। अधिकांश पेंशनरों का दवाई का खर्च, घर का राशन और घरों के लोन पेंशन से ही चल रहा है। ऐसे में पेंशन बंद करना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

उन्होंने कहा कि कर्मचारी अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय शासन और संस्थानों की सेवा में समर्पित करते हैं। सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन उनके और उनके परिवार के लिए आर्थिक सुरक्षा का आधार होती है। प्रोफेसर से लेकर प्यून तक सभी कर्मचारियों ने ईमानदारी से संस्थानों के संचालन में भूमिका निभाई है।

विकास उपाध्याय ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी ने हिटलर को भी पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने मांग की कि 1 सितंबर 2026 और 11 सितंबर 2026 को पेंशन व ग्रेच्युटी बंद करने के आदेशों पर सरकार तत्काल पुनर्विचार करे और सभी पेंशनर्स की पेंशन यथावत लागू करे।

उन्होंने माननीय न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि जिस वेतनमान से कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए हैं, उसी के अनुरूप पेंशन दी जाए। साय सरकार को इस आदेश का पालन करना चाहिए।

उपाध्याय ने चेतावनी दी कि यदि सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती और जुलाई-अगस्त से रोकी गई पेंशन का भुगतान नहीं करती, तो कांग्रेस पार्टी उग्र आंदोलन करेगी और पेंशनभोगियों को न्याय दिलाकर ही दम लेगी।

छत्तीसगढ़ की बेटियों का कमाल:हॉकी एशिया कप में गीता-मधु ने दागे 4-4 गोल

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रायपुर 18 सितंबर 2026

भारत की जीत में अहम भूमिका।

चीन के मोकी शहर में आयोजित जूनियर महिला हॉकी एशिया कप में छत्तीसगढ़ की दो बेटियों ने शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। बिलासपुर की बहतराई आवासीय हॉकी अकादमी में प्रशिक्षण ले रहीं गीता यादव और मधु सिदार ने पूरे टूर्नामेंट में चार-चार गोल दागे और भारतीय टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

दक्षिण कोरिया के खिलाफ मुकाबले में मधु सिदार ने एक गोल कर भारत की जीत में योगदान दिया। वहीं मलेशिया के खिलाफ 11-1 की शानदार जीत में गीता यादव ने दो गोल दागे। भारत-पाकिस्तान मुकाबले में भारत ने 19-0 से जीत दर्ज की, जिसमें दोनों खिलाड़ियों ने दो-दो गोल कर भारतीय आक्रमण को मजबूती दी।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक सुश्री आकांक्षा शिक्षा खलखो ने दोनों खिलाड़ियों से मिलकर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गीता और मधु ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने खेल कौशल से छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है, विभाग की ओर से उन्हें हरसंभव सहयोग मिलेगा।
इस अवसर पर बिलासपुर आवासीय हॉकी अकादमी के वरिष्ठ प्रशिक्षक राकेश टोप्पो, खेलो इंडिया एक्सीलेंस सेंटर के हाई परफॉर्मेंस मैनेजर कुलदीप बरार और खेल अधिकारी सुशील भी मौजूद थे।