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Thursday, October 29, 2026
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हार्ट अटैक के उपचार में लगने वाला महंगा इंजेक्शन भी सरकारी अस्पताल में निशुल्क

रायपुर -18 सितंबर 2026

स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में शुरू की गई इस सुविधा से गरीब और जरूरतमंद मरीजों को महंगे इलाज के आर्थिक बोझ से बड़ी राहत मिली है।

हार्ट अटैक और गंभीर हृदय रोगों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले महंगे इंजेक्शन और जीवनरक्षक दवाएं अब रायपुर के सरकारी अस्पताल में मरीजों को बिल्कुल मुफ्त मिल रही हैं।

डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट (ACI) के कार्डियोलॉजी विभाग में मरीजों को जरूरत के अनुसार ये दवाएं निःशुल्क दी जा रही हैं।

कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. (प्रो.) स्मित श्रीवास्तव के अनुसार, अस्पताल में टिकैग्रिलोर 90mg, टेनेक्टेप्लेस (TNK-tPA) इंजेक्शन, इवोलोकुमैब (रिपाथा), मावाकैम्टेन, एज़ेटिमाइब, सेमाग्लूटाइड गोली और न्यूमोकोकल वैक्सीन जैसी आधुनिक दवाएं उपलब्ध हैं।

बाजार में महंगी, अस्पताल में मुफ्त
इनमें से कई दवाओं की बाजार कीमत हजारों में है। उदाहरण के लिए टेनेक्टेप्लेस इंजेक्शन की बाजार कीमत लगभग 35 से 40 हजार रुपये और मावाकैम्टेन की कीमत लगभग 21 से 22 हजार रुपये है। अस्पताल में इनका मुफ्त मिलना मरीजों के परिवारों के लिए बड़ी आर्थिक राहत है।

हार्ट अटैक जैसी आपात स्थिति में खून का थक्का घोलने वाले टेनेक्टेप्लेस के 20mg, 30mg और 40mg इंजेक्शन तथा स्ट्रेप्टोकाइनेज 15 लाख IU इंजेक्शन भी अस्पताल में उपलब्ध हैं। इसके अलावा एंजियोग्राफी में इस्तेमाल होने वाले ऑम्निपेक-विजिपेक कॉन्ट्रास्ट, एनोक्सापारिन, हेपरिन, नाइट्रोग्लिसरीन जैसी जरूरी दवाएं भी स्टॉक में हैं।

मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. विवेक चौधरी और अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर के अनुसार, इन दवाओं की अस्पताल में उपलब्धता से आपातकालीन इलाज के दौरान मरीजों को बाहर से दवा खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे समय पर इलाज संभव हो पाता है।

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में खाद्य मंत्री की मौजूदगी में जले 6 लाख 30 हजार दीये — ‘खबर पर ताल'(एक व्यंग्य)

बेमेतरा न्यूज़ – 18 सितंबर 2026

(अगर तेल का उपयोग कम करेंगे तो यह भी देशभक्ति के लिए एक प्रमाण सिद्ध होगा- आकाशवाणी दिल्ली)

ज्योतिपति:सवालिया नजर उठाते हुए, लो ज्वाला, बेमेतरा जिले की भी खबर आ गई! माता भद्रकाली मंदिर परिसर में 11,101 दीये जलाए गए। छत्तीसगढ़ खाद्य मंत्री ने ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम की शुरुआत की और पूरे बेमेतरा जिले में कुल 6 लाख 30 हज़ार से भी ज़्यादा दीये जलाए गए!

ज्वाला: (माथे पर बल लाते हुए) 6 लाख 30 हज़ार दीये! बेमेतरा से लेकर बेरला, साजा, नवागढ़ तक दीयों की जगमगाहट… नगर पालिकाओं में 51 हज़ार, पंचायतों में 2.25 लाख! मंत्री जी कह रहे हैं कि यह 140 करोड़ देशवासियों की कृतज्ञता का प्रतीक है और विधायक बेमेतरा तो 25 साल की देश सेवा की बात कर रहे हैं।

ज्योतिपति: और सुनो, लखपति दीदी ग्राम माटरा में ड्रोन शॉट लिए गए, नदी के तटों पर ड्रोन वीडियोग्राफी हुई, स्वच्छता और पौधारोपण के कार्यक्रम भी हुए!

ज्वाला: ड्रोन शॉट और भव्यता तो ठीक है ज्योतिपति, लेकिन जो बात हम कर रहे थे, यह खबर उसी पर मुहर लगाती है। बेमेतरा जैसे एक छोटे से जिले में अगर 6 लाख से ज़्यादा दीये जल रहे हैं, तो पूरे देश के आंकड़े जोड़ लो! जिस तेल और खर्च की बचत की बात कभी देश सेवा के रूप में सिखाई गई थी, आज उसी तेल को रिकॉर्ड बनाने और उत्सव के नाम पर बहाया जा रहा है।

ज्योतिपति: (गंभीर होते हुए) बात तो तुम्हारी सोचने वाली है ज्वाला। जश्न और शुभकामनाओं से किसी को ऐतराज नहीं, पर जब आम जनता महंगाई, बेरोजगारी और कर्ज के बोझ तले दबी हो, तब यह भव्यता और करोड़ों दीयों का आडंबर किस सोच का नतीजा है?

दृष्टिकोण की स्पष्टता: यह संवाद यह साफ दिखाता है कि विरोध उत्सव या शुभकामनाओं से नहीं है, बल्कि प्रशासनिक संसाधनों व तेल के इस तरह के व्यापक उपयोग और दिखावे की प्रवृत्ति से है।

देश उजाले की ओर!!सिस्टम में खामोशी और सड़क में शोर

न्यूज डेस्क (व्यंग्य लेख)- 18 सितंबर 2026

बहुत दिनों बाद ज्योतिपति और ज्वाला मिले,सवाल दीया का था।

ज्योतिपति:तनिक सुनो ज्वाला! कल देश के प्रधानमंत्री जी का जन्मदिन खूब धूमधाम से मनाया गया। प्रधानमंत्री हैं, लंबे समय से इस पद पर रहने का रिकॉर्ड उनके नाम है, बधाई-शुभकामनाएं तो पूरा देश देगा ही। इसमें गलत क्या है?

ज्वाला: बधाई देने में कोई बुराई नहीं है ज्योतिपति! जी मैं इसी बात पर आपसे चर्चा करने आया हूं?पर मेरी आंखें तो उस रोशनी को देखकर ठिठक गईं जो हर तरफ बिखेरी गई। लाखों दिए जलाए गए—स्वास्थ्य केंद्र, शिक्षा संस्थान, सचिवालय, सब जगमगा उठे। मुझे तो प्रधानमंत्री जी की पुरानी बात याद आ गई, जब उन्होंने कहा था कि ‘तेल कम इस्तेमाल करना भी देश सेवा है’। तो क्या ये वही बचा हुआ तेल था जो कल एक ही रात में दिए जलाकर स्वाहा कर दिया गया?

ज्योतिपति: (मुस्कुराते हुए) अरे, दिए से क्या बैर? रोशन भारत तो सबको अच्छा लगता है!

ज्वाला: दिए से विरोध नहीं है ज्योतिपति, ना ही जन्मदिन की खुशी से कसक है। विरोध उस सोच और तरीका बताने वाले सलाहकारों से है जो अंदर अंधेरा होते हुए भी बाहर रोशनी करने का झुनझुना थमा देते हैं। जब देश में दिल बुझे पड़े हों, तो बाहर लाख दिए जला लो, क्या मिलेगा? चिराग तो दिल में जलाने की ज़रूरत है, वहां बहुत अंधेरा है,आज हर दिल उलझन में है।

ज्योतिपति: (चौपाल की लकड़ी की बेंच पर हाथ मारते हुए) बात तो खरी है। आज कौन सा वर्ग शांत है? युवा, व्यापारी, किसान, वकील, सामान्य नागरिक—सब सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं। युवाओं के दिल में सिस्टम के प्रति जो चिंगारी लगी है, उसे शांत करने की जगह ये चमकदार दिखावे की राजनीति चल रही है।

ज्वाला: बिल्कुल! ‘ऋणम कृत्वा घृतम पीबेत’ वाली कहावत चरितार्थ हो रही है—कर्ज लो और ऐश करो। आज भारत दुनिया में सबसे ज्यादा कर्ज लेने वाले देशों में अव्वल नंबर (2025)है। अगर दिए ही जलाने थे, तो उन अमर शहीदों की याद में जलते या नीट परीक्षा के तनाव में जान गंवाने वाले उन मासूम परीक्षार्थियों की आत्मा की शांति के लिए जलते, जिनके परिवार आज भी आंसू बहा रहे हैं।

ज्योतिपति: कर्ज का यही तो चक्कर है ज्वाला! आम जनता को तो ये भी नहीं पता कि जिस विश्व बैंक से इतना कर्ज लिया जा रहा है, उसके नियम क्या कहते हैं। जैसे हमारे यहां आपातकाल में बैंकों का पैसा सीज हो सकता है, वैसे ही अगर विश्व बैंक की समय-सीमा में कर्ज न चुकाया जाए या विश्व युद्ध छिड़ जाए—जो कि आज दुनिया के हालात दिख ही रहे हैं—तो उस कर्ज और ब्याज दर के क्या कड़े नियम लागू होंगे?

ज्वाला: बस यही सवाल पूछ लो तो लोग कहते हैं कि आम जनता को राजनीति और विदेश नीति पर बोलने का क्या अधिकार? अरे, जब कर्ज का बोझ आम जनता की जेब पर पड़ना है, तो सवाल पूछना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार क्यों नहीं?

ज्योतिपति _तुम्हारा विचार पूरी तरह से वाजिब और लोकतांत्रिक हैं। एक आम नागरिक को देश की आर्थिक नीति, कर्ज और फिजूलखर्च पर चर्चा करने का पूरा अधिकार है।
(राजनीतिक और सामाजिक व्यंग्य)




डॉक्टर बनना मंजिल नहीं, समाज सेवा ही असली लक्ष्य : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

शासकीय मेडिकल कॉलेज कवर्धा में प्रथम बैच की कक्षाएं शुरू, नवप्रवेशी छात्रों का एप्रॉन-स्टेथोस्कोप देकर स्वागत

कवर्धा- 17 सितंबर 2026:_शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कवर्धा में सोमवार को नए अध्याय की शुरुआत हुई। महाविद्यालय के प्रथम शैक्षणिक सत्र और प्रथम बैच की पढ़ाई का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा और सांसद संतोष पाण्डेय विशेष रूप से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में दोनों जनप्रतिनिधियों ने नवप्रवेशी एमबीबीएस विद्यार्थियों को एप्रॉन, स्टेथोस्कोप, पेन और गुलाब का फूल भेंट कर उनका स्वागत किया। सफेद एप्रॉन पहने छात्रों के चेहरे पर डॉक्टर बनने के सपने को साकार होते देखने का उत्साह साफ झलक रहा था।

विद्यार्थियों से किया संवाद, जानी संघर्ष की कहानियां

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने छात्रों से उनकी नीट की तैयारी, संघर्ष और सफलता की कहानियां जानीं। कई विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए, जिन्हें सुनकर सभागार तालियों से गूंज उठा।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए श्री शर्मा ने कहा, “डॉक्टर बनना मंजिल नहीं, बल्कि एक पड़ाव है। असली लक्ष्य चिकित्सा के माध्यम से समाज की सेवा करना होना चाहिए।” उन्होंने छात्रों को मन लगाकर पढ़ाई करने, अनावश्यक तनाव से दूर रहने और संवेदनशीलता के साथ एक अच्छे चिकित्सक बनने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि चिकित्सा का पेशा केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानवता की सेवा का माध्यम है। ग्रामीण और जरूरतमंद क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना हर डॉक्टर का नैतिक दायित्व है।

चिकित्सा शिक्षा को मिल रही नई दिशा

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। कवर्धा में मेडिकल कॉलेज का शुरू होना इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न केवल कबीरधाम सहित आसपास के जिलों के युवाओं को अपने गृह क्षेत्र में ही चिकित्सा शिक्षा का अवसर मिलेगा, बल्कि क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के डीन, प्राध्यापकगण, चिकित्सक, छात्र-छात्राएं और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

सेवा संकल्प के नाम पर मेवा खाने का काम भाजपा कर रही है: आशीष छाबड़ा

बेमेतरा _ 17 सितंबर 2026 जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष एवं बेमेतरा के पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने भाजपा सरकार पर सरकारी मशीनरी के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पूरे छत्तीसगढ़, विशेषकर बेमेतरा जिले में प्रशासन का राजनीतिक आयोजनों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। उनका आरोप है कि सभी विभागों के कर्मचारियों और स्कूलों के शिक्षकों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में लगाया जा रहा है।

आशीष छाबड़ा ने कहा कि भाजपा ‘सेवा संकल्प’ के नाम पर सरकारी कार्यालयों को पार्टी कार्यालय की तरह इस्तेमाल करने पर तुली हुई है। उन्होंने दावा किया कि कर्मचारी और शिक्षक इन आयोजनों को लेकर परेशान हैं। स्कूलों में दीप जलाने और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इन कार्यक्रमों में लगने वाले दीये, तेल और बाती का खर्च कौन उठाएगा? क्या भाजपा इसका खर्च वहन करेगी या फिर इसका भार सरकारी खजाने पर पड़ेगा?

पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि स्कूलों को भाजपा कार्यकर्ताओं की सूची भी दी गई है और प्रधान पाठकों तथा प्राचार्यों को कथित तौर पर निर्देशित किया गया है कि सूची में शामिल लोगों को स्कूल बुलाकर उनका सम्मान किया जाए तथा विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण सुनाया जाए। छाबड़ा ने इसे सरकारी संस्थानों के राजनीतिक उपयोग का उदाहरण बताते हुए इस पर सवाल उठाए।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल और देश की अर्थव्यवस्था को लेकर भी कई आरोप लगाए। छाबड़ा ने कहा कि देश में बेरोजगारी, महंगाई और आर्थिक चुनौतियां जनता के सामने हैं, जबकि सरकार प्रचार के माध्यम से विकास की अलग तस्वीर पेश करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने रुपये की स्थिति और गरीबी से जुड़े आंकड़ों का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।

ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए छाबड़ा ने भारत की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम को भारत की विदेश नीति और वैश्विक संबंधों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने भाजपा सरकार पर संविधान को कमजोर करने और चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारी कार्यालयों को भाजपा का दफ्तर नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों को राजनीतिक गतिविधियों में लगाने के बजाय उन्हें अपने प्रशासनिक दायित्वों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि आने वाला समय कांग्रेस का होगा और सत्ता में आने के बाद इन सभी मामलों का हिसाब लिया जाएगा।

आशीष छाबड़ा ने 17 सितंबर को प्रस्तावित दीप जलाने के कार्यक्रम के खर्च पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि जब प्रशासन को इस आयोजन में लगाया जा रहा है तो इसका पूरा खर्च कौन उठाएगा? उन्होंने कहा कि आम जनता के टैक्स से मिलने वाले सरकारी धन का इस्तेमाल किसी व्यक्ति के जन्मदिन के आयोजन में किस सीमा तक किया जा सकता है, यह सरकार और प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए।

मोदी के जन्मदिन पर लाखों दीये जलाने के अभियान पर विकास उपाध्याय का बयान

रायपुर -17 सितंबर 2026

विकास उपाध्याय बोले- सरकारी मशीनरी के इस्तेमाल की जगह रोजगार और महंगाई पर रोडमैप बनता तो ज्यादा सार्थक होता।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर लाखों दीये जलाने के प्रस्तावित अभियान को लेकर कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन के कार्यक्रम में सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है। उनके मुताबिक मितानिनों, शिक्षकों और नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारियों तक को इस आयोजन में लगाया जा रहा है।

विकास उपाध्याय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं और उनका जन्मदिन मनाया जाना स्वाभाविक है, लेकिन यदि इस अवसर को देश के विकास, रोजगार और युवाओं के भविष्य से जोड़ते हुए कोई ठोस रोडमैप सामने रखा जाता तो इसका व्यापक प्रभाव होता।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर यदि बेरोजगारी कम करने, युवाओं को रोजगार देने और महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस संकल्प लिया जाता तो यह प्रदेश और देश की जनता के लिए ज्यादा सार्थक होता। उनके अनुसार केवल दीये जलाने से जनता की समस्याएं दूर नहीं होंगी, बल्कि रोजगार और महंगाई जैसे मुद्दों पर ठोस काम करने से लोगों को राहत मिलेगी।
पूर्व विधायक ने सरकारी अमले को आयोजन में लगाए जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने इसे सरकारी मशीनरी के कथित दुरुपयोग का मामला बताते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन में सरकारी कर्मचारियों और संसाधनों के इस्तेमाल पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
विकास उपाध्याय ने लाखों दीये जलाने के लिए बड़ी मात्रा में तेल के इस्तेमाल का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से तेल की बचत को देश सेवा और देशभक्ति से जोड़कर संदेश दिए जाते रहे हैं। ऐसे में अब लाखों दीयों के लिए हजारों लीटर तेल के संभावित इस्तेमाल पर भी विचार होना चाहिए।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इतने बड़े आयोजन के लिए तेल की खरीदी या व्यवस्था किस प्रक्रिया के तहत की जा रही है। उन्होंने पूछा कि क्या इसके लिए कोई टेंडर जारी किया गया है और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है या नहीं।

विकास उपाध्याय ने महंगाई और बेरोजगारी को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आम लोगों पर महंगाई का दबाव है और ऐसे समय में सरकार को उत्सव और प्रचार से ज्यादा जनता की मूल समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी को लेकर भी आरोप लगाए और कहा कि लाखों दीये जलाने के अभियान में होने वाले खर्च तथा तेल की व्यवस्था की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि जनता के सामने पारदर्शिता बनी रहे।

PM मोदी के जन्मदिन पर प्रशासनिक मशीनरी हाईजैक, यह जनसेवा नहीं चापलूसी की पराकाष्ठा: डॉ. शिवकुमार डहरिया

‘सेवा संकल्प’ के नाम पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप, भाजपा की इवेंटबाजी पर पूर्व मंत्री ने उठाए सवाल

रायपुर 17 सितंबर 2026

छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. शिवकुमार डहरिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ और ‘आशीर्वाद का दीया’ जैसे आयोजनों को लेकर केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन आयोजनों के नाम पर सरकारी मशीनरी का राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है और जनता की समस्याओं से ध्यान भटकाया जा रहा है।
डॉ. डहरिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ के नगर निगमों, नगर पालिकाओं और पंचायतों सहित विभिन्न विभागों को जनसेवा के बजाय भाजपा के राजनीतिक आयोजनों में लगाया जा रहा है। उनके अनुसार जिस प्रशासनिक अमले को जर्जर सड़कों, पेयजल, सफाई और बुनियादी सुविधाओं जैसी समस्याओं पर काम करना चाहिए, उसे ‘आशीर्वाद का दीया’ जैसे आयोजनों और कार्यक्रमों की तैयारियों में लगाया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “टैक्सपेयर्स के पैसों से चलने वाले निकायों को सत्ताधारी दल के प्रचार तंत्र की तरह इस्तेमाल करना लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सीधा हनन है।”

ज्वलंत मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप

पूर्व मंत्री ने देश और प्रदेश की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विज्ञापनों और आयोजनों की चमक-दमक के पीछे बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्याओं को नहीं छिपाया जा सकता।
डॉ. डहरिया के मुताबिक युवा उच्च शिक्षा और डिग्री हासिल करने के बाद रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं। उन्होंने रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी कीमतों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आम नागरिक और मध्यम वर्ग पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि किसान खाद, बीज और फसलों के उचित मूल्य जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं, जबकि सरकार बड़े आयोजनों, कटआउट और होर्डिंग्स के जरिए अपनी ब्रांडिंग में व्यस्त है।

“इवेंट से देश नहीं चलता, जन-सरोकार से चलता है”

डॉ. डहरिया ने कहा कि 17 सितंबर से शुरू होने वाले आयोजनों को केवल उत्सव तक सीमित रखने के बजाय सरकार को जनता की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘सेवा’ के नाम पर सरकारी तंत्र का इस्तेमाल राजनीतिक प्रचार के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जनता बेरोजगारी, महंगाई, किसान, सड़क, पानी और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब चाहती है। “इवेंट से देश नहीं चलता, जन-सरोकार से चलता है,” डॉ. डहरिया ने कहा।
पूर्व मंत्री ने दावा किया कि जनता सरकार के इस रवैये को समझ रही है और आने वाले समय में इसका जवाब देगी।

आशीर्वाद का दीया’ से जगमगाएगा जगदलपुर, जलेंगे सवा लाख दीप

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा होंगे शामिल।

रायपुर- 17 सितंबर 2026

मां दंतेश्वरी मंदिर परिसर और सिरहासार चौक में होगा भव्य आयोजन, अमर बलिदानियों की स्मृति में भी जलाए जाएंगे दीप।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बस्तर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ का शुभारंभ गुरुवार को होगा। अभियान के तहत बस्तर संभाग में एक महीने तक जनसेवा और सामाजिक सरोकार से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान के प्रमुख कार्यक्रमों में उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा की विशेष सहभागिता रहेगी।

जगदलपुर में आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा शामिल होंगे। मां दंतेश्वरी मंदिर परिसर और सिरहासार चौक पर एक साथ सवा लाख दीप जलाए जाएंगे। दीपों की यह रोशनी सेवा, सुशासन और जनभागीदारी के संकल्प के साथ बस्तर में शांति और विकास की नई दिशा का संदेश देगी।

सवा लाख दीपों से बस्तर में सेवा संकल्प का संदेश

‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर जगदलपुर में व्यापक तैयारियां की गई हैं। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा, यातायात, मंच व्यवस्था, दीप प्रज्वलन और नागरिकों के सुगम आवागमन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। जनभागीदारी से आयोजित यह कार्यक्रम सेवा और संकल्प की भावना को व्यापक रूप देगा।

अमर बलिदानियों की स्मृति में भी जलेंगे दीप

इस अवसर पर बस्तर की माटी के अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। अमर वाटिका, शहीद स्मारक, नेतानार स्थित अमर शहीद गुंडाधूर की प्रतिमा और झीरम शहादत स्थल सहित जिले के प्रमुख स्थानों पर दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। इन दीपों के माध्यम से वीर सपूतों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए बस्तर की शांति और विकास के संकल्प को आगे बढ़ाया जाएगा।

बड़े अलनार में पौधरोपण, अस्पतालों में रक्तदान शिविर

सेवा संकल्प अभियान के शुभारंभ अवसर पर बस्तर विकासखंड के ग्राम बड़े अलनार में पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए व्यापक पौधरोपण किया जाएगा। वहीं, डिमरापाल मेडिकल कॉलेज और महारानी अस्पताल में विशाल रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविरों में युवा और नागरिक स्वैच्छिक रक्तदान कर मानव सेवा में योगदान देंगे।

महीने भर चलेंगे जनसेवा के कार्यक्रम

पूरे महीने बस्तर में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े जनसेवा कार्यों को गति दी जाएगी। स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान, पौधरोपण, सामाजिक सरोकार और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से आम नागरिकों को अभियान से जोड़ा जाएगा। ‘सेवा संकल्प अभियान’ सेवा, संवेदना और जनभागीदारी को केंद्र में रखकर आगे बढ़ेगा।

दुर्ग में जलेंगे 6 लाख 71 हजार ‘आशीर्वाद के दीये’

रायपुर- 17 सितंबर 2026

सेवा संकल्प अभियान का 17 सितंबर से शुभारंभ, पुरानी पुलिस लाइन में सवा लाख दीयों से जगमगाएगा दुर्ग

राज्य शासन के निर्देशानुसार प्रदेश में सेवा, सुशासन और विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में दुर्ग जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक एक महीने का व्यापक अभियान चलाया जाएगा। अभियान के अंतर्गत जनभागीदारी से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत दुर्ग जिले में 6 लाख 71 हजार दीये जलाए जाएंगे।

अभियान का मुख्य कार्यक्रम 17 सितंबर को शाम 6 बजे दुर्ग की पुरानी पुलिस लाइन में आयोजित होगा, जहां सवा लाख दीये प्रज्वलित किए जाएंगे। इसके साथ ही जिले की 30 चिन्हांकित ग्राम पंचायतों में 30 हजार, नगर निगम दुर्ग में 30 हजार, नगर निगम भिलाई-चरोदा में 5 हजार, नगर निगम भिलाई में 1 लाख 25 हजार तथा नगर निगम रिसाली में 51 हजार ‘आशीर्वाद के दीये’ जलाए जाएंगे।

विकासखंड दुर्ग की ग्राम पंचायतों में प्रत्येक घर 75 हजार, धमधा विकासखंड में 1 लाख 20 हजार तथा पाटन विकासखंड में 1 लाख 10 हजार दीये जलाए जाएंगे।

‘सेवा संकल्प अभियान’ का उद्देश्य प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन और जनसेवा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ ही विकसित भारत-2047 और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को जन-जन से जोड़ना है। अभियान के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, उपलब्धियों तथा सेवा और सुशासन की भावना को जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।

एक माह तक होंगे विविध आयोजन

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 18 सितंबर से 3 अक्टूबर तक ‘मेरे सपनों का भारत’ चित्र सेवा, 17 से 21 सितंबर, 6 से 10 अक्टूबर तथा 15 से 17 अक्टूबर तक ‘नमो सेवा—अनकही कहानियां’ और 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तथा 12 से 14 अक्टूबर तक ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इसी प्रकार 1 से 5 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प यात्रा’, 7 अक्टूबर को ‘ज्योति कलश यात्रा—विकसित भारत का संकल्प’, 23 से 25 सितंबर तक ‘सेवा मेरा योगदान’, 1 से 5 अक्टूबर तक ‘सेवा सेतु अभियान—सरकार आपके द्वार’, 29 सितंबर को ‘सेवा के रंग—राष्ट्र के संग’, 9 अक्टूबर को ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ तथा 17 अक्टूबर को ‘सुशासन सेवा संवाद’ आयोजित किया जाएगा। अभियान के तहत ‘सेवा की कहानी’ कार्यक्रम भी आयोजित होगा।

जिला प्रशासन दुर्ग ने नागरिकों से अभियान के सभी कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करने की अपील की है, ताकि सेवा, सुशासन और विकसित भारत के संकल्प को जनभागीदारी के माध्यम से जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सके।

“मोदी जी ने जन्मदिन पर देश से रिटर्न गिफ्ट मांग लिया!” — विकास उपाध्याय

रायपुर – 16 सितम्बर 2026

कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने UPI पर 0.4% MDR लागू किए जाने को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है।

विकास उपाध्याय का तंज—
“जिस UPI को मोदी सरकार ने Digital India की सफलता बताया, अब उसी UPI के बड़े व्यापारी लेन-देन पर नई लागत लगाने की तैयारी है।”

₹2,000 से ऊपर के UPI Transactions पर 0.4% MDR।
15 अक्टूबर से ₹2,000 से अधिक के पात्र Merchant UPI Transactions पर 0.4% MDR लागू होगा।
सामान्य श्रेणी में प्रति transaction ₹300 की सीमा निर्धारित है।

विकास उपाध्याय ने कहा—
“सरकार कह रही है कि ग्राहक से सीधे शुल्क नहीं लिया जाएगा। लेकिन व्यापारी के transaction की लागत तो बढ़ेगी ना? आखिर इसका बोझ कौन उठाएगा?”

“पहले Digital India, अब व्यापारी पर नई लागत क्यों?”
उपाध्याय ने कहा कि ₹2,000 से अधिक के UPI transactions संख्या में करीब 4% हैं, लेकिन transaction value के हिसाब से इनका हिस्सा लगभग दो-तिहाई है।
यानी संख्या कम है, लेकिन बड़े मूल्य वाले transactions का हिस्सा बहुत बड़ा है।

चाय वाले से लेकर किराना दुकानदार तक से पूछेंगे सवाल
विकास उपाध्याय ने कहा—
“किसी चाय वाले, पोहा वाले या किराना दुकानदार से पूछिए—भैया, आपका रोज कितना UPI payment आता है? ₹2,000 से ऊपर के कितने transaction होते हैं? फिर उसी के सामने बैठकर हिसाब लगाइए कि MDR का असर कितना होगा।”

उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारी की कमाई में हर अतिरिक्त लागत मायने रखती है।
“UPI सफल हुआ तो उसकी कीमत व्यापारी क्यों चुकाए?”

उपाध्याय ने कहा—
“जब UPI को देश में बढ़ावा देना था, तब zero-MDR model के जरिए इसे आगे बढ़ाया गया। आज जब UPI करोड़ों लोगों और व्यापारियों की रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है, तो बड़े merchant transactions पर नई लागत क्यों?”

उन्होंने स्पष्ट किया कि MDR सीधे सरकार द्वारा लगाया गया टैक्स नहीं है, लेकिन merchant transactions पर नई transaction cost की व्यवस्था की गई है।

विकास उपाध्याय का सीधा सवाल

“UPI को मजबूत करना है तो व्यापारी की लागत क्यों बढ़ाई जा रही है? सरकार को बताना होगा कि इस नई MDR व्यवस्था की जरूरत क्यों पड़ी और इसका आर्थिक बोझ आखिर किस पर पड़ेगा।”»

“UPI देश की डिजिटल ताकत है—इसे व्यापारी पर बोझ मत बनाइए।”

विकास उपाध्याय ने केंद्र सरकार से ₹2,000 से अधिक के पात्र Merchant UPI Transactions पर 0.4% MDR व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की।