23.1 C
Raipur
Thursday, October 29, 2026
Home Blog Page 80

गौठान में 30 गायों की अचानक मौत से हड़कंप, बीमारी या किसी और वजह का पता लगाने में जुटी टीम

 बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले से पशुओं की मौत का चिंताजनक मामला सामने आया है। ग्राम सूरजपूरा के गौठान में करीब 30 गायों की अचानक मौत होने से ग्रामीणों में दहशत और चिंता का माहौल है। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में मवेशियों की मौत कैसे हुई, इसे लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।

गायों की मौत की वजह अभी साफ नहीं, जांच में जुटा पशु चिकित्सा विभाग

गौठान में एक साथ कई गायों की मौत की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी सक्रियता बढ़ गई है। फिलहाल मौत की निश्चित वजह सामने नहीं आई है। पशु चिकित्सा विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही है।गायों के स्वास्थ्य, मौत के संभावित कारण और आसपास की परिस्थितियों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल ग्रामीणों को भी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच रिपोर्ट का इंतजार है।

कुछ दिन पहले सूअरों की मौत से भी जुड़ा था संक्रमण का मामला

गायों की मौत की घटना ऐसे समय सामने आई है, जब जिले में कुछ दिन पहले सूअरों की मौत का मामला चर्चा में रहा था। ग्राम टेहका में अफ्रीकन स्वाइन फीवर के कारण कई सूअरों की मौत होने की जानकारी सामने आई थी।अब सूरजपूरा में गायों की मौत के बाद ग्रामीण यह जानना चाह रहे हैं कि दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध है या नहीं। हालांकि, फिलहाल दोनों घटनाओं को आपस में जोड़ने की कोई पुष्टि नहीं हुई है। इसका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही मिल सकेगा।

भाटापारा में 40 सूअरों की मौत के बाद विभाग हुआ था सतर्क

कुछ समय पहले भाटापारा क्षेत्र में टेहका रोड स्थित विवान पिक फार्म हाउस में करीब 40 सूअरों की मौत हुई थी। जांच में इन मौतों को अफ्रीकन स्वाइन फीवर से जोड़ा गया था। इसके बाद पशु चिकित्सा विभाग ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई थी और संक्रमण को लेकर सतर्कता बरती गई थी।

अफ्रीकन स्वाइन फीवर क्या है और क्या इंसानों के लिए खतरा है

अफ्रीकन स्वाइन फीवर एक वायरल बीमारी है, जो घरेलू और जंगली सूअरों को संक्रमित करती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह बीमारी इंसानों में संक्रमण नहीं फैलाती है। संक्रमित सूअरों में तेज बुखार, कमजोरी और रक्तस्राव जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दे सकते हैं।हालांकि, सूरजपूरा में हुई गायों की मौत को अफ्रीकन स्वाइन फीवर से जोड़कर देखना फिलहाल सही नहीं होगा। गायों की मौत की वास्तविक वजह पशु चिकित्सा विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

छत्तीसगढ़ में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, 22 सितंबर से बारिश बढ़ने के संकेत…जानिए किन जिलों में अलर्ट

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर बारिश का दौर तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। बंगाल की खाड़ी में बनने वाले नए मौसमी सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार 22 सितंबर से प्रदेश में व्यापक बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है।

पिकनिक या बाहर निकलने का प्लान है तो पहले जान लें मौसम का हाल

रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर गरज चमक के साथ बिजली गिरने की स्थिति भी बन सकती है। मौसम का यह असर अगले दो दिनों तक बने रहने की संभावना है।ऐसे में अगर आपने पिकनिक या कहीं बाहर घूमने का कार्यक्रम बनाया है, तो स्थानीय मौसम की स्थिति देखकर ही योजना बनाना बेहतर रहेगा। खासकर खुले और नदी नालों के आसपास के इलाकों में मौसम बिगड़ने पर सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

इन जिलों में तेज हवा, बिजली और बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है। बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव और गरियाबंद में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना के साथ ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।वहीं सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाजार, रायगढ़, दुर्ग, बेमेतरा और कबीरधाम में बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।

बंगाल की खाड़ी में बन रहा सिस्टम, 22 से 25 सितंबर तक बारिश का दौर

मौसम विभाग के मुताबिक 19 सितंबर से अंडमान सागर और उसके आसपास कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अगले 24 घंटे में और विकसित होकर निम्न दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है। इसके बाद सिस्टम के आगे बढ़ने और मजबूत होने पर बंगाल की खाड़ी में अवदाब बनने की स्थिति बन सकती है।इस मौसमी सिस्टम के प्रभाव से 22 से 25 सितंबर के बीच छत्तीसगढ़ में कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। 22 सितंबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है।

29 सितंबर के बाद मानसून की विदाई के संकेत

प्रदेश में बारिश का यह दौर मानसून की विदाई से पहले देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 29 सितंबर के बाद छत्तीसगढ़ से मानसून की वापसी शुरू होने की संभावना है। हालांकि इसकी वास्तविक शुरुआत मौसम की आगामी परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।

रायपुर में छाए रहेंगे बादल, गरज चमक के साथ बारिश के आसार

राजधानी रायपुर में रविवार को आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर गरज चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। दिन का अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

इन इलाकों में दर्ज हुई बारिश, मानपुर में सबसे ज्यादा पानी

प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मानपुर में सबसे अधिक 6 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। नारायणपुर में 4 सेंटीमीटर, जबकि दुर्गकोंदल, अंतागढ़, रायपुर शहर, लालपुर थाना और पखांजूर में 3-3 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।राजनांदगांव, माना और बिलासपुर में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा, जबकि पेण्ड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रायपुर शहर में 3 सेंटीमीटर बारिश के बाद भी दिन का तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस रहा।

बीएसपी टाउनशिप के 33 हजार से ज्यादा आवास, फिर भी विभाग के पास नहीं है यह जरूरी रिकॉर्ड

 भिलाईनगर। भिलाई इस्पात संयंत्र की टाउनशिप में हजारों आवास हैं, लेकिन इन आवासों को लेकर नगर सेवाएं विभाग के पास जरूरी बुनियादी जानकारी उपलब्ध नहीं है। सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में विभाग ने बताया कि टाउनशिप में कुल 33,327 आवास हैं, लेकिन इनमें कितने आवासों में अधिकारी और कर्मचारी रह रहे हैं, इसका रिकॉर्ड उसके पास उपलब्ध नहीं है। इतना ही नहीं, रहने योग्य कितने आवास खाली हैं, इसकी जानकारी भी विभाग ने उपलब्ध नहीं होने की बात कही है।

आरटीआई में तीन सवाल, दो के जवाब में विभाग ने जताई अनभिज्ञता

सेक्टर 10 की पूर्व पार्षद उपासना साहू ने नगर सेवाएं विभाग से सूचना के अधिकार के तहत टाउनशिप के आवासों से जुड़ी जानकारी मांगी थी। उन्होंने कुल तीन सवाल पूछे थे। इनमें टाउनशिप में मौजूद कुल आवासों की संख्या, आवासों में रहने वाले अधिकारी और कर्मचारियों की संख्या तथा अधिकारी कर्मचारी वर्ग के रहने योग्य खाली आवासों की जानकारी मांगी गई थी।विभाग ने पहले सवाल का जवाब देते हुए टाउनशिप में कुल 33,327 आवास होने की जानकारी दी। लेकिन बाकी दोनों सवालों पर विभाग ने कहा कि अधिकारी और कर्मचारियों के निवासरत होने की जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसी तरह अधिकारी कर्मचारी वर्ग के रहने योग्य खाली आवासों का रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई।

आवास आवंटन व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

आरटीआई के जवाब ने बीएसपी टाउनशिप में आवास आवंटन और रिकॉर्ड प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब टाउनशिप में आवासों की कुल संख्या का रिकॉर्ड उपलब्ध है, तो उनमें से कितने आवास आवंटित हैं, कितने में अधिकारी रह रहे हैं और कितने कर्मचारियों के पास हैं, इसकी जानकारी विभाग के पास क्यों नहीं है, यह सवाल अब चर्चा का विषय बन गया है।इसी तरह रहने योग्य खाली आवासों की संख्या का रिकॉर्ड नहीं होना भी आवास प्रबंधन की स्थिति पर सवाल उठाता है। इससे यह जानना मुश्किल हो जाता है कि टाउनशिप में कितने आवास वास्तव में उपयोग में हैं और कितने आवास खाली होने के बावजूद आवंटन की प्रतीक्षा में हैं।

आरटीआई के जवाब को लेकर पहले भी उठते रहे हैं सवाल

बीएसपी से सूचना के अधिकार के तहत जानकारी हासिल करने को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं। आरोप लगाए जाते रहे हैं कि कई मामलों में मांगी गई जानकारी पूरी तरह उपलब्ध नहीं कराई जाती या जवाब अधूरा रहता है। आवासों से संबंधित इस आरटीआई में विभाग द्वारा दो अहम जानकारियां उपलब्ध नहीं होने की बात कहे जाने के बाद एक बार फिर रिकॉर्ड प्रबंधन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

तीन सवालों पर विभाग ने क्या बताया

  1. टाउनशिप में कुल कितने आवास हैं: 33,327 आवास।
  2. कितने आवासों में अधिकारी और कर्मचारी रह रहे हैं: इसकी जानकारी विभाग के पास उपलब्ध नहीं है।
  3. अधिकारी और कर्मचारी वर्ग के कितने रहने योग्य आवास खाली हैं: इसकी जानकारी भी विभाग के पास उपलब्ध नहीं है। 

नक्सलवाद पर फिर आमने सामने आए विजय शर्मा और भूपेश बघेल, डिप्टी सीएम ने दी सार्वजनिक बहस की चुनौती

 छत्तीसगढ़ : राजनीति में एक बार फिर बहस का मुद्दा गरमा गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर हुई सियासी तकरार के बाद अब डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को नक्सलवाद के मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती दी है। विजय शर्मा ने कहा कि वह इस विषय पर तथ्यों और दस्तावेजों के साथ चर्चा के लिए तैयार हैं।

नक्सलवाद के मुद्दे पर विजय शर्मा ने साधा कांग्रेस पर निशाना

विजय शर्मा ने नक्सलवाद को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस मुद्दे पर केवल बयानबाजी करने के बजाय ठोस तथ्यों के साथ बात होनी चाहिए। उन्होंने भूपेश बघेल से कहा कि यदि उनके पास नक्सलवाद से जुड़े कोई महत्वपूर्ण सबूत हैं तो उन्हें संबंधित जांच एजेंसी के सामने रखना चाहिए।डिप्टी सीएम ने यह भी कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद यदि किसी के पास कोई ठोस प्रमाण था तो उसे सामने लाया जाना चाहिए था। उन्होंने संकेत दिया कि अब भी दस्तावेज और सबूत सार्वजनिक किए जा सकते हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना पर भी फिर बहस का न्योता

विजय शर्मा ने प्रधानमंत्री आवास योजना के मुद्दे को लेकर भी अपनी चुनौती दोहराई। उन्होंने कहा कि यदि भूपेश बघेल इस विषय पर चर्चा करना चाहते हैं तो वह इसके लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री चाहें तो तैयारी के लिए एक महीने का समय ले सकते हैं और इसके बाद दोनों पक्ष आमने सामने बैठकर चर्चा कर सकते हैं।इस बयान के बाद पीएम आवास योजना को लेकर पहले शुरू हुई राजनीतिक बहस को फिर से हवा मिल गई है। अब नजर इस बात पर है कि इस चुनौती पर भूपेश बघेल की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

तारा कोल ब्लॉक पर भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री साय को दी थी चुनौती

इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तारा कोल ब्लॉक की नीलामी को लेकर राज्य सरकार पर सवाल खड़े किए थे। भिलाई टाउनशिप में गणेश पंडालों के दौरे के दौरान बघेल ने आरोप लगाया कि कोल ब्लॉक की नीलामी के मामले में जनता के बीच स्थिति स्पष्ट नहीं की जा रही है।बघेल ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हसदेव अरण्य क्षेत्र के कुछ कोल ब्लॉकों को नीलामी से बाहर रखने की दिशा में प्रक्रिया शुरू की गई थी। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के 11 दिसंबर 2025 के पत्र का हवाला देते हुए तारा कोल ब्लॉक को लेकर सवाल उठाए।

दस्तावेजों के साथ आमने सामने चर्चा की मांग

भूपेश बघेल ने कहा था कि इस पूरे मामले से जुड़े दस्तावेज उनके पास भी हैं और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के पास भी संबंधित पत्र मौजूद हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को चुनौती दी कि दोनों पक्ष अपने दस्तावेज मीडिया के सामने रखें और पूरे मामले पर आमने सामने चर्चा करें।बघेल का कहना था कि आरोप प्रत्यारोप के बजाय दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर जनता के सामने स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। अब नक्सलवाद और कोल ब्लॉक जैसे मुद्दों को लेकर दोनों नेताओं के बीच बहस की चुनौती ने छत्तीसगढ़ की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है।

मिशन अमृत 2.0 से शहरों में बढ़ेगी हरियाली, नागरिकों को मिलेंगे बेहतर और सुविधायुक्त सार्वजनिक स्थल: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर: छत्तीसगढ़ के शहरों को स्वच्छ, सुंदर, हरित और नागरिक सुविधाओं से परिपूर्ण बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत अहिवारा, मुंगेली और कांकेर नगर पालिका क्षेत्रों में आधुनिक उद्यान विकसित किए जाएंगे। तीनों उद्यानों के निर्माण के लिए कुल 7 करोड़ 29 लाख 24 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में नागरिकों को बेहतर और सुविधायुक्त जीवन उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। शहरों में ऐसे सार्वजनिक स्थलों का विकास किया जा रहा है, जहां हरियाली और स्वच्छ वातावरण के साथ बच्चों को खेलने, युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों को व्यायाम, पैदल भ्रमण और विश्राम की बेहतर सुविधाएं मिल सकें। नए उद्यानों का विकास इसी सोच को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्रीसाय के मार्गदर्शन और उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव के निर्देशन में मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत इन उद्यानों का निर्माण एक वर्ष के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। अहिवारा, मुंगेली और कांकेर में विकसित होने वाले इन उद्यानों में कुल 8,732 पौधे लगाए जाएंगे। व्यापक पौधरोपण के साथ ही नागरिकों की अलग-अलग आयु वर्ग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

उद्यानों में बच्चों के लिए प्ले-एरिया एवं खेल उपकरण, युवाओं और अन्य नागरिकों के लिए ओपन जिम, पैदल भ्रमण के लिए पाथवे, बैठने एवं विश्राम के लिए स्थान, प्रकाश व्यवस्था, टॉयलेट ब्लॉक और गज़ेबो जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन को ध्यान में रखते हुए वर्षा जल संचयन की व्यवस्था भी की जाएगी।

निर्माण के बाद उद्यानों के बेहतर रख-रखाव पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद पांच वर्षों तक इन परिसरों का संचालन एवं संधारण चयनित निर्माण एजेंसी द्वारा किया जाएगा। इससे उद्यानों में विकसित हरियाली, अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं का नियमित रख-रखाव सुनिश्चित होगा।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि तेजी से विकसित हो रहे शहरों में अधोसंरचना के विस्तार के साथ पर्यावरण और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता का ध्यान रखना भी आवश्यक है। मिशन अमृत 2.0 के माध्यम से विकसित किए जा रहे ये उद्यान केवल हरित क्षेत्र नहीं होंगे, बल्कि बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपयोगी सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित होंगे।

उन्होंने कहा कि व्यापक पौधरोपण से इन परिसरों का हरित स्वरूप समृद्ध होगा। साथ ही ओपन जिम, पाथवे, खेल एवं विश्राम की सुविधाएं लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए बेहतर वातावरण प्रदान करेंगी। वर्षा जल संचयन जैसी व्यवस्थाएं पर्यावरण संरक्षण के साथ जल संवर्धन के प्रयासों को भी मजबूती देंगी।

हरित और सुविधायुक्त शहरों के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रही सरकार: उप मुख्यमंत्री  अरुण साव

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य सरकार नगरीय क्षेत्रों को स्वच्छ, सुंदर, हरित और सुविधायुक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत इन परियोजनाओं से शहरों में हरित क्षेत्र बढ़ने के साथ नागरिकों को मनोरंजन, व्यायाम और विश्राम के लिए बेहतर सार्वजनिक स्थल उपलब्ध होंगे।

उन्होंने कहा कि सरकार का विशेष जोर इस बात पर है कि निर्माण कार्य केवल अधोसंरचना तैयार करने तक सीमित न रहें, बल्कि उनका लंबे समय तक बेहतर रख-रखाव भी सुनिश्चित हो। इसी उद्देश्य से इन उद्यानों के निर्माण के बाद पांच वर्षों तक चयनित एजेंसी द्वारा संचालन एवं संधारण की व्यवस्था की गई है। इससे विकसित सुविधाओं का लाभ नागरिकों को लंबे समय तक मिल सकेगा।

अहिवारा में 2.07 करोड़ रुपए की लागत से विकसित होगा उद्यान

अहिवारा नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-01 स्थित शीतला मंदिर क्षेत्र में 0.52 एकड़ भूमि पर आधुनिक उद्यान विकसित किया जाएगा। इसके लिए 2 करोड़ 7 लाख 48 हजार रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।

उद्यान परिसर में करीब 2,115 पौधे लगाए जाएंगे। यहां सोलर लाइट की व्यवस्था के साथ बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, युवाओं एवं अन्य नागरिकों के लिए ओपन जिम, बैठने एवं विश्राम के लिए स्थान तथा सुगम आवागमन के लिए पाथवे तैयार किया जाएगा। टॉयलेट ब्लॉक और गज़ेबो के निर्माण के साथ वर्षा जल संचयन की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी।

मुंगेली में 3.52 करोड़ रुपए से 3.08 एकड़ में विकसित होगा हरित परिसर

मुंगेली नगर पालिका के पेंड्राकांपा स्थित महाराणा प्रताप वार्ड में 3.08 एकड़ क्षेत्र में उद्यान विकसित किया जाएगा। इसके लिए 3 करोड़ 52 लाख 32 हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैं। तीनों परियोजनाओं में क्षेत्रफल की दृष्टि से यह सबसे बड़ा उद्यान होगा।

यहां लगभग 4,453 पौधों का रोपण किया जाएगा। बच्चों के लिए प्ले-एरिया एवं खेल उपकरण, नागरिकों के लिए ओपन जिम और बैठने की सुविधा तथा पैदल भ्रमण के लिए पाथवे विकसित किए जाएंगे। टॉयलेट ब्लॉक, गज़ेबो और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के साथ जल संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर भी बनाया जाएगा।

कांकेर में 1.69 करोड़ रुपए से बनेगा आधुनिक उद्यान

कांकेर नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-09 श्रीराम नगर में 0.72 एकड़ भूमि पर उद्यान विकसित किया जाएगा। इसके निर्माण के लिए 1 करोड़ 69 लाख 44 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

यहां करीब 2,164 पौधे लगाए जाएंगे। नागरिकों के बैठने एवं विश्राम के लिए निर्धारित स्थान, बच्चों के लिए प्ले-इक्वीपमेंट, स्वास्थ्य और व्यायाम के लिए ओपन जिम तथा पैदल भ्रमण के लिए पाथवे तैयार किया जाएगा। उद्यान में सोलर लाइट, टॉयलेट ब्लॉक और गज़ेबो की सुविधा के साथ वर्षा जल संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी स्थापित किया जाएगा।

गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समयसीमा  में पूरे किए जाएंगे कार्य

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि मिशन अमृत 2.0 के माध्यम से नगरीय क्षेत्रों में हरित अधोसंरचना को मजबूत करने और नागरिकों के लिए गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक स्थल विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अहिवारा, मुंगेली और कांकेर में प्रस्तावित उद्यान इसी दिशा में विकसित किए जा रहे हैं।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं, ताकि स्थानीय नागरिकों को जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ मिल सके।

रायपुर में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 77 मामलों में जब्त 438 किलो से ज्यादा गांजा किया गया नष्ट

रायपुर। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने जब्त मादक पदार्थों के नष्टीकरण की बड़ी कार्रवाई की। रायपुर के नॉर्थ, सेंट्रल और वेस्ट जोन के 77 मामलों में जब्त नशीले पदार्थों को औद्योगिक भट्ठी में नष्ट किया गया।

इस कार्रवाई में कुल 438.764 किलो गांजा नष्ट किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 2.15 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई गई है। इसके अलावा हशीश, अफीम, डोडा, नशीली गोलियां, कैप्सूल और अन्य मादक पदार्थ भी नष्ट किए गए।सेंट्रल जोन के 37, नॉर्थ जोन के 19 और वेस्ट जोन के 21 मामलों में जब्त सामग्री का निर्धारित प्रक्रिया और सुरक्षा मानकों के तहत नष्टीकरण कराया गया।

CHHATTISGARH : स्टेशन पर किलाबंदी, 316 पकड़े गए, 2.49 लाख जुर्माना

रायपुर। बिना टिकट और गलत टिकट पर सफर करने वालों के खिलाफ रायपुर रेल मंडल ने भाटापारा स्टेशन पर बड़ा चेकिंग अभियान चलाया। 17 सितंबर को स्टेशन के सभी प्लेटफॉर्म और 14 ट्रेनों में एक साथ जांच की गई।

अभियान में कुल 316 लोग नियम तोड़ते पकड़े गए, जिनसे रेलवे ने कुल 2 लाख 49 हजार 275 रुपये जुर्माना वसूला। इनमें 202 यात्री बिना टिकट, 71 गलत टिकट पर और 41 अधिक सामान के साथ पकड़े गए

इसके अलावा 2 लोग अवैध रूप से सामान बेचते भी पकड़े गए। अभियान में कमर्शियल स्टाफ के साथ 25 टिकट चेकर और 4 RPF जवान शामिल रहे। रेलवे के मुताबिक कार्रवाई का उद्देश्य जुर्माना वसूलने के साथ यात्रियों को नियमों के प्रति जागरूक करना भी है।

छत्तीसगढ़ में कैंसर मरीजों का बनेगा डेटाबेस, एचपीवी टीकाकरण भी मिशन मोड में

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कैंसर की रोकथाम, समय पर पहचान और सुलभ उपचार के लिए सरकार, चिकित्सा जगत और समाज को मिलकर काम करना होगा। मरीज के इलाज के साथ उसका मनोबल बनाए रखना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि कैंसर की लड़ाई में मरीज को यह भरोसा मिलना चाहिए कि वह अकेला नहीं है।

नवा रायपुर में बालको मेडिकल सेंटर के चौथे बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शुरुआती चरण में कैंसर की पहचान होने पर उपचार की संभावनाएं बेहतर होती हैं। उन्होंने विशेषज्ञों से ऐसी तकनीक और उपचार पद्धतियों पर मंथन करने का आग्रह किया, जिससे जांच और इलाज अधिक सुलभ और किफायती हो सके।

34 लाख लोगों की स्क्रीनिंग

मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत करीब 34 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। इनमें लगभग 40 हजार लोगों में बीमारी की पहचान के बाद उन्हें उपचार से जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि सरकार दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर भी काम कर रही है।

इलाज के खर्च को लेकर उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को 5 लाख रुपए तक और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत 25 लाख रुपए तक की उपचार सहायता मिल रही है।

नवा रायपुर में 5 हजार बेड की मेडिसिटी

सीएम साय ने बताया कि नवा रायपुर में करीब 100 एकड़ में 5 हजार बिस्तरों की मेडिसिटी विकसित की जा रही है। इससे प्रदेश में आधुनिक और सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि कैंसर मरीजों का व्यवस्थित डेटाबेस तैयार किया जाएगा। प्रदेश में कैंसर को नोटिफाई करने का निर्णय लिया गया है। सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए एचपीवी टीकाकरण को मिशन मोड में आगे बढ़ाया जाएगा।

‘Restoring Balance to Cancer Care’ थीम पर आयोजित कॉन्क्लेव में 200 से अधिक राष्ट्रीय और 11 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं। इस दौरान कैंसर की रोकथाम, स्क्रीनिंग, उपचार और नई तकनीकों पर चर्चा की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कैंसर जागरूकता और जांच-उपचार की नवीन तकनीकों से जुड़े स्टॉलों का अवलोकन कर सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन परियोजना का शुभारंभ भी किया।

छत्तीसगढ़ में 8.23 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, रोजगार के खुलेंगे नए रास्ते

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति 2024-30 से प्रदेश में निवेश और रोजगार को नई गति देने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य को अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।

मुख्यमंत्री ने अंबिकापुर में दो दिवसीय ‘अग्र महाकुंभ-2026’ का शुभारंभ करते हुए यह बात कही। उन्होंने अग्रवाल समाज की उद्यमिता, दानशीलता और समाजसेवा की परंपरा की सराहना की। उन्होंने कहा कि व्यापार के साथ उद्योग, रोजगार और जनसेवा के क्षेत्र में भी समाज का योगदान रहा है।

सीएम साय ने बताया कि युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने के लिए ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन’ को मंजूरी दी गई है। इसके लिए पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मिशन के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि औद्योगिक नीति में एमएसएमई, महिलाओं और विभिन्न वर्गों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने से होटल, होम-स्टे और पर्यटन सेवाओं में निवेश के अवसर बढ़ने की बात भी उन्होंने कही।

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य स्थानीय उत्पादों और छोटे उद्योगों को देश-दुनिया के बाजारों से जोड़ना है। सरगुजा में पर्यटन, कृषि आधारित उद्योग और खाद्य प्रसंस्करण की संभावनाओं का भी उन्होंने जिक्र किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ट्रेड फेयर का शुभारंभ किया और विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने ‘अग्रकुल दर्शन’ पत्रिका का विमोचन किया। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को ‘दशम अग्र अलंकरण’ से सम्मानित किया। कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल समेत जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और अग्रवाल समाज के पदाधिकारी मौजूद रहे।

बारिश से बचने झोपड़ी में रुके थे लोग, तभी गिरी आकाशीय बिजली; तीन की मौत, तीन गंभीर घायल

जांजगीर-चांपा।जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा थाना क्षेत्र के महुदा गांव में शनिवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा हो गया। अचानक बदले मौसम और तेज बारिश के बीच आकाशीय बिजली की चपेट में आने से तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।बताया जा रहा है कि शनिवार शाम अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। उस दौरान कुछ लोग बाड़ी में काम कर रहे थे। बारिश से बचने के लिए सभी लोग पास की एक झोपड़ी में जाकर रुक गए। इसी दौरान अचानक झोपड़ी के पास तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरी और वहां मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए।हादसे में नरेश खैरवार उम्र 24 वर्ष, रामभरोश पटेल उम्र 32 वर्ष और तुलसी राम पटेल उम्र 51 वर्ष की मौके पर ही मौत हो गई।

वहीं अंजू पटेल उम्र 26 वर्ष, दुलारा बाई पटेल उम्र 46 वर्ष और बैशाखू खैरवार उम्र 32 वर्ष घायल हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही बलौदा पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है।इस दर्दनाक हादसे के बाद महुदा गांव में शोक का माहौल है। पुलिस ने घटना की जानकारी लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

बारिश के मौसम में आकाशीय बिजली लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। प्रशासन की ओर से भी बारिश और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की अपील की जाती है। महुदा की इस घटना ने एक बार फिर सावधानी बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है।