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Thursday, October 29, 2026
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आबकारी ओवरटाइम घोटाले में आरोपी अफसर को सुप्रीम कोर्ट से राहत, नवीन प्रताप सिंह तोमर को अंतरिम जमानत

 छत्तीसगढ़ :  चर्चित आबकारी मेनपावर और ओवरटाइम घोटाला मामले में आरोपी अफसर नवीन प्रताप सिंह तोमर को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने असिस्टेंट कमिश्नर आबकारी और CSMCL के पूर्व DGM तोमर को अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने की सुनवाई

मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जयमाला बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने की। सुनवाई के दौरान अदालत ने नवीन प्रताप सिंह तोमर को अंतरिम जमानत देने का आदेश सुनाया। आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव अग्रवाल और शशांक मिश्रा ने अदालत में पक्ष रखा।

28.80 लाख रुपये की नकदी से जांच ने पकडा था जोर

इस मामले की जांच की शुरुआत ED की कार्रवाई के बाद हुई थी। 29 नवंबर 2023 को ED की रायपुर टीम ने तीन लोगो के पास से 28.80 लाख रुपये नकद बरामद किए थे। इसके बाद एजेंसी ने इसकी जानकारी राज्य शासन को दी।राज्य शासन की ओर से मिली सूचना के आधार पर EOW और ACB ने मामला दर्ज कर जांच आगे बढाई। जांच के दौरान आबकारी विभाग और उससे जुडी मेनपावर एजेंसियो के जरिए कथित तौर पर किए गए भुगतान को लेकर कई सवाल सामने आए।

ओवरटाइम के नाम पर 100 करोड से ज्यादा भुगतान का आरोप

जांच एजेंसियो के मुताबिक, CSMCL में मेनपावर उपलब्ध कराने वाली एजेंसियो के जरिए कर्मचारियो के ओवरटाइम के नाम पर बडी रकम का भुगतान किया गया। आरोप है कि वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच ओवरटाइम भत्ते के तौर पर 100 करोड रुपये से ज्यादा का भुगतान किया गया।नियमो के मुताबिक यह राशि शराब दुकानों पर काम करने वाले कर्मचारियो को ओवरटाइम के तौर पर मिलनी थी। आरोप है कि कर्मचारियो को सीधे भुगतान करने के बजाय संबंधित एजेंसियो को बिल के आधार पर रकम जारी की गई।

जांच में सामने आया कर्मचारियो तक नहीं पहुंचा ओवरटाइम का पैसा

EOW की जांच के दौरान आरोप लगाया गया कि एजेंसियो ने बिलों में कर्मचारियो के ओवरटाइम का भुगतान दर्शाया, लेकिन वास्तविक रूप से यह रकम कर्मचारियो तक नही पहुंची। जांच एजेंसी का आरोप है कि रकम का एक हिस्सा कमीशन के तौर पर निकाला गया और कथित तौर पर आपस में बांट लिया गया।इस पूरी प्रक्रिया से सरकारी खजाने को आर्थिक नुकसान होने और कर्मचारियो को उनके निर्धारित ओवरटाइम भुगतान से वंचित रखने का आरोप है। मामले में जांच एजेंसियां पूरे भुगतान तंत्र और उससे जुडे लोगो की भूमिका की जांच कर रही हैं।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश से आरोपी अफसर को फिलहाल राहत

नवीन प्रताप सिंह तोमर को मिली अंतरिम जमानत इस मामले में उनकी तत्काल रिहाई का रास्ता खोलती है। हालांकि, घोटाले से जुडे आरोप और जांच की प्रक्रिया अपने स्तर पर जारी रहेगी। मामले में आगे अदालत के समक्ष होने वाली सुनवाई और जांच एजेंसियो की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

CG News: EaseMyTrip के को-फाउंडर निशांत पिट्टी पर ED की बड़ी कार्रवाई, महादेव बेटिंग केस में 59.60 करोड़ के शेयर अटैच

 CG News:  महादेव ऑनलाइन बेटिंग एप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने EaseMyTrip के को-फाउंडर निशांत पिट्टी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। ED ने आरोप लगाया है कि अवैध बेटिंग से हासिल रकम को शेयर बाजार में लगाने की प्रक्रिया में पिट्टी की भूमिका रही।

59.60 करोड़ रुपये के शेयर किए गए अटैच

चार्जशीट दाखिल करने के साथ ही ED ने निशांत पिट्टी के 59.60 करोड़ रुपये मूल्य के DEMAT शेयरों को प्रोविजनल तौर पर अटैच किया है। एजेंसी के मुताबिक, इन संपत्तियों को कथित अपराध से हुई आय से जुड़ा माना गया है। मामले में इन शेयरों को जब्त करने की अनुमति के लिए अदालत का रुख भी किया गया है।

शेयर बाजार में रकम लगाने का क्या है आरोप

ED के अनुसार, पिट्टी पर आरोप है कि अवैध बेटिंग से जुड़ी रकम को विदेशी पोर्टफोलियो निवेश के जरिए भारतीय इक्विटी बाजार में लाने की प्रक्रिया को आसान बनाया गया। एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि Easy Trip Planners के प्रमोटर्स की ओर से शेयर की कीमत और कंपनी के बाजार मूल्य को कृत्रिम तरीके से प्रभावित करने से जुड़ी व्यवस्था की गई थी। ये सभी आरोप फिलहाल जांच एजेंसी के दावों पर आधारित हैं।

निशांत पिट्टी ने क्या कहा

निशांत पिट्टी ने कहा है कि उन्हें किसी चार्जशीट की जानकारी नहीं है और न ही संबंधित अदालत की ओर से उन्हें समन मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। पिट्टी ने अपने सभी लेनदेन को कानून के मुताबिक बताते हुए कहा कि वह अदालत के सामने अपना पक्ष और संबंधित साक्ष्य पेश करेंगे।

महादेव केस में ED की कार्रवाई जारी

ED के मुताबिक, महादेव ऑनलाइन बेटिंग केस में अब तक कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। एजेंसी ने इस मामले में संपत्तियों को अटैच करने के साथ कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है। निशांत पिट्टी के खिलाफ दाखिल की गई चार्जशीट इस मामले की आगे की जांच और कार्रवाई का हिस्सा है।

सोने-चांदी के भाव में आज आई नरमी, MCX पर दोनों धातुओ के दाम गिरे; जानें दिल्ली समेत प्रमुख शहरो के रेट

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 सोना : खरीदने या निवेश की तैयारी कर रहे लोगो के लिए आज बाजार से मिली खबर अहम है। 21 सितंबर को घरेलू वायदा बाजार मे सोने और चांदी की कीमतों मे गिरावट दर्ज की गई है। MCX पर सोने का भाव 583 रुपये टूटकर 1,53,798 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इसी तरह चांदी भी 713 रुपये सस्ती होकर 2,40,890 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है।

दिल्ली मे सोने का भाव कितना है

राजधानी दिल्ली मे 24 कैरेट सोने की कीमत फिलहाल 1,55,980 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। वही 22 कैरेट गोल्ड का भाव 1,42,990 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता मे आज के रेट

मुंबई और कोलकाता के सराफा बाजार मे 24 कैरेट सोने का भाव 1,55,830 रुपये प्रति 10 ग्राम है। इन दोनों शहरो मे 22 कैरेट सोना 1,42,840 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है।

चेन्नई, पुणे और बेंगलुरु मे भी भाव मे नरमी

चेन्नई, पुणे और बेंगलुरु मे 24 कैरेट सोने की कीमत 1,55,830 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। इन शहरो मे 22 कैरेट गोल्ड का भाव 1,42,840 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा है।

सोने की तेजी के बाद अब क्यों आई गिरावट

पिछले साल सोने ने अंतरराष्ट्रीय बाजार मे शानदार प्रदर्शन किया था। कीमतों मे 75 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई थी, जिसे 1979 के बाद की सबसे मजबूत तेजी मे से एक माना गया।इसके बाद भी कई महीनों तक सोने को मजबूती मिलती रही। आर्थिक अनिश्चितता, बाजार मे बढता जोखिम और निवेशकों की सुरक्षित निवेश विकल्पो की तलाश ने गोल्ड की मांग को सहारा दिया।

निवेशकों के लिए सोना क्यों बना पसंदीदा विकल्प

जब शेयर बाजार समेत अन्य जोखिम वाले निवेश विकल्पो मे अनिश्चितता बढती है, तो निवेशक अक्सर अपने पैसे का एक हिस्सा सोने जैसे सुरक्षित माने जाने वाले एसेट मे लगाने की ओर बढते है। यही वजह रही कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक अस्थिरता के दौर मे सोने की कीमतों को लंबे समय तक समर्थन मिला।हालांकि, मौजूदा समय मे कीमतों मे कुछ नरमी दिखाई दे रही है। ऐसे मे सोना खरीदने वाले ग्राहको के लिए आगे के कारोबारी सत्रो मे कीमतों की दिशा पर नजर रखना जरूरी होगा।

पेट्रोल-डीजल के दाम पर आज भी राहत, कच्चा तेल महंगा होने के बावजूद नहीं बदली कीमत…जानें आपके शहर का रेट

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 22 सितंबर 2026 यानी मंगलवार को देशभर मे पेट्रोल और डीजल की कीमतों मे कोई बदलाव नहीं किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार मे कच्चे तेल के दाम मे तेजी और मिडिल ईस्ट मे जारी तनाव के बावजूद सरकारी तेल कंपनियो ने घरेलू बाजार मे ईंधन की कीमत स्थिर रखी है।दिल्ली मे आज पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वही कोलकाता मे पेट्रोल का भाव 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर है।

अपने शहर मे पेट्रोल-डीजल का आज का भाव जानें

देश के अलग-अलग शहरो मे 22 सितंबर को पेट्रोल और डीजल की कीमत इस प्रकार है:

दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये, डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर

मुंबई: पेट्रोल 111.31 रुपये, डीजल 97.97 रुपये प्रति लीटर

वडोदरा: पेट्रोल 101.46 रुपये, डीजल 97.50 रुपये प्रति लीटर

चेन्नई: पेट्रोल 107.78 रुपये, डीजल 99.56 रुपये प्रति लीटर

लुधियाना: पेट्रोल 105.60 रुपये, डीजल 94.80 रुपये प्रति लीटर

पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये, डीजल 99.36 रुपये प्रति लीटर

नासिक: पेट्रोल 112.46 रुपये, डीजल 98.20 रुपये प्रति लीटर

भोपाल: पेट्रोल 115.41 रुपये, डीजल 100.47 रुपये प्रति लीटर

अमृतसर: पेट्रोल 105.56 रुपये, डीजल 96.20 रुपये प्रति लीटर

कच्चे तेल की तेजी से तेल कंपनियो पर बढा दबाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार मे कच्चे तेल की कीमत लगातार ऊपर जा रही है। मिडिल ईस्ट मे तनाव बढने का असर भी क्रूड ऑयल की कीमत पर दिखाई दे रहा है। इस वजह से डीजल का अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क भाव चार महीने के उच्च स्तर 167.08 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है।बढे हुए अंतरराष्ट्रीय भाव के कारण घरेलू बाजार मे पेट्रोल और डीजल बेचने वाली तेल कंपनियो के मार्जिन पर दबाव बढ रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कंपनियो को डीजल की बिक्री पर करीब 20 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल पर करीब 5 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है।

फिलहाल ग्राहको को मिल रही कीमत बढोतरी से राहत

तेल कंपनियो पर बढती लागत का दबाव होने के बावजूद घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल के दाम फिलहाल नही बढाए गए है। इससे आम वाहन चालको को तत्काल राहत मिली हुई है।हालांकि, अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार मे कच्चे तेल की कीमत और मिडिल ईस्ट का तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो आने वाले समय मे घरेलू ईंधन कीमतों पर इसका असर पड सकता है।

महंगाई पर भी पड सकता है असर

कच्चे तेल की कीमत मे तेजी केवल पेट्रोल और डीजल तक सीमित नही रहती। इसका सीधा असर परिवहन लागत पर पड सकता है और इसके बाद रोजमर्रा की वस्तुओ की कीमत प्रभावित होने की आशंका रहती है।भारतीय रिजर्व बैंक की एक रिसर्च के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमत मे हर 10 डॉलर प्रति बैरल की बढोतरी से देश की हेडलाइन महंगाई मे करीब 49 बेसिस पॉइंट की वृद्धि हो सकती है। ऐसे मे अगर क्रूड की कीमत लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर रहती है, तो फल, सब्जियो और अन्य जरूरी सामान की ढुलाई महंगी हो सकती है।

पंचांग: आज धन से जुड़े कामों के लिए खास है दिन, शुभ पहर में पूजा से मिलेगा लाभ

 पंचांग  : आज 22 सितंबर, 2026 मंगलवार, के दिन भाद्रपद महीने की शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि है. इस तिथि के रक्षक भगवान विष्णु है. विवाह समारोह के साथ स्वनियंत्रण और उपवास के लिए यह तिथि अच्छी है. साथ ही धन प्रदायक गतिविधियों की ऊर्जा के साथ खुद को संलग्न करने के लिए भी यह तिथि अच्छी है.

22 सितंबर का पंचांग :

  1. विक्रम संवत : 2083
  2. मास : भाद्रपद
  3. पक्ष : शुक्ल पक्ष एकादशी
  4. दिन : मंगलवार
  5. तिथि : शुक्ल पक्ष एकादशी
  6. योग : अतिगंड
  7. नक्षत्र : उत्तराषाढा
  8. करण : वणिज
  9. चंद्र राशि : मकर
  10. सूर्य राशि : कन्या
  11. सूर्योदय : 06:09:00 AM
  12. सूर्यास्त : 06:18:00 PM
  13. चंद्रोदय : 03:53 PM
  14. चंद्रास्त : 02:36 ए एम, सितम्बर 23
  15. राहुकाल : 15:16 से 16:47
  16. यमगंड : 10:42 से 12:14

आज का नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा मकर राशि और उत्तराषाढा नक्षत्र में रहेगा. यह नक्षत्र धनु राशि में 26:40 से लेकर मकर राशि में 10:00 डिग्री तक फैला है. इसके शासक सूर्य है. यह स्थिर प्रकृति का नक्षत्र है, इसके देवता विश्वदेव है. कुआं खोदने, नींव या शहर बनाने, कर्मकांड, राज्याभिषेक, भूमि खरीदना, मेधावी कर्म, बीज बोना, देवताओं की पूजा, मंदिर का निर्माण, विवाह, या स्थायी सफलता चाहने वाले कोई भी काम इस नक्षत्र में किए जा सकते हैं.

आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 15:16 से 16:47 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.

वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन खास, लाभ के साथ मिल सकती है बड़ी खुशखबरी

 मेष- 22 सितंबर, 2026 मंगलवार को मकर राशि का चंद्रमा आज आपके लिए दसवें भाव में होगा. घर, परिवार और संतान के मामले में आज आपको आनंद और संतोष का अनुभव होगा. आज आप सगे- संबंधियों और मित्रों से घिरे रहेंगे. प्रेम जीवन में भी रिश्ते निभाने के लिए आपको ज्यादा मेहनत नहीं करनी होगी. व्यापार को बढ़ाने के लिए नए लोगों से मुलाकात होगी. इसमें लाभ भी होगा. व्यवसाय के क्षेत्र में आपको लाभ और प्रतिष्ठा की प्राप्ति होगी. नौकरी में पदोन्नति मिलेगी. नौकरीपेशा लोग समय पर अपने टारगेट को पूरा करने की कोशिश करेंगे. स्वास्थ्य के मामले में आपको संभलकर रहना होगा. वाहन दुर्घटना हो सकती है, संभलकर रहें. दोपहर बाद कार्यभार से थकान का अनुभव होगा. वित्तीय मोर्चे पर दिन सामान्य है.

वृषभ- 22 सितंबर, 2026 मंगलवार को मकर राशि का चंद्रमा आज आपके लिए नवें भाव में होगा. विदेश में रहने वाले स्नेहीजन तथा मित्रों से बातचीत खुशी देगी. विदेश से जुड़े काम में आपको लाभ होगा. रिश्तों में आगे बढ़ने के लिए स्वप्रेरणा से कार्य शुरू करेंगे. आज अपने प्रिय को कोई विशेष उपहार भी दे सकते हैं. परिजनों के साथ धार्मिक स्थल या किसी मंदिर जाने से आपका मन खुश रहेगा. प्रोफेशनल मोर्चे पर कार्यालय या व्यापार में कार्यभार अधिक रहेगा. इसे पूरा करने में थकान का अनुभव हो सकता है. आर्थिक लाभ होने की संभावना है. बिजनेस के लिए कोई छोटी यात्रा भी हो सकती है. स्वास्थ्य के मामले में लापरवाही ना करें.

मिथुन- 22 सितंबर, 2026 मंगलवार को मकर राशि का चंद्रमा आज आपके लिए आठवें भाव में होगा. नकारात्मक विचारों से आज आप दूर रहें. नए काम की शुरुआत आज बिल्कुल ना करें. गुस्से की भावना को संयम में नहीं रखेंगे, वाद-विवाद बड़े झगड़ों का रूप ले सकता है. खर्च अधिक होगा. धन की कमी महसूस हो सकती है. नेगेटिव विचारों से दूर रहें. आध्यात्मिकता और ईश्वर की प्रार्थना से राहत महसूस करेंगे. प्रेम प्रसंगों के लिए आज का दिन अच्छा है. विद्यार्थियों को अपना असाइनमेंट पूरा करने के लिए अतिरिक्त मेहनत करना होगी.

कर्क- 22 सितंबर, 2026 मंगलवार को मकर राशि का चंद्रमा आज आपके लिए सातवें भाव में होगा. आज का दिन दोस्तों और स्वजनों के साथ आनंदपूर्वक गुजार सकेंगे. मनोरंजक प्रवृत्तियों में आपका ध्यान ज्यादा होगा. व्यापार में भी लाभ होने की संभावना अधिक है. भागीदारों से भी लाभ होगा. छोटी यात्रा या पर्यटन का आयोजन हो सकता है. सामाजिक रूप से मान-सम्मान प्राप्त होगा. प्रेम जीवन के लिए समय अच्छा है. आज स्वास्थ्य की दृष्टि से दिन मध्यम फलदायक है. आपको बाहर खाने-पीने से बचना चाहिए.

सिंह- 22 सितंबर, 2026 मंगलवार को मकर राशि का चंद्रमा आज आपके लिए छठे भाव में होगा. मानसिक चिंता से मन व्यथित रहेगा. शंका और उदासी भी छाई रहेगी, इसलिए आज मन भारी रहेगा. किसी कारणवश दैनिक कामों में विघ्न आ सकते हैं. व्यवसाय में सहकर्मियों का सहयोग आज नहीं के बराबर मिलेगा. अधिकारियों से विवाद ना करें. काम का उचित परिणाम ना मिलने से निराशा रहेगी. जीवनसाथी के साथ आपका मतभेद भी हो सकता है.

कन्या- 22 सितंबर, 2026 मंगलवार को मकर राशि का चंद्रमा आज आपके लिए पांचवें भाव में होगा. आज विद्यार्थियों के लिए समय कठिन है. संतान के विषय में भी आपको चिंता बनी रहेगी. निवेश करने से पहले आपको कई बार सोचना होगा. मन में खिन्नता का अनुभव होगा. आज बौद्धिक चर्चाओं में न उतरना आपके लिए हितकारी रहेगा. जीवनसाथी के साथ आपके संबंध मधुर बने रहेंगे. दोपहर बाद कार्यस्थल पर आपके लिए अच्छा समय रहेगा. सहकर्मी आपके काम में मदद करेंगे.

तुला- 22 सितंबर, 2026 मंगलवार को मकर राशि का चंद्रमा आज आपके लिए चौथे भाव में होगा. आज आप शारीरिक रूप से शिथिलता और मानसिक रूप से चिंता का अनुभव करेंगे. माता के स्वास्थ्य के विषय में चिंता होगी. स्थायी संपत्ति से संबंधित कामों में सावधानी बरतें. कहीं घूमने जाने की योजना को आज हर संभव टालने का प्रयास करें. पारिवारिक वातावरण में कलह हो सकता है. सामाजिक रूप से अपमानित होना पड़ सकता है. विवाद टालें. हो सके तो आज ज्यादातर समय मौन रहकर गुजारें.

वृश्चिक- 22 सितंबर, 2026 मंगलवार को मकर राशि का चंद्रमा आज आपके लिए तीसरे भाव में होगा. कार्य सफलता, आर्थिक लाभ और भाग्यवृद्धि के लिए अच्छा दिन है. नए काम की शुरुआत भी कर सकते हैं. भाई- बंधुओं का व्यवहार आज अधिक सहयोगपूर्ण और प्रेमपूर्ण रहेगा. विरोधियों को परास्त कर सकेंगे. प्रिय व्यक्ति के साथ मिलन होने से मन आनंद का अनुभव करेगा. कोई छोटी यात्रा होगी. स्वास्थ्य अच्छा बना रहेगा. आपके लिए समय लाभ का है. विद्यार्थियों का मन भी आज पढ़ाई में लगेगा.

धनु- 22 सितंबर, 2026 मंगलवार को मकर राशि का चंद्रमा आज आपके लिए दूसरे भाव में होगा. आपका आज का दिन मध्यम फलदायी साबित होगा. परिवार के सदस्यों के साथ गलतफहमी पैदा होने के कारण मनमुटाव होगा. आज आपके व्यवहार में दृढ़ता कम होने से कोई भी निर्णय तेजी से नहीं ले सकेंगे. आज कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें. व्यर्थ धन खर्च और कार्यभार आपके मन को चितिंत रखेंगे. कार्यस्थल पर आपका मन नहीं लगेगा. हो सकता है आपको आज अपना टारगेट पूरा करने में दूसरों से मदद लेने की जरूरत पड़ जाए.

मकर- 22 सितंबर, 2026 मंगलवार को मकर राशि का चंद्रमा आज आपके लिए पहले भाव में होगा. दिन की शुरुआत ईश्वर स्मरण से होने से मन प्रफुल्लित रहेगा. पारिवारिक वातावरण मंगलमय रहेगा. मित्रों, स्नेहीजनों से आपको उपहार प्राप्त होगा. नौकरी और व्यापार के स्थान पर आपका प्रभाव बना रहेगा. आपके काम से अधिकारी संतुष्ट होंगे. आपके काम आज सरलता से पूरे होंगे. आप अनुकूल स्थिति का लाभ ले सकेंगे. मानसिक रूप से शांति बनी रहेगी. शारीरिक कष्ट दूर होंगे. हालांकि फिर भी आपको स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना होगा.

कुंभ- 22 सितंबर, 2026 मंगलवार को मकर राशि का चंद्रमा आज आपके लिए बारहवें भाव में होगा. आज किसी का पक्ष ना लें. पैसे के लेन-देन से परहेज करें. खर्च में वृद्धि होगी. स्वास्थ्य का ध्यान रखें. परिजनों के साथ वाद-विवाद से बचें. किसी के साथ गलतफहमी होने से झगड़ा होगा. क्रोध को नियंत्रण में रखना पड़ेगा. ऐसा न हो कि किसी का भला करने मुसीबत आ जाए. दुर्घटना का भय रहेगा. आपको वाहन आदि का उपयोग बेहद ध्यान से करना चाहिए. प्रेम प्रसंग के लिए आज का दिन औसत फलदायी है.

मीन- 22 सितंबर, 2026 मंगलवार को मकर राशि का चंद्रमा आज आपके लिए ग्यारहवें भाव में होगा. आज आपके लिए लाभदायक दिन है. नौकरी और व्यवसाय में लाभ मिलेगा. बुजुर्ग का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होगा. मित्रों से आपको सहयोग मिलेगा. नए मित्र बनेंगे. इनसे मित्रता भविष्य के लिए लाभदायक साबित होगी. मांगलिक अवसरों पर जाना होगा. मित्रों के साथ किसी पर्यटनस्थल की सैर कर सकते हैं. संतान और पत्नी से शुभ समाचार मिलेगा. आकस्मिक धन लाभ होगा.

CG Crime News: रायपुर में 22 किलो गांजा तस्करी का भंडाफोड़, पुलिस को देखकर भागी कार डिवाइडर से टकराई; 11 पैकेट बरामद

रायपुर। राजधानी रायपुर में अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए माना कैंप थाना पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ओडिशा से गांजा लेकर अल्टो कार से दुर्ग की ओर जा रहा था। मछली मार्केट के पास पुलिस की नाकेबंदी देखकर उसने वाहन रोकने के बजाय भागने का प्रयास किया, लेकिन कुछ दूर जाकर कार दूसरे वाहन और डिवाइडर से टकराकर रुक गई।कार की तलाशी के दौरान पुलिस को करीब 22 किलो गांजा मिला। पुलिस ने गांजा और तस्करी में इस्तेमाल कार को जब्त किया है। जब्त माल की कुल कीमत करीब 13.48 लाख रुपये बताई गई है।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने लगाया नाका

पुलिस के अनुसार 20 सितंबर की रात करीब 11:45 बजे सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति कार से ओडिशा की ओर से गांजा लेकर दुर्ग की तरफ जा रहा है। सूचना मिलते ही माना कैंप पुलिस ने मछली मार्केट के पास नाकेबंदी कर वाहनों की जांच शुरू कर दी।इसी दौरान सीजी 04 एनएन 6018 नंबर की अल्टो कार पुलिस के घेरे में आई। पुलिस ने चालक को रुकने का संकेत दिया, लेकिन उसने वाहन रोकने के बजाय तेज रफ्तार से आगे बढ़ाने की कोशिश की। पीछा करने के दौरान कार दूसरे वाहन से टकराई और हाट बाजार के पास डिवाइडर से जा भिड़ी। इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर चालक को पकड़ लिया।

डिक्की खोलते ही पुलिस को मिली गांजे की गंध

पूछताछ के दौरान चालक ने शुरुआत में पुलिस को कथित तौर पर गुमराह करने की कोशिश की। पुलिस ने जब कार की डिक्की की जांच की तो गांजे जैसी गंध महसूस हुई। इसके बाद गवाहों की मौजूदगी में डिक्की की तलाशी ली गई।तलाशी में दो सफेद-पीले रंग के बैग मिले। दोनों बैगों के भीतर खाकी रंग के टेप से लपेटकर रखे गए 11 पैकेट बरामद हुए। जांच में इन पैकेटों से कुल 21.964 किलो गांजा मिला।

दुर्ग में खपाने की तैयारी का पुलिस का दावा

पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपी की पहचान राजेंद्र यादव के रूप में हुई है। वह डिपरापारा, सोनासिल्ली, पिथौरा, महासमुंद का रहने वाला बताया गया है।पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को कथित तौर पर बताया कि गांजा ओडिशा से लाया गया था और इसे दुर्ग में बिक्री के लिए ले जाया जा रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गांजा कहां से खरीदा गया था और इसके पीछे किसी बड़े तस्करी नेटवर्क की भूमिका है या नहीं।

NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज, आरोपी जेल भेजा गया

माना कैंप थाना पुलिस ने गांजा और तस्करी में इस्तेमाल अल्टो कार को जब्त कर लिया है। आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20(B)(ii)(C) के तहत अपराध क्रमांक 245/2026 दर्ज किया गया है।पुलिस ने आरोपी को 20 सितंबर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। अब जांच टीम तस्करी के स्रोत और संभावित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।

दुर्ग में चैन स्नैचिंग का चौंकाने वाला खुलासा, इंजीनियरिंग के छात्र निकले आरोपी; एक ही बुजुर्ग महिला को दो बार बनाया निशाना

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में चैन स्नैचिंग के एक मामले की जांच के दौरान पुलिस के सामने ऐसा खुलासा हुआ, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। पुलिस के मुताबिक, वारदातों को अंजाम देने वाले कोई पुराने या पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे दो युवा छात्र हैं। पुलिस का दावा है कि आर्थिक परेशानी और अपने शौक पूरे करने की चाहत में दोनों ने अपराध का रास्ता चुना।

एक ही महिला को दो बार बनाया निशाना

पुलिस के मुताबिक, पहली वारदात 31 जुलाई को सुपेला थाना क्षेत्र के प्रियदर्शनी परिसर में हुई थी। 62 वर्षीय गीता देवी सुबह करीब 6:32 बजे घर के सामने टहल रही थीं। इसी दौरान स्कूटी पर सवार एक युवक और युवती वहां पहुंचे। पीछे बैठे व्यक्ति ने कथित तौर पर महिला के गले से सोने की चैन झपट ली और दोनों मौके से फरार हो गए।मामला यहीं नहीं रुका। पुलिस के अनुसार 20 सितंबर को नेहरू नगर ईस्ट की विद्या विहार कॉलोनी में भी गीता देवी को दोबारा निशाना बनाया गया। एक ही महिला के साथ दो बार चैन स्नैचिंग की घटना सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच तेज कर दी।

CCTV और तकनीकी जांच से मिला सुराग

लगातार सामने आ रही शिकायतों के बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। इसके साथ ही तकनीकी साक्ष्यों का भी सहारा लिया गया। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को संदिग्धों तक पहुंचने के लिए महत्वपूर्ण सुराग मिले।एएसपी मणिशंकर चंद्रा के मुताबिक, आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए हेलमेट और कपड़ों का इस्तेमाल करते थे। पुलिस के अनुसार दोनों सुबह के समय स्कूटी से ऐसे इलाकों में पहुंचते थे, जहां बुजुर्ग महिलाएं टहलने के लिए निकलती थीं।

पूछताछ में सामने आई छात्रों की कहानी

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विक्की नायक और तरुणा सिन्हा को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों के बारे में पता चला कि वे इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे और एक-दूसरे के दोस्त हैं।पुलिस के अनुसार 23 वर्षीय विक्की नायक मूल रूप से बालाघाट, मध्य प्रदेश का रहने वाला है और दुर्ग के तितुरडीह में रहकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। वहीं 20 वर्षीय तरुणा सिन्हा राजनांदगांव की रहने वाली है और तितुरडीह में रहकर तकनीकी शिक्षा ले रही थी।

पैसों की जरूरत और शौक पूरा करने के लिए अपराध का आरोप

प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को दोनों से जुड़ी वारदातों के पीछे आर्थिक परेशानी और शौक पूरा करने की बात सामने आने का दावा किया गया है। पुलिस का कहना है कि दोनों ने कम समय में पैसा हासिल करने के लिए चैन स्नैचिंग का रास्ता अपनाया।हालांकि, अपराध की वास्तविक परिस्थितियों और दोनों की भूमिका से जुड़े सभी तथ्यों का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगा।

सोने की चैन का हिस्सा और स्कूटी जब्त

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर लूटी गई सोने की चैन का हिस्सा और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी बरामद करने का दावा किया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों ने कितनी वारदातों को अंजाम दिया और क्या चैन स्नैचिंग की अन्य घटनाओं में भी उनकी भूमिका रही है।

टाटा पावर के बिजली वितरण लाइसेंस के खिलाफ विकास उपाध्याय ने दायर की याचिका

रायपुर- 21 सितंबर 2026

रायपुर, धरसीवा, मंदिर हसौद और अभनपुर तहसील क्षेत्रों में टाटा पावर को बिजली वितरण लाइसेंस दिए जाने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए पूर्व संसदीय सचिव एवं कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने न्यायालय में याचिका दायर की है।

उन्होंने आरोप लगाया कि निजी कंपनी को बिजली वितरण में प्रवेश देने से सरकारी बिजली वितरण व्यवस्था और उपभोक्ताओं पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) के रिकॉर्ड के अनुसार टाटा पावर कंपनी लिमिटेड ने याचिका क्रमांक 89/2026 के माध्यम से रायपुर जिले के इन चार तहसील क्षेत्रों में वितरण लाइसेंस के लिए आवेदन किया है। आयोग ने इस मामले में 1 अक्टूबर 2026 को सुबह 11.30 बजे जनसुनवाई निर्धारित की है। फिलहाल टाटा पावर को लाइसेंस नहीं मिला है और मामला नियामकीय प्रक्रिया में है।

विकास उपाध्याय ने कहा कि चारों क्षेत्रों में समानांतर वितरण व्यवस्था शुरू होने से छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी (CSPDCL) के राजस्व पर असर पड़ सकता है।

उन्होंने दावा किया कि टाटा पावर ने अपने आवेदन में आगामी पांच वर्षों में नेटवर्क विकसित करने के लिए करीब 435 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। उपाध्याय ने सवाल उठाया कि इतने निवेश से इतने बड़े क्षेत्र में आवश्यक सब-स्टेशन और बिजली लाइनों का पूरा नेटवर्क कैसे तैयार होगा।

उन्होंने निजी बिजली वितरण व्यवस्था को लेकर महाराष्ट्र और ओडिशा के कुछ क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि इससे उपभोक्ताओं के लिए बिजली दर और सेवा से जुड़े नए सवाल खड़े हो सकते हैं। उन्होंने स्मार्ट मीटर और बिजली बिलों में कथित बढ़ोतरी का मुद्दा भी उठाया।

उपाध्याय ने आरोप लगाया कि निजी कंपनी को केवल अधिक राजस्व वाले क्षेत्रों में प्रवेश मिलने से सरकारी कंपनी पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है और इसका असर किसानों तथा गरीब उपभोक्ताओं को मिलने वाली क्रॉस-सब्सिडी व्यवस्था पर पड़ सकता है। उन्होंने ‘पीएम सूर्य घर योजना’ और औद्योगिक बिजली दरों को लेकर भी केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा।

उन्होंने मांग की कि टाटा पावर की याचिका खारिज की जाए। उपाध्याय ने कहा कि यदि निजीकरण की दिशा में आगे बढ़ने की कोशिश हुई तो कांग्रेस सड़क से विधानसभा तक आंदोलन करेगी। याचिका अधिवक्ता शशांक मिश्रा, शुभेंद्रु प्रकाश राय और संतोष कुमार के माध्यम से दायर की गई है।

133 गांवों की बिजली व्यवस्था पर कर्मचारियों का टोटा, एक JE के भरोसे 5800 उपभोक्ता; बारिश और कृषि सीजन में बढ़ती चुनौती

CG News:  राजनांदगांव जिले के दाढ़ी विद्युत उप संभाग में मैदानी कर्मचारियों की कमी का असर ग्रामीण इलाकों की बिजली व्यवस्था पर पड़ रहा है। उप संभाग के अंतर्गत आने वाले 133 गांवों में हजारों घरेलू, गैर घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति से जुड़ी सेवाएं सीमित अधिकारी और कर्मचारियों के भरोसे संचालित हो रही हैं।पूरे उप संभाग में फिलहाल केवल एक सहायक यंत्री और एक कनिष्ठ यंत्री पदस्थ हैं। खास बात यह है कि करीब 5800 उपभोक्ताओं से जुड़ी जिम्मेदारी एक ही कनिष्ठ यंत्री के पास है। वहीं तीनों वितरण केंद्रों में भी स्वीकृत पदों की तुलना में मैदानी अमले की कमी बनी हुई है।

फॉल्ट बढ़े तो सीमित अमले के सामने बड़ी चुनौती

ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली लाइन में खराबी, ट्रांसफार्मर जलने, खंभे टूटने या तार टूटने जैसी शिकायतें सामान्य तौर पर सामने आती रहती हैं। बारिश और तेज आंधी-तूफान के दौरान ऐसी तकनीकी समस्याएं बढ़ जाती हैं। कृषि सीजन में सिंचाई के लिए बिजली की मांग बढ़ने से व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव आता है।ऐसे समय यदि अलग-अलग गांवों से एक साथ बिजली बाधित होने की शिकायतें पहुंचती हैं तो सीमित कर्मचारियों के सामने पहले किस स्थान पर सुधार कार्य किया जाए, यह तय करना चुनौती बन जाता है।

दाढ़ी: 52 गांवों की जिम्मेदारी सिर्फ चार लाइनमैन पर

दाढ़ी वितरण केंद्र के अंतर्गत पांच मुख्यालय और 52 गांव आते हैं। यहां करीब 20 हजार कृषि, घरेलू और गैर घरेलू उपभोक्ता हैं। इतने बड़े क्षेत्र और उपभोक्ता संख्या के बावजूद मैदानी स्तर पर केवल चार कर्मचारी उपलब्ध हैं।इनमें एक नियमित और तीन संविदा लाइनमैन शामिल हैं। 11 केवी लाइन में खराबी, बिजली के खंभे टूटने, तार टूटने या ट्रांसफार्मर में खराबी जैसी स्थिति में इन्हीं कर्मचारियों को मौके पर पहुंचकर सुधार करना होता है।यदि एक साथ कई गांवों से शिकायत आती है तो चार कर्मचारियों के लिए सभी स्थानों पर तुरंत पहुंचना संभव नहीं हो पाता। इससे कुछ इलाकों में बिजली बहाली में अतिरिक्त समय लगने की स्थिति बन सकती है।

कारेसरा में 47 गांव, दो लाइनमैन के जिम्मे व्यवस्था

कारेसरा वितरण केंद्र में तीन मुख्यालय के साथ 47 गांव शामिल हैं। यहां करीब 2400 उपभोक्ताओं की बिजली व्यवस्था की जिम्मेदारी केवल दो नियमित लाइनमैन संभाल रहे हैं।इन कर्मचारियों को लाइन रखरखाव, तकनीकी फॉल्ट सुधार और उपभोक्ताओं से मिलने वाली शिकायतों के निराकरण का काम देखना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्र में गांवों के बीच दूरी अधिक होने के कारण एक स्थान पर सुधार कार्य चलने के दौरान दूसरे गांव की शिकायत तक पहुंचने में समय लग सकता है।कृषि सीजन में सिंचाई के लिए बिजली की मांग बढ़ने पर मैदानी कर्मचारियों पर काम का दबाव और बढ़ने की संभावना रहती है।

प्रतापपुर में छह कर्मचारी संभाल रहे 34 गांव

प्रतापपुर वितरण केंद्र में तीन नियमित और तीन संविदा कर्मचारी पदस्थ हैं। इस केंद्र के अंतर्गत चार मुख्यालय और 34 गांव आते हैं। करीब 1400 उपभोक्ताओं की बिजली व्यवस्था इसी वितरण केंद्र के माध्यम से संचालित होती है।अन्य केंद्रों की तुलना में यहां मैदानी कर्मचारियों की संख्या अधिक है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र का विस्तार और तकनीकी शिकायतों के कारण कर्मचारियों को लगातार फील्ड में सक्रिय रहना पड़ता है।

एक JE के पास 5800 उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी

दाढ़ी विद्युत उप संभाग में अधिकारियों की संख्या भी सीमित है। करीब 5800 उपभोक्ताओं से जुड़े काम की जिम्मेदारी एकमात्र कनिष्ठ यंत्री के पास है। इसके साथ ही बिजली वितरण व्यवस्था की निगरानी, फील्ड से आने वाली तकनीकी समस्याओं का समन्वय और कर्मचारियों से संबंधित काम भी अधिकारियों को संभालना पड़ता है।ग्रामीण क्षेत्र में बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए मैदानी अमला महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में स्वीकृत जरूरत के मुकाबले कर्मचारियों की कमी बनी रहने से बारिश, आंधी-तूफान और कृषि सीजन जैसे व्यस्त समय में व्यवस्था पर दबाव बढ़ना स्वाभाविक है।