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Thursday, October 29, 2026
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नकली लेबल-होलोग्राम से शराब की पैकेजिंग का खेल, 6 और आरोपी गिरफ्तार; 62 बोतल समेत 1.50 लाख का सामान जब्त

 राजनांदगांव। जिले में अवैध शराब के कारोबार और नकली लेबल-होलोग्राम के जरिए शराब की पैकेजिंग से जुड़े मामले में पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। डोंगरगढ़ थाना और मोहारा पुलिस चौकी की टीम ने 21 सितंबर को छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से अलग-अलग ब्रांड की शराब के साथ नकली होलोग्राम स्टीकर, शराब के लेबल, ढक्कन, मोबाइल फोन और दो वाहन सहित अन्य सामग्री बरामद की गई है।पुलिस के अनुसार इस कार्रवाई में कुल 62 नग शराब जब्त हुई, जिसकी मात्रा 11.160 लीटर और अंकित कीमत 3,368 रुपये है। शराब और अन्य जब्त सामान की कुल अनुमानित कीमत करीब 1.50 लाख रुपये बताई गई है।

Grand i10 से मिली 21 बोतल शराब

अपराध क्रमांक 537/2026 की जांच के दौरान पुलिस ने मोहारा निवासी कुमार वर्मा को पकड़ा। उसके कब्जे से सिल्वर रंग की Grand i10 कार जब्त की गई। कार की तलाशी में 180 एमएल की 21 बोतल रॉयल गोआ व्हिस्की मिली। इनकी कुल मात्रा 3.780 लीटर और अंकित कीमत करीब 798 रुपये बताई गई है।मामले की जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर कुमार वर्मा की पत्नी दिनेश्वरी वर्मा को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ अलग से शराब की जब्ती दर्ज नहीं है।

नकली होलोग्राम और शराब के लेबल भी बरामद

मोहारा निवासी पूरन वर्मा के पास से पुलिस को अधजला होलोग्राम स्टीकर, अधजला जम्मू शराब का लेबल, राख का अवशेष और Redmi-12 मोबाइल फोन मिला। वहीं राजेश्वर वर्मा के कब्जे से 15 होलोग्राम स्टीकर, जम्मू स्पेशल व्हिस्की का एक लेबल और पांच लाल रंग के ढक्कन जब्त किए गए हैं।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन लेबल और होलोग्राम का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा था और इन्हें आरोपियों तक कौन पहुंचा रहा था।

एक्टिवा से भी मिली शराब

डोंगरगढ़ के बुधवारी पारा निवासी ओमप्रकाश साहू के पास से 5 नग रॉयल गोआ व्हिस्की और 16 नग सुपर छत्तीसगढ़ शराब बरामद की गई। कुल 21 नग शराब की मात्रा 3.780 लीटर बताई गई है, जिसकी अंकित कीमत करीब 1,790 रुपये है।उसके कब्जे से एक ओप्पो मोबाइल फोन और बिना नंबर प्लेट की काले रंग की एक्टिवा स्कूटी भी जब्त की गई है।इसी कार्रवाई में मुढ़िया निवासी गौतम बाई के पास से 180 एमएल की 20 नग रॉयल गोआ स्ट्रीट व्हिस्की मिली। इनकी कुल मात्रा 3.600 लीटर और अंकित कीमत करीब 780 रुपये है। पुलिस के मुताबिक इन बोतलों पर उत्तराखंड का लेबल लगा हुआ था। आरोपी के पास से मोबाइल फोन भी जब्त किया गया।

पहले भी छह आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक इस मामले में इससे पहले दऊआ वर्मा, नंद किशोर वर्मा, तेजेश्वर साहू, देवव्रत वर्मा, आनंद अग्रवाल और जयकरण सिन्हा की गिरफ्तारी हो चुकी है। पिछली कार्रवाई में भी अवैध शराब के अलावा शराब के लेबल, होलोग्राम स्टीकर, खाली बोतल, ढक्कन और प्रिंटिंग व पैकेजिंग से जुड़ी सामग्री बरामद की गई थी।

मोबाइल और UPI लेन-देन की भी जांच

पुलिस अब मामले को केवल शराब की बरामदगी तक सीमित नहीं रख रही है। जब्त मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिले डिजिटल साक्ष्यों की जांच कराई जा रही है। इसके अलावा UPI लेन-देन और कॉल डिटेल की भी पड़ताल की जा रही है।जांच में साक्ष्य मिटाने या नष्ट करने, आपराधिक साजिश और सामूहिक रूप से अपराध किए जाने से जुड़े पहलुओं को भी शामिल किया गया है।

नकली लेबल से लेकर सप्लाई नेटवर्क तक जांच

पुलिस शराब के वास्तविक स्रोत का पता लगाने के साथ यह भी जांच कर रही है कि नकली लेबल और होलोग्राम कहां से हासिल किए गए। इनकी पैकेजिंग, परिवहन और वितरण में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।जब्त शराब, लेबल, होलोग्राम और पैकेजिंग सामग्री को आबकारी विभाग के जरिए जांच के लिए भेजा जा रहा है। जरूरत पड़ने पर FSL और संबंधित निर्माण इकाइयों से भी सत्यापन कराया जाएगा।इस मामले में फरार आरोपियों और पहले गिरफ्तार किए जा चुके लोगों के बीच संभावित कनेक्शन की भी जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच से सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

छत्तीसगढ़ में अभी थमेगी नहीं बारिश, 23-24 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट…जानें मौसम का पूरा अपडेट

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियां फिलहाल बनी हुई हैं और आने वाले दिनों में बारिश का दौर और तेज हो सकता है। मौसम विभाग के रायपुर केंद्र की 20 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटे के दौरान हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी दर्ज की गई। इस अवधि में जगदलपुर में 43.6 मिमी और पेंड्रा रोड में 38 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।प्रदेश में अब तक हुई मौसमी बारिश सामान्य औसत से करीब 6 प्रतिशत कम है। हालांकि अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है।

23 और 24 सितंबर को कई इलाकों में तेज बारिश के आसार

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 21 और 22 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके बाद 23 और 24 सितंबर को बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है।इन दोनों दिनों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। 25 सितंबर को भी प्रदेश के एक-दो स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है।

बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बढ़ाएगा बारिश की गतिविधि

प्रदेश में बारिश बढ़ने की प्रमुख वजह बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र बताया गया है। मौसम विभाग के अनुसार यह सिस्टम आगे बढ़ते हुए 21 सितंबर को अवदाब और 22 सितंबर को गहरे अवदाब में बदल सकता है।इसके बाद इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। इसी मौसमी सिस्टम के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने का अनुमान है।

रायपुर में बादल और बारिश के आसार

राजधानी रायपुर में भी मौसम के बदले मिजाज का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने शहर में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ एक-दो दौर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछार पड़ने की संभावना जताई है।रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान था। माना एयरपोर्ट पर अधिकतम तापमान 34 डिग्री दर्ज किया गया।

बिजली गिरने के दौरान सावधानी बरतने की सलाह

बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। गरज की आवाज सुनाई देने पर खुले स्थानों से हटकर सुरक्षित और पक्के भवन में रहने की सलाह दी गई है।लोगों को पेड़ों के नीचे खड़े होने और बिजली की लाइनों के आसपास जाने से बचने को कहा गया है। वहीं किसानों और व्यापारियों को कृषि मंडियों या खुले स्थानों में रखी उपज को बारिश से बचाने के लिए सुरक्षित जगह पर रखने की सलाह दी गई है।

भिलाई में 36 भरे गैस सिलेंडर चोरी का खुलासा, 2 हजार में बेच रहे थे आरोपी; तीन दिन में 8 गिरफ्तार

 दुर्ग। भिलाई में खड़ी मालवाहक गाड़ी से 36 भरे इंडेन गैस सिलेंडर चोरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने तीन दिन के भीतर पता लगा लिया। जांच के दौरान पुलिस ने चोरी के सिलेंडरों की बरामदगी के साथ वारदात में इस्तेमाल वाहन भी जब्त किया है। मामले में पुलिस ने कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

साक्षरता चौक के पास खड़ी गाड़ी से गायब हुए थे सिलेंडर

मामला भिलाई के कैंप-01 स्थित साक्षरता चौक के पास सर्विस रोड का है। 18 सितंबर को यहां खड़ी महिंद्रा मैक्सेमो प्लस गाड़ी से 36 भरे हुए इंडेन सिलेंडर चोरी हो गए थे। अगले दिन घनश्याम कुर्रे ने छावनी थाने पहुंचकर घटना की शिकायत दर्ज कराई।शिकायत के आधार पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 303(2) के तहत अपराध दर्ज किया और आरोपियों की तलाश शुरू की।

पूछताछ में खुली चोरी की पूरी कड़ी

जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर पुलिस प्रमोद देवांगन तक पहुंची। पूछताछ में पुलिस के मुताबिक उसने चोरी में शामिल होने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने उससे मिले इनपुट के आधार पर अन्य आरोपियों और चोरी के सिलेंडरों की तलाश शुरू की।पुलिस के अनुसार, चोरी किए गए 36 सिलेंडरों में से 16 को जामुल स्थित जय अंबे शोरूम के पीछे छिपाकर रखा गया था। वहीं बाकी 20 सिलेंडरों को आरोपियों ने करीब 2-2 हजार रुपये प्रति सिलेंडर के हिसाब से बेच दिया था।

चोरी के सिलेंडर और वारदात में इस्तेमाल वाहन बरामद

आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर दबिश देकर चोरी के सिलेंडर बरामद किए। पुलिस ने 20 सिलेंडर बरामद किए, जबकि बैकुंठ धाम दशहरा मैदान के पास से वारदात में इस्तेमाल वाहन और 5 अन्य सिलेंडर भी जब्त किए गए।पुलिस के मुताबिक बरामद सामान की कुल अनुमानित कीमत करीब 3.50 लाख रुपये है।

8 आरोपी गिरफ्तार, सभी भेजे गए जेल

इस मामले में पुलिस ने प्रमोद देवांगन के अलावा सुरेंद्र कुशवाहा, ओमप्रकाश वर्मा, गोपीचंद यादव, बुद्धसेन साहू, लता वर्मा, उर्वशी पटेल और तुकेश्वरी साहू को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि चोरी किए गए सिलेंडरों की बिक्री और इस पूरी वारदात में आरोपियों की भूमिका किस तरह जुड़ी हुई थी।

CG High Court: ST कर्मचारी को प्रमोशन प्रक्रिया से बाहर करना पड़ा भारी, हाईकोर्ट ने 90 दिन में DPC दोबारा करने का दिया आदेश

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पदोन्नति से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि अनारक्षित पद किसी एक सामान्य वर्ग के लिए तय नहीं होता। यदि अनुसूचित जनजाति वर्ग का कोई कर्मचारी वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर अनारक्षित पद के लिए पात्र है, तो उसके नाम पर भी पदोन्नति के दौरान विचार किया जाना चाहिए।मामला रायपुर के काशीराम नगर निवासी 53 वर्षीय अलख राम ध्रुव से जुड़ा है। वे स्कूल शिक्षा विभाग के लोक शिक्षण संचालनालय में सहायक ग्रेड-1 के पद पर कार्यरत रहे हैं और अनुसूचित जनजाति वर्ग से आते हैं।

2016 की DPC में नहीं किया गया था नाम पर विचार

वर्ष 2016 में सहायक अधीक्षक पद पर पदोन्नति के लिए विभागीय पदोन्नति समिति यानी DPC की बैठक हुई थी। उस समय दो पद उपलब्ध थे। इनमें एक पद अनारक्षित और दूसरा अनुसूचित जाति वर्ग के लिए था।अलख राम ध्रुव का आरोप था कि वरिष्ठ होने के बावजूद उन्हें केवल इस आधार पर पदोन्नति की प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया कि अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए कोई रिक्त पद उपलब्ध नहीं था। वहीं उनसे कनिष्ठ कर्मचारियों के नामों पर पदोन्नति के लिए विचार किया गया।

वरिष्ठ होने के बावजूद कनिष्ठ कर्मचारियों के नाम पर विचार

वरिष्ठता सूची के अनुसार अलख राम ध्रुव, सुनील कुमार भूमरकर और शैलेश शर्मा से वरिष्ठ थे। इसके बावजूद 2016 की DPC में सहायक अधीक्षक पद के लिए दोनों कनिष्ठ कर्मचारियों के नाम पर विचार किया गया।इसी कार्रवाई को चुनौती देते हुए अलख राम ध्रुव ने हाईकोर्ट का रुख किया और पदोन्नति प्रक्रिया में अपने नाम पर भी विचार किए जाने की मांग की।

राज्य सरकार ने कोर्ट में क्या दलील दी?

राज्य सरकार की ओर से सरकारी अधिवक्ता अखिलेश कुमार ने याचिका का विरोध किया। सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि उस समय अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए कोई पद उपलब्ध नहीं था।सरकार के मुताबिक वर्ष 2016 में उपलब्ध दोनों पद आरक्षण रोस्टर के अनुसार भरे गए थे और विभागीय पदोन्नति की प्रक्रिया संबंधित नियमों के तहत ही पूरी की गई थी।

हाईकोर्ट ने अनारक्षित पद को लेकर क्या कहा?

मामले की सुनवाई जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की पीठ ने की। अदालत ने स्पष्ट किया कि अनारक्षित पद किसी विशेष सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित नहीं माना जा सकता।यदि आरक्षित वर्ग का कर्मचारी वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर अनारक्षित पद के लिए पात्रता रखता है, तो उसके नाम पर भी पदोन्नति के लिए विचार किया जाना जरूरी है। इसी आधार पर अदालत ने अलख राम ध्रुव के मामले में दोबारा विभागीय समीक्षा का निर्देश दिया।

90 दिन के भीतर दोबारा होगी DPC

हाईकोर्ट ने विभागीय पदोन्नति समिति की समीक्षा बैठक आयोजित करने का आदेश दिया है। इसमें अलख राम ध्रुव के नाम पर सहायक अधीक्षक पद पर पदोन्नति के लिए नए सिरे से विचार किया जाएगा।अदालत ने विभाग को यह पूरी प्रक्रिया 90 दिनों के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया है। इस आदेश के बाद अब संबंधित विभाग को नियमों के अनुसार अलख राम ध्रुव की वरिष्ठता और योग्यता को ध्यान में रखते हुए उनके पदोन्नति दावे पर दोबारा निर्णय लेना होगा।

छत्तीसगढ़ में व्याख्याता भर्ती का बड़ा मौका, 854 पदों पर होगी नियुक्ति, नवंबर में संभावित परीक्षा…जानिए किन विषयों में कितने पद

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। स्कूल शिक्षा विभाग में व्याख्याता के 854 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। यह भर्ती मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की ओर से स्कूल शिक्षा विभाग में 5 हजार शिक्षकीय पदों पर भर्ती की घोषणा के तहत की जा रही है।लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से भर्ती को लेकर जानकारी जारी कर दी गई है। इसमें ई-संवर्ग और टी-संवर्ग की शालाओं के लिए अलग-अलग पद निर्धारित किए गए हैं।

ई-संवर्ग में 424 और टी-संवर्ग में 430 पद

व्याख्याता के कुल 854 रिक्त पदों में 424 पद ई-संवर्ग की शालाओं के लिए रखे गए हैं। वहीं टी-संवर्ग की शालाओं में 430 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। विषय के आधार पर भी पदों का विवरण तय किया गया है।

किस विषय में कितने पद, यहां देखें पूरी सूची

भर्ती में हिन्दी और अंग्रेजी समेत कई प्रमुख विषयों के लिए पद निकाले गए हैं। विषयवार पदों की संख्या इस प्रकार है:हिन्दी: 120 पद, अंग्रेजी: 120 पद,संस्कृत: 120 पद ,भौतिकी: 94 पद ,राजनीति शास्त्र: 100 पद,इतिहास: 100,पद,भूगोल: 100 पद,अर्थशास्त्र: 100 पद इस तरह अलग-अलग विषयों में कुल 854 व्याख्याता पदों पर भर्ती की जाएगी।

शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा की जानकारी विज्ञापन में होगी

भर्ती में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए शैक्षणिक योग्यता, निर्धारित आयु सीमा और अन्य जरूरी शर्तों की जानकारी विस्तृत भर्ती विज्ञापन में दी जाएगी। इसलिए आवेदन से पहले अभ्यर्थियों को आधिकारिक विज्ञापन में दी गई पात्रता और नियमों को ध्यान से देखना होगा।

CGSSB कराएगा लिखित परीक्षा, 29 नवंबर को संभावित एग्जाम

व्याख्याता पदों के लिए लिखित भर्ती परीक्षा छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल यानी CGSSB द्वारा आयोजित की जाएगी। परीक्षा का पाठ्यक्रम भी CGSSB की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा।फिलहाल लिखित परीक्षा की संभावित तारीख 29 नवंबर 2026 तय की गई है। हालांकि अंतिम परीक्षा कार्यक्रम और अन्य विवरण संबंधित विभाग की ओर से जारी सूचना के आधार पर ही स्पष्ट होंगे।

आवेदन की तारीख अभी अलग से होगी जारी

भर्ती का विस्तृत विज्ञापन व्यापम की वेबसाइट पर जारी किया जाएगा। वहीं आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी तारीख, ऑनलाइन फॉर्म भरने की शुरुआत और अन्य जरूरी जानकारी CGSSB की ओर से अलग से जारी की जाएगी।अभ्यर्थियों को सलाह है कि भर्ती से जुड़ी आधिकारिक सूचना जारी होने के बाद पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा पाठ्यक्रम और महत्वपूर्ण तारीखों की जानकारी ध्यान से जांच लें।

इन 5 पर्व पर बंद रहेंगी मांस-मटन की दुकानें, होटल और रेस्टोरेंट पर भी लागू होगा आदेश

 रायपुर : नगर निगम ने शहर में पांच प्रमुख धार्मिक पर्वों के मद्देनजर मांस और मटन की बिक्री पर रोक लगाने का फैसला किया है। निर्धारित तारीखों पर निगम क्षेत्र के पशुवध गृह के साथ सभी मांस-मटन की दुकानें बंद रहेंगी। इसके अलावा होटल, रेस्टोरेंट और ऐसे अन्य प्रतिष्ठानों में भी मांस-मटन बेचने या परोसने की अनुमति नही होगी।

महापौर के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया आदेश

नगर निगम की ओर से यह आदेश महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया है। निगम ने साफ किया है कि प्रतिबंधित दिनों में नियम तोडकर मांस-मटन की बिक्री करते पाए जाने पर मौके पर ही सामग्री जब्त की जाएगी। संबंधित व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी।

इन 5 तारीखों पर लागू रहेगा मांस-मटन बिक्री पर प्रतिबंध

नगर निगम के आदेश के अनुसार अलग-अलग धार्मिक पर्वों के अवसर पर पांच दिन मांस-मटन की बिक्री बंद रखी जाएगी। प्रतिबंध की तारीखें इस प्रकार हैं:

14 सितंबर: श्री गणेश चतुर्थी

15 सितंबर: पर्युषण पर्व का अंतिम दिवस

22 सितंबर: डोल ग्यारस

25 सितंबर: अनंत चतुर्दशी

26 सितंबर: पर्युषण पर्व के तहत संवत्सरी और उत्तम क्षमा

पशुवध गृह से लेकर दुकानों तक सभी पर लागू होगा नियम

इन निर्धारित दिनों में निगम क्षेत्र के सभी पशुवध गृह और मांस-मटन की दुकानें बंद रखनी होंगी। निगम ने होटल, रेस्टोरेंट और दूसरे ऐसे प्रतिष्ठानों को भी आदेश के दायरे में रखा है, जहां मांस-मटन की बिक्री या ग्राहकों को इसे परोसने का काम होता है।

जोन स्तर पर होगी निगरानी, अधिकारी करेंगे निरीक्षण

आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए जोन स्वास्थ्य अधिकारियों और स्वच्छता निरीक्षकों को जिम्मेदारी दी गई है। संबंधित अधिकारी अपने क्षेत्रों में निरीक्षण करेंगे और प्रतिबंधित दिनों में मांस-मटन की बिक्री या परोसने की गतिविधि पर नजर रखेंगे।

नियम तोडा तो मौके पर जब्त होगा मांस-मटन

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित तारीखों पर आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। किसी दुकान, होटल या अन्य प्रतिष्ठान में मांस-मटन की बिक्री या परोसना पाया गया तो सामग्री जब्त करने के साथ संबंधित व्यक्ति या संस्था पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

असम में भूपेश बघेल और गौरव गोगोई के काफिले पर पथराव, गाड़ियों के टूटे शीशे; उपचुनाव से पहले गरमाया माहौल

 असम :  नगांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान सोमवार को कांग्रेस नेताओं के काफिले पर कथित पथराव की घटना सामने आई। यह घटना समागुरी के बरमा इलाके में उस समय हुई, जब कांग्रेस नेता चुनाव प्रचार के लिए आगे बढ़ रहे थे। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि काफिले को निशाना बनाया गया, जिसके बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।काफिले में असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई, पूर्व छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री और असम कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल, कांग्रेस प्रत्याशी सिबामोनी बोरा और सांसद रकीबुल हुसैन समेत कई नेता मौजूद थे। रिपोर्ट के मुताबिक, घटना के बाद पुलिस और सुरक्षाबलों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।

काले झंडे और गो बैक के नारों के बाद बिगड़ी स्थिति

कांग्रेस के मुताबिक, काफिला बरमा इलाके से गुजर रहा था, तभी कुछ लोगों ने काले झंडे दिखाए और गो बैक के नारे लगाए। इसके बाद दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच विवाद बढ़ गया और काफिले पर पत्थर फेंके जाने की बात सामने आई। हालांकि, पथराव की शुरुआत किस ओर से हुई, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नही हुई है।

भूपेश बघेल ने BJP पर लगाया गंभीर आरोप

घटना के बाद भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि कांग्रेस के काफिले पर हमला किया गया। उन्होंने दावा किया कि गाड़ियों पर पत्थर फेंके गए और कुछ वाहनों के शीशे टूटे। बघेल ने यह भी कहा कि घटना में कांग्रेस के कुछ साथियो को चोटें आई हैं।बघेल ने घटना को लेकर पुलिस और प्रशासन के सामने शिकायत दर्ज कराने की बात कही। उन्होंने चुनावी माहौल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नही हुई है।

गौरव गोगोई ने भी BJP कार्यकर्ताओं पर लगाया आरोप

गौरव गोगोई ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि जिस वाहन में वह और भूपेश बघेल मौजूद थे, उस पर पत्थर और बोतलें फेंकी गईं। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पुलिस को पहले से भीड़ के बारे में जानकारी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद स्थिति बिगड़ गई।

पुलिस ने संभाला मोर्चा, दो संदिग्ध हिरासत में

घटना के बाद पुलिस और केंद्रीय सुरक्षाबलों की टीम मौके पर पहुंची। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की ओर से लाठीचार्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। पत्रकारों के साथ कथित मारपीट की जानकारी भी सामने आई है।

नगांव उपचुनाव से पहले क्यों अहम है यह घटना

नगांव लोकसभा सीट पर 6 अक्टूबर को मतदान होना है और 9 अक्टूबर को मतगणना होगी। उपचुनाव के प्रचार के दौरान हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज कर दी है।फिलहाल घटना को लेकर कांग्रेस की ओर से BJP पर आरोप लगाए गए हैं, जबकि पथराव की वास्तविक शुरुआत और इसके लिए जिम्मेदार लोगो की भूमिका जांच का विषय है। पुलिस जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

कक्षा 6 की परीक्षा में प्रश्नपत्र की बड़ी चूक, हिंदी के पेपर में एक ही सवाल तीन बार पूछा गया

 रायपुर : कक्षा 6वीं की तिमाही परीक्षा के हिंदी प्रश्नपत्र को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों को दिए गए पेपर में एक ही सवाल तीन अलग-अलग क्रमांकों पर हूबहू दोहराया गया। मामला सामने आने के बाद अभिभावकों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगो ने प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

प्रश्न नंबर 9, 16 और 19 में एक ही सवाल

हिंदी के प्रश्नपत्र में प्रश्न क्रमांक 9, 16 और 19 पर बिल्कुल एक जैसा सवाल पूछा गया। तीनो जगह विद्यार्थियों से पूछा गया था कि मेजर ध्यानचंद की सफलता का क्या रहस्य था।एक ही प्रश्न को तीन बार शामिल किए जाने से परीक्षा के प्रश्नपत्र की तैयारी और जांच प्रक्रिया पर सवाल खडे हो गए हैं। परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के बीच भी इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

अभिभावकों ने उठाए प्रश्नपत्र की गुणवत्ता पर सवाल

इस चूक के सामने आने के बाद अभिभावकों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि परीक्षा के प्रश्नपत्र में ऐसी गलती नही होनी चाहिए, क्योंकि इससे विद्यार्थियों के मूल्यांकन की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।अभिभावकों का सवाल है कि प्रश्नपत्र को परीक्षा से पहले तैयार करने और जांचने के दौरान एक ही प्रश्न के बार-बार शामिल होने की गलती कैसे सामने नही आई।

शिक्षाविदों ने भी जताई आपत्ति

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगो ने भी इस मामले को गंभीरता से लेने की बात कही है। उनका कहना है कि परीक्षा केवल विद्यार्थियों की जानकारी परखने का माध्यम नही है, बल्कि इसके जरिए उनके प्रदर्शन का आकलन भी किया जाता है। ऐसे में प्रश्नपत्र तैयार करने मे छोटी सी चूक भी परीक्षा की गुणवत्ता पर असर डाल सकती है।

परीक्षा के पहले दिन ही सामने आई गड़बड़ी

तिमाही परीक्षा की शुरुआत के साथ ही सामने आई इस गलती ने संबंधित व्यवस्था पर सवाल खडे कर दिए हैं। खास बात यह है कि एक ही प्रश्न का तीन अलग-अलग क्रमांकों पर दोहराव हुआ है।फिलहाल इस मामले में शिक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नही आई है। अब देखना होगा कि विभाग प्रश्नपत्र में हुई इस चूक को लेकर क्या कदम उठाता है और विद्यार्थियों के मूल्यांकन पर इसका कोई असर पडता है या नही।

आबकारी ओवरटाइम घोटाले में आरोपी अफसर को सुप्रीम कोर्ट से राहत, नवीन प्रताप सिंह तोमर को अंतरिम जमानत

 छत्तीसगढ़ :  चर्चित आबकारी मेनपावर और ओवरटाइम घोटाला मामले में आरोपी अफसर नवीन प्रताप सिंह तोमर को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट ने असिस्टेंट कमिश्नर आबकारी और CSMCL के पूर्व DGM तोमर को अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने की सुनवाई

मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जयमाला बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने की। सुनवाई के दौरान अदालत ने नवीन प्रताप सिंह तोमर को अंतरिम जमानत देने का आदेश सुनाया। आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव अग्रवाल और शशांक मिश्रा ने अदालत में पक्ष रखा।

28.80 लाख रुपये की नकदी से जांच ने पकडा था जोर

इस मामले की जांच की शुरुआत ED की कार्रवाई के बाद हुई थी। 29 नवंबर 2023 को ED की रायपुर टीम ने तीन लोगो के पास से 28.80 लाख रुपये नकद बरामद किए थे। इसके बाद एजेंसी ने इसकी जानकारी राज्य शासन को दी।राज्य शासन की ओर से मिली सूचना के आधार पर EOW और ACB ने मामला दर्ज कर जांच आगे बढाई। जांच के दौरान आबकारी विभाग और उससे जुडी मेनपावर एजेंसियो के जरिए कथित तौर पर किए गए भुगतान को लेकर कई सवाल सामने आए।

ओवरटाइम के नाम पर 100 करोड से ज्यादा भुगतान का आरोप

जांच एजेंसियो के मुताबिक, CSMCL में मेनपावर उपलब्ध कराने वाली एजेंसियो के जरिए कर्मचारियो के ओवरटाइम के नाम पर बडी रकम का भुगतान किया गया। आरोप है कि वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच ओवरटाइम भत्ते के तौर पर 100 करोड रुपये से ज्यादा का भुगतान किया गया।नियमो के मुताबिक यह राशि शराब दुकानों पर काम करने वाले कर्मचारियो को ओवरटाइम के तौर पर मिलनी थी। आरोप है कि कर्मचारियो को सीधे भुगतान करने के बजाय संबंधित एजेंसियो को बिल के आधार पर रकम जारी की गई।

जांच में सामने आया कर्मचारियो तक नहीं पहुंचा ओवरटाइम का पैसा

EOW की जांच के दौरान आरोप लगाया गया कि एजेंसियो ने बिलों में कर्मचारियो के ओवरटाइम का भुगतान दर्शाया, लेकिन वास्तविक रूप से यह रकम कर्मचारियो तक नही पहुंची। जांच एजेंसी का आरोप है कि रकम का एक हिस्सा कमीशन के तौर पर निकाला गया और कथित तौर पर आपस में बांट लिया गया।इस पूरी प्रक्रिया से सरकारी खजाने को आर्थिक नुकसान होने और कर्मचारियो को उनके निर्धारित ओवरटाइम भुगतान से वंचित रखने का आरोप है। मामले में जांच एजेंसियां पूरे भुगतान तंत्र और उससे जुडे लोगो की भूमिका की जांच कर रही हैं।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश से आरोपी अफसर को फिलहाल राहत

नवीन प्रताप सिंह तोमर को मिली अंतरिम जमानत इस मामले में उनकी तत्काल रिहाई का रास्ता खोलती है। हालांकि, घोटाले से जुडे आरोप और जांच की प्रक्रिया अपने स्तर पर जारी रहेगी। मामले में आगे अदालत के समक्ष होने वाली सुनवाई और जांच एजेंसियो की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

CG News: EaseMyTrip के को-फाउंडर निशांत पिट्टी पर ED की बड़ी कार्रवाई, महादेव बेटिंग केस में 59.60 करोड़ के शेयर अटैच

 CG News:  महादेव ऑनलाइन बेटिंग एप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने EaseMyTrip के को-फाउंडर निशांत पिट्टी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। ED ने आरोप लगाया है कि अवैध बेटिंग से हासिल रकम को शेयर बाजार में लगाने की प्रक्रिया में पिट्टी की भूमिका रही।

59.60 करोड़ रुपये के शेयर किए गए अटैच

चार्जशीट दाखिल करने के साथ ही ED ने निशांत पिट्टी के 59.60 करोड़ रुपये मूल्य के DEMAT शेयरों को प्रोविजनल तौर पर अटैच किया है। एजेंसी के मुताबिक, इन संपत्तियों को कथित अपराध से हुई आय से जुड़ा माना गया है। मामले में इन शेयरों को जब्त करने की अनुमति के लिए अदालत का रुख भी किया गया है।

शेयर बाजार में रकम लगाने का क्या है आरोप

ED के अनुसार, पिट्टी पर आरोप है कि अवैध बेटिंग से जुड़ी रकम को विदेशी पोर्टफोलियो निवेश के जरिए भारतीय इक्विटी बाजार में लाने की प्रक्रिया को आसान बनाया गया। एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि Easy Trip Planners के प्रमोटर्स की ओर से शेयर की कीमत और कंपनी के बाजार मूल्य को कृत्रिम तरीके से प्रभावित करने से जुड़ी व्यवस्था की गई थी। ये सभी आरोप फिलहाल जांच एजेंसी के दावों पर आधारित हैं।

निशांत पिट्टी ने क्या कहा

निशांत पिट्टी ने कहा है कि उन्हें किसी चार्जशीट की जानकारी नहीं है और न ही संबंधित अदालत की ओर से उन्हें समन मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। पिट्टी ने अपने सभी लेनदेन को कानून के मुताबिक बताते हुए कहा कि वह अदालत के सामने अपना पक्ष और संबंधित साक्ष्य पेश करेंगे।

महादेव केस में ED की कार्रवाई जारी

ED के मुताबिक, महादेव ऑनलाइन बेटिंग केस में अब तक कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। एजेंसी ने इस मामले में संपत्तियों को अटैच करने के साथ कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है। निशांत पिट्टी के खिलाफ दाखिल की गई चार्जशीट इस मामले की आगे की जांच और कार्रवाई का हिस्सा है।