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Thursday, October 29, 2026
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विदाई से पहले छत्तीसगढ़ में मानसून का रौद्र रूप, खारुन नदी पुल के ऊपर से बह रही; 17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

छत्तीसगढ़ :  मानसून की विदाई से पहले बारिश ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। चक्रवात अर्नब के प्रभाव के चलते राज्य के कई हिस्सों में लगातार तेज बारिश हो रही है। रायपुर, बस्तर और दुर्ग संभाग में भारी बारिश को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। राजधानी रायपुर समेत कई बड़े शहरों में बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है।

रायपुर में खारुन नदी का जलस्तर बढ़ने से हालात चिंताजनक हो गए हैं। महादेव घाट के पास नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने लगा है, जिसके चलते इस मार्ग पर आवागमन रोकना पड़ा है।

रायपुर में 69 MM तो जगदलपुर में 246 MM बारिश

छत्तीसगढ़ के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। पिछले 24 घंटे में रायपुर में 69 MM बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं और कई निचले इलाकों में पानी भर गया है।

बस्तर संभाग में बारिश का असर और ज्यादा देखने को मिला। जगदलपुर में बीते 24 घंटे के दौरान 246 MM बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश और खराब मौसम को देखते हुए डिप्टी सीएम अरुण साव का कांकेर दौरा भी रद्द कर दिया गया।

28 साल बाद गंगरेल डैम के सभी 14 गेट खोले गए

लगातार बारिश के कारण बस्तर में नदी और बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। इंद्रावती नदी पर बने खातीगुड़ा डैम और सहायक नदी मुरान के बांध के गेट खोले जाने के बाद आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बनने की जानकारी सामने आई है।

बताया गया है कि करीब 300 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। वहीं धमतरी जिले के गंगरेल डैम के सभी 14 गेट करीब 28 साल बाद खोले गए। बांध से लगभग 2.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी दी गई है।

हाईवे से रेल लाइन तक बारिश का असर

भारी बारिश का असर सड़क और रेल यातायात पर भी दिखाई दे रहा है। नेशनल हाईवे-30 पर रायपुर-कोंटा मार्ग और NH-63 पर जगदलपुर-बीजापुर-भोपालपट्टनम मार्ग के कई हिस्सों में आवागमन बाधित होने की खबर है।इसके अलावा किरंदुल-कोत्तावालसा रेल लाइन पर चार स्थानों पर लैंडस्लाइड की वजह से ट्रैक को नुकसान पहुंचा है। इससे रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है।

भारी बारिश के चलते फ्लाइट भी रद्द

मौसम खराब होने का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा है। भारी बारिश के कारण जगदलपुर-हैदराबाद फ्लाइट रद्द कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक यह सेवा दो दिनों के लिए बंद रखी गई है।

17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, लोगों से सतर्क रहने की अपील

बारिश के बीच मौसम विभाग ने राज्य के 17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इनमें दंतेवाड़ा, महासमुंद, दुर्ग, बस्तर, कांकेर, रायपुर, राजनांदगांव, धमतरी, बेमेतरा और नारायणपुर समेत अन्य जिले शामिल हैं।लगातार बारिश को देखते हुए नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखना जरूरी है। खासकर उन मार्गों पर जाने से बचना चाहिए जहां पानी सड़क या पुल के ऊपर से बह रहा है।

CMO पर गिरी गाज, तीन मामलों में प्रथम दृष्टया दोषी मिलने पर यशवंत देवांगन निलंबित; जानें पूरा मामला

रायपुर :  नगरीय प्रशासन विभाग से जुड़ी बड़ी कार्रवाई सामने आई है। संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास ने नगर पंचायत बिलाईगढ़ के प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी यशवंत देवांगन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभागीय आदेश में उन्हें तीन अलग-अलग मामलों में प्रथम दृष्टया दोषी माना गया है।कार्रवाई के बाद नगर पंचायत बिलाईगढ़ में प्रशासनिक हलचल बढ़ गई है। जिन मामलों को लेकर निलंबन की कार्रवाई हुई है, उनमें योजना से जुड़े भुगतान को लंबित रखने, परिषद के एजेंडे में कथित कूटरचना और स्वच्छता दीदियों के साथ अमर्यादित व्यवहार के आरोप शामिल हैं।

वूमेन फॉर ट्री योजना का भुगतान रोकने का आरोप

विभागीय आदेश के मुताबिक यशवंत देवांगन पर वूमेन फॉर ट्री योजना से संबंधित भुगतान को लंबित रखने का आरोप लगाया गया है। इस मामले को भी निलंबन के आधार में शामिल किया गया है।संचालनालय ने उपलब्ध शिकायतों और तथ्यों के आधार पर इस मामले में प्रभारी CMO की भूमिका को प्रथम दृष्टया दोषपूर्ण माना है।

नगर पंचायत के एजेंडे में कूटरचना का मामला

निलंबन से जुड़ा दूसरा मामला नगर पंचायत परिषद के निर्धारित एजेंडा क्रमांक 21 से संबंधित है। आरोप है कि मूल विषय की जगह किसी दूसरे विषय को प्रस्तुत करने के लिए एजेंडे में कूटरचना की गई।परिषद के आधिकारिक एजेंडे से जुड़े इस आरोप को विभाग ने गंभीर प्रशासनिक अनियमितता के तौर पर लिया है। एक सरकारी निकाय की बैठक में प्रस्तुत किए जाने वाले विषय से जुड़ा होने के कारण यह मामला कार्रवाई का अहम आधार बना है।

स्वच्छता दीदियों से व्यवहार को लेकर भी शिकायत

तीसरा मामला स्वच्छता दीदियों से जुड़ा बताया गया है। प्रभारी CMO पर उनके साथ अमर्यादित और अशोभनीय व्यवहार करने का आरोप लगाया गया है।इन तीनों मामलों को लेकर सामने आई शिकायतों और उपलब्ध तथ्यों की समीक्षा के बाद नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने यशवंत देवांगन के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है।

तत्काल प्रभाव से निलंबन, आगे जांच की प्रक्रिया

विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निलंबन आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया है। निलंबन अवधि के दौरान उनके संबंध में विभागीय नियमों के अनुसार प्रशासनिक व्यवस्था लागू रहेगी।अब संबंधित मामलों की आगे विभागीय जांच और नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। जांच के दौरान आरोपों से जुड़े दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की समीक्षा के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

गणेश विसर्जन के दौरान खूनी विवाद, तीन युवकों पर चाकू से हमला; जूना बिलासपुर में भी मारपीट से मचा हंगामा

बिलासपुर :  गणेश विसर्जन के दौरान अलग-अलग इलाकों में विवाद और मारपीट की घटनाएं सामने आई हैं। सिरगिट्‌टी थाना क्षेत्र में विसर्जन के बाद लौट रहे युवकों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि तीन युवकों पर चाकू से हमला कर दिया गया। हमले में घायल तीनों युवकों को इलाज के लिए सिम्स अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।वहीं, सिटी कोतवाली क्षेत्र के जूना बिलासपुर में भी गणेश विसर्जन के दौरान दो पक्षों के युवकों के बीच विवाद और मारपीट हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और कई युवकों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की।

विसर्जन से लौटते समय शुरू हुआ विवाद

सिरगिट्‌टी थाना क्षेत्र में नायक गणेश उत्सव समिति के पदाधिकारी और सदस्य गणेश प्रतिमा का विसर्जन करने गए थे। विसर्जन के बाद लौटते समय बड़े बन्नाक तालाब के पास समिति से जुड़े कुछ युवकों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई।पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में युवकों के नशे की हालत में होने की बात सामने आई है। कहासुनी के बाद विवाद बढ़ा और मारपीट शुरू हो गई।

समझाने पहुंचे युवकों पर ही कर दिया चाकू से हमला

बताया गया है कि बन्नाक चौक के पास कुछ युवक विवाद कर रहे थे। इसी दौरान महावीर नगर निवासी राहुल सिंह ठाकुर और माता चौरा निवासी सिद्धांत ध्रुव समेत तीन युवकों ने उन्हें विवाद करने से रोकने की कोशिश की।आरोप है कि इसके बाद विवाद कर रहे युवकों ने इन्हीं तीनों पर हमला कर दिया। चाकू से किए गए हमले में तीनों घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए सिम्स अस्पताल भेजा।

अनुज समेत कई युवकों को पुलिस ने पकड़ा

घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नायक गणेश उत्सव समिति के अध्यक्ष अनुज, शेखर कांति, करण रजक सहित अन्य युवकों को पकड़ा है। पुलिस मामले में पूछताछ कर घटना के पूरे क्रम की जानकारी जुटा रही है।पुलिस की शुरुआती जांच में किसी पुरानी रंजिश की बात सामने आने के बजाय नशे की हालत में विवाद बढ़ने की जानकारी दी गई है। हालांकि, मामले की जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

जूना बिलासपुर में भी दो पक्षों में मारपीट

गणेश विसर्जन के दौरान सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के जूना बिलासपुर में भी युवकों के दो पक्ष आमने-सामने आ गए। गोंड़पारा और सरकंडा क्षेत्र से आए कुछ युवकों के बीच किसी बात को लेकर गाली-गलौज शुरू हुई।कुछ ही देर में विवाद मारपीट में बदल गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और विवाद कर रहे युवकों को पकड़ लिया। पुलिस ने संबंधित युवकों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है।

डीजे और हुड़दंग को लेकर दिए गए थे सख्त निर्देश

गणेशोत्सव से पहले जिला और पुलिस प्रशासन ने आयोजन समितियों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की थी। इसमें विसर्जन के दौरान उपद्रव और हुड़दंग से दूर रहने की हिदायत दी गई थी। डीजे को लेकर भी निर्धारित नियमों और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार ही ध्वनि प्रसारण करने के निर्देश दिए गए थे।आयोजकों की ओर से भी नियमों का पालन करने और विसर्जन के दौरान किसी तरह का उपद्रव नहीं होने देने की बात कही गई थी। इसके बावजूद शहर के अलग-अलग हिस्सों में मारपीट और विवाद की घटनाएं सामने आईं।

रास्ते रोककर डीजे बजाने से यातायात भी प्रभावित

विसर्जन जुलूस के दौरान कुछ स्थानों पर रास्ता रोककर डीजे बजाने की वजह से यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की भी बात सामने आई है। इससे कई जगह जाम की स्थिति बनी और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

शराब के नशे में स्कूल पहुंचा हेडमास्टर, शिक्षकों से बोला शिकायत जहां करनी है कर लो; वीडियो वायरल होते ही सस्पेंड

जांजगीर चांपा :  पामगढ़ विकासखंड से शिक्षा व्यवस्था को लेकर हैरान करने वाला मामला सामने आया है। भांठापारा भुईगांव के सरकारी स्कूल में पदस्थ हेडमास्टर योगेश्वर सिंह कंवर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में वह कथित तौर पर शराब के नशे में लड़खड़ाते हुए स्कूल पहुंचे नजर आ रहे हैं।मामले की जानकारी सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया। कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देश पर जांच शुरू हुई और जिला शिक्षा अधिकारी ने हेडमास्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उन्हें पामगढ़ BEO कार्यालय से अटैच किया गया है।

स्कूल में नशे की हालत में पहुंचने का आरोप

वायरल वीडियो में हेडमास्टर के स्कूल परिसर में होने और उनके नशे की हालत में नजर आने का दावा किया जा रहा है। जब स्कूल के शिक्षकों ने उनके व्यवहार का विरोध किया तो उन्होंने कथित तौर पर शिकायत करने की चुनौती दी।वीडियो में वह यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि वीडियो बनाओ और जहां भेजना है भेज दो। इसके साथ ही BEO, DEO और कलेक्टर तक शिकायत करने की बात भी कहते दिखाई दे रहे हैं।

महिला शिक्षक से विवाद का भी मामला

बताया जा रहा है कि स्कूल में हेडमास्टर और एक महिला शिक्षक के बीच पहले से विवाद चल रहा है। आरोप है कि हेडमास्टर ने बच्चों के सामने महिला शिक्षक का अपमान किया।वायरल वीडियो में उन्हें महिला शिक्षक के पढ़ाने के तरीके पर भी टिप्पणी करते हुए सुना जा सकता है। हालांकि, इन आरोपों से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी।

गांव के जनप्रतिनिधि पहुंचे स्कूल

हेडमास्टर के व्यवहार की जानकारी मिलने के बाद गांव के जनप्रतिनिधि भी स्कूल पहुंचे। उन्होंने स्थिति को शांत करने और हेडमास्टर को समझाने की कोशिश की। इसी दौरान उनकी गतिविधियों का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया गया, जो बाद में वायरल हो गया।वीडियो सामने आने के बाद स्कूल में शिक्षकों के अनुशासन और बच्चों के सामने उनके आचरण को लेकर भी सवाल उठने लगे।

कलेक्टर के निर्देश पर हुई कार्रवाई

जिला शिक्षा अधिकारी मनोहर प्रताप सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो के माध्यम से हेडमास्टर के शराब के नशे में स्कूल पहुंचने की जानकारी मिली थी। इसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पामगढ़ BEO कार्यालय में अटैच किया गया है।कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि जांच में यदि संबंधित शिक्षक दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ नियमों के तहत आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जिले के स्कूलों में अब होगी नियमित निगरानी

मामले के बाद कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी और सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से शिक्षकों की उपस्थिति, अनुशासन और कार्यप्रणाली पर लगातार निगरानी रखने को कहा गया है।इसके साथ ही स्कूलों में नशे या अनुशासनहीनता से जुड़ी शिकायत मिलने पर संबंधित शिक्षकों की जानकारी जुटाकर सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। शिकायतों की जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया है।

पुराने अनुशासनहीनता मामलों की भी मांगी जानकारी

कलेक्टर ने अब तक सामने आए अनुशासनहीनता से जुड़े मामलों में हुई विभागीय जांच और कार्रवाई की ताजा स्थिति की जानकारी भी मांगी है। अधिकारियों से ऐसे मामलों का विवरण देने को कहा गया है, जिनमें विभागीय स्तर पर बड़ी सजा दी गई है।इस कार्रवाई के बाद अब हेडमास्टर के खिलाफ चल रही जांच की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।

दक्षिण छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी का नया अध्याय, रावघाट तक पहुंची पटरी; 95 KM प्रोजेक्ट का आखिरी 17.5 KM काम पूरा

छत्तीसगढ़ : दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ इलाकों को रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना के अंतिम 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी-रावघाट खंड का निर्माण पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही लंबे समय से चल रही इस रेल परियोजना का आखिरी हिस्सा तैयार हो गया है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे दक्षिण छत्तीसगढ़ और खासकर बस्तर क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि रावघाट तक रेल पटरी पहुंचना केवल परिवहन सुविधा बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्र में विकास, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

95 KM लंबी परियोजना का आखिरी हिस्सा तैयार

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल के अंतर्गत आने वाली दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना की कुल लंबाई 95 किलोमीटर है। इसमें ताड़ोकी से रावघाट तक का 17.5 किलोमीटर लंबा अंतिम खंड अब पूरा हो चुका है।यह सिंगल लाइन विद्युतीकृत ब्रॉड गेज रेल खंड है। परिचालन शुरू करने से पहले निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के तहत रेलवे सुरक्षा आयुक्त यानी CRS ने इस हिस्से का निरीक्षण और गति परीक्षण भी किया है।इस दौरान रेल पटरी, पुल-पुलियों, विद्युतीकरण, सिग्नलिंग और अन्य तकनीकी एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की गई।

रावघाट तक ट्रेन पहुंचने से क्या बदलेगा

फिलहाल दल्लीराजहरा से ताड़ोकी तक रेल सेवा उपलब्ध है। ताड़ोकी-रावघाट खंड पर परिचालन शुरू होने के बाद आसपास के क्षेत्रों की रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।इससे स्थानीय लोगों के लिए आवागमन आसान होने के साथ रायपुर और देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंच बेहतर होने की उम्मीद है। रेल संपर्क मजबूत होने से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार से जुड़े अवसरों तक लोगों की पहुंच भी सुगम हो सकती है।

पर्यटन और स्थानीय कारोबार को भी मिल सकता है फायदा

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी से दक्षिण छत्तीसगढ़ में पर्यटन और निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा मिल सकता है। दूरदराज के गांवों को बड़े रेल नेटवर्क से जोड़ने पर स्थानीय उत्पादों और वनोपज को बाजार तक पहुंचाने की सुविधा भी बेहतर हो सकती है।बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ कृषि, वनोपज, पर्यटन और प्राकृतिक संसाधनों के लिहाज से महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। ऐसे में रेल संपर्क बढ़ने से स्थानीय व्यापार और दूसरी आर्थिक गतिविधियों को विस्तार मिलने की संभावना है।

दूरस्थ इलाकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। इसके लिए सड़क, रेल, हवाई और डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार को महत्वपूर्ण आधार बताया गया है।उनके मुताबिक दक्षिण छत्तीसगढ़ में सड़क, रेल और संचार नेटवर्क के विस्तार से उन क्षेत्रों में भी सुविधाएं पहुंच रही हैं, जहां पहले आवागमन चुनौतीपूर्ण था। सरकार की ओर से शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों को अंतिम छोर तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।

रावघाट तक पहुंची रेल पटरी से बढ़ी उम्मीदें

दल्लीराजहरा-रावघाट रेल लाइन के अंतिम खंड का काम पूरा होना क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। अब ताड़ोकी-रावघाट खंड पर रेल परिचालन शुरू होने की प्रक्रिया पर नजर रहेगी।मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि मजबूत रेल अधोसंरचना दक्षिण छत्तीसगढ़ के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभा सकती है।

भारी बारिश के मद्देनजर आज प्रदेश के सभी स्कूलों में रहेगा अवकाश : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त विद्यालयों में 26 सितंबर को रहेगा अवकाश

रायपुर – प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शनिवार 26 सितंबर को प्रदेश के सभी स्कूलों में अवकाश के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि तथा आवागमन में कठिनाई की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसी परिस्थितियों में स्कूली बच्चों को किसी प्रकार का जोखिम न उठाना पड़े, इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर के विद्यालयों में अवकाश रखने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से अनुरोध किया है कि बच्चों को घर पर ही रखें। साथ ही सतर्क रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें।

मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों एवं सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि आदेश का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

दक्षिण छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में नया अध्याय, रावघाट तक पहुंची रेल पटरी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना के अंतिम ताड़ोकी-रावघाट खंड का कार्य पूरा, मुख्यमंत्री ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि

मुख्यमंत्री ने कहा- दूरस्थ अंचलों की दूरियां घटेंगी, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार के नए अवसरों के द्वार खुलेंगे

95 किलोमीटर लंबी दल्लीराजहरा-रावघाट परियोजना का अंतिम 17.5 किलोमीटर रेल खंड तैयार

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति जताया आभार

रायपुर :- दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचलों को देश के व्यापक रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना के अंतिम 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी-रावघाट खंड का कार्य पूरा हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे दक्षिण छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर अंचल की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि रावघाट तक रेल पटरी पहुंचना केवल रेल कनेक्टिविटी का विस्तार नहीं, बल्कि दूरस्थ अंचलों में विकास और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम है।

मुख्यमंत्री साय ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति प्रदेशवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना के विस्तार को अभूतपूर्व गति मिली है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों को भी आधुनिक कनेक्टिविटी से जोड़ने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दल्लीराजहरा से रावघाट तक रेल संपर्क का विस्तार इस अंचल के सामाजिक और आर्थिक जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाने वाला सिद्ध होगा। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से स्थानीय नागरिकों के लिए आवागमन सुगम होगा और राजधानी रायपुर सहित देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंच बेहतर होगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार और व्यापार से जुड़े अवसरों तक क्षेत्रवासियों की पहुंच और आसान होगी।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रदेश के दूरस्थ से दूरस्थ क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। सड़क, रेल, हवाई और डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार है। बस्तर सहित दक्षिण छत्तीसगढ़ में मजबूत होती कनेक्टिविटी क्षेत्र की संभावनाओं को नई शक्ति दे रही है।

95 किलोमीटर की परियोजना का अंतिम 17.5 किलोमीटर खंड तैयार

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल के अंतर्गत दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना की कुल लंबाई 95 किलोमीटर है। इसके अंतिम 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी-रावघाट खंड का कार्य पूरा कर लिया गया है। यह सिंगल लाइन विद्युतीकृत ब्रॉड गेज रेल खंड है।

नई रेल लाइन को परिचालन के लिए तैयार करने की निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत इस खंड का रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) द्वारा निरीक्षण एवं गति परीक्षण किया गया है। इस दौरान रेल लाइन, पुल-पुलियों, विद्युतीकरण, सिग्नलिंग सहित सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्थाओं की जांच की गई। वर्तमान में दल्लीराजहरा से ताड़ोकी तक रेल सेवाएं उपलब्ध हैं। ताड़ोकी-रावघाट खंड में रेल परिचालन प्रारंभ होने के बाद आसपास के क्षेत्रों की रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

पर्यटन, निवेश और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी अपने साथ विकास की अनेक संभावनाएं लेकर आती है। रावघाट तक रेल संपर्क से क्षेत्र में पर्यटन और निवेश की संभावनाओं को बल मिलेगा तथा स्थानीय व्यापार एवं अन्य आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा।

दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों को व्यापक रेल नेटवर्क से जोड़ने से लोगों के लिए बाजारों तक पहुंच आसान होगी। साथ ही क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार की नई संभावनाओं के सृजन में भी यह रेल परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों, पर्यटन, कृषि एवं वनोपज की दृष्टि से अपार संभावनाओं वाला क्षेत्र है। बेहतर कनेक्टिविटी इन संभावनाओं को वास्तविक आर्थिक अवसरों में बदलने का माध्यम बनेगी।

विकास और कनेक्टिविटी से बदल रही दक्षिण छत्तीसगढ़ की तस्वीर

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दक्षिण छत्तीसगढ़ में शांति, सुरक्षा और विकास के साथ आधारभूत अधोसंरचना का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में कभी आवागमन कठिन था, वहां आज सड़क, रेल और संचार नेटवर्क का विस्तार हो रहा है। सरकार का प्रयास है कि विकास की सुविधाएं अंतिम छोर पर बसे व्यक्ति तक पहुंचें और उसे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा आर्थिक प्रगति के समान अवसर मिलें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रावघाट तक पहुंची रेल पटरी विकास की पटरी पर तेजी से आगे बढ़ते छत्तीसगढ़ की तस्वीर है। यह रेल लाइन दक्षिण छत्तीसगढ़ की दूरियां कम करने के साथ यहां के लोगों को अवसरों के और करीब लाएगी। आने वाले समय में बेहतर कनेक्टिविटी के माध्यम से इस पूरे अंचल की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। आधुनिक और मजबूत रेल अधोसंरचना इस संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में रियल एस्टेट सेक्टर की होगी अहम भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में रियल एस्टेट सेक्टर की होगी अहम भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री क्रेडाई छत्तीसगढ़ स्टेटकॉन-2026 ‘बिल्डिंग विकसित छत्तीसगढ़’ कार्यक्रम में हुए शामिल

मुख्यमंत्री ने कहा – 2047 के विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में आधुनिक शहरों, गुणवत्तापूर्ण आवास और मजबूत अधोसंरचना पर रहेगा विशेष जोर

स्टेट कैपिटल रीजन बनेगा प्रदेश के विकास का नया ग्रोथ इंजन, रायपुर के साथ दुर्ग-भिलाई और राजनांदगांव के विकास को मिलेगी नई गति

सुशासन और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए 400 से अधिक सुधार, प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण से बढ़ी पारदर्शिता

नई औद्योगिक विकास नीति के बाद छत्तीसगढ़ को मिले 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नवा रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित क्रेडाई छत्तीसगढ़ स्टेटकॉन-2026 ‘बिल्डिंग विकसित छत्तीसगढ़’ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लक्ष्य को हासिल करने में रियल एस्टेट सेक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और शहरीकरण के साथ प्रदेश में आधुनिक शहरों, गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ आवास तथा मजबूत अधोसंरचना की आवश्यकता भी बढ़ रही है। राज्य सरकार रियल एस्टेट सेक्टर के विकास के लिए पारदर्शी व्यवस्था, सरल प्रक्रियाओं और निवेश के अनुकूल वातावरण के निर्माण की दिशा में लगातार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अपना घर प्रत्येक परिवार का सपना होता है। समाज के हर वर्ग की आकांक्षा होती है कि उसके पास सुरक्षित और सुविधाजनक आवास हो। पिछले पौने तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ में रियल एस्टेट सेक्टर ने तेजी से प्रगति की है। आने वाले वर्षों में प्रदेश में बढ़ते निवेश, औद्योगिकीकरण, बेहतर कनेक्टिविटी और नए शहरी केंद्रों के विकास के साथ इस क्षेत्र में संभावनाएं और बढ़ेंगी। उन्होंने रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े उद्यमियों से कहा कि वे प्रदेश के विकास में भागीदार बनें और गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक तथा भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आवासीय एवं व्यावसायिक परियोजनाओं के निर्माण में योगदान दें।

विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप तैयार किया ‘छत्तीसगढ़ अंजोर’

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इसी संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए विजन डॉक्यूमेंट ‘छत्तीसगढ़ अंजोर’ तैयार किया है। राज्य ने अपनी अर्थव्यवस्था को वर्ष 2047 तक 75 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के पास इस लक्ष्य को प्राप्त करने की अपार क्षमता है। प्रदेश का लगभग 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है। यहां प्रचुर खनिज संपदा, पर्याप्त बिजली और जल संसाधन उपलब्ध हैं। देश के प्रमुख क्षेत्रों से प्रदेश की कनेक्टिविटी लगातार मजबूत हो रही है और यहां के मेहनतकश लोग हमारी सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ केवल एक कहावत नहीं, बल्कि प्रदेशवासियों की सरलता, परिश्रम और सामर्थ्य की पहचान है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में कार्य करने के अपने अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री की कार्यशैली को निकट से देखा है। प्रधानमंत्री देश के 140 करोड़ नागरिकों को अपना परिवार मानकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारत आधुनिक अधोसंरचना, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था और जनकल्याण के नए अध्याय लिख रहा है।

हर परिवार के पक्के घर का सपना हो रहा साकार

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने देश के करोड़ों परिवारों के पक्के घर के सपने को साकार किया है। प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1600 प्रधानमंत्री आवास बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांवों में भी बड़ा परिवर्तन दिखाई दे रहा है और पक्के आवास तेजी से ग्रामीण जीवन की तस्वीर बदल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ के लिए 3.65 लाख अतिरिक्त आवासों की स्वीकृति दी है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों के परिवारों के लिए भी आवास बनाए जा रहे हैं। आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए तैयार नीति के अंतर्गत 15 हजार आवासों के निर्माण को भी स्वीकृति मिली है।

स्टेट कैपिटल रीजन बनेगा छत्तीसगढ़ का नया ग्रोथ इंजन

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रायपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों के सुनियोजित एवं दीर्घकालीन विकास के लिए स्टेट कैपिटल रीजन विकसित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत रायपुर के साथ दुर्ग, भिलाई और राजनांदगांव क्षेत्र को जोड़ते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास की योजना बनाई जा रही है। स्टेट कैपिटल रीजन से आवास, उद्योग, व्यापार, परिवहन और सेवा क्षेत्रों में नई संभावनाएं विकसित होंगी तथा यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था के प्रमुख ग्रोथ इंजन के रूप में उभरेगा।

उन्होंने कहा कि बढ़ते शहरीकरण को अवसर में बदलने के लिए सुनियोजित विकास आवश्यक है। शहरों में नागरिक सुविधाओं, परिवहन, आवास और अन्य बुनियादी अधोसंरचनाओं का विकास भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। इसमें रियल एस्टेट सेक्टर की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।

नक्सलवाद की समाप्ति के साथ बस्तर में खुल रहे विकास के नए द्वार

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर के विकास में बड़ी बाधा रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है और आज छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त होकर विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है।

उन्होंने कहा कि बस्तर की जनता ने लगभग चार दशकों तक नक्सल हिंसा का दंश झेला। नक्सलियों द्वारा स्कूल, अस्पताल, सड़क और अन्य विकास कार्यों का विरोध किए जाने के कारण अनेक क्षेत्र बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहे। राज्य सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान के साथ-साथ विकास को भी समान प्राथमिकता दी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘नियद नेल्लानार’ योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों में सड़क, बिजली, पेयजल सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। गोंडी भाषा में ‘नियद नेल्लानार’ का अर्थ ‘आपका अच्छा गांव’ है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के अंतर्गत 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है और लगभग 40 हजार लोगों का उपचार किया गया है। ‘बस्तर मुन्ने’ कार्यक्रम के माध्यम से शासकीय अमला गांवों में ठहरकर पात्र परिवारों तक योजनाओं और सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित कर रहा है।

पर्यटन और होमस्टे से बस्तर में बन रहे रोजगार के नए अवसर

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर अब हिंसा की पहचान से आगे बढ़कर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और पर्यटन संभावनाओं के लिए देश-दुनिया में नई पहचान बना रहा है। बस्तर के धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों की सूची में शामिल किया गया है। यहां विदेशी पर्यटक होमस्टे में रहकर स्थानीय परिवारों के साथ जनजातीय जीवनशैली और संस्कृति को निकट से जान रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बस्तर सहित पूरे प्रदेश में होमस्टे पर्यटन को बढ़ावा दे रही है। इसके लिए ऋण और सब्सिडी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। पर्यटन क्षेत्र की व्यापक संभावनाओं को देखते हुए नई औद्योगिक विकास नीति में पर्यटन को भी शामिल किया गया है, जिससे इस क्षेत्र में निवेश और स्थानीय रोजगार को प्रोत्साहन मिलेगा।

सुशासन और रिफॉर्म से निवेश के लिए बन रहा बेहतर वातावरण

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जहां सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सुशासन और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 400 से अधिक सुधार किए हैं। विभिन्न शासकीय प्रक्रियाओं को ऑनलाइन किया गया है और ई-फाइल प्रणाली लागू की गई है।

उन्होंने कहा कि प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और डिजिटलीकरण से लीकेज रोकने में मदद मिली है और प्रदेश के राजस्व में भी वृद्धि हुई है। सरकार का प्रयास है कि नागरिकों और निवेशकों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें तथा अधिक से अधिक सेवाएं सरल और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति को निवेशकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है और प्रदेश को अब तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल सहित अनेक क्षेत्रों में परियोजनाएं धरातल पर उतरनी प्रारंभ हो गई हैं। उन्होंने कहा कि उद्योग, आवास, अधोसंरचना और शहरी विकास एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और इन सभी क्षेत्रों की समन्वित प्रगति विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को गति देगी।

रजिस्ट्री प्रक्रियाओं का लगातार हो रहा सरलीकरण : आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी

आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का पूरा फोकस गवर्नेंस और रिफॉर्म पर है। उद्योग, व्यापार और रियल एस्टेट सेक्टर के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में लगातार निर्णय लिए जा रहे हैं।

चौधरी ने कहा कि रजिस्ट्री की प्रक्रियाओं को सरल और नागरिक अनुकूल बनाया जा रहा है। व्हाट्सएप के माध्यम से दस्तावेज उपलब्ध कराने से लेकर ऑटो म्यूटेशन तक तकनीक आधारित सुधार किए गए हैं। महिला सशक्तीकरण की दिशा में महिलाओं को पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी गई है। गाइडलाइन दर से अधिक मूल्य पर होने वाली रजिस्ट्री के संबंध में भी पंजीयन शुल्क से जुड़ी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन छत्तीसगढ़ के भविष्य के विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। सरकार की कोशिश है कि शहरीकरण केवल शहरों के विस्तार तक सीमित न रहे, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से आधुनिक अधोसंरचना, बेहतर कनेक्टिविटी और नागरिक सुविधाओं के साथ नए आर्थिक अवसरों का भी निर्माण करे।

कार्यक्रम में क्रेडाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष शेखर पटेल, निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष जी.वाई. रेड्डी, क्रेडाई के राष्ट्रीय सदस्य आनंद सिंघानिया, क्रेडाई रायपुर के अध्यक्ष पंकज लाहोटी, अभिषेक बछावत, अशोक मूंदड़ा सहित बड़ी संख्या में वास्तुविद, इंजीनियर, उद्यमी, रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि तथा क्रेडाई के विभिन्न पदाधिकारी उपस्थित थे।

विदेशी पर्यटकों को आकर्षित कर रहा छत्तीसगढ़ का ग्रामीण पर्यटन मॉडल

विदेशी पर्यटकों को आकर्षित कर रहा छत्तीसगढ़ का ग्रामीण पर्यटन मॉडल

लमना विलेज स्टे में ब्रिटेन के अतिथियों ने ग्रामीण जीवन, स्थानीय संस्कृति और हाट-बाजार का लिया अनुभव

लमना में दिखी संस्कृति और अपनत्व की खूबसूरत तस्वीर

रायपुर – छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, ग्रामीण जीवनशैली, लोक संस्कृति और आत्मीय आतिथ्य अब देश ही नहीं, बल्कि विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित कर रहा है। पर्यटन के बदलते स्वरूप में अब पर्यटक केवल बड़े शहरों और प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे गांवों की मिट्टी की खुशबू, स्थानीय खान-पान, परंपराओं, हस्तशिल्प और ग्रामीण जीवन को करीब से अनुभव करने में भी रुचि ले रहे हैं। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के लमना विलेज स्टे में ब्रिटेन से पहुंचे पर्यटकों का प्रवास इसी बदलती पर्यटन तस्वीर की जीवंत मिसाल है।

ब्रिटेन से आए श्री फ्रैंक रोजर मार्सटन और श्रीमती जेनिफर मार्गरेट रेनफ्रू मार्सटन का लमना गांव पहुंचने पर ग्रामीणो ने पारंपरिक आत्मीयता के साथ तिलक लगाकर तथा ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच स्वागत किया। विदेशी अतिथियों ने भी ग्रामीणों के इस आत्मीय स्वागत का आनंद लिया और स्थानीय लोगों के साथ सहजता से घुल-मिलकर छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति को करीब से महसूस किया।

लमना विलेज स्टे में अतिथियों का अनुभव केवल ठहरने तक सीमित नहीं रहा। उन्हें गांव की गलियों, खेत-खलिहानों, पारंपरिक परिवेश और स्थानीय जीवन से परिचित कराने के लिए ‘विलेज वॉक’ कराया गया। इस दौरान अतिथियों ने ग्रामीणों से संवाद किया, स्थानीय जीवनशैली को समझा और गांव के सहज वातावरण का आनंद लिया। अतिथियों ने ग्रामीण परिवारों, बच्चों, महिलाओं और स्थानीय लोगों के साथ आत्मीय संवाद भी किया।

ग्रामीण हाट बना खास आकर्षण

लमना प्रवास के दौरान स्थानीय ग्रामीण हाट का भ्रमण विदेशी मेहमानों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। हाट में उन्होंने स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों से बातचीत की तथा मिट्टी के बर्तन, बांस से बने सामान, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, स्थानीय खाद्य सामग्री, सब्जियों और अन्य ग्रामीण उत्पादों को करीब से देखा। ग्रामीण बाजार की चहल-पहल, स्थानीय उत्पादों की विविधता और लोगों के सहज व्यवहार ने अतिथियों को भारतीय गांव के वास्तविक जीवन का अनुभव कराया।  

ग्रामीण जीवन से सीधे जुड़ने का अनुभव

लमना विलेज स्टे की खासियत यह है कि यहां पर्यटक केवल किसी स्थान को देखने नहीं आते, बल्कि स्थानीय जीवन का हिस्सा बनकर उसे महसूस करते हैं। ब्रिटिश अतिथियों ने ग्रामीण परिवेश में समय बिताया, स्थानीय लोगों के साथ बैठकर बातचीत की और पारंपरिक ग्रामीण वातावरण को नजदीक से जाना। गांव की सादगी, प्राकृतिक परिवेश और लोगों की सहज आत्मीयता ने उनके प्रवास को एक अलग तरह का अनुभव दिया।

छत्तीसगढ़ के पर्यटन पहचान में जुड़ रहा नया अध्याय

छत्तीसगढ़ में पर्यटन अब प्रकृति और दर्शनीय स्थलों से आगे बढ़कर अनुभव आधारित पर्यटन की ओर विस्तार कर रहा है। छत्तीसगढ़ में प्रकृति, जनजातीय संस्कृति, हस्तशिल्प, होमस्टे और इको-टूरिज्म को पर्यटन अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में प्रयास हो रहे हैं। इससे स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और उद्यमिता के अवसरों को जोड़ने वाले पर्यटन मॉडल को महत्व मिल रहा है।

प्रकृति, संस्कृति और ग्रामीण आतिथ्य का संगम है लमना

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में मैकल पर्वत श्रृंखला, जंगल, जलप्रपात, धार्मिक स्थल और प्राकृतिक पर्यटन की विविध संभावनाएं मौजूद हैं। शिवघाट मनौरा, जलेश्वर धाम, लक्ष्मणधारा, झोजा जलप्रपात और धनपुर सहित अनेक प्राकृतिक एवं धार्मिक स्थल शामिल हैं। लमना विलेज स्टे जैसे ग्रामीण पर्यटन केंद्र पर्यटकों को प्रकृति और स्थानीय जीवन से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

बस्तर से लमना तक—छत्तीसगढ़ में अनुभव आधारित पर्यटन की बढ़ती तस्वीर

पर्यटक अब केवल पर्यटन स्थलों के दर्शन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्थानीय जीवन, खान-पान, हस्तशिल्प, लोक संस्कृति और समुदाय के साथ जुड़ने वाले अनुभवों को भी महत्व दे रहे हैं। होमस्टे और ग्रामीण पर्यटन इस बदलाव की महत्वपूर्ण कड़ी बन रहे हैं।

लमना में ब्रिटेन के पर्यटकों का अनुभव इसी सोच को आगे बढ़ाता दिखाई देता है। यहां विदेशी मेहमानों ने किसी पर्यटन स्थल को दूर से देखने के बजाय गांव के बीच जाकर लोगों से मुलाकात की, ग्रामीण हाट में स्थानीय गतिविधियों को समझा और छत्तीसगढ़ के ग्रामीण जीवन की सहजता को महसूस किया।

विदेशी मेहमानों के लिए यादगार बना छत्तीसगढ़ का अपनापन

लमना प्रवास के दौरान श्री फ्रैंक रोजर मार्सटन और श्रीमती जेनिफर मार्गरेट रेनफ्रू मार्सटन ग्रामीणों के साथ तस्वीरें खिंचवाते, बच्चों से बातचीत करते और स्थानीय परिवारों के साथ समय बिताते नजर आए। वे ग्रामीण महिलाओं और बच्चों के साथ आत्मीयता से मिले ।

विदेशी पर्यटकों का गांवों तक पहुंचना इस बात का संकेत है कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन की संभावनाएं अब नए क्षेत्रों और नए अनुभवों तक विस्तार पा रही हैं।

ग्रामीण पर्यटन के विस्तार से स्थानीय परिवारों, छोटे व्यवसायों, हस्तशिल्पकारों, ग्रामीण बाजारों, स्थानीय गाइडों और होमस्टे संचालकों के लिए आय एवं रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।

लमना में ब्रिटेन के मेहमानों की यह यात्रा छत्तीसगढ़ के उस पर्यटन मॉडल की खूबसूरत झलक है, जहां प्रकृति के साथ संस्कृति, गांव के साथ आतिथ्य और पर्यटन के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था आगे बढ़ती है। छत्तीसगढ़ की यही सहज, आत्मीय और जीवंत पहचान देश-दुनिया के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें किया नमन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें किया नमन

अंत्योदय के संकल्प के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री साय

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में एकात्म मानववाद के प्रणेता और प्रखर राष्ट्रचिंतक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने अपने विचारों और सिद्धांतों के माध्यम से राष्ट्र के समग्र विकास की ऐसी दृष्टि प्रस्तुत की, जिसके केंद्र में समाज का अंतिम व्यक्ति है। उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, जनकल्याण और समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का मानना था कि विकास की सार्थकता तभी है, जब उसका लाभ समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। उनका ‘अंत्योदय’ का सिद्धांत गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती को ‘अंत्योदय दिवस’ के रूप में मनाना उनके विचारों के अनुरूप समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण और उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के संकल्प को अभिव्यक्त करता है। एकात्म मानववाद और अंत्योदय का उनका दर्शन आज भी राष्ट्र निर्माण और जनकल्याण की दिशा में प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांतों को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण और विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार, आदर्श और राष्ट्रसेवा का भाव सदैव देश और समाज को प्रेरित करता रहेगा।