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Thursday, October 29, 2026
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छत्तीसगढ़ में बारिश से टूटी सड़कों और पुलों की होगी जल्द मरम्मत, PWD ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश

रायपुर : लगातार हुई बारिश के बाद सड़कों और पुल-पुलियों को हुए नुकसान को लेकर लोक निर्माण विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। उप मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बारिश से क्षतिग्रस्त हुए मार्गों और पुलों की मरम्मत में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। जहां संभव हो, वहां संबंधित एजेंसी या ठेकेदार के जरिए तुरंत सुधार कार्य कराकर यातायात बहाल किया जाए।जिन स्थानों पर नुकसान अधिक हुआ है, वहां पुनर्निर्माण और विशेष मरम्मत की प्रक्रिया भी तेजी से शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने जरूरत के अनुसार पर्याप्त राशि उपलब्ध कराने की बात कही है।

24 से 26 सितंबर की बारिश ने बढ़ाई परेशानी, कई जगह पुलों के ऊपर से बहा पानी

प्रदेश में 24 सितंबर से 26 सितंबर के बीच हुई लगातार बारिश के चलते कई नदी और नालों में जलस्तर बढ़ गया। इस दौरान कई स्थानों पर पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहने की स्थिति बनी। पानी उतरने के बाद सड़कों और पुलों को हुए नुकसान का आकलन शुरू किया जा रहा है।लोक निर्माण विभाग ने सभी मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं, कार्यपालन अभियंताओं, अनुविभागीय अधिकारियों और उप अभियंताओं को अपने अपने क्षेत्रों में तत्काल निरीक्षण कर जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

क्षतिग्रस्त सड़कों की फोटो और वीडियो से तैयार होगी नुकसान की रिपोर्ट

विभाग के प्रमुख अभियंता ने मैदानी अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सड़कों और पुल-पुलियों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराने को कहा है। इसके आधार पर नुकसान का तत्काल आकलन किया जाएगा और संभावित खर्च की जानकारी संबंधित स्तर पर भेजी जाएगी।जहां मरम्मत का काम मौजूदा अनुबंध के तहत संबंधित एजेंसी या ठेकेदार से कराया जा सकता है, वहां बिना देरी के काम शुरू करने के निर्देश हैं। इसका उद्देश्य प्रभावित मार्गों पर जल्द से जल्द आवागमन बहाल करना है।

ज्यादा नुकसान वाले हिस्सों के लिए 10 दिनों में तैयार करना होगा प्रस्ताव

जिन सड़कों या पुलों को दोबारा बनाने या विशेष मरम्मत की जरूरत है, उनके लिए प्राक्कलन तैयार कर सक्षम अधिकारी के सामने 10 दिनों के भीतर प्रस्तुत करने को कहा गया है। विभाग के मुताबिक विशेष मरम्मत के लिए आवश्यक राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।इसके अलावा सड़कों और पुलों के सुधार से जुड़ी एफडीआर की स्वीकृति भी प्राथमिकता के आधार पर 15 दिनों के भीतर जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। राशि के आवंटन की जरूरत होने पर संबंधित जानकारी प्रमुख अभियंता कार्यालय को परिक्षेत्रवार भेजनी होगी।

मरम्मत सिर्फ कामचलाऊ नहीं, स्थायी समाधान पर रहेगा विभाग का जोर

लोक निर्माण विभाग ने स्पष्ट किया है कि बारिश से क्षतिग्रस्त संरचनाओं की मरम्मत केवल अस्थायी तौर पर नहीं की जानी चाहिए। जहां जरूरत हो, वहां टो-वॉल और कांक्रीट रोड के निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।पुलों में क्षतिग्रस्त वियरिंग कांक्रीट, रेलिंग और अन्य हिस्सों की भी जल्द मरम्मत कराने को कहा गया है। विभाग का फोकस बारिश के बाद प्रभावित सड़कों और पुलों को सुरक्षित बनाने के साथ लोगों के लिए सुचारू आवागमन बहाल करने पर है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आज कांकेर दौरा, अंतागढ़ में मन की बात सुनेंगे और रायपुर में प्रेसवार्ता करेंगे

छत्तीसगढ़ :  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कांकेर जिले के दौरे पर रहेंगे। अपने प्रवास के दौरान वे अंतागढ़ पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम को सुनेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री रायपुर लौटेंगे, जहां उनका दिनभर विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने का कार्यक्रम है।

दोपहर में रायपुर में होगी प्रेसवार्ता

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दोपहर 2:45 बजे रायपुर में प्रेसवार्ता करेंगे। इस दौरान वे विभिन्न मुद्दों पर मीडिया से बातचीत कर सकते हैं। इसके बाद शाम को वे एक विशेष समारोह में शामिल होंगे।

अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी समारोह में होंगे शामिल

मुख्यमंत्री शाम 6:40 बजे श्रद्धेय श्री अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। कार्यक्रम के बाद उनका अगला पड़ाव विश्व पर्यटन दिवस समारोह होगा।

रात में विश्व पर्यटन दिवस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे सीएम

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रात 9:30 बजे विश्व पर्यटन दिवस समारोह में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम के जरिए प्रदेश में पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों और संभावनाओं पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

आज खुले रहेंगे सभी बैंक, ग्राहकों को मिलेगी राहत

जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए आज प्रदेश में सभी बैंक खुले रहेंगे। बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होने से लोगों को अपने जरूरी बैंकिंग काम निपटाने में सुविधा मिलेगी।

पेट्रोल-डीजल के दाम में नहीं आया बड़ा बदलाव, टंकी फुल कराने से पहले देख लें अपने शहर का रेट

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पेट्रोल-डीजल :  अगर आज यानी 27 सितंबर 2026 को आपकी गाड़ी में पेट्रोल या डीजल भरवाने की जरूरत है तो पंप पर जाने से पहले अपने शहर का ताजा भाव जरूर जान लें। राहत की बात यह है कि देश के प्रमुख शहरों में आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला है।पेट्रोल और डीजल के दाम रोजाना सुबह 6 बजे अपडेट किए जाते हैं। हालांकि, हर दिन कीमत बदलना जरूरी नहीं है। अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों, टैक्स और अन्य लागतों में बड़ा बदलाव नहीं होने पर ईंधन की कीमत कई दिनों तक एक ही स्तर पर बनी रह सकती है।

कहां कितना मिल रहा है पेट्रोल, पूरी लिस्ट यहां देखें

अलग-अलग शहरों में पेट्रोल की कीमतों में अंतर बना हुआ है। 27 सितंबर के उपलब्ध भाव के मुताबिक प्रमुख शहरों में एक लीटर पेट्रोल के लिए आपको इतनी रकम चुकानी होगी:

शहरपेट्रोल की कीमत प्रति लीटर
अहमदाबाद₹102.15
बैंगलोर₹111.68
चेन्नई₹107.76
गुडगाँव₹102.97
हैदराबाद₹116.15
जयपुर₹113.19
कोलकाता₹113.51
लखनऊ₹101.86
मुंबई₹111.18
नई दिल्ली₹102.12
नोएडा₹102.12
पुणे₹111.90

डीजल भरवाने से पहले यहां देखिए आज का भाव

डीजल की कीमत भी आज बड़े शहरों में लगभग स्थिर बनी हुई है। शहर के हिसाब से एक लीटर डीजल का रेट इस प्रकार है:

शहरडीजल की कीमत प्रति लीटर
अहमदाबाद₹98.27
बैंगलोर₹99.56
चेन्नई₹99.55
गुडगाँव₹95.64
हैदराबाद₹104.23
जयपुर₹98.25
कोलकाता₹99.82
लखनऊ₹95.36
मुंबई₹97.83
नई दिल्ली₹95.20
नोएडा₹95.56
पुणे₹98.55

दिल्ली और मुंबई में ही क्यों अलग है पेट्रोल-डीजल का रेट

अगर आपने अलग-अलग शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमत देखी है तो एक बात साफ नजर आएगी कि सभी जगह रेट समान नहीं हैं। इसकी प्रमुख वजह राज्यों में लागू अलग-अलग टैक्स हैं।ईंधन की अंतिम कीमत पर केंद्र और राज्य सरकारों के कर के अलावा डीलर कमीशन, परिवहन से जुड़ी लागत और कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों का भी असर पड़ता है। यही कारण है कि एक ही दिन अलग-अलग शहरों में पेट्रोल और डीजल अलग कीमत पर मिल सकता है।

हर सुबह 6 बजे ही क्यों अपडेट होते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम

भारत में पेट्रोल और डीजल की रोजाना कीमत तय करने की व्यवस्था जून 2017 से लागू है। तेल कंपनियां हर दिन सुबह 6 बजे नए रेट जारी करती हैं।लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर सुबह पेट्रोल और डीजल की कीमत जरूर बदलेगी। यदि कच्चे तेल की कीमत, टैक्स और दूसरी लागतों में बड़ा बदलाव नहीं होता है तो ईंधन के दाम लगातार कई दिनों तक स्थिर रह सकते हैं।

आज टंकी फुल कराने वालों के लिए सीधी बात

27 सितंबर 2026 को प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। फिर भी ईंधन भरवाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जांच लेना बेहतर है, क्योंकि अलग-अलग शहरों में कीमत अलग होती है और रोजाना सुबह 6 बजे नए भाव जारी किए जाते हैं।

त्योहार और शादी के सीजन से पहले सोना-चांदी फिर महंगा, खरीदारी से पहले जान लें आज का ताजा भाव

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 सोना-चांदी : त्योहारों और शादियों का दौर करीब आते ही सोने और चांदी की कीमतों पर लोगों की नजर टिक गई है। ऐसे समय में अगर आप भी गहने खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो आज के बाजार भाव पर नजर डालना जरूरी है। घरेलू बाजार में शनिवार को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में बढ़त दर्ज की गई है।सोने के भाव में जहां 150 रुपए की तेजी आई है, वहीं चांदी भी 368 रुपए महंगी हुई है। यानी कीमती धातुओं की खरीदारी करने वालों को आज पहले के मुकाबले ज्यादा रकम खर्च करनी होगी।

आज 24 कैरेट सोने का भाव कितना पहुंचा

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 26 सितंबर को सोने की कीमत में 150 रुपए यानी करीब 0.1 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। इस बढ़त के बाद 24 कैरेट सोना 1,50,860 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिल रहा है। प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने के भाव इस तरह हैं:

शहर24 कैरेट सोने का भाव
दिल्ली1,50,860 रुपए प्रति 10 ग्राम
नोएडा1,50,860 रुपए प्रति 10 ग्राम
गुरुग्राम1,50,860 रुपए प्रति 10 ग्राम
मुंबई1,50,960 रुपए प्रति 10 ग्राम
कोलकाता1,50,760 रुपए प्रति 10 ग्राम
चेन्नई1,50,860 रुपए प्रति 10 ग्राम
पटना1,50,890 रुपए प्रति 10 ग्राम
लखनऊ1,50,960 रुपए प्रति 10 ग्राम
वाराणसी1,50,860 रुपए प्रति 10 ग्राम

चांदी के दाम में भी आया उछाल, नया भाव जानिए

सोने की तरह चांदी ने भी आज तेजी का रुख दिखाया है। MCX पर चांदी 368 रुपए यानी करीब 0.16 फीसदी ऊपर रही। इस बढ़त के बाद चांदी का भाव 2,33,850 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया।देश के प्रमुख शहरों में चांदी की कीमत फिलहाल एक समान 2,33,850 रुपए प्रति किलोग्राम बताई गई है।

शहरचांदी का भाव
दिल्ली2,33,850 रुपए प्रति किलोग्राम
नोएडा2,33,850 रुपए प्रति किलोग्राम
गुरुग्राम2,33,850 रुपए प्रति किलोग्राम
मुंबई2,33,850 रुपए प्रति किलोग्राम
कोलकाता2,33,850 रुपए प्रति किलोग्राम
चेन्नई2,33,850 रुपए प्रति किलोग्राम
पटना2,33,850 रुपए प्रति किलोग्राम
लखनऊ2,33,850 रुपए प्रति किलोग्राम
वाराणसी2,33,850 रुपए प्रति किलोग्राम

विदेशी बाजार में भी कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी

घरेलू बाजार के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी के भाव में हल्की मजबूती देखने को मिली है। ग्लोबल मार्केट में सोना 0.01 फीसदी की बढ़त के साथ 4,275.38 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।वहीं, चांदी की कीमत में 0.02 फीसदी की तेजी दर्ज की गई और इसका भाव 63.80 डॉलर प्रति औंस हो गया।

खरीदारी करने वालों के लिए क्यों जरूरी है आज का भाव

त्योहार और शादी के सीजन में सोने तथा चांदी की मांग आमतौर पर चर्चा में रहती है। ऐसे में खरीदारी से पहले अपने शहर का ताजा भाव जरूर जांचना चाहिए। साथ ही आभूषण खरीदते समय केवल धातु की कीमत ही नहीं, बल्कि मेकिंग चार्ज, टैक्स और अन्य लागू शुल्क को भी कुल लागत में शामिल करके देखना जरूरी है।

राशिफल: रविवार को इन राशियों की खुलेगी किस्मत, पढ़ें भविष्यफल

 मेष- आज चंद्रमा की स्थिति 27 सितंबर, 2026 रविवार के दिन मीन राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा बारहवें भाव में होगा. आज आपको सावधानीपूर्वक दिन बिताना होगा. सर्दी-बुखार से तबीयत खराब होने की आशंका है. इस दौरान आपको बाहर जाने से बचना चाहिए. प्रेम जीवन में अपने प्रिय से दूर जाना पड़ सकता है. किसी का भला करने में स्वयं का नुकसान कर सकते हैं, अतः सावधान रहें. कार्यस्थल पर मन में किसी बात का डर लगा रहेगा. आप गलत जगह पैसे का निवेश न करें, विशेषज्ञ की सलाह से काम करें. जीवनसाथी के साथ संबंध मजबूत होंगे.

वृषभ- आज चंद्रमा की स्थिति 27 सितंबर, 2026 रविवार के दिन मीन राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा ग्यारहवें भाव में होगा. आपके व्यापार में वृद्धि होगी. आपकी आय के सोर्स बढ़ेंगे. नौकरीपेशा लोगों को कोई नया काम मिल सकता है. परिवार में सुख और शांति बनी रहेगी. मित्रों और बुजुर्गों से लाभ होगा. उनके साथ आनंद के पल गुजार सकेंगे. वैवाहिक जीवन में खुशी तथा संतोष प्राप्त कर सकेंगे. घर से बाहर कहीं जाना हो, तो ध्यान रखें. अविवाहितों का रिश्ता पक्का हो सकता है. संतान से भी अच्छे समाचार मिलेंगे. स्वास्थ्य लाभ मिलेगा.

मिथुन- आज चंद्रमा की स्थिति 27 सितंबर, 2026 रविवार के दिन मीन राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा दसवें भाव में होगा. आज का दिन शुभ तथा अनुकूलता से भरा होगा. ऑफिस में साथी कर्मचारियों तथा अधिकारी के साथ संबंध अच्छे रहेंगे. सामाजिक दृष्टि से आपके मान-सम्मान में वृद्धि होगी. पदोन्नति के योग हैं. परिजनों से उपहार मिल सकता है. जीवनसाथी के साथ आपके प्रेम संबंध और मजबूत होंगे. स्वास्थ्य अच्छा रहेगा. सांसारिक जीवन आनंदमय रहेगा. आज किसी नए काम की योजना बना सकेंगे. निवेश सोच-समझकर ही करें.

कर्क- आज चंद्रमा की स्थिति 27 सितंबर, 2026 रविवार के दिन मीन राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा नवें भाव में होगा. आज आपके लिए काफी आरामदायक दिन है. हर काम सरलतापूर्वक पूरे होंगे. नौकरी में उच्चाधिकारी आपसे प्रसन्न रहेंगे. पदोन्नति के योग हैं. अधिकारियों से महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी. परिजनों से किसी बात पर विचार-विमर्श होगा. घर की सुंदरता बढ़ाने में आप सहयोग करेंगे. दफ्तर के काम आसानी से पूरे हो सकेंगे. माता से संबंध अच्छे रहेंगे. स्वास्थ्य अच्छा बना रहेगा. सरकार से भी लाभ होगा.

सिंह- आज चंद्रमा की स्थिति 27 सितंबर, 2026 रविवार के दिन मीन राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा आठवें भाव में होगा. आपका दिन मध्यम फलदायी है. निर्धारित काम पर ही ध्यान दें. धार्मिक एवं मांगलिक कामों में आज का दिन गुजरेगा. धार्मिक यात्रा का आयोजन हो सकता है. आज आप थोड़े गुस्से में रहेंगे. जिस वजह से मानसिक अशांति रहेगी. संतान से भी चिंतित रहेंगे. उनकी पढ़ाई या स्वास्थ्य की चिंता हो सकती है. व्यवसाय में बाधा आ सकती है. विदेश में रहने वाले स्वजनों से समाचार मिलेंगे. जीवनसाथी के साथ भी आज पुराना मतभेद फिर सामने आ सकता है.

कन्या- आज चंद्रमा की स्थिति 27 सितंबर, 2026 रविवार के दिन मीन राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा सातवें भाव में होगा. आज का दिन आपके लिए शुभ है. किसी काम में आपको यश मिलेगा. व्यापार में भागीदार के साथ संबंधों में सकारात्मकता बढ़ेगी. वस्त्र, आभूषणों की खरीदी से मन आनंदित रहेगा. मित्रों के साथ प्रवास का आनंद ले सकेंगे. नौकरीपेशा लोगों के लिए आज का दिन अच्छा है. कार्यस्थल पर कोई रुचिकर काम आपको मिल सकता है. प्रेम जीवन के लिए आज का दिन सकरात्मक है. आज किसी को मन की बात भी कह सकते हैं.

तुला- आज चंद्रमा की स्थिति 27 सितंबर, 2026 रविवार के दिन मीन राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा छठे भाव में होगा. आज आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा. नौकरी में उन्नति होगी. आप समय पर अपना काम पूरा कर पाने की स्थिति में रहेंगे. व्यवसाय में लाभ होगा. सहकर्मियों का भी सहयोग प्राप्त होगा. परिजनों के साथ आप आनंदपूर्वक समय गुजार सकेंगे. जीवनसाथी के साथ संबंध मजबूत होंगे. आज आप घर की किसी समस्या पर जीवनसाथी के साथ चर्चा कर सकते हैं. वाणी पर संयम बरतें. खर्च पर नियंत्रण रखें. कार्य में सफलता और यश प्राप्त होगा.

वृश्चिक- आज चंद्रमा की स्थिति 27 सितंबर, 2026 रविवार के दिन मीन राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा पांचवें भाव में होगा. वाद-विवाद से दूर रहें. संतान के विषय में चिंता रहेगी. छात्रों को सफलता मिलने से उत्साह में वृद्धि होगी. शेयर बाजार में आज पूंजी-निवेश ना करें. संभव हो तो यात्रा टाल दें. भविष्य की आर्थिक योजनाएं बनाने के लिए समय अनुकूल है. परिश्रम के अनुसार सफलता भी प्राप्त होगी. प्रेम जीवन में संतुष्टि बनी रहेगी.

धनु- आज चंद्रमा की स्थिति 27 सितंबर, 2026 रविवार के दिन मीन राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा चौथे भाव में होगा. आज भावनाओं पर नियंत्रण रखना मुश्किल होगा. पारिवारिक चिंता से मानसिक तनाव की आशंका बनी रहेगी. बेचैनी का अनुभव करेंगे. स्वास्थ्य खराब हो सकता है. मां की तबीयत की चिंता हो सकती है. किसी नए काम की शुरुआत के लिए आज का दिन अनुकूल नहीं है. पर्याप्त नींद नहीं आने से परेशान हो सकते हैं. कार्यस्थल पर धैर्य के साथ अपना काम करते रहें. विवाद से बचने के लिए ज्यादातर समय मौन रहें. परिवार के सदस्यों की भावना की भी कद्र करें.

मकर- आज चंद्रमा की स्थिति 27 सितंबर, 2026 रविवार के दिन मीन राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा तीसरे भाव में होगा. मित्रों और परिजनों के साथ आज का दिन आनंदपूर्वक गुजारेगा. किसी पर्यटन स्थल पर घूमने जा सकते हैं. स्थायी संपत्ति से जुड़े आज सभी काम पूरे कर पाएंगे. लोगों के लिए समय अनुकूल है. विद्यार्थियों को समय की अनुकूलता रहेगी. विरोधी परास्त होंगे. शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा बना रहेगा. आज आर्थिक लाभ के संकेत हैं. नए काम का आरंभ कर पाएंगे. प्रेम जीवन में सफलता मिलेगी.

कुंभ- आज चंद्रमा की स्थिति 27 सितंबर, 2026 रविवार के दिन मीन राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा दूसरे भाव में होगा. मानसिक रूप से दुविधा का अनुभव होने से निर्णय लेने में परेशानी होगी. निरर्थक खर्च से बचें. वाणी पर संयम बरतें, अन्यथा परिजनों से अनबन होने की आशंका बनी रहेगी. छात्रों को एकाग्रता पर जोर देना पड़ेगा. सफलता मिलने में देरी होगी. नौकरीपेशा लोगों को कोई अरुचिकर काम भी करना पड़ सकता है.

मीन- आज चंद्रमा की स्थिति 27 सितंबर, 2026 रविवार के दिन मीन राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा पहले भाव में होगा. आज का दिन शुभ फलदायी है. उत्साह बना रहेगा. नए काम की शुरुआत के लिए के लिए दिन अच्छा है. परिजनों और मित्रों संग स्वादिष्ट भोजन करने का अवसर मिलेगा. धन लाभ होगा. अत्यधिक खर्च पर आपको नियंत्रण रखना होगा. धार्मिक यात्रा का योग है. कार्यों में सफलता मिलेगी. आज निवेश को लेकर किसी लालच में ना आएं.

पंचांग: आज से शुरू हो रहा आश्विन महीना, जानें क्या है ग्रह-नक्षत्रों की चाल

 पंचांग : आज 27 सितंबर, 2026 रविवार, के दिन आश्विन महीने की कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि है. इस दिन पर माता दुर्गा का शासन है. नए प्रोजेक्ट्स की प्लानिंग और चिकित्सा संबंधी कामों के लिए अच्छा दिन है. किसी भी तरह का अन्य बड़ा शुभ काम नहीं करना चाहिए.

27 सितंबर का पंचांग :

  • विक्रम संवत : 2083
  • मास : आश्विन
  • पक्ष : कृष्ण पक्ष प्रतिपदा
  • दिन : रविवार
  • तिथि : कृष्ण पक्ष प्रतिपदा
  • योग : व्रुद्धी
  • नक्षत्र : उत्तराभाद्रपदा
  • करण : बलव
  • चंद्र राशि : मीन
  • सूर्य राशि : कन्या
  • सूर्योदय : 06:11:00 AM
  • सूर्यास्त : 06:12:00 PM
  • चंद्रोदय : 06:29 PM
  • चंद्रास्त : 06:32 AM
  • राहुकाल : 16:42 से 18:12
  • यमगंड : 12:12 से 13:42

आज का नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा मीन राशि और उत्तराभाद्रपदा नक्षत्र में रहेगा. यह नक्षत्र मीन राशि 3:20 डिग्री से लेकर 16:40 तक फैला हुआ है. इसके देवता अहिर्बुध्न्य हैं, जो एक नाग देवता है. इस नक्षत्र का स्वामी ग्रह शनि है. कुएं खोदने, नींव या शहर बनाने, प्रायश्चित अनुष्ठान करने, पेड़ लगाने, राज्याभिषेक, भूमि खरीदने, मेधावी कर्म, बीज बोने, देवताओं की स्थापना, मंदिर के निर्माण, विवाह, या किसी अन्य गतिविधि के लिए ये अनुकूल नक्षत्र है.

आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 16:42 से 18:12 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी सुखदेव भगत का 27 सितंबर को प्रथम छत्तीसगढ़ आगमन,

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रायपुर, 26 सितंबर 2026

रायपुर एयरपोर्ट पर होगा भव्य स्वागत
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी सुखदेव भगत जी प्रभारी बनने के बाद पहली बार छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। उनका आगमन कल 27 सितंबर (रविवार) को दोपहर 12:00 बजे विमान द्वारा रायपुर एयरपोर्ट पर होगा।

पूर्व विधायक रायपुर पश्चिम एवं पूर्व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने समस्त कांग्रेसजनों से आग्रह किया है कि वे नवनियुक्त प्रभारी महोदय के भव्य स्वागत कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में रायपुर एयरपोर्ट पहुंचें।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दिशा-निर्देशों के तहत प्रदेश एवं रायपुर शहर में निवासरत प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य, वरिष्ठजन, सांसद, पूर्व सांसद, विधायक, पूर्व विधायक, पार्षद, पूर्व पार्षद, नेता प्रतिपक्ष, पूर्व नेता प्रतिपक्ष, समस्त प्रदेश पदाधिकारी, शहर एवं ब्लॉक पदाधिकारी, वार्ड पदाधिकारी एवं सभी सम्मानित सदस्यगण, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, सेवादल, किसान कांग्रेस, असंगठित क्षेत्र जनसमस्या निवारण प्रकोष्ठ, अल्पसंख्यक विभाग, विधि विभाग, अनुसूचित जाति-जनजाति विभाग, पिछड़ा वर्ग विभाग, झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ, मंडल अध्यक्ष, बूथ अध्यक्ष, सेक्टर अध्यक्ष, जोन अध्यक्ष एवं सभी मोर्चा-प्रकोष्ठों के पदाधिकारी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।

कार्यक्रम विवरण:
दिनांक: 27 सितंबर 2026, रविवार
समय: दोपहर 12:00 बजे
स्थान: रायपुर एयरपोर्ट, छत्तीसगढ़


सादर सूचनार्थ:
विकास उपाध्याय

पूर्व विधायक रायपुर पश्चिम
पूर्व संसदीय सचिव एवं छाया सांसद (छ.ग.)

मदकूद्वीप की पुरातात्विक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण में स्वर्गीय शांताराम का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री साय ने मदकूद्वीप में समाजसेवी स्वर्गीय शांताराम को अर्पित किए श्रद्धासुमन

स्वर्गीय शांताराम की स्मृति में समर्पित उद्यान का किया लोकार्पण

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री ने लगाया कल्पवृक्ष का पौधा, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा – सेवा, संस्कृति और प्रकृति के संरक्षण के प्रति उनका समर्पण भावी पीढ़ियों को देता रहेगा प्रेरणा

रायपुर – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड स्थित ऐतिहासिक, पुरातात्विक एवं आध्यात्मिक महत्व के हरिहर क्षेत्र केदार मदकूद्वीप पहुंचे। मुख्यमंत्री साय मदकूद्वीप की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले समाजसेवी स्वर्गीय शांताराम के वार्षिक श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वर्गीय शांताराम की स्मृति को चिरस्थायी बनाए रखने के उद्देश्य से निर्मित उद्यान का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह उद्यान केवल उनकी स्मृतियों को संजोने का स्थान नहीं होगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को उनके सेवाभाव, सामाजिक सरोकारों और अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति समर्पण से परिचित कराने का माध्यम भी बनेगा।

मुख्यमंत्री साय ने स्वर्गीय शांताराम के योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि मदकूद्वीप हमारी समृद्ध पुरातात्विक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। इस धरोहर के संरक्षण और इसके महत्व को पुनः प्रतिष्ठित करने में स्वर्गीय श्री शांताराम ने अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने निःस्वार्थ भाव से इस क्षेत्र की सेवा की और मदकूद्वीप के ऐतिहासिक तथा आध्यात्मिक महत्व को व्यापक पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी क्षेत्र की पहचान केवल उसकी भौगोलिक सीमाओं से नहीं, बल्कि उसकी संस्कृति, परंपराओं, इतिहास और उन लोगों से बनती है, जो इन धरोहरों को सहेजने के लिए अपना जीवन लगा देते हैं। स्वर्गीय शांताराम ऐसे ही व्यक्तित्व थे। उनके प्रयासों के कारण मदकूद्वीप आज श्रद्धालुओं के साथ-साथ इतिहास, पुरातत्व और संस्कृति में रुचि रखने वाले लोगों तथा शोधकर्ताओं के लिए भी महत्वपूर्ण स्थल के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है।

सामाजिक और धार्मिक कार्यों में भी रहा उल्लेखनीय योगदान

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वर्गीय शांताराम की सेवा यात्रा केवल मदकूद्वीप तक सीमित नहीं रही। उन्होंने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। बैतलपुर में शिव मंदिर के निर्माण, चिकित्सा सेवाओं के विस्तार तथा विभिन्न सामाजिक कार्यों में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। नवागढ़ स्थित शमी गणेश मंदिर के पुनर्निर्माण में भी उन्होंने उल्लेखनीय भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के लिए किए गए निःस्वार्थ कार्य ही किसी व्यक्ति की सबसे बड़ी विरासत होते हैं। स्वर्गीय श्री शांताराम ने अपने जीवन से सेवा, सामाजिक दायित्व और सांस्कृतिक चेतना का उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके द्वारा किए गए कार्य आज भी समाज के बीच जीवंत हैं और आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों, संस्कृति और विरासत के प्रति जिम्मेदारी का बोध कराते रहेंगे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी प्राचीन धरोहरें केवल अतीत की स्मृतियां नहीं हैं, बल्कि हमारी पहचान और आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य निधि हैं। इनके संरक्षण में समाज की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्वर्गीय शांताराम जैसे समाजसेवियों ने यह दिखाया कि दृढ़ संकल्प और सेवाभाव से कोई व्यक्ति अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में कितना महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।

स्वर्गीय शांताराम की स्मृतियों और सेवाभाव को संजोए रखेगा उद्यान

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वर्गीय शांताराम की स्मृति में समर्पित यह उद्यान उनके जीवन और कार्यों के प्रति समाज की कृतज्ञता का प्रतीक है। यह स्थान लोगों को प्रकृति के निकट लाने के साथ उनके द्वारा किए गए सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यों की स्मृतियों को भी जीवंत रखेगा।

उन्होंने कहा कि स्वर्गीय शांताराम का जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि अपनी संस्कृति और विरासत को सहेजना केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। जब समाज स्वयं अपनी धरोहरों के संरक्षण के लिए आगे आता है, तब संस्कृति और परंपराओं का यह प्रवाह पीढ़ी-दर-पीढ़ी और मजबूत होता जाता है।

‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत लगाया कल्पवृक्ष

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत कल्पवृक्ष का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वृक्ष हमारी प्रकृति और जीवन का आधार हैं। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान मां के प्रति हमारे प्रेम और कृतज्ञता के भाव को प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी से जोड़ने की सुंदर पहल है।

उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि पौधरोपण तभी सार्थक है, जब लगाए गए पौधों की देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनने तक सहेजा जाए। पर्यावरण संरक्षण केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मदकूद्वीप जैसे प्राकृतिक, पुरातात्विक और आध्यात्मिक महत्व के स्थलों का संरक्षण हमारी साझा जिम्मेदारी है। प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण के प्रयास साथ-साथ आगे बढ़ेंगे, तभी हम अपनी समृद्ध विरासत को उसके मूल स्वरूप में भावी पीढ़ियों तक पहुंचा सकेंगे।

इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, मंत्री दयाल दास बघेल एवं लखन लाल देवांगन, विधायक धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल, सुशांत शुक्ला एवं पुन्नू लाल मोहले सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की भेंट

बेमेतरा में 26-27 सितंबर को होने वाले प्रांतीय राजभाषा सम्मेलन में शामिल होने का दिया न्योता

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सम्मेलन की सफलता के लिए दी अग्रिम शुभकामनाएं

प्रदेशभर के साहित्यकार, विद्वान और राजभाषा से जुड़े प्रतिनिधि होंगे शामिल

रायपुर :- छत्तीसगढ़ी भाषा, साहित्य और राजभाषा के विकास को समर्पित दो दिवसीय प्रांतीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन 26 एवं 27 सितंबर को जिला बेमेतरा में किया जाएगा। सम्मेलन में प्रदेशभर के साहित्यकारों, विद्वानों, भाषा विशेषज्ञों और राजभाषा से जुड़े प्रतिनिधियों की सहभागिता होगी। सम्मेलन के माध्यम से छत्तीसगढ़ी भाषा के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ प्रदेश की समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष एवं राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त प्रभात मिश्रा ने आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री साय को बेमेतरा में आयोजित होने वाले प्रांतीय राजभाषा सम्मेलन में शामिल होने के लिए सादर आमंत्रित किया। इस दौरान मिश्रा ने सम्मेलन के उद्देश्यों, आयोजन की तैयारियों और कार्यक्रम की रूपरेखा से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रांतीय राजभाषा सम्मेलन के आयोजन के लिए प्रभात मिश्रा एवं छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सम्मेलन की सफलता के लिए अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए आयोजन के सफल एवं गरिमामय आयोजन की कामना की।

भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण पर होगा संवाद

बेमेतरा में आयोजित होने वाला यह सम्मेलन छत्तीसगढ़ी भाषा और साहित्य से जुड़े रचनाकारों, साहित्यकारों तथा विद्वानों को एक साझा मंच प्रदान करेगा। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ी भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन, साहित्य के विकास, राजभाषा के प्रभावी उपयोग तथा नई पीढ़ी में छत्तीसगढ़ी भाषा के प्रति रुचि बढ़ाने जैसे विषयों पर संवाद और विचार-विमर्श होगा। साथ ही प्रदेश की लोक परंपराओं एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण से जुड़े विषयों पर भी विचार साझा किए जाएंगे।

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को मिलेगा विस्तार

छत्तीसगढ़ी भाषा प्रदेश की लोक संस्कृति, परंपराओं, लोकगीतों, लोककथाओं और जनजीवन की अभिव्यक्ति का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से छत्तीसगढ़ी भाषा और साहित्य को नई पीढ़ी से जोड़ने तथा इसके व्यापक प्रचार-प्रसार को गति देने का अवसर मिलता है। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की माटी, भाषा और संस्कृति की विशिष्ट पहचान को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

प्रदेशभर से साहित्यकार और भाषा प्रेमी होंगे शामिल

दो दिवसीय प्रांतीय राजभाषा सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से साहित्यकार, लेखक, कवि, विद्वान, भाषा प्रेमी और राजभाषा से जुड़े प्रतिनिधि शामिल होंगे। सम्मेलन के माध्यम से छत्तीसगढ़ी भाषा एवं साहित्य के क्षेत्र में कार्य कर रहे रचनाकारों और संस्थाओं के बीच संवाद एवं समन्वय को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग द्वारा आयोजित यह सम्मेलन भाषा और साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय लोगों के लिए विचारों के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। सम्मेलन के माध्यम से छत्तीसगढ़ी भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़े प्रयासों को नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही प्रदेश की माटी, भाषा और संस्कृति के गौरव को आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक सहभागिता को प्रोत्साहन मिलेगा।

सरगुजा शिक्षा विभाग में अटैचमेंट को लेकर बवाल, DEO पर गंभीर आरोप; सूरजपुर के व्याख्याता को अहम जिम्मेदारी देने पर उठे सवाल

अंबिकापुर :  शिक्षा विभाग से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसमें सरगुजा के जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार झा पर नियमों की अनदेखी और कर्मचारियों को लंबे समय तक अटैच रखने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में सूरजपुर जिले में पदस्थ एक व्याख्याता को सरगुजा का कर्मचारी बताकर समग्र शिक्षा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने का दावा किया गया है। इसके अलावा कई शिक्षकों को सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी दिए जाने और नियमों के विपरीत अटैचमेंट जारी रखने के आरोप भी लगाए गए हैं।

सूरजपुर में पदस्थ व्याख्याता को सरगुजा में जिम्मेदारी देने का आरोप

पूरा मामला सूरजपुर जिले के सोनगरा स्कूल में पदस्थ व्याख्याता संतोष साहू से जुड़ा बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता परवेज आलम का आरोप है कि संतोष साहू की मूल पदस्थापना सूरजपुर जिले में है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें सरगुजा जिले का कर्मचारी बताकर समग्र शिक्षा में APC यानी असिस्टेंट प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी दी गई।

शिकायत में कहा गया है कि मूल पदस्थापना वाले जिले में वापस भेजने के बजाय संतोष साहू को सरगुजा में ही अटैच रखा गया है। शिकायतकर्ता ने इस व्यवस्था को लेकर विभागीय नियमों और शासन के निर्देशों पर सवाल उठाए हैं।

कई शिक्षकों और कर्मचारियों के अटैचमेंट पर भी सवाल

शिकायत केवल एक कर्मचारी तक सीमित नहीं है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर अन्य शिक्षकों और कर्मचारियों को भी नियमों के विपरीत अटैच रखने के आरोप लगाए गए हैं। साथ ही कुछ शिक्षकों को सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी बनाए जाने के तरीके को लेकर भी आपत्ति जताई गई है।शिकायतकर्ता का कहना है कि जब शासन स्तर से लंबे समय से चल रही अटैचमेंट व्यवस्था को समाप्त करने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं, तब सरगुजा जिले में इस तरह की व्यवस्था जारी रहने पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

अटैचमेंट खत्म कर मूल पदस्थापना पर भेजने की मांग

मामले में शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की है। साथ ही नियमों के विपरीत किए गए अटैचमेंट को समाप्त कर संबंधित कर्मचारियों को उनकी मूल पदस्थापना वाले स्थान पर वापस भेजने की मांग रखी गई है।अब विभाग के सामने यह स्पष्ट करने की चुनौती है कि संबंधित कर्मचारियों को किस आधार पर अटैच किया गया और उन्हें जिम्मेदारियां देने की प्रक्रिया शासन के नियमों के अनुरूप थी या नहीं।

DEO दिनेश कुमार झा का पक्ष भी सामने आया

मामले में जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार झा का पक्ष भी सामने आया है। हालांकि, फिलहाल पूरा प्रकरण शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों और विभाग की ओर से दिए गए जवाब के बीच है। आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

जांच हुई तो सामने आएगी अटैचमेंट की पूरी तस्वीर

अब निगाह इस बात पर है कि शिकायत के आधार पर विभागीय जांच शुरू होती है या नहीं। जांच होने पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि सरगुजा शिक्षा विभाग में कर्मचारियों के अटैचमेंट और जिम्मेदारियां देने में निर्धारित नियमों का पालन हुआ था या नहीं। साथ ही यह भी सामने आएगा कि शासन के अटैचमेंट समाप्त करने संबंधी निर्देशों को जिले में किस तरह लागू किया गया है।