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Thursday, October 29, 2026
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बारिश के बीच नाला देखने गया 7 साल का बच्चा तेज बहाव में बहा, अस्पताल पहुंचने से पहले मौत से परिवार में पसरा मातम

 रायपुर :  टिकरापारा थाना क्षेत्र के श्रद्धा विहार में शनिवार सुबह तेज बारिश के बाद एक दर्दनाक हादसा हो गया। सात वर्षीय बच्चा नाले के तेज बहाव की चपेट में आ गया और बहने से उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया, वहीं परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।जानकारी के अनुसार, श्रद्धा विहार निवासी लक्ष्मी नारायण पवार अपने सात वर्षीय जुड़वां बच्चों त्रिवेंद्र और तुसिता के साथ डूमरतराई की ओर गए थे। लगातार बारिश के कारण इलाके के नाले में पानी का बहाव काफी तेज था। दोनों बच्चे बारिश के बाद नाला देखने की जिद कर रहे थे, जिसके बाद पिता उन्हें अपने साथ लेकर पहुंचे थे।

नाले के पास पैर धोते समय अचानक बढ़ा पानी का बहाव

बताया गया कि सुबह करीब 10:40 बजे लक्ष्मी नारायण दोनों बच्चों के साथ रिंग रोड स्थित कमल होटल के पास पहुंचे। पिता बच्चों के साथ खड़े होकर नाले में बह रहे पानी को देख रहे थे। इसी दौरान त्रिवेंद्र नाले के पास जाकर पैर धोने लगा।करीब 11 बजे अचानक पानी का बहाव तेज हो गया। इसी दौरान बच्चे का संतुलन बिगड़ा और वह नाले में गिर गया। तेज धार उसे अपने साथ बहाकर ले गई।

पिता ने बचाने की कोशिश की, स्थानीय लोगों ने बाहर निकाला

बेटे को पानी में बहता देखकर पिता ने उसे बचाने का प्रयास किया और आसपास के लोगों से मदद मांगी। वह अपनी बेटी को संभालते हुए बेटे की तलाश करते रहे। इसी बीच घटनास्थल से करीब 20 मीटर दूर कुछ स्थानीय लोगों ने बच्चे को पानी में बहते देखा।लोगों ने तुरंत बच्चे को पानी से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकीय उपचार शुरू होने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ली घटना की जानकारी

हादसे की सूचना मिलते ही टिकरापारा पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी जुटाई। थाना प्रभारी राजेश सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि बच्चे को नाले से बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।पुलिस के अनुसार, मृतक त्रिवेंद्र और उसकी बहन तुसिता जुड़वां हैं। हादसे की खबर मिलने के बाद परिवार के सदस्य और रिश्तेदार अस्पताल तथा घटनास्थल पर पहुंचे। सात वर्षीय बच्चे की मौत से परिवार में मातम का माहौल है।

बारिश में नालों और तेज बहाव वाले स्थानों से दूरी जरूरी

लगातार बारिश के कारण रायपुर के कई नालों और निचले इलाकों में पानी भर गया है। ऐसे में तेज बहाव वाले स्थानों के पास जाना बेहद जोखिम भरा हो सकता है। पानी का स्तर और बहाव अचानक बढ़ने से कुछ ही पलों में स्थिति गंभीर हो सकती है।श्रद्धा विहार की यह घटना भी इसी खतरे की गंभीर तस्वीर सामने लाती है, जहां अचानक बढ़े पानी के बहाव ने एक मासूम की जान ले ली।

पांच साल की बच्ची से लैंगिक अपराध के मामले में कड़ा फैसला, आरोपी को आजीवन कारावास समेत कई सजाएं

 दुर्ग : उतई थाना क्षेत्र में पांच वर्षीय बच्ची से जुड़े लैंगिक अपराध के मामले में विशेष न्यायालय पॉक्सो ने आरोपी धनेंश्वर साहू उर्फ जनता को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास के साथ अलग अलग धाराओं में 7 वर्ष, 10 वर्ष और 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा कुल 13 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

25 सितंबर को दोषसिद्धि, अगले दिन सुनाया गया सजा का आदेश

मामले की सुनवाई विशेष न्यायालय पॉक्सो, दुर्ग में हुई। उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायिक रिकॉर्ड के आधार पर न्यायालय ने 25 सितंबर 2026 को आरोपी को दोषी ठहराया। इसके बाद 26 सितंबर को सजा का आदेश जारी किया गया।अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर आरोपी को अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।

10 अप्रैल को मिली थी घटना की सूचना, अगले दिन आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, 10 अप्रैल 2026 को करीब साढ़े चार से पांच वर्ष की बच्ची से संबंधित लैंगिक अपराध की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही उतई थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।घटना स्थल कुंआंपारा और बंजारीपारा, उतई क्षेत्र बताया गया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी धनेंश्वर साहू उर्फ जनता को 11 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार कर लिया था।

15 दिन के भीतर पेश किया गया अभियोग पत्र

पुलिस ने जांच के दौरान जरूरी साक्ष्य जुटाए और विवेचना पूरी करने के बाद 25 अप्रैल 2026 को न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया। इसके बाद मामले की सुनवाई विशेष पॉक्सो न्यायालय में हुई।प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता, पॉक्सो अधिनियम और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत अभियोजन चलाया गया।

इन धाराओं के तहत हुई कार्रवाई

न्यायिक रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 87, 109, 238 और 65(2), पॉक्सो अधिनियम 2012 की धारा 5(ड) के साथ धारा 6 तथा एससी एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(2)(v) के तहत मामला चलाया गया।न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और रिकॉर्ड के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए अलग अलग धाराओं में निर्धारित सजाएं सुनाईं।

पुलिस टीम और विशेष लोक अभियोजक की रही अहम भूमिका

मामले की विवेचना नगर पुलिस अधीक्षक नेवई भारती मरकाम ने की। कार्रवाई में निरीक्षक महेश ध्रुव, तत्कालीन थाना प्रभारी उतई, उप निरीक्षक प्रमोद सिन्हा और थाना उतई तथा रक्षित केंद्र दुर्ग के पुलिसकर्मियों की भूमिका रही।न्यायालय में प्रकरण की पैरवी विशेष लोक अभियोजक रूपवती तेलीदार ने की। पुलिस के मुताबिक समय पर विवेचना पूरी कर साक्ष्यों के साथ अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया।

दुर्ग पुलिस ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर की अपील

फैसले के बाद दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि बच्चों से जुड़े किसी भी लैंगिक अपराध, शोषण या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना दी जाए।पुलिस ने संवेदनशील मामलों में पीड़ित बच्चे की पहचान और निजता सुरक्षित रखने की अपील भी की है। साथ ही मामले से जुड़ी संवेदनशील जानकारी को बिना जरूरत सार्वजनिक नहीं करने की सलाह दी गई है।

सरकारी बसों की जांच में बड़ा खुलासा, 107 में 35 बसें बेहद जर्जर और इमरजेंसी गेट के सामने लगाई गई अतिरिक्त सीटें

 रायपुर:  मंत्रालय और संचालनालय के अधिकारी कर्मचारियों के लिए संचालित बसों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। मंत्रालय बस अग्निकांड और बसों की खराब स्थिति से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद RTO ने नगर निगम की बसों की भौतिक जांच की। जांच में कई बसों की स्थिति चिंताजनक पाई गई।

107 बसों की जांच में सिर्फ 10 मिलीं सही हालत में

RTO की जांच के दौरान मंत्रालय और संचालनालय में चलने वाली कुल 107 बसों का निरीक्षण किया गया। इनमें 35 बसें अत्यंत कंडम स्थिति में मिलीं, जबकि 62 बसों को भी खराब स्थिति में बताया गया है। जांच में सिर्फ 10 बसें ऐसी मिलीं, जिन्हें सही हालत में पाया गया।इन आंकड़ों के सामने आने के बाद सरकारी बसों में रोजाना सफर करने वाले अधिकारी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

ज्यादा सीट लगाने के लिए इमरजेंसी गेट से की गई छेड़छाड़

जांच के दौरान सबसे अहम गड़बड़ी बसों के इमरजेंसी गेट से जुड़ी सामने आई। ज्यादा यात्रियों को बैठाने के लिए इमरजेंसी गेट के रास्ते को सीट लगाकर बाधित किए जाने की जानकारी मिली है।बताया गया कि बस के आगे और पीछे मौजूद इमरजेंसी गेट के पास दो दो सीटें लगा दी गई हैं। इस तरह एक बस में चार अतिरिक्त सीटें बढ़ाई गई हैं। नियमों के लिहाज से इमरजेंसी निकास के रास्ते में इस तरह सीट लगाना गंभीर सुरक्षा समस्या पैदा कर सकता है।

हादसा होने पर इमरजेंसी निकास बंद होने से बढ़ सकता है खतरा

अगर ऐसी बस किसी दुर्घटना का शिकार होती है तो यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में परेशानी हो सकती है। इमरजेंसी गेट के सामने सीटें होने के कारण आपात स्थिति में अधिकारी और कर्मचारी इस निकास का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।यही वजह है कि बसों की फिटनेस के साथ साथ उनमें किए गए बदलावों की भी जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

एक कर्मचारी के परिवहन के लिए 3060 रुपये का भुगतान, करीब 5 हजार लोग करते हैं सफर

जानकारी के मुताबिक इन बसों के संचालन का भुगतान एक निर्धारित व्यवस्था के तहत किया जाता है। सामान्य प्रशासन विभाग NRDA को भुगतान करता है, इसके बाद NRDA की ओर से रायपुर नगर निगम को राशि दी जाती है। नगर निगम आगे ठेका कंपनी दुर्गम्बा बस सर्विस को भुगतान करता है।बताया गया है कि एक कर्मचारी के परिवहन के लिए सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से 3060 रुपये का भुगतान किया जा रहा है। करीब 5 हजार अधिकारी और कर्मचारी इन बसों के जरिए रोजाना कार्यालय आने जाने की सुविधा लेते हैं।

बसों की फिटनेस और सुरक्षा व्यवस्था पर अब उठ रहे बड़े सवाल

107 बसों की जांच में बड़ी संख्या में वाहनों की खराब स्थिति सामने आने के बाद बस संचालन की निगरानी और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। खासतौर पर इमरजेंसी निकास के साथ छेड़छाड़ का मामला यात्रियों की सुरक्षा से सीधे जुड़ा है। RTO की जांच के बाद अब आगे की कार्रवाई और सुधार को लेकर तस्वीर साफ होने का इंतजार है।

गणेश विसर्जन झांकी से पहले रायपुर निगम अलर्ट, रास्ते में मिले 15 जर्जर मकानों पर नोटिस चस्पा

 रायपुर :  28 सितंबर को होने वाली गणेश मूर्ति विसर्जन झांकी को लेकर नगर निगम ने सुरक्षा व्यवस्था तेज कर दी है। महापौर मीनल चौबे ने झांकी के निर्धारित मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान फूलचौक से सदर बाजार के बीच स्थित जर्जर घोषित 15 मकानों का भी जायजा लिया गया।महापौर ने अधिकारियों और पुलिस की संयुक्त टीम के साथ इन भवनों का निरीक्षण किया। जांच के बाद संबंधित मकान मालिकों के नाम से नोटिस जर्जर भवनों पर चस्पा किए गए हैं।

झांकी वाले दिन जर्जर मकानों को खाली रखने के निर्देश

नगर निगम ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मकान मालिकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि झांकी के दिन जर्जर भवनों को पूरी तरह खाली रखा जाए और उनमें ताला लगाया जाए। साथ ही किसी भी दर्शनार्थी को इन मकानों की छत या ऊपरी हिस्से में जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।नगर निगम की ओर से मकान मालिकों के लिए सुरक्षा से जुड़े बिंदुवार निर्देश भी जारी किए गए हैं, ताकि झांकी के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।

जर्जर मकानों के सामने लगेगी बैरिकेडिंग, भीड़ को रोकने की तैयारी

महापौर ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जर्जर मकानों के आसपास बैरिकेडिंग कराई जाए। मकान मालिकों के तीन दिन के लिए अन्य स्थान पर चले जाने की स्थिति में भी भवन के सामने सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।इसका उद्देश्य झांकी देखने आने वाले लोगों को जर्जर भवनों के आसपास खड़े होने से रोकना है। इससे भीड़ को सुरक्षित मार्ग पर बनाए रखने में मदद मिलेगी।

फूलचौक से सदर बाजार तक रूट का किया गया निरीक्षण

महापौर मीनल चौबे ने फूलचौक से सदर बाजार तक गणेश विसर्जन झांकी के मार्ग का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को मार्ग और आसपास के भवनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जरूरी दिशा निर्देश दिए।इस दौरान नगर निगम के लोक कर्म विभाग के अध्यक्ष दीपक जायसवाल, नगर निवेशक आभाष मिश्रा, कार्यपालन अभियंता आशुतोष सिंह, जोन 4 के कार्यपालन अभियंता शेखर सिंह, नगर निवेश विभाग के अधिकारी और संबंधित पुलिस थाना के अधिकारी मौजूद रहे।

लड़कियों के दो गुटों में मारपीट का वीडियो वायरल, पुरानी रंजिश की बात सामने आई लेकिन पुलिस जांच के बाद साफ होगी पूरी कहानी

 बिलासपुर :  लड़कियों के दो गुटों के बीच मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल फुटेज में कुछ युवतियां एक लड़की के साथ मारपीट करती दिखाई दे रही हैं। वीडियो में उसके बाल खींचने के साथ लात और घूंसों से हमला किए जाने का दृश्य नजर आ रहा है।बताया जा रहा है कि यह घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र में कुदुदंड पुल के पास हुई। शुक्रवार रात किसी व्यक्ति ने मारपीट का वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया।

पुरानी रंजिश को बताया जा रहा विवाद की वजह, सोशल मीडिया पोस्ट ने भी खींचा ध्यान

प्रारंभिक जानकारी में दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद होने की बात सामने आ रही है। दावा किया जा रहा है कि मारपीट में शामिल एक युवती ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर घटना के बाद स्टेटस भी लगाया था। इसमें कैसा लगा जैसे शब्द लिखे जाने की बात कही जा रही है।हालांकि, इस पोस्ट और मारपीट के पीछे की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद किस बात से शुरू हुआ था।

वायरल वीडियो में दिख रही युवती को लेकर सामने आया पुराना मामला

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में नीले कपड़े में नजर आ रही युवती की पहचान तान्या अली के रूप में किए जाने का दावा किया जा रहा है। इससे जुड़ा एक पुराना मामला भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि इससे पहले सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में भी मारपीट का एक वीडियो वायरल हुआ था।उस मामले में तत्कालीन सिरगिट्टी थाना प्रभारी किशोर केवट के कार्यकाल में केस दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, मौजूदा घटना से जुड़ी पुलिस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

पुलिस ने शिकायत मिलने की बात से किया इनकार, जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई

मौजूदा मामले को लेकर पुलिस का कहना है कि अभी तक घटना के संबंध में न तो जानकारी मिली है और न ही कोई शिकायत प्राप्त हुई है। ऐसे में वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर पूरे घटनाक्रम की स्थिति फिलहाल स्पष्ट नहीं है।पुलिस शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई कर सकती है। साथ ही वायरल वीडियो के आधार पर भी घटनाक्रम से जुड़ी जानकारी जुटाई जा सकती है।

किसने शुरू की मारपीट और कितने लोग थे शामिल, इन सवालों के जवाब अभी बाकी

वायरल वीडियो सामने आने के बावजूद अभी यह साफ नहीं है कि विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई और मारपीट में कुल कितने लोग शामिल थे। दोनों पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह और पूरी स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।फिलहाल पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम की पुष्टि का इंतजार है।

बैंक ग्राहकों के लिए जरूरी खबर, 28 सितंबर से तीन दिन की हड़ताल से पहले आज खुले रहेंगे सरकारी बैंक

 बैंक : अगर आपका बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम बाकी है, तो उसे आज ही पूरा कर लेना समझदारी होगी। बैंक कर्मचारियों की प्रस्तावित तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल 28 सितंबर से शुरू होने वाली है। इसे देखते हुए ग्राहकों को राहत देने के लिए रविवार 27 सितंबर को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक खुले रखने का फैसला लिया गया है।वित्त मंत्रालय के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक ने भी इस दिन बैंक शाखाओं और संबंधित कार्यालयों को संचालित करने की अनुमति दी है। हड़ताल 30 सितंबर तक प्रस्तावित है, ऐसे में इस अवधि में बैंक शाखाओं से जुड़ी कई सेवाओं पर असर पड़ सकता है।

रविवार को बैंक खोलने का फैसला क्यों लिया गया, जानिए वजह

लगातार कई दिनों तक बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए रविवार को शाखाएं खोलने का निर्णय लिया गया है। इसका मकसद ग्राहकों को हड़ताल शुरू होने से पहले जरूरी बैंकिंग काम निपटाने का अतिरिक्त अवसर देना है।इससे पहले नवंबर 2016 में नोटबंदी के दौरान भी ग्राहकों की सुविधा के लिए रविवार को बैंक शाखाएं खोली गई थीं। उस समय पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट जमा करने और बदलने के साथ नकदी निकालने के लिए बड़ी संख्या में लोग बैंक पहुंचे थे।

28 से 30 सितंबर तक क्या क्या काम हो सकते हैं प्रभावित

प्रस्तावित हड़ताल के दौरान बैंक शाखाओं में नकद लेनदेन, चेक क्लियरेंस और काउंटर से जुड़े दूसरे काम प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, सेवाओं पर असर बैंक और संबंधित शाखा की स्थिति के आधार पर अलग अलग हो सकता है।ग्राहकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि रविवार को सभी निजी बैंकों की शाखाएं खुली रहेंगी, यह जरूरी नहीं है। निजी बैंक के ग्राहक अपनी संबंधित शाखा या बैंक की आधिकारिक सूचना से सेवाओं और समय की पुष्टि कर सकते हैं।

सात प्रमुख बैंक यूनियनों ने किया है देशव्यापी हड़ताल का ऐलान

28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित हड़ताल में AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBEF और INBOC समेत सात प्रमुख बैंक कर्मचारी संगठन शामिल हैं। यूनियनों की प्रमुख मांग बैंकों में पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू करने की है।यूनियनों का कहना है कि जब तक पांच दिन के कार्य सप्ताह को लागू करने की निश्चित तारीख तय नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वित्तीय सेवा विभाग, इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और बैंक प्रबंधन की ओर से हड़ताल वापस लेने की अपील की गई है, लेकिन प्रस्तावित हड़ताल का कार्यक्रम अभी वापस नहीं लिया गया है।

हड़ताल में ATM से पैसे निकाल पाएंगे या नहीं, समझिए पूरा नियम

हड़ताल के दौरान ATM सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की उम्मीद है। हालांकि, किसी ATM में नकदी उपलब्ध होगी या नहीं, यह उसमें समय पर कैश डाले जाने और संबंधित संचालन व्यवस्था पर निर्भर करेगा।ATM से नकदी निकालने पर सामान्य बैंकिंग शुल्क के नियम लागू रहेंगे। अपने बैंक के ATM और दूसरे बैंक के ATM से मुफ्त लेनदेन की निर्धारित सीमा होती है। तय सीमा से अधिक लेनदेन करने पर बैंक की ओर से शुल्क लिया जा सकता है। हड़ताल के कारण मुफ्त लेनदेन की सीमा खत्म नहीं होती।

डिजिटल बैंकिंग से कई जरूरी काम घर बैठे किए जा सकेंगे

बैंक शाखाओं में काम प्रभावित होने के बावजूद ग्राहक इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, UPI और दूसरे डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर सकते हैं। पैसे ट्रांसफर करने, खाते का बैलेंस देखने और कई अन्य बैंकिंग सेवाओं का लाभ ऑनलाइन लिया जा सकता है।हालांकि, चेक क्लियरेंस, शाखा में दस्तावेज जमा करने और काउंटर से जुड़े कामों में देरी हो सकती है। बैंक की तकनीकी समस्या के कारण डिजिटल सेवाएं भी कभी कभी अस्थायी रूप से प्रभावित हो सकती हैं।

पांच दिन के कार्य सप्ताह के साथ PLI को लेकर भी है मतभेद

बैंक यूनियनों और प्रबंधन के बीच केवल पांच दिन के कार्य सप्ताह को लेकर ही मतभेद नहीं हैं। परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव यानी PLI से जुड़े मुद्दे पर भी यूनियनों की आपत्तियां हैं। इन मांगों और मतभेदों के बीच बैंक कर्मचारियों ने तीन दिवसीय हड़ताल का कार्यक्रम घोषित किया है।

ग्राहक आज ही निपटा लें जरूरी काम, हड़ताल के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

जिन ग्राहकों को बैंक शाखा से नकद निकासी, चेक जमा करने, दस्तावेज जमा करने या किसी अन्य जरूरी काम के लिए जाना है, वे रविवार को उपलब्ध बैंकिंग सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। हड़ताल के दौरान डिजिटल माध्यमों को प्राथमिक विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।साथ ही, अपने बैंक की आधिकारिक सूचना और सेवा अपडेट पर नजर बनाए रखना बेहतर होगा, ताकि शाखा खुलने, ATM सेवा या किसी अन्य बैंकिंग सुविधा को लेकर गलत जानकारी से बचा जा सके।

राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग हुआ राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित, छत्तीसगढ़ के रक्षक मॉडल को मिला राष्ट्रीय पहचान

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। आयोग के अभिनव नवाचार रक्षक कार्यक्रम को देश के प्रतिष्ठित स्कॉच गोल्डन अवार्ड से सम्मानित किया गया है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के नेतृत्व में यह सम्मान प्राप्त हुआ है। बाल अधिकारों के क्षेत्र में यह पुरस्कार पाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है। यह पुरस्कार प्रसिद्ध पर्यावरणविद सुश्री सुनीता नारायण, पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया की सुश्री पूनम मुटरेजा, भारत सरकार के पूर्व सचिव श्री संजय कुमार और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पूर्व महासचिव श्री भरत लाल की गरिमामयी उपस्थिति में स्कॉच ग्रुप के चेयरमैन श्री समीर कोचर द्वारा प्रदान किया गया। आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बताया कि अवार्ड के लिए चयन प्रक्रिया काफी कठोर थी। सर्वप्रथम आयोग की ओर से जूरी के समक्ष रक्षक पाठ्यक्रम पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसके बाद कड़े परीक्षण के उपरांत इसे गोल्ड श्रेणी के लिए चुना गया।
स्कॉच अवार्ड क्या है?
स्कॉच ग्रुप 1997 से कार्यरत देश का एक प्रमुख स्वतंत्र थिंक-टैंक है। यह वर्ष 2003 से सुशासन, डिजिटल गवर्नेंस और प्रशासनिक सुधारों में उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्रदान करता है, जिसे देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में गिना जाता है।
क्या है रक्षक पाठ्यक्रम?
रक्षक का पूरा नाम बाल अधिकारों के संरक्षण में पोस्ट-ग्रेजुएशन डिप्लोमा (पीजीडीपीसीआर) है। यह एक वर्षीय (2 सेमेस्टर) डिप्लोमा कोर्स है, जिसकी न्यूनतम योग्यता स्नातक है। डॉ. शर्मा ने बताया कि बाल संरक्षण के क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन की कमी को देखते हुए यह पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसका प्रैक्टिकल मॉडल है। छात्र केवल सैद्धांतिक ज्ञान नहीं लेंगे, बल्कि आयोग की संवाद इकाइयों के माध्यम से बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, चाइल्ड केयर संस्थानों और स्वैच्छिक संगठनों के साथ सीधे जुड़कर फील्ड वर्क, केस स्टडी और प्रोजेक्ट रिपोर्ट पर कार्य करेंगे।
पाठ्यक्रम में पॉक्सो एक्ट, किशोर न्याय अधिनियम 2015, बाल विवाह एवं बाल श्रम प्रतिषेध, दत्तक ग्रहण कानून, शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 और पुनर्वास योजनाओं जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। यह पाठ्यक्रम प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में उनके बोर्ड/परिषद की अनुमति से प्रारंभ किया जा रहा है। इससे युवाओं के लिए बाल संरक्षण, काउंसलिंग और सामाजिक कार्य के क्षेत्र में रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।

मुख्यमंत्री साय ने महिला खिलाड़ी संजू देवी को दी बधाई, बोले – छत्तीसगढ़ की बेटी ने बढ़ाया देश-प्रदेश का गौरव

संजू देवी की उपलब्धि प्रदेश की बेटियों और युवा खिलाडिय़ों के लिए बनेगी प्रेरणा
00 एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने ईरान को पराजित कर जीता स्वर्ण पदक

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य एवं छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की निवासी सुश्री संजू देवी को फोन कर इस शानदार उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने सुश्री संजू देवी से आत्मीय संवाद करते हुए उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की और कहा कि उनकी इस उपलब्धि से पूरा छत्तीसगढ़ गौरवान्वित है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सुश्री संजू देवी से कहा कि आपने अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत और शानदार प्रदर्शन से न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। एशियन गेम्स जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय महिला कबड्डी टीम की स्वर्णिम सफलता प्रत्येक देशवासी के लिए गर्व का क्षण है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि में छत्तीसगढ़ की बेटी की महत्वपूर्ण भागीदारी प्रदेश के लिए विशेष गौरव की बात है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटियां आज शिक्षा, खेल सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य का परचम लहरा रही हैं। कोरबा की संजू देवी ने अपनी मेहनत और खेल कौशल के बल पर राष्ट्रीय टीम में स्थान बनाया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रदेश का मान बढ़ाया है। उनकी सफलता प्रदेश के उन हजारों युवा खिलाडिय़ों, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो खेल के क्षेत्र में आगे बढ़कर देश और प्रदेश का नाम रोशन करने का सपना देख रहे हैं।उल्लेखनीय है कि जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबले में ईरान को पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। भारतीय टीम की इस स्वर्णिम सफलता में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की सुश्री संजू देवी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सुश्री संजू देवी भारतीय राष्ट्रीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य हैं। मुख्यमंत्री साय ने भारतीय महिला कबड्डी टीम के सभी खिलाडिय़ों, प्रशिक्षकों एवं सहयोगी स्टाफ को भी इस शानदार सफलता के लिए बधाई दी और टीम के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय खिलाड़ी आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से देश का गौरव बढ़ाते रहेंगे।

रायपुर में ट्रिपल मर्डर से मचा हड़कंप, पुलिस जांच में जुटी

रायपुर  : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। एक व्यक्ति पर अपनी पत्नी और दो बच्चों की चाकू से हत्या करने का आरोप है। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

हत्या के बाद आरोपी ने खुद को भी किया घायल

बताया जा रहा है कि वारदात के बाद आरोपी भी घायल अवस्था में मिला। गंभीर रूप से घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है।

घटना की जांच में जुटी पुलिस, सामने आएगी वारदात की पूरी वजह

इस घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हत्या के पीछे की वजह क्या थी और वारदात किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस की जांच के बाद ही घटना से जुड़े अन्य तथ्यों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।

छत्तीसगढ़ में बारिश का कहर, रायपुर से बस्तर तक बाढ़ जैसे हालात ने बढ़ाई मुश्किलें

छत्तीसगढ़ : लगातार हो रही भारी बारिश ने कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। तूफान अर्नब के असर से प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में मूसलाधार बारिश हुई। राजधानी रायपुर से लेकर जगदलपुर तक कई शहरों और गांवों में जलभराव की स्थिति बन गई। खारुन और इंद्रावती समेत कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है। बारिश के चलते सड़क, रेल और हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ा है।

रायपुर में रात के वक्त घरों में घुसा पानी, कई इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन

गंगरेल बांध के गेट खोले जाने के बाद खारुन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। करीब 19 साल बाद नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने की स्थिति बनी। रायपुर और दुर्ग को जोड़ने वाला पुल भी पानी में डूब गया।खारुन नदी के बढ़ते जलस्तर का असर आसपास की निचली बस्तियों पर भी दिखाई दिया। चंदनीडीह, महादेव घाट, भाठागांव, काठाडीह और दतरेंगा जैसे इलाकों में रात करीब 2 बजे कई घरों में पानी पहुंच गया। हालात बिगड़ने के बाद राहत और बचाव टीमों ने मोर्चा संभाला और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।

बस्तर में इंद्रावती ने दिखाया रौद्र रूप, जलस्तर पुराने रिकॉर्ड के करीब पहुंचा

दुर्ग जिले में शिवनाथ नदी के उफान पर आने से कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। प्रभावित इलाकों से 200 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू किए जाने की जानकारी सामने आई है।उधर बस्तर में इंद्रावती नदी का जलस्तर 12.20 मीटर तक पहुंच गया। इससे पहले जगदलपुर में साल 1973 के दौरान नदी का उच्चतम जलस्तर 12.15 मीटर दर्ज किया गया था। नदी के बढ़ते पानी को देखते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है।

इन जिलों में बारिश का यलो अलर्ट, मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने को कहा

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र उत्तर पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ गया है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।मौसम विभाग ने रायपुर, महासमुंद, गरियाबंद, दुर्ग, बेमेतरा, राजनांदगांव, जांजगीर, सक्ती, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए स्थिति पर नजर बनाए रखना जरूरी हो गया है।