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Sunday, September 27, 2026

छत्तीसगढ़ में बारिश का कहर, रायपुर से बस्तर तक बाढ़ जैसे हालात ने बढ़ाई मुश्किलें

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छत्तीसगढ़ : लगातार हो रही भारी बारिश ने कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। तूफान अर्नब के असर से प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में मूसलाधार बारिश हुई। राजधानी रायपुर से लेकर जगदलपुर तक कई शहरों और गांवों में जलभराव की स्थिति बन गई। खारुन और इंद्रावती समेत कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है। बारिश के चलते सड़क, रेल और हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ा है।

रायपुर में रात के वक्त घरों में घुसा पानी, कई इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन

गंगरेल बांध के गेट खोले जाने के बाद खारुन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। करीब 19 साल बाद नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने की स्थिति बनी। रायपुर और दुर्ग को जोड़ने वाला पुल भी पानी में डूब गया।खारुन नदी के बढ़ते जलस्तर का असर आसपास की निचली बस्तियों पर भी दिखाई दिया। चंदनीडीह, महादेव घाट, भाठागांव, काठाडीह और दतरेंगा जैसे इलाकों में रात करीब 2 बजे कई घरों में पानी पहुंच गया। हालात बिगड़ने के बाद राहत और बचाव टीमों ने मोर्चा संभाला और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।

बस्तर में इंद्रावती ने दिखाया रौद्र रूप, जलस्तर पुराने रिकॉर्ड के करीब पहुंचा

दुर्ग जिले में शिवनाथ नदी के उफान पर आने से कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। प्रभावित इलाकों से 200 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू किए जाने की जानकारी सामने आई है।उधर बस्तर में इंद्रावती नदी का जलस्तर 12.20 मीटर तक पहुंच गया। इससे पहले जगदलपुर में साल 1973 के दौरान नदी का उच्चतम जलस्तर 12.15 मीटर दर्ज किया गया था। नदी के बढ़ते पानी को देखते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है।

इन जिलों में बारिश का यलो अलर्ट, मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने को कहा

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र उत्तर पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ गया है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।मौसम विभाग ने रायपुर, महासमुंद, गरियाबंद, दुर्ग, बेमेतरा, राजनांदगांव, जांजगीर, सक्ती, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए स्थिति पर नजर बनाए रखना जरूरी हो गया है।

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