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Tuesday, October 27, 2026
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अरपा को प्रदूषण से बचाने 70 नालों के उपचार की बनेगी समग्र कार्ययोजना

रायपुर- नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने आज बिलासपुर नगर निगम में संचालित योजनाओं, विकास कार्यों एवं निर्माण कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने बिलासपुर कलेक्टोरेट में आयोजित बैठक में अरपा नदी को प्रदूषण से बचाने शहर के 70 छोटे-बड़े नालों के पानी के उपचार की समग्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए विस्तृत डीपीआर तैयार कर सभी तकनीकी पहलुओं का सूक्ष्म परीक्षण करने को कहा। कलेक्टर  संजय अग्रवाल, एसएसपी  रजनेश सिंह, नगर निगम के आयुक्त  प्रकाश कुमार सर्वे और सूडा के सीईओ  सुमित अग्रवाल भी बैठक में मौजूद थे।
    
प्रमुख सचिव  बोरा ने अरपा नदी में नालों के जरिए पहुंच रहे दूषित पानी को रोकने के लिए किए जा रहे उपायों की विस्तार से जानकारी ली। निगम के अधिकारियों ने बताया कि कुल 70 छोटे-बड़े नाले अरपा नदी में मिलते हैं। प्रमुख सचिव ने बैठक में कहा कि इन नालों के जरिए दूषित पानी सीधे नदी में न पहुंचे, इसके लिए प्रभावी और दीर्घकालीन समाधान जरूरी है। नालों के पानी का समुचित उपचार कर ही नदी में प्रवाहित करने की व्यवस्था विकसित की जाए। उन्होंने डीपीआर तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक नाले की स्थिति और पानी की मात्रा का आकलन कर उपचार एवं आवश्यकतानुसार ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। योजना तैयार करते समय तकनीकी व्यवहार्यता, भविष्य की जरूरतों और इसके दीर्घकालीन प्रभावों सहित सभी पहलुओं का परीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि आने वाला समय पानी का है, इसलिए सतही जल स्रोतों की स्वच्छता और संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए।

शहर की स्वच्छता और यातायात व्यवस्था में लगातार दिखे सुधार

प्रमुख सचिव ने शहर की साफ-सफाई और यातायात व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के लिए किए जा रहे प्रयासों को निरंतर बनाए रखना जरूरी है। नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे शहर की साफ-सफाई का स्तर लगातार बेहतर हो। यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।
    
उन्होंने नगरीय निकायों में संचालित केंद्र एवं राज्य प्रवर्तित योजनाओं की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए और सभी स्वीकृत कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं। नगरीय सेवाओं से जुड़ी परियोजनाओं को लंबे समय तक उपयोगी बनाए रखने पर जोर देते हुए उन्होंने आवश्यकतानुसार सौर ऊर्जा आधारित परियोजनाओं की संभावनाओं पर भी काम करने को कहा। 

बैठक में प्रमुख सचिव ने निर्माणाधीन एजुकेशन हब नालंदा परिसर की प्रगति की भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि 500 लोगों की बैठक क्षमता वाले नालंदा परिसर को आधुनिक शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रथम तल के स्लैब का कार्य पूरा हो गया है तथा द्वितीय तल के स्लैब का कार्य लगभग 50 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। प्रमुख सचिव ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए इसे निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
    
 बोरा ने मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना और नगरीय अधोसंरचना से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि बिलासपुर में अधोसंरचना मद के अंतर्गत कुल 542 कार्य स्वीकृत हैं। इनमें 334 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, 182 प्रगतिरत हैं तथा 26 कार्य अप्रारंभ हैं। प्रमुख सचिव ने प्रगतिरत कार्यों में तेजी लाते हुए गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए। 

कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण

समीक्षा बैठक के बाद प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने कलेक्टर  संजय अग्रवाल, एसएसपी  रजनेश सिंह और निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे के साथ तारबाहर स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान आईटीएमएस की पूरी कार्यप्रणाली व संचालन को देखा। कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को उपयोगी बताते हुए  बोरा ने शहर के यातायात और सुरक्षा को और भी चाक-चौबंद करने व्यवस्था को और बेहतर बनाने कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

छत्तीसगढ़ में लक्ष्य शत्-प्रतिशत बोनी पूर्ण अब तक किसानों को 13.40 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण

रायपुर – प्रदेश में खेतों में बोनी का कार्य लगभग अंतिम चरण पर है। 6 अक्टूबर की स्थिति में राज्य के 48.62 लाख हेक्टेयर क्षेत्रों में लक्ष्य का शत्-प्रतिशत बोनी पूर्ण हो चुकी है। इस खरीफ सीजन में 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश किसानों को सुगमता से मिले खाद-बीज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किसानों को खेती-किसानी में सहुलियतें प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक सहयोग करने संबंधित अधिकारियों निर्देशित किए गए हैं। उन्होंने किसानों को उनकी मांग के अनुसार सुगमता के साथ प्रमाणित खाद-बीज का वितरण करने को कहा हैं। खाद-बीज वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही सोसायटियों में पर्याप्त खाद-बीज का भण्डारण कर सतत निगरानी करने को कहा गया है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा इन पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। 

किसानों को 13.40 लाख मीट्रिक टन खाद और 4.62 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के किसानों को अब तक 13.40 लाख मीट्रिक टन खाद और 4.62 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया जा चुका है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में मानसून के साथ शुरू हुए खेती-किसानी में बोनी का रकबा भी निरंतर बढ़ते जा रहा है। खेती का प्रारंभिक कार्य लगभग अंतिम चरण में है। राज्य में अब तक 48.62 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों जैसे धान, मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली, रामतिल आदि की बोनी हो चुकी है, जो लक्ष्य का शत्-प्रतिशत है। इस खरीफ सीजन में राज्य सरकार ने 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य रखा है। 

प्रदेश में इस खरीफ सीजन में 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उक्त लक्ष्य के विरूद्ध 18.02 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में भंडारण किया गया है। जो चालू खरीफ सीजन के लिए निर्धारित लक्ष्य से अधिक है। उक्त भंडारण के विरूद्ध राज्य के किसानों को 13.40 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है।   

इसी प्रकार खरीफ सीजन 2026 के लिए बीज निगम द्वारा प्रदेश में 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरूद्ध 4.80 लाख क्विंटल बीज का भंडारण कर अब तक 4.62 लाख क्विंटल बीज का वितरण किसानों को किया जा चुका है। 

प्रदेश में अब तक 1155.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्जः राज्य की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मि.मी.

अधिकारियों ने बताया कि 06 अक्टूबर सुबह तक की स्थिति में प्रदेश में अब तक 1155.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मिमी है। गौरतलब है कि औसत दर्ज वर्षा आज तक की औसत वर्षा पिछले 10 वर्षाे के आधार पर 1139.9 मि.मी. से 15.3 मिली मीटर अधिक है। 

जरूरतमंद किसानों को 8178.54 करोड़ रूपये का निःशुल्क अल्पकालीन कृषि ऋण

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार किसानों को खेती-किसानी में सहूलियत हो इस उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अल्प कालीन कृषि ऋण उपलब्ध करा रहे है। चालू खरीफ सीजन 2026 के लिए 5 अक्टूबर की स्थिति में 8178.54 करोड़ रूपए का ऋण वितरण किया है, जबकि गत वर्ष इसी अवधि में 6938.10 करोड़ रूपए का ऋण वितरण किया गया था। इस वर्ष किसानों को 8800 करोड़ रूपए ऋण वितरण किये जाने का लक्ष्य रखा गया है।

सेवा सेतु शिविर के तहत पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना कैम्प 9 अक्टूबर से

 रायपुर- शासन के निर्देशानुसार वर्तमान में संचालित सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत विद्युत कम्पनी द्वारा मुख्य गतिविधि सेवा सेतु शिविर का विकासखंडवार आयोजन 9 से 15 अक्टूबर तक किया जाएगा। 

इस दौरान पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर पात्र उपभोक्ताओं को ऑन द स्पॉट पंजीयन कर वित्तीय व तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा। इस क्रम में पन्ना विकासखंड अंतर्गत वितरण केन्द्र पन्ना शहर कार्यालय में 9 अक्टूबर को शिविर लगेगा, जबकि वितरण केन्द्र कार्यालय गुनौर में 12 अक्टूबर, पवई में 13 अक्टूबर, अजयगढ़ में 14 अक्टूबर और शाहनगर में 15 अक्टूबर को शिविर लगाया जाएगा।

 विद्युत कम्पनी के कार्यपालन अभियंता द्वारा उपभोक्ताओं से अधिकाधिक संख्या में शिविर में शामिल होकर पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाने की अपील की गई है। इन शिविरों में उपभोक्ताओं को रूफ टॉप सोलर लगाने पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया व बैंक से मिलने वाली आसान ऋण सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।

8वें वेतन आयोग के बीच फिर बढ़ेगा DA? केंद्रीय कर्मचारियों को मिल सकती है बड़ी राहत

नई दिल्ली-  केंद्रीय कर्मचारियों को महंगाई भत्ता यानी डीए में बढ़ोतरी का बेसब्री से इंतजार है। साल की दूसरी छमाही के लिए डीए बढ़ोतरी का ऐलान इसी महीने यानी अक्टूबर में ही होने की उम्मीद है। आठवें वेतन आयोग के दौर में यह दूसरी बार होगा जब सरकार महंगाई भत्ते का ऐलान करेगी। इससे पहले अप्रैल महीने में भी केंद्रीय कर्मचारियों के लिए डीए को 2 पर्सेंट बढ़ाया गया था।

कब हुआ था 8वें वेतन आयोग का गठन
वैसे तो सरकार ने पिछले साल जनवरी महीने में ही आठवें वेतन आयोग के गठन को लेकर एक नोटिफिकेशन जारी कर दिया था लेकिन 2025 के नवंबर महीने में टर्म्स ऑफ रेफरेंस और समिति का गठन हुआ। इससे एक महीने पहले यानी अक्टूबर 2025 में सातवें वेतन आयोग के आखिरी दौर में सरकार ने डीए बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया था। बता दें कि सातवें वेतन आयोग की अवधि दिसंबर 2025 में खत्म हो गई। अब ऐसा माना जा रहा है कि सरकार 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें जब लागू करेगी तो जनवरी 2026 से ही प्रभावी होगा।

अप्रैल में पहली बार डीए का ऐलान
आठवें वेतन आयोग के गठन के बाद सरकार ने अप्रैल महीने में पहली बार डीए का ऐलान किया था। यह ऐलान जनवरी से जून छमाही के लिए किया गया था। डीए में 2 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई और इसका कैल्कुलेशन सातवें वेतन आयोग के तहत ही किया गया। वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों का भत्ता 60 पर्सेंट है।

कितनी हो सकती है बढ़ोतरी?
केंद्र सरकार के कर्मचारियों को फिलहाल 60 पर्सेंट की दर से डीए मिल रहा है। AICPI-IW के उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर DA में 4 से 5 पर्सेंट बढ़ोतरीका अनुमान लगाया जा रहा है। अगर यह बढ़ोतरी होती है तो केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 64 पर्सेंट से 65 पर्सेंट का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। हालांकि, अंतिम डीए दर का फैसला सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। बता दें कि 8वां वेतन आयोग कर्मचारियों के पूरे वेतन ढांचे, भत्तों और पेंशन की समीक्षा कर रहा है। 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों में फिटमेंट फैक्टर सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक है। इसके आधार पर नए वेतन ढांचे में बेसिक पे में बड़ा बदलाव हो सकता है।

वहीं, डीए पर क्या फैसला होगा, इसके बारे में वेतन आयोग की सिफारिशें आने के बाद ही फैसला होगा। ऐसा अनुमान है कि वेतन आयोग अपनी सिफारिशें मई या जून 2027 तक सरकार को सौंप देगा। इसके बाद सरकार इसे लागू करेगी।

छत्तीसगढ़ के स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान, दशहरा-दिवाली से लेकर विंटर ब्रेक तक जानें पूरी तारीख

 छत्तीसगढ़ :  त्योहारों का सिलसिला शुरू होने से पहले स्कूल शिक्षा विभाग ने छुट्टियों का कैलेंडर स्पष्ट कर दिया है। दशहरा, दीपावली और शीतकालीन अवकाश के लिए कुल 15 दिनों की छुट्टी निर्धारित की गई है। पिछले शैक्षणिक सत्र के मुकाबले इस बार इन तीनों मौकों पर छुट्टियां कम रखी गई हैं।

दशहरा पर 17 से 21 अक्टूबर तक स्कूल बंद

दशहरा के मौके पर स्कूलों में पांच दिन का अवकाश रहेगा। जारी कार्यक्रम के अनुसार छुट्टी 17 अक्टूबर से शुरू होकर 21 अक्टूबर तक चलेगी। त्योहार के कारण विद्यार्थियों और शिक्षकों को लगातार पांच दिनों का ब्रेक मिलेगा।

दीपावली पर भी पांच दिन की छुट्टी

दीपावली के लिए भी स्कूल शिक्षा विभाग ने पांच दिनों का अवकाश तय किया है। स्कूल 6 नवंबर से 10 नवंबर तक बंद रहेंगे। त्योहारों के दौरान बच्चों और शिक्षकों को परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा।

दिसंबर में मिलेगा विंटर ब्रेक

सर्दियों की छुट्टी का कार्यक्रम भी जारी कर दिया गया है। शीतकालीन अवकाश 24 दिसंबर से शुरू होगा और 28 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान भी स्कूल लगातार पांच दिनों तक बंद रहेंगे।

इस बार कुल 15 दिन की छुट्टियां

दशहरा, दीपावली और शीतकालीन अवकाश को मिलाकर शैक्षणिक सत्र 2026 में विद्यार्थियों को कुल 15 दिनों की छुट्टी मिलेगी। तीनों अवसरों पर पांच-पांच दिन का अवकाश निर्धारित किया गया है।

पिछले सत्र में मिली थीं ज्यादा छुट्टियां

शैक्षणिक सत्र 2025-26 में इन तीनों अवसरों पर छह-छह दिनों का अवकाश दिया गया था। दशहरा की छुट्टी 29 सितंबर से 4 अक्टूबर, दीपावली की छुट्टी 20 से 25 अक्टूबर और शीतकालीन अवकाश 22 से 27 दिसंबर तक रहा था।

इस तरह पिछले सत्र में दशहरा, दीपावली और शीतकालीन अवकाश को मिलाकर कुल 18 दिन की छुट्टी थी। वहीं 2026 में यह अवधि घटकर 15 दिन रह गई है।

नवरात्रि में जरूर करें इन शक्तिशाली देवी मंदिरों के दर्शन, आस्था से जुड़ी हैं कई मान्यताएं

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 Famous Durga Temples in Navratri: शारदीय नवरात्रि को देवी आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान देशभर में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा होती है और मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि में देवी के शक्तिपीठों और प्रसिद्ध मंदिरों में दर्शन और पूजा करने का विशेष महत्व है।

देश में माता रानी के कई ऐसे प्रसिद्ध मंदिर हैं, जिनसे गहरी धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है। नवरात्रि के दौरान इन मंदिरों में विशेष पूजा और अनुष्ठान होते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ प्रमुख देवी मंदिरों के बारे में।

वैष्णो देवी मंदिर, कटरा

जम्मू-कश्मीर के कटरा में त्रिकुटा पर्वत पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां माता के दर्शन के लिए हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

मान्यता है कि मां वैष्णो देवी के दरबार में श्रद्धा के साथ प्रार्थना करने से भक्तों को मानसिक शांति मिलती है और उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। नवरात्रि के दौरान मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन किए जाते हैं।

ज्वाला जी मंदिर, कांगड़ा

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित मां ज्वाला जी मंदिर अपनी अनोखी धार्मिक परंपरा के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर में देवी की प्रतिमा के बजाय प्राकृतिक रूप से प्रज्वलित ज्योतियों की पूजा की जाती है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार यहां नौ ज्वालाओं को देवी के विभिन्न स्वरूपों से जोड़ा जाता है। यही वजह है कि नवरात्रि के दौरान इस मंदिर का महत्व और भी बढ़ जाता है।

चामुंडा देवी मंदिर, कांगड़ा

कांगड़ा में स्थित चामुंडा देवी मंदिर मां दुर्गा के चामुंडा स्वरूप को समर्पित है। पौराणिक मान्यताओं में इस स्थान का संबंध देवी और चंड-मुंड नामक असुरों के वध से बताया जाता है।

नवरात्रि में यहां विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। श्रद्धालु माता के दर्शन कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।

मनसा देवी मंदिर, हरिद्वार

हरिद्वार के बिल्व पर्वत पर स्थित मनसा देवी मंदिर उत्तर भारत के प्रमुख देवी मंदिरों में गिना जाता है। यह मंदिर मां मनसा देवी को समर्पित है और यहां पूरे साल श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है।

नवरात्रि के दौरान मंदिर में भक्तों की संख्या काफी बढ़ जाती है। धार्मिक विश्वास के अनुसार श्रद्धालु यहां अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए देवी की पूजा करते हैं और आशीर्वाद मांगते हैं।

नवरात्रि में क्यों खास हो जाते हैं ये मंदिर

नवरात्रि के नौ दिनों में देवी के अलग-अलग स्वरूपों की आराधना की जाती है। इस दौरान देशभर के शक्तिस्थलों और देवी मंदिरों में विशेष पूजा, आरती और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं।

हालांकि मनोकामना पूरी होने और कष्ट दूर होने जैसी बातें धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार इन मंदिरों में दर्शन और पूजा करते हैं।

रायपुर में आज से रोजगार का बड़ा मौका, 9,449 पदों के लिए लगेगा मेला , जानें कौन कर सकता है आवेदन

 CG Rozgar Mela:  छत्तीसगढ़ में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए रायपुर में दो दिवसीय राज्य स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन शुरू हो रहा है। सेवा संकल्प अभियान के तहत 7 और 8 अक्टूबर को बूढ़ापारा स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। इसमें अलग-अलग कंपनियां युवाओं को रोजगार के अवसर देंगी।

9 हजार से ज्यादा रिक्तियों की जानकारी

रोजगार मेले के लिए अब तक 62 कंपनियों ने 9,449 रिक्त पदों की जानकारी दी है। इनमें से 8 हजार से अधिक पदों पर युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। विभिन्न कंपनियों और क्षेत्रों में उपलब्ध पदों के लिए युवाओं की योग्यता के आधार पर चयन प्रक्रिया होगी।

इस मेले में तकनीकी के साथ गैर तकनीकी क्षेत्र में भी नौकरी के अवसर उपलब्ध रहेंगे। इससे अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता रखने वाले उम्मीदवारों को अपनी पसंद के रोजगार की तलाश का मौका मिलेगा।

10वीं पास से इंजीनियरिंग युवाओं तक मौका

रोजगार मेले की खास बात यह है कि इसमें केवल उच्च शिक्षित युवाओं के लिए ही अवसर नहीं हैं। 10वीं और 12वीं पास उम्मीदवार भी शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा ITI, डिप्लोमा और इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर चुके युवाओं के लिए भी विभिन्न पदों पर भर्ती का अवसर रहेगा।

उम्मीदवारों को अपनी शैक्षणिक योग्यता और अनुभव से जुड़े जरूरी दस्तावेज साथ लेकर पहुंचना होगा। संबंधित कंपनियां अपनी जरूरत के अनुसार उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग और चयन कर सकती हैं।

8 अक्टूबर को सीएम साय होंगे मुख्य अतिथि

रोजगार मेले के दूसरे दिन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में चयनित युवाओं को प्रोत्साहित करने और रोजगार से जुड़े अवसरों को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

इंडोर स्टेडियम में जुटेंगे नौकरी के इच्छुक युवा

रोजगार मेले का आयोजन रायपुर के बूढ़ापारा स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में किया जा रहा है। 7 और 8 अक्टूबर को होने वाले इस आयोजन में नौकरी की तलाश कर रहे युवा सीधे पहुंचकर उपलब्ध अवसरों की जानकारी ले सकते हैं।

इतनी बड़ी संख्या में कंपनियों और रिक्तियों की भागीदारी को देखते हुए यह मेला 10वीं पास से लेकर ITI, डिप्लोमा और इंजीनियरिंग योग्यता रखने वाले युवाओं के लिए रोजगार तलाशने का महत्वपूर्ण अवसर बन सकता है।

धान खरीदी से पहले किसानों को बड़ी राहत, सह खातेदारों के पंजीयन पर बदला नियम

 CG Dhan Kharidi:  छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान बेचने की तैयारी कर रहे किसानों के लिए राहत की खबर सामने आई है। एग्रीस्टैक पंजीयन को लेकर संयुक्त खातों में आने वाली परेशानी को देखते हुए सह खातेदारों के अलग-अलग पंजीयन की अनिवार्यता खत्म करने का निर्देश जारी किया गया है। अब संयुक्त खाते वाले परिवार में केवल लंबरदार या मुख्य खातेदार का एग्रीस्टैक पंजीयन पर्याप्त माना जाएगा।

संयुक्त खातों वाले परिवारों को सबसे ज्यादा फायदा

अब तक संयुक्त या पुश्तैनी जमीन के रिकॉर्ड में दर्ज सह खातेदारों के पंजीयन को लेकर किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अलग-अलग नाम दर्ज होने के कारण प्रत्येक सह खातेदार का एग्रीस्टैक पंजीयन कराने की प्रक्रिया लंबी हो रही थी।

नए निर्देश से ऐसे परिवारों के लिए प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है। अब मुख्य खातेदार के पंजीयन के आधार पर धान बिक्री की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी। इससे किसानों को पंजीयन के लिए बार-बार समिति या संबंधित केंद्र के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी।

धान बेचने के लिए एग्रीस्टैक अभी भी जरूरी

सह खातेदारों के नियम में बदलाव का मतलब यह नहीं है कि एग्रीस्टैक पंजीयन की आवश्यकता खत्म हो गई है। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों के लिए एग्रीस्टैक फार्मर आईडी जरूरी रखी गई है।

सरकारी जानकारी के मुताबिक धान बिक्री के लिए संबंधित खसरों की फार्म आईडी को किसान की फार्मर आईडी से लिंक करना भी आवश्यक है। साथ ही डिजिटल क्रॉप सर्वे में दर्ज धान का रकबा ही खरीदी के लिए मान्य होगा।

पंजीयन की समय सीमा भी जान लें

2026-27 खरीफ विपणन वर्ष के लिए किसान पंजीयन और पंजीकृत फसल तथा रकबे में संशोधन की प्रक्रिया 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित की गई है। जिन किसानों के पास पहले से किसान कोड और एग्रीस्टैक फार्मर आईडी है, उनके लिए पुराना पंजीयन आगे भी मान्य रहने की व्यवस्था बताई गई है।

नए किसानों को एग्रीस्टैक पंजीयन के बाद संबंधित समिति या उपार्जन केंद्र में भूमि, खसरा, बैंक खाते और नामिनी से जुड़ी जानकारी दर्ज करानी होगी।

15 नवंबर से खरीदी शुरू होने की बात, लेकिन तारीख की पुष्टि जरूरी

पिछले वर्ष छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू हुई थी। हालांकि 2026-27 के लिए खरीदी की अंतिम शुरुआत तिथि अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं है। इसलिए किसानों को सरकार की आगामी अधिसूचना का इंतजार करना चाहिए। राज्य के खाद्य विभाग की वेबसाइट पर 2026-27 की धान खरीदी के लिए ऑनलाइन व्यवस्था उपलब्ध है।

किसान अभी कौन से काम जरूर पूरा करें

धान बेचने वाले किसानों को अंतिम समय की परेशानी से बचने के लिए अपनी एग्रीस्टैक फार्मर आईडी, संबंधित खसरों की लिंकिंग, बैंक खाते और नामिनी की जानकारी जांच लेनी चाहिए। डिजिटल क्रॉप सर्वे में दर्ज रकबे की जानकारी भी सही होना जरूरी है, क्योंकि इसी आधार पर खरीदी की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

इस बदलाव से संयुक्त खातों वाले किसानों के लिए पंजीयन की प्रक्रिया पहले की तुलना में आसान होने की उम्मीद है। अब किसानों की नजर धान खरीदी की अंतिम गाइडलाइन और सरकार की ओर से जारी होने वाले अगले निर्देशों पर रहेगी।

सिंगापुर से लौटे सीएम साय, छत्तीसगढ़ के लिए आया 43,600 करोड़ का निवेश प्रस्ताव

 CM Sai Singapore Visit:  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की चार दिवसीय सिंगापुर यात्रा राज्य के लिए बड़े आर्थिक अवसर लेकर आई है। मुख्यमंत्री बुधवार को रायपुर लौट रहे हैं। उनकी इस यात्रा के दौरान छत्तीसगढ़ के लिए करीब 43,600 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। इसे राज्य में विदेशी निवेश के लिहाज से एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

15 से ज्यादा ग्लोबल कंपनियों के CEO से हुई अहम बातचीत

मुख्यमंत्री साय को सिंगापुर में आयोजित पहले सिंगापुर-इंडिया नेटवर्क फॉर ग्रोथ यानी SING फोरम 2026 में शामिल होने का अवसर मिला। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के नामांकन के बाद छत्तीसगढ़ को इस मंच पर प्रतिनिधित्व मिला।

फोरम के दौरान मुख्यमंत्री ने 15 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के प्रमुखों के साथ राउंडटेबल बैठक की। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता, निवेश नीतियों और कारोबार के लिए उपलब्ध संभावनाओं को सामने रखा।

AI और डेटा सेंटर सेक्टर में सबसे बड़ा दांव

सिंगापुर यात्रा के दौरान सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव एआई और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र से आया है। सिंगापुर की कंपनी एनर्जी कैपिटल ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड ने छत्तीसगढ़ में 100 मेगावाट क्षमता वाला एआई-रेडी डेटा सेंटर कैंपस विकसित करने के लिए 41,750 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है।

प्रस्तावित परियोजना को मध्य भारत के सबसे बड़े एआई डेटा सेंटर कैंपस के रूप में विकसित किए जाने की बात कही गई है। कंपनी के CEO स्टानिस्लाव बोरिसोव के मुताबिक एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ऊर्जा, जमीन और मजबूत प्रशासनिक समर्थन जरूरी है और छत्तीसगढ़ में ये सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

निवेश से युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निवेश प्रस्तावों को राज्य की नीतियों और कारोबारी माहौल में बढ़ते भरोसे का संकेत बताया। उनका कहना है कि इस तरह के निवेश से डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

खास तौर पर एआई, डेटा सेंटर और डिजिटल क्षेत्र में निवेश बढ़ने से तकनीकी दक्षता रखने वाले युवाओं के लिए नई नौकरियों और करियर के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

सरकार का फोकस, निवेश से विकसित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़े छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उद्योग, निवेश और इनोवेशन के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने पर लगातार काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य ऐसी नीतियां लागू करना है, जिनसे घरेलू और विदेशी कंपनियां छत्तीसगढ़ में लंबे समय के निवेश के लिए आकर्षित हों।

सिंगापुर यात्रा से सामने आए निवेश प्रस्तावों को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खासकर 41,750 करोड़ रुपये की एआई डेटा सेंटर परियोजना छत्तीसगढ़ को डिजिटल और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की क्षमता रखती है।

बरसात के बाद अब धरातल पर दिखेंगे सड़कों के काम, लोक निर्माण विभाग ने 6 कार्यों की निविदा को दी मंजूरी

 कुल 101.24 करोड़ की लागत से सड़कें होंगी चौड़ी और मजबूत, गौरव पथ निर्माण और सौंदर्यीकरण भी होगा उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने कार्यादेश जारी कर तत्काल काम शुरू कराने के दिए निर्देश

रायपुरराज्य शासन ने बरसात के बाद सड़कों के निर्माण में तेजी लाने की तैयारी पूरी कर ली है। लोक निर्माण विभाग ने धमतरी जिले में 6 कार्यों के लिए कुल 101 करोड़ 23 लाख 55 हजार रुपए की निविदा को मंजूरी दी है। इनमें पांच सड़कों के मजबूतीकरण और चौड़ीकरण तथा आमदी नगर पंचायत में फोरलेन गौरव पथ एवं सौंदर्यीकरण का काम शामिल है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने नए कार्यों की निविदा मंजूर करते हुए धमतरी संभाग के कार्यपालन अभियंता को चयनित ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों को कार्यादेश जारी कर तत्काल कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए हैं।

 *कई महत्वपूर्ण मार्गों का होगा चौड़ीकरण और मजबूतीकरण*लोक निर्माण विभाग ने धमतरी जिले में मेघा रोड तिराहा-स्टेशन रोड-चरमुड़िया राष्ट्रीय राजमार्ग-30 में 3.75 किलोमीटर चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 14 करोड़ 45 लाख 12 हजार रुपए, पचपेड़ी-तर्रागोंदी-भेलवाकूदा-टिपानी-सेमरा (बी) मार्ग में पांच किलोमीटर चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 13 करोड़ 32 लाख 82 हजार रुपए, नौ किलोमीटर छाती-गागरा-कंडेल-देवपुर मार्ग के लिए 23 करोड़ 12 लाख 46 हजार रुपए तथा 10 किलोमीटर अर्जुनी-भानपुरी-तरसींवा-कुर्रा-अमलीडीह-हसदा सड़क के लिए 19 करोड़ 42 लाख 22 हजार रुपए की निविदा मंजूर की है।

विभाग ने राजनांदगांव-गुंडरदेही-धमतरी-नगरी सिहावा-बोराई राज्य मार्ग में 23 किलोमीटर लंबाई के मजबूतीकरण एवं डामरीकरण के लिए 11 करोड़ 70 लाख 83 हजार रुपए की निविदा को मंजूरी दी है। लोक निर्माण विभाग द्वारा इसी मार्ग में पड़ने वाले आमदी नगर पंचायत में 3.50 किलोमीटर फोरलेन गौरव पथ के निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्य के लिए भी 19 करोड़ 26 लाख 10 हजार रुपए की निविदा स्वीकृत की है। विभाग द्वारा इन निविदाओं का अनुमोदन अनुबंध के पूर्व ठेकेदारों से संपूर्ण कार्यावधि के लिए प्रभावशील एपीएस (Additional Performance Security) की राशि की बैंक गारंटी प्राप्त करने की शर्त पर की गई है।*मापदंडों के अनुसार कार्यों का संपादन और पर्यवेक्षण सुनिश्चित करें, 

गुणवत्ता व समय-सीमा पर दें विशेष ध्यान – श्री अरुण साव*उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने धमतरी संभाग के कार्यपालन अभियंता को अनुबंधित कार्यों का संपादन और पर्यवेक्षण विभागीय मापदंडों के अनुसार सुनिश्चित करते हुए कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ये कार्य किसी अन्य को सबलेट नहीं करने तथा कार्य संपादन के लिए पॉवर-ऑफ-अटॉर्नी को मान्य नहीं करने भी कहा है। श्री साव ने अनुबंधित समयावधि में कार्यों को पूर्ण करने, कार्यों का संपादन अनुबंधानुसार प्रशासकीय स्वीकृति एवं आबंटन की सीमा में करने के भी निर्देश दिए हैं।