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Tuesday, October 27, 2026
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नाना पाटेकर ने राजनीति से क्यों बनाई दूरी, किस नेता को मानते थे चाणक्य?

 Nana Patekar Death:  बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर के बाद उनके फिल्मी सफर के साथ उनकी निजी सोच और सामाजिक जीवन को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। नाना पाटेकर ने फिल्मों में कई यादगार किरदार निभाए, लेकिन राजनीति में उतरने से हमेशा दूरी बनाए रखी। खास बात यह है कि उन्हें सक्रिय राजनीति में आने के प्रस्ताव भी मिले थे।

2014 में मिला था चुनाव लड़ने का प्रस्ताव

2014 के लोकसभा चुनाव से पहले नाना पाटेकर का नाम राजनीतिक गलियारों में चर्चा में आया था। उस समय खबरें सामने आई थीं कि बीजेपी ने उन्हें मुंबई की एक लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारने के लिए संपर्क किया था।

हालांकि नाना पाटेकर ने राजनीति में आने का रास्ता नहीं चुना। 2014 के चुनाव में मुंबई उत्तर मध्य सीट से आखिरकार बीजेपी ने प्रमोद महाजन की बेटी पूनम महाजन को उम्मीदवार बनाया, जिन्होंने चुनाव जीतकर लोकसभा में प्रवेश किया।

राजनीति को लेकर क्या सोचते थे नाना

नाना पाटेकर सार्वजनिक जीवन में अपनी बेबाक राय के लिए पहचाने जाते थे। वह कई मौकों पर राजनीति और नेताओं पर अपनी बात रखते रहे, लेकिन खुद किसी राजनीतिक दल का हिस्सा बनने से बचते रहे।

उनसे जुड़े राजनीतिक बयानों को लेकर सोशल मीडिया पर कई बार विवाद भी हुआ। एक चर्चित बयान को उनके नाम से वायरल किया गया था, लेकिन नाना पाटेकर ने खुद उस बयान से साफ इनकार किया था। फैक्ट चेक में भी उस कथित बयान को फर्जी पाया गया।

राजनीति में दोस्त कौन थे?

नाना पाटेकर की कई राजनीतिक हस्तियों से मुलाकात और दोस्ती रही, लेकिन उन्हें किसी एक राजनीतिक दल के सक्रिय नेता के तौर पर देखना सही नहीं होगा। उनका सार्वजनिक जीवन मुख्य रूप से सिनेमा और सामाजिक कार्यों से जुड़ा रहा।

उनकी राजनीतिक दिलचस्पी जरूर दिखाई देती थी, लेकिन उन्होंने चुनावी राजनीति को अपने करियर का हिस्सा नहीं बनाया। यही वजह है कि 2014 में चुनाव लड़ने की चर्चाओं के बावजूद उन्होंने खुद को राजनीति से दूर रखा।

किसे मानते थे राजनीति का चाणक्य?

नाना पाटेकर के बारे में यह दावा कई जगह मिलता है कि वह किसी खास नेता को राजनीति का चाणक्य मानते थे, लेकिन इस दावे की पुष्टि के लिए विश्वसनीय स्रोत में स्पष्ट और प्रत्यक्ष बयान मिलना जरूरी है। इसलिए इस हिस्से को बिना ठोस प्रमाण के तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।

इतना जरूर है कि नाना पाटेकर राजनीति पर अपनी राय रखने से कभी पीछे नहीं हटे, लेकिन उन्होंने अभिनेता के तौर पर अपनी पहचान को ही प्राथमिकता दी। उनके लिए राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के बजाय अपने तरीके से सामाजिक मुद्दों पर आवाज उठाना ज्यादा महत्वपूर्ण रहा।

 नाना पाटेकर का निधन, 75 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

मुंबई। हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह निधन हो गया। वह 75 वर्ष के थे। गोवा के डोना पाउला स्थित अपने घर पर उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी और वह बेहोश पाए गए। इसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से सामने आई जानकारी के मुताबिक करीब 5 बजकर 20 मिनट पर उन्हें मृत घोषित किया गया।

45 मिनट तक डॉक्टरों ने की बचाने की कोशिश

नाना पाटेकर को अस्पताल पहुंचाने के बाद डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने के लिए करीब 45 मिनट तक सीपीआर दिया। हालांकि, लगातार प्रयासों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। मामले को मेडिको लीगल केस के तौर पर दर्ज किया गया है और मौत की परिस्थितियों की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जाएगी।

चार दशक से ज्यादा लंबे करियर में बनाई अलग पहचान

नाना पाटेकर ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 1978 में आई फिल्म गमन से की थी। इसके बाद उन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा में कई यादगार किरदार निभाए। प्रहार, परिंदा, क्रांतिवीर, तिरंगा, खामोशी और अब तक छप्पन जैसी फिल्मों में उनके दमदार अभिनय ने उन्हें अलग पहचान दिलाई।

गंभीर और प्रभावशाली भूमिकाओं के साथ नाना पाटेकर ने कॉमेडी में भी अपनी खास छाप छोड़ी। वेलकम में उदय शेट्टी के किरदार ने उन्हें दर्शकों के बीच एक अलग अंदाज में लोकप्रिय बनाया।

तीन बार मिला नेशनल फिल्म अवॉर्ड

नाना पाटेकर के अभिनय को राष्ट्रीय स्तर पर भी कई बार सम्मान मिला। फिल्म परिंदा के लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला। इसके बाद क्रांतिवीर में शानदार अभिनय के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया। अग्निसाक्षी के लिए भी उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला।भारतीय सिनेमा में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने 2013 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था।

सिनेमा के एक अलग अंदाज वाले कलाकार को विदाई

नाना पाटेकर अपनी तीखी संवाद अदायगी, मजबूत स्क्रीन प्रेजेंस और किरदारों में जान डाल देने वाली अभिनय शैली के लिए लंबे समय तक याद किए जाएंगे। हिंदी और मराठी फिल्मों में उन्होंने ऐसे कई किरदार निभाए, जिन्हें दर्शकों ने बेहद पसंद किया। उनके निधन से भारतीय फिल्म जगत ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है, जिसकी अभिनय शैली और पर्दे पर मौजूदगी की अपनी अलग पहचान थी।

Aaj Ka Rashifal: मिथुन, सिंह और तुला राशि वालों के लिए आज की यात्रा रहेगी शुभ, जानें किसे सफर में बरतनी होगी सावधानी

Toady Rashifal 8 October 2026: 8 अक्टूबर 2026 को कुछ राशियों के लिए धार्मिक और लंबी यात्रा के योग बन रहे हैं. मिथुन, धनु, कुंभ और मीन राशि वालों का आध्यात्मिक यात्रा की ओर रुझान बढ़ेगा. वहीं मेष, वृश्चिक और वृष राशि वालों को सफर में सावधानी बरतनी होगी.अक्टूबर का महीना त्योहारों और धार्मिक यात्राओं के लिहाज से खास है. ऐसे में कई लोग परिवार के साथ घूमने, तीर्थ यात्रा या किसी जरूरी काम से सफर की योजना बना रहे हैं. अगर आप भी 8 अक्टूबर को यात्रा करने का प्लान बना रहे हैं तो अपनी राशि का हाल जरूर जान लें. आचार्य मदन मोहन के अनुसार, कुछ राशियों के लिए आज का दिन नए काम और यात्रा के लिहाज से बेहतर रह सकता है, जबकि कुछ राशि वालों को सफर के दौरान खर्च और स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा.

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है. मेहनत के बाद सफलता मिलने के योग हैं. परिवार का सहयोग बना रहेगा, लेकिन मन में किसी बात को लेकर चिंता और दुविधा रह सकती है. अगर आज यात्रा कर रहे हैं तो जल्दबाजी में कोई फैसला न लें. सफर के दौरान परिवार के किसी सदस्य की सेहत को लेकर भी ध्यान रखना जरूरी है. माता-पिता के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें. किसी पुराने परिचित से मिलने या रुका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना है.

भाग्य अंक: 2

शुभ रंग: लाल

दान: अनार

वृष राशि

वृष राशि वालों के लिए दिन सामान्य रहेगा. नौकरी में परेशानी और विरोधियों का दबाव महसूस हो सकता है. व्यापार में विस्तार की योजना बन सकती है. अगर आप आज कहीं घूमने या किसी काम से बाहर जाने वाले हैं तो बेवजह की भागदौड़ से बचें. यात्रा का खर्च बजट बिगाड़ सकताा है. परिवार से जुड़ी कोई समस्या अचानक हल हो सकती है. मनचाही चीज खरीदने का मौका भी मिल सकता है.

भाग्य अंक: 5

शुभ रंग: सिल्वर

दान: आटा

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन आगे बढ़ने के मौके लेकर आ सकता है. आपकी वाणी और नए लोगों से संपर्क का फायदा मिलेगा. धार्मिक कार्यों में समय बीतेगा, इसलिए तीर्थ या धार्मिक यात्रा की योजना बनाने वालों के लिए दिन मानसिक रूप से अच्छा रह सकता है. हालांकि खान-पान को लेकर सावधानी जरूरी है जो लोग लंबी यात्रा पर जा रहे हैं. उन्हें अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए.

भाग्य अंक: 1

शुभ रंग: हरा

दान: मूंग दाल

कर्क राशि

कर्क राशि वालों को आज शांत रहकर काम करने की जरूरत है. नई ऊर्जा और काम करने की क्षमता महसूस होगी. नौकरी करने वालों के लिए उन्नति के योग हैं. परिवार के साथ यात्रा की योजना बन सकती है, लेकिन सफर के दौरान किसी अनजान या बहुत करीबी समझे जााने वाले व्यक्ति के सामने अपनी निजी जानकारी साझा करने से बचें. धन खर्च करते समय भी बजट का ध्यान रखें.

भाग्य अंक: 4

शुभ रंग: सफेद

दान: दूध

सिंह राशि

सिंह राशि वालों को आज अपने गुस्से पर खास नियंत्रण रखना होगा. क्रोध के कारण काम बिगड़ सकता है और स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है. अगर परिवार या दोस्तों के साथ घूमने का प्लान है तो छोटी बात को लेकर बहस करने से बचें. रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं और वैवाहिक जीवन से जुड़ी समस्या का समाधान मिलने के संकेत हैं. भविष्य की याात्रा या छुट्टी की योजना भी बनाई जा सकती है.

भाग्य अंक: 8

शुभ रंग: पीला

दान: पपीता

कन्या राशि

कन्या राशि के लिए दिन काफी अनुकूल है. नए अवसर मिलेंगे और काम में अच्छी प्रगति देखने को मिल सकती है. मित्रों और स्वजनों का सहयोग मिलेगा. किसी पुराने परिचित से मुलाकात भी संभव है. वाहन खरीदने का विचार बना रहे हैं तो आज उस दिशा में आगे बढ़ सकते हैं. घूमने या किसी नए स्थान पर जाने की योजना भी बन सकती है. यात्रा के दौरान अपनी वाणी पर संयम रखें.

भाग्य अंक: 6

शुभ रंग: बैंगनी

दान: हरा वस्त्र

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए आज मनचाही चीज खरीदने का योग है. ऐसे में अगर यात्रा पर जा रहे हैं तो शॉपिंग और दूसरी चीजों पर जरूरत से ज्यादा खर्च करने से बचें. विद्यार्थियों के लिए दिन मध्यम रहेगा. लेखन, पत्रकारिता और दूसरे बौद्धिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए समय अच्छाा रह सकता है. व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं.

भाग्य अंक: 7

शुभ रंग: सफेद

दान: सफेद चंदन

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए दिन मिला-जुला रह सकता है. स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें. मानसिक तनाव से बचने की कोशिश करें और लंबी यात्रा पर निकलने से पहले अपनी सेहत का ध्यान रखें. आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं और दिया हुआ पैसा वापस मिल सकता है. घर में वाहन आने की योजना बन सकती है, लेकिन मित्रों की वजह से किसी काम में अड़चन आ सकती है.

भाग्य अंक: 8

शुभ रंग: लाल

दान: चमेली का तेल

धनु राशि

धनु राशि वालों का झुकाव आज आध्यात्मिकता की तरफ बढ़ सकता है. परमात्मा के प्रति आस्था बढ़ेगी और धार्मिक स्थान की यात्रा करने की इच्छा हो सकती है. अगर तीर्थ यात्रा की योजना बना रहे हैं तो इसे लेकर तैयारी कर सकते हैं. हालांकि परिवाार के सदस्यों से मतभेद होने की संभावना है, इसलिए यात्रा के दौरान विवाद से बचें. जमीन-जायदाद से जुड़े कामों में सावधानी रखें और रत्न-आभूषण व रेशमी वस्त्रों पर खर्च करने से बचें.

भाग्य अंक: 9

शुभ रंग: केसरिया

दान: हल्दी

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए आर्थिक मामलों में दिन अच्छा रह सकता है. प्रयासों का फायदा मिलेगा और रुका हुआ पैसा मिलने की संभावना है. नई संपत्ति या वाहन खरीदने के योग बन सकते हैं. नौकरी में प्रगति और प्रमोशन के संकेत हैं. अगर आप किसी यात्रा के लिए वाहन से निकल रहे हैं तो सामान्य सावधानी रखें और जल्दबाजी से बचें.

भाग्य अंक: 5

शुभ रंग: काला

दान: गुड़-दही गाय को खिलाएं

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए आज भाग्य का साथ मिल सकता है. घर में मेहमानों के आने से व्यस्तता रहेगी. रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं. दिन के दूसरे हिस्से में उत्साह बढ़ेगा. धार्मिक और तीर्थ स्थल की यात्रा का योग बन सकता है. परिवार में किसी मांगलिक कार्यक्रम की तैयारी भी हो सकती है. सरकारी क्षेत्र में काम करने वाालों को थोड़ा संघर्ष करना पड़ सकता है.

भाग्य अंक: 3

शुभ रंग: काला

दान: हरा चारा

मीन राशि

मीन राशि वालों का मन आज आध्यात्मिकता की ओर अधिक रहेगा. गुरु बनाने या आध्यात्मिक मार्गदर्शन पाने की इच्छा हो सकती है. धार्मिक यात्रा के लिए दिन अनुकूल मानसिक माहौल दे सकता है. हालांकि पारिवारिक परेशानियां और नौकरीपेशा लोगों पर मानसिक दबाव रह सकता है. यात्रा या घूमने के दौरान अनावश्यक खर्च करने से बचें. संतान से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है और माता-पिता के स्वास्थ्य में सुधाार के संकेत हैं.

भाग्य अंक: 9

शुभ रंग: नारंगी

दान: पीले वस्त्र

Aaj ka Panchang 8 October 2026: प्रदोष व्रत आज, नोट करें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूरा पंचांग

Aaj ka Panchang 8 October 2026: हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है. कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है. पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है.

प्रदोष व्रत आज

8 अक्टूबर 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक दृष्टि से खास रहने वाला है. इस दिन आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है और प्रदोष व्रत भी रखा जाएगा. भगवान शिव की पूजा के लिए प्रदोष काल को बेहद शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इस समय श्रद्धा से भगवान शिव की आराधना करने से भक्तों को उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है.

आज की तिथि

पंचांग के अनुसार, इस दिन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि रात 10:16 बजे तक रहेगी. गुरुवार होने की वजह से यह दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है. नक्षत्र की बात करें तो पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र 9 अक्टूबर की सुबह 6:32 बजे तक रहेगा. वहीं वरियान योग रात 3:41 बजे तक रहेगा और कौलव करण सुबह 8:46 बजे तक रहेगा.

पूजा का मुहूर्त

प्रदोष व्रत में शाम के समय भगवान शिव की पूजा करने का विशेष महत्व है. इस दिन प्रदोष काल शाम 5:59 बजे से रात 8:27 बजे तक रहेगा. इस दौरान भगवान शिव का अभिषेक, पूजन और दीप प्रज्वलित करना शुभ माना जाता है. भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और फूल अर्पित कर सकते हैं.

आज का शुभ मुहूर्त और राहुकाल

8 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा. वहीं राहुकाल दोपहर 1:29 बजे से 2:55 बजे तक रहेगा. गुलिक काल सुबह 9:03 बजे से 10:29 बजे तक और यमगंड काल सुबह 6:17 बजे से 7:43 बजे तक रहेगा. दिन की शुरुआत सुबह 6:19 बजे सूर्योदय से होगी, जबकि सूर्यास्त शाम 5:47 बजे होगा. चंद्रोदय 9 अक्टूबर की सुबह 2:48 बजे और चंद्रास्त शाम 4:28 बजे होगा.

दिशाशूल

पंचांग के अनुसार, गुरुवार को दक्षिण दिशा में दिशाशूल माना जाता है. इसलिए मान्यता के अनुसार इस दिन दक्षिण दिशा की यात्रा करने से बचना चाहिए. अगर यात्रा करना जरूरी हो, तो धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उचित उपाय करके यात्रा शुरू की जा सकती है.

RERA के बिना प्लॉट बेचना पड़ा भारी, रायपुर के महागणपति डेवलपर्स पर 8 लाख का जुर्माना

रायपुर. छत्तीसगढ़ में बिना RERA पंजीयन के प्रॉपर्टी प्रोजेक्ट चलाने वाले डेवलपर्स पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है. छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (CGRERA) ने रायपुर की महागणपति डेवलपर्स के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए 8 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. कंपनी पर बिना आवश्यक RERA पंजीयन के प्लॉटेड ले-आउट में भूखंडों की बिक्री करने का आरोप है.

प्राधिकरण ने आर्थिक दंड लगाने के साथ संबंधित परियोजना का RERA के तहत पंजीयन कराने के निर्देश भी दिए हैं. इस कार्रवाई का उद्देश्य रियल एस्टेट परियोजनाओं में नियमों का पालन सुनिश्चित करने के साथ खरीदारों के हितों की सुरक्षा करना है.

बिना पंजीयन चल रहा था प्लॉट प्रोजेक्ट
मामले में सामने आया कि महागणपति डेवलपर्स द्वारा रायपुर में प्लॉटेड ले-आउट परियोजना विकसित की गई थी. इस प्रोजेक्ट के तहत भूखंडों की बिक्री भी की जा रही थी, लेकिन परियोजना का आवश्यक RERA पंजीयन नहीं कराया गया था.

RERA कानून के मुताबिक पंजीयन के दायरे में आने वाली परियोजना के लिए संबंधित प्राधिकरण में रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है. इसके बिना किसी प्रोजेक्ट का प्रचार, मार्केटिंग, बुकिंग या बिक्री की पेशकश नहीं की जा सकती.

CGRERA ने खुद लिया मामले का संज्ञान
परियोजना में नियमों के उल्लंघन की जानकारी सामने आने के बाद CGRERA ने मामले में स्वप्रेरणा से संज्ञान लिया. इसके बाद महागणपति डेवलपर्स के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर सुनवाई की गई.

सुनवाई के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच की गई. जांच के आधार पर प्राधिकरण ने माना कि बिना पंजीयन भूखंडों का विक्रय किया जाना RERA अधिनियम की धारा 3 के प्रावधानों का उल्लंघन है.

8 लाख का जुर्माना, प्रोजेक्ट रजिस्टर कराने का आदेश
उल्लंघन साबित होने के बाद CGRERA ने डेवलपर पर 8 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया. इसके साथ ही संबंधित परियोजना को RERA के तहत पंजीकृत कराने के निर्देश दिए गए हैं.

प्राधिकरण के मुताबिक पंजीयन प्रक्रिया पूरी होने से परियोजना का विकास और बिक्री निर्धारित कानूनी नियमों के अनुरूप होगी. इससे प्रोजेक्ट में निवेश करने वाले लोगों के हितों की सुरक्षा के लिए भी जरूरी नियामकीय व्यवस्था लागू होगी.

बिना RERA रजिस्ट्रेशन बिक्री पर होगी कार्रवाई
CGRERA ने रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े प्रमोटरों और डेवलपर्स को स्पष्ट संदेश दिया है कि RERA के दायरे में आने वाली परियोजनाओं का पंजीयन कराए बिना प्लॉट या अन्य इकाइयों की बिक्री नहीं की जा सकती.

नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर प्राधिकरण स्वप्रेरणा से कार्रवाई कर सकता है. ऐसे मामलों में आर्थिक दंड के अलावा RERA अधिनियम के तहत अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जा सकती है.

पत्रकार स्व. पंकज शर्मा की प्रतिमा का उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया अनावरण, पत्रकारिता में योगदान को किया गया याद

रायपुर, रायपुर ने पत्रकारिता के क्षेत्र में देश और प्रदेश को कई मूर्धन्य पत्रकार दिए हैं, इन्हीं में से एक नाम वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय पंकज शर्मा का है. उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाने के उद्देश्य से पंकज गार्डन, खो-खो पारा में उनकी प्रतिमा का अनावरण उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा किया गया. समारोह में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री सुनील सोनी, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री अनुज शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार श्री हिमांशु द्विवेदी, रायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी तथा अखंड ब्राह्मण समाज से श्री ज्ञानेश शर्मा सहित पत्रकारिता, सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे.

समारोह के दौरान स्वर्गीय पंकज शर्मा के जीवन और उनकी पत्रकारिता यात्रा पर आधारित करीब एक घंटे की विशेष डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन भी किया गया. डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से उनके पत्रकारिता जीवन, देश-विदेश में किए गए कार्यों, उनकी लेखन शैली, संवाद क्षमता और पत्रकारिता के प्रति समर्पण को स्मरण किया गया. डॉक्यूमेंट्री ने उपस्थित लोगों को पंकज शर्मा के व्यक्तित्व और कृतित्व से भावनात्मक रूप से जोड़ा.

पंकज शर्मा पत्रकारिता की एक पूरी पीढ़ी के प्रेरणास्रोत – उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि स्व. पंकज शर्मा ने पत्रकारिता को केवल पेशे के रूप में नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और मिशन के रूप में जिया. उन्होंने सीमित जीवनकाल में अपनी प्रतिभा और लेखनी से ऐसी पहचान बनाई, जो आज भी पत्रकारिता जगत के लिए प्रेरणा है. शर्मा ने कहा कि पंकज शर्मा की स्मृति को स्थायी रूप देना केवल एक व्यक्ति का सम्मान नहीं, बल्कि रायपुर की पत्रकारिता की समृद्ध परंपरा का सम्मान है.

पंकज शर्मा ने रायपुर की पत्रकारिता को राष्ट्रीय पहचान दी : सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि पंकज शर्मा रायपुर की उस पत्रकारिता परंपरा के प्रतिनिधि थे, जिसने अपनी प्रतिभा और लेखनी के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई. उन्होंने कहा कि पंकज शर्मा ने पत्रकारिता में जिस ऊंचाई को हासिल किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी है. उनकी स्मृति में प्रतिमा का अनावरण आने वाली पीढ़ी को उनके योगदान से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा.

विधायक सुनील सोनी और विधायक मोतीलाल साहू ने भी स्वर्गीय पंकज शर्मा को याद करते हुए पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान को रेखांकित किया. वरिष्ठ पत्रकार हिमांशु द्विवेदी ने पंकज शर्मा की पत्रकारिता शैली, उनके लेखन और उस दौर की पत्रकारिता में उनके प्रभाव पर विस्तार से प्रकाश डाला.

पंकज शर्मा के नाम पर संस्थानों और सम्मान की पहल का प्रस्ताव

इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा ने स्वर्गीय पंकज शर्मा की स्मृति को और व्यापक स्वरूप देने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे. उन्होंने पंकज उद्यान का नाम विस्तारित कर “पत्रकार पंकज शर्मा उद्यान” करने, खो-खो पारा स्थित स्कूल का नाम “पत्रकार पंकज शर्मा” के नाम पर करने, तथा युवा पत्रकार राज्य अलंकरण की शुरुआत स्वर्गीय पंकज शर्मा के नाम से किए जाने का प्रस्ताव रखा.

उन्होंने पत्रकारिता विश्वविद्यालय की किसी प्रमुख बिल्डिंग का नाम भी “पंकज शर्मा” के नाम पर किए जाने का सुझाव दिया. मंच पर मौजूद सभी अतिथियों ने इन प्रस्तावों का समर्थन किया और पंकज शर्मा की स्मृति को संस्थागत रूप से संरक्षित करने की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की.

 कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय पंकज शर्मा ने अपने अल्प जीवनकाल में पत्रकारिता के क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया. उन्होंने हिंदी पत्रकारिता को नई दिशा दी और देश-विदेश में अपनी प्रतिभा से भारतीय पत्रकारिता का गौरव बढ़ाया. उनकी स्मृति में आयोजित यह समारोह केवल प्रतिमा अनावरण तक सीमित नहीं है, बल्कि पत्रकारिता के मूल्यों, परंपरा और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा को आगे बढ़ाने का संकल्प भी है. कार्यक्रम का आयोजन रायपुर प्रेस क्लब, अखंड ब्राह्मण समाज छत्तीसगढ़ एवं विप्र सांस्कृतिक भवन प्रबंधन समिति के संयुक्त तत्वावधान में किया गया.

छत्तीसगढ़ में फिर बदलेगा मौसम, 3 दिन बारिश के आसार, रायपुर में गर्मी ने किया परेशान

 रायपुर: छत्तीसगढ़ में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। राजधानी रायपुर में मंगलवार को दिनभर तेज धूप के चलते गर्मी का असर बना रहा। शाम होते-होते आसमान में बादल छाए, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली। वहीं मुंगेली और बलरामपुर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश भी दर्ज की गई।

हालांकि, प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश की गतिविधि सीमित रही। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के दौरान कुछ इलाकों में हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है।

रायपुर में 34.8 डिग्री रहा तापमान

राजधानी रायपुर में पिछले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को शाम या रात के समय बारिश अथवा गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।इस दौरान रायपुर का तापमान करीब 34 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।

इन जिलों में हल्की बारिश के संकेत

मौसम विभाग के मुताबिक 7 अक्टूबर को प्रदेश में एक-दो स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।मौसम की यह स्थिति अगले दो दिनों तक भी कुछ क्षेत्रों में बनी रह सकती है। हालांकि, प्रदेशभर में व्यापक बारिश की संभावना फिलहाल कम बताई गई है।

मुंगेली और बलरामपुर में हुई बारिश

पिछले 24 घंटे के दौरान छत्तीसगढ़ में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहा। इस दौरान मुंगेली और बलरामपुर जिले के कुछ स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश रिकॉर्ड की गई।

तापमान की बात करें तो राजनांदगांव में 35.5 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। वहीं पेंड्रा रोड में 19.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।

चक्रवाती परिसंचरण और द्रोणिका का असर

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मौसम में बदलाव का कारण चक्रवाती परिसंचरण और द्रोणिका का प्रभाव है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा सुपौल, रांची, रायपुर, ब्रह्मपुरी, परभणी, बारामती और हरनाई से होकर आगे बढ़ रही है।

इसके अलावा दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में समुद्र तल से करीब 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई तक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव से उत्तर बंगाल की खाड़ी तक द्रोणिका भी सक्रिय है। यही मौसमी परिस्थितियां आने वाले दिनों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियों को प्रभावित कर सकती हैं।

छत्तीसगढ़ के स्कूलों में अब खाने का भी होगा हिसाब, जंक फूड पर रोक और हेल्दी डाइट पर जोर

 छत्तीसगढ़ :  स्कूली बच्चों की सेहत को लेकर राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने नई पहल शुरू करने की तैयारी की है। बच्चों में बढ़ते मोटापे और मधुमेह के खतरे को देखते हुए स्कूलों में खान-पान को लेकर जागरूकता बढ़ाई जाएगी। इसके तहत स्कूलों में ऐसा बोर्ड लगाया जाएगा, जिसमें खाने की चीजों में मौजूद शुगर, नमक और कैलोरी की जानकारी दी जाएगी।

बच्चों को समझाकर बदलेगा खान-पान

राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के मुताबिक, आजकल बच्चों के खान-पान में चिप्स, कोल्ड ड्रिंक और पैकेज्ड फूड की हिस्सेदारी बढ़ रही है। इससे कम उम्र में मोटापा और शुगर जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

आयोग का जोर बच्चों को डांटने के बजाय उन्हें आसान तरीके से सही और गलत खान-पान का अंतर समझाने पर है। इसी सोच के साथ स्कूलों में हेल्दी ईटिंग को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

तीन रंग बताएंगे कौन सा खाना कितना सही

स्कूलों में लगाए जाने वाले बोर्ड पर ट्रैफिक लाइट सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे बच्चे रंगों के जरिए आसानी से समझ सकेंगे कि किसी खाद्य पदार्थ में शुगर, नमक और कैलोरी की मात्रा कितनी है।

  • लाल रंग: ऐसे खाद्य पदार्थ जिनका सेवन कम करना बेहतर होगा।
  • पीला रंग: सीमित मात्रा में कभी-कभार लिया जा सकता है।
  • हरा रंग: अपेक्षाकृत बेहतर और पौष्टिक विकल्प।

स्कूल कैंटीन में जंक फूड की जगह स्थानीय भोजन

इस पहल का असर स्कूल कैंटीन के मेन्यू पर भी पड़ सकता है। जंक फूड को सीमित करने के साथ स्थानीय और पौष्टिक खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देने की योजना है। इसमें मड़िया पेज, कोदो और कुटकी जैसे छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खाद्य पदार्थ शामिल किए जाएंगे।

इसके अलावा स्कूलों में ‘ईट राइट क्लब’ बनाने की योजना है। कुछ विद्यार्थियों को स्वास्थ्य एंबेसडर की जिम्मेदारी देकर दूसरे बच्चों को संतुलित खान-पान के प्रति जागरूक किया जाएगा।

पोटा केबिन से एकलव्य स्कूल तक लागू होगा नियम

आयोग की यह पहल केवल सामान्य स्कूलों तक सीमित नहीं रहेगी। पोटा केबिन, एकलव्य और प्रयास जैसे आवासीय स्कूलों को भी इसके दायरे में लाने की बात कही गई है। इन संस्थानों में रोज के मेन्यू के साथ खाद्य पदार्थों की पोषण संबंधी जानकारी वाला बोर्ड लगाया जाएगा।

PTM में पढ़ाई के साथ खान-पान पर भी चर्चा

आयोग का मानना है कि बच्चों की डाइट में बदलाव के लिए केवल स्कूल स्तर पर प्रयास काफी नहीं होंगे। इसमें अभिभावकों की भागीदारी भी जरूरी होगी। इसलिए पैरेंट-टीचर मीटिंग में पढ़ाई के साथ बच्चों के खान-पान और स्वस्थ जीवनशैली पर भी चर्चा करने पर जोर दिया जाएगा।इस पहल का उद्देश्य बच्चों को कम उम्र से ही संतुलित भोजन की आदत डालना और उन्हें अपने स्वास्थ्य को लेकर जागरूक बनाना है।

राहुल-प्रियंका समेत विपक्षी सांसदों पर FIR, चुनाव आयोग प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस का एक्शन

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 नई दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन के मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्षी दलों के कई नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान बिना अनुमति आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश करने के मामले में यह कार्रवाई की गई है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

बैरिकेडिंग के बाद सड़क पर बैठ गए थे नेता

मंगलवार को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और विपक्षी दलों के कई सांसद चुनाव आयोग की ओर मार्च कर रहे थे। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया।

इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेता वहीं धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान कुछ नेता बिना अनुमति आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए। पुलिस ने बाद में परिसर को खाली कराया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।

करीब 8 घंटे चला विरोध प्रदर्शन

चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का यह प्रदर्शन करीब आठ घंटे तक चला। लंबे समय तक चले धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को परिसर से हटाया और कुछ नेताओं को हिरासत में लिया। हालांकि, हिरासत में लिए गए नेताओं को बाद में रिहा कर दिया गया।

मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। पुलिस ने बुधवार को प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम को लेकर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

कांग्रेस सांसद ने कहा, पीछे नहीं हटेंगे

FIR दर्ज होने के बाद कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने राहुल गांधी और अन्य सांसदों का बचाव किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं और उनके साथ कई सांसद मौजूद थे। मसूद के मुताबिक, प्रदर्शनकारी जबरदस्ती परिसर में नहीं घुसे थे।उन्होंने कहा कि FIR दर्ज होने के बावजूद कांग्रेस इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी और विरोध जारी रहेगा।

प्रदर्शन को लेकर पहले से जारी है सियासी टकराव

चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के इस प्रदर्शन को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच पहले से राजनीतिक बयानबाजी चल रही है। विपक्ष चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अपने सवालों को आयोग के सामने रखने की मांग कर रहा है, जबकि भाजपा ने प्रदर्शन के तरीके और आयोग से मुलाकात की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाए हैं।अब FIR दर्ज होने के बाद यह मामला राजनीतिक विवाद के साथ कानूनी जांच के दायरे में भी आ गया है।

सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी: अपने घर का सपना हुआ साकार, रागिनी के परिवार को मिला खुशियों का आशियाना…..

रायपुर: अपना घर केवल चार दीवारों का निर्माण नहीं, बल्कि हर परिवार के लिए सुरक्षा, स्थायित्व और बेहतर भविष्य का आधार होता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा नागरिकों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने और आम परिवारों के अपने घर के सपने को साकार करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा आवासीय परियोजनाओं को बेहतर कनेक्टिविटी और आवश्यक सुविधाओं के साथ विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।

राज्य सरकार और मंडल की इन्हीं कोशिशों से रायपुर के समीप नरदहा में हितग्राही श्रीमती रागिनी का अपने घर का सपना साकार हुआ है। वर्षों से अपने परिवार के लिए एक स्थायी आशियाने की चाह रखने वाली रागिनी के लिए नया घर केवल एक संपत्ति नहीं, बल्कि परिवार के सुरक्षित और बेहतर भविष्य की नई शुरुआत है।

*“अपना घर होना मेरा सपना था, हाउसिंग बोर्ड की पहल ने इसे पूरा किया”*

अपने अनुभव साझा करते हुए श्रीमती रागिनी कहती हैं, “अपना घर होना मेरा सपना था, जिसे छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड की इस पहल ने पूरा किया है। आज अपना घर होने की खुशी और संतुष्टि को शब्दों में बताना मुश्किल है।”

उन्होंने बताया कि नरदहा स्थित परियोजना की लोकेशन उनके परिवार के लिए काफी सुविधाजनक है। रायपुर से बेहतर कनेक्टिविटी के साथ आसपास एजुकेशन हब, स्कूल और कॉलेज की उपलब्धता बच्चों की पढ़ाई के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। अच्छा सामाजिक वातावरण और आवश्यक सुख-सुविधाएं यहां रहने के अनुभव को और बेहतर बनाती हैं।

*घर के साथ मिला सुरक्षित भविष्य का भरोसा*

रागिनी के लिए अपना आशियाना मिलने की खुशी इसलिए भी खास है, क्योंकि अब परिवार के पास भविष्य के लिए अपना एक स्थायी ठिकाना है। बच्चों की शिक्षा के लिए अनुकूल वातावरण, रायपुर तक सुगम पहुंच और आसपास उपलब्ध आवश्यक सुविधाओं ने उनके नए घर की खुशी को और बढ़ा दिया है।

श्रीमती रागिनी कहती हैं, “वर्तमान छत्तीसगढ़ सरकार और हाउसिंग बोर्ड की यह पहल हम जैसे हितग्राहियों के घर के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। अपना आशियाना पाने का अवसर देने के लिए मैं छत्तीसगढ़ सरकार और हाउसिंग बोर्ड का हृदय से आभार व्यक्त करती हूं।”

*आम परिवारों तक बेहतर आवास पहुंचाने की दिशा में पहल*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में आवासीय योजनाओं के माध्यम से नागरिकों को सुव्यवस्थित और सुविधायुक्त रहवास उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। प्रयास है कि आवासीय परियोजनाएं केवल मकान उपलब्ध कराने तक सीमित न रहें, बल्कि उनमें कनेक्टिविटी, शिक्षा और रोजमर्रा की आवश्यक सुविधाओं तक सहज पहुंच जैसे पहलुओं का भी ध्यान रखा जाए।

नरदहा की रागिनी की कहानी इसी प्रयास का मानवीय पक्ष सामने लाती है। अपना घर मिलने से उनके परिवार को एक छत के साथ सुरक्षा और स्थायित्व मिला है तथा बच्चों के बेहतर भविष्य को लेकर नई उम्मीद भी जगी है। अपने आशियाने की चाबी के साथ रागिनी के परिवार के जीवन में खुशियों का एक नया अध्याय शुरू हुआ है।