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Sunday, October 25, 2026
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भूपेश बघेल का केंद्र सरकार पर निशाना, बोले- इतनी घबराहट क्यों कि बंद करनी पड़ रही ट्रेनें और मेट्रो

 CG News: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिल्ली में शनिवार को होने वाले प्रदर्शन से पहले केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्रेनों, इंटरनेट और मेट्रो सेवाओं को बंद किए जाने को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार इतनी डरी हुई है कि उसे परिवहन और संचार सेवाओं पर रोक लगाने जैसे कदम उठाने पड़ रहे हैं।बघेल ने आरोप लगाया कि दिल्ली में ट्रेन, इंटरनेट और मेट्रो सेवाएं बंद करने का फैसला सरकार की घबराहट को दर्शाता है। उनके इस बयान के केंद्र में प्रदर्शन से पहले राजधानी में लागू किए जा रहे प्रतिबंध रहे।

राहुल गांधी पर हमले को बताया दुर्भाग्यपूर्ण

पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी पर हुए कथित हमले का भी उल्लेख किया। उन्होंने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। बघेल ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान इस तरह की घटना होना चिंताजनक है।दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था और सेवाओं पर प्रतिबंध को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भूपेश बघेल ने इन मुद्दों के जरिए सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।

जंतर-मंतर पहुंचने से पहले CJP संस्थापक अभिजीत दिपके हिरासत में, विमान के अंदर पहुंची पुलिस, 600 से अधिक लोग डिटेन

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 दिल्ली :  कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद पार्टी के समर्थकों के दिल्ली पहुंचने का सिलसिला जारी है। इसी बीच CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में ले लिया गया। बताया जा रहा है कि पुलिस उस विमान के अंदर पहुंच गई, जिसमें दिपके और उनकी टीम सवार थी। इस दौरान पुलिस और पार्टी के सदस्यों के बीच तीखी बहस भी हुई।

विमान के भीतर पहुंची पुलिस, अभिजीत दिपके को लिया हिरासत में

जानकारी के अनुसार, अभिजीत दिपके अपनी टीम के साथ दिल्ली पहुंचे थे। उनके जंतर-मंतर पहुंचने से पहले ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि पुलिसकर्मी विमान के भीतर पहुंचे और वहां मौजूद दिपके तथा उनकी टीम के सदस्यों को अपने साथ ले गए।इस कार्रवाई के दौरान पुलिस और दिपके के बीच नोकझोंक होने की बात भी सामने आई है। हालांकि, हिरासत में लिए गए सभी लोगों की स्थिति और आगे की कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

दिल्ली एयरपोर्ट पर पहले से तैनात थी भारी पुलिस

CJP के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली एयरपोर्ट पर सुबह से ही पुलिस बल की तैनाती की गई थी। आशंका जताई जा रही थी कि राजधानी पहुंचने वाले पार्टी नेताओं और समर्थकों को एयरपोर्ट पर ही रोका जा सकता है। इसी बीच पुलिस ने CJP से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी।पुलिस की ओर से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के बावजूद पार्टी समर्थकों के वहां पहुंचने की कोशिशों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है।

जंतर-मंतर पहुंचने वाले समर्थकों पर भी कार्रवाई

राजधानी में प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंच रहे CJP समर्थकों को भी पुलिस हिरासत में ले रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अब तक 600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। हालांकि, इस संख्या की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।प्रदर्शन को लेकर दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई है। पुलिस की कार्रवाई के बीच अब सबकी नजर इस बात पर है कि CJP नेतृत्व आगे क्या कदम उठाता है और हिरासत में लिए गए लोगों को कब तक छोड़ा जाता है।

29 एकड़ में मखाना तैयार, समूह की महिलाएं जल्द करेंगी हार्वेस्टिंग

 धमतरी। किसानों की आय में वृद्धि और महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने खेती में नवाचार को बढ़ावा देने जिले में मखाना खेती की एक नई संभावना के रूप में उभर रही है। धान सहित पारंपरिक फसलों के साथ मखाना उत्पादन को प्रोत्साहित किया गया है। इस कड़ी में समूह की महिलाओं द्वारा 29 एकड़ में मखाना की खेती तैयाार है। 13 अक्टूबर को इसकी हार्वेस्टिंग का शुभारंभ किया जाएगा। उत्पादित मखाना को बेचने के बाद समूह की महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

केंद्र  सरकार की सेंट्रल सेक्टर स्कीम फार डेवलपमेंट आफ मखाना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में धमतरी जिले को तालाबों में मखाना की खेती (पान्ड कल्टीवेशन) के लिए 66 हेक्टेयर का भौतिक लक्ष्य मिला था। इसके विरुद्ध जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में 42 हेक्टेयर क्षेत्र में मखाना की खेती प्रारंभ की गई है। यह पहल जिले में कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने और किसानों को परंपरागत खेती के अतिरिक्त लाभकारी विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जिले के ग्राम छाती और डांडेसरा में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा मखाना उत्पादन की पहल की गई है। शैलपुत्री स्व-सहायता समूह और नई किरण स्व-सहायता समूह के माध्यम से कुल 29 एकड़ क्षेत्र में उत्पादित मखाना की हार्वेस्टिंग की जा रही है। इससे महिला समूहों के लिए आजीविका के नए अवसर विकसित होने के साथ सामूहिक उद्यमिता को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। मखाना उत्पादन का हार्वेस्टिंग शुभारंभ कार्यक्रम 13 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा।

जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा, कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के मार्गदर्शन में होने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य मखाना की खेती के अनुभवों को अन्य किसानों तक पहुंचाना और जिले में इसका विस्तार करना है।मखाना उत्पादन को जिले में व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए ग्राम सेनचुवा व विकासखंड धमतरी के किसानों को भी कार्यक्रम में शामिल होने कहा गया है। ये किसान आगामी वर्ष लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में मखाना की खेती करने की दिशा में पहल करेंगे। इससे जिले में कृषि विविधीकरण को नई गति मिलने तथा किसानों के लिए वैकल्पिक आय के अवसर विकसित होने की उम्मीद है।

उप संचालक उद्यानिकी पूजा कश्यप साहू ने जिले के सभी विकासखंडों के किसानों से मखाना उत्पादन की संभावनाओं को समझने और 13 अक्टूबर को आयोजित हार्वेस्टिंग शुभारंभ कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। कार्यक्रम के माध्यम से किसान मखाना उत्पादन की प्रक्रिया, तकनीकी पहलुओं और इसकी संभावनाओं से परिचित हो सकेंगे।

गन्ना किसानों के हित में बड़ा निर्णय: अब 425 रुपए प्रति क्विंटल की दर से होगी गन्ने की खरीदी

भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लिया महत्वपूर्ण निर्णय

अन्नदाता की खुशहाली और खेती को लाभकारी बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

किसानों से जुड़े विभिन्न विषयों पर हुई सार्थक चर्चा, मुख्यमंत्री ने त्वरित पहल कर लिया किसान हितैषी निर्णय

रायपुर, 10 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रदेश के गन्ना किसानों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए शक्कर कारखानों में गन्ने की खरीदी अब 425 रुपए प्रति क्विंटल की दर से किए जाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता की खुशहाली ही समृद्ध छत्तीसगढ़ का आधार है। किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर प्रतिफल मिले, खेती लाभकारी बने और किसान परिवार आर्थिक रूप से निरंतर सशक्त हों, इसके लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री  साय से आज भारतीय किसान संघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमंडल में संगठन मंत्री मनीष शर्मा, महामंत्री  नवीन शेष सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य शामिल थे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  अरुण साव और  विजय शर्मा भी उपस्थित थे।

भेंट के दौरान मुख्यमंत्री साय ने प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रदेश के किसानों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। चर्चा के दौरान गन्ना उत्पादक किसानों के हितों से संबंधित विषय भी प्रमुखता से सामने आया। मुख्यमंत्री ने किसानों की भावनाओं और उनके हितों को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर त्वरित पहल की और शक्कर कारखानों के लिए गन्ने की खरीदी 425 रुपए प्रति क्विंटल की दर से करने का निर्णय लिया।पेराई सत्र 2025- 26 में की गई खरीदी का भुगतान भी बढ़े हुए दर पर किया जाएगा।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि लागत को कम करने तथा खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ सरकार भी किसानों के हितों को अपनी नीतियों और निर्णयों के केंद्र में रखकर आगे बढ़ रही है। किसानों की आवश्यकताओं और समस्याओं के प्रति सरकार संवेदनशील है तथा किसान हित से जुड़े विषयों पर प्राथमिकता से निर्णय लिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण समृद्धि में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। खेती-किसानी मजबूत होगी तो गांव मजबूत होंगे और गांवों की समृद्धि से ही छत्तीसगढ़ की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। राज्य सरकार का प्रयास है कि किसानों को उनकी उपज का उचित और बेहतर मूल्य मिले तथा कृषि उनके लिए सम्मानजनक और लाभकारी आजीविका का सशक्त माध्यम बने।

भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने गन्ना किसानों के हित में लिए गए इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के गन्ना उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा और उन्हें अपनी मेहनत का बेहतर प्रतिफल प्राप्त होगा।

करमा तिहार हमारी समृद्ध संस्कृति, परंपरा और प्रकृति संरक्षण का प्रतीक : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

कंवर समाज ने सांस्कृतिक विरासत को सहेजकर नई पीढ़ी के सामने प्रस्तुत किया अनुकरणीय उदाहरण

जनजातीय समाज की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री  साय

करमा परब महोत्सव में मुख्यमंत्री ने समाजजनों को दी शुभकामनाएं : युवाओं से शिक्षा, नशामुक्ति और सामाजिक एकजुटता का किया आह्वान

कंवर समाज के सामाजिक भवनों एवं सांस्कृतिक मंच के लिए 90 लाख रुपए तथा राजधानी में प्रतिवर्ष करमा महोत्सव के आयोजन के लिए 10 लाख रुपए देने की घोषणा

रायपुर / करमा तिहार हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपरा, आस्था और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का अनुपम प्रतीक है। यह पर्व हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने के साथ प्रकृति के संरक्षण, सामाजिक एकता और सामूहिकता का संदेश देता है। बदलते समय के बीच कंवर समाज ने अपनी सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और रीति-रिवाजों को सहेजकर नई पीढ़ी के सामने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहना ही किसी समाज की वास्तविक शक्ति है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में छत्तीसगढ़ प्रदेश कंवर समाज युवा प्रभाग महानगर इकाई द्वारा आयोजित भव्य करमा परब महोत्सव को संबोधित करते हुए यह बात कही।


मुख्यमंत्री साय ने पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और करमा तिहार की खुशियां समाजजनों के साथ साझा कीं। उन्होंने भादो एकादशी व्रत एवं करमा तिहार की सभी समाजजनों और प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कंवर समाज के लिए कोरबा जिले के मड़वारानी में सामाजिक भवन निर्माण हेतु 50 लाख रुपए, राजधानी रायपुर के टाटीबंध में सामाजिक भवन के लिए 25 लाख रुपए तथा कांकेर के ग्राम जेफरा में सांस्कृतिक मंच के लिए 15 लाख रुपए देने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने राजधानी रायपुर में प्रतिवर्ष करमा महोत्सव के आयोजन के लिए 10 लाख रुपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने इस भव्य आयोजन के लिए कंवर समाज युवा प्रभाग और सभी सामाजिक पदाधिकारियों की सराहना की।

प्रकृति और मानव जीवन के अटूट संबंध का उत्सव है करमा तिहार

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि करमा तिहार केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि प्रकृति और मानव जीवन के बीच अटूट संबंध का उत्सव है। इस पर्व में करम डार की पूजा की जाती है। समाज के बेटे-बेटियां श्रद्धा और आस्था के साथ उपवास रखकर विधि-विधान से करम डार की पूजा-अर्चना करते हैं। रात्रि जागरण में पारंपरिक करमा गीत और नृत्य उत्सव में उल्लास भरते हैं। अगले दिन करम डार के विसर्जन के पश्चात व्रत का पारण किया जाता है। पीढ़ियों से चली आ रही यह परंपरा प्रकृति के प्रति हमारी श्रद्धा, विश्वास और संरक्षण की भावना को अभिव्यक्त करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने प्रकृति को कभी केवल संसाधन नहीं माना, बल्कि उसे जीवन का आधार और हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग माना है। जल, जंगल और जमीन के साथ हमारा रिश्ता केवल आवश्यकता का नहीं, बल्कि आस्था और आत्मीयता का भी है। करमा तिहार जैसी परंपराएं इसी संबंध को पीढ़ी-दर-पीढ़ी मजबूत करती आई हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने प्रकृति संरक्षण की इसी भावना को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के माध्यम से व्यापक जनअभियान का स्वरूप दिया है। देशभर में बड़ी संख्या में नागरिक इससे जुड़कर पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी निभा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत पौधरोपण को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण देना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

संस्कृति के संरक्षण के साथ शिक्षा और सामाजिक सुधार भी जरूरी

मुख्यमंत्री साय ने कंवर समाज में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता की सराहना करते हुए कहा कि समाज अपनी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के साथ शिक्षा और सामाजिक सुधार की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। विशेष रूप से नशामुक्ति को लेकर समाज के भीतर हो रही सार्थक पहल सकारात्मक परिवर्तन का संकेत है।

उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति के लिए शिक्षा, संस्कार, संगठन और जागरूकता आवश्यक हैं। हमारी युवा पीढ़ी आधुनिक शिक्षा, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़े, नए अवसरों का लाभ उठाए, लेकिन अपनी सांस्कृतिक पहचान और मूल्यों को भी हमेशा साथ लेकर चले। मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशे से दूर रहने, दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा सामाजिक एकजुटता को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि करमा परब महोत्सव का आयोजन युवा प्रभाग द्वारा किया जाना विशेष प्रसन्नता की बात है। यह इस बात का प्रमाण है कि नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत को लेकर सजग है और उसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी निभा रही है।

जनजातीय समाज का उत्थान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान के लिए अभूतपूर्व प्रयास किए जा रहे हैं। आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर जनजातीय समाज की बेटी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु विराजमान हैं। यह पूरे जनजातीय समाज के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है।

मुख्यमंत्री साय ने आत्मीयता के साथ कहा कि आज छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री भी आपके बीच का आपका अपना ‘विष्णु भैया’ है। हमारी सरकार जनजातीय समाज के प्रत्येक परिवार को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और नई पीढ़ी को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के माध्यम से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को पक्के आवास, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। इसी प्रकार धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से जनजातीय बहुल गांवों के समग्र विकास को गति दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी प्राथमिकता केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका लाभ जनजातीय समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उसके जीवन में वास्तविक बदलाव आए।

युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा, रोजगार और खेल पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय युवाओं सहित प्रदेश के सभी युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार और खेल सुविधाओं का निरंतर विस्तार कर रही है। बस्तर अंचल में लंबे समय से बंद पड़े स्कूलों को पुनः प्रारंभ किया गया है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले जनजातीय युवाओं की सुविधा के लिए दिल्ली में संचालित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की सीटों की संख्या बढ़ाकर 200 की गई है। इससे प्रदेश के अधिक युवाओं को देश की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर वातावरण और सुविधाएं मिलेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय रोजगार मेले के माध्यम से हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। राज्य की नई औद्योगिक नीति में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, ताकि हमारे युवा केवल रोजगार प्राप्त करने वाले ही नहीं, बल्कि उद्यमी बनकर दूसरों को भी रोजगार देने वाले बनें।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए खेल अधोसंरचना और प्रशिक्षण सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। जनजातीय अंचलों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। सरकार का प्रयास है कि उन्हें उचित अवसर, प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध हों।

किसानों के हित में सरकार ने पूरे किए महत्वपूर्ण वादे

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटियों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार बनने के बाद किसानों से किया गया दो वर्षों के लंबित धान बोनस का वादा पूरा करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती, सुशासन दिवस पर प्रदेश के किसानों के खातों में 3,716 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की गई।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीद रही है। किसानों की आर्थिक समृद्धि और कृषि क्षेत्र को मजबूत करना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में है। सरकार का प्रयास है कि खेती लाभकारी बने और अन्नदाता किसान के जीवन में खुशहाली आए।

वनांचल के परिवारों की आजीविका और सम्मान की चिंता

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वनांचल में रहने वाले परिवारों की आजीविका को मजबूत करने के लिए तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक को 4 हजार रुपए से बढ़ाकर 5,500 रुपए प्रति मानक बोरा किया गया है। इससे प्रदेश के लाखों तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार लाभान्वित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहक भाई-बहनों के सम्मान और सुविधा को ध्यान में रखते हुए चरण पादुका योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है। वनांचल के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना और उन्हें विकास के समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्रतिबद्धता है।

महतारी वंदन से बढ़ा माताओं-बहनों का आत्मविश्वास

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश की माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महतारी वंदन योजना संचालित की जा रही है। योजना के अंतर्गत लाखों महिलाओं के खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि सीधे अंतरित की जा रही है। यह राशि महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति, बचत और छोटे स्तर पर आर्थिक गतिविधियां प्रारंभ करने में सहायक बन रही है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण पूरे परिवार और समाज को मजबूत करता है। महतारी वंदन योजना ने माताओं-बहनों के आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को भी नई मजबूती दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों के पक्के घर के सपने को पूरा करना भी सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। सरकार गठन के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को मंजूरी देने का निर्णय लिया गया। आज प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 1,600 आवासों का निर्माण किया जा रहा है। इसी प्रकार दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के माध्यम से पात्र भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।

अपनी जड़ों से जुड़कर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनें

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि करमा तिहार जैसे पर्व हमारी सामाजिक एकता, सामूहिक चेतना और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपने पूर्वजों की परंपराओं, रीति-रिवाजों और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना से परिचित होने का अवसर मिलता है।

उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को सहेजते हुए शिक्षा, सामाजिक सुधार, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण, रोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ें। अपनी जड़ों से जुड़े रहकर आधुनिक अवसरों का लाभ उठाएं और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनें।

अखिल भारतीय कंवर समाज की राष्ट्रीय अध्यक्ष कौशल्या साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमें अपनी संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों का सदैव पालन करना चाहिए। पर्यावरण के साथ अनावश्यक छेड़छाड़ प्राकृतिक असंतुलन का कारण बनती है, इसलिए प्रकृति का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग अध्यक्ष डॉ. नंद कुमार साय, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष  रूप सिंह मंडावी, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष  रामसेवक पैकरा, विधायक  अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्षअनुराग सिंह देव, पूर्व कैबिनेट मंत्री  ननकी राम कंवर, प्रदेश कंवर समाज के अध्यक्ष हरवंश सिंह मिरी, कंवर समाज रायपुर महानगर के अध्यक्ष  मनोहर सिंह पैकरा सहित जनप्रतिनिधिगण, समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।

1440 करोड़ रुपये से बनेगा नया सिम्स भवन, मेडिकल कॉलेज के साथ हॉस्टल और नर्सिंग संस्थान का भी होगा निर्माण

 बिलासपुर :  चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की तैयारी तेज हो गई है। शहर के कोनी क्षेत्र में करीब 1440 करोड़ रुपये की लागत से छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) के नए एकीकृत कॉलेज भवन का निर्माण प्रस्तावित है। इस परियोजना के तहत छात्रावास, फिजियोथैरेपी कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज भी विकसित किए जाएंगे। इन संस्थानों के निर्माण से क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा के लिए बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा।

उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने किया अस्पताल का निरीक्षण

उप मुख्यमंत्री अरुण साव और स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कोनी स्थित स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव स्मृति सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्रस्तावित सिम्स भवन के निर्माण स्थल का भी जायजा लिया। निरीक्षण के समय स्थानीय विधायक सुशांत शुक्ला भी मौजूद रहे। अधिकारियों से चर्चा के दौरान परियोजना और क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से संबंधित जानकारी साझा की गई।

मरीजों से बातचीत कर उपचार व्यवस्था का लिया जायजा

अस्पताल के निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने भर्ती मरीजों से मुलाकात की। उन्होंने मरीजों के स्वास्थ्य और उन्हें मिल रहे उपचार के बारे में जानकारी ली। इसके बाद दोनों ने अधिकारियों के साथ प्रस्तावित सिम्स भवन के लिए निर्धारित स्थल का निरीक्षण किया।परियोजना के तहत छात्रावास भवन का निर्माण भी किया जाएगा, जिस पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इससे चिकित्सा शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों के लिए आवासीय सुविधा विकसित करने की योजना है।

कोनी में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का होगा विस्तार

कोनी में सिम्स के नए परिसर के साथ फिजियोथैरेपी और नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने की योजना है। इसके अलावा छात्रावास समेत अन्य शैक्षणिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। एक ही क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा से जुड़े कई संस्थानों के निर्माण से कोनी की पहचान मेडिकल हब के रूप में विकसित होने की संभावना है।

सेंदरी मानसिक अस्पताल की क्षमता बढ़ी, आयुर्वेदिक कॉलेज का निर्माण जारी

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि सेंदरी स्थित मानसिक अस्पताल की क्षमता 100 बिस्तरों से बढ़ाकर 200 बिस्तर कर दी गई है। इसके साथ ही क्षेत्र में करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से आयुर्वेदिक कॉलेज का निर्माण भी जारी है।सिम्स के नए परिसर, मानसिक अस्पताल की विस्तारित क्षमता और निर्माणाधीन आयुर्वेदिक कॉलेज जैसी परियोजनाओं से बिलासपुर क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा तथा उपचार सुविधाओं के विस्तार की योजना को गति मिलने की उम्मीद है।

रायपुर में कार और ट्रैक्टर की भीषण भिड़ंत, पुलिसकर्मी समेत दो की मौत, एक युवक गंभीर रूप से घायल

 रायपुर :  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नजदीक एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की जान चली गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। खरोरा थाना क्षेत्र के बंगोली के पास कार और ट्रैक्टर के बीच जोरदार टक्कर हुई। मृतकों में एक पुलिसकर्मी भी शामिल है, जो सिलतरा थाने में तैनात था। हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक घटनास्थल से फरार हो गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

खरोरा से रायपुर जा रहे थे तीनों युवक

प्राप्त जानकारी के अनुसार, तर्रा गांव के रहने वाले कमलेश वर्मा, रूपेश निषाद और गोपी कार से खरोरा से रायपुर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान बंगोली के पास उनकी कार की टक्कर एक ट्रैक्टर से हो गई। भिड़ंत इतनी जबरदस्त थी कि कमलेश वर्मा और रूपेश निषाद की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। कमलेश वर्मा सिलतरा थाने में पुलिसकर्मी के रूप में पदस्थ थे। इस घटना से क्षेत्र में शोक का माहौल है।

कार में फंसे घायल युवक को स्थानीय लोगों ने निकाला

दुर्घटना में गोपी गंभीर रूप से घायल हो गया और कार के भीतर फंस गया। हादसे के बाद मौके पर पहुंचे अजय देवांगन, ललित साहू और अजय वर्मा ने उसे बाहर निकालने में मदद की। इसके बाद घायल युवक को उपचार के लिए दौंदेकला स्थित लक्ष्मीनारायण अस्पताल पहुंचाया गया। वहां उसका इलाज जारी है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने राहत कार्य में सहयोग किया।

फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश कर रही पुलिस

टक्कर के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से भाग गया। पुलिस दुर्घटना से जुडे तथ्यों की जांच कर रही है। साथ ही हादसे के कारणों का पता लगाने और फरार चालक को पकडने के प्रयास किए जा रहे हैं। मामले में जांच पूरी होने के बाद दुर्घटना से जुडी अन्य जानकारियां सामने आने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गिनाईं छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकताएं, बोले- जनसेवा, सुशासन और विकास से संवरेगा प्रदेश का भविष्य

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में आयोजित सेवा संकल्प कॉन्क्लेव में छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा, जनकल्याणकारी योजनाओं और राज्य सरकार के भावी लक्ष्यों पर विस्तार से अपनी बात रखी। एशियन न्यूज की ओर से आयोजित ‘जनसेवा का संकल्प, छत्तीसगढ़ का भविष्य’ कार्यक्रम में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन और देश में आए बदलावों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में छत्तीसगढ़ महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरकार का लक्ष्य प्रदेश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ प्रत्येक वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचाना है।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने दुनिया में बनाई मजबूत पहचान

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आर्थिक विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक प्रतिष्ठा के मामले में नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। देश की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है और भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने नागरिकों में आत्मविश्वास बढ़ाने और देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। उस समय भूकंप से प्रभावित राज्य के पुनर्निर्माण की बड़ी चुनौती थी। उनके नेतृत्व में गुजरात ने मुश्किल परिस्थितियों से उबरकर विकास की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने देशभर में विकास और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाया।

छत्तीसगढ़ से प्रधानमंत्री का आत्मीय संबंध, जनसेवा को बताया प्रमुख प्रेरणा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छत्तीसगढ़ से पुराना जुड़ाव रहा है। उन्होंने प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों और बस्तर के जनजीवन को करीब से समझा है। साय ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2014 में उन्हें केंद्र सरकार में राज्य मंत्री के रूप में काम करने का अवसर मिला था।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश के 140 करोड़ लोगों को अपना परिवार मानकर कार्य करते हैं। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ का मंत्र विकास की प्रक्रिया में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करने की प्रेरणा देता है।

सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर से भारत की सुरक्षा क्षमता का प्रदर्शन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भारत ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और सामर्थ्य का परिचय दिया है। सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों ने यह स्पष्ट किया कि देश अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए निर्णायक कदम उठाने में सक्षम है।

उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान भारत की भूमिका का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, देश में विकसित टीकों ने करोड़ों नागरिकों को सुरक्षा प्रदान की और दूसरे देशों को भी सहायता उपलब्ध कराई। उन्होंने कहा कि सेवा, सहयोग और मानवीय संवेदनाओं की इसी भावना से प्रेरित होकर छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के लोगों के बेहतर भविष्य के लिए लगातार काम कर रही है।

बस्तर में शांति की बहाली के साथ सड़क, बिजली और शिक्षा सुविधाओं का विस्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर के विकास में सबसे बड़ी बाधाओं में शामिल रहा। जनवरी 2024 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नक्सल प्रभावित राज्यों की बैठक हुई थी। इसके बाद नक्सलवाद के खिलाफ अभियान को प्रभावी बनाने में केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री की दृढ़ इच्छाशक्ति और सुरक्षाबलों के साहस से इस चुनौती से निपटने में महत्वपूर्ण कामयाबी मिली है। अब उन क्षेत्रों में भी विकास की योजनाएं पहुंच रही हैं, जहां पहले बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना कठिन था।

सड़क निर्माण, बिजली आपूर्ति, मोबाइल नेटवर्क, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा के विस्तार से स्थानीय नागरिकों के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य बस्तर को शांति, विश्वास और विकास का उदाहरण बनाना है, ताकि क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर जीवन और रोजगार के अवसर मिल सकें।

खनिज संपदा और औद्योगिक संभावनाओं के सहारे विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। प्राकृतिक संपदा से समृद्ध इस राज्य में कोयला, लौह अयस्क और टिन जैसे प्रमुख खनिजों के बड़े भंडार हैं। इसके अतिरिक्त हीरा और सोना जैसे खनिजों की संभावनाएं भी मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य के संसाधनों का बेहतर उपयोग कर उद्योगों का विस्तार, निवेश को प्रोत्साहन और रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। बीते ढाई वर्षों में खनिज राजस्व में वृद्धि का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकारी कामकाज में डिजिटल तकनीक का उपयोग बढ़ाया जा रहा है।

प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि राजस्व व्यवस्था बेहतर हो और भ्रष्टाचार की संभावनाओं को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश की उपजाऊ भूमि, प्राकृतिक संसाधन और मेहनती नागरिक विकास के प्रमुख आधार हैं। इन क्षमताओं के बल पर छत्तीसगढ़ वर्ष 2047 तक अपने आर्थिक लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा और स्वरोजगार का सहारा

मुख्यमंत्री साय ने महिला सशक्तीकरण को राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकता बताते हुए महतारी वंदन योजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि सीधे भेजी जा रही है। योजना की 32वीं किस्त दुर्ग से जारी किए जाने की जानकारी भी उन्होंने दी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के दौरे के दौरान महिलाओं से बातचीत में योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं। कई महिलाएं इस राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, घरेलू जरूरतों और बचत के लिए कर रही हैं। कुछ महिलाओं ने पैसे जोड़कर सिलाई मशीन जैसे उपकरण खरीदे हैं, जिनसे उन्हें अतिरिक्त आमदनी प्राप्त हो रही है। वहीं कुछ परिवारों ने बेटियों के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करना शुरू किया है।

उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके आत्मसम्मान को मजबूत करने में सहयोग देना भी है।

धान खरीदी, कृषि ऋण और सिंचाई परियोजनाओं से किसानों को लाभ पहुंचाने की पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। राज्य सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम कर रही है।

उन्होंने बताया कि किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। सरकार बनने के बाद किसानों को दो वर्षों का लंबित बोनस भी दिया गया। सिंचाई सुविधाओं का दायरा बढ़ाने के लिए 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक की नई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है।

साय ने कहा कि सहकारी बैंकों के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। खेती के लिए उन्नत बीज, खाद और दूसरी जरूरी सामग्री समय पर उपलब्ध कराने के प्रयास भी जारी हैं। सरकार चाहती है कि किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो और कृषि राज्य की प्रगति में अधिक प्रभावी योगदान दे।

18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की मंजूरी से गरीब परिवारों को पक्के घर की उम्मीद

मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना केंद्र और राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। पक्के मकान, शौचालय और रसोई गैस जैसी सुविधाओं ने लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में सरकार गठन के बाद पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को मंजूरी देने का निर्णय लिया गया था। वर्तमान में प्रदेश में रोजाना करीब 1600 आवास बनाए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि सभी पात्र परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग सरकार की नीतियों के केंद्र में हैं। सुशासन और पारदर्शिता के माध्यम से योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।

एशियन गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता संजू देवी सहित प्रतिभाओं का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ की बेटी संजू देवी सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली प्रतिभाओं और विशिष्टजनों को सम्मानित किया। उन्होंने सम्मानित लोगों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, राज्य गौसेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन जी महाराज, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियां और एशियन न्यूज के पदाधिकारी मौजूद रहे।

जनकल्याण, पारदर्शिता और विकास से आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ बनाने का संकल्प

मुख्यमंत्री के संबोधन में राज्य सरकार की उन प्राथमिकताओं को प्रमुखता मिली, जिनके माध्यम से छत्तीसगढ़ को आर्थिक रूप से मजबूत और विकसित बनाने का लक्ष्य रखा गया है। बस्तर में विकास का विस्तार, महिलाओं को आर्थिक संबल, किसानों की समृद्धि, गरीबों के लिए आवास और खनिज संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल सरकार की कार्ययोजना के प्रमुख हिस्से हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को विकास के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। केंद्र सरकार के सहयोग, पारदर्शी प्रशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं के जरिए छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर तथा समृद्ध बनाने का प्रयास जारी रहेगा। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला राज्य बने।

छत्तीसगढ़ में कंवर समाज को 90 लाख रुपये की सौगात, करमा महोत्सव के लिए हर साल मिलेंगे 10 लाख रुपये, सीएम साय ने की कई घोषणाएं

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कंवर समाज के सामाजिक और सांस्कृतिक विकास के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं। राजधानी रायपुर के बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित करमा परब महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने सामाजिक भवनों और सांस्कृतिक मंच के निर्माण के लिए कुल 90 लाख रुपये देने का ऐलान किया। इसके अलावा रायपुर में हर साल करमा महोत्सव आयोजित करने के लिए 10 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा भी की गई।छत्तीसगढ़ प्रदेश कंवर समाज युवा प्रभाग की महानगर इकाई की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने समाज के लोगों को करमा तिहार की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ महोत्सव का शुभारंभ किया और जनजातीय संस्कृति, सामाजिक एकता तथा पर्यावरण संरक्षण में इस पर्व के महत्व पर प्रकाश डाला।

कोरबा, रायपुर और कांकेर में बनेंगे सामाजिक भवन और सांस्कृतिक मंच

करमा परब महोत्सव में मुख्यमंत्री ने अलग-अलग स्थानों पर निर्माण कार्यों के लिए आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इसके तहत कोरबा जिले के मड़वारानी में सामाजिक भवन बनाने के लिए 50 लाख रुपये दिए जाएंगे। रायपुर के टाटीबंध में सामाजिक भवन के निर्माण के लिए 25 लाख रुपये और कांकेर जिले के ग्राम जेफरा में सांस्कृतिक मंच बनाने के लिए 15 लाख रुपये देने का ऐलान किया गया।इन तीनों निर्माण कार्यों के लिए कुल 90 लाख रुपये की राशि निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त राजधानी रायपुर में प्रतिवर्ष करमा महोत्सव के आयोजन के लिए 10 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। इस तरह मुख्यमंत्री की घोषणाओं में कुल एक करोड़ रुपये की राशि शामिल है।

करमा तिहार जनजातीय संस्कृति और प्रकृति के प्रति आस्था का प्रतीक

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि करमा तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय परंपराओं और प्रकृति के साथ मानव जीवन के संबंध को दर्शाता है। यह पर्व लोगों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने और सामूहिक रूप से परंपराओं का निर्वहन करने की प्रेरणा देता है।उन्होंने कहा कि कंवर समाज ने अपनी परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत को सहेजकर रखा है। नई पीढ़ी तक इन परंपराओं को पहुंचाना समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। अपनी सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखना किसी भी समाज की मजबूती का आधार होता है।

करम डार की पूजा, पारंपरिक गीत और नृत्य से जुड़ा है पर्व

करमा तिहार में करम वृक्ष की डाली की पूजा की जाती है। इस अवसर पर समाज के युवक-युवतियां उपवास रखकर पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना करते हैं। रात में जागरण के दौरान करमा गीत गाए जाते हैं और पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए जाते हैं। अगले दिन करम डार के विसर्जन के बाद व्रत का पारण किया जाता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर्व के माध्यम से प्रकृति के प्रति सम्मान और सामूहिक जीवन की भावना मजबूत होती है। जनजातीय समाज के लिए जल, जंगल और जमीन केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं हैं, बल्कि उनकी संस्कृति, आस्था और जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा हैं।

पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी जरूरी: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री साय ने पर्यावरण संरक्षण की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति की रक्षा के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। छत्तीसगढ़ में भी सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से पौधरोपण को प्रोत्साहित किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण उपलब्ध कराना सभी का साझा दायित्व है। करमा तिहार जैसे पर्व प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और उसके संरक्षण के विचार को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

शिक्षा, नशामुक्ति और युवाओं की भागीदारी पर दिया जोर

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कंवर समाज में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति के लिए शिक्षा, अच्छे संस्कार, संगठन और जागरूकता जरूरी हैं। युवाओं को आधुनिक शिक्षा के साथ विज्ञान और तकनीक के क्षेत्रों में भी अपनी भागीदारी बढ़ानी चाहिए।उन्होंने नशामुक्ति के लिए समाज की ओर से किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा करते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने और शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने सामाजिक एकता को मजबूत करने और सकारात्मक गतिविधियों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया।

जनजातीय समाज के विकास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समुदायों की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि जनजातीय समाज अपनी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को सुरक्षित रखते हुए विकास के नए अवसरों का लाभ उठा सके।कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने आयोजन से जुड़े कंवर समाज युवा प्रभाग और सामाजिक पदाधिकारियों की सराहना की। उन्होंने उपस्थित समाजजनों को करमा तिहार की शुभकामनाएं देते हुए सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

छत्तीसगढ़ में अगले 3 दिन बारिश पर ब्रेक, रायपुर समेत कई शहरों में बढ़ेगा तापमान, मौसम विभाग ने जारी किया पूर्वानुमान

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की वापसी के साथ ही बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने लगी हैं। प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में आने वाले तीन दिनों तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक, इसके बाद कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा हो सकती है। फिलहाल किसी भी क्षेत्र के लिए विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। बारिश की कमी के बीच रायपुर और राजनांदगांव सहित कई शहरों में तापमान बढ़ने लगा है।

राजधानी रायपुर में दिन के समय तेज धूप रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने यहां अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया है। ऐसे में प्रदेश के मैदानी इलाकों में लोगों को दिन के समय गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

राजनांदगांव में सबसे ज्यादा गर्मी, पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान सबसे कम

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई, लेकिन कहीं भी उल्लेखनीय वर्षा नहीं हुई। तापमान के आंकड़ों के अनुसार, राजनांदगांव में अधिकतम पारा 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

शुक्रवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस रहा। बारिश की गतिविधियां कम होने के कारण अब दिन के तापमान में बढ़ोतरी का असर दिखाई देने लगा है।

मानसून की वापसी की प्रक्रिया तेज, कई क्षेत्रों में बदलेंगे मौसम के हालात

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा सुपौल, रांची, सुंदरगढ़, बरगढ़ और बीजापुर सहित विभिन्न स्थानों से होकर गुजर रही है। अगले तीन से चार दिनों के दौरान पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर भारत और उत्तरी प्रायद्वीप के कुछ अन्य हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने का अनुमान है।

मानसून की वापसी के साथ छत्तीसगढ़ में भी बारिश की गतिविधियां सीमित रहने की संभावना है। हालांकि, स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा हो सकती है।

द्रोणिका और चक्रवाती परिसंचरण के बीच भी व्यापक बारिश के आसार कम

मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी असम से तेलंगाना तक एक द्रोणिका फैली हुई है, जो छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों से होकर गुजर रही है। इसके अलावा, पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

इन मौसमी प्रणालियों के सक्रिय रहने के बावजूद फिलहाल छत्तीसगढ़ में बड़े पैमाने पर बारिश होने की संभावना नहीं जताई गई है। अगले तीन दिनों तक मौसम शुष्क रह सकता है। इसके बाद एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश होने के आसार हैं।

रायपुर समेत मैदानी इलाकों में कैसा रहेगा मौसम

आने वाले दिनों में राजधानी रायपुर और प्रदेश के अन्य मैदानी क्षेत्रों में आसमान साफ रहने तथा दिन के तापमान में गर्मी का प्रभाव बने रहने की संभावना है। वहीं, कुछ इलाकों में रात का तापमान अपेक्षाकृत कम रह सकता है।

फिलहाल मौसम विभाग की ओर से किसी तरह की विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। ऐसे में अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में शुष्क मौसम और तापमान में होने वाले बदलाव पर नजर रहेगी।