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Saturday, October 24, 2026
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छग खनिज संसाधनों से राजस्व की वृद्धि “सीएम विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ खनिज विभाग को ऐतिहासिक सफलता”

वित्तीय वर्ष 2024-25 में 14,195 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड खनिज राजस्व प्राप्त…..

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और खनिज संसाधन विभाग के सचिव पी.दयानंद के निर्देशन में छत्तीसगढ़ ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में खनिज राजस्व प्राप्ति में नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
प्रदेश में संचालित खनन संक्रियाओं से 14, 195 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड खनिज राजस्व प्राप्त हुआ है, जो विगत वर्ष 2023-24 के 12,795 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 11 प्रतिशत की वृद्धि(1400 करोड़ रुपये अधिक) दर्शाता है।

प्रदेश में खनिज राजस्व प्राप्ति में दंतेवाड़ा अव्वल

वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश के खनिज राजस्व संग्रहण में जिला दंतेवाड़ा ने सर्वाधिक 6580 करोड़ रुपये का योगदान देकर शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।
इसके अलावा, कोरबा से 2148 करोड़, रायगढ़ से 2027 करोड़, बालोद से 1313 करोड़, सरगुजा से 585 करोड़,बलौदा बाजार से 354 करोड़, कांकेर से 328 करोड़, तथा सूरजपुर से 155 करोड़ रुपये की उल्लेखनीय राजस्व भागीदारी दर्ज की गई है।

खनिज संसाधनों में राष्ट्रीय भागीदारी में बढ़ोतरी

छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों की दृष्टि से देश में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र में मात्र 4 प्रतिशत की हिस्सेदारी होते हुए भी छत्तीसगढ़ का देश के कुल खनिज उत्पादन मूल्य में 16 प्रतिशत से अधिक की भागीदारी है।यहां मुख्य रूप से लौह अयस्क,कोयला,चूना पत्थर और बॉक्साइट के विशाल भंडार हैं,जो खनिज राजस्व के प्रमुख स्रोत हैं।
इसके अलावा, राज्य में सामरिक महत्व के खनिजों सहित कुल 28 प्रकार के खनिज भंडार की पुष्टि हुई है।

ई-नीलामी प्रणाली से अतिरिक्त राजस्व

वर्ष 2015 से खनिज विभाग द्वारा खनिजों का ई-नीलामी के माध्यम से आबंटन की कार्यवाही की जा रही है, जिससे रॉयल्टी के अलावा प्रीमियम के रूप में अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति हो रही है। खनिज राजस्व में हो रही बढ़ोत्तरी में ई नीलामी के माध्यम से स्वीकृत खदानों का योगदान अब स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहा है ।
खनिज विकास मद से अधोसंरचना को बल

राज्य शासन द्वारा खनिज राजस्व की कुल प्राप्ति की 5 प्रतिशत राशि खनिज विकास मद में अंतरित की जाती है। इससे प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में खनिज संसाधनों के विकास और अधो_संरचना निर्माण का कार्य किया जा रहा है।आगामी वर्ष 2025-26 के लिए लगभग 200 करोड़ रुपये प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में केवल रेल कॉरिडोर निर्माण हेतु प्रावधानित किए गए हैं।


संभावनाओं और जनकल्याण के संकल्प का उद्भव
प्रदेश की खनन संक्रिया केवल औद्योगिक संस्थानों को कच्चा माल प्रदान करने तक सीमित नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के सामाजिक और आर्थिक विकास का मजबूत स्तंभ बन चुकी है।
छत्तीसगढ़ की धरती केवल खनिज संपदा से नहीं, विकास की असीम संभावनाओं और जनकल्याण के संकल्प से भी समृद्ध है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 14,195 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड खनिज राजस्व प्राप्त कर प्रदेश ने एक नई ऊँचाई को स्पर्श किया है। यह उपलब्धि हमारी दूरदर्शी नीतियों, पारदर्शी प्रशासन, और ईमानदार कार्यसंस्कृति का प्रतिफल है।

ई-नीलामी प्रणाली, तकनीकी नवाचार और सुशासन के माध्यम से हम खनिज क्षेत्र को केवल राजस्व संग्रहण का माध्यम नहीं, बल्कि दूरस्थ अंचलों के लिए विकास के इंजन के रूप में परिवर्तित कर रहे हैं।

भारत का भव्यतम विशाल मंदिर श्री रंगनाथ स्वामी मंदिर तमिलनाडु

भारत एक ऐसा देश है,जिसकी भूमि पर धर्म संस्कृति और इतिहास की जड़ें बेहद गहरी है। सदियों से हमारी यह पवित्र धरती कई अद्भुत और भव्य मंदिरों की गवाह रही है, जिनकी सुंदरता विशालता और स्थापत्य कला देखकर पूरी दुनिया आश्चर्य चकित हो जाती है।
भारत के सबसे विशाल मंदिर कौन-कौन से हैं और कहां स्थित है
भारत एक ऐसा देश है जहां हजारों वर्ष पुरानी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत आज भी मौजूद है।यहां ऐसे कई भव्य और विशाल मंदिर है, जो न केवल अपनी सुंदरता बल्कि अपनी वास्तुकला और आकार के कारण भी प्रसिद्ध है। आज की इस लेख में हम आपको बताएंगे ,भारत के एक ऐसे सबसे विशाल अद्भुत और भव्य मंदिर जिनकी भव्यता और दिव्यता देखकर आप आश्चर्यचकित रह जाएंगे।
भारत के विशाल मंदिरों में पहला स्थान श्री रंगनाथ स्वामी मंदिर
विशाल मंदिरों के रहस्य उनके निर्माण की अद्भुत कहानी और उनकी धार्मिक महत्व लिए पहले नंबर पर है, श्री रंगनाथ स्वामी मंदिर श्रीरंगम का श्री रंगनाथ स्वामी मंदिर तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली शहर के समीप कावेरी नदी के सुरम्य द्वीप पर स्थित एक प्राचीन और अत्यंत पवित्र मंदिर है ।भगवान विष्णु को समर्पित यह मंदिर हिंदू धर्म के 108 दिव्य देश में प्रथम स्थान रखता है जिसका उल्लेख तमिल साहित्य और वैष्णव भक्ति परंपरा में अत्यंत आदर के साथ किया गया है ।
भगवान विष्णु को समर्पित मंदिर 156 एकड़ क्षेत्रफल में
मंदिर भगवान विष्णु के विशिष्ट स्वरूप श्री रंगनाथ को समर्पित है, जहां वे शेषनाग की शैय्या पर योग निद्रा में लेटे हुए हैं ,जो की अत्यंत मनोहारी दृश्य है ।इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता इसका विशाल परिसर है ,जो लगभग 156 एकड़ के क्षेत्रफल में विस्तृत होने से भारत का सबसे बड़ा और विशाल मंदिर परिसर माना जाता है। मंदिर का यह भव्य परिसर सात विशाल प्राकार और 21 भव्य एवं कलात्मक गोपुरम से सुशोभित है। इन गोपुरम में सबसे ऊंचा राज गो पुरम लगभग 236 फीट की ऊंचाई दिए हुए हैं जो दूर से ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है ।
मंदिर के भव्यता में इसके वास्तुकला कारीगरी और रंगबिरंगे शिल्प है
मंदिर की भव्यता वास्तुकला की अद्भुत कारीगरी और रंग-बिरंगे शिल्प इसे भारतीय वास्तुकला का एक उत्कृष्ट नमूना बनाते हैं इस मंदिर परिसर का विस्तार करीब 156 एकड़ क्षेत्रफल में फैला हुआ है जिससे यह न केवल भारत का बल्कि विश्व के सबसे बड़े सक्रिय मंदिर परिसरों में से एक माना जाता है।
मंदिर के अंदर जाने पर आध्यात्मिक शुद्धता और ऊर्जा बढ़ती है
मंदिर का मुख्य गर्भ गृह स्वर्ण की भव्य परत से सज्जित है,जहां भगवान रंगनाथ स्वामी की दिव्य मूर्ति विराजमान है। परिसर के अंदर विभिन्न छोटे-बड़े मंदिर भी स्थित है जिनमें देवी लक्ष्मी रामानुजाचार्य गरुड़ और अन्य देवी देवताओं के पूजा स्थल है। इस मंदिर की स्थापत्य कला द्रविड़ शैली का उत्कृष्ट नमूना है जिसमें अत्यंत सूक्ष्मता कुशलता और सुंदरता के साथ पत्थरों पर शिल्पकार की गई है।यहां बने स्तंभों पर नृत्य मुद्रा में देव देवियों की मूर्तियां महाकाव्य के दृश्य और पौराणिक कथाओं के चित्र उकेरे गए हैं। मंदिर में सात दीवारों का घेरा सप्त प्राकार है जो आध्यात्मिक उन्नति के सात चरणों का प्रतीक माना जाता है ।प्रत्येक घेरा अलग-अलग महत्व और नियमों के साथ बनाया गया है, जहां प्रत्येक प्रवेश द्वार से अंदर जाने पर आध्यात्मिक शुद्धता और ऊर्जा बढ़ती जाती है ।
साल भर लाखों की संख्या में संत श्रद्धालु पर्यटक और इतिहासकार आते हैं
श्री रंगनाथ स्वामी मंदिर के ऐतिहासिक महत्व के कारण इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की संभावित सूची में भी स्थान मिला है ।यह साल भर श्रद्धालु संत पर्यटक और इतिहासकार, लाखों की संख्या में आते हैं जो इसके सांस्कृतिक धार्मिक आध्यात्मिक और ऐतिहासिक पहलुओं का अवलोकन करते हैं ।इस मंदिर में वैष्णव परंपरा के अनेक त्यौहार बड़ी भव्यता और उल्लास के साथ मनाए जाते हैं ।जिनमें वैशाख उत्सव वैशाखी एकादशी और वैभव उत्सव प्रमुख है ।

आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव और ऐतिहासिक महत्व

विशेषत: वैभव उत्सव और अध्ययन उत्सवों के दौरान मंदिर में होने वाले अनुष्ठान पूजा पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रम श्रद्धालुओं के मन को भक्ति और श्रद्धा से भर देते हैं। इस मंदिर की सुंदरता भव्यता आध्यात्मिक ऊर्जा और ऐतिहासिक महत्व इसे भारत की अमूल्य धार्मिक धरोहर बनाते हैं जिसका दर्शन हर व्यक्ति के लिए एक दिव्य अनुभव बन जाता है।

भारतीय संसद के दोनों सदनों में वक्फ बिल हुआ पास,कोई खुश तो कोई निराश”

वक्फ संशोधन बिल को लेकर पीएम मोदी नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को बड़ी सफलता मिली है। वक्फ बिल को गुरुवार को देर रात राज्यसभा से भी पास कर दिया गया है। इसके साथ ही ये बिल लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों से पास हो गया है।

वक्फ संशोधन बिल के पक्ष में 128 और विपक्ष में 95 वोट पड़े।

राज्यसभा से भी पास हो गया वक्फ संशोधन विधेयक, पक्ष और विपक्ष में पड़े इतने वोट।

लोकसभा के बाद अब राज्यसभा में भी वक्फ संशोधन विधेयक पास हो गया। लंबी बहस के बाद केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार उच्च सदन में भी इसे पारित कराने में सफल रही। देर रात दो बजे के बाद बिल पर वोटिंग हुई और बिल पारित हो गया।

इस तरह 12 घंटे से ज्यादा की चर्चा के बाद रात 2.32 बजे राज्यसभा से वक्फ विधेयक पारित हो गया। सत्ता पक्ष ने बिल को वोट बैंक की राजनीति से बाहर निकलकर राष्ट्रीय हित की ओर बढ़ाया गया कदम बताया। वहीं विपक्ष ने बिल को संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ करार दिया। चर्चा के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष की ओर से कई मौकों पर गहमागहमी की स्थिति भी देखने को मिली। हालांकि, लोकसभा से बिल पास होने के अगले ही दिन राज्यसभा से भी वक्फ बिल पारित हो गया।

कुछ की नाराजगी भी दिखी

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने ऐलान किया कि डीएमके वक्फ (संशोधन) बिल को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे।

वक्फ संशोधन विधेयक के पास होने पर वारिस पठान (AIMIM)ने दुख जताया। उन्होंने इसे बहुत बड़ा अन्याय कहा और इसके विरोध में उन्होंंने कहा।

वक़्फ़ बोर्ड बिल संसद में हुआ पास तो आजमगढ़ के मुसलमान है, नाराज! भाजपा सरकार पर जमकर बोला हमला कहा की भाजपा के लोग हिंदू मुस्लिम की राजनीति करते हैं। कुछ मुसलमान ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट है। वहां पर भी एक मुसलमान को नियुक्त कर दिया जाए वक़्फ़ बोर्ड बिल से नाराज है।

पंचायत 04,फिर होगी पंचायत! फिर देखेगा बिनोद फुलेरा गांव में होने वाली सभी ड्रामेबाजी को

पंचायत का हर किरदार घर घर में पहचान बना चुका है, उनकी सादगी और ओरिजिनैलिटी ने दिल जीत लिया है. हमारी बीच में आ गये सचिव जी के खासमखास प्रह्लाद चा यानि फैजल मलिक. कमाल के इंसान और बेहतरीन एक्टर जिन्हे एक्टिंग में गजब ही काम मिल रहा है!

पंचायत एक भारतीय हिंदी भाषा की हास्य नाटक वेबसीरीज है, जिसे द वायरल फीवर ने बनाया है। यह प्राइम वीडियो पर प्रसारित होता है। इसमें जितेंद्र कुमार, रघुवीर यादव, नीना गुप्ता, संविका, चंदन रॉय, दुर्गेश कुमार, अशोक पाठक, फैसल मलिक और सुनीता राजवार शामिल हैं। इसके निर्देशक दीपक कुमार मिश्रा हैं। यह कहानी इंजीनियरिंग किये हुए लड़के की है जो बेहतर नौकरी की तलाश में ग्राम पंचायत का सचिव बनकर उत्तर प्रदेश के फुलेरा गाँव में जाता है।

फिर होगी पंचायत! सीजन 4 की रिलीज डेट का ऐलान, प्रधानजी को गोली किसने मारी? मिलेगा जवाब
पंचायत 4 का ऐलान करते हुए प्राइम वीडियो के इंस्टा पेज पर मजेदार…मीम्स पोस्ट किए गए!

क्योंकि सीजन 4 के साथ ही सीरीज, अपने 5 साल भी पूरे कर रहा है! इसलिए इसकी रिलीज डेट भी उसी के तहत रखी गई है. ये देख फैंस बेहद … एक्साइटेड हो गए हैं!

फिर होगी पंचायत! फिर देखेगा बिनोद फुलेरा गांव में होने वाली सभी ड्रामेबाजी को…! पंचायत सीरीज के चौथे सीजन का ऐलान जो कर दिया गया है !इस …अनाउंसमेंट से फैंस के बीच खुशी की लहर दौड़ गई है. ये सीरीज ऑडियन्स के बीच इतनी फेमस है कि इसका एक अलग फैन बेस है, तो उन्हें निराश न करते हुए मेकर्स ने… इसकी रिलीज डेट का ऐलान कर दिया है !

पंचायत 4 का ऐलान करते हुए प्राइम वीडियो के इंस्टा पेज पर मजेदार मीम्स पोस्ट किए गए ! क्योंकि सीजन 4 के साथ ही सीरीज, अपने 5 साल भी पूरे कर रहा है.… इसलिए इसकी रिलीज डेट भी उसी के तहत रखी गई है! सीरीज को 2 जुलाई 2025 से प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम किया जाएगा.  

फिर दिल जीत लेगा फुलेरा गांव

वक्फ-अलल-औलाद’ की आड़ में नहीं छीना जा सकेगा महिलाओं का हक, नए वक्फ बिल में सरकार ने किए तगड़े बंदोबस्त

जो मुसलमान अपनी प्रॉपर्टी को ट्रस्ट के माध्यम से चलाना चाहते हैं, वो चला सकते हैं, उसके लिए कोई बंधन नहीं है।” – राज्य सभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर चर्चा के दौरान केन्द्रीय मंत्री– किरण रिजजू

वक्फ-अलल-औलाद की परंपरा को ओटोमन साम्राज्य के दौरान प्रमुखता मिली, जहां यह जायदाद बचाने के लिए एक रणनीतिक उपकरण बन गया. वक्फ में संपत्ति हस्तांतरित कर… संपन्न परिवार अपनी संपत्ति को उत्तराधिकार कानूनों या राज्य की जब्ती से बचाते थे.

वक्फ (संशोधन) बिल 2025 पर अभी राज्यसभा में बहस हो रही है. ये बिल बुधवार को लोकभा में पास हो चुका है. इस बिल में महिलाओं, विधवाओं और अनाथ के अधिकार का … पूरा ख्याल रखा गया है. नए बिल के अनुसार अगर कोई मुस्लिम व्यक्ति अपनी जमीन-जायदाद को वक्फ को दान करना चाहता है तो दान करने से पहले उसे अपने परिवार के महिलाओं का हिस्सा पहले देना पड़ेगा.

इस्लाम में दान की प्रक्रिया में ‘वक्फ-अलल-औलाद’ एक अहम टर्म है. इस टर्म ने सदियों से धन को संरक्षित करने और धर्मार्थ कार्यों का समर्थन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. वक्फ-अलल-औलाद का मतलब  है “परिवार के लिए वक्फ”. ये वक्फ का एक प्रकार है जिसमें कोई मुसलमान अपनी संपत्ति को अपने बच्चों, नाती-पोतियों या परिवार के अन्य सदस्यों के लाभ के लिए दान करता है. इसका इसका मकसद परिवार की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है, ताकि संपत्ति की आय (जैसे किराया या खेती की कमाई) परिवार को मिलती रहे. हालांकि, दानकर्ता वक्फ डीड में आय का एक हिस्सा धार्मिक गतिविधियों के लिए आवंटित करने का प्रावधान भी शामिल कर सकता है. 

ये हनफी इस्लामिक कानून से आता है और भारत में मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत मान्य है. 

चर्चा जनचौपाल36 आज 03/04/2025

वक्फ बोर्ड संशोधन बिल पर मुस्लिमों ने जताई खुशी

रायपुर:_वक्फ बोर्ड संशोधन बिल लोकसभा में हुआ पेश मुस्लिम समुदाय में उत्साह पटाखे फोड़ कर जताई खुशी ।वक्फ बोर्ड संशोधन बिल के लोकसभा में पेश होने पर मुस्लिम समुदाय में उत्साह का माहौल है घड़ी चौक पर लोगों ने आतिशबाजी कर जश्न मनाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने एक दूसरे को बधाई दी और इसे अल्पसंख्यकों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। विरोधियों को कांग्रेसी मानसिकता का बताया गया जबकि मोदी जी के समर्थन में नारे लगाए गए।



सबले बढ़िया 36 गढ़िया जीएसटी देंने में अव्वल छग
रायपुर:_

जीएसटी में छत्तीसगढ़ बना देश का अग्रणी राज्य 16390 करोड़ मिला राजस्व 18% की ऐतिहासिक वृद्धि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में वित्तीय वर्ष 2024 से 25 में 16390 करोड़ का जीएसटी राजस्व संग्रह किया जो 18% की वार्षिक वृद्धि दर के साथ देश में सबसे अधिक है। यह उपलब्धि
छत्तीसगढ़ को gst राजस्व वृद्धि में पहले स्थान पर स्थापित करती है, जबकि महाराष्ट्र 16 प्रतिशत और तमिलनाडु 7% की वार्षिक वृद्धि दर के साथ देश में तीसरे स्थान पर स्थापित है,15% की वृद्धि दर के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर है।

सचिवालय सेवा के तीन अधिकारियों का तबादला
रायपुर:_
सरकार ने सचिवालय सेवा के तीन अधिकारियों के तबादले का आदेश जारी किया है।जाने किस कौन से विभाग की मिली जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ सरकार ने
प्रगति जोशी को जेल विभाग से स्थानांतरित कर चिकित्सा शिक्षा विभाग में पदस्थ किया गया है।वहीं मेरी रोज कुजूर को स्कूल शिक्षा विभाग से हटा कर जेल विभाग में भेजा गया है ।वंदना भारती को जल संसाधन विभाग से स्थानांतरित कर मुख्यमंत्री सचिवालय में पदस्थ किया गया है ।

प्रदेश में शराब लाइसेंस एक दिन के लिए भी मिलेगा
रायपुर:_
आबकारी विभाग का निर्णय घर की पार्टी के लिए 10 शादी ब्याह के लिए 15 और बड़े कार्यक्रमों में पिलाने के लगेंगे 30000 छत्तीसगढ़ में शराब प्रेमियों के लिए देसी और अंग्रेजी शराब दुकानों के माध्यम से पीने पिलाने के इंतजाम किए गए हैं यदि आप अपने निजी भवन फार्म हाउस को छोड़कर में पार्टी करना चाहते हैं तो एक दिन का लाइसेंस लेना आवश्यक है शादी ब्याह के लिए ₹15000 और अन्य इवेंट्स के लिए ₹30000 का शुल्क देना होगा यह नियम एक अप्रैल 2025 से लागू हो गए हैं।

खबर जनचौपाल 36 03/04/2025

लालू प्रसाद की तस्वीर अचानक से खराब हो गई थी
राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद को इलाज के लिए दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया है। उन्हें कार्डियो क्रिटिकल केयर यूनिट में रखा गया है। लालू यादव को हाल ही में पटना के अस्पताल में भर्ती किया गया था, जहां उनकी हालत में सुधार हुआ था।राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद को बुधवार को इलाज के लिए यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया। सूत्रों ने बताया कि 76 वर्षीय नेता को एम्स के हृदय रोग विज्ञान के प्रोफेसर डॉ. राकेश यादव के नेतृत्व वाले ‘कार्डियो-न्यूरो सेंटर’ की ‘कार्डियो क्रिटिकल केयर यूनिट’ में भर्ती कराया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, डॉक्टरों की एक टीम लालू यादव की स्थिति पर नजर रख रही है। कुछ समय के लिए पटना के एक अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद उन्हें रात करीब नौ बजकर 35 मिनट पर इलाज के लिए यहां स्थित एम्स लाया गया। पटना में पत्रकारों से बात करते हुए उनके बेटे और राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि लालू प्रसाद की पीठ और हाथ पर घाव हो गए हैं, जिनका उन्हें दिल्ली में ऑपरेशन के जरिए उपचार होने की उम्मीद है।आज छत्तीसगढ़ के जिलाध्यक्षों से संवाद करेंगे राहुल गांधी;
कांग्रेस में जिला अध्यक्षों की पावर बढ़ाने की तैयारी।

बैठक के बाद होंगे बड़े बदलाव
कांग्रेस अब संगठन को नए तरीके से मजबूत करने की रणनीति बना रही है। लगातार चुनावी हार के बाद पार्टी जिलास्तर तक अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी है।
दिल्ली के इंदिरा भवन में आज कांग्रेस नेता राहुल गांधी छत्तीसगढ़ के जिला अध्यक्षों से संवाद करेंगे। इस बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी मौजूद रहेंगे।

निश्चलानंद सरस्वती ने कहा नशा जुआ सट्टा शराब के बिना सरकार की स्थिति दयनीय

गोवर्धन मठ पुरी के पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने रायपुर के सुदर्शन आश्रम में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा,
नशा सट्टा के बिना राजनेताओं की स्थिति दयनीय हो जाएगी ।नक्सलवाद पर कहा यदि नेता अपना हाथ खींच ले तो नक्सलवाद खत्म हो जाएगा । निश्चलानंद सरस्वती ने शराब दुकानों के बारे में कहा कि नशा सट्टा नहीं होने पर राजनेताओं की स्थिति दयनीय हो जाएगी।

नक्सलवाद पर उन्होंने कहा कि यदि पक्ष विपक्ष के नेता अपना हाथ खींच ले तो यह समस्या समाप्त हो जाएगी वक्फ बोर्ड के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सूझबूझ वाले हैं, और सोच समझकर कदम उठाते हैं ।



बेमेतरा प्रशासन ने लिया एक्शन” जिले में अवैध रेत परिवहन करते वाहनों को किया जब्त”कलेक्टर ने कहा कार्रवाई जारी रहेगी

अवैध रेत परिवहन पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई, तीन हाईवा जब्त

बेमेतरा, 2 अप्रैल 2025 – जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन के खिलाफ सख्ती जारी है। कलेक्टर रणबीर शर्मा के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम ने आज बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन हाईवा वाहन जब्त किए। ये वाहन अवैध रूप से रेत परिवहन कर रहे थे।
जब्त किए गए वाहनों में CG25 P 8118 (मालिक – सिद्दीकी खान), CG25 M 2229 (मालिक – प्रतीक सिंघानिया) और CG04 PD 1063 (मालिक – दिनेश यदु) शामिल हैं। इन वाहनों को पटका और बसनी राका गांव के पास पकड़ा गया और बेमेतरा थाने में रखा गया है। इसके अलावा, डगनिया शिवनाथ नरी घाट पर अवैध रेत उत्खनन की शिकायत पर खनिज विभाग की टीम ने जांच की, लेकिन वहां कोई वाहन नहीं मिला।

कलेक्टर श्री शर्मा ने कहा कि अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने खनिज एवं राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसी गतिविधियों पर सख्त नजर रखें और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।

छलकाए जाम” आइए होगी अब रंग भरी शाम”” पार्टी,इवेंट, शादी फंक्शन में पीओ और पिलाओ सरकार करेगी लाइसेंस का इंतजाम

छत्तीसगढ़ सरकार ने अब घर में पार्टी या निजी समारोह में शराब परोसने के लिए भी लाइसेंस अनिवार्य कर दिया है। 10,000_30000 रुपये का एक दिन का लाइसेंस (FL5 क) प्राप्त करना होगा। 

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार अब शराब के लिए दरिया दिल हो गई है,जहां पीओ जैसा पीओ चाहे पियो और पिलाओ , शादी विवाह, समारोह, फैशन इवेंट सबके लिए एक दिन के लिए लाइसेंस देगी।अब चाहे घर ही क्यों न हो (इसमें फॉर्म हाऊस को छोड़ दो) बना लो एक दिन के लिए शराब खाना।
वैसे तो पहले भी छत्तीसगढ़ में शराब के शौकीनों के लिए पीने-पिलाने के काफी इंतजाम देशी, अंग्रेजी शराब दुकानों में चखना माध्यम से किए गए हैं, लेकिन अगर आप कोई पार्टी करना चाहते हैं, तो इसके लिए एक दिन के कार्यक्रम के लिए भी लाइसेंस लेना होगा।
सरकार ने रेट भी तय कर रखे है

राज्य सरकार के वाणिज्यिक कर (आबकारी विभाग) ने एफएल 5 क के लिए फीस तय की है। यह फीस मंगलवार 1 अप्रैल से शुरु हो रहे नए वित्तीय वर्ष से लागू हो गई है।

10 से 30 हजार में एक दिन जमकर पिलाओ 

नया नियम:अब छत्तीसगढ़ में अगर कोई व्यक्ति अपने घर (फार्म हाउस को छोड़कर) में पार्टी या निजी समारोह आयोजित करता है और उसमें शराब परोसना चाहता है, तो उसे आबकारी विभाग से लाइसेंस लेना होगा।
लाइसेंस का प्रकार:यह एक दिन के लिए दिया जाने वाला लाइसेंस एफएल 5 क के नाम से जाना जाता है।

आबकारी विभाग का निर्णय:आबकारी विभाग ने यह निर्णय लिया है कि घर की पार्टी के लिए 10,000 रुपये, शादी-ब्याह के लिए 15,000 रुपये और बड़े आयोजनों के लिए 20,000 रुपये का शुल्क लगेगा। 

लक्ष्य बड़ा है तो ये सब करना पड़ेगा आबकारी 12 हजार 700 करोड़ राजस्व चाहिए

छत्तीसगढ़ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में शराब से मिलने वाले राजस्व के लक्ष्य में बढ़ोत्तरी की है। इस साल के लिए यह लक्ष्य 12 हजार 700 करोड़ रुपए रखा है। पिछले वित्तीय वर्ष में यही लक्ष्य 11 हजार करोड़ रुपए का था। विभाग ने इस लक्ष्य के विरुद्ध 10 हजार 120 करोड़ रुपए अर्जित किए हैं।

अमूमन होता ये है कि सरकार द्वारा किसी भी बार,रेस्टोरेंट ,शराबखाने में शराब पिलाने परोसने के लिए एक साल के लिए परमानेंट लायसेंस जारी किया जाता है। लेकिन अगर कोई अपनी जगह ठिकाने पर अपने कार्यक्रम में आमंत्रित मेहमानों को पिलाना चाहता है तो उसे भी लायसेंस लेना होगा। इस काम के लिए एक दिन की फीस सरकार ने तय की है। 


चिंताजनक विषय ये है??
शराब की उपयोगिता बढ़ाने से समाज में दुष्परिणाम भी आयेंगे युवा पीढ़ी बदहवास होगी इसका प्रबंधन भी सरकार को करना होगा,शराब से समाज में कुसंस्कृति बढ़ेगी।






भारत के गृहमंत्री अमित शाह का छत्तीसगढ़ दौरा:_सरकार अपनाने तैयार पहले नक्सली डाले हथियार

रायपुर:_केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का 4 अप्रैल को छत्तीसगढ़ आगमन ।गृहमंत्री चार-पांच अप्रैल को छत्तीसगढ़ का दौरा कर सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, गृहमंत्री अमित शाह नक्सलवाद के खिलाफ एक हाई लेवल मीटिंग करेंगे।केंद्रीय मंत्री अमित शाह बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों की समीक्षा करेंगे। बस्तर में इस साल कार्रवाई में 130 नक्सली मारे गए हैं,कई इनामी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।
छत्तीसगढ़ से नक्सलियों के खात्मे की डेडलाइन 31 मार्च 2026 केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने निर्धारित की है।इस दौरान राज्य सरकार ने नई नक्सल नीति गृहमंत्री शाह के हाथों लॉन्च कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

गृहमंत्री ने एक्स पर लिखा कि मोदी सरकार सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध भारत बना रही है। हम विकास के रास्ते पर बढ़ रहे हैं और तेजी से देश नक्सल मुक्त हो रहा है। 31 मार्च, 2026 तक भारत पूरी तरह से नक्सल मुक्त हो जाएगा।
प्रदेश से नक्सलवाद खत्म करने छग सरकार की पेशकश
छग राज्य सरकार की तैयारी में है, नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने और उनके स्याह जीवन में उजाले भरने,उनको सामाजिक जीवन जीने देने।

5 लाख के इनामी नक्सली को सरेंडर पर एक हेक्टेयर तक जमीन, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देगी।
अब नक्सलियों के पास एक ही रास्ता है आत्मसमर्पण। समाज की मुख्यधारा में लौट आने का नक्सलियों के लिए अच्छा समय और सुगम विचार है।क्योंकि नक्सलवाद विकास विरोधी विचार है,जिनका कोई महत्वपूर्ण उद्देश्य नहीं है।
विकासवाद पर नक्सलवाद एक बहुत बड़ा गड्ढा है

नक्सली अपने लिए खुद ही गड्ढा खोद रहे समाज विरोधी चोला पहनकर।हार कर जीने से अच्छा है समझौते कर आगे बढ़ना हिंसा छोड़ विकास के राह में चलना।
अपने ही देश के अंदर संघर्ष कैसा भारत देश कभी हारेगा नही
“नक्सल क्षेत्रों में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई लगातार जारी है। इसका परिणाम माओवाद का आत्मसमर्पण, गिरफ्तारी या समाप्ति होगा।” आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से समाज की मुख्यधारा में लौटने और विकास की दिशा में योगदान देने का आह्वान किया जा रहा है।