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Saturday, October 24, 2026
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IPS”रामकृष्ण साहू एसएसपी बेमेतरा के निर्देशन में गठित विशेष पुलिस टीम द्वारा स्थाई वारंटियों की धरपकड़

• विशेष अभियान के तहत पकड़ाया एक फरार स्थाई वारंटी ।


  बेमेतरा:_  वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बेमेतरा श्री रामकृष्ण साहू (भा.पु.से.) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती ज्योति सिंह के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न थाना/चौकी के अपराधों में फरार स्थाई वारंटियों की धरपकड हेतु विशेष टीम गठन कर रवाना किया गया।

        वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बेमेतरा श्री रामकृष्ण साहू (भा.पु.से.) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती ज्योति सिंह, एसडीओपी बेमेतरा मनोज तिर्की, एसडीओपी बेरला विनय कुमार, डीएसपी राजेश कुमार झा, डीएसपी कमल नारायण शर्मा, डीएसपी श्रीमती कौशिल्या साहू के मार्गदर्शन में गठित टीम द्वारा स्थायी वारंटियो को पकड़ने विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कडी में 04 मार्च 2025 को माननीय न्यायालय के प्रकरण क्रमांक 2100108/2014, अपराध क्रमांक 02/08 धारा 403 भादवि  के मामले में फरार स्थाई वारंटी शेख हमीद पिता अनीफ मुसलमान उम्र 20 साल साकिन संतोषी पारा थाना छावनी जिला दुर्ग को पकडा गया हैं। 
        जिसे अग्रिम विधिवत कार्यवाही कर माननीय न्यायालय पेश किया गया। उक्त कार्यवाही में थाना नवागढ प्रभारी एवं गठित टीम प्रधान आरक्षक रविन्द्र तिवारी, आरक्षक पीलाराम साहू, संजय पाटिल, मोती जायसवाल एवं अन्य स्टाफ शामिल थे।

रामनवमी, राम जन्मोत्सव का धूम पूरे देश में कहीं भव्य पूजन आरती,कहीं विशाल शोभायात्रा

छत्तीसगढ़ रायपुर:_देशभर के साथ आज रविवार को छत्तीसगढ़ में भी रामनवमी मनाई जा रही है। रायपुर में मठ-मंदिर रंग-बिरंगे फूल और लाइट्स से सजे हैं। दूधाधारी और जैतूसाव मठ में भगवान राम का अभिषेक और स्वर्ण श्रृंगार किया जाएगा। साथ ही 1100 किलो मालपुआ का भोग लगेगा।

राजधानी में रामनवमी मनाएंगे शंकराचार्य

पुरी शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती रावांभाठा के सुदर्शन संस्थानम आश्रम में रामनवमी उत्सव मनाएंगे। साथ ही धर्म, अध्यात्म और हिंदू राष्ट्र पर धर्मसभा को संबोधित करेंगे। वही टाटीबंध स्थित इस्कॉन मंदिर में रामकथा के बाद 11 बजे महाभिषेक के बाद वृंदावन से वस्त्रों से राम दरबार का शृंगार किया जाएगा।

बिलासपुर में झांकियों को 500 किलो फूल से सजाया गया

बिलासपुर में राम नवमी के अवसर पर आज शाम 4 बजे भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह शोभायात्रा व्यंकटेश मंदिर सिम्स चौक से शुरू होगी। शोभायात्रा में सबसे आगे संकटमोचन हनुमान की विशालकाय प्रतिमा रहेगी।

रायगढ़ में रामनवमी के अवसर पर भव्य शोभायात्रा

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में रामनवमी के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। रविवार की शाम 4 बजे में नटवर हाईस्कूल से शोभायात्रा की शुरुआत होगी। जिसे लेकर यातायात पुलिस ने रूट चार्ट जारी कर दिया है और शहर के कई क्षेत्रों में डायवर्सन प्वाईंट बनाया गया है। साथ ही शोभायात्रा के दौरान चार पहिया वाहनों पर प्रतिबंध लगाया गया है।

यूपी अयोध्या:_रामनवमी पर रामलला का सूर्य तिलक, विशेष आरती भी हुई; श्रद्धालु कर रहे आराध्य के दर्शन

देशभर में आज रामनवमी का त्योहार धूमधाम से मनायाजा रहा है. अयोध्या, काशी, दिल्ली, नागपुर, कोलकाता समेत देश के अलग-अलग श​हरों में सुबह से ही देवालयों में दर्शन-पूजन के लिए राम भक्तों का पहुंचना जारी है. उत्तर प्रदेश के अयोध्या में रामनवमी के मौके पर आयोजित होने वाले भव्य समारोह के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है.

एमपी इंदौर

मा अहिल्या की नगरी इंदौर के प्राचीन मंदिर आध्यात्मिकता और भक्ति का केंद्र हैं।यहां मंदिरों में मर्यादा पुरुषोत्तम के मनोहारी स्वरूप विराजित हैं।इन मंदिरों में भगवान राम के बाल स्वरूप की सेवा 350 वर्षों से हो रही है। ये मंदिर न केवल धार्मिक महत्व रखते हैं, बल्कि इनकी वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व भी है।

भगवान राम की देखरेख यहां एक बालक की तरह होती है।श्रीराम के बाल स्वरूप को लगाते हैं माखन-मिश्री का भोग।लाल मंदिर में 130 साल से विराजित हैं श्रीराम का दरबार।

  1. देश के साथ ही मां अहिल्या नगरी इंदौर के मन में भी राम बसे हैं। कहीं 350 वर्ष पुरानी श्यामवर्णी प्रभु राम के बाल स्वरूप की बालक की तरह सेवा हो रही है, तो कहीं 130 वर्ष पहले विराजित विग्रहों को संतों ने पहले देशभर में भ्रमण कराया फिर प्रतिष्ठा की गई।

रामसेतू तमिलनाडु

राम सेतु तमिलनाडु से श्रीलंका के बीच त्रेतायुग का सबसे अलौकिक चिन्ह है. वाल्मीकि ‘रामायण’ में वर्णित नल और नील द्वारा निर्मित इस सेतु को लगभग 7000 साल पुराना माना जाता है. ये सेतु आस्था और विज्ञान का अद्भुत संगम है. युगो-युगों बाद भी किस रूप में है ये सेतु?

धर्म किसी समय अध्यात्मिक प्रक्रिया ही था

धर्म और अध्यात्म, दोनों ही मानव जीवन के महत्वपूर्ण पहलू हैं, लेकिन वे अलग-अलग हैं। धर्म अक्सर एक संगठित प्रणाली, विश्वासों और प्रथाओं का पालन करता है, जबकि अध्यात्म व्यक्तिगत अनुभव और आंतरिक खोज पर अधिक केंद्रित होता है।

चलिए धर्म और अध्यात्म के बारे में सदगुरु जी से समझते हैं:_

अध्यात्म बनाम धर्म

क्या ?अध्यात्म और धर्म में कोई फर्क है!! अगर वे अलग-अलग हैं, तो क्या उनमें कोई संघर्ष है? सद्‌गुरु स्पष्ट कर रहे हैं कि आज का हर धर्म किसी समय आध्यात्मिक प्रक्रिया था तो, फिर ऐसा क्या हुआ जो आध्यात्म धर्म में बदल गया? यह जानने के लिये पढिये…आध्यात्म बनाम धर्म

सदगुरु : जैसे ही आदमी धार्मिक हो गया तो दुनिया के सारे संघर्ष खत्म हो जाने चाहिये थे। दुर्भाग्यवश, पूरी दुनिया में, धर्म ही हर कहीं संघर्षों का मुख्य कारण बना है, जिससे, धरती पर, हजारों वर्षों से, सबसे ज्यादा लोग मरे हैं और सबसे ज्यादा लोगों को दुख दर्द मिला है। इसका मुख्य कारण ये है कि सारे धर्म बस, यकीन करने या विश्वास करने की प्रणालियों से पैदा हुए हैं। 

यकीन कहाँ से आता है ? विश्वास करने का मतलब ये है कि आप जानते नहीं हैं !! अगर आप कुछ जानते हैं तो उसमें विश्वास करने का कोई सवाल नहीं उठता, आप बस उसको जानते हैं। मिसाल के तौर पर, क्या आपको यकीन है कि आपके दो हाथ हैं, या फिर आप ये जानते हैं? आपकी अगर आँखें न भी हों, तो भी आप जानते हैं कि आपके पास हाथ हैं। हाथों के बारे में आप जानते हैं पर ईश्वर में आप विश्वास करते हैं! क्यों? 

अपने स्वभाव से आप जो पा सकें, उस पूरी तरह शांतिमय अवस्था और आज के समय में आपके असंतुलन की अवस्था इन दोनों के बीच जो अंतर है, उसे धर्म ने भर दिया है।

विश्वास का सवाल इसलिये खड़ा होता है, क्योंकि आप यह मानने को तैयार नहीं हैं कि आप जानते नहीं हैं। आप उस चीज़ में विश्वास करते हैं जो आपके लिये सांस्कृतिक और सामान्य रूप से सुविधाजनक है। आप चाहे विश्वास करें कि ईश्वर है या न करें कि ईश्वर है, दोनों में कोई फर्क नहीं है – दोनों ही अवस्थाओं में आप एक ही नाव में हैं। आप किसी ऐसी बात में यकीन रख रहे हैं, जो आप जानते ही नहीं Iजब आप किसी ऐसी चीज़ में विश्वास रखते हैं तो आप एक खास भरोसे, आत्मविश्वास के साथ घूम सकते हैं।

आइए अब सदगुरु से हटकर बाहरी कड़ियां देखे,

अध्यात्म के 3 तत्व:_अध्यात्म विज्ञान का समूचा ढाँचा भी इसी प्रकार तीन आधारों पर खड़ा है। आस्तिकता, आध्यात्मिकता व धार्मिकता। तत्वज्ञान की दार्शनिक विवेचनाओं में ईश्वर जीव, प्रकृति की विवेचना होती रहती है। मनीषियों द्वारा भक्ति योग, ज्ञान योग, कर्म योग को आध्यात्मिक प्रगति का आधार निरूपित किया जाता है।

धार्मिक शक्ति क्या है?…_धार्मिक शक्ति का अर्थ है किसी धर्म या धार्मिक विश्वास के आधार पर लोगों या संस्थाओं के पास होने वाली शक्ति या प्रभाव, जो अक्सर धार्मिक सिद्धांतों, मान्यताओं और प्रथाओं को लागू करने, प्रचारित करने या बनाए रखने के लिए इस्तेमाल की जाती है. 

अपने अंदर अध्यात्मिक शक्ति होने के संकेत:_प्रमुख संकेतकों में उच्च अंतर्ज्ञान, सहानुभूति, ज्वलंत सपने, प्रकृति से जुड़ाव, ऊर्जा संवेदनशीलता, समकालिकता, उपचार क्षमता, दिव्यदृष्टि अनुभव, रहस्यवाद के प्रति आकर्षण, आंतरिक ज्ञान और अभिव्यक्ति कौशल शामिल हैं। ये संकेत गहन आध्यात्मिक या जादुई योग्यता का संकेत देते हैं।

धर्म, संस्कृति, देश_प्रेम और मातृभूमि की मर्यादा:अखंड भारत का इरादा:_भाजपा की नैतिक बुनियाद है

जनचौपाल36 विशेष _भाजपा स्थापना दिवस

भारतीय जनता पार्टी ने देश को दो अद्वितीय प्रधानमंत्री दिए पहला स्व अटल बिहारी वाजपेयी तो दूसरा नरेंद्र दामोदर दास मोदी,बाजपेई जी की भाजपा में शुरुआती जमीनी जंग, तो मोदी जी की आसमानी फतेह ।अटल जी ने पूरे देश में भाजपा का डंका बजाया तो मोदी जी ने पूरे विश्व में भाजपा का पताका फहराया।आज भाजपा का स्थापना दिवस है पार्टी को बधाई एवं शत शत नमन।

8-9 अप्रैल को विधानसभा स्तर पर सक्रिय सदस्यों का सम्मेलन करना है. वहीं 7-12 अप्रैल 2025 को बूथ चलो अभियान के अंतर्गत मंडल अध्यक्ष स्तर से ऊपर के सभी कार्यकर्ता गांव/शहर वार्ड में प्रवास करेंगे.

भारतीय संस्कृति, विचारधारा और विरासत की राजनीति ने बीजेपी को बनाया लीडर

भारतीय राजनीति में एक दौर था जब बीजेपी का उसकी विरोधी पार्टियां ‘हाफ पैंट वालों की पार्टी’ कहकर मजाक बनाया करती थी। स्थापना के 45 वर्ष पूरे करते वक्त यह पार्टी दृढ़ शक्ति की सशक्त और संगठित राजनीतिक पार्टी बन गई है।बीजेपी ने राममंदिर, आर्टिकल 370 और ट्रिपल तलाक जैसे मुद्दों पर अपनी राजनीति का व्यापक परिचय भी दिया है।केंद्र में बीजेपी की सरकार का तीसरा कार्यकाल जारी है और पार्टी 10 करोड़ सदस्यों की पार्टी बन चुकी है। बीजेपी की रणनीति क्या रही?

बीजेपी की स्थापना 6 अप्रैल 1980 को हुई थी और दिग्गज राजनेता अटल बिहारी वाजपेयी पार्टी के अध्यक्ष बने थे। उस वक्त से 2025 तक बीजेपी ने 45 वर्षों का सफर तय कर लिया है और दो सांसदों की यह पार्टी आज देश की सबसे बड़ी पार्टी बन चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार का लगातार तीसरा कार्यकाल यह देश देख रहा है। बीजेपी यानी भारतीय जनता पार्टी का यह स्वर्णिम युग है, जब वह कड़े फैसले ले रही है और उसे जनता का समर्थन भी प्राप्त है. पीएम मोदी के प्रति जनता की दीवानगी जगजाहिर है। 1980 में जब बीजेपी का गठन हुआ था, उस वक्त पार्टी की पकड़ काफी सीमित थी और पार्टी की विचारधारा के समर्थक भी कम थे, लेकिन बीजेपी ने खुद पर काफी मेहनत किया और कई रणनीतिक फैसले लेते हुए आज 10 करोड़ सदस्यों की पार्टी बन गई है. केंद्र सहित देश के 21 राज्यों में बीजेपी और उसकी सहयोगी पार्टियों की सरकारें हैं।

स्थापना दिवस आज, सुबह गोष्ठियां, शाम को आतिशबाजी, एक लाख घरों पर फहरेगा भाजपा का झंडा

नेपाल में आया भूकंप,यूपी में भी महसूस किए गए झटके रिक्टर पैमाने पर 5.0 की तीव्रता

यूपी: लखनऊ सहित अवध के कई जिलों में महसूस किए गए भूकंप के हल्के झटके, भूकंप का केंद्र नेपाल था।

शुक्रवार शाम सात बजकर 52 मिनट पर लखनऊ सहित अवध के कई जिलों में भूकंप के झटके महसूस हुए। भूकंप का केंद्र नेपाल था। 

नेपाल में रिक्टर पैमाने पर 5.0 तीव्रता का भूकंप का झटका महसूस किया गया है, इसकी वजह से उत्तर भारत में भी हल्के झटके महसूस किए गए हैं. इस दौरान यूपी के कई जिलों में भी धरती हिलने की खबर सामने आई है। नेपाल से सटे यूपी के कई जिलों में धरती हिलने की खबर है।नेपाल से सटे यूपी के सात जिले महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत में भूकंप के झटके महसूस हुए हैं।

यूपी में हिली धरती, इन जिलों में महसूस हुए झटके तो घरों से बाहर भागे लोग, घनघनाने लगे फोन

यूपी में सीतापुर, गोंडा, बस्ती, सुल्तानपुर, आजमगढ़, लखीमपुर खीरी, हरदोई, लखनऊ, गोरखपुर, अयोध्या और जौनपुर में भी भूकंप के झटके महसूस हुए हैं। उत्तराखंड के बागेश्वर, चमोली, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और नैनीताल में भी भूकंप के हल्के झटके महसूस हुए हैं। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार भूकंप की तीव्रता रिएक्टर पैमाने पर 5.0 थी और इस भूकंप के केंद्र की गहराई 20 किमी नीचे जमीन के अंदर थी।

  • भूकम्प महसूस होने पर ये सावधानी बरतें
  • भूकंप आने पर अगर आप घर के अंदर हैं और बाहर नहीं निकल सकते हैं तो किसी मजबूत टेबल या किसी फर्नीचर के नीचे छिप जाएं। हालांकि, कंपन कम होने पर या बंद होने पर धीरे-धीरे घर से बाहर जरूर निकल जाएं।
  • कमरे के किसी कोने में या दरवाजे की चौखट के नीचे खड़े होकर सुरक्षित रह सकते हैं।
  • अगर भूकंप आता है तो घर से तुरंत बाहर निकलें और सीढ़ियों का इस्तेमाल करके सीधे किसी खुली जगह पर जाएं।
  • अगर आप चलती गाड़ी में हैं तो अपनी गाड़ी को तुरंत रोकें और गाड़ी में ही रह सकते हैं।
  • किसी पुल या रैंप पर गाड़ी खड़ी करके न रुकें, इसकी जगह पर किसी नॉर्मल सड़क पर गाड़ी को रोकें।

वक्फ बिल संशोधन विधेयक पर भारत के राष्ट्रपति ने लगाई अपना मुहर, वक्फ बिल पर नया कानून लागू

वक्फ संशोधन विधेयक के संसद के दोनों सदनों से पास होने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इसे मंजूरी दे दी है. कांग्रेस, एआईएमआईएम, आम आदमी पार्टी इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है

  1. राष्ट्रपति मुर्मु के हस्ताक्षर के बाद वक्फ (संशोधन) विधेयक कानून बन गया
  2. लोकसभा और राज्यसभा में पारित वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को शनिवार, 5 अप्रैल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिल गई।इस संबंध में गजट अधिसूचना जारी होने के साथ ही वक्फ अधिनियम, 1995 का नाम भी बदलकर यूनिफाइड वक्फ मैनेजमेंट, इम्पावरमेंट, एफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट (उम्मीद) अधिनियम, 1995 हो गया है।
  3. अब पूरे देश में नया वक्फ कानून लागू हो जाएगा
  4. नए कानून को कांग्रेस, एआईएमआईएम और आप ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

नई दिल्ली। वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 कानून बन गया है। मैराथन बहस के बाद संसद के दोनों सदनों से पारित विधेयक को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शनिवार देर रात मंजूरी दे दी। इसके साथ ही राष्ट्रपति मुर्मु ने मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक, 2025 को भी अपनी स्वीकृति दे दी।

सरकार ने एक अधिसूचना में कहा कि संसद से पारित वक्फ संशोधन अधिनियम, 2025 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है। इससे पहले लोकसभा और राज्यसभा से वक्फ (संशोधन) विधेयक गरमागरम बहस के बाद पारित कर दिया था।

वहीं, नए कानून को कांग्रेस, एआईएमआईएम और आम आदमी पार्टी (आप) ने अलग-अलग याचिकाओं के साथ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

अब पूरे भारत में नया वक्फ कानून लागू हो जाएगा

वक्फ़ बोर्ड पर नए कानून का उद्देश्य पक्षपात, वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग और वक्फ संपत्तियों पर अतिक्रमण को रोकना है। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार ने कहा है कि यह कानून मुस्लिम विरोधी नहीं है। वहीं, राष्ट्रपति मुर्मु के हस्ताक्षर के बाद वक्फ (संशोधन) विधेयक कानून बन गया है। अब पूरे देश में नया वक्फ कानून लागू हो जाएगा।

नए कानून में वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों और महिलाओं को शामिल करना, वक्फ संपत्तियों का डिजिटलीकरण, कलेक्टर को सर्वेक्षण का अधिकार, और ट्रिब्यूनल के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की अनुमति दी गई है.

बस्तर को खुशहाल बनाने अगली चैत्र नवरात्रि तक लाल आतंक खत्म करना है : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

केंद्रीय गृहमंत्री का रायपुर आगमन

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह चार अप्रैल की देर रात को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचे। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट माना पहुंचे थे जहां पर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उनका गर्मजोशी के साथ आत्मीय स्वागत किया। 
केंद्रीय गृहमंत्री शाह को उपमुख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक अनुज शर्मा ने पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया।

केंद्रीय गृह मंत्री का दंतेवाड़ा दौरा

कार्यक्रम में छग राज्यपाल रामेन डेका भी रहे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दो दिवसीय छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के दौरे पर हैं। शनिवार की दोपहर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पहले विमान से बस्तर पहुंचे। जगदलपुर आगमन के दौरान जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने मां दंतेश्वरी की पूजा अर्चना कर बस्तर खुशहाली का आशीर्वाद मांगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव एवं विजय शर्मा, मंत्री राम विचार नेताम, केदार कश्यप, विधायक जगदलपुर किरण देव अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, सचिव राहुल भगत, कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, आईजी बस्तर सुंदरराज पी सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे।
 

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा बस्तर फिर से खुशहाल बनें अगली चैत्र नवरात्रि में लाल आतंक खत्म हो जाए 
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन की शुरुआत भारत माता की जय से करते हुए कहा, ‘आज चैत्र नवरात्रि की अष्टमी है। मैं अभी-अभी मैं मां दंतेश्वरी का आशीर्वाद लेकर यहां आया हूं कि अगली चैत्र नवरात्रि में यहां से लाल आतंक खत्म हो जाए और हमारा बस्तर फिर से खुशहाल हो।’ दंतेश्वरी माई की जय और छत्तीसगढ़ महतारी के जयकारे लगाते हुए केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, ‘आज अष्टमी और रामनवमी दोनों है। आज राम लला का बर्थडे है और मैं रामलला के ननिहाल यानी छत्तीसगढ़ में आया हुआ हूं। बहुत-बहुत शुभकामनाएं पूरे देश को रामनवमी की बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।’

इस मौके पर पूर्व सांसद दिनेश कश्यप और क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधियों सहित कलेक्टर हरिस एस, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा एवं जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। 

साजिश के तहत कांग्रेस के आकाओं ने कराई महाराज प्रवीणचंद्र भंजदेव की हत्या’
छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों के सभी देवी-देवताओं और महाराज प्रवीणचंद्र भंजदेव को प्रणाम करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, ‘उन्होंने जनजातियों के जल, जंगल, जमीन, वन, संस्कृति के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। यहां पर एक प्रजावत्सल राजा के रूप में उनकी लोकप्रियता थी, वह उस समय के कांग्रेस के आकाओं को सहन नहीं हुई और साजिश के तहत उनकी हत्या करवा दी गई। आज पूरा बस्तर लाल आतंक से मुक्त होने की कगार पर है। विकास के रास्ते पर चल चुका है। ऐसे समय में प्रवीणचंद्र की आत्मा बस्तर के आदिवासियों को अपना आशीर्वाद दे रही होगी।

कार्यक्रम में सीएम विष्णुदेव साय ने कहा बस्तर को स्वर्ग जैसा बनाना है

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम विष्णुदेव साय ने कहा, ‘हमारे सुरक्षाबल के जवान बहुत ही मजबूती के साथ लड़ाई लड़ रहे हैं। नक्सल मोर्चे पर लगातार सफलता मिल रही है। हमें पूरा भरोसा है की मां दंतेश्वरी की कृपा से केंद्रीय गृहमंत्री का मार्च 2026 से पहले छत्तीसगढ़ सहित देश को नक्सलमुक्त करने का संकल्प पूरा होगा। छत्तीसगढ़ का बस्तर इलाका यहां का पर्यटन स्थल है, जो स्वर्ग जैसा है यहां पर फिर पुराना समय आएगा और देश-दुनिया के लोग आएंगे। 

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पंडुम के कलाकारों का सम्मान किया
सीएम साय ने कहा, ‘यह बस्तर पंडुम 45 दिनों तक चला है। यह ब्लॉक स्तर से शुरू होकर जिला और संभाग स्तर पर समापन हो रहा है। इसमें ओडिशा, कर्नाटक, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र के करीब 27 हजार कलाकारों ने हिस्सा लिया। इसमें आदिवासी संस्कृति, वेशभूषा, भाषा-शैली, साहित्य, खान- पान सब का समावेश हुआ। पीएम नरेंद्र मोदी की एक राष्ट्र और एक भारत, श्रेष्ठ भारत के सपने को साकार किया है। बस्तर पंडुम में 18 हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए हैं। इसके पहले बस्तर ओलंपिक का भी शानदार आयोजन किया गया था। इसके बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पंडुम के कलाकारों का सम्मान किया।’

सोलर एसी लगाएं बिजली बंद से छुटकारा पाएं,सोलर AC बिजली बिल से मुक्ति का नया तरीका

सौर एयर कंडीशनिंग, या "सौर ऊर्जा से चलने वाला एयर कंडीशनिंग", किसी भी एयर कंडीशनिंग (शीतलन) प्रणाली को संदर्भित करता है जो सौर ऊर्जा का उपयोग करता है।
गर्मी का मौसम दस्तक दे चुका है, और जैसे ही तापमान बढ़ता है, घरों में एसी और पंखों का उपयोग बढ़ जाता है। लेकिन हर बार बिजली के बिल को देखकर चिंता बढ़ जाती है। यदि आप इस बार एसी खरीदने का विचार कर रहे हैं और बिजली के खर्च से बचना चाहते हैं, तो सोलर एसी आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। यह एक ऐसा एसी है,जो एक बार की लागत के बाद आपको बिजली के बिल की चिंता से मुक्त कर देता है। आइए जानते हैं सोलर एसी क्या है, यह कैसे कार्य करता है और इसके लाभ क्या है

सोलर एसी की परिभाषा
जैसा कि नाम से स्पष्ट है, सोलर एसी सूरज की ऊर्जा का उपयोग करता है। यह एक ऐसा एयर कंडीशनर है, जो सौर ऊर्जा से संचालित होता है। इसे बिजली की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि यह सूरज की रोशनी से चार्ज होता है और रात भर ठंडक प्रदान करता है। यह सोलर पैनल और बैटरी के माध्यम से कार्य करता
है, जिससे यह दिन में चार्ज होकर रात में काम कर सकता है। गर्मी से राहत के साथ-साथ यह आपके बजट पर भी बोझ नहीं डालता।

सोलर एसी के लाभ

सोलर एसी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें केवल एक बार का खर्च होता है। आपको केवल एसी और सोलर पैनल खरीदने में निवेश करना होता है।इसके बाद, बिजली के बिल की चिंता समाप्त हो जाती है। पारंपरिक इलेक्ट्रिक एसी की तुलना में, सोलर एसी को कम रखरखाव की आवश्यकता होती है। यह
पर्यावरण के लिए भी लाभकारी है, क्योंकि यह सौर ऊर्जा का उपयोग करता है और बिजली की खपत को कम करता है।


सोलर एसी का कार्यप्रणाली
सोलर एसी दो मोड में कार्य करता है: ऑन ग्रिड और ऑफ ग्रिड। ऑफ ग्रिड मोड में, रात में एसी चलाने के लिए बैटरी का उपयोग किया जाता है। यदि बैटरी खत्म हो जाती है, तो एसी बंद हो जाता है। दूसरी ओर, ऑन ग्रिड मोड में, सोलर पैनल सीधे एसी से जुड़ा होता है ,और इसके लिए इन्वर्टर की आवश्यकता होती है। दिन
में सूरज की रोशनी से पैनल बिजली उत्पन्न करता है, जो या तो बैटरी में संग्रहित होती है या सीधे एसी को शक्ति प्रदान करती है। दोनों ही तरीके आपके बिजली बिल को कम करने में सहायक होते हैं।

सोलर एसी का चयन क्यों करें?
यदि आप गर्मियों में ठंडक की तलाश में हैं और बिजली के बिल से परेशान हैं, तो सोलर एसी एक समझदारी भरा विकल्प है। यह न केवल आपके पैसे की बचत करता है, बल्कि एक दीर्घकालिक निवेश भी साबित होता है। बाजार में कई ब्रांड्स सोलर एसी उपलब्ध हैं, जिन्हें आप अपनी आवश्यकताओं और बजट के
अनुसार चुन सकते हैं। इस गर्मी, सोलर एसी के साथ ठंडक का आनंद लें और बिजली के बिल की चिंता को दूर भगाएं।

सोलर AC की कीमत लगभग
एक औसत सोलर एसी के लिए आपको लगभग 99 हजार रुपये खर्च करने होंगे. Kenbrook Solar के मुताबिक, एक टन की क्षमता वाले सोलर एसी के लिए आपको लगभग 99 हजार रुपये खर्च करने होंगे, जबकि 1.5 टन क्षमता वाले एसी के लिए आपको 1.39 लाख रुपये तक खर्च करने होंगे.

चैत्र नवरात्रि के सप्तमी पर समलाई मंदिर में खासा भीड़

अनुविभाग मुख्यालय बिलाईगढ़ स्थित सिद्ध शक्तिपीठ मां समलाई मंदिर में चैत्र नवरात्रि के आज सप्तमी के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं का ताता लगा हुआ है।प्राप्त समाचार के अनुसार बिलाईगढ़ स्थित सिद्ध शक्तिपीठ मां समलाई मंदिर में चैत्र नवरात्रि का महापर्व बड़े धूमधाम एवं श्रद्धा भक्ति के साथ मनाया जा रहा हैआज चैत्र नवरात्रि के सप्तमी के अवसर पर सुबह से लेकर देर शाम तक श्रद्धालुओं का ताता लगा हुआ है मंदिर परिसर स्थित ज्योति कक्ष में विभिन्न श्रद्धालुओं के द्वारा मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए हैं इस बार श्रद्धालुओं के द्वारा 450 ज्योति कलश प्रज्वलित हैं जिसे देखने एवं माता दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु गण यहां पहुंच रहे हैं और माता का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे है। मंदिर में माता सेवा गीत एवं जस गीत से सकल वातावरण धार्मिक मय बना हुआ है।

समलाई मंदिर सारंगढ़ में लगभग 800 वर्ष पुराना यह मंदिर गिरी विलास के सामने स्थित है जहां समलाई देवी जी की पूजा अर्चना की जाती है, जो कि सारंगढ़ की कुलदेवी है, साथ ही इस से 100 मीटर दूरी पर काली माता जी का भी मंदिर स्थित है ।यहां हर साल नवरात्रि पर 9 दिन तक ज्योति दीप जलाई जाती है, साथ ही जस गायन का भी आयोजन किया जाता है यह मंदिर बहुत ही प्राचीन है जो कि पहले के राजा महाराजाओं द्वारा बनवाया गया जो कि आज भी स्थित है, और इस प्राचीन मंदिरों में प्राचीन खंडित मूर्तियां भी पाई गई हैं जो कि मंदिर के प्रांगण में आज भी आपको देखने को मिल जाएंगे।

जाने का हवाई मार्ग

बिलासपुर (120 किमी) निकटतम हवाई अड्डा है जो दिल्ली, भोपाल, जबलपुर और प्रयागराज से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है और रायपुर (200 किमी) हवाई अड्डा मुंबई, दिल्ली, नागपुर, हैदराबाद, कोलकाता, बेंगलुरु, विशाखापत्तनम और चेन्नई से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।

वक्फ बिल में समुदाय विरोध की बातें नहीं है,कांग्रेस बिना वजह मुस्लिमों को डरा रही है:_ बृजमोहन अग्रवाल

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने वक्फ संशोधन बिल को लेकर विपक्षी दलों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि इस बिल में मुस्लिम समुदाय के विरोध में कुछ भी नहीं है, बल्कि यह उनकी भलाई के लिए लाया गया है।
सांसद श्री अग्रवाल ने कहा कि यह बिल मुस्लिम महिलाओं, नौजवानों और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे उनके स्वास्थ्य और शिक्षा की बेहतर व्यवस्था होगी तथा वक्फ की संपत्तियों का उचित उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा,जिससे देश और समाज को लाभ मिलेगा।


उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे केवल मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं और इस बिल के नाम पर समुदाय के लोगों में अनावश्यक भय पैदा कर रहे हैं।
जबकि सच्चाई यह है कि यह संशोधन मुस्लिम समाज के हितों की रक्षा करने के लिए है, न कि उनके खिलाफ है ।
श्री अग्रवाल ने अपील की है देशवासियों को विपक्ष के दुष्प्रचार से बचना चाहिए और सरकार की नीतियों पर विश्वास रखना चाहिए, जो सबका साथ,सबका विकास और सबका विश्वास की भावना से काम कर रही है।