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Sunday, October 25, 2026
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रेत का हुआ ऑनलाइन बाजार, रेत की बिक्री और नियंत्रण सरकार के हाथ, डिजिटल माध्यम से सरकारी दर पर ऑनलाइन घर पहुंचेगी रेत

रायपुर:_रेत पर कालाबाजारी रोकने सरकार ने एक अच्छा कदम उठाया है जिसमें रेत सरकारी नियंत्रण के साथ सस्ती दरों पर आम लोगों तक पहुंचेगी।इसके लिए खनिज विभाग पूरी तैयारी कर रहा जिसमें पारदर्शिता के साथ भ्रष्टाचार मुक्त व्यापार होगा।
खनिज विभाग ने हर खदान के लिए एक एक्स माइन प्राइस (EX Mine Price) तय कर दिया है, जो लगभग 100 से 120 रुपये प्रति घनमीटर होगा। इसमें से 60% ठेकेदार को और 40% सरकार को जाएगा। ट्रांसपोर्ट चार्ज दूरी के हिसाब से तय होंगे। विभाग इस पर भी मंथन कर रहा है कि प्रति किलोमीटर कितना रेट रखा जाए।
ऑनलाइन बुकिंग के लिए एप और पोर्टल तैयार, अब रेत भी होगी डिजिटल
खनिज विभाग एक ऐसा मोबाइल एप और वेब पोर्टल ला रहा है, जिसके ज़रिए आम लोग सीधे रेत ऑर्डर कर सकेंगे। उपभोक्ता पोर्टल पर जाकर रेत की मात्रा, लोकेशन और डिलीवरी का समय चुन सकेंगे। रेत सीधे तय सरकारी दर पर घर तक पहुंचेगी और भुगतान भी ऑनलाइन होगा।
रेत खदानो की होगी नीलामी ऑनलाइन एक व्यक्ति को एक ही आबंटन
:छत्तीसगढ़ में अब लोगों को घर बैठे सस्ती और सरकारी दर पर रेत (बालू) मिलने वाली है। मकान बनाना हो या कोई और निर्माण काम, अब रेत के लिए ठेकेदारों की मेहरबानी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। खनिज विभाग ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है, जिससे ना सिर्फ आम जनता को राहत मिलेगी बल्कि शासन को भी ज़्यादा राजस्व मिलेगा।
दो चरणों में होगा काम एप और पोर्टल तैयार, अब रेत भी होगी डिजिटल पहले चरण में खदानों का ऑनलाइन आवंटन दूसरे चरण में शुरू होगी घर-घर रेत सप्लाई रेत की कीमतों पर भी सरकारी नियंत्रण स्टार रेटिंग और एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट की भी तैयारी पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर चोट
जल्द होगा लागू – खनिज विभाग

पहले चरण में खदानों का ऑनलाइन आवंटन
फिलहाल पहले फेज़ में रेत खदानों के आवंटन को ऑनलाइन किया जाएगा। अभी तक खनन पट्टों की मैनुअल नीलामी (रिवर्स ऑक्शन) से होती रही है, जिसमें गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। नए सिस्टम में सब कुछ डिजिटल होगा – आवेदन से लेकर आवंटन तक।
दूसरे चरण में शुरू होगी घर-घर रेत सप्लाई
यदि सब कुछ प्लान के अनुसार चला, तो इस साल के अंत तक दूसरा चरण भी लागू कर दिया जाएगा। इसमें आम नागरिकों को निर्माण कार्यों के लिए सस्ती दर पर रेत की सप्लाई घर तक की जाएगी। यानी अब “रेत माफिया” का राज खत्म होने जा रहा है।
रेत की कीमतों पर भी सरकारी नियंत्रण
स्टार रेटिंग और एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट की भी तैयारी
आबंटन पारदर्शी होने से अवैध गतिविधियां रुकेगी
नई व्यवस्था से न सिर्फ जनता को राहत मिलेगी, बल्कि रेत खदानों के आवंटन में पारदर्शिता आएगी और अवैध वसूली पर भी लगाम लगेगी। ठेकेदारों और ट्रांसपोर्टरों की मनमानी अब बीते दिनों की बात हो जाएगी।
ऑनलाइन सिस्टम जल्द होगा लागू – खनिज विभाग
संयुक्त संचालक अनुराग दीवान ने कहा,“प्रदेश में आम लोगों को सस्ती दर पर रेत देने के लिए ऑनलाइन सिस्टम लागू करने की तैयारी अंतिम चरण में है। जल्द ही यह व्यवस्था पूरे राज्य में लागू कर दी जाएगी।

लैब टेक्नीशियन भर्ती अक्टूबर 2024:_ 21 अप्रैल से शुरू होगा दस्तावेज सत्यापन

व्यापम ने 6 अक्टूबर 2024 को लैब तकनीशियन भर्ती परीक्षा आयोजित की थी. यह परीक्षा व्यापम द्वारा छत्तीसगढ़ में सरकारी स्वास्थ्य विभागों में लैब तकनीशियन के पदों को भरने के लिए आयोजित की गई थी।

30 Mar 2025:_सभी पात्र आवेदक लैब टेक्नीशियन भर्ती परीक्षा (HELT24) – 2024 के लिए 28 मार्च 2025 से सीजी व्यापम की आधिकारिक वेबसाइट vyapamcg.cgstate.gov.in पर ऑनलाइन परिणाम डाउनलोड कर सकते है

21 अप्रैल से शुरू होगा दस्तावेज सत्यापन:_इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग ने सूचना जारी की है। व्यापम की ओर से अक्टूबर 2024 में लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। इसके नतीजे पिछले महीने जारी हुए थे।
उच्च शिक्षा विभाग, छग शासन के तहत 260 पदों पर लैब टेक्नीशियन की भर्ती होगी। बुधवार को दस्तावेज सत्यापन के लिए शेड्यूल जारी किया गया है।
इसके अनुसार 21 और 22 अप्रैल को 90-90 यानी 180 अभ्यर्थियों को बुलाया गया है। जबकि
23 अप्रैल को 80 अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन होगा। क्षेत्रीय अपर कार्यालय उच्च शिक्षा रायपुर,रूसा कार्यालय विज्ञान महाविद्यालय परिसर में सुबह 10 बजे से होगा। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से दस्तावेज सत्यापन के लिए फॉर्म भी जारी किए गए हैं। इसे उच्च शिक्षा विभाग की वेबसाइट से निकाला जा सकता है। इस फॉर्म में विभिन्न दस्तावेजों की छायाप्रति संलग्न करना जरूरी है, जैसे छत्तीसगढ़ का निवास प्रमाण पत्र । स्थायी जाति प्रमाण पत्र।अंकसूचियों की छायाप्रति ।

दिव्यांगता प्रमाण पत्र, व्यापमं में प्रयोगशाला तकनीशियन भर्ती परीक्षा के लिए भरे गए आवेदन की प्रति। पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि। दस्तावेज सत्यापन को लेकर विस्तृत जानकारी उच्च शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर जारी की गई है।

1 मई से FASTag की जगह “ANPR” नया बेस टोलिंग सिस्टम लॉन्च,अब देश में लागू होगा नया टोल सिस्टम

भारत में तकनीक के साथ-साथ सफर करने का तरीका भी तेजी से बदल रहा है। 1 मई 2025 के बाद टोल देने का यह नया तरीका एक बड़ा कदम है। हालांकि शुरू में कुछ दिक्कतें आ सकती हैं, लेकिन लंबे समय में यह हमारे समय, पैसे और ईंधन तीनों की बचत करेगा।

फास्टैग सिस्टम (FASTag System) : अब हाईवे पर नही होगा फास्ट टैग का झंझट इस पर भारत सरकार नया सिस्टम लॉन्च कर रही है जो 1 मई से पूरे देश में लागू हो जाएगा।अब टोल देने का तरीका बदल जाएगा,अमूमन आदमी आज चारपहिया वाहन से सफर करते हैं, तो ये खबर उनके लिए बहुत जरूरी और उपयोगी है। 1 मई 2025 से भारत सरकार टोल टैक्स सिस्टम को खत्म करके एक नया टोल कलेक्शन सिस्टम लागू करने जा रही है। इसका सीधा असर हर उस व्यक्ति पर पड़ेगा जो टोल सड़क का उपयोग करता है, चाहे ऑफिस जाने वाहन उपयोग हो या जब-कभी लॉन्ग ड्राइव पर निकलता हो।
फास्टैग सिस्टम में बदलाव : केंद्रीय यातायात परिवहन मंत्रालय सड़क सफर को सुविधा देने नित नए प्रयोगों को लेकर आ रही सरकार के इस कदम के पीछे की सोच है समय और ईंधन खपत को कम करना है।
वाहनों के लिए अब नया टोल सिस्टम क्या है?
भारत सरकार अब ‘ANPR आधारित टोलिंग सिस्टम’ (Automatic Number Plate Recognition) लागू करने की तैयारी में है। इसका मतलब है कि अब आपकी गाड़ी पर लगे नंबर प्लेट को कैमरे स्कैन करेंगे और उसी आधार पर टोल चार्ज कर लिया जाएगा।
इसमें गाड़ी रुकने की जरूरत नहीं होगी FASTag की तरह अलग से टोल बूथ से गुजरने की झंझट नहीं रहेगी
सीधे आपके बैंक अकाउंट या लिंक्ड पेमेंट वॉलेट से कट जाएगा पैसा
फास्टैग सिस्टम : सरकार के इस कदम के पीछे की सोच
इस बदलाव का मकसद है टोल वसूली को ज्यादा सरल, ट्रांसपेरेंट और फास्ट बनाना। अक्सर देखा गया है कि FASTag होने के बावजूद लोगों को टोल प्लाजा पर लंबी लाइन में लगना पड़ता है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती है।
कुछ अहम कारण भी है जिसमें सरकार ने ध्यान दिया है:व्यस्त मार्गों की टोल प्लाजा पर भीड़ कम करना फ्यूल की बचत टैक्स चोरी रोकना हर राज्य में एक समान व्यवस्था लागू करना।
यह नया सिस्टम कैसे काम करेगा?
यह सिस्टम हाईवे पर लगे खास कैमरों और सॉफ्टवेयर की मदद से काम करेगा।गाड़ी जब हाईवे पर प्रवेश करेगी, कैमरा नंबर प्लेट को स्कैन करेगा नंबर प्लेट का डेटा रजिस्टर्ड अकाउंट से लिंक होगा उस आधार पर टोल की रकम ऑटोमेटिकली कट जाएगी यह सब कुछ रीयल टाइम में होगा और आपको SMS या नोटिफिकेशन के जरिए जानकारी भी मिल जाएगी।
किन लोगों पर पड़ेगा सीधा असर?
यह सिस्टम हर किसी के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों को शुरुआत में परेशानी हो सकती है:
जिनकी गाड़ियों की नंबर प्लेट खराब या स्पष्ट नहीं है
जिनका डेटा परिवहन विभाग में सही तरीके से दर्ज नहीं है
बुजुर्ग या तकनीक से कम वाकिफ लोगों को शुरुआत में असुविधा हो सकती है
इसके लिये आपको कुछ करने की जरूरत है?
अगर आप चाहते हैं कि नया सिस्टम आपके लिए smoothly काम करे, तो आपको कुछ जरूरी चीजें अभी से कर लेनी चाहिए:
अपनी गाड़ी की नंबर प्लेट साफ और ISI मानक वाली लगवाएं
परिवहन विभाग की वेबसाइट पर जाकर अपना वाहन रजिस्ट्रेशन और पर्सनल डेटा चेक करें ,अपना बैंक अकाउंट या डिजिटल पेमेंट मोड अपडेट रखें।
SMS अलर्ट के लिए मोबाइल नंबर अपडेट करें।

अब FASTag का क्या होगा?
1 मई 2025 के बाद FASTag का उपयोग बंद हो जाएगा। हालांकि कुछ समय तक सरकार ट्रांजिशन पीरियड दे सकती है, लेकिन दीर्घकाल में यह सिस्टम पूरी तरह से रिप्लेस हो जाएगा।
एक्सपर्ट सुझाव: अगर आपके पास अभी भी बैलेंस बचा हुआ है, तो बैंक या FASTag पोर्टल से उसे रिफंड करवाएं।

नए सिस्टम से होने वाले फायदे
तेज़ और बिना रुकावट यात्रा: अब टोल पर रुकने की जरूरत नहीं
कैशलेस पेमेंट: सबकुछ डिजिटल, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी।
टाइम और फ्यूल की बचत: ट्रैफिक कम होगा, समय की बचत होगी।
अपराध पर रोकथाम: नंबर प्लेट से गाड़ी का पता लगाना आसान होगा।
कुछ चुनौतियाँ भी संभावित है,
खराब इंटरनेट या तकनीकी खराबी के कारण टोल वसूली में दिक्कत आ सकती है
प्राइवेसी को लेकर लोगों को चिंता हो सकती है
फर्जी नंबर प्लेट्स या अनरजिस्टर्ड वाहनों से धोखाधड़ी संभव है।
भारत को डिजिटल इंडिया की ओर एक कदम
अगर आप चाहते हैं कि यह बदलाव आपके लिए आसान सुविधाजनक है, तो अभी से अपनी गाड़ी और पर्सनल डिटेल्स अपडेट करना शुरू कर दें।
इस तरह का सिस्टम न केवल ट्रैफिक को कंट्रोल करेगा, बल्कि भारत को डिजिटल इंडिया की ओर एक कदम और आगे ले जाएगा।

छग सरकार ने पेट्रोलियम पर राज्य सरकार की लाइसेंस अनिवार्यता समाप्त कर पेट्रोल पंप खोलने को बनाया आसान

दोहरी प्रक्रिया से राहत पेट्रोल पंप खोलना हुआ आसान

छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए पेट्रोलियम रिटेल आउटलेट्स यानी पेट्रोल पंप के लिए राज्य स्तर पर लाइसेंस की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। यह बदलाव 14 नवंबर 2024 को खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर से जारी एक अधिसूचना के जरिए लागू किया गया है। अब पेट्रोल पंप खोलने के लिए व्यवसायियों को सिर्फ केंद्रीय पेट्रोलियम अधिनियम के नियमों का पालन करना होगा। पहले की दोहरी अनुमति की प्रक्रिया को हटाकर इसे आसान बना दिया गया है।

क्या बदला और क्यों है यह अहम क्रय विक्रय का लाइसेंस खाद्य विभाग देगा

पहले पेट्रोल पंप शुरू करने के लिए व्यवसायियों को कलेक्टर के माध्यम से खाद्य विभाग से क्रय विक्रय का लाइसेंस प्राप्त करना होता था। प्रत्येक वर्ष अथवा तीन वर्ष में एक बार लाइसेंस का रिन्यूवल कराना होता था। राज्य शासन और केंद्र, दोनों जगह से अनुमति लेने की दोहरी प्रक्रिया से समय और पैसा दोनों खर्च होते थे, साथ ही कागजी कार्रवाई भी बढ़ जाती थी। अब केवल केंद्र के नियमों का पालन करना काफी होगा। इससे व्यवसायियों को राहत मिलेगी और पेट्रोल पंप खोलने की प्रक्रिया तेज और सस्ती हो जाएगी। यह कदम छत्तीसगढ़ में व्यवसाय को बढ़ावा देने और नियमों को सरल बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव है।

व्यवसायियों को कैसे होगा फायदा

अब कम कागजी कार्रवाई और एक ही स्तर की अनुमति से पेट्रोल पंप जल्दी शुरू हो सकेंगे। नए व्यवसायी, खासकर छोटे उद्यमी और तेल कंपनियां, बिना ज्यादा परेशानी के अपना काम शुरू कर सकेंगे। यह सुधार ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में पेट्रोल पंप खोलने को बढ़ावा देगा, जहां अभी ईंधन की पहुंच कम है।

राज्य और जनता को क्या लाभ आय के स्त्रोत बढ़ेंगे

इस बदलाव से छत्तीसगढ़ में ईंधन की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे लोगों को पेट्रोल-डीजल आसानी से मिल सकेगा। खासकर उन इलाकों में, जहां अभी पेट्रोल पंप कम हैं, वहां सुविधा बेहतर होगी। साथ ही, नए पेट्रोल पंप खुलने से राज्य में निवेश बढ़ेगा और बुनियादी ढांचे का विकास होगा। यह सरकार के उस लक्ष्य को भी पूरा करता है, जिसमें व्यवसाय करने में आसानी और आर्थिक विकास पर जोर दिया गया है।

अनुकूल माहौल देकर छत्तीसगढ़ बन रहा व्यवसाय के लिए आकर्षक

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कहना है कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में व्यवसायों के लिए अनुकूल माहौल बनाने को लेकर गंभीर है। नियमों का सरलीकरण करके और अनावश्यक बाधाओं को हटाकर राज्य उद्योग, व्यवसाय को सहूलियत और निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम कर रही है। इससे न सिर्फ व्यवसायियों को फायदा होगा, बल्कि राज्य की जनता को भी बेहतर सेवाएं मिलेंगी। छत्तीसगढ़ सरकार के इस निर्णय से पेट्रोल पंप खोलना आसान हो गया है। यह कदम न केवल सभी क्षेत्रों में ईंधन की पहुंच बढ़ाएगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा।

राजस्थान की सबसे ऊंची झील नक्की झील अरावली पर्वत श्रृंखला में माउंट आबू नामक भारतीय पहाड़ी स्टेशन पर स्थित है झील

झील को देवताओं ने अपने नाखून से खोदा था
नक्की झील राजस्थान के सिरोही जिले के माउंट आबू में स्थित हैं, नक्की झील राजस्थान की सबसे ऊंची झील है।राजस्थान की सबसे ऊंची झील नक्की झील की ऊंचाई 1200 मीटर हैं, कहा जाता है कि इस झील को देवताओं ने अपने नाखून से खोदा था या रसिया बालम ने राजा की बेटी से शादी के लिए खोदा था।इसे पहले नख की झील के नाम से जाना जाता था।


इसलिए इसका नक्की झील पड़ा है।किंवदंती है ऋषि रक्षिया बलम की प्रेम कहानी पर आधारित। एक राजा था जिसने आदेश दिया था कि जो कोई भी रात भर अपने नाखूनों से झील खोदेगा, वह उसकी बेटी से शादी करेगा।

झील की लंबाई लगभग आधा मील और चौड़ाई लगभग एक चौथाई मील है और पश्चिम में बांध की ओर 2000 से 3000 मीटर गहरी है। यह माउंट आबू का एक महत्वपूर्ण पर्यटक आकर्षण है। झील के पास एक पहाड़ी पर टॉड रॉक है। टॉड रॉक इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह झील के सामने चट्टान की तरफ से झील में कूदने वाले टॉड की तरह दिखता है। चट्टान पर ऊपर और नीचे जाने के दो रास्ते हैं; चट्टानी पहाड़ी की तरफ चढ़ना या नक्की झील तक जाने वाली सीढ़ियों का उपयोग करना। झील के किनारे एक रास्ता है जो सनसेट पॉइंट की ओर जाता है।
सनसेट पॉइंट के रास्ते में जंगली जानवर जैसे भालू और तेंदुए घूमते हैं, इसलिए इस पर चढ़ना मना है। रघुनाथ मंदिर और महाराजा जयपुर पैलेस भी झील के पास पहाड़ियों पर 12 फरवरी 1948 को महात्मा गांधी की अस्थियां इस पवित्र सरोवर में विसर्जित की गईं और गांधी घाट का निर्माण किया गया।राजस्थान की सबसे ऊंची झील होने के साथ_साथ नक्की झील राजस्थान की सबसे गहरी झील हैं।
नक्की झील को गरासिया जनजाति अपनी सबसे पवित्र झील मानते हैं इस झील को नौकायन झील भी कहा जाता हैं।नक्की झील का आकार शिव के बैल नंदी के आकार की तरह है, इसे मेंढक के आकार का भी बताया जाता हैं।
नक्की झील के किनारे रघुनाथ मंदिर स्थित हैं, नक्की झील के किनारे राम झरोखा, हाथी गुफा, चंपा गुफा स्थित हैं।नक्की झील में प्रदूषण का सबसे मुख्य कारण कारा घास हैं।

यातायात जागरूकता से पुलिस द्वारा आम जनता को बताया जा रहा कार्रवाई से बचनें सड़क नियमों के तहत चलें

एसएसपी बेमेतरा रामकृष्ण साहू (IPS) के निर्देशन पर बेमेतरा पुलिस द्वारा सड़क दुर्घटना मे कमी लाने के उद्देश्य से आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति किया जा रहा जागरूक।

05 बिना हेलमेट वाहन और 02 बिना सीट बेल्ट के वाहन चलाने एवं 08 अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालको पर बेमेतरा पुलिस की सख्त कार्यवाही।

15 वाहन चालको पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालानी कार्यवाही कर 5,900/- रूपये लिया गया समन शुल्क।

आम जगह पर शराब सेवन करने एवं शराब पीने की सुविधा उपलब्ध कराने वाले 03 आरोपियों के विरूद्ध आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही।

अब नहीं बक्शे जायेंगे अवैध शराब बिक्री व आम जगह पर शराब सेवन एवं शराब पीने की सुविधा उपलब्ध कराने वाले।

बेमेतरा janchoupal 36 
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बेमेतरा श्री रामकृष्ण साहू (भा.पु.से.) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती ज्योति सिंह, एसडीओपी बेमेतरा मनोज तिर्की, एसडीओपी बेरला विनय कुमार, डीएसपी राजेश कुमार झा, डीएसपी कमल नारायण शर्मा, डीएसपी श्रीमती कौशिल्या साहू के मार्गदर्शन में बेमेतरा पुलिस द्वारा सड़क दुर्घटना मे कमी लाने के उद्देश्य से यातायात सड़क सुरक्षा व यातायात नियमों के प्रति आमजनों को जागरूक करने जागरूकता अभियान एवं यातायात नियमो का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर कार्यवाही लगातार की जा रही है जिसके तहत 13 अप्रैल 2025 को थाना नवागढ़ 03 चालान में 03 व्यक्ति, यातायात 12 चालान में 12 व्यक्ति, कुल 15 वाहन चालको के विरूद्ध चालानी कार्यवाही किया गया। जिसमें 05 बिना हेलमेट और 02 बिना सीट बेल्ट के वाहन चलाने एवं 08 अन्य यातायात के नियमो का उल्लघंन करने वाले वाहन चालक के विरूद्ध 15 प्रकरण में 5,900/- रूपये समन शुल्क लिया गया। 

 बेमेतरा पुलिस की अपील - यातायात नियमों का पालन करे, पीकअप, मालवाहक वाहन में सवारी न बैठाये, शराब सेवन कर वाहन न चलाये, तेज गति से वाहन न चलाये, मोटर सायकल में मोडिफाइड साइलेंसर न लगाये, अपने नाबालिक बच्चों को वाहन चलाने न देवे, बिना नंबर के वाहन न चलाएं। वाहन चलाते समय मोबाईल का उपयोंग न करें। संयमित गति से वाहन चलाये एवं वाहन चलाते समय सीट बेल्ट एवं हेलमेट अवश्य लगावें। बेमेतरा पुलिस आपकी सहायता के लिये है, वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस का सहयोग करें। नियमों का पालन नहीं करने वालों पर चालानी कार्यवाही की जा रही है।

     इसी क्रम में 13 अप्रैल 2025 को थाना नवागढ, चंदनू  एवं देवरबीजा में आम जगह पर शराब सेवन करने एवं शराब पीने की सुविधा उपलब्ध कराने का 03 प्रकरण में 03 आरोपी के विरूद्ध धारा 36(च) व 36(सी) आबकारी एक्ट के तहत कार्यावाही की गई हैं। अब नहीं बक्शे जायेंगे अवैध शराब बिक्री करने वाले व आम जगह पर शराब सेवन करने एवं शराब पीने की सुविधा उपलब्ध कराने वाले सभी के विरुद्ध अभियान चलाकर आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही लगातार जारी रहेगा।

छग सुशासन तिहार में शराब दुकान खोलने महिलाओं ने दिखाए दम,इलाके में शराब दुकान खोलने आए 100 से अधिक आवेदन,,

अजब गजब : सुशासन तिहार में इस इलाके में शराब दुकान खोलने आए 100 से अधिक आवेदन, महिलाओं ने भी किया आवेदन

1 अप्रैल से छत्तीसगढ़ में नई शराब नीति लागू कर दी गई है जिसमें प्रदेश में 67 नई दुकान खोले जा रहे हैं। उसके बाद शासन द्वारा सुशासन तिहार मनाया जा रहा है । सुशासन तिहार में ऐसे भी आवेदन देखने में आया है की शराब दुकान खोलने के लिए महिलाएं आवेदन दे रहीं है आगे आकर शराब दुकान खोलने की मांग कर रही हैं ।विचारणीय विषय यह है कि महिलाएं शराब दुकान के खिलाफत करती हैं दुकान हटाने के लिए आंदोलन करती हैं वहीं इस क्षेत्र में महिलाएं दुकान संचालित करने के लिए आवेदन दे रही हैं ।
अब देखने वाली बात यह है कि सरकार शराब और समाज इन तीनों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाएगा। क्या शराब समाज के लिए अति अनिवार्य की श्रेणी में है जिसको चलाने महिलाएं आगे आ रही हैं।संडी और आसपास के ग्रामीणों द्वारा क्षेत्र में देसी और विदेशी शराब दुकान खोलने के लिए 100 से ज्यादा आवेदन दिए गए हैं।
छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में सुशासन तिहार के माध्यम से शराब दुकान खोलने का मामला सामने आया है इसके तहत आबकारी विभाग को आवेदन प्रेषित किया गया है। गौरतलब यह है की सरकार की नई आबकारी नीतियां आने के बाद महिलाएं कई जगहों में विरोध कर रही हैं सामूहिक विरोध किया जा रहा है ,लेकिन बलौदा बाजार के संडी ग्राम में यह एक अलग तरह का मामला है कि महिलाएं शराब दुकान खोलने के लिए आवेदन दे रही हैं।
उल्लेखनीय है कि इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अलावा महिलाओं की भी भागीदारी शामिल होती दिख रही है क्योंकि एक दो आवेदन नहीं है 100 से अधिक आवेदन सुशासन तिहार में महिलाओं ने दिए हैं।
संडी के उप सरपंच के माध्यम से दिए गए आवेदन में उल्लेख किया गया है कि क्षेत्र में अवैध रूप से शराब की बिक्री लंबे समय से हो रही है। आबकारी विभाग और पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई न होने के चलते यह समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। पूर्व में गांव में एक देशी शराब दुकान संचालित थी, जो मानकों का पालन न करने के कारण बंद कर दी गई थी। अब पुनः क्षेत्र में वैध शराब दुकान की आवश्यकता महसूस की जा रही है।वहीं महिलाओं का कहना है कि गांव के विभिन्न स्थानों पर कोचियों के द्वारा अवैध शराब की बिक्री की जाती है, जिससे कि बस्ती एवं मोहल्ले का माहौल खराब होता है। आए दिन लड़ाई झगड़ा एवं विवाद की स्थिति निर्मित होती है।अवैध शराब बिक्री पर होगा नियंत्रण
ग्रामीणों ने अपने आवेदन में यह भी कहा कि ग्राम संडी एवं मुड़पार पंचायत की संयुक्त जनसंख्या 3000 से अधिक है। साथ ही संडी एक बड़ा व्यापारिक केंद्र है, जहां प्रतिदिन हजारों लोग आते-जाते हैं। वर्तमान में विदेशी शराब खरीदने के लिए लोगों को पलारी (15 किमी) या खरोरा (20 किमी) जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है।
इस वजह से ग्रामवासियों का मानना है कि यदि निर्धारित मानकों के अनुरूप एक वैध शराब दुकान स्थापित की जाती है, तो इससे अवैध बिक्री पर नियंत्रण लगाया जा सकेगा तथा गांव में शांति व्यवस्था बनी रहेगी।

तत्संबंध में जिला आबकारी विभाग निरीक्षक ने बताया की ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन शासन को नियमानुसार अग्रेषित किए जाएंगे। यदि शासन से स्वीकृति मिलती है, तो नियमानुसार शराब दुकान खोले जाने की अनुमति दी जा सकती है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा वर्तमान सरकार ने इमरजेंसी में संविधान की धज्जियां उड़ा दी थीं,सत्ता कब्जाने संविधान को बनाया हथियार,,

Janchoupal 36:_पीएम नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के यमुनानगर में एक रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। मोदी ने यहां कहा की कांग्रेस संविधान को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा सत्ता पर कब्जा जमाने के लिए संविधान को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया।पीएम मोदी ने कहा कि इसी कांग्रेस ने कट्टरपंथी मुस्लिमों के तुष्टिकरण के लिए वक्फ ऐक्ट में 2013 में संशोधन कर दिया था।

पीएम मोदी बोले- यमुनानगर सिर्फ एक शहर नहीं, भारत के औद्योगिक नक्शे का अहम हिस्सा

मीडिया रिपोटर्स की माने तो पीएम मोदी ने कहा कि यदि कांग्रेस को मुस्लिमों से इतना ही प्यार है तो किसी मुसलमान को पार्टी का अध्यक्ष क्यों नहीं बनाती। उन्होंने कहा कि चुनाव में कांग्रेस आधे टिकट मुसलमानों को ही क्यों नहीं देती। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने इमरजेंसी में संविधान की धज्जियां उड़ा दी थीं।

खबरों की माने तो मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने आपातकाल में संविधान की भावना को कुचला ताकि जैसे-तैसे सत्ता बनी रहे। उन्होंने कहा कि संविधान की भावना है कि सबके लिए न्याय हो और समानता की भावना से काम हो । संविधान की भावना है कि सबके लिए एक जैसी न्याय संहिता हो, जिसे मैं सेकुलर सिविल कोड कहता हूं। लेकिन कांग्रेस ने इसे कभी लागू नहीं किया।

रायपुर, 14 अप्रैल . भारत के संविधान निर्माता, समाज सुधारक और भारत रत्न से सम्मानित डॉ. भीमराव अंबेडकर की जंयती के अवसर पर सोमवार को छत्तीसगढ़ विधान सभा परिसर स्थित सेन्ट्रल हॉल में
प्रतिष्ठापित उनके तैल चित्र पर विधान सभा के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किये। इस मौके पर डॉ. अम्बेडकर के जीवनी पर प्रकाश डाला गया।

संविधान निर्माता अंबेडकर को श्रद्धांजलि,,15 से 30 अप्रैल तक सरकार चलाएगी कार्यक्रम

सोमवार को संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई जा रही है। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रामेन डेका ने राजभवन में और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सीएम हाउस में अंबेडकर की तस्वीर पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। बीजेपी आज से ही अपने विशेष अभियान की शुरुआत करने जा रही है।
इसके तहत नेता दलित बस्तियों में जाकर अंबेडकर का अपमान कांग्रेस ने किया यह बताएंगे। दूसरी तरफ कांग्रेस ने भाजपा के अभियान को राजनैतिक पाखंड बता रही है। सीएम साय ने कहा कि, बाबा साहेब का पूरा जीवन संघर्ष की अनुपम मिसाल है। डॉ. अम्बेडकर ने हमें एक ऐसा संविधान दिया जो भारत को लोकतंत्र, समानता और न्याय की मजबूत नींव प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री साय ने बाबा साहब के विचारों को युग प्रेरक बताते हुए कहा कि, आज का दिन हमें यह संकल्प लेने का अवसर देता है कि हम उनके आदर्शों पर चलें और एक समावेशी, समतामूलक और न्यायप्रिय समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
राज्यपाल डेका ने कहा कि, बाबा साहेब का जीवन संघर्षों से भरा हुआ था। उन्होंने सामाजिक भेदभाव, छूआछूत, असमानता के विरुद्ध आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम माना और खुद इसके उदाहरण बने। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अनेक उपाधियां प्राप्त की और देश के पहले विधि मंत्री के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन किया।
कांग्रेस ने किया कटाक्ष
रविवार को रायपुर में सरकार ने जय भीम पदयात्रा निकाली थी। इस यात्रा और भाजपा के “अंबेडकर जयंती अभियान” को राजनीतिक नौटंकी करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि, यह पूरा कार्यक्रम भाजपा का राजनैतिक पाखंड है।
असलियत यह है कि संघी भाजपाइयों के मन में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर, संविधान और दलितों के प्रति हिकारत है, नफ़रत है। इन्हीं के पूर्वज आरएसएस और महासभा ने बाबा साहब के पुतले जलाए। 12 दिसंबर 1949 को घटित संघीयों का कुकृत्य इतिहास के पन्नों में दर्ज है।विष्णुदेव साय सरकार जयंती अभियान और जय भीम पदयात्रा का पाखंड करने के बजाय अनुसूचित जाति वर्ग को उनके हक का आरक्षण, उनके अधिकार और उचित सम्मान दे।
सरकार सभी जिला जनपद पंचायत में करेगी कार्यक्रम
राज्य के सभी जिलों, जनपदों और ग्राम पंचायतों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सभी कलेक्टरों एवं जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को पत्र जारी कर 14 अप्रैल को कार्यक्रमों का आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मोर दुआर साय सरकार विशेष पखवाड़ा (15 से 30 अप्रैल) के अंतर्गत चल रहे सर्वेक्षण कार्य की जानकारी लाभार्थियों तक पहुंचाने और योजना की पात्रता संबंधी जानकारी देने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। भूजल संरक्षण के लिए जनजागरूकता बढ़ाने और जल संरक्षण का संकल्प भी दिलाया जाएगा।

महिलाओं का वॉर्डरोब यूनिक और सबसे अलग कलेक्शंस

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महिलाएं अपनी खूबसूरती के जलवे बिखेरने के लिए किसी भी सूरत में तैयार रहती हैं। फिर, चाहे उनके पास काम का कितना भी प्रेशर हो। पर, वो अपने फैशन के साथ किसी भी चीजों के लिए समझौता नहीं कर सकती हैं। वहीं, कुछ महिलाएं ऐसी भी हैं, जो फैशन तो करना चाहती हैं। लेकिन, थोड़ा किफायती में भी काम चला सकती हैं।

आज हम दरअसल, आज हम उन्हीं महिलाओं के लिए कुछ टिप्स लेकर आए हैं।अगर आप हर दिन अपने आप को यूनिक और सबसे अलग दिखना चाहती हैं और बहुत ज्यादा आपके पास कलेक्शन भी नहीं है, तो आप यहां बताए गए टिप्स को फॉलो कर सकती हैं। असल में, आज हम वर्किंग वुमन के वार्डरोब में किस तरह के कलेक्शन होने चाहिए, इसी बारे में बताने वाले हैं। तो चलिए विस्तार से जानते हैं…
वस्त्रों का चयन:_वस्त्रों का चयन इस प्रकार करें जिसे पहन कर आप
आत्मविश्वासी लगें।ऐसा न लगे कि आपका शरीर वस्त्रों में बस लिपटा हुआ है।जिस ड्रैस को पहनें, उसे पहनने का सलीका रखें। अवसरों के आधार पर वस्त्रों का चयन करें।
महिलाओं का वॉर्डरोब;_आधुनिक पढ़ी-लिखी स्त्री खाली घर बैठकर घर संभालना पसंद नहीं करती। घर से बाहर निकलने पर स्त्री आत्मविश्वासी समय की पाबंद और स्मार्ट होती है।बाहर निकलने पर भिन्न-भिन्न कपड़ों की भी आवश्यकता रहती है। प्रतिदिन वह अपने वार्डरोब को सही रूप नहीं दे सकती इसलिए उसे चाहिए कि वह अपना वार्डरोब अपनी आवश्यकतानुसार अपने कपड़ों से तैयार रखे जिससे सुबह समय नष्ट किए बिना अपनी जरूरत अनुसार कपड़े आसानी से प्राप्त सके।

ऑफिस वियर
ऑफिस की छोटी-मोटी पार्टी हो या फिर ऐसे ही कभी कुछ स्पेशल दिखने का मन करे, तो ब्लेजर काफी अच्छा ऑप्शन माना जाता है। इसमें आप एक-दो कलर की वैरायटी रख सकती हैं। आप चाहें तो डार्क और लाइट दोनों शेड के ब्लेजर का कलेक्शन रख सकती हैं।कामकाजी महिला को प्रतिदिन दफ्तर जाने के लिए जिन वस्त्रों की आवश्यकता हो, उन्हें एक शैल्फ में इस प्रकार लगा कर रखें कि सुबह बिना रुकावट के अपनी पसंद के कपड़े आसानी से प्राप्त हो सकें। ऑफिस हेतु आरामदेह वस्त्र ही पहनें,जो काम करते समय किसी प्रकार की रुकावट पैदा न करें। कपड़े ऐसे पहनें जो साथियों के बीच हंसी का पात्र न बन सकें। साड़ी पहनते समय पल्लू को ढंग से बांध कर रखें। ब्लाऊज और सूट के गले अधिक गहरे न रखें। सूट पहनते समय चुन्नी सही रूप से लें।
समारोहों पर पहनने वाले वस्त्रः
इन कपड़ों को प्रतिदिन प्रयोग में आने वाले वस्त्रों से अलग रखें। इन्हें हमेशा प्रेस करवा कर या कलफ चढ़वा कर हैंगर में लटकाएं और कवर से ढंक कर रखें।जब भी समारोह पर वस्त्र पहनेंगे, प्रफुलता का एहसास होगा।
रात्रि में पहनने वाले वस्त्रः
रात में ऐसे कपड़े पहनें जो नर्म और आकर्षक हों। नॉवलोन मिश्रित कपड़े त्वचा पर रैश पैदा कर सकते हैं। अधिक लेसदार नाइट वियर न पहनें कपड़े वही पहनें जो त्वचा के लिए आरामदायक हो।
रात को कभी सख्त और कसे हुए वस्त्र न पहनें। शरीर को रात्रि पूरा आराम मिलना आवश्यक है। रात्रि के वस्त्रों का शैल्फ अलग रखें जो अन्य कपड़ों में मिक्स न हों।कपड़े सलीके से ऐसे रखे जिससे सुबह उसे समय नष्ट किए बिना अपनी जरूरत अनुसार आसानी से प्राप्त हो सके।
मेल खाते आभूषणः
प्रतिदिन ऑफिस जाते समय ध्यान रखें कि आपकी साड़ी, सूट के साथ मेल खाते गहने भी पहनें जरूरी नहीं कि सोने के आभूषण बदल-बदल कर पहनें। आप मोतियों के,नगों के, नकली, चांदी के आभूषण ड्रेस के अनुसार पहनें। इन आभूषणों को भी अपने वार्डरोब में उचित स्थान दें जिससे सुबह आपको ढूंढने हेतु समय नष्ट न करना पड़े।