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Sunday, October 25, 2026
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छत्तीसगढ़ जिला कबीरधाम में जब्तशुदा और राजसात वाहनों की खुली नीलामी 22 अप्रैल पुलिस परेड ग्राउंड

कबीरधाम जिले में नशीले पदार्थों की रोकथाम के तहत एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में जप्त एवं न्यायालय द्वारा राजसात किए गए कुल 24 वाहनों की खुली नीलामी की जाएगी। इन वाहनों को जिला स्तरीय औषधि निपटान समिति द्वारा नीलामी योग्य पाया गया है। यह नीलामी आगामी 22 अप्रैल 2025, मंगलवार को प्रातः 11ः00 बजे से शाम 04ः00 बजे तक न्यू पुलिस लाइन कवर्धा के परेड ग्राउंड में आयोजित की जाएगी।

पुलिस अधीक्षक एवं जिला औषधि निपटान समिति के अध्यक्ष ने बताया कि नीलामी प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी एवं नियमों के तहत संचालित की जाएगी। नीलामी में कुल 24 वाहन शामिल किए गए हैं, जिनमें 08 दोपहिया, 12 चारपहिया, 01 ट्रैक्टर, 01 ट्रैक्टर ट्रॉली तथा 02 भारी वाहन शामिल हैं। नीलामी में भाग लेने के इच्छुक खरीदारों को निर्धारित राशि का बैंक ड्राफ्ट पुलिस अधीक्षक, जिला कबीरधाम के नाम पर प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यह राशि वाहन की श्रेणी के अनुसार इस प्रकार है। प्रत्येक दोपहिया वाहन के लिए 2000 रुपए, चारपहिया वाहन के लिए 5000 हजार रुपए, ट्रैक्टर ट्रॉली के लिए 5000 हजार रुपए, भारी वाहन के लिए 10,000 हजार रुपए है।
आवेदनकर्ता को बैंक ड्राफ्ट के साथ वाहन का क्रमांक/प्रकार, अपना नाम, पता एवं मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से अंकित कर आवेदन पत्र के साथ 1000 हजार रुपए मूल्य का आवेदन पत्र रक्षित निरीक्षक, न्यू पुलिस लाइन से प्राप्त कर, बंद लिफाफे में 21 अप्रैल 2025 को कार्यालयीन समय में जमा करना होगा।
नीलामी में शामिल होने की शर्तों के अनुसार, सभी वाहन इच्छुक खरीदार पूर्व में निरीक्षण कर सकते हैं। वाहन क्रमांक होंडा कार (श्रभ्-04क्-8284) एवं आईसर ट्रक (न्च्-86ज्-4176) थाना चिल्फी में देखे जा सकते हैं, जबकि शेष 22 वाहन न्यू पुलिस लाइन कवर्धा के परेड ग्राउंड में उपलब्ध रहेंगे।
नीलामी की विस्तृत शर्तें एवं अन्य जानकारी न्यू पुलिस लाइन कवर्धा के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की गई हैं, जहां से इच्छुक व्यक्ति इसे देख व प्राप्त कर सकते हैं।

खुबसूरती नृत्य और अभिनय का अद्भुत संगम, इस एक्ट्रेस का कायल पूरा बॉलीवुड, अमिताभ रहें इनके बड़े फैन, अपना आदर्श मानते थे

इस एक्ट्रेस ने हिन्दी फिल्मों के साथ ही तेलुगु, तमिल और बंगाली फिल्मों में काम किया. वह 1950, 1960 और 1970 के दशक की शुरुआत तक फिल्मों में खूब एक्टिव थीं।
चेन्नई में भरतनाट्यम सीखा।
नई दिल्ली:
इस एक्ट्रेस ने  हिन्दी फिल्मों के साथ ही तेलुगु, तमिल और बंगाली फिल्मों में काम किया. वह 1950, 1960 और 1970 के दशक की शुरुआत तक फिल्मों में खूब एक्टिव थीं. इस एक्ट्रेस को अपने पूरे करियर में फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए दो फिल्मफेयर पुरस्कार मिल चुके हैं।इनका जन्म भारत के तमिलनाडु के चेंगलपट्टू में मुस्लिम परिवार में हुआ था। इन्होंने अपनी बहन के साथ चेन्नई में भरतनाट्यम सीखा। जब वह किशोरावस्था में थी, उनके पिता जिला आयुक्त की मृत्यु हो गई थी। सबसे पहले उन्होंने 1955 में तेलुगू फिल्मों से शुरुआत की थी। फिर कुछ तमिल फिल्मों में भी उन्होंने काम किया। बाद में उन्होंने हिंदी फिल्मों में डेब्यू किया और स्टार बनी।
अमिताभ भी अपने समकालीन एक्ट्रेस के बहुत बड़े फैन
 बता दें कि इस एक्ट्रेस की भारी फैन फॉलोइंग थी।सुपरस्टार्स भी इनके दीवाने थे। उनमें से एक अमिताभ भी अपने समकालीन एक्ट्रेस के बहुत बड़े फैन हैं। हम बात कर रहे हैं वहीदा रहमान की। अमिताभ ने एक बार उनके जूते भी उठाए थे ताकि वह रेगिस्तान में नंगे पैर खड़ी न हों। बिग बी ने कहा,“पहली बार मुझे उनके साथ फिल्म ‘रेशमा और शेरा’ में काम करने का मौका मिला था तो शूटिंग के दौरान एक सीक्वेंस था जिसमें सुनील दत्त और वहीदा जी को रेगिस्तान में नंगे पैर बैठना था। जहां उच्च तापमान के कारण बिना जूते पहने रेत में खड़ा होना असंभव था, मैं बहुत चिंतित था कि वहीदा जी इतनी विषम परिस्थितियों में और वह भी बिना जूते के कैसे शूटिंग कर रही थीं। इसलिए जैसे ही निर्देशक ने ब्रेक की घोषणा की, मैंने बिना समय बर्बाद किए वहीदा जी की जूतियां लीं और उनकी ओर दौड़ पड़ा।
मैं यह भी नहीं बता सकता कि यह पल मेरे लिए कितना खास है.” बिग बी ने बाद में वहीदा रहमान के  साथ त्रिशूल, अदालत और नमक हलाल जैसी फिल्मों में काम किया।
बॉलीवुड में बहुत बड़ा और अविश्वसनीय योगदान
अमिताभ बच्चन ने एक बार शेयर किया था कि वह दिलीप कुमार और वहीदा रहमान को अपना आदर्श मानते हैं। सुपरस्टार सिंगर के सेट पर वहीदा रहमान और आशा पारेख के साथ दिखाई देने वाले एक्टर ने कहा,“वहीदा रहमान हमेशा से मेरे लिए सबसे खूबसूरत महिला रही हैं। वह न केवल एक बेहतरीन अभिनेत्री हैं, बल्कि अपने स्वभाव से एक बेहतरीन इंसान भी हैं। मेरे लिए वहीदा जी भारतीय महिला का एक आदर्श उदाहरण हैं। वहीदा जी ने हमारे बॉलीवुड में बहुत बड़ा और अविश्वसनीय योगदान दिया है जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता.”

“मोर दुआर साय सरकार” सांसद विजय बघेल ने अभियान के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों का सर्वे कर उनसे सीधी बातचीत की

बेमेतरा, 17 अप्रैल 2025:-

     राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “मोर दुआर साय सरकार” के अंतर्गत आवास प्लस सर्वे 2.0 ऐप के माध्यम से पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें आवास योजनाओं से लाभान्वित किए जाने की प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है। इसी श्रृंखला में आज जनपद पंचायत बेरला के ग्राम आनंदगांव और ग्राम पंचायत देवरबीजा में विशेष शिविर आयोजित किया गया।इस अवसर पर सांसद विजय बघेल ने आनंदगांव पहुंचकर हितग्राहियों से सीधा संवाद किया तथा विधायक दीपेश साहू ने ग्राम देवरबीजा में लोगों से मुलाकात की। 

      दोनों जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को आवास स्वीकृति से संबंधित जानकारी दी और उन्हें जल्द से जल्द आवास निर्माण पूर्ण कर उसमें निवास आरंभ करने के लिए प्रेरित किया। विशेष रूप से, सावित्री ध्रुव/मेहतर तथा अंजनी / धरम दास नामक हितग्राहियों से की गई बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी सामाजिक-आर्थिक स्थिति साझा करते हुए सरकार के इस प्रयास की सराहना की। दोनों हितग्राहियों ने बताया कि अब तक वे कच्चे और असुरक्षित मकान में रह रहे थे, लेकिन आवास स्वीकृति की जानकारी मिलने पर उन्हें और उनके परिवार को एक सुरक्षित छत की उम्मीद मिली है। उन्होंने इसके लिए शासन और प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

      ग्रामीणों और लाभार्थियों में जब यह जानकारी पहुँची कि उन्हें सरकारी योजना के अंतर्गत पक्के आवास की सुविधा मिल रही है, तो पूरे गांव में उत्साह और खुशी का वातावरण देखने को मिला। इस कार्यक्रम ने “मोर दुआर साय सरकार” की भावना को वास्तविक रूप में चरितार्थ किया है, जिसमें शासन स्वयं आमजन के द्वार तक पहुँचकर सेवा कर रहा है।

कार्यक्रम में अनुविभागीय अधिकारी (रा.), मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बेरला, तहसीलदार, अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी, ग्राम पंचायत आनन्दगांव एवं देवरबीजा के सरपंच, और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

“मोर दुआर-साय सरकार” महाभियान” 30 अप्रैल तक,, साजा विधायक ईश्वर साहू ने किया पात्र हितग्राहियों का सर्वे

पक्के मकान का सपना होगा साकार” मोर दुआर-साय सरकार” ‘महाभियान”

बेमेतरा 17 अप्रेल 2025:-

साजा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बोरतरा में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण प्लस 2.0 के अंतर्गत चल रहे “मोर दुआर-साय सरकार महाभियान” के तहत विधायक ईश्वर साहू ने पात्र परिवारों का सर्वेक्षण कर उनकी समस्याओं को जाना। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर शुरू हुआ यह 15 दिवसीय अभियान 30 अप्रैल तक चलेगा, जिसका उद्देश्य ऐसे ग्रामीण परिवारों की पहचान करना है जिन्हें अब तक किसी भी योजना के तहत पक्का मकान नहीं मिल पाया है।

महा अभियान तीन चरणों में चलेगा

पहले चरण में जिला और ब्लॉक स्तरीय गतिविधियाँ 15 से 19 अप्रैल तक आयोजित की जा रही हैं। दूसरे चरण में 20 से 28 अप्रैल तक ग्राम सभाएं आयोजित कर घर-घर सर्वे किया जाएगा। तीसरे और अंतिम चरण में 29 और 30 अप्रैल को सर्वेक्षण की पुष्टि और ग्राम सभा की स्वीकृति के साथ अंतिम रिपोर्ट तैयार कर राज्य कार्यालय को भेजी जाएगी।

विधायक श्री साहू ने हितग्राहियों से सीधे संवाद किया
इसी क्रम मे ग्राम बोरतरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विधायक श्री साहू ने हितग्राहियों से सीधे संवाद कर उनके मकानों की स्थिति का अवलोकन किया और नवनिर्मित मकानों को देखकर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि सरकार की यह प्राथमिकता है कि कोई भी परिवार पक्के मकान से वंचित न रहे। सर्वेक्षण के माध्यम से चिन्हित सभी पात्र परिवारों को योजना में शामिल किया जाएगा। विधायक जब हितग्राही कमला बाई जंघेल के घर पहुंचे, तो उनका परंपरागत रूप से स्वागत किया गया।

उन्होंने ‘आवास प्लस 2024 (2.0)’ मोबाइल एप के माध्यम से खुद सर्वेक्षण किया। कमला बाई ने भावुक होते हुए कहा कि बरसों से पक्के मकान का सपना अब साकार होता नजर आ रहा है। अन्य हितग्राही जन्त्रीन बाई यादव ने बताया कि बरसात के मौसम में कच्चे मकान में सांप के डर और मरम्मत के खर्च से वे परेशान रहती थीं। अब इस योजना से उन्हें राहत मिलने की उम्मीद है।
विधायक श्री साहू ने ग्राम के अन्य हितग्राहियों—शीला यादव, जन्त्रीन बाई यादव, टिकेश्वरी निषाद, दुरपती बाई निषाद, रेवती बाई निषाद एवं अमरिका बाई यादव—के घरों का भी सर्वेक्षण किया।टिकेश्वरी निषाद ने बताया कि उनका परिवार मजदूरी पर निर्भर है, जिससे पक्का मकान बनाना संभव नहीं हो पा रहा था। उन्होंने सरकार और विधायक का आभार व्यक्त किया। बोरतरा पंचायत में पूर्व में आवास योजना के तहत 47 परिवारों को स्वीकृति दी गई थी, जिनमें से 32 मकानों का निर्माण पूर्ण हो चुका है।
इस अवसर पर जनपद पंचायत साजा उपाध्यक्ष नारद वर्मा, सरपंच सुखदेव साहू, जनपद सीईओ, तहसीलदार, तकनीकी सहायक, रोजगार सहायक, आवास मित्र सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण जन व जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

घर बैठे ही अस्थाई बिजली कनेक्शन,डिजिटल सेवा प्रणाली स्टेट सिंगल विंडो पोर्टल द्वारा होगा आवेदन

छत्तीसगढ़ में अस्थायी बिजली कनेक्शन के लिए ऑनलाइन सिस्टम लागू स्टेट सिंगल विंडो पोर्टल द्वारा किया जा सकता है आवेदन

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ में व्यवसाय करना आसान और सुगम हो। इस ऑनलाइन सिस्टम के जरिए हमने अस्थायी बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया को न केवल तेज किया है, बल्कि इसे पारदर्शी और व्यवसायी-अनुकूल भी बनाया है। यह ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो हमारे राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।

इस डिजिटल प्रणाली ने कागजी कार्रवाई और बार-बार सरकारी दफ्तरों के दौरे की जरूरत को खत्म कर दिया है, जिससे प्रशासनिक खर्चों में भारी कमी आई है। छोटे और मझोले उद्यमी, जो पहले जटिल प्रक्रियाओं से जूझते थे, अब इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। रायपुर के एक युवा व्यवसायी हरीश पटेल ने बताया, पहले कनेक्शन लेने में कई हफ्ते लग जाते थे, लेकिन अब यह काम कुछ ही दिनों में हो जाता है। सरकार का यह कदम वाकई सराहनीय है।

यह सिस्टम न केवल तेज और सुगम है, बल्कि पूरी तरह नियमों के अनुरूप भी है। डिजिटल रिकॉर्ड-कीपिंग से ऑडिट प्रक्रिया आसान हो गई है, जिससे सरकारी विभागों और व्यवसायियों दोनों को फायदा होगा। सरकार का कहना है कि यह डिजिटलीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। भविष्य में अन्य सरकारी सेवाओं को भी इसी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने की योजना है। छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल से न केवल व्यवसायियों को   राहत मिली है, बल्कि यह राज्य को निवेश के लिए और आकर्षक बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। यह प्रणाली निश्चित रूप से नए छत्तीसगढ़ के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी।

नई प्रणाली के तहत, व्यवसायी अब घर बैठे ही स्टेट सिंगल विंडो पोर्टल पर अस्थायी बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की स्थिति को रीयल-टाइम में ट्रैक करने की सुविधा ने प्रक्रिया को और भी पारदर्शी बना दिया है। पहले जहां कागजी कार्रवाई और कई दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब यह काम कुछ ही क्लिक में पूरा हो जाएगा। स्वचालित सिस्टम यह सुनिश्चित करता है कि सभी नियामक आवश्यकताएं पूरी हों, जिससे त्रुटियों की संभावना कम हो और ऑडिट प्रक्रिया भी सरल हो।

व्यवसायियों को मिली राहत होगी सरल प्रक्रिया

छत्तीसगढ़ सरकार ने एक अभिनव कदम उठाते हुए व्यवसायों के लिए अस्थायी बिजली कनेक्शन प्राप्त करने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सरल बना दिया है। स्टेट सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से शुरू की गई इस ऑनलाइन प्रणाली का उद्देश्य नियमों में सुधार करना और कठिन प्रक्रियाओं को सरल बनाना है। इस पहल से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि व्यवसायियों को समय और लागत की बचत भी होगी। छत्तीसगढ़ सरकार की इस पहल को उद्यमियों और व्यापारियों ने खूब सराहा है।

प्रधानमंत्री बीमा योजनाओं के तहत नवागढ़ जिला बेमेतरा में 6 लाख रुपए के चेक वितरित

बेमेतरा, 17 अप्रैल 2025 – janchoupal36

बेमेतरा जिले के नवागढ़ विकासखंड में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत कुल 6 लाख रुपए की बीमा राशि के चेक पात्र नामांकित सदस्यों को वितरित किए गए।
बैंक मैनेजर गिरिजा शंकर बघेल एवं जनपद पंचायत नवागढ़ के बीपीएम द्वारा तीन लाभार्थियों को यह राशि सौंपी गई। ग्राम अंधियारखोर की मृतका भुनेश्वरी वैष्णव के नाम से प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत 2 लाख रुपए उनके पति रघुनंदन वैष्णव को प्रदान किए गए।
इसी प्रकार ग्राम धोबघट्टी की मृतका रामकुमारी यादव के प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 2 लाख रुपए उनके पुत्र संदीप यादव को प्रदान किए गए। वहीं अंधियारखोर ग्राम की ही विमला लहरी की मृत्यु पर प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना की राशि 2 लाख रुपए उनके पति मोहन लहरी को प्रदान की गई।
यह चेक वितरण जनपद पंचायत के सहयोग से आयोजित किया गया, जिससे ग्रामीणों में बीमा योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ी है।

औद्योगिक विकास की ओर कदम बढ़ाता छत्तीसगढ़, 4 स्मार्ट औद्योगिक पार्क की स्थापना:_सीएम विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष राजीव अग्रवाल के कार्यभार अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घोषणा की।

सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने किया कार्यभार ग्रहण
मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं

रायपुर:_ छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने तेलीबांधा स्थित उद्योग भवन में अपना कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में सीएसआईडीसी प्रदेश में औद्योगिक वातावरण के निर्माण में बेहतर कार्य करेगा। राजीव अग्रवाल अनेक पदों पर कार्य किए हैं। उनके अनुभवों से उद्योग जगत को एक नई ऊंचाई मिलेगी। राज्य में नई औद्योगिक नीति से प्रदेश का विकास होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्तमान में 4.50 लाख करोड़ रूपए का निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। राज्य में खनिज, बिजली और पानी की पर्याप्त उपलब्धता से उद्योगों को फलने-फूलने का अवसर मिलेगा।
वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के अंतर्गत राज्य में सेक्टर आधारित उद्योगों को एक ही परिसर में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने के दृष्टिकोण से सीएम साय ने राजनांदगांव जिला के ग्राम पटेवा में 322 एकड़ में इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर की स्थापना के लिए 350 करोड़ रूपए, राजनांदगांव जिला के ग्राम बिजेतला में 50 एकड़ में स्पेस मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर की स्थापना के लिए 25 करोड़, नवा रायपुर के 20 एकड़ में रेडिमेट गारमेंट पार्क के लिए 30 करोड़ तथा नवा रायपुर में ही 30 एकड़ में फर्नीचर क्लस्टर की स्थापना के लिए 40 करोड़ रुपये की घोषणा की। इस तरह कुल 445 करोड़ रूपए की लागत से 4 स्मार्ट औद्योगिक पार्क की स्थापना की जा रही है जिससे छग राज्य में उद्योग विकास के लिए एक अनुकुल एवं सकारात्मक वातावरण बनेगा।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने नवनियुक्त अध्यक्ष को बधाई देते हुए कहा कि छग राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती वर्ष मनाया जा रहा है। राज्य के नई औद्योगिक नीति से उद्योग बेहतर तरीके से विकसित होंगे और राज्य तेजी से विकास करेगा।
सीएसआईडीसी के नवनियुक्त अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने कहा कि राज्य के औद्योगिक नीति विकसित राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पिछले दिनों सीएम विष्णु देव साय द्वारा नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर उत्पादों के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया है। अध्यक्ष के रूप में राजीव अग्रवाल ने अपने कर्तव्यों को निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की बात कही।
इस मौके पर उप मुख्य मंत्री अरुण साव, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, केबिनेट मंत्री केदार कश्यप, राम विचार नेताम, सांसद बृजमोहन अग्रवाल एवं विजय बघेल, विधायक धरम लाल कौशिक, किरण सिंह देव, मोतीलाल साहू, राजेश मूणत, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, डोमन लाल कोर्सेवाडा, महापौर रायपुर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक विश्वेष कुमार,छग स्टील रि-रोलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय त्रिपाठी सचिव बांके बिहारी अग्रवाल,छग मिनी स्टील प्लांट एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार अग्रवाल,छग स्पंज आयरन मेन्युफेक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मनीष कुमार मंडल सहित निगम, मंडल बोर्ड के अध्यक्ष सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

राजस्थान में मिला दुर्लभ खनिजों का खजाना,भारत को आत्मनिर्भरता के साथ परमाणु ऊर्जा में दे सकता है नई ऊंचाई”

राजस्थान /बाड़मेर:_इससे भारत अब चीन के एकाधिकार को दे सकता है मात और अपना सामरिक और तकनीकी भविष्य में भी बदलाव ला सकता है।
भारत का दुर्लभ खनिजों का वार्षिक आयात बहुत ज्यादा है
चीन दुनिया में दुर्लभ खनिजों के निर्यात पर एकाधिकार रखता है। भारत हर साल करीब 700 टन दुर्लभ धातुएं चीन से आयात करता है। इसके अलावा, भारत हांगकांग, जापान, अमेरिका, इंग्लैंड, स्वीडन, सिंगापुर और मंगोलिया से भी इनकी सीमित मात्रा में खरीद करता है। कुल मिलाकर भारत का दुर्लभ खनिजों का वार्षिक आयात 1185 टन तक पहुंच चुका है।
रेअर अर्थ खनिज भारत को आत्मनिर्भर बना सकता है
सिवाना की पहाड़ियों में मिला 1 लाख 11 हजार 745 टन रेअर अर्थ(दुर्लभ पृथ्वी खनिज)खनिज देश को आत्मनिर्भर बनाने की ताकत रखता है। यह खजाना भारत को रेअर अर्थ और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में नई ऊंचाई दे सकता है। लेकिन इसी इलाके में ग्रेनाइट के नाम पर अवैध खनन इस बहुमूल्य खजाने को नुकसान पहुंचा रहा है।
अरावली श्रृंखला की पहाड़ियां
समदड़ी, सिवाना, मोकलसर से लेकर जालोर तक फैली अरावली श्रृंखला की इन पहाड़ियों में ग्रेनाइट की वैध लीज जारी की गई हैं। पर असली खतरा इन लीज की आड़ में हो रहे अनियंत्रित खनन से है। बेशकीमती माइक्रो ग्रेनाइट में छिपे रेअर अर्थ खनिज को ऐसे में भारी नुकसान पहुंच रहा है।
ग्रेनाइट के लिए दी गई लीजों के आसपास भी बेहिसाब खुदाई हो रही है। सिवाना, फूलन, मोकलसर और कालूड़ी जैसे इलाकों में अवैध खनन बड़े पैमाने पर जारी है। जालोर तक रोजाना ट्रकों में पत्थर भरा जा रहा है, जिसकी निगरानी नहीं हो रही।
पहाड़ियों में 17 दुर्लभ जड़ी बूटियां है
शुरुआती सर्वे में पाया गया है कि इन पहाड़ियों में करीब 17 दुर्लभ खनिज मौजूद हैं. इनमें थोरियम, यूरेनियम, रूबीडियम, सीरियम और टिलूरियम जैसे खनिज शामिल हैं। इनका बाजार मूल्य करीब 1000 खरब रुपए आंका गया है।
विदेशों पर निर्भरता घटेगी
जी4 और जी3 स्तर की खोज में मिले संकेतों से पता चलता है कि यह इलाका देश के लिए खनिजों का खजाना साबित हो सकता है। यदि यह भंडार पूरे क्षेत्र में फैला पाया गया, तो भारत को रेअर अर्थ में आत्मनिर्भरता मिलेगी।इससे देश की विदेशों पर निर्भरता कम होगी।
हाई टेक्नोलॉजी में उपयोग
रेअर अर्थ खनिजों का उपयोग अत्याधुनिक तकनीकों में होता है. जैसे सुपरकंडक्टर, हाईब्रिड व्हीकल्स, बैटरियों, लेजर उपकरणों, और एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी में इनकी अहम भूमिका होती है। यह खनिज रक्षा और डिजिटल सेक्टर के लिए भी जरूरी हैं। इससे हम चीन को कड़ी टक्कर दे पाएंगे।
दुनिया में रेअर अर्थ खनिजों का सबसे बड़ा निर्यातक चीन है। अगर भारत इन संसाधनों का सही दोहन करे, तो चीन पर निर्भरता घटाई जा सकती है। साथ ही भारत वैश्विक रेअर अर्थ बाजार में एक अहम खिलाड़ी बन सकता है।
शासन प्रशासन अहमियत को लेकर गंभीर नहीं
लेकिन चिंता की बात यह है कि सरकार और प्रशासन इस खजाने की अहमियत को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। रेअर अर्थ को नजरअंदाज कर ग्रेनाइट की खुदाई को प्राथमिकता दी जा रही है. जिससे यह दुर्लभ खजाना खत्म हो सकता है।
खामियाजा उठाना पड़ सकता है
विशेषज्ञों का मानना है कि इस इलाके की वैज्ञानिक तरीके से खनिज जांच और संरक्षण बेहद जरूरी है. यदि समय रहते रेअर अर्थ की रक्षा नहीं की गई, तो आने वाली पीढ़ियों को इसका बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई करें
अब वक्त है कि केंद्र और राज्य सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करें और अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई करें. सिवाना की पहाड़ियों को रेअर अर्थ का नेशनल ज़ोन घोषित कर संरक्षित किया जाना चाहिए, ताकि यह देश का सामरिक और तकनीकी भविष्य बना सके।

सुशासन तिहार में आए आवेदन पर सरकार और प्रशासन गंभीर, लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, कलेक्टर ने CMO को किया सस्पेंड व 15 अफसरों को भेजा नोटिस,,

छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन तिहार में मिली 1.45 लाख शिकायतों पर कलेक्टर दीपक अग्रवाल (Deepak Agrwal) ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। इसी सिलसिले में कलेक्टर ने फिंगेश्वर सीएमओ को सस्पेंड कर दिया है. वहीं, दर्जनों अधिकारियों को नोटिस भेजा गया है।
छग न्यूज :_गरियाबंद जिले में चल रहे सुशासन तिहार के बीच कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने बड़ा प्रशासनिक एक्शन लेते हुए लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सीधी कार्रवाई की है। इसी सिलसिले में फिंगेश्वर नगर पंचायत के सीएमओ चंदन मानकर को सस्पेंड करने का निर्देश जारी हुआ है, जबकि 15 से अधिक अफसरों को कारण बताओ नोटिस थमा दिया गया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में छग शासन प्रशासन द्वारा 8 अप्रैल से 11 अप्रैल तक चलाए गए सुशासन तिहार में छत्तीसगढ़ की जनता ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया 33 जिले में जनता ने अपनी शिकायतें और मांग रखी। अब सरकार को महीने भर के अंदर उसमें समाधान देना है,उसी के मद्देनजर अब प्रशासन अपना सख्ती दिखाना शुरू कर दिया है।
गरियाबंद जिले के कलेक्टर ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान 1 लाख 45 हजार 984 आवेदन प्राप्त हुए हैं और इनका समाधान 20 दिनों के भीतर अनिवार्य है।उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारी पर कठोर कार्रवाई होगी।

सुशासन तिहार की शिकायतों पर 20 दिनों में करनी होगी कार्रवाई
कलेक्टर ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान 1 लाख 45 हजार 984 आवेदन प्राप्त हुए हैं और इनका समाधान 20 दिनों के भीतर अनिवार्य है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारी पर कठोर कार्रवाई होगी।
बैठक में अनुपस्थित मिले अधिकारियों पर भी कार्रवाई
बैठक में तीन एसडीएम, दो जनपद सीईओ और पांच सीएमओ अनुपस्थित थे। कलेक्टर ने इन सभी को नोटिस जारी किया है। साथ ही, कई विभागों के जिला अधिकारियों के गैरहाजिर रहने पर भी नाराजगी जताई गई है। बैठक में जिला पंचायत सीईओ जीआर मरकाम और अपर कलेक्टर नवीन भगत भी मौजूद थे।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आवेदनों की डिजिटल एंट्री, मॉनिटरिंग और समाधान पर हर दिन रिपोर्ट दें।
‘जनता की शिकायतें हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता’
समीक्षा बैठक के दौरान तीन एसडीएम, दो जनपद सीईओ और पांच सीएमओ के अनुपस्थित पाए जाने पर उन्हें नोटिस जारी किया गया है. साथ ही, कई विभागों के जिला अधिकारियों की गैरहाजिरी पर भी सख्त रवैया अपनाया गया। कलेक्टर अग्रवाल ने कहा कि जनता की शिकायतें हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। ये सिर्फ कागज़ नहीं, भरोसे का दस्तावेज़ हैं।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ जीआर मरकाम, अपर कलेक्टर नवीन भगत सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवेदन की डिजिटल एंट्री, मॉनिटरिंग और समाधान पर प्रतिदिन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।


छत्तीसगढ़ के जिला कबीरधाम में कवर्धा कलेक्टोरेट को 2.5 बजे (RDX से) उड़ाने की मेल से धमकी जांच एजेंसियां पूरे हरकत में

छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से एक बड़ी और सनसनीखेज़ खबर सामने आई है। जिले के कलेक्टर कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इस धमकी के बाद जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।

कवर्धा कलेक्टर कार्यालय को RDX से उड़ाने की धमकी मिली है. कलेक्टर कवर्धा के ऑफिशियल मेल आईडी पर कश्मीर से मेल आया है, जिसमें दोपहर ढाई बजे तक समय दिया गया है।
छत्तीसगढ़ के कवर्धा स्थित कलेक्टर कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। कलेक्टर कार्यालय कबीरधाम के ऑफिसियल वेबसाइट पर ईमेल आया है, जिसके बाद बम निरोधक दस्ते के साथ पुलिस मौके पर पहुंची है। पुलिस ने कलेक्टर कार्यालय के मुख्य द्वार को बंद कर दिया है, साथ  ही कर्मचारियों को अंदर जाने से रोका गया है।
मेल पर कलेक्ट्रेट परिसर में IED लगी होने का जिक्र भी है। जिसके बाद कलेक्ट्रेट की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस की BDS (Bomb Disposal Squad) टीम पूरे कलेक्ट्रेट परिसर की छानबीन में जुटी है।
परिसर के चप्पे-चप्पे पर डॉग स्क्वायड द्वारा जांच जारी
सूचना मिलने के बाद डॉग स्क्वायड और बीडीएस की टीम परिसर के चप्पे-चप्पे पर जांच कर रही है।
इस मामले में कबीरधाम कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कहा कि, सूचना पुलिस को दी गई है। जिसकी जांच की जा रही है। वहीं, एसपी धर्मेंद्र छवाई ने बताया कि मेल के माध्यम से धमकी मिलने की सूचना मिली है। मौके पर डॉग स्क्वायड की टीम के साथ पुलिस अधिकारियों को जांच के लिए भेजा गया है।
अब पूरा कलेक्ट्रेट परिसर सील कर दिया गया है और आम नागरिकों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी गई है। अफसरों का कहना है कि किसी भी तरह की अफवाह से बचने की अपील की जा रही है और सभी पहलुओं को गंभीरता से लेकर जांच की जा रही है। फिलहाल ये धमकी वास्तविक है या किसी शरारती तत्व की साजिश, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।