18 C
Raipur
Sunday, October 25, 2026
Home Blog Page 286

छत्तीसगढ़ अक्ती तिहार अवसर पर सामूहिक विवाह में शामिल हुए ,डिप्टी सीएम विजय शर्मा

(चर्चा जनचौपाल36)कबीरधाम के गांधी मैदान में डिप्टी सीएम विजय शर्मा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत आयोजित 101 जोड़ो के सामूहिक विवाह सम्मेलन में सम्मिलित होकर वर-वधु को नव-दांपत्य जीवन में बंधने पर बधाई दी। अक्ती के अवसर विशेष पर शासन के कैबिनेट मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सभी नवविवाहित जोड़ों को सुखद एवं मंगलमय दाम्पत्य जीवन की स्नेहिल शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद प्रदान किया।

बुधवार शाम को कवर्धा विधायक व डिप्टी सीएम विजय शर्मा, महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद संतोष पांडेय और पंडरिया विधायक भावना बोहरा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। 

डिप्टी सीएम विजय शर्मा के आह्वान पर मुख्यमंत्री कन्या विवाह को भव्य और आर्दश विवाह बनाने के लिए कवर्धा जनप्रतिनिधियों सहित गणमान्य नागरिक और प्रबुद्धजनों ने हिस्सा लेकर शादी को यादगार बनाया। मीडिया द्वारा नक्सली मुद्दे पर चर्चा करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि, जब छत्तीसगढ़ के आदिवासी मुठभेड़ों में मारे जा रहे थे, तब किसी संगठन ने दर्द नहीं जताया, लेकिन अब जब तेलंगाना के नक्सली घेरे में हैं, तो वार्ता की बातें शुरू हो गई हैं।

महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने नव विवाहित जोड़ों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सभी वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। वर्ष 2005 में हमारी तात्कालीन सरकार पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना शुरू किया गया।

छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 30 अप्रैल बुधवार को कबीरधाम जिले के 85 जोड़े एक साथ फेरे लेकर अटूट बंधन में बंध गए।पूरे रस्मों रिवाज से हिंदू धर्म अनुसार वर और वधु को पंडित ने सात वचनों का संकल्प भी दिलाया। नव दांपत्य जोड़ों को उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने मंच पर आशीर्वाद प्रदान कर 35-35 हजार रूपए का चेकर प्रदान किया। 

ऐसे आयोजनों से न केवल सामाजिक समानता को बढ़ावा मिलता है, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को खर्च की दिशा से बचाने एक मजबूत संबल प्रदान करता है।महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी आनंद तिवारी के अनुसार कार्यक्रम सुबह 10 बजे शुरू हुआ। वीर सावरकर भवन से सुबह 11 बजे दूल्हों की बरात निकली, जिसका पुरानी मंडी के पास स्वागत (परघौनी) के बाद बारात गांधी मैदान पहुंची। विवाह समारोह में सभी रस्में पारंपरिक तरीके से संपन्न की गईं। वर-वधू और उनके परिजनों के लिए अलग-अलग आवास, भोजन और परिवहन की व्यवस्था की गई थी। 

“कांग्रेस एक फ्यूज बल्ब है” सीएम विष्णु देव साय ने,, कांग्रेस के गायब पोस्ट पर किया पलटवार

(चर्चा जनचौपाल36) :_ जयपुर, राजस्थान: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस के ‘गायब’ पोस्ट पर कहा, “कांग्रेस फ्यूज बल्ब है। कांग्रेस अब देश की जनता का विश्वास खो चुकी है और इसीलिए यह लोग कुछ भी बोलते है।


छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, विष्णुदेव साय ने मंगलवार को कांग्रेस की संविधान बचाओ रैली को लेकर जमकर निशाना साधा। उन्होंने जयपुर एयरपोर्ट पर कांग्रेस पर पलटवार करते हुए मीडिया से बातचीत में कहा कि ‘कांग्रेस एक फ्यूज बल्ब है, तो उसको अब दिखेगा कहां” और उसने पूरे देश में जनता का विश्वास खोे दिया है। इसलिए वह ऐसी बातें करते हैं, जिनका कोई मतलब नहीं है।
छत्तीसगढ़ सीएम ने यह सियासी हमला पीएम मोदी को लेकर की कांग्रेस की ‘गायब पोस्ट‘ का जवाब दिया।

उन्होंने कांग्रेस की राजनीतिक सच्चाई और छत्तीसगढ़ की जनता द्वारा अस्वीकार कर दिए जाने पर बोलते हुए कहा आज कांग्रेस अपना राजनीतिक अस्तित्व खो चुकी है।सीएम ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी ने जनता का विश्वास और यहां तक कि अपने नेताओं का विश्वास भी खो दिया है।
सीएम ने कहा कि कांग्रेस अब “फ्यूज बल्ब” जैसी हो गई है,जो अब अपने उद्देश्यों को पूर्ति नहीं कर सकती।देश की जनता और विपक्ष आपातकाल में कांग्रेस की अंधेरगर्दी देख चुकी है और समझ चुकी है, अब अंधेरे में कांग्रेस उजाला नहीं कर सकती क्योंकि उनका बल्ब फ्यूज हो गया है।
श्री साय का यह बयान कांग्रेस के प्रति लोगों की बढ़ती नाराजगी और भाजपा की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
कहने का मुख्य बिंदु है
कांग्रेस की स्थिति: सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस ने देश और प्रदेश में जनता का विश्वास खो दिया है और यहां तक कि अपने नेताओं का भी विश्वास खो दिया है।जिस कारण उस पार्टी के लोग भाजपा में शामिल हो रहे।
नेताओं का पार्टी में शामिल होना: उन्होंने कहा कि राज्य में मेयर से लेकर जिला पंचायत के अध्यक्ष और पूर्व विधायकों तक हजारों कांग्रेस नेता भाजपा में शामिल हो गए हैं।
चुनावी परिस्थितियां: साय ने कहा कि भाजपा राज्य की सभी चुनाव में जीत हासिल किया है लोकसभा में बेहतर प्रदर्शन कर 10 सीटें जीती।क्योंकि लोगों ने मोदी सरकार की 10 साल की उपलब्धियों और छत्तीसगढ़ में नवनिर्वाचित भाजपा सरकार की जनहित कार्यों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। इसके बाद त्रिस्तरीय चुनावों में कांग्रेस छग से बाहर है।

कोलकाता के होटल में भीषण आग 14 लोगों की हुई मौत

मीडिया सूत्र जानकारी अनुसार कोलकाता के होटल में भीषण आग लगने से 14 लोगों की मौत हो गई यह घटना मध्य कोलकाता के फलपट्टी मछुआ के पास स्थित एक होटल में मंगलवार रात हुई। आग इतनी भयावह थी कि कई लोग अपनी जान बचाने के लिए होटल की बिल्डिंग से कूद गए। कोलकाता के व्यस्ततम इलाकों में से एक मछुआ फल पट्टी के एक रेस्टोरेंट में हुई। आग लगते ही रेस्टोरेंट के अंदर अफरा-तफरी मच गई और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।

कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि आग लगने की घटना करीब 8:15 बजे हुई और 14 शव बरामद किए गए हैं। कई लोगों को टीमों ने बचाया है और आग पर काबू पा लिया गया है। बचाव कार्य अभी भी जारी है। इस घटना के बाद होटल मालिक फरार है और केंद्रीय मंत्री सुकांता मजूमदार ने राज्य सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की है ।

कोलकाता के होटल में आग लगने की घटना में 14 लोगों की मौत हो गई। यह घटना मंगलवार रात करीब 8:15 बजे

आग लगने के कारण:

  • आग रेस्टोरेंट के रसोईघर से लगी और धीरे-धीरे पूरी बिल्डिंग में फैल गई।
  • आरोप है कि होटल में आग बुझाने के पर्याप्त उपाय नहीं किए गए थे, जिससे यह हादसा इतना बड़ा हो गया।

बचाव कार्य:

  • फायर ब्रिगेड की टीम ने दीवार तोड़कर अंदर घुसकर बचाव कार्य किया।
  • होटल में फंसे मेहमानों को लेडर के जरिए नीचे उतारा गया।
  • करीब 50 लोगों का रेस्क्यू किया गया।

मृतकों की संख्या:

  • इस हादसे में 14 लोगों के शव बरामद हुए हैं।
  • एक कर्मचारी ने जान बचाने के लिए ऊपर से छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौत हो गई।

होटल की स्थिति:

होटल का नाम ऋतुराज होटल है।आग लगने के बाद होटल मालिक फरार है।

ममता बनर्जी ने फोन पर ली जानकारी

स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेताओं के अनुसार,मुख्यमंत्री ने फोन पर घटना की जानकारी ली

कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम हादसे वाली जगह पहुंचे हैं। इस घटना पर पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने दुख जताया है। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से वहां कोई सुरक्षा के इंतजाम नहीं थे। मुझे नहीं पता कि सरकार क्या कर रही है।

भारत ने किया सख्त डिजिटल प्रहार,16 पाकिस्तानी चैनल प्रसारण बंद,,,

चर्चा जनचौपाल36:_भारत सरकार ने भ्रामक अफवाहों और साम्प्रदायिकता भरी न्यूज प्रचारित कर रहे 16 पाकिस्तानी डिजिटल यू ट्यूब चैनल्स को बैन किया है। सरकार ने हाल ही में पाकिस्तान के खिलाफ एक बड़ा डिजिटल एक्शन लेते हुए 16 यूट्यूब न्यूज चैनलों को ब्लॉक कर दिया है।
बीबीसी पर निगरानी
वहीं सरकार ने विश्व के चर्चित न्यूज संस्थान बीबीसी की पहलगाम हमले के आतंकवादियों को उग्रवादी बताने की उसकी रिपोर्टिंग पर भी आपत्ति जताई है। साथ ही बीबीसी की कवरेज की मॉनिटरिंग करने का फैसला किया है।
पाकिस्तानी चैनलों पर प्रतिबंध की गृह मंत्रालय की सिफारिश पर अमल करते हुए सूचना प्रसारण मंत्रालय ने इन पर तत्काल प्रभाव से बैन लगा दिया।इन चैनलों में शामिल हैं…।
प्रतिबंधित सूची में शामिल चैनलों के नाम हैं डॉन न्यूज़, इरशाद भट्टी, समा टीवी, एआरवाई न्यूज़, बोल न्यूज़, रफ़्तार, द पाकिस्तान रेफरेंस, जियो न्यूज़, समा स्पोर्ट्स, जीएनएन, उजैर क्रिकेट, उमर चीमा एक्सक्लूसिव, अस्मा शिराज़ी, मुनीब फ़ारूक, सुनो न्यूज़ एचडी और रज़ी नामा।

पाकिस्तानी समाचार चैनल और सब्सक्राइबर्स
Dawn News: 1.96 मिलियन सब्सक्राइबर्स
Samaa TV: 12.7 मिलियन सब्सक्राइबर्स
ARY News: 14.6 मिलियन सब्सक्राइबर्स
Bol News: 7.85 मिलियन सब्सक्राइबर्स
Geo News: 18.1 मिलियन सब्सक्राइबर्स
Suno News: 1.36 मिलियन सब्सक्राइबर्स
पत्रकारों के यूट्यूब चैनल:
इर्शाद भट्टी: 827K सब्सक्राइबर्स
असमा शिराज़ी: 133K सब्सक्राइबर्स
उमर चीमा एक्सक्लूसिव: 125K सब्सक्राइबर्स
मुनीब फारूक: 166K सब्सक्राइबर्स
अन्य प्लेटफॉर्म:
The Pakistan Reference: 288K सब्सक्राइबर्स
Samaa Sports: 73.5K सब्सक्राइबर्स
Uzair Cricket: 288K सब्सक्राइबर्स
Razi Naama: 270K सब्सक्राइबर्स
Raftaar: 804K सब्सक्राइबर्स
GNN: 3.54 मिलियन सब्सक्राइबर्स

इन सभी चैनलों के कुल सब्सक्राइबर्स की संख्या लगभग 63.08 मिलियन है। भारत सरकार ने इन चैनलों पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया है और इसी कारण इन्हें ब्लॉक किया गया है।

सीएम साय ने कहा विकसित राज्य का पूरा होगा सपना” अब छग जल्द नक्सल प्रभाव से मुक्त्त होगा…

रायपुर: नक्सल विरोधी अभियान के आठवें दिन सीएम विष्णु देव साय ने इसकी समीक्षा की।

बैठक में गृह मंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव गृह मनोज पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुण देव गौतम, विशेष डीजी नक्सल ऑपरेशंस, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

बैठक का मुख्य फोकस प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा स्थिति और नक्सल उन्मूलन अभियानों की प्रगति रहा। नक्सल उन्मूलन अभियान की समीक्षा के लिए आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में उन्होंने नक्सल समस्या से निपटने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर पहाड़ियों पर सुरक्षाबल के जवानों ने नक्सलियों के खिलाफ सबसे बड़ा अभियान लांच किया है। बताया जा रहा है कि इस अभियान में नक्सलियों के टॉप लीडर घिर गए हैं। नक्सली संगठनों ने अपने टॉप कैडर को बचाने के लिए शांति को लेकर लेटर लिखा है। सरकार ने नक्सली संगठनों के लिखे लेटर पर गंभीरता से विचार नहीं किया है। जिसके बाद सुरक्षाबल के जवान लगातार आगे बढ़ रहे हैं।
अधिकारियों ने जानकारी पर बताया छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर पहाड़ियों पर मौजूद नक्सलियों को पकड़ने के लिए चल रहे नक्सल विरोधी अभियान के आठवें दिन सोमवार को छत्तीसगढ़ के

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसकी समीक्षा की।आधिकारिक सूत्रों ने इस बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने सोमवार दोपहर मंत्रालय में गृह विभाग की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें उन्होंने कर्रेगुट्टा में सुरक्षाबलों द्वारा चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ नक्सल समस्या अब एक निर्णायक मोड़ पर है और सभी सुरक्षा बल प्रशासनिक अमला और राज्य की जनता मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ के सपने को साकार करेंगे।

“परशुराम जयंती विशेष” जय जय श्रीराम_ निशचर हीन करहूं मही,, खेचहूं चाप मिटेहु संदेहा_अक्षय तृतीया

छग सर्व ब्राह्मण समाज:_धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान परशुराम को जगत के पालनहार भगवान विष्णु का छठा अवतार माना गया है। भगवान परशुराम का अवतरण वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर प्रदोष काल में हुआ था। इसलिए हर साल इस तिथि को परशुराम जयंती (Parshuram Jayanti 2025) मनाई जाती है। परशुराम जी का अवतार उग्र माना गया है।

परशुराम जयंती हिंदू धर्म में एक अत्यंत पवित्र उत्सव के रूप में जानी जाती है। यह दिन भगवान विष्णु के छठे अवतार, भगवान परशुराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. वे एक ऐसे अवतार माने जाते हैं, जो ब्राह्मण होते हुए भी क्षत्रियों के समान शस्त्रधारी और योद्धा थे। इस दिन यदि कोई व्यक्ति सच्चे मन से भगवान परशुराम की पूजा करता है, तो उसे साहस और बल का आशीर्वाद प्राप्त होता है. आइए जानते हैं परशुराम जयंती 2025 की तिथि, पूजा विधि, महत्व और इससे जुड़ी कुछ विशेष बातें।

परशुराम जयंती 2025 की तिथि और महत्व बहुत ही विशेष है। यह उत्सव भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है, जो ब्राह्मण होते हुए भी एक शक्तिशाली योद्धा थे।

परशुराम जयंती 2025 की तिथि और समय:

  • परशुराम जयंती 29 अप्रैल 2025, मंगलवार को मनाई जाएगी।
  • तृतीया तिथि 29 अप्रैल 2025 को 17:31 बजे से शुरू होगी और 30 अप्रैल 2025 को 14:12 बजे समाप्त होगी।

परशुराम जयंती का महत्व:

भगवान परशुराम की पूजा करने से साहस और बल का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह दिन हिंदुओं के लिए खास धार्मिक महत्व रखता है, और इस दिन भक्त अपने शत्रुओं पर विजय पाने के लिए भगवान परशुराम की पूजा करते हैं। वे भगवान विष्णु से धन और सफलता प्राप्ति के लिए भी प्रार्थना करते हैं।

पूजा विधि:

भगवान परशुराम की पूजा करने के लिए दिन भर उपवास रखें।विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ करें।गरीबों को अनाज दान करें।भगवान विष्णु की पूजा करें और विष्णु चालीसा का पाठ करें। विशेष बातें:_भगवान परशुराम को ब्रह्म-क्षत्रिय के रूप में जाना जाता है,क्योंकि उनके पिता ब्राह्मण थे और माता क्षत्रिय।परशुराम जयंती अक्षय तृतीया के दिन मनाई जाती है, जो अच्छे समय की शुरुआत का प्रतीक है।भगवान परशुराम अभी भी इस दुनिया में जीवित माने जाते हैं और मंदराचल पर्वत के पास समाधी में लीन होने की मान्यता है ।

पंडित धीरेन्द्र शास्त्री के साथ 108 पुरोहितों ने की मां खारुन की महा गंगा आरती

मां खारुन गंगा महाआरती: 108 पुरोहितों ने की भव्य आरती, भक्तिमय हुआ महादेव घाट

रायपुर।
महादेव घाट स्थित पावन खारुन नदी के तट पर आज एक अद्भुत और अलौकिक दृश्य देखने को मिला। मुख्य पुरोहित आचार्य पंडित धीरेंद्र शास्त्री जी के नेतृत्व में 108 ब्राह्मण पुरोहितों ने एक साथ खड़े होकर मां खारुन गंगा महाआरती का दिव्य आयोजन किया। मंत्रोच्चारण और घंटा-घड़ियालों की ध्वनि से पूरा वातावरण गूंज उठा और इस भव्य आयोजन के साक्षी बनने हजारों श्रद्धालु भक्त महादेव घाट पर उमड़ पड़े।

भक्तों की बढ़ती संख्या

मां खारुन गंगा महाआरती महादेव घाट जनसेवा समिति से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रतिदिन सायं यहां होने वाली मां खारुन गंगा महाआरती की ख्याति दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। रायपुर शहर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में इसकी महिमा का प्रचार प्रसार हो रहा है। भक्तों की बढ़ती संख्या इस बात का प्रमाण है कि लोगों में मां खारुन के प्रति श्रद्धा और भक्ति निरंतर गहरी होती जा रही है।

धार्मिक पर्यटन केंद्र बनने की संभावना

समिति के सदस्यों ने बताया कि महाआरती में भाग लेने वालों की संख्या में प्रतिदिन वृद्धि हो रही है, जिससे महादेव घाट क्षेत्र में एक नया धार्मिक पर्यटन केंद्र बनने की संभावना भी मजबूत हो रही है। इसके चलते घाट के आसपास के छोटे व्यापारियों, फेरीवालों, प्रसाद विक्रेताओं और नाव चालकों के व्यापार में भी सकारात्मक प्रभाव दिखाई देने लगा है। स्थानीय नाविकों ने खुशी जताई है कि अब घाट पर अधिक संख्या में भक्तगण आ रहे हैं, जिससे नाव विहार (बोट राइड) का आनंद लेने वालों की संख्या में भी वृद्धि हुई है।

भक्तों ने बताया अनोखी शांति और ऊर्जा का अनुभव

भक्तों का कहना है कि मां खारुन की महाआरती में शामिल होकर उन्हें अनोखी शांति और ऊर्जा की अनुभूति होती है। ज्योतिपुंज से जगमगाते दीपों की कतार, गूंजते जयकारे और श्रद्धालुओं का उमड़ता सैलाब यह प्रमाणित कर रहा है कि महादेव घाट न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक और आर्थिक जागृति का भी नया केंद्र बनता जा रहा है।

भजन संध्या के साथ धार्मिक प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम

आयोजकों ने बताया कि आने वाले समय में मां खारुन गंगा महाआरती को और भी भव्य बनाने के लिए विशेष योजनाएं तैयार की जा रही हैं, जिनमें भजन संध्या, धार्मिक प्रवचन और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन शामिल रहेगा। साथ ही घाट की साफ-सफाई, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा के लिए भी व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

मां खारुन गंगा महाआरती अब केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं रही, बल्कि यह जनभावनाओं और सामूहिक श्रद्धा का एक जीवंत प्रतीक बन चुकी है।

डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता विजेताओं का किया सम्मान:_ जिन्होंने कबीरधाम का नाम ऊंचा कर भारत का परचम लहराया ..

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय बॉडीबिल्डिंग और वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में विजेता खिलाड़ियों को किया सम्मानित

कवर्धा के खिलाड़ियों ने बढ़ाया देश का मान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज नेपाल के पोखरा शहर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय
बॉडीबिल्डिंग और वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते
हुए भारत का परचम बुलंद करने वाले कबीरधाम जिले के खिलाड़ियों से सौजन्य भेंट मुलाकात की।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सभी विजेताखिलाड़ियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए हार्दिक बधाई दी। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
ने कहा कि जिले के सूरज राजपूत ने बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता में सात देशों के प्रतिभागियों को पछाड़ते हुए इंटरनेशनल मिस्टर ओवरऑल का खिताब अपने नाम किया। कवर्धा की पहली महिला वेटलिफ्टर दीपाली सोनी ने 76 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर जिले का मान बढ़ाया है। पुरुषों के 67 किलोग्राम वर्ग में सब-जूनियर श्रेणी के अभिषेक तिवारी ने वेटलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक हासिल किया।

वहीं 14 वर्षीय अनुराग जांगड़े ने 109 किलोग्राम वर्ग में सब-जूनियर वेटलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक जीतकर भविष्य की एक बड़ी उम्मीद बनकर उभरे हैं । इन युवाओं की मेहनत, समर्पण और लगन आज हम सबके लिए प्रेरणास्रोत हैं। इनकी उपलब्धि से न सिर्फ हमारा जिला,बल्कि पूरे प्रदेश और देश का नाम रोशन
हुआ है।

इस अवसर पर पूर्व विधायक श्री मोतीराम चंद्रवंशी, जिला पंचायत
सदस्य डॉ बीरेन्द्र साहू, लोकचंद साहू, विजय पटेल, रवि राजपूत, भुखन साहू, पार्षद डोनेश राजपूत, दीपक सिंहा सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

फसल अवशेष जलाने पर लगा प्रतिबंध : किसानों से सहयोग की अपील

कलेक्टर ने सभी सरपंचों से अपील की है कि वे अपने-अपने गांवों में किसानों को फसल अवशेष जलाने से रोकें और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करें।

बेमेतरा :_(janchoupal 36)

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के निर्देशानुसार अब खेतों में फसल अवशेष जलाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। पर्यावरण को हो रहे नुकसान को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

आदेश का उल्लंघन करने पर दंड वसूला जाएगा

उप संचालक कृषि मोरध्वज डडसेना ने जानकारी दी कि आदेश का उल्लंघन करने पर कृषकों से उनके खेत के रकबे के अनुसार दंड वसूला जाएगा। दो एकड़ तक के किसानों पर 2,500 रुपए, दो से पांच एकड़ वाले किसानों पर 5,000 रुपए तथा पांच एकड़ से अधिक रकबा वाले किसानों पर 15,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।
उप संचालक कृषि मोरध्वज डडसेना ने बताया कि फसल अवशेष जलाने से खेत की सतह पर मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीव, मित्र कीटों के अंडे तथा भूमि में पाई जाने वाली ह्यूमस नष्ट हो जाती है, जिससे भूमि की उर्वरता एवं आगामी फसल उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ता है। इसके विपरीत, फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन जैसे कम्पोस्टिंग अथवा जीरो टिलेज विधि से अवशेषों को खेत में ही सड़ने देना, मृदा की गुणवत्ता को बनाए रखने में सहायक हो सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि एक टन पैरा जलाने से भारी मात्रा में प्रदूषक गैसे जैसे कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड उत्सर्जित होती हैं और करीब 199 किग्रा राख का उत्पादन होता है, जो पर्यावरण के लिए बेहद हानिकारक है। साथ ही, प्रति टन जलने वाले धान के पैरा से मृदा में 5.5 किलोग्राम सल्फर का नुकसान होता है।

भारत बिना बताए झेलम से छोड़ा पानी,अब pok में बाढ़ की कहानी

पीओके में लोग पाकिस्तान और सेना के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे है जिसमें हिंसक झड़पें भी हुई है,लोगों की मांग है कि पाकिस्तान से अलग होकर भारत में शामिल होने की अनुमति दी जाय।

भारत ने कहा ज्यादा बारिश की वजह से छोड़ा गया पानी यह सामान्य संचालन की व्यवस्था है।

पाकिस्तान का आरोप है कि भारत ने बिना बताए अनंतनाग से बहुत ज्यादा पानी छोड़ दिया, जिससे झेलम नदी बेकाबू हो गई।

जिस दिन से पाकिस्तान बना है उसी दिन से ही हिंसा और आतंक वहां पैर रख दिया वहां जब भी बात होगी आतंक की बात होगी ।कर्ज से लदा पाकिस्तान हमेशा दूसरों से लेता आया है उसके पास देने को कुछ नहीं है।भारत का ही हिस्सा लेकर अपना देश बनाया और हमेशा से ही भारत को आंखे दिखाया।हर मोर्चे पर विफल न खाने को अन्न ना जीने के लिए अच्छा मन।
भारत ने पाकिस्तान को घेरने में कोई कोर कसर नहीं रखना चाहता उसे हर मोर्चे पर विफल करने की ठान लिया है।अब एक तरफ सिंधु नदी से पानी रोकना दूसरे तरफ झेलम नदी में पानी का छोड़ना। पीओके को बहने से नहीं रोक पाएगा पाकिस्तान
पाकिस्तान में झेलम नदी में अचानक पानी का सैलाब आ गया, जिससे पीओके के मुजफ्फराबाद और आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। यह घटना भारत द्वारा सिंधु जल संधि को निलंबित करने के बाद हुई है, जिससे पाकिस्तान में सूखे की आशंका थी।

भारत बिना बताए झेलम में छोड़ दिया पानी, पीओके में बाढ़ की स्थिति पाक के स्थानीय प्रशासन ने आसपास का इलाका खाली करने का फरमान जारी कर रहा है,इससे हो जाएगा PoK’ खाली।

घटना के बाद की स्थिति:मस्जिदों से लोगों को अलर्ट किया जा रहा
आनन फानन आपातकाल की घोषणा: मुजफ्फराबाद में आपातकाल घोषित कर दिया गया है, और मस्जिदों से लोगों को अलर्ट किया जा रहा है।
बाढ़ का खतरा: झेलम नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है।
पाकिस्तानी मीडिया का आरोप:
पाकिस्तानी मीडिया ने भारत पर आरोप लगाया है कि बिना बताए पानी छोड़ने से यह स्थिति बनी है ।
वॉटर इमरजेंसी जैसे हालात
अचानक छोड़े गए पानी ने पीओके के हट्टियन बाला जिले में ऐसी स्थिति पैदा कर दी जिससे वॉटर इमरजेंसी जैसे हालात बन गए। नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भागना पड़ा। पाकिस्तानी अधिकारियों ने इसे अंतरराष्ट्रीय मानदंडों और सिंधु जल संधि (IWT) का उल्लंघन बताना शुरु कर दिया।
पाकिस्तान में मची अफरा-तफरी
अचानक आए पानी के कारण पीओके की राजधानी मुजफ्फराबाद और चकोटी में स्थानीय अधिकारियों ने लाउडस्पीकरों के जरिए चेतावनी जारी करनी पड़ी। पानी का स्तर तेजी से बढ़ने के कारण लोगों को जगह खाली करनी पड़ी। मुजफ्फराबाद में एक जिला सरकारी अधिकारी ने एक संक्षिप्त बयान जारी कर नागरिकों को झेलम नदी के नजदीक के स्थानों से दूर रहने की सलाह दी।कहा गया कि भारत द्वारा झेलम नदी में सामान्य से अधिक पानी छोड़े जाने के कारण मध्यम बाढ़ आई है।