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Sunday, October 25, 2026
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समाधान शिविर में सीएम साय की घोषणा दुर्ग जिले के मुरमुंदा (अछोटी)हाईस्कूल का उन्नयन

हेलीकाफ्टर से पहुंचे ग्राम अछोटी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुरमुंदा समाधान शिविर में कुल 2630 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 2539 मामलों का मौके पर समाधान कर दिया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों का पूर्ण निराकरण किया जाएगा।

अटल आवास योजना के अंतर्गत निर्मित 226 आवासों का लोकार्पण किया गया।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित रहे।

मुरमुंदा/अछोटी:_दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड की ग्राम पंचायत मुरमंदा में आयोजित समाधान शिविर को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के तहत् दुर्ग 19 वां जिला है जहां वे सुशासन शिविर में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि औचक निरीक्षण और सुशासन शिविर में लोगों से सीधे संवाद कर उनसे सरकार का फीडबैक पाकर खुशी मिलती है कि हमारी सरकार ने डेढ़ सालों में जो काम किया है उसका लाभ जनता को मिल रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय हेलीकॉप्टर से अचानक पहुंचे ग्राम अछोटी और डायट कॉलेज परिसर में 29 लाख 20 हजार रुपये की लागत से निर्माणाधीन महतारी सदन का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता का मुआयना किया और स्वयं अपने हाथों से भवन के कॉलम की तराई कर कार्य की मजबूती और पारदर्शिता का संदेश दिया।
सीएम ने कहा महतारी सदन, ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और सामुदायिक संवाद का केंद्र बनेगा।
उसके बाद मुख्यमंत्री सुशासन तिहार के तहत समाधान शिविर में पहुंचे ।उन्होंने मुरमुंदा हाई स्कूल को हायर सेकेंडरी में उन्नयन करने की घोषणा की। कहा यह निर्णय क्षेत्र के शिक्षा स्तर को सुधारने और छात्रों को बेहतर शैक्षिक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है।पहले यहां हाईस्कूल तक की ही शिक्षा प्राप्त की जा सकती थी अब स्कूल का उन्नयन होने से हायर सेकेंडरी तक की शिक्षा छात्रों को मिलेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन से समाधान तक पर प्रकाश डालते कहा कि सरकार का काम केवल योजनाएं बनाना बस नहीं है, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। जब हम गांव-गांव जाकर समाधान शिविर लगाते हैं, तो यह हमारी जवाबदेही का प्रमाण है। यह कार्य वही सरकार कर सकती है,जिसकी नियत जनता के प्रति साफ है और जो ईमानदारी से जनता के लिए काम करती हो।

आखिर स्मार्ट टीवी, एलईडी लगाएं किस दिशा में..!

वर्तमान समय में टीवी हर घर की जरूरत हो गई है साथ ही इसके बगैर आधुनिक समाज में स्टेट्स सिंबल्स के साथ जीवन अधूरा सा लगता है।आज बड़े से बड़े साइज के टीवी घरों पर रखे जा रहे हैं कहीं-कहीं तो मिनी थियेटर भी बनाया जा रहा है,लेकिन समस्या यह है कि टीवी को किस दिशा में रखे जिससे घर में सकारात्मकता का भाव बढ़ता चला जाय।

वास्तु के हिसाब से हम आपको घर में ऐसी जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां पर आपको भूलकर भी अपने घर में टीवी नहीं रखना चाहिए। जब आप इन जगहों पर टीवी रखते हैं तो आप पर कई तरह की नेगेटिव एनर्जी के साथ मुसीबतें आ सकती है।आइए समझते हैं विस्तार से।

वास्तु शास्त्र का महत्व हमारे जीवन में काफी ज्यादा बताया गया है। हिंदू धर्म में तो और गहनतम से विचार कर इस पर बात रखी गई है, जब आप वास्तु शास्त्र में बताए गए नियमों का पालन सही तरीके से करते हैं तो इससे जो परिणाम होते हैं वे बेहद ही शुभ और समृद्ध और खुशहाल होते हैं। वहीं, जब इन नियमों को नजरअंदाज किया जाता है तो इसके परिणाम भी नकारात्मक हो सकते हैं।
हमारे इसी वास्तु शास्त्र में घर पर टीवी रखने को लेकर भी कई नियम बताए गए हैं।कहा जाता है जब आप इन नियमों का पालन करते हैं तो आपको एक सुखी और समृद्ध जीवन जीने का मौका मिलता है। वहीं, जब इन नियमों को आप नजरअंदाज करते हैं तो आप पर कई तरह की मुसीबतें भी आ सकती है।
आज इस लेख में हम आपको बताने वाले हैं कि आखिर आपको घर पर किस दिशा में टीवी रखनी चाहिए और किस दिशा में टीवी रखने से बचना चाहिए. चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

कौन सी दिशा है टीवी देखने के लिए सही

वास्तु शास्त्र अनुसार घर के पूर्वी दिशा की दीवार टीवी लगानी चाहिए। वहीं अगर बात करें लिविंग एरिया और ड्राइंग रूम की तो यहां पूर्व दिशा में टीवी लगा सकते हैं। वास्तु के मुताबिक पूर्व दिशा की तरफ मुंह करके टीवी देखने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार होता है। साथ ही घर के लोगों के जीवन में सुख- समृद्धि का वास रहता है और वास्तु देवता भी प्रसन्न रहते हैं।वास्तु शास्त्र के अनुसार, टीवी की दिशा बहुत महत्वपूर्ण है। टीवी को घर के दक्षिण-पूर्व या दक्षिण दिशा में रखना अच्छा माना जाता है। इससे घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।
दक्षिण-पूर्व दिशा: यह दिशा आग की दिशा मानी जाती है, जो ऊर्जा और गतिविधि को बढ़ावा देती है।
दक्षिण दिशा: यह दिशा स्थिरता और प्रसिद्धि की दिशा मानी जाती है, जो परिवार के सदस्यों के लिए अच्छी होती है।
अगर आप एक स्टूडेंट या फिर प्रोफेशनल हैं तो आपको टीवी दखने के लिए पूर्व दिशा को सबसे ज्यादा सही बताया गया है,जब आप इस दिशा में टीवी देखते हैं तो आपके जीवन में हमेशा ही पॉजिटिव एनर्जी बनी हुई रहती है।

आर्थिक रूप से मजबूती की दिशा
अगर आप आर्थिक रूप से सम्पन्न होना चाहते हैं तो आपको उत्तर दिशा में टीवी रखना चाहिए। इस दिशा को हमेशा से ही कुबेर जी का दिशा माना गया है। जब आप इस दिशा में टीवी रखते हैं तो समृद्धि खुद आपकी तरफ खिंची चली आती है।पश्चिम दिशा:पश्चिम दिशा को भी सकारात्मक माना जाता है, लेकिन उत्तर और पूर्व दिशा की तुलना में कम।
वास्तु शास्त्र के अनुसार बेडरूम में टीवी
है तो इससे कोई बहुत बड़ी हानि नहीं होती है।आपको सिर्फ सही दिशा तय करना है,अब आप अपने बिस्तर के सामने टीवी रखें तो उसे ढक कर रखना चाहिए ।ऐसा करते हैं तो टीवी के स्क्रीन में आपको अपनी परछाई नहीं दिखती है।
बड़ी बात आपको ज्यादा देर टीवी देखने से भी बचना चाहिए क्योंकि ज्यादा समय तक टीवी देखने से शरीर की ऊर्जाएं कम होने लगती है टीवी ज्यादा देर न देखें,यह आपकी सेहत के लिए काफी हानिकारक हो सकता है।

किस दिशा में नहीं रखना है टीवी
आपको गलती से भी टीवी अपने घर के दक्षिण दिशा में नहीं रखना चाहिए।यह दिशा को वास्तु में यमराज की दिशा माना गया है।आप इस दिशा में टीवी देखते हैं तो आपके जीवन और घर पर नकारात्मक ऊर्जा का दुष्प्रभाव आ सकता है। इस दिशा में टीवी रखने से पारिवारिक सदस्यों में आपसी समस्याएं और सद्भावना में कमी आ सकती है ,जिस कारण से परिवार के सदस्यों में भी आपसी समस्याएं बढ़ती चली जाती है।
Disclaimer:_वास्तु शास्त्र बहुत वृहद है यह लेख एक संक्षिप्त जानकारी पर आधारित है।आप विस्तृत जानकारी अपने हिसाब से वास्तु विशेषज्ञ या अन्य माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं।लेख सामग्री की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की कोई गारंटी नहीं देते।”


पीएम मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की दिल्ली में बैठक,,सीएम विष्णुदेव साय होंगे शामिल”

सीएम साय मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार नीति आयोग की बैठक में शामिल होने जा रहे है, दिल्ली दौरे के लिए सीएम और मंत्रीमंडल के सदस्य 23 मई को रवाना होंगे।
दिल्ली प्रवास के दौरान सीएम साय की मुलाकात भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और अन्य वरिष्ठ नेताओं से 24 की शाम या 25 मई को हो सकती है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस मुलाकात में संभावित कैबिनेट विस्तार पर भी गंभीर चर्चा हो सकती है। दौरे को लेकर भाजपा के अंदरखाने में हलचल तेज हो गई है।
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नीति आयोग की बैठक 24 मई को दिल्ली में आयोजित होगी,जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पहली बार शामिल होने जा रहे हैं साथ में डिप्टी सीएम अरुण साव, विजय शर्मा और वित्त मंत्री ओपी चौधरी भी बैठक में मौजूद रहेंगे ।नीति आयोग की बैठक सुबह 11 बजे शुरू होगी, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी भाग लेंगे।
बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार राज्य की प्रमुख योजनाओं के लिए केंद्र से अतिरिक्त समर्थन की मांग करेगी। सूत्रों के अनुसार साय सरकार द्वारा राज्य के प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे प्रमुख योजनाओं के लिए केंद्र से अतिरिक्त आबंटन की मांग की जा सकती है।इसके अलावा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और नवा रायपुर के विकास के लिए भी विशेष पैकेज की मांग रख सकती है। स्मार्ट सिटी योजना में केंद्रीय अनुदान बंद हो चुका है, ऐसे में सीएम शहरी इलाकों में मूलभूत सुविधाओं के लिए बजट की मांग रख सकते हैं।
बैठक की तैयारी को लेकर मुख्य सचिव अमिताभ जैन पहले ही विभागीय सचिवों के साथ मंथन कर चुके हैं ।

पूरे देश में जल जीवन मिशन की 159 जिलों में गहन जांच, छत्तीसगढ़ में 03 जिलों के 06 गांव शामिल

छत्तीसगढ़ समेत देश के 159 जिलों में जल जीवन मिशन की गहन जांच शुरू की गई है। इस मिशन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। छत्तीसगढ़ में इस मिशन के तहत 39.50 लाख परिवारों को पाइप से जलापूर्ति करने का लक्ष्य रखा गया है।

जल जीवन मिशन योजनाओं की जांच के लिये केंद्र सरकार ने देश भर में 148 केंद्रीय नोडल अधिकारी नियुक्त किये हैं। केंद्र सरकार ने जांच के संबंध में 14 मई को छत्तीसगढ़ समेत सभी राज्यों के एडशिनल चीफ सेक्रेटरी को इस आशय का पत्र भेजा है। छत्तीसगढ़ के तीन जिलों की जांच के लिये कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के डायरेक्टर अमित कुमार अग्रवाल को केंद्रीय नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। 

छत्तीसगढ़ के इन 6 गांवों में होगी जांच
छत्तीसगढ़ के तीन जिलों के 6 गांवों समेत देश भर के 159 जिलों में जल जीवन मिशन के भ्रष्टाचार की जांच होगी। जांच के दायरे में छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा, रायगढ़ और बेेमेतरा के 6 गांव शामिल हैं।

बेमेतरा जिले में 485 टंकी स्वीकृत 338 टंकियों का निर्माण की जानकारी
बेमेतरा जिले में केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन, स्वच्छ जल प्रदाय योजना के अंतर्गत कुल 485 पानी टंकी का निर्माण स्वीकृत है। अब तक 338 पानी टंकी का ही निर्माण हो पाया है। इनमें से 100 से ज्यादा टंकियों से पानी की सप्लाई बंद है। कई गांवों में पीएचई विभाग की देखरेख में बिछाई गई पाइप लाइन टूट-फूट गई है। कई गांव ऐसे है जहां पानी टंकी और पाइप लाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है, लेकिन बोर खनन न होने के कारण अधिकांश टंकियों से पानी की सप्लाई नहीं हो रही है।
जल जीवन मिशन के कार्यों की जांच के लिये कुल 318 गांवों में चल रही जल जीवन योजनाओं को चिन्हित किया गया है। जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में गड़बड़ी, भ्रष्टाचार और अधूरे कार्यों के कारण ग्रामीणों के घरों तक पानी सप्लाई न होने की लगातार शिकायतें मिलने के बाद जांच कराने का फैसला किया गया है।

जांच के लिए नियुक्त केंद्रीय नोडल अधिकारियों को जिला जल और स्वच्छता मिशन के सदस्यों से बातचीत करेंगे। योजना के लाभार्थियों से बातचीत कर योजना की फीडबैक लिया जाएगा। पानी सप्लाई नियमित है या नहीं, घरेलू नल कनेक्शन दिए गए की नहीं, पानी जैसे सवालों के जवाब के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
जल जीवन अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के नेवासपुर में पाइप्ड वाटर सप्लाई स्कीम और ठेलका में रेट्रोफिटिंग स्कीम की जांच की जाएगी। इसी तरह जांजगीर-चांपा के कुर्मा में पाइप्ड वाटर सप्लाई स्कीम और पोंड़ी दल्हा में रेट्रोफिटिंग पाइप्ड़ वाटर सप्लाई स्कीम की जांच की जाएगी। रायगढ़ के सलिहारी में सिंगल विलेज पाइप्ड वाटर सप्लाई स्कीम और बरकाचार में सिंगल विलेज पाइप्ड वाटर सप्लाई स्कीम की जांच केंद्रीय टीम करेगी।
छग के कुछ जिले में योजना शिथिल है जहां 50% से ज्यादा काम अधूरे हैं। कई जगह तो ठेकेदारों ने जल स्रोत ढूंढ़े बिना ही पानी टंकी बना दी, कहीं तो पाइप लाइन बिछाने के बाद काम बंद कर चुके हैं। कार्य अधूरा रहने के कारण ओवरहेड टंकी से जल आपूर्तियां नहीं हो पा रही।
जल जीवन मिशन के लाभ
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता में वृद्धि।
जल जनित बीमारियों की रोकथाम।ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार।जल संचयन और संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना।

जल जीवन मिशन की प्रगति
छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के तहत कार्य प्रगति पर है।राज्य में ग्राम पंचायतों के सहयोग से जलापूर्ति योजनाओं को क्रियान्वित किया जा रहा है।मिशन के तहत जल संचयन और संरक्षण पर भी जोर दिया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर कवर्धा में मचा बवाल

कवर्धा/ जिला कबीरधाम:_ जानकारी के अनुसार हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि आदर्श नगर कवर्धा के पीजी कॉलेज के पास एक मकान में 25 से 30 हिंदुओं को पूजा प्रार्थना सभा में उनकी बीमारी को इलाज से ठीक करने के बहाने धर्मांतरण कराने की साजिश चल रही है।
आरोप है कि रविवार को एक धर्म विशेष की प्रार्थना सभा के बहाने एक निजी स्कूल संचालक द्वारा गरीब लोगों को लालच देकर धर्मांतरण करवाया जा रहा था।
हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने वहां पहुंचकर हंगामा करते हुए मामले को उठाया है और आरोप लगाते हुए कहा है कि इन लोगों को बुलाकर प्रलोभन से धर्म परिवर्तन कराने का काम यहां हो रहा है ।
वार्ड के महिलाओं ने भी आरोप लगाया कि यहां दोपहर को बहुत तेज आवाज सुनाई देती है और चिल्ला_चिल्ला कर बोलने रोने के साथ डरावनी आवाज भी आती है। कुछ अन्य लोगों ने कहा कि यहां तंत्र-मंत्र की क्रियाएं भी होती है,इस तरीके से यहां पर ये लोग धर्मांतरण के काम में लगे हुए हैं।लोगों ने कहा है कि अगर इनको चर्च ही चलाना है तो शहर के बीचो-बीच न रखकर अपने अलग स्थान पर ले जाना चाहिए।
हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने कहा हम धर्म के विरुद्ध नहीं है यह अपना काम और अपनी जो प्रेयर है करे,,उसमे कोई आपत्ति नहीं है,ये लोग बाहर किसी अन्यत्र स्थान पर अपनी व्यवस्था करें।
एएसपी कवर्धा ने कहा हमको शिकायत मिली है“
पुलिस ने कहा हम शिकायत के आधार पर यहां पहुंचे हैं और कुछ लोगों को हिरासत में लिए हैं मकान को ताला लगाया गया है और आगे अग्रिम जांच के लिए कार्रवाई की जा रही है।विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शिकायत की है, उन्होंने शिकायत में बताया है कि आदर्श नगर स्थित एक मकान में सभा कराई जा रही है, सभा में आराधना कराई जा रही है। लोगों का गलत तरीके से धर्मांतरण कराया जा रहा है। उनके शिकायत पर पुलिस मौके पर पहुंची है। यहां 25 लोगों से पूछताछ की जा रही है।जांच में जो भी तथ्य आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

“आईएमएफ ने पाकिस्तान पर कर्ज के लिए रखी 11 नई शर्तें” चेतावनी,शर्तों के आधार पर मिलेगी अगली किश्त

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने पाकिस्तान को दिए जाने वाले कर्ज पर 11 नई शर्तें लगाई हैं। इन शर्तों का उद्देश्य पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को स्थिर करना और कर्ज की वापसी सुनिश्चित करना है।आईएमएफ की नई शर्तों में कहा गया है,पाकिस्तान को उसके सहायता कार्यक्रम के अनुरूप आर्थिक सुधार लागू करने होंगे।

चर्चा( janchoupal36)
पाकिस्तान को अब इसी पैकेज की अगली किस्त पाने के लिए 17,600 अरब रुपये के नए बजट को संसद की मंजूरी, बिजली बिलों पर ऋण भुगतान अधिभार में वृद्धि और तीन साल से अधिक पुरानी कारों के आयात पर प्रतिबंध हटाने जैसी 11 शर्तों का पालन करना होगा। नई शर्तों से आईएमएफ की वित्तीय सहायता पाने के लिए पाकिस्तान पर लागू कुल शर्तें अब बढ़कर 50 हो गई हैं।

आईएमएफ के इस फैसले को भारत की कूटनीतिक जीत माना जा रहा है।
भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के बीच ही आईएमएफ की तरफ से पाकिस्तान को एक अरब डॉलर की सहायता दिए जाने के विरोध में यह कहते हुए बैठक से बहिर्गमन किया था कि इस राशि का इस्तेमाल आतंकवाद फैलाने में किया जाता है।

आईएमएफ ने भारत के साथ पाकिस्तान के तनाव को लेकर चिंता जताई है और कहा है कि अगर स्थिति बिगड़ती है, तो उसके एजेंडे को झटका लग सकता है।

भारत के रक्षा मंत्री ने कहा था-आतंक को सीधी फंडिंग: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दो दिन पहले ही भुज में आईएमएफ से पाकिस्तान को मदद तत्काल रोकने का आग्रह करते हुए कहा था कि पाकिस्तान को किसी तरह की आर्थिक मदद स्पष्ट रूप से आतंकी फंडिंग है.

आईएमएफ ने भारत के साथ तनाव जारी रहने को आर्थिक सुधारों के लिए खतरा मानते हुए साफ कर दिया है कि वित्तीय सहायता राशि का दुरुपयोग कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

शर्तों से बढ़ेंगी मुश्किलें शरीफ सरकार की
पांच वर्ष तक इस्तेमाल कारों के आयात पर प्रतिबंध हटाना। अभी सिर्फ तीन साल पुरानी कारों का ही आयात होता है।चार प्रांतों को जून तक नए कृषि आयकर कानून लागू करने होंगे, जिसमें रिटर्न
प्रसंस्करण, करदाता पहचान व पंजीकरण और अनुपालन सुधार योजना संबंधी मंच बनाना शामिल है।पाकिस्तान सरकार को 2027 के बाद की वित्तीय क्षेत्र की रणनीति की रूपरेखा प्रकाशित करनी होगी।
कामकाज की संचालन कार्रवाई की योजना प्रकाशित करनी होगी। बिजली शुल्क पुनर्निर्धारण कर इसकी अधिसूचना जारी करनी होगी।अर्ध वार्षिक गैस टैरिफ समायोजन अधिसूचना जारी। कैप्टिव पावर लेवी अध्यादेश के लिए स्थायी कानून।ऋण सेवा अधिभार पर ₹3.21 यूनिट सीमा हटाना। 2035 तक एसटीजेड और अन्य औद्योगिक पार्कों क्षेत्रों के लिए सभी वित्तीय प्रोत्साहनों को बंद करने की योजना बनाना।
चार प्रांतों को जून तक नए कृषि आयकर कानून लागू करने होंगे, जिसमें रिटर्न प्रसंस्करण, करदाता पहचान व पंजीकरण और अनुपालन सुधार योजना संबंधी मंच बनाना शामिल है।पाकिस्तान सरकार को 2027 के बाद की वित्तीय क्षेत्र की रणनीति की रूपरेखा प्रकाशित करनी होगी।
_ कामकाज की संचालन कार्रवाई की योजना प्रकाशित करनी होगी।
_ बिजली शुल्क पुनर्निर्धारण कर इसकी अधिसूचना जारी करनी होगी।
अर्ध-वार्षिक गैस टैरिफ समायोजन अधिसूचना जारी। कैप्टिव पावर लेवी अध्यादेश के लिए स्थायी कानून। ऋण सेवा अधिभार पर ₹3.21 यूनिट सीमा हटाना। 2035 तक एसटीजेड और अन्य औद्योगिक पार्को क्षेत्रों के लिए सभी वित्तीय प्रोत्साहनों को बंद करने की योजना बनाना। अब आईएमएफ से लोन मिलना इतना आसान नहीं होगा।

आईएमएफ ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि अगर ये शर्तें पूरी नहीं होती हैं, तो कर्ज की अगली किस्त नहीं मिलेगी। इसके अलावा, आईएमएफ ने भारत के साथ पाकिस्तान के तनाव को लेकर चिंता जताई है और कहा है कि अगर स्थिति बिगड़ती है, तो उसके एजेंडे को झटका लग सकता है।(सौजन्य मीडिया स्रोत)

छत्तीसगढ़ नगर सैनिक भर्ती परीक्षा 22 जून,,आवेदन 30 मई तक भरे जाएंगे”

छत्तीसगढ़ में नगर सैनिक भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जारी है। इच्छुक उम्मीदवार 30 मई 2025 तक अपना फॉर्म भर सकते हैं।रायपुर छत्तीसगढ़ नगर सैनिक भर्ती की लिखित परीक्षा के लिए 30 मई तक भर सकेंगे फॉर्म

एजुकेशन रिपोर्टर | रायपुर छत्तीसगढ़ में नगर सैनिकों की भर्ती परीक्षा 22 जून को आयोजित की जाएगी। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो
गई है। अभ्यर्थी 30 मई तक आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए व्यापमं
की ओर से सूचना जारी की गई है। व्यापम द्वारा इस परीक्षा के लिए 17 अप्रैल से ऑनलाइन आवेदन लिया जा रहा है।

पिछले साल इन पदों के लिए दक्षता परीक्षा आयोजित की गई थी। इसके बाद कुल 20 हजार 137 अभ्यर्थियों का चयन लिखित परीक्षा के लिए किया गया है। जो अभ्यर्थी इस परीक्षा में चयनित हुए हैं, वे व्यापमं की वेबसाइट पर जाकर लिखित परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन नहीं करने वाले इस परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे। फॉर्म एक ही बार भरा जाएगा, इसके बाद उसमें सुधार का मौका नहीं दिया जाएगा।

महत्वपूर्ण जानकारी:
आवेदन की अंतिम तिथि: 30 मई 2025
परीक्षा की तिथि: 22 जून 2025
परीक्षा केंद्र: रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर
।

पदों की जानकारी:_महिला नगर सैनिक: 1715 पद (छात्रावास ड्यूटी)
पुरुष नगर सैनिक:_ 500 पद (जनरल ड्यूटी)

व्यापमं की ओर से जारी सूचना के अनुसार परीक्षा रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर संभाग में आयोजित होगी। गौरतलब है कि नगर सेना विभाग की ओर से 2024 में 315 रिक्त पदों पर महिला छात्रावास और 200 पदों पर (सामान्य ड्यूटी) नगर सैनिकों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। इसके लिए पिछले साल ही शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल हुए थे।

अधिक जानकारी के लिए व्यापम की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।इच्छुक अभ्यर्थी व्यापम के वेबसाइट https://vyapamcg.cgstate.gov.in/ पर 30 मई तक आवेदन कर सकते हैं। 

व्यापम मामले में 10 आरोपियों को सजा,3″.3″ साल की कैद एवं प्रत्येक पर 16 हजार का जुर्माना

मामला साल 2009 में गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल में एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा से जुड़ा है। इसमें फर्जी अभ्यर्थियों और सॉल्वरों की मदद से एडमिशन दिलाने की साजिश रची गई थी।व्यापमं घोटाले में 10 दोषियों को तीन-तीन साल कैद की सजा साथ ही सीबीआई कोर्ट ने सभी पर 16 हजार का जुर्माना भी लगाया।

भोपाल। मध्य प्रदेश में एमबीबीएस दाखिले की परीक्षा से जुड़े व्यापमं मामले में सीबीआई विशेष अदालत ने दस आरोपियों को तीन साल कैद की सजा सुनाई और उन पर 16 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इन दस में चार उम्मीदवार, पांच उम्मीदवारों के बदले परीक्षा देने वाले और एक बिचौलिया शामिल है।
सीबीआई के अनुसार जिन आरोपियों को सजा सुनाई गई उनमें विकास सिंह, कपिल परते,दिलीप चौहान और प्रवीण कुमार (सभी चार
उम्मीदवार), सत्येंद्र सिंह (बिचौलिया) और नागेंद्र कुमार, आदेश कुमार, रमेश कुमार प्रिस सिंह और शिव करण साहू (सभी पांच दूसरे उम्मीदवारों के बदले परीक्षा देने वाले) हैं।
सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट के 2015 के आदेश का पालन करते हुए 12 फरवरी, 2015 को इन उम्मीदवारों के खिलाफ मामला फिर से दर्ज किया था।इस मामले की जांच सीबीआई ने की थी, जिसमें पाया गया कि आरोपियों ने फर्जी तरीके से मेडिकल कॉलेज में एडमिशन हासिल किया था। सीबीआई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में इस तरह की धोखाधड़ी समाज के लिए बहुत घातक है।

अपनी जांच पूरी करने के बाद, सीबीआई ने 31 जनवरी, 2019 को आठ लोगों के खिलाफ पहला पूरक आरोप पत्र और 19 दिसंबर, 2019 को दो अन्य लोगों के खिलाफ दूसरा पूरक आरोप पत्र दायर किया। मई 2024 में, भोपाल की एक विशेष सीबीआई अदालत ने एक दशक पुराने व्यापमं मामले में 11 लोगों को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया था। (मीडिया एजेंसी)

तुर्कीए के बाद बांग्लादेश पर लिया भारत ने एक्शन, बांग्लादेशी अर्थव्यवस्था को दिया करारा झटका

भारत और पाकिस्तान के बीच चलते तनाव के मद्देनजर बांग्लादेश के भारत विरोधी रवैया को देखते हुए भारत में प्रतिशोधात्मक रूख अपनाया और भारत ने यह निर्णय लेकर बांग्लादेश को बड़ा झटका दिया है ।बांग्लादेश भारत को ऑलरेडी मिलियंस रुपयों में सामान निर्यात करता था,अब वह पूर्ववत सुगम रास्तों से नहीं भेज सकेगा।

भारत और बांग्लादेश के बीच पुराने तरीके से सामान के आयात पर भारत के विदेश व्यापार महानिदेशालय ने लगा दिया प्रतिबंध।
नए प्रतिबंध बांग्लादेशी आयात को केवल कोलकाता और न्हावा शेवा बंदरगाहों तक सीमित कर दिया है।
चर्चा की बात यह है कि बांग्लादेश से बहुत सारा सामान जो भारत में दो जगह नॉर्थ ईस्ट और वेस्ट बंगाल के द्वारा आयात होता था। लेकिन अब यहां पर बड़े स्तर पर प्रतिबंध लग गया।
जिसमें रेडीमेड गारमेंट्स, प्रोसेस्ड फूड आयात पर प्रतिबंध के साथ ,फल और फलों के स्वाद वाले पेय वस्तुओं पर नव प्रतिबंध लगाया ।इसके साथ ही भारत ने बांग्लादेश से आयात के लिए प्लास्टिक और पीवीसी प्रोडक्ट, लकड़ी के फर्नीचर आदि के आयात को पुराने रास्तों पर प्रतिबंधित किया अब केवल कोलकाता और न्हावा शेवा बंदरगाहों के माध्यम से आयात किया जा सकता है।
भारत का यह कदम बांग्लादेश द्वारा भारत विरोधी कदमों के जवाब में लिया गया है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ा है और बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।



दुनियां भर में जायेंगे सर्व दलीय प्रतिनिधि मंडल, “बताएंगे ऑपरेशन सिंदूर की सत्यता” करेंगे पाकिस्तान के आतंकवाद का पर्दाफाश,

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा:_
भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुमोदन से सात डेलिगेशन टीम बनाई गई है, जिस डेलिगेशन को लीड करने के लिए मुझे चुना गया है ,जहां तक मुझे जानकारी मिली है कि, मेरी अगुवाई में जो डेलिगेशन जाएगा वह सऊदी अरब, बहराइन, कुवैत और अल्जीरिया जायेगा।महत्वपूर्ण बात यह है कि सात सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल में तीन विपक्षी सांसदों को भी शामिल किया गया है जिन्हें दुनियां में भारत के प्रतिनिधित्व की जिम्मेदारी दी गई है।

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा नेतृत्व देने के लिए सरकार का आभार:_हमारे नेतृत्व में डेलिगेशन अपनी बात अमेरिका में रखेगा।अमेरिका दौरे की टीम का कमान अनुभवी सांसद और विदेश मामलों के जानकार डॉ. शशि थरूर को सौंपी गई है। शशि थरूर, जो संयुक्त राष्ट्र में उच्च पद पर सेवाएं दे चुके हैं, अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में भारत की ओर से एक सशक्त आवाज माने जाते हैं।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश:_कांग्रेस के लिस्ट में शशि थरूर का नाम नहीं था।
राजनीतिक विवाद:_कांग्रेस ने सरकार पर राजनीति करने का आरोप लगाया है, क्योंकि सरकार ने शशि थरूर का नाम प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया है, जो कांग्रेस की तरफ से नहीं थे। वहीं, बीजेपी ने कांग्रेस के सुझाए गए नामों पर आपत्ति जताई है।

विशेष :_ प्रतिनिधि मंडल की मुख्य बातें:_
भारतीय सेना का शौर्य दुनियां को बताने के लिए सात सदस्यीय सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजा जाएगा। यह प्रतिनिधिमंडल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों से मिलेगा और सीमा पार आतंकवाद पर भारत का रुख स्पष्ट करेगा।
भारत द्वारा गठित यह टीम विभिन्न देशों में जाकर वहां की सरकारों, थिंक टैंक और मीडिया से संवाद करेगी और बताएगी कि कैसे पाकिस्तान लगातार आतंकवाद को शह दे रहा है। खासकर 26/11 हमले, पुलवामा, और हाल ही में पहलगाम के बैसरन घाटी में हुए निर्दोष पर्यटकों पर हमले जैसे मामलों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
सात सदस्य प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व करेंगे
1) रविशंकर प्रसाद, भाजपा
2) शशि थरूर, कांग्रेस
3) संजय कुमार झा, जेडीयू
4) बैजयंत पांडा, भाजपा
5) कनिमोझी करुणानिधि, डीएमके
6) सुप्रिया सुले, एनसीपी
7) श्रीकांत एकनाथ शिंदे, शिवसेना।

दुनियां भर में प्रतिनिधिमंडल भेजने के भारत का उद्देश्य:
“आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई“:_ भारत की राष्ट्रीय सहमति और दृढ़ दृष्टिकोण को प्रदर्शित करना।
“सीमा पार आतंकवाद“:_ दुनियां के सामने भारत का मजबूत संदेश रखना।
“वैश्विक सहयोग”:_ प्रमुख साझेदार देशों के साथ बातचीत करना।