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Sunday, October 25, 2026
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विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर राज्य विधिक सेवा द्वारा जागरूकता शिविर का आयोजन,

लोगों को नशा मुक्त जीवन जीने के लिये कहा गया।बताया गया कि तंबाकू के सेवन से दुनियाभर में हर साल लगभग 80 लाख से ज्यादा लोगों की मृत्यु हो जाती है। वर्ष 2030 तक यह आंकड़ा बढ़कर 8 मिलियन से अधिक होने की उम्मीद है।

बेमेतरा 01 जून 2025:- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा संचालित “स्टेट प्लान ऑफ एक्शन कैलेंडर 2025” के अनुसार माह मई 2025 विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर अध्यक्ष / प्रधान जिला न्यायाधीश श्री बृजेन्द्र कुमार शास्त्री के मार्गदर्शन में व श्रीमती निधि शर्मा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बेमेतरा के निर्देशन में जिला हॉस्पिटल बेमेतरा एवं भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्व रोजगार प्रशिक्षण संस्थान चोरभट्ठी में विधिक जागरूकता शिविर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शिविर में उपस्थित लोगों को नशा मुक्ति के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए तम्बाकू सेवन से होने वाले असाद्धयरोग कैंसर जैसे खतरनाक जानलेवा बीमारी भी हो सकता है, जिसका उपचार अत्यधिक मंहगा साबित होता है तथा परिवारजनों को उससे काफी तकलीफ मिलती है।

उक्त शिविर में तम्बाकू से होने वाले नुकसान एवं उससे जुडे खतरों के संबंध में जानकारी दी गई। प्रतिवर्ष 31 मई को तम्बाकू निषेध दिवस के रूप में मनाया जाता है। समान्यतः तम्बाकू जैसे गुटखा, बीड़ी, सिगरेट में नशे के कारण लोगों और बच्चों का भविष्य खराब होता जा रहा है, जिससे कैंसर रोग, फेफड़े रोग, व जबड़े का खराब होना दर्शित होता है। अधिकार मित्रों द्वारा लोगों से अपील की गई कि अपने घर परिवार व ज्यादातर अपने बच्चों को नशे से दूरी बनाकर रखने की बात बतायी गई। नालसा द्वारा संचालित डॉन (ड्रग जागरूकता और कल्याण नेविगेशन ड्रग मुक्त भारत के लिए) योजना 2025 के अंतर्गत नशीली दवाओं के दुरूपयोग के मामलें के लिए कानूनी सेवाएं और नशीली दवाओं के खतरे का उन्मूलन योजना के लिए यूनिट गठन करने की प्रकिया जारी है।

उक्त कार्यक्रम में उपरोक्त जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बेमेतरा के अधिकार मित्रों द्वारा पृथक-पृथक से जानकारी दिया गया। उक्त दिवस के अवसर पर तालुका विधिक सेवा समिति साजा के ग्राम सुवरतला में विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के संबंध में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। नशा से चाहिए मुक्ति, नहीं तो होगा रोग,,स्वस्थ्य रहना है तो सही चीज का करो उपयोग ।

सुशासन तिहार में साय सरकार की घोषणा छत्तीसगढ़ में होगी 5000 शिक्षकों की नई भर्ती..

छत्तीसगढ़ सरकार ने निर्णय लिया है की युक्ति युक्त करण के साथ ही 5000 नए शिक्षकों की भर्ती की जाएगी इसका उद्देश्य है स्कूलों की सुविधाओं में विस्तार और बेहतर क्रियान्वयन के साथ प्रदेश में शिक्षा का स्तर बढ़ाना है।युक्तियुक्तकरण का उद्देश्य वह नहीं है जो कांग्रेस कह रही है सरकार शिक्षकों को कहीं बाहर नहीं कर रही उन्हें युक्तियुक्त के तहत उपयुक्त जगह पर समायोजन करेगी।

छत्तीसगढ़ /रायपुर :_ छत्तीसगढ़ में 5000 शिक्षकों की भर्ती पर कांग्रेस बोली-स्कूल मर्जर से 45000 टीचर्स के पद खत्म होंगे, भाजपा बोली- ‘समायोजन’ और ‘बंद’ होने में अंतर है। छत्तीसगढ़ में 5000 शिक्षकों की भर्ती होगी।
  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। जल्द ही यह भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगा। यह भर्ती प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से की जाएगी, जिसमें स्कूलों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भर्ती के लिए पहल की जाएगी।
,_ यह भर्ती शिक्षकों के रिक्त पदों पर की जाएगी, जिससे प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययन अध्यापन व्यवस्था को गति मिलेगी।जहां पर शिक्षक की कमी है वहां भेजा जाएगा। सभी स्कूलों में बराबर शिक्षक उपलब्ध रहें सभी विषयों के साथ, कोई भी स्कूल में शिक्षकों को कमी का मामला ना हो यही हमारी सरकार की युक्तियुक्तकरण के साथ भर्ती का उद्देश्य है।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर ध्यान दिया जाएगा इस निर्णय से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त होगी और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।
स्कूल में सुविधाओं के लिए विद्यालयों को विकसित करने हेतु नामांकन अनुसार क्लास रूम, पुस्तकालय, कम्प्यूटर शिक्षा, विद्युत कनेक्शन, इन्टरनेट, पेयजल सुविधा, खेल मैदान, आई.सी.टी. लैब के साथ क्रियाशील शौचालय की सुविधा देखी जाएगी।


छत्तीसगढ़ में नई रेल लाइन विस्तार,आवागमन सुगम, परिवहन की लागत कम और पर्यावरण को भी फायदा.

परियोजना की लागत होगी लगभग 8,741 करोड़ रुपये ।छत्तीसगढ़ में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट के तहत 615 किमी रेल लाइन विस्तार होगा।छत्तीसगढ़ की जनता के लिए यह परियोजना रेल नेटवर्क में एक बहुत बड़ी सौगात मानी जा रही है।यह रेल परियोजना देश के प्रमुख 10 रेल रूटों में शामिल है।

छत्तीसगढ़/रेल लाइन:_छत्तीसगढ़ में रेल लाइन विस्तार के लिए काम शुरू हो गया है इस लाइन में 21 नए स्टेशन बनाए जाएंगे जिससे आवागमन परिवहन और पर्यावरण के साथ किसानों को फायदा मिलेगा। इस परियोजना से यह रेल लाइन खैरागढ़ से परमालकसा तक जाएगी। यह रायपुर बाईपास से होते हुए छत्तीसगढ़ को सीधे महाराष्ट्र से जोड़ेगी, जिसमे रायगढ़, सक्ती, जांजगीर चांपा, बिलासपुर, बलौदाबाजार, रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव जिले लाभान्वित होंगे किसानों को मिलेगा पूरा फायदा,इस परियोजना से किसानों को अपनी फसलें आसानी से बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। साथ ही युवाओं को इस क्षेत्र में नए उद्योगों और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
इस परियोजना से पर्यावरण अनुकूलन को बढ़ावा मिलेगा पर्यावरण की दृष्टि से देखा जाए तो इस परियोजना से प्रतिवर्ष 22 करोड़ लीटर डीजल की बचत होगी और 113 करोड़ किग्रा CO2 की कटौती होगी, जो लगभग 4.5 करोड़ पेड़ों के लगाने के बराबर है।
इसके बन जाने से लॉजिस्टिक्स लागत में भी भारी कमी आएगी, जिससे सड़क परिवहन की तुलना में प्रतिवर्ष 2,520 करोड़ रुपये की बचत होगी ।
रायगढ़,जांजगीर-चांपा, सक्ती, बिलासपुर, बलौदा बाज़ार, रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव जिले का प्रभाव बढ़ेगा।खरसिया से परमालकसा तक 278 किमी लंबी रेल लाइन बिछाई जाएगी, जिसमें 615 किमी ट्रैक की लंबाई होगी।

यह परियोजना छत्तीसगढ़ के विकास में मील का पत्थर साबित होने जा रहा है,इस परियोजना में छत्तीसगढ़ के विकास को एक नई दिशा मिलेगी
परियोजना में 21 नई रेलवे स्टेशन का निर्माण किया जाएगा।इस मार्ग को पूरा करने के लिए 48 बड़े पुल, 349 छोटे पुल, 14 रेल ओवर ब्रिज, 184 रेल अंडर ब्रिज और रेल फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। इससे न केवल राज्य के लोगों का सफर आसाना होगा, बल्कि पड़ोसी राज्य के साथ संबंधित 8 जिलों के साथ व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी।

बेमेतरा पुलिस को मिली बड़ी सफलता लाखों के मोबाइल व अन्य सामग्री चोरी करने वाले चोर गिरफ्तार

एसएसपी बेमेतरा रामकृष्ण साहू (IPS) के निर्देशन पर बेमेतरा पुलिस द्वारा अवैध गतिविधियों पर जबरदस्त कार्रवाई।सायबर सेल एवं सिटी कोतवाली बेमेतरा पुलिस टीम की संयुक्त कार्यवाही।

17 नग एंड्रॉयड व कीपैड मोबाइल, चार्जर, केबल, यूएसबी पोर्ट घटना में प्रयुक्त वाहन जुमला कीमती लगभग 06 लाख 40 हजार रूपये सहित आरोपी गिरफ्तार।

एक विधि से संघर्षरत बालक भी शामिल

  बेमेतरा जिले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  रामकृष्ण साहू (IPS) के निर्देशन में अपराध एवं अवैध गतिविधियों पर लगातार प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में सायबर सेल एवं सिटी कोतवाली बेमेतरा की संयुक्त टीम ने एक बड़ी चोरी के मामले का खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से लाखों की चोरी गई सामग्री बरामद की गई है।

    दिनांक 23-24 मई 2025 की मध्यरात्रि को प्रार्थी संजय साहू उम्र 24 साल निवासी वार्ड नं. 20 बेमेतरा की दुकान वासुदेव मोबाइल शॉप एवं रिपेयरिंग सेंटर, बस स्टैंड बेमेतरा से अज्ञात चोरों द्वारा 58 नग मोबाइल (एंड्रॉयड व कीपैड), मोबाइल एसेसरीज़ व अन्य सामग्री जिसकी अनुमानित कीमत 4,00,000/- है, चोरी कर ली गई थी। इस संबंध में थाना सिटी कोतवाली बेमेतरा में अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध धारा 331(4), 305(A) BNS के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।

   घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई, जिस पर मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रामकृष्ण साहू (भा.पु.से.) के निर्देशानुसार, अति. पुलिस अधीक्षक श्रीमती ज्योति सिंह एवं एसडीओपी बेमेतरा श्री मनोज तिर्की, एसडीओपी बेरला विनय कुमार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सिटी कोतवाली बेमेतरा निरीक्षक दुलेश्वर चंद्रवंशी एवं सायबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक मयंक मिश्रा, थाना व सायबर सेल टीम को अज्ञात आरोपियों की पता तलास हेतु त्वरित टीम गठित कर माल, मुल्जिम पता साजी में लगाया गया।

   वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए मुखबिर सूचना के आधार पर 30 मई 2025 को कबीरधाम बस स्टैंड से आरोपियों को पकड लिया गया।नसीम अहमद, सलमान खान, एवं एक विधि से संघर्षरत बालक को उक्त घटना के संबंध में पूछताछ करने पर पता चला कि दिनांक 23-24 मई 2025 की मध्यरात्रि को आरोपी सलमान खान, नसीम अहमद एवं विधि से संघर्षरत बालक व एक अन्य साथी के साथ सलमान खान के इनोवा वाहन क्रमांक सीजी 04 – डीजी – 0349 से रायपुर जाने के दौरान रास्ते में पैसे की आवश्यकता होने से बस स्टैण्ड बेमेतरा स्थित मोबाईल दुकान का ताला तोडकर दुकान में रखें मोबाईल व मोबाईल ऐसेसिरिज को चोरी करना बताये। 

   आरोपियों के कब्जे से बरामद 
11 नग टच स्क्रीन व 06 कीपैड मोबाईल, 09 नग चार्जर, 08 नग केबल, यूएसबी पोर्ट कीमती करीबन 140,000/- रूपये व चोरी की घटना में प्रयुक्त वाहन - इनोवा (CG 04-DG-0349) कीमती लगभग 5,00,000/- रूपये को भी जब्त कर लिया गया है। कुल जुमला 6,40,000/- रूपये को जप्त कर बरामद किया गया। प्रकरण में एक अन्य फरार आरोपी की तलाश जारी हैं।

   आरोपी 01. नसीम अहमद पिता नफीस खान उम्र 25 साल निवासी वार्ड नं. 22 एकता चौक कवर्धा थाना कोतवाली जिला कबीरधाम, 2. सलमान खान पिता सैजुद्दीन उम्र 29 साल साकिन आदर्श नगर वार्ड नं. 05 कवर्धा थाना कोतवाली जिला कबीरधाम को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में न्यायिक रिमांड पर प्रस्तुत किया जा रहा है। तथा एक विधि से संघर्षरत बालक को किशोर न्याय बोर्ड न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है।

   इस संपूर्ण कार्रवाई में थाना सिटी कोतवाली बेमेतरा प्रभारी निरीक्षक दुलेश्वर चंद्रवंशी, सायबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक मयंक मिश्रा, सउनि कृष्ण कुमार क्षत्री, प्रधान आरक्षक रविन्द्र तिवारी, आरक्षक संजय पाटिल, नुरेश वर्मा, संतोष धीवर, जयकिशन साहू, पीलाराम साहू, विनोद सिंह, निरंजन वैष्णव एवं अन्य स्टाफ की महत्वपूर्ण योगदान रहा।

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत बेमेतरा जिले में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन की दिशा में अभिनव पहल

ग्रामीण क्षेत्र में प्लास्टिक कचरे का सुरक्षित निपटान बना आय का साधन ग्राम राखी में स्वच्छता दीदी कर रही हैं पुनर्चक्रण योग्य कचरे का व्यवसायिक उपयोग। पुनर्चक्रण (Recycling)  कचरे को नई सामग्री और वस्तुओं में बदलने की प्रक्रिया है, जिससे यह कचरा फिर से उपयोग में लाया जा सके ।कचरे का रीसाइक्लिंग कर स्वच्छता,पर्यावरण जागरूकता और महिला सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण बनकर उभर रही है, जिसे अन्य जिलों में भी “बेमेतरा मॉडल” के रूप में अपनाया जा सकता है।

छत्तीसगढ़/बेमेतरा:_ छत्तीसगढ़ सरकार के स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत बेमेतरा जिले में प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन की दिशा में अभिनव पहल प्रारंभ की गई है। कलेक्टर रणबीर शर्मा एवं जिला पंचायत सीईओ टेकचंद अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले के साजा ब्लॉक के ग्राम राखी में स्थापित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट आज न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कार्य कर रही है, बल्कि स्वच्छता दीदी के लिए आय का सशक्त माध्यम भी बन चुकी है। इस यूनिट में ब्लॉक के आसपास के ग्रामों से प्लास्टिक कचरे का संग्रहण किया जा रहा है, जिसे गांवों में कार्यरत स्वच्छता दीदी स्वयं एकत्र कर रही हैं। ये दीदी न केवल अपने गांव को स्वच्छ बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, बल्कि इस कार्य के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता भी हासिल कर रही हैं।
ग्राम राखी स्थित यूनिट में कार्यरत माँ जय लक्ष्मी स्व-सहायता समूह की महिलाएं इस एकत्र कचरे की छंटाई करती हैं। इसके बाद यूनिट में स्थापित आधुनिक बेलिंग मशीन के माध्यम से प्लास्टिक कचरे को बंडल कर पुनर्चक्रण कंपनियों को बेचा जाता है। यह प्रक्रिया कचरे के सुरक्षित निपटान के साथ-साथ राजस्व सृजन का भी एक प्रभावी मॉडल बन गई है।
कलेक्टर रणबीर शर्मा ने इस पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा की ग्राम स्तर पर प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन की यह व्यवस्था स्वच्छता और सतत विकास दोनों लक्ष्यों की पूर्ति कर रही है। इससे न केवल पर्यावरण सुरक्षित हो रहा है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को एक नई आर्थिक दिशा भी मिल रही है। जिला पंचायत सीईओ श्री टेकचंद अग्रवाल ने बताया कि जिले के प्रत्येक विकासखंड में इस प्रकार की एक-एक प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट की स्थापना की जा चुकी है। सभी यूनिट्स में प्लास्टिक कचरे के पुनर्चक्रण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है और यह कार्य लगातार विस्तार की ओर अग्रसर है।
स्वच्छता दीदी न केवल गांवों की साफ-सफाई में अहम भूमिका निभा रही हैं, बल्कि अपने श्रम से अतिरिक्त आय अर्जित कर परिवार की आर्थिक स्थिति को भी सशक्त बना रही हैं। इससे “स्वच्छता से स्वावलंबन” की दिशा में जिले ने एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। यह पहल ग्रामीण स्तर पर स्वच्छता, पर्यावरण जागरूकता और महिला सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण बनकर उभर रही है, जिसे अन्य जिलों में भी “बेमेतरा मॉडल” के रूप में अपनाया जा सकता है।

पेड़ों की अवैध कटाई पर सुप्रीम कोर्ट ने दिखाया सख्त रूप

हालिया फैसले में भारत के उच्चतम न्यायालय ने पेड़ कटाई पर सख्ती दिखाई है,सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर्यावरण की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।अदालत ने पेड़ों की कटाई को मनुष्य की हत्या से भी बदतर बताया है और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों पर कोई दया नहीं दिखाई जानी चाहिए यह कहा।

2010 में राष्ट्रीय हरित अधिकरण की स्थापना का मकसद पर्यावरण संबंधी मामलों को निपटाने के लिहाज से शुरू गया। मगर वह भी अपनी भूमिका निभाने में प्रभावी होता नहीं नजर आ रहा है।
(जनचौपाल36) पर्यावरण के बिना मानव जीवन का कोई अर्थ ही नहीं है। पर्यावरण धरती का एक आवरण है और जब आवरण हटा दिया जाता है तो क्या बचता है अनावृति। आज हम आधुनिकीकरण की अंधेरे दौड़ में पर्यावरण के प्रति अनावरण पन ही दिखा रहे हैं।हम आधुनिकीकरण की आड़ में पर्यावरण का विनाश कर रहे हैं।
पर्यावरण है तो जीवन है और जल है तो कल है
देखिए हम पानी के साथ ऐसा कर चुके हैं जिसका खामियाजा है कि वर्तमान में भयानक जल संकट देखने को मिला है। मानव जीवन के लिए पर्यावरण के जीवन को नष्ट नहीं कर सकते क्योंकि धरती पहले है मानव बाद में धरती बचेगी तो ही मानव जीवन बच पाएगा।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने कहा था 2025 आते-आते तीन में से दो व्यक्तियों को नहाने का पानी मिलेगा यह दूरगामी सोच थी उनकी।

खबर विस्तार:_सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को राजधानी के रिज क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के लिए पेड़ काटने पर अवमानना का दोषी ठहराया। आदेशों का जानबूझकर पालन न करने को गलत प्रशासनिक निर्णय ठहराते हुए,व्यापक वन रोपण का आदेश दिया।साथ ही अधिकारियों पर पच्चीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इससे पहले भी पेड़ों की अवैध कटाई को सुप्रीम कोर्ट ने इंसान की हत्या से भी बदतर कहा। पीठ ने संबंधित प्राधिकरण की अनुमति के बगैर पेड़ों की अवैध कटाई और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों पर कोई दया न दिखाने को कहा। माना जा रहा है कि अदालत द्वारा मानक तय कर दिया गया है, ताकि ऐसे मामलों में जुर्माना लगाया जाए।पीठ ने इतने पेड़ लगाने व हरित क्षेत्र बनाने में सौ साल का वक्त लगने की बात भी की। देश में सरकार की अनुमति के बगैर हरे वृक्षों को काटने पर पाबंदी के बावजूद बड़ी संख्या में पेड़ काटे जाते हैं। पेड़ काटने के लिए लाइसेंस लेना पड़ता है, जिसमें पेड़ का विवरण, उसकी शाखाएं, स्वामित्व का प्रमाण व स्थिति के विषय में विवरण देना होता है।
वन क्षेत्र की कमी व तेजी होते शहरीकरण, औद्योगीकरण,वनों के अवैध उपयोग के चलते पेड़ों की कटाई आम समस्या है। वन अधिनियम 1927 की धारा 26 व 379 में मामला दर्ज हो सकता है।
हालांकि बढ़ते यातायात को देखते हुए सड़कों को चौड़ा किया जाना भी जरूरी है और विकास के लिए अधिकरण की जाने वाली आवश्यक भूमि की अवहेलना भी नहीं की जा सकती, परंतु नियम / कानून की अवहेलना करने वालों पर सख्ती बेहद जरूरी है। वरना ग्लोबल वार्मिंग की चपेट में आ चुके पर्यावरण की क्षतिपूर्ति असंभव हो सकती है। पेड़ों की अधाधुंध कटाई को वन रोपण से रोका तो नहीं जा सकता मगर कुछ हद तक लगाम जरूर लगाई जा सकती है। पुराने पेड़ों को एक जगह से दूसरी जगह स्थानांतरित करने सरीखी आधुनिक तकनीक का प्रयोग करना भी संबंधित विभागों को सीखना चाहिए। क्योंकि हर मामले का निपटान अदालत द्वारा किया जाना भी मुश्किल है। इसलिए तौर-तरीकों में व्यावहारिकता को तरजीह दी जानी उचित होगी।

शराब से छत्तीसगढ़ की हालात, पुलिस ने घरों से पकड़ी अवैध शराब

लोग घरों में अवैध शराब रख रहे हैं?शराब से जनता,राज्य और केंद्र सरकार किसी का कल्याण नहीं होगा। शराब से पैसा कमाने की जुगत में सरकार लगी है, जिस कारण ही शराब से छत्तीसगढ़ में यह स्थिति है कि, लोगों के घरों से अवैध शराब जब्त की जा रही हैं,जबकि सरकार ने इस नए सत्र में 67 नई शराब की दुकान खोले हैं, उसके बाद लोग अपने घरों में,होटल,ढाबों में शराब से अवैध कमाई करने में लगे हैं।

बालोद
आबकारी आयुक्त सह प्रबंध संचालक सीएसएमसीएल के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिला आबकारी अधिकारी के नेतृत्व में बालोद जिले में अवैध मदिरा निर्माण, धारण, परिवहन एवं विक्रेताओं के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके अंतर्गत शराब कोचियों के विरूद्ध अवैध निर्माण, धारण, परिवहन, विक्रय के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए 27 मई को थाना बालोद क्षेत्र के अंतर्गत आरोपी टेमन लाल के पास से कुल 34 लीटर कच्ची महुआ शराब एवं 30 कि.ग्रा. महुआ लाहन जब्त कर छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(2), 59 (क) के तहत प्रकरण कायम कर आरोपी का जेल भेजा गया है।
जिला आबकारी अधिकारी ने मीडिया को बताया कि 01 अप्रैल 2025 से 27 मई 2025 तक 254 जगहों में अवैध मदिरा के विक्रय, धारण, निर्माण, संग्रहण, परिवहन एवं अवैध रुप से मद्यपान की सुविधा उपलब्ध कराने तथा सार्वजनिक स्थल पर मदिरापान करने वालों के विरूद्ध सतत अभियान चलाकर कुल 118 अपराधिक प्रकरण कायम किया गया है।

रायपुर खरोरा से
अवैध शराब आबकारी विभाग का एक्शन रायपुर के अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है बुधवार को विभाग के अधिकारियों को खबर मिलते ही आबकारी विभाग की टीम ने खरोरा थाना के चिंगरिया गांव के एक घर में छापा मारा इस दौरान आरोपी लीलाधर प्रसाद डहरिया के घर से 136 बोतल देशी शराब मात्रा 24.48 लीटर जप्त किया गया छापेमारी के दौरान मौके से फरार हो गया आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) 59(क)तहत अपराध दर्ज किया गया है।

कार्रवाई
पुलिस अभियान अवैध शराब की धरपकड़ जारी :रायपुर के आबकारी विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए खरोरा थाना के चिंगरिया गांव में एक घर पर छापा मारा।
शराब की जब्ती:इस कार्रवाई में आरोपी लीलाधर प्रसाद डहरिया के घर से 136 बोतल देशी शराब, जो 24.48 लीटर थी, जब्त की गई ।
आरोपी फरार:_पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई छापे मारी के दौरान आरोपी लीलाधर मौक़े से फ़रार हो गया।

छत्तीसगढ़ की एक सब्जी जो ₹2000 किलो में बिकी कभी कभी ₹5000 तक बिकती है,

कुछ क्षेत्रों में, वन विभाग इसके अवैध व्यापार को रोकने के लिए कार्रवाई करता है।

छत्तीसगढ़ की सबसे महंगी सब्जी अब बाजार में आने लगी है ।कोंडागांव में बारिश की पहली फुहार के बाद साल वर्षों के नीचे से बोड़ा सब्जी निकलने शुरू हो गई है यह जंगली सब्जी साल में केवल एक बार मिलती है इस सीजन का पहला बोड़ा बाजार में पहुंचा लगभग 1 किलो ₹2000 में बिकी एक जोड़ी 500 रुपए में बिकी।इसकी कीमत बहुत अधिक बढ़ जाती है, कभी कभी 4500 से 5000 रुपये प्रति किलोग्राम तक जा सकती है।
छत्तीसगढ़ की सबसे महंगी सब्जी पुटू या बोड़ा है, जो साल वृक्ष के नीचे से निकलती है। यह सब्जी वर्ष में केवल एक या दो महीने तक उपलब्ध होती है, खासकर मानसून के दौरान। पुटू/बोड़ा की उपलब्धता कम होने के कारण इसकी कीमतें अधिक होती हैं। इसकी कीमतें बाजार में इसकी मांग और आपूर्ति पर निर्भर करती हैं।
बोड़ा की विशेषता इसका अनोखा स्वाद और महक है ,शाकाहारी लोग इसे पनीर से ज्यादा पसंद करते हैं ।यह एक प्रकार का मशरूम है जो जमीन के अंदर तैयार होता है और मानसून की पहली बौछार के बाद जमीन को फाड़कर बाहर निकलता है।
इसमें प्रोटीन, फाइबर, सेलेनियम, पोटैशियम, विटामिन डी और एंटी-बैक्टीरियल प्रॉपर्टीज भरपूर मात्रा में होती हैं।
मांसाहारी इसे चिकन से बेहतर मानते हैं यह साल के पेड़ों के नीचे मिट्टी से स्वाभाविक रूप से होती है
यह सब्जी स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है, खासकर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए।इसकी मांग बहुत अधिक है, और लोग इसे खरीदने के लिए लंबी दूरी तय करते हैं यहां तक कि पड़ोसी राज्य के लोग भी इसे खरीदने आते हैं।

अवैध रेत खनन पर कार्रवाई बस बात खतम हो गई!?! यह सिलसिला चलता रहेगा..

अब सवाल यह उठता है कि पूरा खनिज विभाग प्रशासन के अधीन है तो प्रशासनिक लापरवाही के कारण या प्रशासन की निगरानी में रेत माफिया नदी से अवैध रेत उत्खनन कर रख रहे हैं और इसकी कालाबाजारी कर रहे हैं ।

कवर्धा कलेक्टर के निर्देश से खनिज विभाग और एसडीएम द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई कवर्धा में अवैध रेत भंडारण पर कार्रवाई करते हुए, ग्राम खेलटुकरी में खनिज विभाग ने 1041 घन मीटर रेत जब्त की है। यह कार्रवाई एसडीएम के नेतृत्व में की गई। इसी तरह की कार्रवाई आरंग में भी हुई, जहां कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देश पर 500 हाइवा अवैध रेत जब्त की गई। अवैध रेत खनन के खिलाफ प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है, जैसा कि कांकेर जिले में भी देखा गया, जहां चारामा के भिरौद घाट में चैन माउंटेन मशीन को जब्त किया गया ।

लेकिन बेमेतरा में भी अवैध रेत खनन के मामले उठाए जा रहे हैं जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है ।मीडिया में पत्रकारों के द्वारा मामला उठाया जा रहा है लेकिन वहां की प्रशासन इस मुद्दे पर कोई ध्यान नहीं दे रही है, जनता की आवाज और मीडिया की आवाज को अनसुनी कर दिया जा रहा है!! आखिर चुप्पी क्यों है??कहीं इसमें प्रशासन और दबंग जन नेता की मिली भगत तो नहीं है।

वर्तमान मीडिया खबर के अनुसार कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देशानुसार कबीरधाम जिले में खनिज के अवैध भंडारण के खिलाफ कार्रवाई जारी है। पंडरिया एसडीएम संदीप ठाकुर को ग्राम खेलटुकरी, तहसील कुण्डा से अवैध रेत भंडारण की शिकायत फोन के माध्यम से प्राप्त हुई।शिकायत के आधार पर नायब तहसीलदार पंडरिया एवं नायब तहसीलदार कुण्डा को मौके पर जांच के लिए भेजा गया।
जांच में ग्रामवासियों की सूचना के अनुसार माकरी निवासी द्वारा बिना अनुमति के 1041 घन मीटर रेत का अवैध उत्खनन कर हाफ नदी से भंडारण किया पाया गया। मौके पर ही उक्त रेत जब्त कर ग्राम पंचायत खेलटुकरी के सुपुर्द कर दिया गया।

बेमेतरा नगर पालिका द्वारा बेसिक स्कूल मैदान गांधी भवन में समाधान शिविर संपन्न

बेमेतरा:_ बेमेतरा में आज नगर पालिका परिषद द्वारा समाधान शिविर का आयोजन किया गया।बेमेतरा बेसिक स्कूल मैदान स्थित गांधी भवन में आयोजित समाधान शिविर में प्रहलाद रजक छत्तीसगढ़ राज्य रजककार बोर्ड विजय सिन्हा नगर पालिका अध्यक्ष उपस्थित रहे। समाधान शिविर में सभी हितग्राहियों को स्वास्थ्य बीमा योजना कार्ड वितरण किया गया।मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा शुरू किए गए सुशासन तिहार की अभिनव पहल की सबने भूरी-भूरी सराहना की।
इस अवसर पर उपस्थित प्रहलाद रजक रजककार बोर्ड छत्तीसगढ़ ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा आम जनता की वास्तविक जरूरतों के अलावा उनके मांगों एवं समस्याओं को देखकर समझकर समयबद्ध तरीके से निराकरण सुनिश्चित करने हेतु राज्य में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है,यह शिविर हर दृष्टि से जनहितैषी एवं लोक कल्याणकारी कार्य है।
उन्होंने कहा प्रदेश की सरकार की भरसक प्रयास है कि समाधान शिविर में जन समस्या का निराकरण शत प्रतिशत हो जिससे लोगों को सरकार की जवाब देही दिखे। समाधान शिविर में आम जनता की छोटी से छोटी और बड़ी सी बड़ी समस्याओं का निराकरण किया गया है।
नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा ने कहा हमारे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ने तीन चरणों पर सुशासन तिहार तहत समाधान शिविर लगाकर जनता की समस्याओं को तत्काल गुणवत्ता पूर्वक समाधान करने का काम किया है,राज्य सरकार के द्वारा सुशासन तिहार के माध्यम से शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ एवं सुशासन के अवधारणा को समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों तक पहुँचाने का कारगर एवं सार्थक प्रयास किया जा रहा है।
नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा ने आगे कहा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप राज्य में शासकीय काम-काज में पारदर्शिता लाने तथा शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर जोर देकर समाधान शिविर चलाया जा रहा है।समाधान शिविर आम जनता के समस्याओं का समयबद्ध निराकरण करने के उद्देश्य से शुरू किया गया हैं।सुशासन तिहार के अंतर्गत नगर पालिका द्वारा समाधान शिविर नगर के अलग अलग स्थानों में आयोजित किया जा चुका है।
आज के समाधान शिविर में मुख्य रूप से मंडल अध्यक्ष मोंटी साहू, हर्ष वर्धन तिवारी, पंचू साहू ,गौरव साहू, रवि मुलवानी,निखिल साहू,रोशन दत्ता, लक्की साहू, धर्मेंद्र साहू सहित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।