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बेमेतरा पुलिस द्वारा जब्त वाहनों की नीलामी 9 जुलाई को

नीलामी स्थल: थाना सिटी कोतवाली परिसर, सुबह 11 बजे से शुरू

बेमेतरा, 27 जून 2025 | janchoupal36.com

बेमेतरा जिले के विभिन्न थाना एवं चौकी क्षेत्रों में आबकारी सहित अन्य मामलों में जब्त किए गए कुल 12 वाहनों की सार्वजनिक नीलामी आगामी 9 जुलाई 2025 को आयोजित की जाएगी। यह नीलामी प्रातः 11:00 बजे से पुलिस थाना सिटी कोतवाली, बेमेतरा परिसर में संपन्न होगी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय, बेमेतरा से प्राप्त जानकारी के अनुसार, नीलामी में भाग लेने के इच्छुक बोलीदाता उसी दिन सुबह 4:00 बजे से वाहनों का निरीक्षण कर सकेंगे। नीलामी में भागीदारी के लिए प्रतिभागियों को ₹2000 का पंजीयन शुल्क और ₹5000 की धरोहर राशि (नकद) जमा करना अनिवार्य होगा।

नीलामी प्रक्रिया में केवल वही व्यक्ति भाग ले सकेंगे जो 7 जुलाई 2025 तक कार्यालयीन समय में पंजीकरण करवा लेंगे। इच्छुक प्रतिभागी थाना सिटी कोतवाली में उपस्थित होकर पंजीकरण कर सकते हैं।

नीलामी से संबंधित अधिक जानकारी के लिए थाना सिटी कोतवाली, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, अथवा संबंधित थानों/चौकियों के सूचना पटल पर लगाए गए चस्पा नोटिसों से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

— संवाददाता, जन चौपाल 36


बेमेतरा में निकली भगवान जगन्नाथ की 11वीं भव्य रथ यात्रा


खुद भगवान नगर यात्रा पर निकले” — नपा अध्यक्ष विजय सिन्हा


📍 बेमेतरा, 27 जून 2025_ Janchoupal36.com

बेमेतरा नगर आज आध्यात्मिक आस्था और भक्ति के रंग में रंगा हुआ दिखाई दिया, जब भगवान जगन्नाथ की 11वीं वार्षिक रथ यात्रा भव्य धूमधाम के साथ नगर भ्रमण पर निकली। यह पावन यात्रा राम मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के विभिन्न मार्गों से होकर निकली, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।

नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा, मंदिर समिति अध्यक्ष महेंद्र गुप्ता, अरुण नंदवाना और बाबा तंबोली के मार्गदर्शन में रथ का संचालन किया गया। इस अवसर पर नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा, माल्यार्पण कर भगवान जगन्नाथ का भव्य स्वागत किया।

✨ विजय सिन्हा ने मांगा नगर के विकास का आशीर्वाद

इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा ने कहा:

“आज संपूर्ण ब्रह्मांड के अखिल नायक भगवान जगन्नाथ स्वयं नगर भ्रमण पर निकले हैं। यह केवल एक रथ यात्रा नहीं, बल्कि ईश्वर के साक्षात दर्शन का अवसर है। हम सभी को उनके चरणों से नगर के विकास व कल्याण का आशीर्वाद प्राप्त हो।”

🚩 यात्रा का मार्ग व आयोजन

रथ यात्रा राम मंदिर से प्रारंभ होकर नवीन बाजार, गौरव पथ रोड, सिंघोरी चौक, दुर्ग रोड, नगर घड़ी चौक, एसडीएम चौक, पालिका उद्यान, कवर्धा रोड, भारत माता चौक होते हुए पुनः राम मंदिर प्रांगण पहुंची। वहाँ महाप्रसाद वितरण के अंतर्गत हलवा-पूरी व चने का भोग अर्पित किया गया।

🙏 आयोजक समिति व सहयोगीगण

इस आयोजन को सफल बनाने में जगन्नाथ रथयात्रा समिति के सदस्यगण सक्रिय रहे, जिनमें प्रमुख रूप से —
अरुण नंदवाना, गुड्डा गुप्ता, बाबा तंबोली, मनीष चौबे, सुधीर तिवारी, महेश साहू,रितेश छाबड़ा, दिनेश सिन्हा,अमरीका निर्मलकर ,विकास तंबोली, रोशन दत्ता, रीता पाण्डेय, लक्की साहू, रवि मुलवानी, पूर्व मंडल अध्यक्ष मोंटी साहू सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

नगर की सड़कों पर भक्ति, श्रद्धा और उत्सव का अद्भुत संगम देखने को मिला। यह आयोजन बेमेतरा नगर की सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक समरसता का प्रतीक बन चुका है।


बेमेतरा विधायक दीपेश साहू ने केंद्रीय मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का किया आत्मीय स्वागत

janchoupal36.com


बेमेतरा/छत्तीसगढ़
बेमेतरा के न्यू सर्किट हाउस में आज छत्तीसगढ़ शासन के वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों का गरिमामय आगमन हुआ। इस अवसर पर बेमेतरा विधायक दीपेश साहू ने केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और दुर्ग शहर विधायक गजेंद्र यादव का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया।

विधायक दीपेश साहू ने इस अवसर पर सभी अतिथियों के उत्तम स्वास्थ्य, यशस्वी कार्यकाल और दीर्घायु जीवन की कामना की। यह भेंट मुलाकात सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई, जहाँ क्षेत्रीय विकास, स्वास्थ्य सेवाओं और शहरी योजनाओं सहित विभिन्न जनकल्याणकारी मुद्दों पर विचार-विमर्श भी किया गया।

विधायक श्री साहू ने कहा, “ऐसे नेतृत्वदायी व्यक्तित्वों का आगमन बेमेतरा की विकास यात्रा के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी दिशा और मार्गदर्शन से जिले को नई ऊर्जा मिलेगी।”

इस अवसर पर उपस्थित गणमान्यजन:
पूर्व विधायक अवधेश सिंह चंदेल, नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिंहा, पार्षद विकास तंबोली, निखिल साहू, चांदनी रोशन दत्ता, पूर्व शहर मंडल अध्यक्ष मोंटी साहू, ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष राजू देवांगन, शहर मंडल अध्यक्ष युगल देवांगन, रेवा राम निषाद, छोटूराम साहू, डॉ. विनय साहू, राजेश दीवान, तुमा सरपंच परमेश्वर साहू, राकेश वर्मा तथा वीरेंद्र साहू आदि गणमान्यजन उपस्थित रहे।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आषाढ़ी बीज के अवसर पर कच्छी समुदाय को दी शुभकामनाएं

(नई दिल्ली, janchoupal36)

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कच्छी नववर्ष — आषाढ़ी बीज — के पावन अवसर पर दुनिया भर में बसे कच्छी समुदाय को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा:

“आषाढ़ी बीज के विशेष अवसर पर, विशेष रूप से दुनिया भर के कच्छी समुदाय को शुभकामनाएँ। आने वाला साल सभी के लिए शांति, समृद्धि और अद्भुत स्वास्थ्य लेकर आए।”

यह संदेश न सिर्फ भारत में बल्कि विदेशों में बसे कच्छी प्रवासी समुदाय के लिए भी एक विशेष भावनात्मक जुड़ाव लेकर आया है। प्रधानमंत्री के इस संदेश ने सांस्कृतिक विविधता के सम्मान और क्षेत्रीय परंपराओं के प्रति केंद्र सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाया है।

क्या है आषाढ़ी बीज?

आषाढ़ी बीज, कच्छी नववर्ष की शुरुआत का दिन होता है, जो हर वर्ष आषाढ़ मास की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। यह दिन कृषि चक्र, मानसून के आगमन और नवजीवन की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। खासतौर पर गुजरात के कच्छ क्षेत्र में इस दिन का विशेष धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व होता है।

गांव-गांव में मेले, पूजा-अर्चना और पारंपरिक नृत्य-गीतों के माध्यम से लोग इस दिन को उल्लासपूर्वक मनाते हैं।

प्रधानमंत्री का यह संदेश क्यों है महत्वपूर्ण?

  • यह संदेश भारतीय संस्कृति की विविधता का सम्मान करता है।
  • यह सरकार की प्रवासी भारतीयों से जुड़ाव नीति को मजबूती देता है।
  • यह स्थानीय त्योहारों के राष्ट्रव्यापी प्रचार-प्रसार की ओर एक कदम है।


“जगन्नाथ है तो जीवन है” — पुरी धाम में निकली विश्वविख्यात रथ यात्रा,लाखों की संख्या में श्रद्धालु होंगे शामिल

पुरी/उड़ीसा/देश: janchoupal36
भारत के चार प्रमुख धामों में प्रथम माने जाने वाले जगन्नाथ पुरी धाम में आज द्वितीया तिथि को पारंपरिक भव्यता और जनआस्था के साथ भगवान श्री जगन्नाथ की विश्वविख्यात रथ यात्रा का शुभारंभ हुआ। वर्षों की प्रतीक्षा के बाद आज वह पावन दिन आया जब महाप्रभु जगन्नाथ अपने भक्तों को दर्शन देने नगर भ्रमण पर निकले।
पुरी का यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, अपितु भारत की सांस्कृतिक एकता, श्रद्धा और परंपरा का जीवंत उदाहरण है। रथ यात्रा में भगवान श्रीकृष्ण, उनके भ्राता बलभद्र और भगिनी सुभद्रा तीन अलग-अलग सुसज्जित रथों में विराजमान होकर गुंडिचा मंदिर की ओर प्रस्थान करते हैं। यह वही अवसर है जब भगवान स्वयं अपने मंदिर से बाहर आकर भक्तों के बीच आते हैं, जिससे हर जन-मन पुलकित हो उठता है।
लगभग 40 से 45 लाख श्रद्धालु इस मौके पर पुरी में एकत्र होते हैं। भक्तगण भगवान के रथ की रस्सियों को खींचने को पुण्य का कार्य मानते हैं। चारों दिशाओं से उमड़ता जनसागर, ‘जय जगन्नाथ’ के जयकारों से गूंजता आकाश और भक्तिभाव से ओतप्रोत वातावरण—यह सब मिलकर रथ यात्रा को अद्वितीय बनाते हैं।

इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों को रथ यात्रा की शुभकामनाएं देते हुए कहा:
“जगन्नाथ है तो जीवन है। महाप्रभु केवल आराध्य नहीं, प्रेरणा भी हैं। पुरी की रथ यात्रा न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक समरसता और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का भी प्रतीक है।”

पुरी की रथ यात्रा की भव्यता, अनुशासन और भक्ति का संगम ऐसा है कि यह न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया में एक विशिष्ट पहचान बनाए हुए है। देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं के साथ-साथ विदेशों से भी तीर्थयात्री इस आयोजन में भाग लेते हैं।
तीन भव्य रथों की यात्रा, सुसज्जित मार्ग, प्रशासन की सतर्कता, सुरक्षाबलों की मुस्तैदी और हर कोने से आती भजन-कीर्तन की स्वर लहरियां—यह दृश्य अविस्मरणीय है। यह वही यात्रा है जहां भगवान स्वयं ‘नदीघोष रथ’ में सवार होकर मौसी के घर गुंडिचा मंदिर तक जाते हैं, और सात दिन बाद पुनः अपने मुख्य मंदिर लौटते हैं।
महाप्रभु श्री जगन्नाथ, जो नटवर नागर, लीलाधर, राधा के प्राण प्यारे, और जगतगुरु श्रीकृष्ण के रूप में पूजित हैं, आज भी हर भक्त के मन-मंदिर में विराजमान हैं। उनकी रथ यात्रा मात्र एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि हर हृदय में श्रद्धा और अपनत्व का उत्सव है।
🙏 जय जगन्नाथ! वंदे कृष्णं जगतगुरुम!

पद्मश्री कवि सुरेंद्र दुबे का निधन: छत्तीसगढ़ी साहित्य की अमूल्य क्षति

रायपुर/बेमेतरा | जनचौपाल36
पद्मश्री से सम्मानित छत्तीसगढ़ी हास्य कवि स्व. सुरेंद्र दुबे का हार्ट अटैक से निधन हो गया। रायपुर स्थित ACI अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे देश और विदेश में बसे उनके लाखों प्रशंसकों को गहरा आघात पहुंचा है।

बेमेतरा निवासी सुरेंद्र दुबे न केवल छत्तीसगढ़ी साहित्य के स्तंभ थे, बल्कि उन्होंने अपनी अनूठी हास्य-व्यंग्य शैली से अंतरराष्ट्रीय पहचान भी बनाई। 11 देशों में कविता पाठ कर चुके दुबे जी का अंदाज दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देता था। छत्तीसगढ़ महतारी की वंदना हो या आम जनजीवन की बारीकियां—वे सबकुछ अपनी चुटीली भाषा में कहने का हुनर रखते थे।

वो आयुर्वेदाचार्य, लेखक, और मंत्रालय में ओएसडी जैसे पदों पर भी अपनी सेवाएं दे चुके थे। लेकिन उनकी असली पहचान बनी—एक जनकवि की, जो माटी की महक को देश-विदेश तक पहुंचाने वाला था।

उनके निधन पर शोक व्यक्त करने वालों में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, मंत्री ओपी चौधरी, राजेश मूणत, कवि डॉ. कुमार विश्वास, तथा अनेक वरिष्ठ राजनेता, साहित्यकार और नागरिक शामिल हैं।

जनचौपाल 36 परिवार की ओर से स्वर्गीय सुरेंद्र दुबे जी को सादर श्रद्धांजलि एवं नमन।

अंतिम संस्कार कल किया जाएगा।


बांग्लादेशी घुसपैठ पर नजर, टोल फ्री हेल्पलाइन जारी:_ डिप्टी सीएम विजय शर्मा

जनचौपाल36 | बेमेतरा | 26 जून 2025

छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में आंतरिक सुरक्षा को सशक्त और घुसपैठमुक्त बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देश पर टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-233-1905 जारी किया गया है, जो 24×7 सप्ताह के सभी दिनों में सक्रिय रहेगा।

इस हेल्पलाइन का उद्देश्य है — अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत जानकारी सरकार तक पहुँचाना। नागरिक इस नंबर पर सूचना देकर राष्ट्रहित में अपनी जिम्मेदारी निभा सकते हैं।


📞 सूचना दें, नाम गोपनीय रहेगा

पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि:

  • सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
  • आम नागरिक बिना भय के अपनी जानकारी साझा कर सकते हैं।
  • राज्य सरकार द्वारा हर सूचना की गंभीरता से जांच की जाएगी ताकि निर्दोषों को कोई परेशानी न हो।

🗣️ उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का बयान:

“देश की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जब तक अवैध ताकतों को जड़ से नहीं उखाड़ा जाएगा, तब तक नागरिकों की शांति असुरक्षित रहेगी।
यह हेल्पलाइन आम जनता को एक सीधा, सुरक्षित और प्रभावी माध्यम प्रदान करती है।”

उन्होंने कहा कि यह कदम मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन और सुरक्षा के विजन के अनुरूप है, जिसमें राज्य को अवैध घुसपैठियों और अपराधियों से मुक्त रखने का संकल्प लिया गया है।


🚔 पुलिस को दिए गए विशेष निर्देश

  • हर प्राप्त सूचना पर शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
  • प्रचार-प्रसार अभियान चलाकर जनता को जागरूक किया जाएगा।
  • सूचना की सत्यता की गहन जांच की जाएगी, जिससे किसी निर्दोष को परेशानी न हो।

🔐 आप भी दें अपनी भूमिका

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने राज्यवासियों से अपील की है:

“यदि आपके आस-पास कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि नजर आती है, जिसकी पहचान पर संदेह हो — तो तुरंत टोल फ्री नंबर 1800-233-1905 पर संपर्क करें।
छत्तीसगढ़ को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सशक्त बनाए रखने में यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।”


📌 जनचौपाल36 की राय:
इस प्रकार की पहल आंतरिक सुरक्षा को नागरिक सहभागिता से जोड़ती है, जो लोकतंत्र की असली ताकत है। सूचना और सतर्कता — दोनों से ही राष्ट्र की रक्षा संभव है।

बाइक चालकों के लिए ₹1,800 सालाना टोल टैक्स अनिवार्य: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जानकारी दी खबरें भ्रामक है

केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी ने जानकारी दी है खबरें भ्रामक है

जनचौपाल36 न्यूज़ डेस्क | [तारीख: 26 जून 2025]

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की नई नीति ने देशभर के बाइक चालकों के बीच हलचल मचा दी है। अब दो पहिया वाहनों पर भी टोल टैक्स का भार डाला जा रहा है। सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, बाइक चालकों को ₹1,800 सालाना टोल टैक्स देना अनिवार्य किया गया है।
🔻 FASTag सुविधा दोपहिया वाहनों के लिए बंद
सरकार ने साफ किया है कि अब FASTag प्रणाली केवल चार पहिया और वाणिज्यिक वाहनों तक सीमित रहेगी। दोपहिया वाहनों के लिए FASTag सुविधा को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इसके स्थान पर एक नया वार्षिक पास सिस्टम लागू किया जाएगा।
📌 क्या है नई व्यवस्था?
दोपहिया वाहन चालकों को अब हर साल ₹1,800 का पास लेना होगा।
यह पास डिजिटल माध्यम से उपलब्ध होगा, जिसे संबंधित टोल ऑपरेटर या पोर्टल से खरीदा जा सकेगा।
बिना पास के पकड़े जाने पर भारी जुर्माना और वाहन जब्ती की कार्रवाई भी की जा सकती है।
❗ बाइक चालकों में नाराज़गी
देश के अलग-अलग हिस्सों से बाइक चालकों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। सोशल मीडिया पर लोग इस निर्णय को “जन विरोधी” और “मध्यमवर्ग के खिलाफ” बता रहे हैं। कई संगठनों ने विरोध दर्ज करने की चेतावनी दी है।
🎯 सरकार का पक्ष
सरकार का तर्क है कि:
टोल सड़कों का उपयोग सभी वाहन करते हैं, तो भुगतान की समानता होनी चाहिए।
इससे राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव के लिए अधिक राजस्व मिलेगा।
एक सॉफ्टवेयर-आधारित ट्रैकिंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है जिससे बाइकर्स को लंबी कतारों से भी राहत मिलेगी।
🧾 छूट और अपीलें
ग्रामीण क्षेत्रों और विद्यार्थियों के लिए विशेष छूट योजना पर विचार किया जा रहा है।
कई राज्यों के मुख्यमंत्री और सांसदों ने इस नीति को पुनर्विचार के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा है।
📢 जनचौपाल की राय:
सरकार की यह पहल यदि पारदर्शिता और सुविधा के साथ लागू की जाती है, तो इससे सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिल सकती है।
हालांकि, आम जनता की जेब पर इसका प्रभाव गंभीर हो सकता है, खासकर उन युवाओं और मजदूरों पर जो अपनी आजीविका के लिए बाइक का उपयोग करते हैं।
🗣️ आपकी क्या राय है?
क्या यह निर्णय जनहित में है या आम जनता पर अतिरिक्त भार?
कमेंट करें या हमें अपने विचार भेजें — www.janchoupal36.com

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जानकारी दी खबरें भ्रामक है

ऐसी मीडिया रिपोर्ट्स सामने आने के बाद केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया पर जानकारी (Nitin Gadkari toll policy) दी है। उन्‍होंने कहा है कि कुछ मीडिया हाऊसेस  द्वारा दो-पहिया (Two wheeler) वाहनों पर टोल टैक्स लगाए जाने की भ्रामक खबरें फैलाई जा रही है। ऐसा कोई निर्णय प्रस्तावित नहीं हैं। दो-पहिया वाहन के टोल पर पूरी तरह से छूट जारी रहेगी। बिना सच्चाई जाने भ्रामक खबरें फैलाकर सनसनी निर्माण करना स्वस्थ पत्रकारिता के लक्षण नहीं है। मैं इसकी निंदा करता हूं।

🌄शांति, सुख और संतुष्टि: जीवन की पूर्णता की त्रयी

संतुष्टि केवल एक भावना नहीं, बल्कि एक दर्शन है।
“अर्थ” केवल मुद्रा या संपत्ति नहीं – बल्कि जीवन का सार है।
जैसे पृथ्वी को अंग्रेज़ी में “Earth” कहते हैं और किसी वाक्य के पीछे “अर्थ” छुपा होता है, वैसे ही जीवन का अर्थ छुपा होता है – संतुष्टि में।

(जनचौपाल36 विशेष)✍️ दीपक पाण्डेय

“ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात् पूर्णमुदच्यते।
पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते।”
— यह श्लोक अद्वैत वेदांत की परम घोषणा है।
पूर्ण ही इस सृष्टि का मूल है। वही पूर्ण परमात्मा, वही पूर्ण ब्रह्म, और उसी से उत्पन्न जीव भी उसी पूर्णता का अंश है।
आज के समय में हम जीवन तो जीते हैं, लेकिन जीवन का उद्देश्य क्या है? यह बहुतों को ज्ञात नहीं होता। हम दिशाहीन हो जाते हैं, भटकते हैं किसी ऐसी पूर्णता की ओर जो हमें संतोष, सुकून और स्थिरता दे सके।
लेकिन पूर्णता की प्राप्ति किससे होती है? और उससे हमें क्या अनुभव होता है?
🔹🫂 तीन अनुभूतियां: शांति, सुख और संतुष्टि
जब मनुष्य आत्मचिंतन की ओर बढ़ता है, जब वह बाह्य जीवन की दौड़ छोड़कर अंतर्मन की ओर मुड़ता है, तब उसे तीन गहरे अनुभव होते हैं:
🕊️ शांति – स्थिरता और आत्मबल का स्रोत
शांति केवल बाहरी हलचल से मुक्त होना नहीं है। यह भीतर की गहराई में उतरने का नाम है।
जैसे समुद्र की लहरों के नीचे गहन स्थिरता होती है, वैसे ही भीतर की शांति हमें जीवन की कठिन परिस्थितियों से लड़ने की शक्ति देती है।
वेदों में भी “ॐ शांति शांति शांति” का उच्चारण आत्मिक विश्रांति का प्रतीक माना गया है।
😊 सुख – जीवन की सरलताओं में मिलने वाला आनंद
सुख कोई भौतिक वस्तु नहीं, बल्कि एक दृष्टिकोण है।
जब हम जीवन की छोटी-छोटी बातों में आनंद अनुभव करते हैं, एक बच्चे की मुस्कान में, एक गीत की धुन में, या किसी की मदद करने में – तब वह वास्तविक सुख होता है।
सुख हमें सकारात्मक बनाता है और जीवन को उत्सव की तरह जीने की प्रेरणा देता है।
🙏 संतुष्टि – पूर्णता और धन्यवाद का भाव
संतुष्टि का अर्थ है – “मैं जो हूं, जैसा हूं, और जो मिला है – उसमें मैं संपूर्ण हूं।”
यह वह स्थिति है जब कोई बाहरी उपलब्धि बाकी न रह जाए, तब भी भीतर एक शांति हो कि “मैं पर्याप्त हूं।”
संतुष्टि हमें आभार का भाव देती है, जीवन में व्यर्थ की होड़ से मुक्त करती है और स्थायी आनंद प्रदान करती है।
❓ तीनों में श्रेष्ठ कौन?
यदि पूछा जाए कि शांति, सुख और संतुष्टि – इनमें श्रेष्ठ कौन है?
तो उत्तर होगा:
🗣️संतुष्टि।
क्योंकि जब आप संतुष्ट होते हैं, तब शांति स्वतः आती है और सुख का भाव स्वतः विकसित होता है।
संतुष्टि ही जीवन की पूर्णता का अनुभव कराती है।

छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में ‘योग गुरु’ के नाम पर गंदा धंधा, आश्रम से गांजा, सेक्स टॉय और नशीली दवाएं बरामद

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इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि धर्म, योग और साधना की आड़ में कुछ लोग समाज को गुमराह कर रहे हैं। प्रशासन और जनता दोनों को ऐसे ढोंगी बाबाओं से सावधान रहना होगा, जो आस्था की आड़ में अश्लीलता और अपराध को बढ़ावा देते हैं।

डोंगरगढ़/दिल्ली। छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ स्थित पवित्र प्रज्ञागिरी पहाड़ी के पास एक आश्रम में चल रहे गंदे धंधे का खुलासा हुआ है। योग और ध्यान की आड़ में यह ढोंगी बाबा देश-विदेश से आने वाले लोगों को नशे और सेक्स जैसी आपत्तिजनक गतिविधियों में शामिल कर रहा था। पुलिस ने जब आश्रम पर छापेमारी की, तो वहां से करीब 2 किलो गांजा, सेक्स टॉय, वियाग्रा टेबलेट, नशीली गोलियां और इंजेक्शन समेत कई आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद हुईं।
इस पूरे मामले में पुलिस ने आरोपी बाबा तरुण अग्रवाल उर्फ सोनू (उम्र 45 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी खुद को “गोवा वाला योग गुरु” बताता था और लंबे समय तक गोवा में रह चुका है। वहां उसने विदेशी सैलानियों को योग और मेडिटेशन के नाम पर लुभाकर एक खास नेटवर्क खड़ा किया था। आशंका जताई जा रही है कि उसने इसी नेटवर्क का उपयोग छत्तीसगढ़ में भी करना शुरू कर दिया था।
गोवा से डोंगरगढ़ तक फैला नेटवर्क
जानकारी के अनुसार, तरुण अग्रवाल उर्फ सोनू ने डोंगरगढ़ लौटने के बाद प्रज्ञागिरी की पहाड़ी के पास एक फार्महाउसनुमा आश्रम बनाया, जहां वह “हेरिटेज योग सेंटर” खोलने की बात कहता था। वहां योग, ध्यान, साधना और आत्मबोध के नाम पर लोगों को आकर्षित किया जाता था, लेकिन असल में वहां नशे का कारोबार और संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही थीं।
पुलिस को पहले से था शक
पुलिस को इस आश्रम की गतिविधियों पर पहले से शक था। गुप्त सूचना के आधार पर डोंगरगढ़ पुलिस ने फार्महाउस में छापा मारा। तलाशी के दौरान दीवान से 1.993 किलो गांजा, सेक्स टॉय, इंजेक्शन, वियाग्रा जैसी दवाएं और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई। साथ ही फार्महाउस के एक कमरे में वीडियो रिकॉर्डिंग उपकरण और विदेश से मंगवाए गए संदिग्ध बॉक्स भी पाए गए, जिनकी जांच अब साइबर सेल कर रही है।
शांति शिविर में ‘शांत नहीं था कुछ’
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आश्रम में देर रात तक बाहरी युवकों और महिलाओं का आना-जाना लगा रहता था। कई स्थानीय युवाओं को ‘शांति शिविर’ के नाम पर गांजा देकर “ध्यान लगाने की ट्रेनिंग” दी जा रही थी। पुलिस को शक है कि वहां रेव पार्टी जैसा माहौल तैयार किया जा रहा था, और इसका विस्तार राज्य के अन्य हिस्सों में भी किया जा सकता था।
पुलिस पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे
आरोपी बाबा से पूछताछ जारी है और पुलिस का कहना है कि उसने कुछ ऐसे खुलासे किए हैं, जिन्हें जानकर अधिकारी भी हैरान हैं। जांच अब आरोपी के पुराने नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन और संभावित मानव तस्करी या अश्लील वीडियो बनाने की आशंका की दिशा में आगे बढ़ाई जा रही है।
प्रशासन सख्त, हो सकते हैं और खुलासे
फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है। डोंगरगढ़ पुलिस, साइबर सेल और नारकोटिक्स विभाग की संयुक्त टीम इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही इस कथित ‘योग गुरु’ के नेटवर्क से जुड़े और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।