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Tuesday, October 27, 2026
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_1_वापसी अतीत की ओर_💫_

यह एक कहानी “वापसी अतीत की ओर” एक बेहतरीन शुरुआत है। मैं इसे एकांकी (उपन्यास) जैसी भाषा, गहराई और प्रवाह के साथ विस्तार देकर कहानी के विचारों और भावनाओं को समृद्ध करना चाहूंगा।
कहानी के आठ भाग होंगे जिसमें आप चलेंगे दौड़ेंगे और बहेंगे शब्दों के साथ।(एक कालजयी प्रेमगाथा का प्रारंभ__दीपक पाण्डेय)

🔥
दोपहर की झुलसाती रेत पर चलते हुए जब अनिमेष का पाँव सहसा ठिठक गया, तो उसे खुद भी नहीं पता था कि वह कहाँ जा रहा है और क्यों। शायद उसकी देह चल रही थी, लेकिन आत्मा… आत्मा तो उसी मोड़ पर लौट गई थी जहाँ एक पत्र ने उसकी चेतना को झंझोड़ डाला था।
विनीता का पत्र… वही अंतिम पत्र, जो उसकी स्मृतियों में अब शूल बनकर चुभता जा रहा था।
“अनिमेष, आओ न…एक सुकोमल पुकार
यहां सब कुछ बदल गया है। हवाओं में बारूद की गंध है।
मुझे डर लग रहा है। आतंकवादी हमारे आसपास हैं।
चलो, कहीं दूर चलें। साथ जिएँ… साथ मरें…!”
🫂
विनीता ने लिखा था। पुकारा था। विनती की थी। पर अनिमेष… वह तो जैसे पत्थर हो गया था।
वह क्यों नहीं गया?
क्या कोई विवशता थी?
या उसका अहं?
या फिर यह भ्रम कि समय अभी बाकी है?
👰
अब, जब सब कुछ खो गया है—विनीता, उसका संसार, वह नर्म मुस्कान जो किसी भी अंधेरे को रोशन कर सकती थी—किसी भी दीये में रौशनी भर सकती थी।
🤦
तब अनिमेष की आत्मा उसे झकझोर रही थी। एक अपराधबोध, एक पश्चाताप, एक अवसाद—जो अब उसकी सांसों का हिस्सा बन चुका था।
उसकी कल्पनाओं में विनीता बार-बार प्रकट होती। कभी घबराई सी, कभी मुस्कुराती हुई, तो कभी वह दृश्य जिसमें उसका रक्तरंजित चेहरा एक अंतिम दृष्टि से उसे देख रहा हो… वह दृष्टि जिसे अनिमेष जीवन भर नहीं भूल सकता।
🧏
उसकी आंखें डबडबा उठीं। सांस घुटने लगी।
वह बिस्तर पर लेटने गया, लेकिन मन की हलचल ने उसे वहाँ भी चैन नहीं लेने दिया।
वह उठा, खिड़की खोली। बाहर, जैसलमेर की धूलभरी हवाएं चल रही थीं।
और तभी—
एक अजीब अनुभूति हुई।
विचारों की धरातल पर मानो कोई आंधी चल पड़ी थी।
वर्तमान से रेत भर_भरा कर उड़ने लगी।
रेत के कण आसमान पर अंधकार की चादर बुनने लगे। वातावरण में रेत के गुबार उड़ने लगे।
धुंधली यादों की परतें उसकी आँखों से होकर उसकी आत्मा तक पहुँच रही थीं।
आंधी बदस्तुर जारी रही बल्कि और बढ़ती गई।
और वह…
देखने लगा रेतो के गुबार में एक अकल्पनीय मासूम चेहरा।
🕴️
बस क्या वह खड़ा था—निस्तब्ध, स्तब्ध, किंकर्तव्यविमूढ़।
लेकिन उसके बेजान कदम अब बढ़ने लगे तलाशने कुछ हकीकत और देखने आंधी की दिशा जो किधर से चली थी।
वर्तमान के रेत उड़ते जा रहे थे!
“शायद यह आंधी अतीत की ओर से चली थी…”
वह बुदबुदाया।
उसका अतीत, जो कभी धुंधला नहीं हुआ था…
बल्कि और स्पष्ट हो चला था इस रेतीले तूफान में।
हर उड़ती रेत की कणिका में उसे विनीता का चेहरा दिखने लगा।
हर धूल के झोंके में उसकी पुकार सुनाई देने लगी।
उसका मन सिहर उठा आत्मा चीत्कार कर उठी,
🤱🧑‍🍼
“काश… उस दिन मैं चला गया होता।”
तब न ये रेत होती,
न ये कोहरा,
न ये आत्मग्लानि।
वह लड़खड़ाए कदमों से अपने कमरे के कोने में गया, जहाँ विनीता की तस्वीर रखी थी। वह तस्वीर जिसे उसने वर्षों से छुआ तक नहीं था—जैसे खुद से मुँह मोड़ लिया हो।
🧑‍🌾
आज, पहली बार…
उसने तस्वीर को उठाया, सीने से लगाया और फूट-फूट कर रो पड़ा।
फिर न जाने किस शक्ति के वशीभूत,
वह चुपचाप उठा।
बेजान कदमों से चलता गया।
उस धूलभरे रास्ते पर,
जहाँ से उसकी आत्मा कभी लौटकर नहीं आई थी।
🌈🏜️
अब वह अतीत की ओर लौट रहा था…
सुनहरा अतीत प्यारा अतीत…
एक लंबी वापसी… खुद से मिलने की।
लेकिन उसके अंतर्मन में एक प्रश्न कौंध रहा था !सब लोग वर्तमान से भविष्य की ओर जाते है पर वह वर्तमान से अतीत की ओर क्यों बढ़ रहा है.?
क्या? हकीकत कहानी बन जाती है और जब कभी कहानी खत्म हो जाती है तो उसकी स्मृतियां भीतर अंतर मन में सुनहरी यादें बनकर चुपके से बैठ जाती है।
🌄
अब वह अपने अतीत के किवाड़ खोल देता है एक मदमस्त शीतल ठंडी हवा का झोंका उसके बदन से टकराती है,
जो उसके वजूद में एक हल्की सिहरन पैदा करती है।
एक मखमली याद शुरू हो जाती है — जिसमें विनीता और अनिमेष की पहली मुलाकात, उनके संबंधों का गहराव, संघर्ष, बिछोह और आत्मदाह तक संवेदनशील यात्रा के साथ,जिसमें भरपूर दो दिलों की दास्तान थी। क्रमश:


हीराकुंड बांध के 12 गेट खोले गए, बाढ़ का पहला पानी छोड़ा गया

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जगदलपुर। छत्तीसगढ़ और ओडिशा में लगातार हो रही बारिश के कारण जलाशयों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसी कड़ी में रविवार सुबह हीराकुंड बांध के स्लुइस गेट नंबर 7 को खोलते हुए पानी छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई। जलस्तर बढ़ने के कारण बाद में कुल 12 गेट खोल दिए गए, जिससे इस मानसून का पहला बाढ़ का पानी छोड़ा गया।
बांध नियंत्रण कक्ष के अनुसार रविवार सुबह 9 बजे जल स्तर 609.54 फीट रिकॉर्ड किया गया। जलाशय में उस समय 1,30,028 क्यूसेक पानी की आमद हो रही थी, जबकि 38,164 क्यूसेक पानी बाहर छोड़ा जा रहा था।
पानी के उपयोग का ब्योरा:
34,313 क्यूसेक पानी बिजली उत्पादन के लिए पावर चैनल से डायवर्ट किया गया।
3,223 क्यूसेक पानी सिंचाई हेतु छोड़ा गया।
234 क्यूसेक पानी औद्योगिक इकाइयों को आपूर्ति के लिए दिया गया।
सिंचाई के लिए भेजे गए पानी का वितरण इस प्रकार किया गया:
बरगढ़ मुख्य नहर में 2,755 क्यूसेक
सासन मुख्य नहर में 400 क्यूसेक
संबलपुर डिस्ट्रीब्यूटरी में 68 क्यूसेक
बांध अधिकारियों ने बताया कि जलाशय के जल स्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है और आगे की स्थिति के अनुसार पानी छोड़ने की प्रक्रिया को समायोजित किया जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर तटीय क्षेत्रों में प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है।

🛑 कांवड़ पर थूकने की घटना से पुरकाजी में तनाव, आरोपी गिरफ्तार – मूकबधिर होने का दावा

धर्म का संबंध व्यक्ति की भावना से जुड़ा हुआ होता है अगर कोई इसमें दुर्भावना दिखाएं तो यह अनुचित है।

मुज़फ्फरनगर (उत्तर प्रदेश), 8 जुलाई –
धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में ज़रा सी चूक भी बड़ा विवाद खड़ा कर सकती है। ऐसा ही मामला सोमवार को मुज़फ्फरनगर के पुरकाजी कस्बे में सामने आया, जहां कांवड़ यात्रा के दौरान एक युवक द्वारा थूकने की घटना से तनाव फैल गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक युवक उस्मान पर आरोप है कि उसने शिवभक्तों की कांवड़ पर थूक दिया, जिससे मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं में आक्रोश फैल गया। घटना के बाद नाराज़ कांवड़ियों ने सड़क पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत स्वयं मौके पर पहुंचे और शिवभक्तों से संवाद स्थापित किया। उन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आरोपी उस्मान से वीडियो कॉल के माध्यम से माफ़ी मंगवाई, जिसके बाद मामला धीरे-धीरे शांत हुआ।

आरोपी मूकबधिर निकला

पुलिस का कहना है कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी उस्मान मूकबधिर है, और हो सकता है कि उसने अनजाने में यह हरकत की हो। पूछताछ के लिए सांकेतिक भाषा विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है, ताकि मामले की वास्तविकता का सही पता लगाया जा सके।

शांति बनाए रखने की अपील

पुलिस प्रशासन ने लोगों से धैर्य और संयम बरतने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और किसी भी सांप्रदायिक रंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


धार्मिक आस्था एक भावनात्मक विषय है, और ऐसी किसी भी घटना को बिना पूरी जांच के आधार पर बड़ा रूप देना समाज के सौहार्द के लिए खतरा हो सकता है। प्रशासन की सूझबूझ और संवाद की कोशिशों ने एक बड़े टकराव को टाल दिया, लेकिन यह घटना एक बार फिर इस बात की चेतावनी देती है कि धार्मिक सहिष्णुता और संयम आज के समय की सबसे बड़ी ज़रूरत है। Janchoupal36

कांग्रेस की ‘किसान-जवान-संविधान बचाओ’ जनसभा में गरजे खड़गे: कहा – “मोदी सरकार दो टांगों के सहारे चल रही है”

रायपुर, 7 जुलाई 2025 – आज रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित कांग्रेस की ‘किसान-जवान-संविधान बचाओ’ जनसभा में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि “भाजपा आज डर और दहशत का माहौल बनाकर राजनीति कर रही है।”
खड़गे ने अपने संबोधन में कहा, “मोदी सरकार को जनता ने नहीं, दो पार्टियों ने फिर से सत्ता में पहुंचाया है। एक टांग चंद्रबाबू नायडू की है और दूसरी नितीश कुमार की। अगर इनमें से कोई एक भी टांग हट जाए तो सरकार गिर जाएगी।” उन्होंने आगे कहा, “अबकी बार 400 पार का नारा देने वाले मोदी, कांग्रेस को कमजोर मानते हैं, लेकिन रायपुर की यह सभा बताती है कि जनता अब सच्चाई पहचान चुकी है।”
ED और IT के छापों से डराने की कोशिश
खड़गे ने आरोप लगाया कि भाजपा कांग्रेस के अधिवेशनों और आंदोलनों को रोकने के लिए ईडी और इनकम टैक्स के जरिए दहशत फैलाती है। उन्होंने कहा, “हमारे नेताओं, मुख्यमंत्रियों तक को डराने की कोशिश हुई, लेकिन छत्तीसगढ़ के कांग्रेस कार्यकर्ता कभी झुके नहीं, और न झुकेंगे। भाजपा लोकतंत्र को कुचलना चाहती है, लेकिन हम संविधान की रक्षा के लिए संघर्षरत हैं।”
प्रदेश की दुर्दशा पर भी कांग्रेस नेताओं का हमला
जनसभा में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “प्रदेश में स्कूल बंद हो रहे हैं और शराब की दुकानें खुल रही हैं। युवाओं के लिए रोजगार नहीं, और सरकार उद्योगपतियों को जल, जंगल, जमीन सौंप रही है।”
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा, “बरसात के बावजूद हजारों कार्यकर्ता यहां पहुंचे, यह बताता है कि जनता में जोश है। स्कूल खुले हैं, लेकिन किताबें नहीं; खेती शुरू हो गई है, लेकिन बीज और खाद गायब हैं।”
सचिन पायलट ने कार्यकर्ताओं में भरा जोश
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “बारिश की परवाह किए बिना कार्यकर्ता जुटे हैं, यह दिखाता है कि कांग्रेस आज भी जनता की भावना से जुड़ी है। भाजपा की केंद्र सरकार पूर्ण बहुमत में नहीं है और छत्तीसगढ़ की सरकार भी ‘रिमोट कंट्रोल’ से चल रही है।”
हसदेव में पेड़ों की कटाई पर चरणदास महंत का बड़ा आरोप
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा, “भाजपा ‘एक पेड़ मां के नाम’ की बात करती है, लेकिन 13 दिसंबर को मुख्यमंत्री की शपथ से पहले ही 11 दिसंबर को हसदेव क्षेत्र में 225 एकड़ जंगल साफ कर दिया गया। अब तक 15,000 से अधिक पेड़ों की कटाई की गई है।”
कांग्रेस का आह्वान – संविधान और संसाधनों की रक्षा के लिए उठ खड़े हों
कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में केंद्र और राज्य सरकार पर लोकतंत्र व संविधान को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए जनता से आह्वान किया कि “संविधान, किसान और जवान की रक्षा के लिए भाजपा की जनविरोधी नीतियों का डटकर मुकाबला करें।”


किसान, जवान और संविधान बचाओ रैली: रायपुर में आज कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे जनसभा को संबोधित

रायपुर, 7 जुलाई – आज छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर कांग्रेस पार्टी की एक बड़ी सियासी रैली का गवाह बनेगा। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे। इस सभा का आयोजन “किसान, जवान और संविधान बचाओ रैली” के तहत किया गया है, जिसका उद्देश्य जनता के बीच जनसमस्याओं, संविधान की रक्षा और किसानों-जवानों की आवाज बुलंद करना है।

सभा में खड़गे के साथ कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज भी मंच साझा करेंगे। यह रैली न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर केंद्र सरकार की नीतियों के विरुद्ध कांग्रेस के जनआंदोलन का हिस्सा मानी जा रही है।

रैली के प्रमुख मुद्दे:

  • किसानों की बदहाली: कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के चलते किसानों की आय घट गई है और महंगाई ने खेती को घाटे का सौदा बना दिया है।
  • जवानों की उपेक्षा: अग्निपथ योजना के माध्यम से युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए कांग्रेस इस योजना को लेकर लगातार विरोध जता रही है।
  • संविधान पर हमला: कांग्रेस का दावा है कि केंद्र की मोदी सरकार संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता पर लगातार आघात कर रही है, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों का क्षरण हो रहा है।

छत्तीसगढ़ की प्राथमिकताएं भी होंगी शामिल

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बताया कि रैली के माध्यम से छत्तीसगढ़ की स्थानीय समस्याओं, जैसे कि शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से रखा जाएगा। इसके साथ ही भाजपा सरकार द्वारा प्रदेश में कथित रूप से हो रहे प्रशासनिक दमन और विकास में विफलताओं पर भी सवाल उठाए जाएंगे।

राजनीतिक नजरिया:

यह रैली ऐसे समय पर हो रही है जब देश में राजनीतिक तापमान बढ़ा हुआ है और आगामी चुनावों को लेकर पार्टियां अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटी हैं। कांग्रेस इस रैली के माध्यम से छत्तीसगढ़ में अपने आधार को पुनः सशक्त करने और भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है।

जनसभा के लिए रायपुर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है।


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मैनपाट में भाजपा का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर प्रारंभ — जे.पी. नड्डा करेंगे उद्घाटन,

जनप्रतिनिधियों को मिलेगा संगठनात्मक मार्गदर्शन कुछ ही देर में

मैनपाट/सरगुजा | 7 जुलाई 2025
भारतीय जनता पार्टी का तीन दिवसीय “सांसद-विधायक प्रशिक्षण शिविर” आज से सरगुजा के सुरम्य मैनपाट क्षेत्र में प्रारंभ हो गया है। इस विशेष आयोजन का उद्घाटन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केन्द्रीय मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा के कर-कमलों से संपन्न होगा। इस अवसर पर पार्टी के छत्तीसगढ़ प्रभारी श्री नितिन नबीन, वरिष्ठ संगठन पदाधिकारी अजय जाम्बवाल, पवन साय, सहित अनेक वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे।
7 से 9 जुलाई तक चलने वाले इस प्रशिक्षण शिविर में छत्तीसगढ़ के सभी भाजपा विधायक, सांसद और मंत्रीगण भाग ले रहे हैं। यह शिविर संगठनात्मक एकता, प्रभावशाली जनसंपर्क, और राज्य व केंद्र सरकार के मध्य समन्वय पर आधारित है।
प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य
पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह प्रशिक्षण शिविर संगठन और सरकार के बीच प्रभावी तालमेल, जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली में और अधिक दक्षता लाना, जनता के बीच भाजपा की भूमिका को मजबूत करना, तथा प्रदेश सरकार की योजनाओं के जमीन पर बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने जैसे अहम विषयों पर केंद्रित है।
वरिष्ठजनों से मार्गदर्शन
शिविर में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा विधायकों एवं सांसदों को संगठन की विचारधारा, जनता से जुड़ाव, संवाद कौशल, मीडिया प्रबंधन, और सकारात्मक राजनीतिक व्यवहार जैसे पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण आगामी दिनों में जनसेवा और सुशासन को और अधिक सुदृढ़ करने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भविष्य की रणनीति का रोडमैप
यह शिविर छत्तीसगढ़ में हाल ही में भाजपा सरकार के गठन के बाद की पहली बड़ी संगठनात्मक पहल है, जिसका उद्देश्य राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को केंद्र सरकार की योजनाओं से जोड़कर जनहित में समन्वित कार्य करना है।
जन_चौपाल 36 डॉट कॉम विशेष रिपोर्ट | Deepak Pandey

बारिश ने बढ़ाई सब्जियों की कीमतें: छत्तीसगढ़ में रसोई का बजट बिगड़ा

JAN_CHOUPAL 36

रायपुर। _प्रदेश में सक्रिय मानसून और लगातार हो रही बारिश का असर अब आम लोगों की रसोई पर भी साफ नजर आने लगा है। छत्तीसगढ़ की मंडियों में सब्जियों की आवक घटने से थोक और खुदरा दोनों बाजारों में कीमतों में तेज़ उछाल देखा जा रहा है। स्थानीय उत्पादन घटने और बाहरी राज्यों पर निर्भरता के चलते आम जनता को सब्जियों के लिए अब अपनी जेब और ज्यादा ढीली करनी पड़ रही है।
बारिश के चलते प्रदेश की मंडियों में सब्जियों की आपूर्ति में करीब 25% की हिस्सेदारी स्थानीय जिलों से हो रही है, जबकि 75% से अधिक आपूर्ति कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल और राजस्थान जैसे राज्यों से आ रही है। इन राज्यों में भी मूसलाधार बारिश ने फसलों को प्रभावित किया है, जिससे थोक मूल्यों में तेज़ बढ़ोतरी हुई है।
सब्जियों के थोक बाजार में तेजी से बढ़े भाव:
टमाटर: कर्नाटक से आने वाला टमाटर अब ₹800 प्रति कैरेट तक पहुंच चुका है। सीमित मात्रा में माल भेजा जा रहा है, जिससे थोक व्यापारी घाटे में बेचने को मजबूर हैं।
फूलगोभी और पत्तागोभी: महाराष्ट्र से आने वाली ये सब्जियां भी महंगी हो गई हैं।
शिमला मिर्च: राजस्थान से आ रही शिमला मिर्च की आवक घटने से इसके दाम भी आसमान छू रहे हैं।
परवल और आलू: पश्चिम बंगाल से आ रहे इन सब्जियों में भी परिवहन लागत और बारिश के कारण महंगाई आई है।
धनिया, हरी मिर्च, गाजर और बीट: मध्यप्रदेश से आ रही इन हरी सब्जियों की कीमतों में भी औसतन 20 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी जा रही है।
व्यापारियों के अनुसार, लगातार बारिश के चलते माल खराब होने का खतरा अधिक है, जिससे वे घाटा सहकर भी सब्जियां मंगा रहे हैं। कई व्यापारी बारिश के कारण परिवहन व्यवस्था बाधित होने से समय पर माल नहीं मंगा पा रहे हैं।
रायपुर की एक सब्जी विक्रेता रेखा साहू बताती हैं कि, “हर दिन सब्जियों के दाम बदल रहे हैं। ग्राहक नाराज़ होते हैं, लेकिन हमारे पास भी कोई विकल्प नहीं है। बारिश ने हमारे धंधे पर सीधा असर डाला है।”
निष्कर्ष: आने वाले दिनों में यदि बारिश का सिलसिला यूं ही जारी रहा, तो सब्जियों की कीमतों में और तेजी आ सकती है। फिलहाल उपभोक्ताओं को संयम बरतने और मौसमी विकल्पों को अपनाने की जरूरत है।
जन चौपाल 36 समाचार डेस्क

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वर्चुअल बैठक से पंडरिया को दी 72 करोड़ से अधिक की विकास सौगात

पंडरिया (छत्तीसगढ़), दिनांक_06/07/2025
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज वर्चुअल माध्यम से पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के लिए 72 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे। सांसद श्री संतोष पांडेय तथा भाजपा जिला अध्यक्ष श्री राजेन्द्र चंद्रवंशी की गरिमामयी उपस्थिति रही।

इस कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र की लोकप्रिय विधायक श्रीमती भावना बोहरा द्वारा महाविद्यालयीन छात्राओं के लिए 5 निःशुल्क बसों का लोकार्पण छात्राओं की उच्च शिक्षा तक पहुंच को सुलभ बनाने के उद्देश्य से की गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को अब कॉलेज आने-जाने में सहूलियत मिलेगी।

मुख्यमंत्री का वर्चुअल संबोधन
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि “भाजपा सरकार महिला सशक्तिकरण और शिक्षा के क्षेत्र में ठोस कदम उठा रही है। यह बस सुविधा बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।”
कार्यक्रम में पंडरिया के विकास से संबंधित विभिन्न परियोजनाएं जैसे सड़कों का निर्माण, पेयजल योजनाएं, स्वास्थ्य सुविधा सुदृढ़ीकरण, और ग्रामीण अधोसंरचना विकास कार्य शामिल थे।
डॉ रमन सिंह ने कहा
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि “पंडरिया जैसे दूरस्थ अंचल में इस प्रकार की योजनाएं विकास के नए आयाम स्थापित करेंगी।”बेटियों की शिक्षा को मिला नया पंख पंडरिया में छात्राओं के लिए 5 निःशुल्क बसों की सौगात लाभदायक सिद्ध होगा।
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर कहा “बेटियों को शिक्षित करने के लिए विधायक भावना बोहरा जी द्वारा किया गया यह प्रयास सराहनीय है। गाँवों में रहने वाली बेटियों को अब महाविद्यालय तक आने-जाने की सुविधा मिलेगी, जिससे वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगी और उनके परिजन भी निश्चिंत रहेंगे।”
राजनांदगांव सांसद श्री संतोष पांडेय ने कहा:
“यह पहल बेटियों के सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम है। आज बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा से समाज का गौरव बढ़ा रही हैं। उन्हें शिक्षा तक पहुँच देना उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने जैसा है।”
पंडरिया विधायक भावना बोहरा का संकल्प बेटियों की शिक्षा से होगा पंडरिया का विकास।पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने आज जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज का यह क्षण उनके लिए एक सपने के साकार होने जैसा है। उन्होंने कहा कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र की बेटियों को बेहतर शिक्षा मिले, इसके लिए वे हरसंभव प्रयास करती रही हैं और आगे भी करती रहेंगी।
उन्होंने कहा, “हमने शिक्षा, स्वास्थ्य, सशक्तिकरण और विकास – इन चार आधार स्तंभों पर कार्य करते हुए जनता की आकांक्षाओं को केंद्र में रखकर पंडरिया को समृद्ध और विकसित बनाने का संकल्प लिया है।”
विधायक बोहरा ने स्पष्ट रूप से कहा कि बेटियों की शिक्षा, सशक्तिकरण की नींव है और यही भविष्य के विकसित पंडरिया की दिशा तय करेगा।
भाजपा कवर्धा जिला अध्यक्ष श्री राजेन्द्र चंद्रवंशी ने आभार व्यक्त करते हुए कहा:
“मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, सभी विशिष्ट अतिथियों और पंडरिया की जनता का मैं हार्दिक आभार प्रकट करता हूँ, जिन्होंने इस ऐतिहासिक अवसर को गौरवपूर्ण बनाया।”
इस मौके पर क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि, भाजपा नेता, अधिकारीगण, एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक व छात्राएं उपस्थित रहीं। पंडरिया में आज का दिन विकास के एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में याद किया जाएगा।

अमरनाथ यात्रा: भीषण गर्मी और सुरक्षा चुनौतियों के बावजूद श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह


जम्मू-कश्मीर – कठिन मौसम परिस्थितियों और सुरक्षा की चुनौतियों के बावजूद इस वर्ष अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता है। यात्रा के पहले दो दिनों में 26,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के पवित्र गुफा में दर्शन किए।

तीसरे दिन भी हजारों श्रद्धालु अमरनाथ गुफा की ओर प्रस्थान कर चुके हैं। प्रशासन और सुरक्षाबलों की सतर्कता के बीच श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। यात्रा मार्ग पर मेडिकल टीम, राहत शिविर, खाने-पीने की व्यवस्थाएं तथा आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।

आधिकारिक आंकड़ों की ओर नज़र डालें तो अभी तक औपचारिक रूप से पहले दो दिनों में यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 26863 है। पहले दिन 3 जुलाई को 12348 और दूसरे दिन 4 जुलाई को 14515 है।

श्रद्धालुओं ने कहा कि यह केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था और संकल्प का प्रतीक है। कठिन रास्तों और मौसम की परवाह किए बिना बाबा बर्फानी के दर्शन की लालसा लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही है।

बर्फीली गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाला शिवलिंग इस यात्रा का मुख्य केंद्र है, और प्रतिवर्ष लाखों लोग देशभर से यहां आकर अपने आराध्य के दर्शन करते हैं। इस वर्ष भी यह पवित्र यात्रा 62 दिनों तक चलेगी और 19 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन इसका समापन होगा।


❖ आषाढ़ी एकादशी: चतुर्मास का आरंभ और भारतीय जीवन _शैली में इसका पारंपरिक महत्व

लेख: जन चौपाल डेस्क

आज का दिन हिन्दू पंचांग में अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी, (जिसे देवशयनी एकादशी या हरि_शयनी एकादशी कहा जाता है) से ही चतुर्मास की शुरुआत होती है। यह चार महीने की वह अवधि है जब भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं और सृष्टि की गति साधु-संयम, व्रत, तप और आत्मचिंतन की ओर मुड़ जाती है।
❖ चतुर्मास: संयम और साधना का काल
देवशयनी एकादशी से शुरू होकर कार्तिक शुक्ल एकादशी (प्रबोधिनी एकादशी) तक चलने वाला यह काल “चतुर्मास” कहलाता है। ऋतु परिवर्तन, वातावरण की आर्द्रता और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में बदलाव के कारण भारतीय आयुर्वेद और योगशास्त्र इस समय को अनुशासन व संयम के लिए आदर्श मानते हैं।
इस दौरान लोग व्रत, सात्त्विक भोजन, प्राकृतिक उपचार और सद्ग्रंथों के अध्ययन के माध्यम से अपने जीवन को शुद्ध और स्थिर करने का प्रयास करते हैं।
❖ धार्मिक मान्यता और परंपराएं
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन से भगवान विष्णु पाताल लोक में योगनिद्रा में चले जाते हैं और चार महीने बाद प्रबोधिनी एकादशी को जागते हैं। इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश और अन्य शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
भक्तगण इस दिन व्रत, कीर्तन, मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, और श्रीमद्भागवत पाठ करते हैं। विशेष रूप से पंढरपुर (महाराष्ट्र) में विठोबा रथ यात्रा बड़े हर्षोल्लास से मनाई जाती है।
❖ स्वास्थ्य और विज्ञान के दृष्टिकोण से महत्व
आयुर्वेद के अनुसार, वर्षा ऋतु में पाचनतंत्र दुर्बल होता है। इस कारण तैलीय, मांसाहारी, और भारी भोजन से बचने की सलाह दी जाती है। चतुर्मास में हल्का, सुपाच्य, और शुद्ध शाकाहारी भोजन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है।
साथ ही यह समय मानसिक शांति, ध्यान और योग साधना के लिए भी उपयुक्त माना गया है, जिससे मनुष्य शरीर और आत्मा दोनों की शुद्धि कर सके।

🔔संयम अनुशासन और साधना की प्रेरणा🕉️
आषाढ़ी एकादशी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय जीवनशैली की वैज्ञानिकता और संतुलन का प्रतीक है। यह हमें संयम, अनुशासन और साधना की प्रेरणा देता है। वर्तमान समय में जब भागदौड़ और तनाव जीवन का हिस्सा बन चुके हैं, ऐसे में चतुर्मास जैसे पर्व जीवन में मनन, आत्मावलोकन और स्वास्थ्य संतुलन के अवसर प्रदान करते हैं।