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Tuesday, October 27, 2026
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चलती ट्रेन में यात्रियों पर हमला: रील बनाने के लिए किया गया हादसा, भोजपुर में दो युवक गिरफ्तार

भोजपुर/भारत:_ 01 अगस्त।
आजकल मोबाइल का फैशन तो चल ही रहा है साथ ही यह गंभीर नशे के तरफ बढ़ गया है।हर आदमी आज मोबाइल से हर जगह रील और वीडियो बनाकर फ्लैश करना चाहता है । कई जगह तो हाई टेक्नोलॉजी का उपयोग कर एग्जाम देने तक बैठ जाते हैं। इस कारण अधिकांश रील बनाने के मामलों से विवाद की स्थिति पैदा हो जा रही है।
हालिया एक घटना सामने है,,
भोजपुर ज़िले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां चलती ट्रेन में यात्रियों पर हमला किया गया और इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि हमला लूटपाट या व्यक्तिगत दुश्मनी की वजह से नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर रील बनाने के लिए किया गया था। यह घटना सामने आने के बाद यात्रियों में दहशत का माहौल है।
RPF ने कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

आरपीएफ से मिली जानकारी के अनुसार, चलती ट्रेन में यात्रियों पर यह हमला सोशल मीडिया पर रील्स बनाने के लिए किया गया था। मामले में पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन उनकी पहचान उजागर नहीं की गई है। उन आरोपी युवकों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर लिया गया है।

अधिकारियों ने कहा है कि इस तरह की घटनाएँ न केवल यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं बल्कि रेलवे कानून का गंभीर उल्लंघन भी हैं।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना RPF या रेलवे हेल्पलाइन पर दें, ताकि ऐसे मामलों को रोका जा सके।


“नक्सल साया घटा, बस्तर अब खेल विकास की ओर” रायपुर-बिलासपुर में खुलेंगे मेडिकल-नर्सिंग कॉलेज

Janchoupal 36


रायपुर, 31 जुलाई 2025(जनसंपर्क छग)
छत्तीसगढ़ के लिए खेल और स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया से मुलाकात की, जहाँ कई अहम फैसले हुए।

नक्सल हिंसा से निकलकर बस्तर अब खेल की राह पर”

बस्तर का नया चेहरा: संघर्ष से खेल विकास तक”

सबसे पहले, बस्तर ओलंपिक को इस साल से ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ का दर्जा मिल गया है। इसका मतलब यह हुआ कि अब बस्तर के पारंपरिक खेलों को पूरे देश में पहचान मिलेगी और आदिवासी खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय ने रायपुर और बिलासपुर में 220 बेड वाले मेडिकल और नर्सिंग कॉलेज खोलने का प्रस्ताव भी रखा। इससे राज्य को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य शिक्षा मिलेगी। इस पर केंद्रीय मंत्री ने जल्दी ही सकारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिया।

इसी दौरान, मुख्यमंत्री ने खेल अधोसंरचना मजबूत करने के लिए नए स्टेडियम, प्रशिक्षण केंद्र और लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (LNIPE) का क्षेत्रीय केंद्र छत्तीसगढ़ में खोलने की माँग भी रखी।

इस मुलाकात में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह और सचिव राहुल भगत भी मौजूद रहे।


ट्रक चालकों के लिए सरकार की नई पहल – ‘अपना घर’ विश्राम सुविधा

ट्रक चालकों की सुरक्षा, आराम और लंबी दूरी की यात्रा को सहज बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की है।

प्रविष्टि तिथि: 31 जुलाई 2025 | स्रोत: PIB Delhi
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने देशभर में ‘अपना घर’ नामक विश्राम सुविधा विकसित की है, जो ट्रक चालकों को सड़क मार्ग पर सुरक्षित और आरामदायक ठहराव उपलब्ध कराएगी।
राज्यसभा और लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, 1 जुलाई 2025 तक देशभर के विभिन्न राजमार्गों के किनारे सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) द्वारा 368 ‘अपना घर’ केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। इन केंद्रों में कुल 4611 बिस्तर और अन्य आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
‘अपना घर’ में उपलब्ध प्रमुख सुविधाएँ:
शयनगृह: 10 से 30 बिस्तरों वाले सुरक्षित डॉरमिटरी
रेस्तरां व ढाबे: ट्रक चालकों के लिए भोजन की उपलब्धता
कुकिंग एरिया: स्वयं खाना बनाने की सुविधा
स्वच्छ शौचालय एवं स्नानागार: हौद सहित
शुद्ध पेयजल की सुविधा
सुरक्षित और शांत वातावरण
सरकार का कहना है कि यह पहल न केवल ट्रक चालकों के लिए यात्रा को सुरक्षित बनाएगी, बल्कि थकान कम होने से सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।
सकारात्मक प्रतिक्रिया और बढ़ती लोकप्रियता
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री श्री सुरेश गोपी ने लोकसभा में लिखित उत्तर में बताया कि ट्रक चालकों द्वारा इस योजना को बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।
‘अपना घर’ मोबाइल ऐप पर डाउनलोड और पंजीकरण लगातार बढ़ रहे हैं।
वास्तविक उपयोगकर्ताओं ने आराम, सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर उच्च संतुष्टि व्यक्त की है।
सरकार आने वाले समय में इन केंद्रों की संख्या और सुविधाओं को और बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है, ताकि देश की माल ढुलाई व्यवस्था में अहम भूमिका निभाने वाले ट्रक चालकों को सुरक्षित और सम्मानजनक ठहराव मिल सके।

नई दिल्ली में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की छत्तीसगढ़ के सांसदों से सौहार्दपूर्ण भेंट, राज्य के विकास और समसामयिक मुद्दों पर हुई विस्तृत चर्चा

रायपुर/नई दिल्ली, 30 जुलाई 2025:(छग जनसंपर्क)

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित 17, छत्तीसगढ़ सदन में राज्य के सांसदों से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर आयोजित रात्रि भोज के दौरान मुख्यमंत्री ने सांसदों के साथ राज्य और राष्ट्र के समसामयिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने सभी सांसदों का स्वागत करते हुए छत्तीसगढ़ के समग्र विकास में उनकी सक्रिय भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि “जनप्रतिनिधियों की सक्रिय उपस्थिति और सहभागिता से राज्य के हित और ज़मीनी ज़रूरतें राष्ट्रीय फलक पर बेहतर ढंग से प्रस्तुत हो पाती हैं।”
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहे व्यापक और परिवर्तनकारी कार्यों पर भी चर्चा हुई। सांसदों ने केंद्र सरकार की योजनाओं की प्रगति पर अपने सुझाव दिए तथा छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों से जुड़े जमीनी अनुभव भी साझा किए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सांसदों को राज्य की नई औद्योगिक नीति, निवेश आकर्षण के प्रयास, युवाओं के लिए बढ़ते रोजगार अवसरों, किसानों की आर्थिक सशक्तिकरण योजनाओं और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि “छत्तीसगढ़ की नीतियां और कार्यक्रम राज्य के हर वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं।”
इस सौहार्दपूर्ण मुलाकात का उद्देश्य राज्य व केंद्र के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना और छत्तीसगढ़ के विकास को नई गति देना रहा। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि सांसदों के सुझावों और सक्रिय सहभागिता से राज्य की प्राथमिकताओं को और अधिक प्रभावी ढंग से राष्ट्रीय स्तर पर रखा जा सकेगा।

वोटर लिस्ट अपडेट में नागरिकता का संकट: आधार, वोटर आईडी भी बेअसर”

पटना/दिल्ली-NCR, 31 जुलाई 2025(मीडिया सूत्र)

वोटर लिस्ट विशेष पुनरीक्षण अभियान पर विवाद: नागरिकता साबित करने के लिए ‘कठिन शर्तें’, आम लोग परेशान।बिहार में चल रहे विशेष पुनरीक्षण अभियान में आम पहचान पत्रों को नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाएगा, ग्रामीणों में बढ़ी चिंता”।बिहार चुनाव आयोग ने नागरिकता साबित करने के लिए 11 दस्तावेज तय किए।
विपक्ष बोला- गरीबों को किया जा रहा परेशान”
बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच चल रहे वोटर लिस्ट विशेष पुनरीक्षण अभियान (Special Intensive Revision – SIR) ने नागरिकता की बहस को तेज कर दिया है। इस प्रक्रिया में नए मतदाताओं को नाम जुड़वाने के लिए नागरिकता साबित करनी होगी, लेकिन आधार कार्ड, वोटर आईडी, राशन कार्ड और पैन कार्ड जैसे सबसे आम दस्तावेज नागरिकता का प्रमाण नहीं माने जाएंगे।
कौन से दस्तावेज मान्य हैं?
बिहार चुनाव आयोग ने नागरिकता साबित करने के लिए 11 दस्तावेजों की सूची जारी की है:
सरकार या सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं द्वारा जारी पहचान पत्र/पेंशन ऑर्डर (1 जुलाई 1987 से पहले)
किसी अधिकृत निकाय द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र
भारतीय पासपोर्ट ।
किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय का मैट्रिकुलेशन/शैक्षणिक प्रमाण पत्र ।
स्थायी निवास प्रमाण पत्र (राज्य सरकार द्वारा जारी)
वन अधिकार प्रमाण पत्र ।
जाति प्रमाण पत्र (एससी/एसटी/ओबीसी)।
राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहां लागू) ।
परिवार रजिस्टर (राज्य या स्थानीय निकाय द्वारा तैयार)
सरकार द्वारा भूमि या आवास आवंटन का प्रमाण पत्र
भारत सरकार या प्राधिकरण द्वारा जारी पुराने दस्तावेज (1 जुलाई 1987 से पहले) ।
कौन से दस्तावेज मान्य नहीं हैं?
आधार कार्ड: UIDAI के अनुसार यह केवल पहचान का माध्यम है, नागरिकता का नहीं।
वोटर आईडी कार्ड (EPIC): यह केवल मतदाता सूची पर आधारित होता है, जिसमें गलत प्रविष्टियां संभव हैं।
पैन कार्ड: यह विदेशी नागरिकों को भी जारी हो सकता है।
राशन कार्ड: पहचान और निवास प्रमाण है, नागरिकता का नहीं।
नागरिकता कैसे साबित करें?
भारतीय पासपोर्ट: केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी होता है, इसलिए सबसे सशक्त प्रमाण।
जन्म प्रमाण पत्र: नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 3 के अनुसार मान्य।
नागरिकता प्रमाण पत्र: गृह मंत्रालय द्वारा जारी, जैसे विदेशी नागरिक को नागरिकता दिए जाने पर।
डोमिसाइल सर्टिफिकेट: राज्य सरकार द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण।
NRC रिकॉर्ड: जहां लागू हो, वह भी नागरिकता प्रमाण के रूप में मान्य होगा।
ग्रामीण व गरीब वर्ग के लिए बड़ी चुनौती
विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि ये दस्तावेज़ अधिकांश ग्रामीणों और गरीब वर्ग के पास उपलब्ध नहीं हैं। जन्म प्रमाण पत्र या पासपोर्ट जैसे दस्तावेज़ शहरी या सरकारी सेवा से जुड़े लोगों के पास अधिकतर पाए जाते हैं, जबकि दूरदराज के गांवों में रहने वाले, गरीब और अशिक्षित वर्ग को नाम जुड़वाने में भारी दिक्कत हो रही है।
विपक्ष के आरोप
विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग यह प्रक्रिया लागू कर आम नागरिकों को परेशान कर रहा है। उनका कहना है कि
“यह वोटर लिस्ट अपडेट का नाम लेकर नागरिकता साबित करने की कठिन प्रक्रिया थोपने जैसा है, जिससे बड़ी संख्या में गरीबों और हाशिए पर खड़े वर्ग के लोग वंचित हो सकते हैं।”
आम नागरिकों की चिंता
Delhi-NCR से लेकर बिहार के गांवों तक लोग इस बात को लेकर उलझन में हैं कि नागरिकता का प्रमाण आखिर कैसे पेश करें। लोगों का कहना है कि आधार, वोटर कार्ड और राशन कार्ड जैसे दस्तावेज़ ही उनके पास हैं, जो अब मान्य नहीं माने जा रहे।
चुनाव आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया पारदर्शिता के लिए है, लेकिन लोगों की आशंकाएं और सवाल इसे केवल चुनावी प्रक्रिया नहीं, बल्कि पहचान के अधिकार का मुद्दा बना रहे हैं।

सड़क सुरक्षा पर सख्ती: बिलासपुर जिले में खुले में मवेशी छोड़ना अब दंडनीय अपराध, पशुपालकों पर कड़ी कार्रवाई होगी

🚔 आवारा मवेशियों से सड़कें होंगी मुक्त!
पशुपालक ध्यान दें, नियम तोड़े तो जुर्माना और कारावास का सामना करना पड़ेगा।
🐂➡️❌ अब खुले में मवेशी छोड़ना नहीं चलेगा!
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू, पशुपालकों पर कठोर कार्रवाई की तैयारी।

बिलासपुर, 31जुलाई 2025:(जनसंपर्क छग)
बिलासपुर जिले में अब सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर मवेशियों को खुला छोड़ना गंभीर अपराध माना जाएगा। जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 को लागू करते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि पशुपालकों को अपने मवेशियों को बांधकर रखना अनिवार्य होगा।
क्यों लिया गया यह निर्णय?
जिले में बीते कुछ महीनों से सड़कों पर आवारा पशुओं की वजह से लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही थीं। न केवल लोगों की जानें जा रही थीं, बल्कि आपातकालीन सेवाओं में भी बाधा उत्पन्न हो रही थी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जनहानि रोकने के उद्देश्य से प्रशासन ने यह कठोर निर्णय लिया है।
कौन से कानून लागू होंगे?
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 291 के तहत मवेशियों को खुले में छोड़ने पर कार्रवाई होगी।
पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11(1) के अंतर्गत भी पशुपालकों पर सख्त जुर्माना और सजा का प्रावधान रहेगा।
इन प्रावधानों के तहत पशुपालकों को न केवल जुर्माना भरना होगा बल्कि कठोर कारावास की सजा भी दी जा सकती है।
पशुपालकों की जिम्मेदारी तय
प्रशासन ने साफ कहा है कि हर पशु मालिक को अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक होना होगा। सड़कों पर खुले में मवेशी घूमते पाए जाने पर सीधे पशुपालक की जिम्मेदारी तय होगी।
“जनता की जान और सड़क सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा। नियम तोड़ने वालों पर तुरंत कार्रवाई होगी,” प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा।
👉 जनता से अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे आवारा मवेशियों को सड़कों पर छोड़ने की जानकारी तुरंत पुलिस या नगर निगम को दें, ताकि समय पर कार्रवाई हो सके और हादसों से बचा जा सके।


रायपुर: मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए कई अहम निर्णय

दिनांक: 30 जुलाई 2025, रायपुर/स्त्रोत:_(छग जनसंपर्क)

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय (महानदी भवन) में हुई कैबिनेट बैठक में राज्यहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
1️⃣ खनिज संस्थान न्यास नियम में संशोधन
भारत सरकार के खान मंत्रालय के नए दिशा-निर्देशों और पीएम खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY)-2024 के संशोधित गाइडलाइंस के अनुसार छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम 2015 में आवश्यक संशोधन को मंजूरी दी गई।
न्यास की राशि का न्यूनतम 70% व्यय अब पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, कौशल विकास, महिला-बाल कल्याण, स्वच्छता, आवास, पशुपालन आदि प्राथमिक क्षेत्रों में होगा।
2️⃣ नए रेत खनन नियम-2025 लागू
रेत खनन और परिवहन में पारदर्शिता लाने और अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम 2019 तथा 2023 को समाप्त कर नया नियम 2025 लागू करने का निर्णय लिया गया।
रेत खदानों का आवंटन अब इलेक्ट्रॉनिक नीलामी से होगा।
आम जनता को उचित दरों पर रेत उपलब्ध कराने के लिए सख्त प्रावधान किए गए हैं।
पर्यावरण और सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होगा।
3️⃣ कृषि भूमि मूल्यांकन प्रणाली में बदलाव
ग्रामीण कृषि भूमि के बाजार मूल्य की गणना के लिए 500 वर्गमीटर तक के भूखंड की दर समाप्त कर संपूर्ण रकबा हेक्टेयर दर से तय किया जाएगा।
अनियमितताओं से बचने के लिए परिवर्तित भूमि का मूल्यांकन ढाई गुना की जगह नई व्यवस्था से होगा।
शहरी सीमा से लगे ग्रामों और निवेश क्षेत्र की भूमियों का मूल्यांकन वर्गमीटर में किया जाएगा।
4️⃣ नवा रायपुर में क्रिकेट अकादमी को मंजूरी
छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) को नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-3, ग्राम परसदा में क्रिकेट अकादमी स्थापना हेतु 7.96 एकड़ भूमि आबंटित करने का निर्णय लिया गया।
राज्य के प्रतिभावान खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलेंगी।
अकादमी से क्रिकेट के क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे और छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

छत्तीसगढ़ के 115 शहरों ने स्वच्छता रैंकिंग में सुधार, रायपुर को मिला सेवन स्टार गारबेज-फ्री का दर्जा

रायपुर, 30 जुलाई 2025 (स्त्रोत:_जनसंपर्क छग):

छत्तीसगढ़ ने स्वच्छता के क्षेत्र में एक बार फिर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य के 115 शहरों ने स्वच्छता रैंकिंग में सुधार किया है, जबकि देशभर के टॉप-100 शहरों में छत्तीसगढ़ के 25 शहर छत्तीसगढ़ ने स्वच्छता रैंकिंग में शानदार प्रदर्शन किया है।देश के टॉप-100 शहरों में रायपुर, भिलाई, दुर्ग, बिलासपुर, जगदलपुर, रायगढ़, जांजगीर और 18 अन्य शहर शामिल हुए हैं।

💫उपलब्धि
राज्य के 62 शहरों ने गारबेज-फ्री रेटिंग में सुधार किया है।
163 नगरीय निकाय ओडीएफ प्लस प्लस (खुले में शौच मुक्त और कचरा प्रबंधन में बेहतर) बने हैं।
सिमगा, जशपुर, राजपुर, भिलाई-चरोदा जैसे शहरों ने स्वच्छता रैंकिंग में उल्लेखनीय छलांग लगाई है।
छत्तीसगढ़ ने स्वच्छता रैंकिंग में शानदार प्रदर्शन किया है। राष्ट्रीय स्तर पर देश के कुल 115 शहरों ने रैंकिंग में सुधार किया है जबकि छत्तीसगढ़ के 25 शहरों ने इसमें अपना स्थान बनाया। देश के टॉप-100 शहरों में रायपुर, भिलाई, दुर्ग, बिलासपुर, जगदलपुर, रायगढ़, जांजगीर और 18 अन्य शहर शामिल हुए हैं।

इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री ने जताई खुशी
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह उपलब्धि राज्य के हर नागरिक और सभी नगरीय निकायों के संयुक्त प्रयास का परिणाम है।
शहरी प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से 7,400 करोड़ रुपये की स्वच्छता योजनाओं ने इन उपलब्धियों को मजबूत आधार दिया है

👉 साझा प्रयासों से संभव हुई सफलता
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ की यह उपलब्धि प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान को नई दिशा देती है। स्वच्छता मिशन को और मजबूत बनाने के लिए आने वाले समय में कचरा प्रसंस्करण, जल संरक्षण और सीवरेज प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।


डेयरी किसानों के लिए सरकार के बड़े कदम, राज्यवार आंकड़े जारी

नई दिल्ली, 29 जुलाई 2025 (PIB):
भारत सरकार ने डेयरी किसानों की आय बढ़ाने और दूध उत्पादन में सुधार लाने के लिए कई योजनाएँ शुरू की हैं। इन योजनाओं का फायदा देश के हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में किसानों को मिल रहा है। सरकार का जोर उन्नत तकनीक, बेहतर नस्ल के पशु, पशुओं के लिए अच्छा आहार और मजबूत बुनियादी ढांचे पर है।
किसानों के लिए मुख्य सुविधाएँ
राष्ट्रीय गोकुल मिशन: ऐसे जिलों में जहाँ कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा 50% से कम है, इसे बढ़ाया जा रहा है। किसानों को अच्छी नस्ल के सांड का वीर्य निःशुल्क दिया जा रहा है।
IVF तकनीक: गाय-भैंसों में नस्ल सुधार के लिए IVF तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। सफल गर्भधारण पर किसानों को ₹5000 की मदद दी जा रही है।
लिंग-सॉर्टेड वीर्य: मादा बछड़े पैदा करने की संभावना 90% तक बढ़ाई गई है। सफल गर्भधारण पर किसानों को 50% तक की लागत वापस मिलती है।
राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (NPDD): दूध की गुणवत्ता जाँचने वाले उपकरण और ठंडा रखने की मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं। दूध बेचने के लिए मार्केटिंग और प्रोसेसिंग सुविधाएँ भी बढ़ाई जा रही हैं।
पशुधन मिशन-उद्यमिता विकास कार्यक्रम: डेयरी, बकरी, भेड़ और चारा बनाने वाली इकाइयों को 50% तक की सब्सिडी (अधिकतम ₹50 लाख) दी जा रही है।
पशुपालन अवसंरचना विकास निधि: डेयरी और पशुपालन से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर 3% ब्याज में छूट मिलती है।
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC): डेयरी किसानों को अब कार्यशील पूंजी के लिए भी KCC सुविधा मिल रही है।

छत्तीसगढ़ में खास पहल

छत्तीसगढ़ में डेयरी किसानों को इन योजनाओं से बड़ा फायदा हुआ है। राष्ट्रीय पशुधन मिशन और रोग नियंत्रण कार्यक्रमों के तहत राज्य को अब तक लगभग 92 करोड़ रुपये की राशि दी गई है। इस धन का इस्तेमाल मवेशियों के टीकाकरण, नस्ल सुधार और दूध संग्रह केंद्रों को मजबूत करने में किया गया है।
अब तक 15 लाख से ज्यादा मवेशियों का टीकाकरण किया गया।
500 से ज्यादा कृत्रिम गर्भाधान केंद्र सक्रिय किए गए।
रायपुर, दुर्ग, बेमेतरा और बिलासपुर जिलों में नई दूध ठंडा करने की इकाइयाँ स्थापित हुईं।
बस्तर और सरगुजा जैसे आदिवासी क्षेत्रों में किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की सुविधा दी गई।
फार्मर्स के लिए डिजिटल मदद
सरकार ने 1962 किसान ऐप लॉन्च किया है। यह ऐप किसानों को बताता है कि अपने पशुओं को किस तरह का संतुलित आहार दें ताकि दूध उत्पादन बढ़ सके और खर्च कम हो।
सरकार का लक्ष्य
केंद्र सरकार का कहना है कि इन योजनाओं से किसानों की आमदनी बढ़ेगी, पशु रोगों पर काबू मिलेगा और देशी नस्लों का संरक्षण होगा। साथ ही, डेयरी क्षेत्र को जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए मजबूत बनाया जाएगा।


मंडल कमेटी के गठन हेतु जिला कांग्रेस प्रभारी विकास उपाध्याय ने की बैठक

बेमेतरा, राजीव भवन: JANCHOUPAL36
जिला कांग्रेस कमेटी बेमेतरा के राजीव भवन में आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता जिला कांग्रेस प्रभारी एवं पूर्व विधायक श्री विकास उपाध्याय ने की। बैठक में विशेष रूप से पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री रविंद्र चौबे एवं जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्री आशीष छाबड़ा उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान श्री विकास उपाध्याय ने कहा कि जिले में मंडल कांग्रेस कमेटियों का गठन शीघ्र किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंडल अध्यक्ष पद के लिए केवल योग्य, निर्भीक, जुझारू और सर्वमान्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ही अवसर मिलेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि चयनित मंडल अध्यक्ष के नेतृत्व में पूरे मंडल के कार्यकर्ता एकजुट होकर कार्य करें।
भाजपा सरकार पर साधा निशाना
जिला प्रभारी ने भाजपा सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि,
“भाजपा की सरकार छत्तीसगढ़ में पूरी तरह विफल है। यह रिमोट कंट्रोल से चलने वाली सरकार बनकर रह गई है। आम जनता को समझ नहीं आ रहा कि वास्तव में इस सरकार को चला कौन रहा है। जनता ने इन्हें उम्मीदों के साथ सत्ता सौंपी थी, लेकिन वे पूरी तरह धराशायी हो चुकी हैं।”
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाते रहें और जनता से सतत संपर्क बनाए रखें।
रविंद्र चौबे का संबोधन
पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री रविंद्र चौबे ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे आपसी मतभेदों को भुलाकर कांग्रेस को मजबूत करने के लिए एकजुट होकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि मंडल कमेटियों के गठन में सभी कार्यकर्ताओं की राय महत्वपूर्ण है और ऐसे नेताओं का चयन होना चाहिए जिनके नेतृत्व में कार्यकर्ता मजबूती से काम कर सकें।
जमीनी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता: आशीष छाबड़ा
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्री आशीष छाबड़ा ने कहा कि बेमेतरा जिले का प्रत्येक कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा के दबाव में झुकने वाला नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं को मंडल कमेटियों में प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि उनका मनोबल बढ़े और संगठन मजबूत हो।
उन्होंने चेतावनी दी कि “मंडल कमेटी में किसी भी प्रकार के ‘फूल छाप’ कांग्रेसी को स्थान न दिया जाए।”
उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपने क्षेत्र की जन समस्याओं को अधिक से अधिक उठाने और उनके समाधान के लिए संगठन को मजबूत बनाने का आग्रह किया।
बैठक में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल
बैठक में जिला महामंत्री ललित विश्वकर्मा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुमन गोस्वामी, लुकेश वर्मा, राम बिहारी राजपूत, जितेंद्र उपाध्याय, जोगिंदर छाबड़ा, शत्रुघ्न साहू, नवाज खान, हीरा देवी वर्मा, विजय बघेल, चंद्र प्रकाश साहू, सुरेंद्र तिवारी, अवनीश राघव, ओम दाऊ, हरीश साहू, शशिप्रभा गायकवाड़, सुशीला जोशी, रवि परगनिया, कविता साहू, नवीन ताम्रकार, रीता पांडे, रश्मि मिश्रा, रूबी सलूजा, रीना साहू, मिथिलेश वर्मा, शुभम वर्मा, दीपक दिनकर, मनोज शर्मा, राम ठाकुर, प्रवीण शर्मा, विवेक सिंह राजपूत, प्रणिश चौबे, रामेश्वर साहू, प्रांजल तिवारी, राजू साहू, रास बिहारी कुर्रे, नेहा सुराणा, योगिता साहू, जगजीत सिंह, कमल साहू, जयप्रकाश राज, देवेंद्र साहू, मोनल सिन्हा, फत्ते पटेल, दिनेश साहू, राजेंद्र टंडन, प्रशांत तिवारी, मोहन वर्मा, राजेंद्र वर्मा, मनोज जायसवाल, कमल पुरी गोस्वामी, गणेश टंडन, मनीष परिहार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मुख्य बिंदु (Highlights):
बेमेतरा जिले में जल्द होगी मंडल कांग्रेस कमेटियों का गठन।
जमीनी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने पर जोर।
भाजपा सरकार को “रिमोट कंट्रोल सरकार” करार।
कार्यकर्ताओं से जनहित मुद्दों पर सक्रिय रहने का आह्वान।