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Sunday, October 25, 2026
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मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन से छत्तीसगढ़ के पर्यटन को मिलेगी नई पहचान : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

रायपुर: छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। राज्य का प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहर और धार्मिक आस्था के केंद्र हमारी विशिष्ट पहचान हैं। इन खूबियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रभावी रूप से स्थापित करते हुए पर्यटन को स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय विकास का मजबूत आधार बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज महानदी भवन मंत्रालय में पर्यटन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पर्यटन का विकास केवल किसी स्थान के सौंदर्यीकरण या अधोसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिलना चाहिए। पर्यटन स्थलों के आसपास रहने वाले युवाओं, महिलाओं, हस्तशिल्पियों, कलाकारों और छोटे व्यवसायियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर पैदा हों। स्थानीय खानपान, हस्तशिल्प, लोककला और संस्कृति को पर्यटन अर्थव्यवस्था से जोड़कर आय के स्थायी साधन विकसित किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘पर्यटन से समृद्धि’ इस मिशन की मूल भावना होगी।

500 करोड़ रुपए की मिशन निधि प्रस्तावित

बैठक में पर्यटन विभाग के सचिव ने मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा तैयार मिशन के अंतर्गत पर्यटन विकास के लिए 500 करोड़ रुपए की मूल मिशन निधि प्रस्तावित की गई है। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी), कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर), केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और विभागीय अभिसरण के माध्यम से 1,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जुटाने की कार्ययोजना तैयार की गई है।

चार प्रमुख और 15 मिनी पर्यटन सर्किट होंगे विकसित, डिजिटल तकनीक से आसान और सुविधाजनक होगा पर्यटकों का सफर

मुख्यमंत्री ने पर्यटन परियोजनाओं के लिए उपलब्ध विभिन्न वित्तीय स्रोतों का प्रभावी उपयोग करने तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन परियोजनाओं की योजना बनाते समय उनकी दीर्घकालिक उपयोगिता, आर्थिक संभावनाओं और स्थानीय रोजगार पर पड़ने वाले प्रभाव को प्राथमिकता दी जाए।

*चित्रकोट, मैनपाट, सिरपुर सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों का होगा कायाकल्प*

मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के अंतर्गत प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। प्रथम चरण में चित्रकोट जलप्रपात, मैनपाट, सिरपुर, हसदेव बांगो जलाशय और राजिम को उच्च प्रभाव वाले पर्यटन गंतव्यों के रूप में विकसित करने की योजना है।

इसके साथ ही मायाली-बगीचा, चंपारण, सतरेंगा, तीरथगढ़, देवरानी-जेठानी, कबीर चबूतरा, केंदई, महामाया और चिल्फी घाटी सहित अन्य महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों में भी सुविधाओं के विस्तार की कार्ययोजना प्रस्तावित है।

इन स्थलों में बेहतर सड़क संपर्क, स्वच्छ पेयजल, आधुनिक शौचालय, सुव्यवस्थित पार्किंग, पर्यटक सहायता केंद्र, डिजिटल सूचना प्रणाली, प्राथमिक चिकित्सा और सुरक्षा जैसी आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ विकसित किया जाएगा। पर्यटन स्थलों की विशिष्टता को ध्यान में रखते हुए उनके विकास में स्थानीय वास्तुकला, संस्कृति और प्राकृतिक परिवेश के संरक्षण का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा।

*स्थानीय युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर*

मुख्यमंत्री श्री साय ने पर्यटन विकास में स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मिशन के अंतर्गत 1,000 नए पर्यटन उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही 250 महिला स्व-सहायता समूहों को पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की योजना है। इसके अतिरिक्त 600 आतिथ्य एवं पर्यटक सहायता कर्मियों तथा 500 टूर गाइड और फ्रंटलाइन कर्मियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में होमस्टे, स्थानीय व्यंजन, पारंपरिक हस्तशिल्प, लोककला, पर्यटन मार्गदर्शन, परिवहन और अन्य सेवाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे पर्यटन से होने वाली आय का बड़ा हिस्सा स्थानीय अर्थव्यवस्था में पहुंचेगा और युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर प्राप्त होंगे।

*पर्यटकों की संख्या दोगुनी करने का लक्ष्य*

मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के अंतर्गत प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आने वाले पर्यटकों की संख्या को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। पर्यटकों के औसत प्रवास की अवधि बढ़ाकर दो दिन करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।

पर्यटकों के लिए पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण आवास सुविधा उपलब्ध कराने हेतु प्रदेश में 12 हजार अतिरिक्त कमरों की क्षमता विकसित करने की कार्ययोजना बनाई गई है। इसके लिए होटल, रिसॉर्ट, होमस्टे और अन्य आवासीय सुविधाओं में निजी निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा।

पर्यटन क्षेत्र में 10 से 20 सार्वजनिक-निजी भागीदारी परियोजनाएं विकसित करने का प्रस्ताव है, जिनके माध्यम से कम से कम 1,000 करोड़ रुपए की निजी पूंजी आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे होटल, रिसॉर्ट, परिवहन, खानपान और अन्य पर्यटन आधारित सेवाओं के विस्तार के साथ स्थानीय बाजारों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

*चार प्रमुख और 15 मिनी पर्यटन सर्किट होंगे विकसित*

प्रदेश के अलग-अलग पर्यटन स्थलों को एक-दूसरे से जोड़कर पर्यटकों को बेहतर और विविध अनुभव उपलब्ध कराने के लिए मिशन के अंतर्गत चार प्रमुख पर्यटन सर्किट और 15 मिनी पर्यटन सर्किट विकसित करने की योजना है।

प्रमुख पर्यटन मार्गों पर लगभग 15 से 20 वे-साइड सुविधाएं तथा करीब 500 पर्यटन संकेतक स्थापित किए जाएंगे। इससे पर्यटकों को पर्यटन स्थलों तक पहुंचने और अपनी यात्रा को सुविधाजनक तरीके से नियोजित करने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन सर्किट तैयार करते समय प्राकृतिक, धार्मिक, ऐतिहासिक, पुरातात्विक और जनजातीय पर्यटन स्थलों को इस तरह जोड़ा जाए कि पर्यटक एक ही यात्रा में छत्तीसगढ़ की विविधता का व्यापक अनुभव प्राप्त कर सकें।

*डिजिटल तकनीक से आसान होगा पर्यटकों का सफर*

पर्यटन सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए भी मिशन में व्यापक प्रावधान किए गए हैं। पर्यटकों की सुविधा के लिए बहुभाषी पर्यटन वेबसाइट, मोबाइल एप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित पर्यटन सूचना, डिजिटल बुकिंग, ऑनलाइन भुगतान और रियल टाइम नेविगेशन जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।

इन डिजिटल माध्यमों से पर्यटकों को पर्यटन स्थलों, आवास, परिवहन, स्थानीय आकर्षण, खानपान और अन्य आवश्यक सेवाओं की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

*जनजातीय संस्कृति और विरासत बनेगी छत्तीसगढ़ पर्यटन की विशिष्ट पहचान*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति, लोककला, लोकनृत्य, पारंपरिक खानपान, हस्तशिल्प और जीवनशैली हमारी अमूल्य विरासत है। पर्यटन विकास के दौरान इनकी मौलिकता और गरिमा को संरक्षित रखते हुए इन्हें व्यापक पहचान दिलाई जानी चाहिए।

विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा अंचल की प्राकृतिक सुंदरता और विशिष्ट जनजातीय संस्कृति को पर्यटन के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही धार्मिक, ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के स्थलों में आवश्यक सुविधाओं का विस्तार कर श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पर्यटन स्थलों के विकास में पर्यावरण संरक्षण और सतत पर्यटन के सिद्धांतों का विशेष ध्यान रखा जाए। प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर विकास कार्य वहां के पर्यावरण और जैव विविधता के अनुरूप हों।

*‘पर्यटन से समृद्धि’ बनेगा मिशन का आधार*

मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन की मूल अवधारणा ‘पर्यटन से समृद्धि’ निर्धारित की गई है। मिशन के माध्यम से पर्यटन को केवल दर्शनीय स्थलों के विकास तक सीमित न रखते हुए इसे स्थानीय अर्थव्यवस्था, सांस्कृतिक संरक्षण, रोजगार सृजन, निवेश और क्षेत्रीय विकास से जोड़ा जाएगा।

मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित निगरानी के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय मार्गदर्शक समिति तथा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय संचालन समिति का प्रावधान किया गया है। पर्यटन, लोक निर्माण, वन, नगरीय प्रशासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, उद्योग, कौशल विकास सहित संबंधित विभागों के समन्वय से परियोजनाओं को चरणबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।

आज का पंचांग: नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्माण्डा की पूजा से क्या मिलेगा लाभ? जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

पंचांग : आज 14 अक्टूबर, 2026 बुधवार, के दिन आश्विन महीने की शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि है. ये तिथि भगवान गणेश देवता द्वारा नियंत्रित होती है. विरोधियों के खिलाफ रणनीतिक योजना बनाने के लिए अच्छी है, लेकिन रिक्ता तिथि होने के कारण किसी भी तरह का शुभ काम करना नहीं चाहिए.

14 अक्टूबर का पंचांग :

  1. विक्रम संवत : 2083
  2. मास : आश्विन
  3. पक्ष : शुक्ल पक्ष चतुर्थी
  4. दिन : बुधवार
  5. तिथि : शुक्ल पक्ष चतुर्थी
  6. योग : आयुष्यमान
  7. नक्षत्र : अनुराधा
  8. करण : वणिज
  9. चंद्र राशि : वृश्चिक
  10. सूर्य राशि : कन्या
  11. सूर्योदय : 06:21:00 AM
  12. सूर्यास्त : 05:52:00 PM
  13. चंद्रोदय : 09:49 AM
  14. चंद्रास्त : 07:54 PM
  15. राहुकाल : 12:07 से 13:33
  16. यमगंड : 07:47 से 09:14

आज का नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा वृश्चिक राशि और अनुराधा नक्षत्र में रहेगा. यह नक्षत्र वृश्चिक राशि में 3:20 से लेकर 16:40 तक फैला हुआ है. इसके शासक ग्रह शनि है और देवता मित्र देव है, जो 12 आदित्यों में से एक है. यह सौम्य स्वभाव का नक्षत्र है. ललित कलाओं को सीखने, दोस्ती करने, रोमांस करने, नए परिधान पहनने, विवाह, गायन और जुलूस आदि में शामिल होने के साथ कृषि कार्यों और यात्रा के लिए यह शुभ नक्षत्र है.

आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 12:07 से 13:33 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.

आज का धनु राशिफल: आपकी एक बात बिगाड़ सकती है बनता हुआ काम! बोलने से पहले रहें सावधान

मेष- चंद्रमा राशि बदलकर आज 14 अक्टूबर, 2026 बुधवार को वृश्चिक राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति आठवें भाव में होगी. आज आध्यात्मिक विषयों में व्यस्त रहेंगे. गहन चिंतनशक्ति हर परेशानी में आपकी सहायता करेगी. रहस्यमयी चीजों के प्रति आज आपको अधिक आकर्षण रहेगा. आध्यात्मिक सिद्धि प्राप्त होने का भी योग है. वाणी पर संयम बरतने से परेशानियों से बच सकेंगे. गुप्त शत्रुओं से संभलकर चलें. आज नए काम का आरंभ न करें. आकस्मिक धन लाभ हो सकता है. कार्यस्थल पर आपके काम समय पर पूरे होंगे.

वृषभ- चंद्रमा राशि बदलकर आज 14 अक्टूबर, 2026 बुधवार को वृश्चिक राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति सातवें भाव में होगी. आज का दिन शुभ फलदायी है. आज आप स्वस्थ रहेंगे. मानसिक प्रसन्नता का अनुभव होगा. परिजन तथा निकट के लोगों के साथ अधिक समय गुजरेगा. सामाजिक जीवन में आप सफलता और यश प्राप्त कर पाएंगे. विदेश या कहीं दूर से अच्छे समाचार मिलने के योग हैं. दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी. वैवाहिक सुख मिलेगा. आकस्मिक धन लाभ होगा. प्रेम जीवन में सकारात्मकता रहेगी.

मिथुन- चंद्रमा राशि बदलकर आज 14 अक्टूबर, 2026 बुधवार को वृश्चिक राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति छठे भाव में होगी. आज आपके परिवार का वातावरण उल्लासपूर्ण रहेगा. शारीरिक स्फूर्ति और मानसिक प्रसन्नता का अनुभव होगा. आप के अधूरे काम पूरे होने से आनंद में वृद्धि होगी. व्यापारिक स्थल पर वातावरण अनुकूल रहेगा. आर्थिक रूप से लाभ की संभावना रहेगी. दोपहर बाद आपका ध्यान मनोरंजन पर रहेगा. मित्रों एवं स्वजनों के साथ घूमने-फिरने का अवसर आपको प्राप्त होगा. मान-सम्मान प्राप्त हो सकता है. आपके लिए समय लाभ का है. विद्यार्थियों का पढ़ाई में मन लगेगा.

कर्क- चंद्रमा राशि बदलकर आज 14 अक्टूबर, 2026 बुधवार को वृश्चिक राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति पांचवें भाव में होगी. आज का दिन आपके लिए थोड़ी सावधानी रखने का है. शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ सकता है. किसी भी नए काम की शुरुआत के लिए दिन अच्छा नहीं है. मानसिक अशांति और चिंता रहेगी. किसी बात पर चिड़चिड़ाहट रहेगी. पेट दर्द से आप परेशान रहेंगे. आकस्मिक धन खर्च होगा. दोस्त आपके दिल को चोट पहुंचा सकता है. आज यात्रा की कोई भी योजना आज टाल दें.

सिंह- चंद्रमा राशि बदलकर आज 14 अक्टूबर, 2026 बुधवार को वृश्चिक राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति चौथे भाव में होगी. आज का दिन आनंद से गुजरने वाला है. आज आप अधिक कल्पनाशील बने रहेंगे. साहित्य-सृजन के तहत मौलिक रूप से काव्य रचना की प्रेरणा होगी. किसी प्रिय मित्र के साथ हुई मुलाकात शुभ फलदायी होगी. परिणाम स्वरूप दिनभर मन प्रसन्न रहेगा. संतान की प्रगति के समाचार मिलेंगे. विद्यार्थियों के लिए समय बहुत अच्छा है. आज आप परोपकार के काम में लगे रहेंगे.

कन्या- चंद्रमा राशि बदलकर आज 14 अक्टूबर, 2026 बुधवार को वृश्चिक राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति तीसरे भाव में होगी. आपको आज प्रतिकूलताओं के लिए तैयार रहना पड़ेगा. स्वास्थ्य को लेकर चिंता में रह सकते हैं. परिवार के सदस्यों के साथ मनमुटाव हो सकता है. मां के स्वास्थ्य का आज ध्यान रखें. विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए समय अनुकूल नहीं है. वाहन तथा स्थायी संपत्ति से संबंधित कोई तकलीफ आपको हो सकती है. खर्च की भी संभावना है.

तुला- चंद्रमा राशि बदलकर आज 14 अक्टूबर, 2026 बुधवार को वृश्चिक राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति दूसरे भाव में होगी. आज आपका मनोबल कमजोर रहेगा. किसी निर्णय पर जाना कठिन हो सकता है. नए काम की शुरुआत ना करें और महत्वपूर्ण निर्णय आज ना लें. परिजनों के साथ वाद-विवाद हो सकता है. जीवनसाथी के साथ विचारों में मतभेद रहेगा. अपने स्वभाव में कठोरता न रखें. नौकरीपेशा लोग चिंतित रह सकते हैं. व्यापारियों के लिए भी दिन सामान्य जैसा ही बना रहेगा. ज्यादा लाभ की लालच न करें.

वृश्चिक- चंद्रमा राशि बदलकर आज 14 अक्टूबर, 2026 बुधवार को वृश्चिक राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति पहले भाव में होगी. आज का दिन आपके लिए मध्यम फलदायी है. अनावश्यक खर्च पर अंकुश रखें. वाणी पर संयम रखने से परिवार में सुख और शांति रख पाएंगे. विचारों पर नकारात्मकता छाई रहेगी, जिसे दूर करने का प्रयास करें. धार्मिक काम पर खर्च हो सकता है. विद्यार्थियों के लिए समय अधिक अनुकूल नहीं है. कार्यक्षेत्र में किसी के साथ विवाद आपको नुकसान पहुंचा सकता है.

धनु- चंद्रमा राशि बदलकर आज 14 अक्टूबर, 2026 बुधवार को वृश्चिक राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति बारहवें भाव में होगी. आज का दिन थोड़ा कष्टदायक लग रहा है. परिजनों के साथ मतभेद हो सकते हैं. आपका व्यवहार उग्र होगा और आप क्रोधित रहेंगे. किसी के साथ जोरदार बहस भी हो सकती है. स्वास्थ्य खराब होगा. आपको व्यवहार और वाणी पर अंकुश रखना होगा. दुर्घटना से बचाव करें, अधिक पैसे खर्च होंगे. कोर्ट-कचहरी के कामों में सावधान रहें. विद्यार्थियों को आज अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है. दोपहर बाद किसी बात को लेकर मन उदास रह सकता है.

मकर- चंद्रमा राशि बदलकर आज 14 अक्टूबर, 2026 बुधवार को वृश्चिक राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति ग्यारहवें भाव में होगी. आज सावधानी बरतें. कम सफलता मिलने से निराशा होगी. परिवार में किसी से विवाद होगा. आसपास का वातावरण भी अशांत रहेगा. स्वास्थ्य संबंधी शिकायत हो सकती है. दुर्घटना होने का भय बना रहेगा. व्यावसायिक कामों में सरकारी हस्तक्षेप बढ़ेगा. कोर्ट-कचहरी के काम में संभलकर कदम उठाएं. धार्मिक तथा सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे. धार्मिक कामों के पीछे धन खर्च भी होगा.

कुंभ- चंद्रमा राशि बदलकर आज 14 अक्टूबर, 2026 बुधवार को वृश्चिक राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति दसवें भाव में होगी. आज आप नए काम हाथ में लेंगे. भाग्य आपके साथ रहेगा. नौकरी और व्यापार में आय के नए सोर्स खड़े होंगे. आपको अपने मित्रों से लाभ हो सकेगा. समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा और आप प्रतिष्ठा प्राप्त कर सकेंगे. परिजनों से संतोष और खुशी प्राप्त कर सकेंगे. यात्रा या वैवाहिक प्रसंग में जाने की संभावना है. आपको शारीरिक और मानसिक खुशी मिलेगी. विद्यार्थियों के लिए समय अच्छा है.

मीन- चंद्रमा राशि बदलकर आज 14 अक्टूबर, 2026 बुधवार को वृश्चिक राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति नवें भाव में होगी. आपके लिए आज का दिन शुभ फलदायक है. काम की सफलता और उच्च अधिकारियों का प्रोत्साहन आपके उत्साह को दोगुना करेंगे. व्यापारियों की भी आय में वृद्धि होगी. आज निवेश को लेकर कोई योजना बना सकेंगे. किसी से उधार वापस मिल सकेगा. बकाया राशि का भुगतान होगा. पिता एवं बुजुर्गों से लाभ होगा. स्वास्थ्य अच्छा रहेगा. परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी. उन्नति के संयोग बनेंगे. सरकारी कामों में लाभ होगा.

WhatsApp में आने वाला है कमाल का फीचर, अब मैसेज, फोटो और वीडियो पहले से कर सकेंगे शेड्यूल

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WhatsApp यूजर्स के लिए जल्द ही एक नया फीचर आ सकता है, जिसकी मदद से मैसेज भेजने के लिए बार-बार फोन खोलने की जरूरत नहीं पड़ेगी. कंपनी शेड्यूल्ड मैसेज फीचर की टेस्टिंग कर रही है. इसके जरिए यूजर्स किसी मैसेज को पहले से लिखकर उसकी तारीख और समय तय कर सकेंगे. निर्धारित समय आने पर मैसेज अपने आप भेज दिया जाएगा. रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल यह सुविधा कुछ एंड्रॉयड बीटा यूजर्स के लिए उपलब्ध कराई गई है. आने वाले समय में इसका दायरा बढ़ाया जा सकता है.

कैसे काम करेगा WhatsApp का शेड्यूल्ड मैसेज फीचर?

WhatsApp के नए फीचर्स पर नजर रखने वाली वेबसाइट WABetaInfo की रिपोर्ट के अनुसार, यह सुविधा एंड्रॉयड के बीटा वर्जन 2.26.40.7 में देखी गई है. इसके जरिए यूजर्स व्यक्तिगत चैट और ग्रुप में भेजे जाने वाले मैसेज का समय पहले ही तय कर सकेंगे.मैसेज लिखने के बाद यूजर को शेड्यूलिंग का विकल्प चुनना होगा. इसके बाद तारीख और समय निर्धारित किया जा सकेगा. तय समय पर मैसेज अपने आप भेजने की व्यवस्था होगी. इससे जन्मदिन की शुभकामनाएं, जरूरी रिमाइंडर या पहले से तैयार संदेश सही समय पर भेजना आसान हो सकता है.

फोटो, वीडियो और लिंक भी कर सकेंगे शेड्यूल

रिपोर्ट के मुताबिक, इस फीचर का इस्तेमाल केवल टेक्स्ट मैसेज तक सीमित नहीं रहेगा. यूजर्स लिंक, फोटो और वीडियो भी पहले से शेड्यूल कर सकेंगे. मीडिया फाइल भेजने से पहले उसमें बदलाव करने, फोटो पर ड्रॉ करने और कैप्शन जोड़ने जैसे विकल्प भी मिल सकते है.हालांकि, एक बार में केवल एक फोटो या वीडियो शेड्यूल करने की सुविधा मिलने की जानकारी सामने आई है. रिपोर्ट में मैसेज को 10 मिनट से लेकर दो सप्ताह तक की अवधि के लिए शेड्यूल करने का भी जिक्र है. फीचर के अंतिम संस्करण में ये विकल्प बदल सकते है.

फोन ऑफलाइन होने पर भी भेजा जाएगा मैसेज?

इस फीचर को लेकर दावा किया जा रहा है कि निर्धारित समय पर मैसेज भेजने के लिए फोन का ऑनलाइन रहना जरूरी नहीं होगा. हालांकि, यह सुविधा किस तरह काम करेगी और किन परिस्थितियों में मैसेज भेजा जाएगा, इसकी पूरी जानकारी आधिकारिक लॉन्च के बाद ही स्पष्ट होगी.

किन यूजर्स को मिलेगा नया फीचर?

फिलहाल WhatsApp इस फीचर की टेस्टिंग चुनिंदा एंड्रॉयड बीटा यूजर्स के साथ कर रहा है. बीटा प्रोग्राम के जरिए कुछ लोगों को नए फीचर्स पहले आजमाने का मौका मिलता है. टेस्टिंग सफल रहने पर कंपनी इसे दूसरे यूजर्स के लिए भी जारी कर सकती है.रिपोर्ट में इस फीचर के लिए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का भी उल्लेख किया गया है. हालांकि, WhatsApp ने अभी तक इसके व्यापक लॉन्च की तारीख घोषित नहीं की है. इसलिए सभी यूजर्स को यह सुविधा कब तक मिलेगी, इस बारे में फिलहाल निश्चित जानकारी उपलब्ध नहीं है.

चुनाव आयोग पर कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर पीयूष गोयल का पलटवार, राहुल गांधी से पूछे 10 सवाल…लगाए दोहरे मापदंड के आरोप

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दिल्ली : चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के बाद बीजेपी ने पार्टी पर निशाना साधा है. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने राहुल गांधी और कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पार्टी चुनाव में जीत मिलने पर चुनाव प्रक्रिया को सही मानती है, लेकिन हार के बाद आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती है. गोयल ने कांग्रेस को अपने पुराने रिकॉर्ड की याद दिलाते हुए राहुल गांधी के सामने 10 सवाल रखे.

कांग्रेस के पुराने रिकॉर्ड का किया जिक्र

पीयूष गोयल ने कहा कि कांग्रेस को चुनाव आयोग पर सवाल उठाने से पहले अपने शासनकाल में लिए गए फैसलों और चुनाव आयुक्तों से जुड़े मामलों पर भी जवाब देना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सरकारों के दौरान चुनाव आयुक्तों को राज्यपाल और केंद्रीय मंत्री जैसे पदों पर नियुक्त किया गया था.गोयल ने राहुल गांधी के हालिया बयानों और विरोध प्रदर्शनों की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठा रही है, जबकि उसे अपने पुराने फैसलों और राजनीतिक रुख की भी समीक्षा करनी चाहिए.

राहुल गांधी से पीयूष गोयल के 10 सवाल

पीयूष गोयल ने कांग्रेस और राहुल गांधी के चुनाव आयोग से जुड़े आरोपों पर कई सवाल उठाए. उनके प्रमुख सवाल इस प्रकार है:

  1. राहुल गांधी अपने आरोपों के समर्थन में हलफनामा क्यों नहीं देते?
  2. बिहार और तमिलनाडु में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान कांग्रेस ने विरोध क्यों नहीं किया?
  3. कांग्रेस के नेताओं ने पहले डुप्लीकेट मतदाताओं की मौजूदगी का मुद्दा उठाया था. फिर मतदाता सूची में सुधार की प्रक्रिया का विरोध क्यों किया गया?
  4. शशि थरूर, वी.डी. सतीशन और अधीर रंजन चौधरी के चुनाव आयोग या SIR से जुड़े बयानों का हवाला देते हुए गोयल ने सवाल किया कि कांग्रेस अब चुनावी प्रक्रिया पर सवाल क्यों उठा रही है?
  5. यदि कांग्रेस को चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है, तो जिन राज्यों में उसकी या उसके सहयोगियों की सरकार है, वहां इस मुद्दे पर उसका रुख क्या है?
  6. गोयल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जीत के समय चुनाव प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाती, लेकिन हारने के बाद गड़बड़ी के आरोप लगाने लगती है. उन्होंने इस कथित दोहरे रवैये पर सवाल किया.
  7. गोयल ने विरोध प्रदर्शन की कवरेज कर रही तीन महीने की गर्भवती पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा उठाया और कांग्रेस से इस पर जवाब मांगा.
  8. उन्होंने ममता बनर्जी और चुनावी नतीजों को लेकर कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाते हुए पूछा कि चुनाव के दौरान राजनीतिक विरोध और हार के बाद SIR को जिम्मेदार ठहराने के बीच यह अंतर क्यों है?
  9. गोयल ने बिहार में SIR से जुड़े कानूनी मामले और फॉर्म-6 की प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए पूछा कि न्यायिक प्रक्रिया जारी रहने के दौरान सड़क पर विरोध प्रदर्शन क्यों किए जा रहे है?
  10. यदि राहुल गांधी के पास चुनाव आयोग के खिलाफ ठोस सबूत है, तो वे उन्हें आयोग या अदालत के सामने क्यों नहीं रखते?

गर्भवती पत्रकार के साथ व्यवहार का मुद्दा भी उठाया

पीयूष गोयल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार किया गया, जो उनके मुताबिक तीन महीने की गर्भवती थी. उन्होंने कहा कि पत्रकार प्रदर्शन की रिपोर्टिंग कर रही थी और उसके साथ ऐसा व्यवहार स्वीकार्य नहीं है.गोयल ने इस घटना की आलोचना करते हुए कहा कि पत्रकारों को अपना काम करने के दौरान सम्मान और सुरक्षा मिलनी चाहिए. इस मुद्दे को उठाकर उन्होंने कांग्रेस के प्रदर्शन के तरीके पर भी सवाल खड़े किए.

चुनाव आयोग को लेकर राजनीतिक टकराव तेज

चुनाव आयोग की निष्पक्षता, मतदाता सूची के पुनरीक्षण और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव जारी है. कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर सवाल उठा रही है, जबकि बीजेपी उसके आरोपों को चुनौती देते हुए सबूत और पुराने रिकॉर्ड का हवाला दे रही है.इस विवाद में दोनों पक्षों के दावों और आरोपों का स्वतंत्र सत्यापन महत्वपूर्ण है. चुनावी अनियमितताओं से जुड़े किसी भी आरोप की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों, चुनाव आयोग के जवाब और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही की जा सकती है

दृश्य 2:त्रिकोणीय दंगल—सरकार, अदालत,जनता और (मीडिया- दर्शक)

हास्य व्यंग लेख – 13 अक्टूबर 2026

जब जनता को लगता है कि उसके साथ धोखा हो रहा है, देश की स्थिति लगातार बदतर हो रही है और लोकतंत्र की दिशा ही बदलती दिख रही है, तो अपने प्रजातंत्र अर्थात् शहद को बचाने के लिए जनता स्वयं मधुमक्खी बनकर भिनभिनाने लगती है।

स्थान: जंतर-मंतर की खुली सड़क (एक तरफ बैरिकेड्स, दूसरी तरफ कानून की किताबें लिए एक मंच, और बीच में खड़ा जनता का हुजूम)।

(स्टेज पर ज्योतिपति एक तरफ प्रजातंत्र की किताब थामे खड़े हैं, और ज्वाला सिंह दूसरी तरफ तंज भरे मुस्कुराहट के साथ हाथ नचा रहे हैं।)

ज्योतिपति: ( किताब की ओर इशारा करते हुए) देखो ज्वाला भाई, एक तरफ हमारी सरकार है जिसके पास सत्ता का चाबुक है, दूसरी तरफ कानून और अदालत है जो न्याय की तराजू लेकर बैठी है, और बीच में ये अड़ी हुई जनता है।

देखा जाए तो यह पूरा संघर्ष अब त्रिकोणीय हो चला है—सरकार अपनी सुविधा ढूंढती है, अदालत संतुलन साधती है, और जनता अपने हक के लिए पिसती है!

ज्वाला सिंह: (ठहाका लगाते हुए) बिल्कुल सही फरमाया ज्योतिपति भाई! यही तो इस खेल का असली मजा है। सरकार चाहती है कि आवाज़ मखमली कमरों और दूर-दराज के मैदानों में कैद रहे ताकि कानों को सुकून मिले।

अदालत कहती है— “कानून के दायरे में रहो, भाई! मक्खी मारने के लिए हथौड़ा थोड़ी उठा लोगे?” और जनता कहती है— “हम न मक्खी हैं, न कमज़ोर! हम तो वो सच हैं जो इस त्रिकोणीय दंगल में सबको नचा रहे हैं!”

ज्योतिपति ने गहरे दार्शनिक अंदाज़ में कहा:
“देख ज्वाला! प्रजातंत्र में प्रजा तो बच्चों के समान होती है। हमारे शास्त्रों और किताबों में भी तो यही लिखा है न कि राजा अपनी प्रजा को अपने बच्चों की तरह पाले!

पर अब ज़रा सोच… अगर बच्चे अपने ही घर के आंगन में न खेलें और उन्हें दूर किसी पहाड़ी पर या कोसों दूर रामलीला मैदान में खेलने के लिए खदेड़ दिया जाए, तो पिता के दिल पर क्या गुज़रेगी? क्या बच्चे अब राम रावण युद्ध देखेंगे?!

ज्वाला ने कहा -क्या? जो कल तक आंखों के तारे थे,सत्ता के सहारे थे वो आज आंखों में ही खटकने लगे हैं? कमाल की बात है… ज्योतिपती जी चुनाव के समय यही मतदाता सर-आंखों पर बिठाए जाते हैं, और चुनाव बीतते ही सिर का दर्द बन जाते हैं!” चुनाव और सरकार यह दो रूप जनता कब समझेगी।

दृश्य 2: व्यंग्य की धार और कानून की मार
ज्योतिपति: (गंभीर आवाज़ में) कानून अपनी जगह अटल है, सरकार अपनी जगह ताकतवर है, लेकिन जब-जब व्यंग्य का बाण चलता है, तब-तब बड़े-बड़े महलों के शीशे हिल जाते हैं।

कानून कहता है कि जंतर-मंतर पर भीड़ से ट्रैफिक रुकता है, इसलिए बुराड़ी रामलीला मैदान या सीबीडी मैदान कहीं भी जाओ आप जनता है तो हम जनार्दन है ,पर क्या कानून ये नहीं जानता कि लोकतंत्र की असली चमक नज़दीकियों से है, दूरियों से नहीं?

ज्वाला सिंह: (व्यंग्य के लहजे में अपनी मूंछें तनियाते ) ए भाई ये कानून भी ना, कभी-कभी अजीब पहेली बन जाता है। अदालत ने कहा—खबरों पर जानें की मक्खी भगाने के लिए हथौड़ा नहीं चलाना।

बात ठीक है, भाई! कोर्ट का हथौड़ा तो न्याय के फैसले सुनाने के लिए होता है, ये जन-मक्खियों को भगाने के लिए थोड़ी!

ज्योतिपति बातों पर सवार होते कहा,पर हुज़ूर, जब इन्हीं जनमक्खियों को चुनाव में गुड़ सी मिठास लहजों में चुनावी नेता वोट के चक्कर में इनके चारों तरफ मंडराने लगें, और विकास की जादुई जाली से फसाने लगे फिर… ।

ज्वाला — फिर क्या, ज्योतिपति जी! जब जनता को धोखे का अहसास हो, देश की स्थिति बिगड़ती जाए और लोकतंत्र की दिशा बदलती दिखे, तो वह अपने प्रजातंत्र — अपने शहद — को बचाने के लिए स्वयं मधुमक्खी बन जाती है और भिनभिनाकर अपनी आवाज़ उठाती है।

दृश्य 3: मधुमक्खी का डंक और मीठी चुभन

ज्योतिपति: (जोश के साथ) और यही त्रिकोणीय संघर्ष इस देश की असल दास्तान है। सरकार सोचती है कि दूर धकेल देने से आंदोलन का दम घुट जाएगा। लेकिन उन्हें क्या पता कि जनता जब मधुमक्खी बनती है, तो छत्ता हिलाने वालों को छुपने की जगह नहीं मिलती!

ज्वाला सिंह: (जनता की तरफ देखते हुए, एक पैनी मुस्कान के साथ) बेशक! सरकार का डंडा हो, अदालत का कानून हो, या जनता-मीडिया का व्यंग्य—
__मुकाबला तगड़ा है।

कानून के दायरे में रहकर भी सरकार को आईना दिखाना ही असली कला है। इसी को तो कहते हैं—जनता की सरकार /व्यवस्था की मार और जनता की ही चीख पुकार ,यही तो हमारी मीठी चुभन! है!

ला भाई,, दो चाय दे केतली गर्म है ना,।
पृष्ठभूमि में एक पैनी और गूंजती हुई लोक-धुन के साथ दृश्य समाप्त होता है।

Nava Raipur City Bus: 31 अक्टूबर के बाद बंद हो सकती है सिटी बस सेवा, 3500 सरकारी कर्मचारियों की बढ़ेगी परेशानी

 Nava Raipur City Bus:  छत्तीसगढ़ की राजधानी क्षेत्र में मंत्रालय और अन्य सरकारी कार्यालयों तक जाने वाले कर्मचारियों के सामने आवागमन का संकट खड़ा हो सकता है। नया रायपुर में संचालित सिटी बस सेवा पर बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। यदि सेवा जारी रखने के लिए समय पर नया समझौता नहीं होता, तो रोजाना बसों से सफर करने वाले हजारों कर्मचारियों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है।

31 अक्टूबर को समाप्त होगा बस संचालन का समझौता

मिली जानकारी के अनुसार, रायपुर नगर निगम ट्रांसपोर्ट लिमिटेड और नया रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के बीच बस संचालन को लेकर किया गया वैकल्पिक समझौता 31 अक्टूबर को समाप्त हो रहा है। समझौते की अवधि खत्म होने के बाद सेवा का संचालन किस तरह जारी रहेगा, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।इसी बीच पंजीयन विभाग की ओर से पत्र जारी कर कर्मचारियों को अपने आवागमन की व्यवस्था खुद करने के निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे बस सेवा पर निर्भर कर्मचारियों की चिंता बढ़ गई है।

66 बसों से रोजाना सफर करते हैं करीब 3500 कर्मचारी

मंत्रालय और आसपास के सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने के लिए सिटी बस सेवा बड़ी संख्या में कर्मचारियों के काम आती है। जानकारी के मुताबिक, करीब 66 बसों के जरिए प्रतिदिन लगभग 3500 कर्मचारी सफर करते हैं।ऐसे में बस सेवा बंद होने की स्थिति में कर्मचारियों को निजी वाहनों, साझा परिवहन या दूसरे साधनों का सहारा लेना पड़ सकता है। इससे रोजाना के सफर पर अतिरिक्त समय और खर्च दोनों बढ़ने की आशंका है।

कर्मचारियों को सताने लगी समय और खर्च की चिंता

सिटी बस सेवा बंद होने की आशंका से सरकारी कर्मचारियों में नाराजगी बताई जा रही है। उनका कहना है कि नियमित बस सुविधा नहीं रहने पर कार्यालय तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है। खासकर दूर से आने वाले कर्मचारियों को रोजाना आने-जाने के लिए अधिक पैसे खर्च करने पड़ सकते है।कर्मचारियों के सामने समय पर दफ्तर पहुंचने की चुनौती भी बढ़ सकती है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि 31 अक्टूबर से पहले बस संचालन को लेकर कोई नया फैसला होता है या नहीं। फिलहाल सेवा बंद होने की आशंका है, लेकिन इसे लेकर अंतिम निर्णय की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

Drishyam 3 OTT Release : Netflix पर कब आएगी अजय देवगन की फिल्म? जानिए संभावित तारीख और बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

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 Drishyam 3 OTT Release : अजय देवगन की फिल्म दृश्यम 3 को लेकर दर्शकों के बीच उत्साह बना हुआ है। 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म की कहानी और सस्पेंस को लेकर चर्चा हो रही है। बड़े पर्दे पर फिल्म देखने वाले दर्शकों के बाद अब OTT पर इसे देखने का इंतजार कर रहे लोगों की नजर इसकी डिजिटल रिलीज पर है।फिल्म की स्ट्रीमिंग को लेकर Netflix का नाम सामने आया है। हालांकि, प्लेटफॉर्म और रिलीज डेट को लेकर निर्माताओं की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

Netflix पर रिलीज होने की संभावना

फिल्म के ओपनिंग क्रेडिट्स में Netflix का उल्लेख होने की बात कही जा रही है। इसी आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि दृश्यम 3 इस प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो सकती है।आमतौर पर फिल्मों को सिनेमाघरों में रिलीज होने के करीब 6 से 8 सप्ताह बाद OTT पर उपलब्ध कराया जाता है। Deccan Chronicle की रिपोर्ट और इसी अवधि के अनुमान के आधार पर फिल्म की डिजिटल रिलीज 13 से 27 नवंबर के बीच संभावित बताई जा रही है।फिलहाल यह संभावित समयसीमा है। मेकर्स की आधिकारिक घोषणा के बिना किसी तारीख को अंतिम नहीं माना जा सकता।

बॉक्स ऑफिस पर फिल्म का प्रदर्शन

रिपोर्ट में फिल्म की पहले दिन की कमाई करीब 62 करोड़ रुपये बताई गई है। शुरुआती दिनों के बाद भी इसके कलेक्शन में मजबूती बने रहने का दावा किया गया है।उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, दूसरे सप्ताह में शनिवार को फिल्म ने 26 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की। रविवार दोपहर 3 बजे तक इसका कलेक्शन करीब 8 करोड़ रुपये बताया गया। वहीं, 11 अक्टूबर तक फिल्म की कुल कमाई 309 करोड़ रुपये से अधिक होने का दावा किया गया है।ये आंकड़े संबंधित रिपोर्ट में दिए गए संग्रह के आधार पर हैं। बॉक्स ऑफिस के आंकड़े अलग-अलग स्रोतों के अनुसार बदल सकते हैं।

क्या है दृश्यम फ्रेंचाइजी की खासियत?

हिंदी दृश्यम फ्रेंचाइजी की शुरुआत 2015 में हुई थी। पहली फिल्म मलयालम सिनेमा की इसी नाम की फिल्म का हिंदी रीमेक थी। इसकी कहानी में रहस्य, पारिवारिक रिश्तों और जांच के बीच पैदा होने वाले तनाव ने दर्शकों का ध्यान खींचा।अजय देवगन के मुख्य किरदार और कहानी में लगातार सामने आने वाले नए मोड़ इस फ्रेंचाइजी की पहचान बने। आगे की फिल्मों को लेकर भी दर्शकों में उत्सुकता रही है।अब दर्शकों को दृश्यम 3 की OTT रिलीज के लिए आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। Netflix पर संभावित स्ट्रीमिंग और नवंबर की अनुमानित समयसीमा को लेकर चर्चा जरूर है, लेकिन पक्की तारीख की पुष्टि होना बाकी है।

बिरयानी खाओ, लेकिन हिंदू दुकानों से’ के पोस्टर पर विवाद, कांग्रेस ने उठाए सवाल

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 पश्चिम बंगाल :  सिलीगुड़ी में दुकानों से खरीदारी को लेकर लगाए गए कुछ पोस्टरों ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। शहर के अलग-अलग इलाकों में लगाए गए पोस्टरों में लोगों से हिंदू दुकानदारों से ही बिरयानी और मांस खरीदने की अपील की गई है। इस पहल को लेकर विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाए है, जबकि पोस्टर लगाने वाले संगठन ने इसे हिंदू एकता से जुड़ा संदेश बताया है।

पोस्टरों पर क्या लिखा है?

जानकारी के मुताबिक, सिलीगुड़ी में ये पोस्टर हिंदू जागरण मंच की ओर से लगाए गए है। एक पोस्टर पर लिखा है, बिरयानी खाओ, लेकिन हिंदू दुकानों से। वहीं, दूसरे पोस्टर में लोगों से हिंदू दुकानदारों से ही मांस खरीदने की अपील की गई है।इन संदेशों के सामने आने के बाद शहर में इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है। मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है और विपक्षी नेताओं ने इस तरह की अपील पर आपत्ति जताई है।

राज्य मंत्री शंकर घोष के घर के पास भी लगे पोस्टर

ये पोस्टर सार्वजनिक स्थानों के अलावा भारत नगर इलाके में भी नजर आए। बताया गया कि तरुण तीर्थ क्लब की ओर से आयोजित दुर्गा पूजा के मैदान के सामने और राज्य मंत्री शंकर घोष के घर के नजदीक भी पोस्टर लगाए गए है।हिंदू जागरण मंच के प्रतिनिधियों का कहना है कि इन पोस्टरों का उद्देश्य हिंदू समाज में एकता का संदेश देना है। हालांकि, इस अपील को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है।

कांग्रेस नेता अशोक भट्टाचार्य ने जताई आपत्ति

पोस्टर विवाद पर कांग्रेस नेता अशोक भट्टाचार्य ने सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म के नाम पर समाज में नफरत को बढ़ावा दिया जा रहा है।भट्टाचार्य के मुताबिक, कोई व्यक्ति क्या खाता है और किस दुकान से सामान खरीदता है, यह फैसला उसे खुद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदू-मुस्लिम, बंगाली, बिहारी या मारवाड़ी होने के आधार पर खरीदारी को लेकर अपील करना उचित नहीं है।इस मामले ने सिलीगुड़ी में धार्मिक पहचान, व्यापार और व्यक्तिगत पसंद को लेकर नई बहस छेड़ दी है। पोस्टरों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के बीच यह देखना अहम होगा कि विवाद आगे क्या रूप लेता है।

छत्तीसगढ़ में अजगर के मुंह से निकाला कैंसर का ट्यूमर, साढ़े तीन घंटे चला ऑपरेशन

 छत्तीसगढ़  : कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का इलाज इंसानों के लिए भी चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन छत्तीसगढ़ में पशु चिकित्सा से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सभी का ध्यान खींचा है। अंबिकापुर में रेस्क्यू किए गए एक इंडियन रॉक पाइथन के मुंह में कैंसर का ट्यूमर मिला। इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने करीब साढ़े तीन घंटे तक जटिल सर्जरी कर ट्यूमर को बाहर निकाला।

रेस्क्यू के बाद जांच में सामने आई बीमारी

मिली जानकारी के मुताबिक, सरगुजा संभाग के अंबिकापुर में 8.5 किलो वजन वाले एक इंडियन रॉक पाइथन को स्नेक रेस्क्यूअर सत्यम द्विवेदी ने बचाया था। रेस्क्यू के बाद जब सांप की जांच की गई, तो उसके मुंह के अंदर एक बड़ी गांठ दिखाई दी। जांच के दौरान इसे कैंसर का ट्यूमर बताया गया।अजगर की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसके इलाज के लिए विशेष व्यवस्था की गई। इसके बाद उसे अंबिकापुर से बिलासपुर ले जाने का निर्णय लिया गया।

कानन पेंडारी में जांच, फिर सर्जरी का फैसला

अजगर को लेकर सत्यम द्विवेदी बिलासपुर पहुंचे। वहां कानन पेंडारी में उसकी जांच की गई। इसके बाद डॉक्टर पीयूष दुबे की मदद से ट्यूमर निकालने के लिए ऑपरेशन करने का फैसला लिया गया।सांप के मुंह में मौजूद ट्यूमर को हटाना बेहद संवेदनशील प्रक्रिया थी। ऑपरेशन के दौरान छोटी सी गलती भी अजगर के जीवन के लिए खतरा बन सकती थी।

साढ़े तीन घंटे की मशक्कत के बाद मिली सफलता

डॉक्टरों की टीम ने करीब साढ़े तीन घंटे तक सर्जरी की। इस दौरान अजगर के मुंह से ट्यूमर निकाल दिया गया। जटिल प्रक्रिया के बावजूद ऑपरेशन सफल रहा।सर्जरी के बाद अजगर को ड्रिप और विशेष निगरानी में रखा गया है। अब उसकी देखभाल की जा रही है, ताकि ऑपरेशन के बाद उसकी स्थिति में सुधार हो सके। इस पूरे मामले में रेस्क्यूअर और डॉक्टरों के प्रयासों से एक बेजुबान जीव को इलाज का मौका मिला।