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युद्ध की आग और महंगाई की मार – दोहरी चुनौती में फंसा आम आदमी

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नई दिल्ली, 21 मार्च, 2026

दुनिया के एक हिस्से में युद्ध के नगाड़े बज रहे हैं, तो दूसरे हिस्से में आम आदमी महंगाई के बोझ तले कराह रहा है। ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच गहराते भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की चूलें हिला दी हैं। इस संघर्ष की सीधी आंच अब भारत की रसोई और परिवहन तक पहुँच गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल ने घरेलू स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों के दाम बढ़ा दिए हैं, जो आने वाले समय में एक बड़े आर्थिक संकट और उच्च मुद्रास्फीति (Inflation) की आहट दे रहे हैं।

तेल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में ₹2.35 प्रति लीटर तक की वृद्धि की है, जिससे दिल्ली जैसे शहरों में इसकी कीमत ₹112 पार कर गई है। हालांकि, सबसे चौंकाने वाली वृद्धि इंडस्ट्रियल डीजल में हुई है, जिसके दाम में करीब 25 प्रतिशत यानी ₹21.92 प्रति लीटर का भारी इजाफा किया गया है। यह केवल एक संख्या नहीं है; इंडस्ट्रियल डीजल महंगा होने का सीधा अर्थ है कि बिजली उत्पादन, विनिर्माण और माल ढुलाई की लागत बढ़ेगी, जिसका अंतिम बोझ उपभोक्ता की जेब पर ही पड़ेगा।

महंगाई का यह चक्र केवल ईंधन तक सीमित नहीं है।
मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण गैस आपूर्ति बाधित होने से एलपीजी के दाम पहले ही बढ़ चुके हैं।इसी बीच, डिजिटल इकोनॉमी के दौर में आम आदमी की जीवनशैली का हिस्सा बन चुकी फूड डिलीवरी सेवा ‘जोमैटो’ ने भी अपने प्लेटफॉर्म शुल्क में 19 % की बढ़ोतरी कर दी है। अब प्रति ऑर्डर ₹14.90 का शुल्क उपभोक्ताओं को देना होगा। भले ही यह वृद्धि छोटी लगे, लेकिन रोजाना लाखों ऑर्डर्स के गणित में यह कंपनियों के लिए करोड़ों का मुनाफा और जनता के लिए अतिरिक्त आर्थिक चोट है।

चिंताजनक पहलू यह है कि कच्चा तेल $110 प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। यदि युद्ध लंबा खिंचता है और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) पूरी तरह बाधित होती है, तो वर्तमान राहत—जो कि नॉर्मल पेट्रोल और डीजल की स्थिर कीमतों के रूप में दिख रही है—ज्यादा दिनों तक नहीं टिक पाएगी। सरकार और नीति निर्माताओं के लिए यह समय कड़े फैसले लेने का है। एक तरफ वैश्विक कूटनीति की चुनौती है, तो दूसरी तरफ घरेलू बाजार में बढ़ती लागत को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी। फिलहाल, आम आदमी के लिए स्थिति ‘करेला और नीम चढ़ा’ जैसी है, जहाँ युद्ध की तपिश उसे सीधे तौर पर न सही, लेकिन बढ़ते बिलों के रूप में झुलसा रही है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उठाई ‘पे-पर-यूज़’ इंटरनेट बिलिंग की मांग; बिजली मीटर की तर्ज पर हो सुधार

नई दिल्ली_21/03/2026

रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में इंटरनेट उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव का प्रस्ताव रखा है। बार-बार होने वाली इंटरनेट कटौती और नेटवर्क व्यवधानों से आम जनता को होने वाली परेशानी को देखते हुए, उन्होंने मांग की है कि टेलीकॉम कंपनियों की जवाबदेही तय की जाए।

सांसद अग्रवाल ने जोर दिया कि डिजिटल युग में इंटरनेट एक बुनियादी जरूरत है, लेकिन खराब इंफ्रास्ट्रक्चर और बिना किसी समाधान के बंद होने वाले ‘सपोर्ट टिकट’ उपभोक्ताओं के लिए आर्थिक और मानसिक बोझ बन रहे हैं।

सांसद अग्रवाल ने तर्क दिया कि वर्तमान में उपभोक्ताओं को सेवा ठप रहने के बावजूद पूरे महीने का शुल्क देना पड़ता है, जो अनुचित है। उन्होंने भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के नियमों में संशोधन की वकालत करते हुए ‘बिजली मीटर’ मॉडल का सुझाव दिया।

उनके अनुसार, जिस तरह बिजली कटने पर मीटर रुक जाता है, ठीक उसी तरह इंटरनेट सेवा बाधित होने पर बिलिंग भी तुरंत रुकनी चाहिए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि ब्रॉडबैंड सेवाओं को ‘पे-पर-यूज़’ (उपयोग के अनुसार भुगतान) बनाया जाए ताकि जनता को केवल उसी समय का पैसा देना पड़े जब सेवा सक्रिय हो।

शांति, विश्वास और विकास का संदेश: 22 मार्च को बस्तर हेरिटेज मैराथन, पुनर्वासित युवाओं में दिखा उत्साह

रायपुर, 20 मार्च 2026
बस्तर की वादियों में 22 मार्च को एक अनोखा और प्रेरणादायक आयोजन होने जा रहा है। बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026 शांति, विश्वास और विकास का संदेश लेकर आयोजित की जा रही है, जिसमें देशभर के धावकों के साथ-साथ पुनर्वासित माओवादी कैडर भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे।

मैराथन की शुरुआत लाल बाग मैदान, जगदलपुर से होगी और समापन एशिया के नियाग्रा कहे जाने वाले चित्रकोट जलप्रपात पर होगा। प्रतियोगिता में 42 किमी, 21 किमी, 10 किमी और 5 किमी की विभिन्न श्रेणियां रखी गई हैं, ताकि हर वर्ग के धावक इसमें भाग ले सकें। प्रतिभागियों के लिए कुल 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि घोषित की गई है।

इस आयोजन की सबसे खास बात यह है कि बस्तर संभाग के सातों जिलों—सुकमा, नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, कांकेर और कोंडागांव—से 200 से अधिक पुनर्वासित माओवादी युवा इसमें हिस्सा ले रहे हैं। यह भागीदारी बस्तर में हो रहे सकारात्मक बदलाव और मुख्यधारा में लौट रहे युवाओं की नई सोच को दर्शाती है।

लोन वर्राटू अभियान और पूना मारगेम जैसे पुनर्वास कार्यक्रमों के माध्यम से कई युवाओं ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज में नई पहचान बनाई है। अब वही युवा खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा दिखाने को तैयार हैं, जो बस्तर में शांति और विकास की दिशा में एक मजबूत संकेत है।

मैराथन न केवल खेल प्रतियोगिता है, बल्कि यह बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, आदिवासी संस्कृति और बदलते सामाजिक परिदृश्य का प्रतीक बनकर उभर रही है। साल के घने जंगलों और सुरम्य मार्गों से गुजरते हुए धावक बस्तर की विरासत और प्रकृति का अनूठा अनुभव करेंगे।

यह आयोजन इस बात का संदेश देता है कि बस्तर अब हिंसा की छाया से निकलकर खेल, साहस और सकारात्मक बदलाव की नई पहचान गढ़ रहा है।

नवरात्रि पर किसानों को बड़ी सौगात: भोरमदेव शक्कर कारखाने ने जारी किए 5.97 करोड़, अब तक 57.48 करोड़ का भुगतान

रायपुर, 20 मार्च 2026
चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर गन्ना किसानों को बड़ी राहत मिली है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित, राम्हेपुर (कवर्धा) द्वारा किसानों को 5.97 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। इसके साथ ही कारखाने द्वारा अब तक कुल 57.48 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जिससे क्षेत्र के गन्ना किसानों में खुशी और संतोष का माहौल है।

कलेक्टर एवं कारखाने के प्राधिकृत अधिकारी गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में भुगतान प्रक्रिया लगातार जारी है। समयबद्ध भुगतान से सहकारी व्यवस्था में किसानों का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। कारखाना प्रबंधन के अनुसार, यह निरंतरता किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के साथ-साथ कारखाने के सुचारु संचालन में भी सहायक साबित हो रही है।

प्रबंधन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, चालू पेराई सत्र में 2,55,818 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की जा चुकी है, जिससे 3,09,120 क्विंटल शक्कर का उत्पादन हुआ है। यह उपलब्धि किसानों के सहयोग, प्रशासनिक मार्गदर्शन और कारखाने की बेहतर कार्यक्षमता का संयुक्त परिणाम मानी जा रही है।

किसानों और श्रमिकों के हित में निरंतर पहल

भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना क्षेत्र के किसानों की आर्थिक और सामाजिक उन्नति का मजबूत आधार बनता जा रहा है। कारखाने द्वारा एफआरपी के अतिरिक्त रिकवरी राशि का भुगतान, शासन द्वारा प्रदत्त बोनस, रियायती दर पर शक्कर वितरण, उन्नत बीज उपलब्ध कराना तथा किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार संचालित किए जा रहे हैं।

इसके अलावा कारखाना परिसर में किसानों के लिए सर्वसुविधायुक्त “बलराम सदन” और मात्र 5 रुपये में गरम भोजन की कैंटीन सुविधा उपलब्ध कराना सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।

जिला पंचायत की सख्ती :32 पंचायत सचिवों की गंभीर लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई

बेमेतरा, 20 मार्च 2026।
बेमेतरा जिले में ग्राम पंचायत सचिवों की लापरवाही पर जिला पंचायत ने कड़ा रुख अपनाते हुए 32 सचिवों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। यह कार्रवाई प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण समेत विभिन्न निर्माण कार्यों में धीमी प्रगति और लापरवाही पाए जाने के बाद की गई।

जानकारी के अनुसार, 26 फरवरी 2026 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में योजनाओं की प्रगति, अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों की स्थिति और जियो-टैगिंग कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान कई पंचायतों में कार्यों की प्रगति बेहद धीमी पाई गई, जिस पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई।

बैठक में 23 ग्राम पंचायत सचिव अनुपस्थित पाए गए थे। इसके बाद संबंधित सचिवों को अनुपस्थिति एवं योजनाओं में कम प्रगति को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। हालांकि, अधिकांश सचिवों के जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए, जबकि कुछ ने निर्धारित समय सीमा में जवाब भी प्रस्तुत नहीं किया।

गंभीर लापरवाही को देखते हुए जिला पंचायत प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए 8 सचिवों का एक दिवस का वेतन काटते हुए उसे अकार्य दिवस घोषित किया है। वहीं 15 सचिवों का एक दिवस वेतन काटने के साथ ही उनका वेतन आगामी आदेश तक रोक दिया गया है।

जिला पंचायत प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण आवास योजना और अन्य विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। योजनाओं की प्रगति में बाधा डालने वाले कर्मचारियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

“दुनिया में युद्ध, भारत में ‘राम राज्य’ का अनुभव: अयोध्या में बोले योगी आदित्यनाथ”

अयोध्या, 20 मार्च 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जहां एक ओर दुनिया के कई हिस्से युद्ध और अस्थिरता से जूझ रहे हैं, वहीं भारत में ‘राम राज्य’ का अनुभव किया जा रहा है।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी रामनगरी पहुंची थी। सीएम योगी, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और राष्ट्रपति तीनों ने राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन किया।

अयोध्या में आयोजित कार्यक्रम में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में श्रीराम यंत्र की स्थापना के दौरान उन्होंने यह बात कही। यह यंत्र 150 किलो सोने से मढ़ा हुआ है और राम मंदिर परिसर में स्थापित किया गया।

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने कहा कि आज अयोध्या में हजारों लोग बिना किसी भय के एकत्र होकर अपनी आस्था प्रकट कर रहे हैं, जो भारत की स्थिरता और सांस्कृतिक शक्ति को दर्शाता है। उन्होंने इसे ‘सच्चे राम राज्य’ का उदाहरण बताया।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राम मंदिर से जुड़े कई ऐतिहासिक कार्य पूरे हुए हैं, जिनमें भूमि पूजन, रामलला की प्राण प्रतिष्ठा और अब श्रीराम यंत्र की स्थापना शामिल है।

उन्होंने यह भी बताया कि 2025 में उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर लगभग 156 करोड़ श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जो कई देशों की आबादी से भी अधिक है। अयोध्या, काशी, प्रयागराज और मथुरा-वृंदावन में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, आध्यात्मिक गुरु माता अमृतानंदमयी और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय भी उपस्थित रहे।

“पश्चिम एशिया संकट पर सक्रिय भारत: शांति के लिए कूटनीति ही रास्ता, पीएम मोदी की वैश्विक पहल”

नई दिल्ली, 20 मार्च 2026

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शांति बहाली के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं। उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक समेत कई वैश्विक नेताओं से बातचीत कर हालात पर चर्चा की।

देश के प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि क्षेत्र में शांति स्थापित करने का एकमात्र रास्ता संवाद और शांति की बातचीत है। पश्चिम एशिया की स्थिति को देखते हुए तत्काल तनाव कम करना जरूरी है और सभी पक्षों को बातचीत की राह पर लौटना चाहिए।ईरान-इजरायल के बीच जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शांति और बातचीत पर जोर देते हुए कहा है कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने संघर्ष की शीघ्र समाप्ति की अपील की है और कहा कि कूटनीति के जरिए ही मध्य-पूर्व में शांति और स्थिरता बहाल की जा सकती है।

ओमान के सुल्तान के साथ बातचीत में दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए कूटनीतिक प्रयासों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। प्रधानमंत्री ने ओमान के लोगों को ईद की अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं।

इस बीच, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते टकराव ने वैश्विक चिंता को बढ़ा दिया है। ईरान के गैस क्षेत्र ‘साउथ पार्स’ पर हमले के बाद हालात और बिगड़े हैं, वहीं जवाबी कार्रवाई में खाड़ी देशों के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया गया। कतर के प्रमुख LNG केंद्र ‘रास लफान’ पर हमले से वैश्विक गैस आपूर्ति पर असर पड़ा है।

भारत ने इन हमलों को अस्वीकार्य बताते हुए तुरंत रोकने की मांग की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ऊर्जा और नागरिक ढांचे पर हमला पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है।

तेल की कीमतों में भी तेज उछाल देखा गया है, जो 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। इससे वैश्विक ऊर्जा संकट गहराने की आशंका है। ऐसे में भारत की कूटनीतिक सक्रियता इस संकट को शांत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

“रायपुर अस्पताल हादसा: सीवरेज सफाई के दौरान 3 कर्मचारियों की मौत, 24 घंटे बाद FIR दर्ज”

रायपुर, 20 मार्च 2026

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में सीवरेज सफाई के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में तीन सफाई कर्मचारियों की मौत के मामले में पुलिस ने घटना के करीब 24 घंटे बाद एफआईआर दर्ज कर ली है। इस घटना ने एक बार फिर मैन्युअल स्कैवेंजिंग और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस के अनुसार, टिकरापारा थाना क्षेत्र में दर्ज एफआईआर में सफाई ठेकेदार किशन सोनी के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या (IPC की संबंधित धाराओं) के तहत मामला दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के कर्मचारियों को सीवरेज टैंक में उतारा गया, जिससे दम घुटने की वजह से उनकी मौत हो गई।

राष्ट्रीय आयोग सख्त, परिजनों से मुलाकात
घटना की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल रायपुर पहुंचे। उन्होंने बीएसयूपी कॉलोनी, संतोषी नगर स्थित पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और पूरे मामले की जानकारी ली।

इसके बाद उन्होंने अस्पताल पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ नगर निगम आयुक्त विश्वदीप भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान आयोग ने सुरक्षा मानकों में भारी लापरवाही पाई और इस पर गहरी नाराजगी जताई।

“शाम के बाद सफाई कराना गैरकानूनी”
हरदीप सिंह गिल ने स्पष्ट रूप से कहा कि सेप्टिक टैंक या सीवरेज की सफाई शाम या रात के समय कराना सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में नियमों की अनदेखी की गई, जिसके चलते यह हादसा हुआ।

उन्होंने कहा कि:
“सफाई कार्य के दौरान निर्धारित सुरक्षा उपायों का पालन नहीं किया गया। यह गंभीर लापरवाही है और इसकी विस्तृत जांच की जाएगी।”
आयोग ने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने की घोषणा की है।

24 घंटे बाद FIR, उठे सवाल
यह हादसा मंगलवार शाम को हुआ था, लेकिन पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने में लगभग 24 घंटे का समय लगने पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है।

मुआवजे की घोषणा
हरदीप सिंह गिल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार मृतकों के परिजनों को तत्काल 30-30 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है। साथ ही, उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

बड़ा सवाल: कब रुकेगी ऐसी घटनाएं?
यह हादसा देश में अब भी जारी असुरक्षित सीवरेज सफाई व्यवस्था और मैन्युअल स्कैवेंजिंग की समस्या को उजागर करता है। कानूनन प्रतिबंधित होने के बावजूद इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जो प्रशासनिक निगरानी और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं।

जेल निरीक्षण: बंदियों को बेहतर सुविधा व विधिक सहायता के सख्त निर्देश

“बोर्ड ऑफ विजिटर्स” ने जिला जेल का निरीक्षण किया, बंदियों को बेहतर सुविधाएं व विधिक सहायता के निर्देश।

बेमेतरा, 19 मार्च 2026:

छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देश पर जिला जेल बेमेतरा का “बोर्ड ऑफ विजिटर्स” ने विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण का नेतृत्व श्रीमती सरोज नंद दास, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष ने किया।

इस दौरान पुलिस अधीक्षक, एडीएम, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी व जिला औद्योगिक अधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। “जेल लीगल एड क्लीनिक” को मजबूत बनाने व बंदियों को समय पर गुणवत्तापूर्ण विधिक सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एसओपी-2016 व कंडिका-225 का पालन सुनिश्चित करने हेतु निरीक्षण आयोजित हुआ।

बोर्ड ने जेल रजिस्टरों का परीक्षण किया, जिसमें जाति कॉलम या जातिगत उल्लेख का अभाव पाया गया। सभी बैरकों में जाकर बंदियों से चर्चा की, जहां उन्होंने जातिगत भेदभाव से इंकार किया। मनोरंजन के लिए दो बैरकों में टीवी लगे हैं, जो योग, आध्यात्मिक कार्यक्रम, भजन व समाचार दिखाते हैं। बंदियों को तबला, ढोलक, झांझ, मंजिरा जैसे वाद्ययंत्र तथा लूडो व चेस उपलब्ध हैं।

पानी की व्यवस्था में तीन ट्यूबवेल (एक बंद) के अलावा परिसर में एक व बाहर एक ओवरहेड टंकी है। भोजन में जेल मैनुअल के अनुसार दैनिक बदलते मेन्यू, मौसमी सब्जियां व दालें देने व गुणवत्ता पर ध्यान रखने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सेवाओं में डॉ. सुभाष साहू मंगलवार को उपचार करते हैं, जबकि फार्मासिस्ट प्रतिदिन उपलब्ध रहता है।

निरीक्षण में जेल लीगल एड क्लीनिक, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष, मुलाकात कक्ष, कपड़े, शौचालय व अन्य सुविधाओं का जायजा लिया गया। विचाराधीन बंदियों को साक्षर बनाने हेतु साक्षरता मिशन की “उल्लास प्रवेशिका” पुस्तक वितरित की गई तथा पढ़ाई के लिए प्रेरित किया।


मोदी कैबिनेट के 4 धमाकेदार फैसले: ₹54,926 करोड़ से इंडस्ट्री-किसान को रफ्तार, BHAVYA योजना से 100 प्लग-एंड-प्ले पार्क, UP में फोरलेन सड़क मंजूर

डिजिटल डेस्क _19 मार्च 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट ने उद्योग, इंफ्रा और रिन्यूएबल एनर्जी को बूस्ट देने के लिए ₹54,926 करोड़ की चार योजनाओं को हरी झंडी दिखाई। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया, इनसे मैन्युफैक्चरिंग, जॉब्स और कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

1. BHAVYA योजना (₹33,660 करोड़):
100 प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल पार्क बनेंगे। तैयार इंफ्रा, सिंगल-विंडो क्लियरेंस से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बढ़ेगा। प्रति एकड़ ₹1 करोड़ सहायता। 2026-32 तक 15 लाख जॉब्स का लक्ष्य। PM मोदी ने X पर कहा, “औद्योगिक क्रांति का ऐतिहासिक कदम।”

2. UP फोरलेन सड़क (₹6,969 करोड़):
बाराबंकी-बहराइच (101.5 km) NH-927 को चार लेन में बदलेगा। हाइब्रिड एन्युटी मॉडल से लाखों जॉब्स और बेहतर कनेक्टिविटी।

3. स्मॉल हाइड्रो प्रोजेक्ट (₹2,585 करोड़):
1,500 MW रिन्यूएबल एनर्जी बिना बड़े बांधों के। पर्यावरण-अनुकूल, विस्थापन-रहित।

4. अन्य कृषि-इंफ्रा स्कीम: बाकी बजट से किसानों और इंफ्रा को मजबूती।

भव्य’ योजना में व्यापार करने में आसानी पर खास जोर दिया गया है। इसके तहत मंजूरी प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा, सिंगल विंडो सिस्टम लागू होगा और निवेशकों के लिए अनुकूल सुधार किए जाएंगे। इस योजना के तहत ऐसे इंडस्ट्रियल पार्क बनाए जाएंगे जहां उद्योगों को पहले से तैयार जमीन, जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और सभी सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी, जिससे कंपनियां जल्दी काम शुरू कर सकेंगी।

ये फैसले भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम हैं।मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट करना, 15 लाख रोजगार पैदा करना और भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना है।