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शिक्षा और बेरोजगारी:डिग्रियां बढ़ीं नौकरियां क्यों नहीं? 40% ग्रेजुएट बेरोजगार का रहस्य

डिजिटल डेस्क _19 मार्च 2026

भारत की शिक्षा क्रांति का सपना अधर में लटका है। अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी की `स्टेट ऑफ वर्किंग इंडिया 2026` रिपोर्ट एक कड़वी हकीकत उजागर करती है: 40% ग्रेजुएट युवा आज भी बेरोजगार। चौंकाने वाली बात? यह आंकड़ा 1983 से 2023 तक—40 सालों से लगभग अपरिवर्तित। डिग्रियां तो उग आईं, लेकिन नौकरियां क्यों नहीं?

क्यों अटकी है यह गाड़ी?
शिक्षा का ढांचा तो बदला, लेकिन बाजार की मांग से तालमेल नहीं। ग्रेजुएट्स में स्किल गैप है—डिग्री मिलते ही 93% को अस्थिर काम या बेरोजगारी का सामना। महंगाई ने कमर तोड़ दी: 72% युवा आर्थिक मजबूरी में पढ़ाई बीच में छोड़ रहे हैं (2017 के 58% से बढ़कर)। नई जॉब्स? 8.3 करोड़ में आधे खेती में—विकास का उल्टा चक्र।पिछले एक दशक से भारत में युवा बेरोजगारी दर लगभग 22 प्रतिशत के आसपास बनी हुई है।

युवाओं का भविष्य: सुनहरा या काला?

मनपसंद या अच्छी जॉब नहीं मिल पाया बेकारी बढ़ी तभी तो डिग्रियों की बाढ़ के बावजूद, व्यावहारिक कौशल (Skill) की कमी और शिक्षा-रोजगार के बीच का तालमेल न होना ही इस 40% बेरोजगारी का मुख्य रहस्य है।इस सबके बीच पुरुषों में पढ़ाई छोड़ने का ट्रेंड बढ़ा है, जबकि महिलाओं के लिए लेबर मार्केट के परिणाम में थोड़ा सुधार हुआ है। 36 करोड़ युवा `डेमोग्राफिक डिविडेंड` हैं, लेकिन 2030 तक यह खजाना सूखेगा। बिना क्वालिटी जॉब्स के, यह बोझ बन जाएगा। सरकार-उद्योग को स्किल ट्रेनिंग, मैन्युफैक्चरिंग बूस्ट और एजुकेशन रिफॉर्म चाहिए। वरना, डिग्रियां कागज के टुकड़े बनकर रहेंगी। समय है जागने का—नहीं तो पीढ़ी खो देंगे।मीडिया सूत्र।


सफाई का स्मार्ट सिपाही आया बाजार में: झाड़ू-पोछा एक साथ!ड्रीमी टेक ने लॉन्च किए दो रोबोट वैक्यूम

डिजिटल डेस्क_19 मार्च 2026

घर की सफाई अब बटन दबाते ही! ड्रीमी टेक्नोलॉजीज ने भारत में ड्रीमे एल40 अल्ट्रा एई और ड्रीमे एल20 अल्ट्रा रोबोट वैक्यूम पेश किए हैं। ये स्मार्ट डिवाइस झाड़ू-पोछा साथ-साथ करते हैं, घर को चकाचक रखते हैं।

ड्रीमे एल40 अल्ट्रा एई में 19,000Pa सक्शन पावर है, जो जिद्दी धूल-बालों पर भारी पड़ती है। ट्राइकट ब्रश 3.0 बालों को उलझने नहीं देता, जबकि मोप एक्सटेंड रोबो स्विंग-किनारों तक पहुंचता है। 3D adopt नेविगेशन सेंसर से फर्नीचर-तारों से बचता है, फ्लोर पर मॉपिंग और कार्पेट पर सक्शन ऑटो एडजस्ट करता है। पावर डॉक डस्ट खाली करता है, मॉप धोता है और पानी भरता है—पूरी प्रक्रिया हाथों-रहित।

ट्राइकट ब्रश 3.0 में 13,000Pa पावर, DuoScrub डुअल मॉप दाग साफ करते हैं। 5200mAh बैटरी 250 मिनट रनटाइम देती है। Pathfinder सिस्टम बाधाओं से बचाता है, डस्ट बैग हफ्तों चलता है।(मीडिया खबर)

कीमत: एल40 अल्ट्रा एई ₹59,999, एल20 अल्ट्रा ₹39,999। 18 मार्च से अमेजन इंडिया और Croma पर उपलब्ध। 1 साल वारंटी, 160+ शहरों में सर्विस।

खबर तो यह भी है कि झाड़ू पोछा बर्तन खुद से सब कुछ करता है ये नया रोबोट अब घर के कामों में सुविधा देने वाला है जो गृह कार्य में सहायता प्रदान करेगा।आप यदि बड़े शहरों में रहते हैं तो घरेलू मेड की समस्या से आप भी पीड़ित होंगे मेड के बढ़ते चार्जेज और समय-असमय छुट्टी सबको पिंच करती है ।इसलिए लोग अब घरेलू काम और खाना पकाने के लिए रोबोट रखने लगे हैं।बेंगलुरु में घरेलू रोबोट रखने की शुरुआत हो चुकी है।

देवकर में पेयजल विवाद: जांच में पानी सुरक्षित पाया गया

बेमेतरा, 18 मार्च 2026 —

नगर पंचायत देवकर में गंदे और बदबूदार पानी की शिकायत के बाद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) ने विस्तृत जांच की, जिसमें पेयजल पूरी तरह सुरक्षित और मानकों के अनुरूप पाया गया।

मुख्य नगर पालिका अधिकारी केशराम साहू के अनुसार, वार्ड क्रमांक 03 में 240 क्षमता वाले ओवरहेड टैंक से जलापूर्ति होती है। कुछ लोगों द्वारा नालों से गंदा पानी सप्लाई होने की अफवाह फैलाई गई थी। शिकायत मिलते ही नगर पंचायत, जनप्रतिनिधि और कर्मचारियों की संयुक्त टीम ने मौके पर जाकर जांच की। कई घरों में नल का पानी साफ मिला और ओवरहेड टैंक में भी प्रदूषण का कोई संकेत नहीं पाया गया।
प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट में भी जल पेय योग्य घोषित किया गया।

अधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और नगर पंचायत की जल गुणवत्ता निगरानी पर भरोसा रखें।

जांच टीम द्वारा ओवरहेड टैंक का भी गहन निरीक्षण किया गया, जिसमें कहीं भी गंदगी या प्रदूषण के संकेत नहीं मिले। इसके साथ ही विभिन्न वार्डों से लिए गए पानी के सैंपल की प्रयोगशाला जांच में भी जल पूरी तरह सुरक्षित पाया गया। मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अपुष्ट जानकारी या अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत द्वारा नियमित रूप से जल गुणवत्ता की निगरानी की जाती है और नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

भारत ने कहा पड़ोसी देशों को ईंधन तभी, जब घरेलू जरूरत पूरी हो

ईरान-इजरायल युद्ध के बीच भारत का बड़ा फैसला।

नई दिल्ली, 18 मार्च 2026

पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के बीच वैश्विक ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है। इस संकट की आंच अब भारत के पड़ोसी देशों तक पहुँच गई है। बांग्लादेश, श्रीलंका और मालदीव ने भारत से अतिरिक्त पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति का अनुरोध किया है, क्योंकि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण वैश्विक ईंधन आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है।

भारत का स्पष्ट रुख — ‘पहले हम, फिर आप’
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि बांग्लादेश को ईंधन आपूर्ति के मामले में भारत की अपनी घरेलू जरूरतें, रिफाइनिंग क्षमता और डीजल की उपलब्धता को ध्यान में रखा जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि श्रीलंका और मालदीव ने भी इसी तरह के अनुरोध किए हैं।
जायसवाल ने कहा — “इन अनुरोधों की समीक्षा हमारी अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं और उपलब्धता को देखते हुए की जा रही है।”

संकट की जड़ — होर्मुज जलडमरूमध्य बंद
ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर देने से वैश्विक तेल आपूर्ति का 20% प्रभावित हुआ है। इस संकट के बाद ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें 10-13% उछलकर लगभग 80-82 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गईं।

बांग्लादेश की हालत सबसे गंभीर
बांग्लादेश, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए लगभग 95% आयात पर निर्भर है, ने ईंधन सीमा लागू की, विश्वविद्यालय बंद किए, ईद की रोशनी बुझाई और जमाखोरी रोकने के लिए तेल डिपो पर सेना तैनात की।
5 मार्च को बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने जमाखोरी रोकने के लिए वाहनों में ईंधन भरने की सीमा तय कर दी।

भारत ने उठाए आपातकालीन कदम
भारत ने आपातकालीन शक्तियों का उपयोग करते हुए एलपीजी की आपूर्ति औद्योगिक उपयोग से हटाकर घरेलू उपभोक्ताओं की ओर मोड़ी।

विदेश मंत्री जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री से पिछले कुछ दिनों में तीन बार बातचीत की है। अंतिम बातचीत में शिपिंग मार्गों की सुरक्षा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा हुई।

श्रीलंका में राशनिंग वापस
श्रीलंका सरकार ने 2022 की तरह साप्ताहिक ईंधन राशनिंग फिर से लागू कर दी है और सरकारी कर्मचारियों के लिए चार दिन का कार्य सप्ताह घोषित किया है।

विशेषज्ञों की राय
एशियन डेवलपमेंट बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, फिलीपींस, पाकिस्तान और श्रीलंका जैसी छोटी ऊर्जा-आयातक अर्थव्यवस्थाओं पर तुलनात्मक रूप से अधिक व्यापक आर्थिक प्रभाव पड़ने की संभावना है।

भारत से मदद की आशा
पड़ोसी देशों के अनुरोध यह साबित करते हैं कि वैश्विक अस्थिरता के दौर में भारत एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय ऊर्जा आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरा है। भारत सावधानीपूर्वक संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है — अपनी ऊर्जा सुरक्षा की रक्षा करते हुए पड़ोसी देशों की मदद भी करना।


कांग्रेस के विधानसभा घेराव: बेमेतरा जिले से हजारों कार्यकर्ताओं का रहा जोरदार प्रदर्शन

बेमेतरा जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा राजधानी विधानसभा घेराव,मनरेगा बचाओ महासंग्राम में हजारों कार्यकर्ताओं ने कूच किया।

बेमेतरा, दिनांक: 18 मार्च 2026

मीडिया प्रभारी, जिला कांग्रेस कमेटी, बेमेतरा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित “मनरेगा बचाओ महासंग्राम” के अंतर्गत रायपुर में विधानसभा घेराव कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इस ऐतिहासिक आंदोलन में बेमेतरा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा के नेतृत्व में जिले से हजारों पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं मनरेगा श्रमिक रायपुर पहुँचे और विधानसभा घेराव में सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई।

इस महाआंदोलन में जिला कांग्रेस कमेटी बेमेतरा, सभी ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्ष, शहर कांग्रेस कमेटी, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई तथा संगठन के विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष आशीष छाबड़ा ने कहा
“मनरेगा कांग्रेस पार्टी की ऐतिहासिक एवं जनहितकारी योजना है, जिसने देश के गरीब व मजदूर वर्ग को रोजगार देकर उनका जीवन स्तर ऊँचा किया और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया। भाजपा सरकार इस योजना को कमजोर करने, बंद करने तथा नाम बदलने की साजिश कर रही है, जो मजदूरों के अधिकारों का सीधा हनन है। जब-जब किसानों और मजदूरों के अधिकारों पर आंच आएगी, कांग्रेस सड़क से सदन तक उनके साथ खड़ी रहेगी।”

यह विधानसभा घेराव कार्यक्रम बेमेतरा जिले की जनभागीदारी
में मनरेगा से जुड़े श्रमिकों, कांग्रेस पदाधिकारियों और हजारों कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर इस आंदोलन में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराते हुए विधानसभा घेराव कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जिससे जिला कांग्रेस बेमेतरा से अधिक से अधिक कार्यकर्ता राजधानी पहुंचकर विधानसभा घेराव को पूर्ण बनाने में सहयोग प्रदान किया। जिससे हमारा महाआंदोलन का उद्देश्य पूर्ण सफल रहा।

रायपुर नगर निगम MIC बैठक: 21 एजेंडों पर मुहर, 2026-27 का बजट प्रस्ताव पास

रायपुर, 18 मार्च 2026

मीडिया पर उपलब्ध जानकारी अनुसार रायपुर नगर निगम के मुख्यालय स्थित महात्मा गांधी सदन में कल मेयर-इन-काउंसिल (MIC) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महापौर मीनल चौबे ने की। इसमें निगमायुक्त विश्वदीप सहित एमआईसी के सभी सदस्य और निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

21 एजेंडों पर विस्तृत चर्चा
बैठक में कुल 21 प्रमुख एजेंडों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इनमें शहर के विकास कार्यों, विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों और बुनियादी ढांचे से संबंधित विषयों पर चर्चा हुई। अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए गए ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन तेज गति से हो सके।

बजट 2026-27 को हरी झंडी
बैठक की सबसे अहम उपलब्धि रही — वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों को MIC की अनुशंसा (मंजूरी)। यह बजट सीधे तौर पर रायपुर शहर की निम्नलिखित सुविधाओं को प्रभावित करेगा:
सड़कें व यातायात व्यवस्था, सफाई एवं स्वच्छता, बुनियादी ढांचा (Infrastructure),शहरी विकास परियोजनाएं ।

आगे की प्रक्रिया: सामान्य सभा में होगा अंतिम निर्णय
MIC से अनुशंसा मिलने के बाद अब यह बजट और सभी प्रस्तावों की फाइलें सामान्य सभा के पटल पर रखी जाएंगी। वहां सत्ता पक्ष और विपक्ष के पार्षदों के बीच खुली चर्चा और मतदान के बाद रायपुर नगर निगम का अंतिम बजट 2026-27 पारित किया जाएगा।

यह बैठक रायपुर शहर के भविष्य की दिशा तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। MIC में पास प्रस्ताव शहरवासियों के दैनिक जीवन, सुविधाओं और विकास योजनाओं पर दीर्घकालिक प्रभाव डालेंगे।


कांग्रेस का विधानसभा घेराव: विपक्ष ने ताकत दिखाई तो सदन से सड़क तक लड़ाई

रायपुर, 18 मार्च 2026

लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका उतनी ही महत्वपूर्ण होती है जितनी सत्ता पक्ष की। जब सरकार जनता के मुद्दों से मुंह मोड़ ले, तब विपक्ष की जिम्मेदारी बनती है कि वह सड़क पर उतरकर आवाज उठाए। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने आज ठीक यही किया।

मनरेगा से महंगाई तक — एक नहीं, कई मुद्दे
छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने आज राजधानी रायपुर में भाजपा सरकार के खिलाफ जबरदस्त “हल्लाबोल प्रदर्शन” किया। यह विरोध प्रदर्शन “मनरेगा बचाओ संग्राम” के बैनर तले आयोजित किया गया था। कार्यकर्ता शंकर नगर स्थित केनाल रोड के भारत माता चौक पर एकत्रित हुए और वहां से विधानसभा की ओर मार्च किया।
प्रदर्शन के दौरान एक कांग्रेस कार्यकर्ता ने नाली से गैस चूल्हा जोड़कर चाय बनाई — यह प्रतीकात्मक विरोध गैस सिलेंडर की आसमान छूती कीमतों पर करारा तंज था।

जिन मुद्दों पर विरोध हुआ, वे हैं:
मनरेगा का नाम बदलना और उसे कमजोर करना
गैस सिलेंडर और बिजली दरों में भारी बढ़ोतरी
धान खरीदी में अनियमितता और किसानों से वादाखिलाफी
खेतों में अफीम की खेती और नशे का बढ़ता कारोबार
सरकारी छात्रावासों में छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल
बिगड़ती कानून व्यवस्था
बेरोजगारी और युवाओं का भविष्य
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बैरिकेड्स टूटे, जोश नहीं
पुलिस प्रशासन ने पहले से ही कड़ी तैयारी कर रखी थी। टीन का शेड लगाकर और कई स्तरों पर बैरिकेड्स खड़े करके कार्यकर्ताओं को विधानसभा तक पहुंचने से रोका गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहला और दूसरा बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़े, लेकिन अंतिम बैरिकेड पार नहीं कर सके। पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झुमाझटकी की भी नौबत आई। अंततः घेराव कार्यक्रम भारत माता चौक पर ही समाप्त हुआ, जहां एक बड़ी जनसभा का आयोजन किया गया।

सचिन पायलट का पलटवार — “मुद्दे हैं, और बहुत हैं”
प्रदर्शन में एआईसीसी प्रभारी महासचिव सचिन पायलट भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री के उस बयान पर कि “कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है” — पायलट ने कड़ा पलटवार किया।
उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में ऐतिहासिक बेरोजगारी है, किसान धान का सही दाम नहीं पा रहे और नौजवान परेशान हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ हुई व्यापारिक डील किसानों के लिए नुकसानदेह है और राज्य व केंद्र दोनों में भाजपा की सरकार होने के बावजूद किसानों को धान खरीदी में टोकन तक नहीं मिला।

चरणदास महंत — “विरोध की आवाज नहीं दबेगी”
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि कांग्रेस हमेशा गरीबों, किसानों और मजदूरों के हित में खड़ी रही है। उन्होंने कहा कि सरकार विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन यह लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनेगी और मनरेगा कानून को फिर से मजबूत किया जाएगा।

सशक्त विपक्ष — लोकतंत्र की जरूरत
आज का प्रदर्शन यह संदेश देता है कि एक जीवंत लोकतंत्र में विपक्ष का मजबूत होना जरूरी है। चाहे सत्ता कोई भी हो — जब जनता के मुद्दे नजरअंदाज हों, तब विपक्ष का सड़क पर उतरना उसका संवैधानिक कर्तव्य है। आज रायपुर की सड़कों पर कांग्रेस ने यही भूमिका निभाई।

प्रदर्शन में पूर्व सीएम भूपेश बघेल पीसीसी चीफ दीपक बैज, विकास उपाध्याय सहित प्रदेशभर से आए हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहे। जिला अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं, जिससे यह प्रदर्शन व्यापक और संगठित रूप में सामने आया।

नशा समाज का अभिशाप, जीरो टॉलरेंस से कसें नकेल: बेमेतरा कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई

बेमेतरा, 17 मार्च 2026

कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने नार्कोटिक्स कोऑर्डिनेशन सेंटर समिति की बैठक में नशे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने जिले में नशा कारोबार पर अंकुश लगाने और युवाओं को बचाने पर जोर दिया।

कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई ने कहा, “नशा न केवल व्यक्ति, बल्कि पूरे परिवार और समाज को खोखला कर देता है। हमारी प्राथमिकता आपूर्ति श्रृंखला तोड़ना और युवाओं को दलदल से निकालना है।”

विभागीय निर्देश जारी
पुलिस व आबकारी विभाग को नशीले कारोबार में लिप्तों पर कठोर कार्रवाई के आदेश।विभाग को जिले के उन इलाकों को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए जहाँ नशे की गतिविधियां अधिक सक्रिय हैं। ऐसे क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से विशेष निगरानी रखी जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग व ड्रग इंस्पेक्टर को मेडिकल स्टोर्स की सघन जांच।मेडिकल स्टोर्स की सघन जांच करने के लिए स्वास्थ्य विभाग और ड्रग इंस्पेक्टर को निर्देशित की। जिले में संचालित मेडिकल स्टोर्स का नियमित निरीक्षण करने कहा।

समाज कल्याण विभाग को जिला अस्पताल में नशामुक्ति केंद्र और प्रभावी काउंसलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है।

स्कूल-कॉलेजों के 100 मीटर दायरे में नशीले पदार्थ व तंबाकू बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध।
हॉटस्पॉट इलाकों का चिन्हांकन, सीसीटीवी निगरानी।
शिक्षा विभाग से जागरूकता कार्यशालाएं, समाज कल्याण से नशामुक्ति केंद्र व काउंसलिंग।

बैठक में प्रमुखता से यह चर्चा की गई कि केवल कार्रवाई से नशा खत्म नहीं होगा, इसके लिए सामाजिक जागरूकता जरूरी है।

बैठक में एसपी, आबकारी अधिकारी, सीएमएचओ व शिक्षा अधिकारी मौजूद। सभी को मासिक प्रगति रिपोर्ट देने के निर्देश।


एलपीजी से लदे भारतीय जहाज ‘नंदा देवी’ ने कांडला बंदरगाह पर लंगर डाला

डिजिटल डेस्क | 17 मार्च 2026 (ddnews)

कतर से एलपीजी लादकर रवाना भारतीय जहाज ‘नंदा देवी’ मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर गुजरात के कांडला बंदरगाह पहुंच गया। इससे संवेदनशील समुद्री मार्ग से ईंधन ढुलाई की चिंताएं कम हुईं। 17 मार्च 2026 को, भारतीय जहाज ‘नंदा देवी’ लगभग 46,000-46,500 मीट्रिक टन एलपीजी (LPG) लेकर गुजरात के कांडला/वडिनार बंदरगाह पर सुरक्षित पहुंच गया है, पश्चिम एशिया में तनाव (होर्मुज जलडमरूमध्य) के बावजूद, यह शिपमेंट देश में रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। इस जहाज के आने से देश में एलपीजी संकट को कम करने में बड़ी राहत मिली है,

देश में एलपीजी संकट पर सरकार की पहल पर कल ‘शिवालिक’ जहाज 45-46 हजार टन एलपीजी लेकर मुंद्रा बंदरगाह पहुंच चुका, जिससे दोनों जहाजों द्वारा कुल मिलाकर लगभग 92,000 टन से अधिक एलपीजी देश में आ गई है, 

शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SCI) के दोनों जहाज मिलाकर 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी लाए। बंदरगाह मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया, “होर्मुज पार करने के बाद टैंकर खुले समुद्र में सुरक्षित प्रवेश कर चुके।” उन्होंने फारस की खाड़ी में 22 भारतीय जहाजों पर सवार 611 नाविकों की सुरक्षा की पुष्टि की।

UAE से 81,000 टन कच्चा तेल लादे ‘जग लाडकी’ जहाज मुंद्रा जा रहा। होर्मुज से वैश्विक तेल-गैस का 20% गुजरता है, जहां तनाव के बीच नौसेना निगरानी कर रही। मंत्रालय बंदरगाहों पर शुल्क रियायतें दे रहा।

महासमुंद: कार चेकिंग में 75 लाख कैश जब्त, ओडिशा के दो युवक हिरासत में

छत्तीसगढ़ डिजिटल डेस्क | 17 मार्च 2026

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक होंडा कार से 75 लाख रुपये नकद बरामद किए। कार, मोबाइल और नकदी सहित कुल 85 लाख 10 हजार रुपये की संपत्ति जब्त कर ली गई। दो ओडिशा निवासियों को हिरासत में लिया गया है।

यह कार्रवाई 16 मार्च को कोमाखान थाना क्षेत्र के टेमरी नाका पर हुई। एनएच-353 पर ओडिशा के खरियार रोड से रायपुर की ओर आ रही सफेद होंडा कार (OD 05 PB 2122) को रोका गया। जांच में कार की मध्य सीट पर नीले बैग से 150 बंडल (500 के नोट, प्रत्येक 100 नोट) मिले।

ड्राइवर राजेंद्र महानंद (27, मुंडापला, बलांगीर) और सहयात्री महाप्रज्ञ जैन (47, कांटाबांजी, बलांगीर) ने नकदी के वैध दस्तावेज नहीं दिखाए। पूछताछ में उन्होंने राशि को रायपुर के सोना-चांदी व्यापारियों (करीब 60) के लिए बताया।

मीडिया द्वारा प्राप्त खबर अनुसार पुलिस ने कार, मोबाइल और नकदी सहित कुल 85 लाख 10 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की है। यह कार्रवाई 16 मार्च 2026 को टेमरी नाका पर वाहन चेकिंग के दौरान हुई।

पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी हिरासत में रखा। अब आयकर विभाग जांच करेगा।