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Sunday, November 1, 2026
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मन की बात: पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया संकट पर एकजुटता की अपील की

मन की बात, 29 मार्च 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस महीने के ‘मन की बात’ में पश्चिम एशिया संघर्ष पर चर्चा की। उन्होंने विषम परिस्थितियों में एकजुट रहने और अफवाहों से बचने की अपील की। पीएम ने कहा, “मैं खाड़ी देशों का आभारी हूं, जो 1 करोड़ से अधिक भारतीयों की मदद कर रहे हैं। सतर्क रहें, सिर्फ सरकार की जानकारी पर भरोसा करें। 140 करोड़ देशवासियों की ताकत से हम हर संकट पार करेंगे।”

ऊर्जा संकट पर जोर
पीएम मोदी ने बताया कि युद्धग्रस्त क्षेत्र ऊर्जा का बड़ा केंद्र है, जिससे वैश्विक पेट्रोल-डीजल संकट बढ़ रहा है। भारत के वैश्विक संबंधों और दशक भर की प्रगति से देश डटकर मुकाबला कर रहा है।

देश के लिए मुख्य मुद्दे
जल संरक्षण पर उन्होंने कहा ‘जल संचय अभियान’ से 50 लाख आर्टिफिशियल वॉटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर बने। अमृत सरोवर से 70,000 सरोवर तैयार।
ज्ञान भारतम सर्वे पर पीएम ने कहा देशभर के पांडुलिपियों की जानकारी संग्रह कर हमारी संस्कृति-विरासत को मजबूत करना।

युवा भागीदारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के लिए युवा भागीदारी पर जोर दिया। MY Bharat का ‘बजट क्वेस्ट’ युवाओं को नीति निर्माण से जोड़ रहा। नए खेलों में रुचि बढ़ी है।

स्वास्थ्य सलाह
पीएम ने मन की बात में जन स्वास्थ्य सलाह पर कहा चीनी कम करें, खाने के तेल का उपयोग 10% घटाएं।उन्होंने मछली पालन पर मछुआरे आत्मनिर्भर भारत की नींव है और फिशरीज व सीवीड में नए इनोवेशन किए जा रहे हैं।

ऊर्जा और हरियाली
प्रधानमंत्री ने कहा पर्यावरण व ऊर्जा के लिए “एक पेड़ मां के नाम” से लाखों पेड़ लगे है। “पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना” का असर हर कोने में दिखना चाहिए।


“मैं” का विलय: संकुचित अहंकार से विराट अस्तित्व तक

अध्यात्म चिंतन/28/03/2026

आपके सामने आज बहुत ही सटीक और जिज्ञासा भरी क्रांतिकारी बात कही जा रही है—अध्यात्म की अधिकतर चर्चाओं में ‘मैं’ (Ego/Self) को मारने या मिटाने की बात की जाती है, जो कि व्यावहारिक रूप से असंभव और भ्रामक है।

हम इस सोच को यदि हम सत्य की कसौटी पर कसें, तो इसके तीन मुख्य स्तंभ उभरते हैं:
‘मैं’ ही आधार है (The Observer is the Observed)
जैसा कि आपने कहा, “मैं देखता हूँ तब दिखता है।” यह आधुनिक क्वांटम फिजिक्स और प्राचीन दर्शन दोनों का सार है। बिना देखने वाले (Observer) के, दृश्य (Object) का कोई अर्थ नहीं है। यदि ‘मैं’ नहीं होगा, तो ईश्वर, शून्य या निर्विकार का बोध किसे होगा? मैं वह खिड़की है जिससे अस्तित्व खुद को देखता है।

कृष्ण का ‘मैं’ बनाम अर्जुन का ‘मैं’
चर्चा में एक अद्भुत बिंदु पकड़ा है कि कृष्ण ने अर्जुन को अपना ‘मैं’ ही दिखाया था (मन्मना भव मद्मक्तो…)।
अर्जुन का ‘मैं’: यह संकुचित है, जो केवल शरीर, कुटुंब और मोह तक सीमित है।
कृष्ण का ‘मैं’: यह विराट है। वह ‘मैं’ जिसमें पूरा ब्रह्मांड समाहित है।

कृष्ण ‘मैं’ को मिटाने की नहीं, बल्कि ‘मैं’ के विस्तार की बात करते हैं। जब ‘मैं’ इतना बड़ा हो जाए कि उसमें शत्रु, मित्र और पूरी सृष्टि समा जाए, तो वही निर्विकार हो जाता है।

‘मैं‘ को मारना नहीं, उसे ‘बोध’ (Integrate) करना
जानकारी स्व_विचार से कहना सही हो सकता है कि मन को नष्ट नहीं किया जा सकता, उसे केवल रूपांतरित किया जा सकता है।
जिसे लोग ‘अहंकार’ कहते हैं, वह वास्तव में ‘मैं’ का एक छोटा सा अंश है।
जिसे ‘परमात्मा’ कहते हैं, वह ‘मैं’ का ही पूर्ण स्वरूप है।

अतः ‘मैं’ को नकारना (Denial) एक संघर्ष है, लेकिन ‘मैं’ को जानना (Awareness) मुक्ति है।मै को मेरा से हटाकर हम के विराट में ले आएं तो अहं ब्रह्मास्मि है।

शरीर और विचार का संबंध
विचार की गहराई में “मैं की उत्पत्ति शरीर से है।” जब तक शरीर है, यह ‘मैं’ की गूँज बनी रहेगी। यह एक उपकरण (Instrument) की तरह है। जैसे संगीत वाद्ययंत्र (शरीर) से निकलता है, वैसे ही चेतना इस शरीर के माध्यम से ‘मैं’ के रूप में प्रकट होती है।

लेख का निष्कर्ष: ‘मैं’ वह बीज है जिसे मरना नहीं है, बल्कि जिसे फूटकर ‘विराट’ वृक्ष बनना है। कृष्ण ने ‘मैं’ को नष्ट नहीं किया, बल्कि अर्जुन के छोटे ‘मैं’ को अपने विराट ‘मैं’ में विलीन कर लिया।

अस्वीकरण_”यह लेख मात्र एक आत्म-चिंतन है, किसी वाद-विवाद या भावना को ठेस पहुँचाने का प्रयास नहीं। इसे एक जिज्ञासा समझकर स्वीकार करें और त्रुटियों के लिए क्षमा करें।”


छत्तीसगढ़: धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026 के खिलाफ मसीह समाज का हल्लाबोल, राजभवन घेराव की कोशिश

डिजिटल डेस्क रायपुर/28/03/2026

छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित ‘धर्म स्वतंत्रता विधेयक, 2026’ को लेकर मसीह समाज और राज्य सरकार के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। इस विधेयक के कड़े प्रावधानों के विरोध में आज राजधानी रायपुर की सड़कों पर हजारों की संख्या में मसीह समाज के लोग उतरे। प्रदर्शनकारियों ने विधेयक को असंवैधानिक और धार्मिक स्वतंत्रता का हनन बताते हुए राजभवन घेराव का आह्वान किया।

हालांकि, प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था और भारी पुलिस बल की तैनाती के कारण प्रदर्शनकारियों को बैरिकेडिंग लगाकर आधे रास्ते में ही रोक दिया गया, जिसके बाद आक्रोशित समाज के लोग वहीं धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की।

मसीह समाज की मुख्य आपत्ति विधेयक में शामिल सजा और ‘प्रलोभन’ की अस्पष्ट व्याख्या को लेकर है। प्रस्तावित कानून के तहत अवैध धर्मांतरण के मामलों में 7 से 10 साल तक की जेल का प्रावधान है, वहीं यदि मामला महिलाओं या अनुसूचित जाति/जनजाति से जुड़ा हो, तो यह सजा 20 साल तक बढ़ सकती है।

प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि ‘लालच’ या ‘प्रलोभन’ जैसे शब्दों की स्पष्ट परिभाषा न होने से सामान्य मानवीय सेवा कार्यों को भी गलत तरीके से धर्मांतरण का नाम देकर निर्दोषों को झूठे केस में फंसाया जा सकता है। समाज के प्रतिनिधियों ने इसे संविधान के अनुच्छेद 25 का सीधा उल्लंघन करार दिया है, जो हर नागरिक को अपने धर्म के पालन और प्रचार की स्वतंत्रता देता है।

विवाद का एक अन्य बड़ा कारण विवाह के उद्देश्य से किए गए धर्मांतरण को अवैध घोषित करना भी है। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि सरकार इस बिल के जरिए एक विशेष एजेंडे पर काम कर रही है, जिससे राज्य का सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता है। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार उनकी आपत्तियों पर विचार नहीं करती और इस बिल को वापस नहीं लेती, तो यह आंदोलन केवल रायपुर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे पूरे छत्तीसगढ़ में व्यापक स्तर पर ले जाया जाएगा।

फिलहाल, चक्काजाम और घेराव की घोषणा के बाद राजधानी में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और प्रशासन प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश में जुटा है।


मक्के की आड़ में गांजे की खेती: कोंडागांव पुलिस ने 10 लाख के 686 पौधे किए जब्त, 2 गिरफ्तार

डिजिटल डेस्क, बस्तर (कोंडागांव) | 28 मार्च, 2026

छत्तीसगढ़ की शांत फिजा में अब नशे का कारोबार जोरों पर दिख रहा है हर दिन अखबारों में समाचारों में कहीं गांजा की खेती कहीं अफीम की खेती कहीं महुआ की शराब यह सब क्या है।बस्तर संभाग अंतर्गत कोंडागांव जिले में पुलिस ने अवैध नशे के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।

फरसगांव थाना क्षेत्र के ग्राम पावारास में मक्के की फसल की आड़ में की जा रही गांजे की अवैध खेती का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने दो अलग-अलग खेतों से कुल 686 नग गांजे के पौधे बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 10 लाख रुपये बताई जा रही है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस की दबिश
पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन और अनुविभागीय अधिकारी के पर्यवेक्षण में गठित टीम ने राजस्व विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में ग्राम पावारास में दबिश दी। मुखबिर से सूचना मिली थी कि किसान अपनी मक्के की फसल के बीच गांजे के पौधे उगा रहे हैं ताकि किसी को भनक न लग सके। तलाशी के दौरान आरोपी अभिराम यादव (28 वर्ष) के खेत से 237 नग पौधे (वजन 14.96 किग्रा) और श्रवण कुमार उईके (38 वर्ष) के खेत से 449 नग पौधे (वजन 6.40 किग्रा) बरामद किए गए। कुल मिलाकर पुलिस ने 21 किलो 36 ग्राम वजन के 686 पौधे जब्त किए हैं।

सियासी गलियारों में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मामले को लेकर सत्ताधारी भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार करते हुए कहा कि यह कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार अवैध नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नशे के सौदागरों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

कानूनी कार्रवाई
दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस की धारा 20 (क) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें 27 मार्च 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन पौधों की सप्लाई कहां की जानी थी और इस नेटवर्क में अन्य कौन से लोग शामिल हैं। लेकिन सोचिए जो युवा अपने भविष्य को दांव पर लगाकर नशे की गिरफ्त में आ चुका है उसका और उसके परिवार का क्या होगा।

करंट के जाल से वन्यप्राणियों के शिकार की साजिश नाकाम

11 केवी लाइन से हुकिंग कर बिछाया था तार — दो आरोपी गिरफ्तार, न्यायालय में पेश ।रायपुर वन विभाग वन्यजीव संरक्षण ।

रायपुर_ 27 मार्च 2026

बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के अकलतरा परिसर में वन्यप्राणियों का अवैध शिकार करने की खतरनाक साजिश को वन विभाग की एंटी पॉचिंग टीम ने समय रहते नाकाम कर दिया। शिकारियों ने 11 केवी की बिजली लाइन में हुकिंग कर करंटयुक्त तार का जाल बिछाया था। मौके पर छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

वनमण्डलाधिकारी धम्मशील गणवीर के निर्देश पर 24 मार्च 2026 की रात मुखबीर की सूचना के आधार पर एंटी पॉचिंग टीम ने अकलतरा परिसर (कक्ष क्रमांक 120) में छापा मारा। इस दौरान ग्राम अकलतरा निवासी दयाराम और छबिलाल को मौके से पकड़ा गया। जांच में पाया गया कि दोनों आरोपियों ने 11 केवी बिजली लाइन से हुकिंग कर करंट तार बिछाया था।

मौके से कत्तल, छूरी और अन्य उपकरण भी बरामद किए गए।
इस प्रकार की शिकार पद्धति से जंगली सूअर, हिरण और सांभर जैसे जानवरों के साथ-साथ बाघ जैसे दुर्लभ और संरक्षित जीव भी जान गंवा देते हैं। शिकारी प्रायः जंगल और खेतों की सीमा पर, जहाँ वन्यजीवों का आवागमन अधिक होता है, नंगे तार फैला देते हैं।

दोनों आरोपियों पर वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 (संशोधित) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है। वनमण्डलाधिकारी गणवीर धम्मशील ने बताया कि एंटी स्नेयर वॉक, नियमित गश्त और निगरानी के चलते इस तरह की घटनाओं को पहले ही रोका जा रहा है। उन्होंने आम नागरिकों से वन्यजीव संरक्षण में सहयोग करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग को देने की अपील की।

मामले की मुख्य बातें
स्थान: अकलतरा परिसर, कक्ष क्र. 120
छापे की तारीख: 24 मार्च 2026, रात्रि
गिरफ्तार: दयाराम व छबिलाल
बरामद: कत्तल, छूरी, तार सामग्री
धारा: वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972।

जिम्मेदार अधिकारी
धम्मशील गणवीर वनमण्डलाधिकारी बलौदाबाजार-भाटापारा
“एंटी स्नेयर वॉक और निगरानी से ऐसी घटनाओं को होने से पहले ही रोका जा रहा है।”
— वनमण्डलाधिकारी 

डीजल पर एक्साइज ड्यूटी खत्म, पेट्रोल ₹10 सस्ता — सीएम साय ने बताया ऐतिहासिक फैसला

रायपुर, 27 मार्च 2026

केंद्र सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए डीजल को एक्साइज ड्यूटी से पूरी तरह मुक्त कर दिया है और पेट्रोल पर ₹10 प्रति लीटर की कटौती का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटकर मात्र ₹3 प्रति लीटर रह गई है।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे देश के 140 करोड़ नागरिकों के लिए सीधी राहत देने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे किसान, श्रमिक और मध्यमवर्गीय परिवारों को व्यापक फायदा होगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा, “वैश्विक संकट के इस दौर में भी केंद्र सरकार ने आम नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ने दिया, यह एक बड़ी संवेदनशील पहल है।”

उन्होंने छत्तीसगढ़ की समस्त जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया और इस फैसले को उनकी दूरदर्शिता एवं देशवासियों के प्रति समर्पण का प्रमाण बताया। (छत्तीसगढ़ जनसंपर्क)

दुर्ग पुलिस ने अवैध सट्टा-जुए पर कसा शिकंजा, दो थाना क्षेत्रों में एक साथ छापा — 9 गिरफ्तार, ढाई लाख से अधिक जब्त

भिलाई नगर और पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र में की गई कार्रवाई, आरोपियों पर छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम और बीएनएस की धाराएं लगाई।

डिजिटल डेस्क 27/03/2026

 प्रदेश में अवैध सट्टे और जुए के बढ़ते कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में दुर्ग पुलिस ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए भिलाई नगर और पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर एक साथ दबिश दी। इस संयुक्त अभियान में पुलिस ने कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा नगदी, मोबाइल फोन, सट्टा-पट्टी सहित करीब दो लाख इक्यावन हजार रुपए का सामान जब्त किया।

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि भिलाई नगर थाना क्षेत्र के सेक्टर-5, क्रॉस स्ट्रीट-4 में मंच के निकट कुछ संदिग्ध व्यक्ति सट्टा-पट्टी लिख रहे हैं। सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस दल ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और रेड की। इस दौरान चार आरोपियों को सट्टा संचालित करते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया।
“जुआ-सट्टे के जाल में फंसकर प्रदेश के युवा अपना भविष्य दांव पर लगा रहे हैं। इस अवैध कारोबार पर निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।”ख़बर की आवाज

दूसरी कार्रवाई पुरानी भिलाई थाना और क्राइम टीम ने संयुक्त रूप से की। पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र के भिलाई-3 स्थित नूतन चौक, शिव मंदिर के पास कुछ लोग अंकों के आधार पर दांव लगाकर सट्टे का संचालन कर रहे थे। पुलिस ने दबिश देकर पांच आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया।

इस कार्रवाई में आरोपियों के पास से एक लाख सड़सठ हजार छह सौ रुपए की नगदी, छह मोबाइल फोन, सट्टा-पट्टी, रजिस्टर, कैलकुलेटर सहित अन्य सामग्री बरामद की गई, जिनकी कुल कीमत दो लाख आठ हजार छह सौ रुपए आंकी गई है।

कार्रवाई का सारांश 9 गिरफ्तार,₹2.51 लाख सामान जब्त
2 स्थानों पर छापा सभी आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की तहत कार्रवाई।

गैस सिलेंडर की कालाबाजारी पर प्रशासन का प्रहार — प्रदेश में 200 से अधिक छापे, 1,000 से ज्यादा सिलेंडर जब्त; धमतरी में होटल संचालक पर केस दर्ज

डिजिटल डेस्क धमतरी/रायपुर_27/03/2026

छत्तीसगढ़ में गैस सिलेंडर की बढ़ती कालाबाजारी पर लगाम कसने के लिए प्रशासन ने पूरे प्रदेश में सख्त अभियान छेड़ दिया है। अब तक 200 से अधिक प्रतिष्ठानों पर छापामार कार्रवाई की जा चुकी है और 1,000 से ज्यादा सिलेंडर जब्त किए गए हैं। धमतरी जिले में कलेक्टर के कड़े निर्देशों के बाद खाद्य विभाग ने होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में औचक दबिश देकर 23 व्यावसायिक सिलेंडर जब्त किए तथा एक होटल संचालक के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया है। जिले में अब तक कुल 73 सिलेंडर जब्त हो चुके हैं।

200+छापे (प्रदेशभर)1,000+सिलेंडर जब्त 73 धमतरी में जब्त।

शांति कॉलोनी के होटल पर गिरी गाज
खाद्य विभाग के जांच अभियान का नेतृत्व सहायक खाद्य अधिकारी बालेंद्र कुमार, निरीक्षक नितेश चंद्राकर और वैभव ने किया। धमतरी नगर निगम क्षेत्र की शांति कॉलोनी स्थित एक होटल की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। विभागीय अभिलेखों के अनुसार इस प्रतिष्ठान के पास 40 व्यावसायिक गैस सिलेंडरों का कनेक्शन दर्ज है, किंतु मौके पर केवल 23 खाली व्यावसायिक सिलेंडर ही मिले। शेष सिलेंडरों का कोई हिसाब नहीं था, जो कालाबाजारी की आशंका को बल देता है।

“घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग करने वाले सभी होटलों और ढाबों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। केवल कमर्शियल सिलेंडर का उपयोग ही मान्य होगा।”
— प्रशासन, धमतरी

क्या है पूरा मामला?
प्रदेश में कुछ होटल व ढाबा संचालक सस्ते घरेलू गैस सिलेंडर को व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में उपयोग कर आम उपभोक्ताओं की उपलब्धता प्रभावित कर रहे थे। इससे घरेलू गैस की कृत्रिम किल्लत और कालाबाजारी की स्थिति उत्पन्न हो रही थी। इसी गड़बड़ी को रोकने के लिए प्रशासन ने यह व्यापक अभियान शुरू किया है।

प्रशासन ने सभी होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को कड़ी चेतावनी दी है कि वे केवल व्यावसायिक सिलेंडर का उपयोग करें। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर पेट्रोलियम अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी और प्रतिष्ठान सील किया जा सकता है।

शादी से मना किया तो उठा लिया कदम — लिव-इन पार्टनर की हत्या कर पुणे भागा युवक, 8 दिन में कबीरधाम पुलिस ने सुलझाई गुत्थी

डिजिटल डेस्क कवर्धा_27/03/2026

 19 मार्च की उस सुबह जब रानी_दहरा जल_प्रपात के पास एक अज्ञात महिला का शव मिला, तब किसी को अंदाजा नहीं था कि इस मामले की जड़ में एक टूटा हुआ रिश्ता और शादी से इनकार की कड़वाहट छिपी है। आठ दिन की अथक मेहनत, तकनीकी जांच और पुणे तक जाकर की गई गिरफ्तारी के बाद कबीरधाम पुलिस ने इस अंधे हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली। मुख्य आरोपी देवेंद्र प्रसाद जायसवाल ने अपने पिता और एक सहयोगी के साथ मिलकर अपनी ही लिव-इन पार्टनर की जान ली थी।

घटनाक्रम एक नजर में
16 मार्च शाम 6-7 बजे के बीच रानी दहरा के पास सुखबती बैगा (24) की हत्या।
19 मार्च जलप्रपात के पास अज्ञात महिला का शव मिला, कबीरधाम पुलिस ने जांच शुरू की।
21 मार्च मात्र 2 दिन में मृतिका की पहचान — मुंगेली जिले की निवासी सुखबती बैगा।
27 मार्च मुख्य आरोपी देवेंद्र पुणे से गिरफ्तार, पिता और दोस्त भी पकड़ाए।

रिश्ता, रंजिश और कत्ल
मुंगेली निवासी सुखबती बैगा (24) पहले से विवाहित थी और उसके दो बच्चे भी थे। इसके बावजूद वह देवेंद्र प्रसाद जायसवाल के साथ लिव-इन में रह रही थी। सुखबती देवेंद्र पर शादी का दबाव बना रही थी — लेकिन देवेंद्र इस रिश्ते को कानूनी जामा पहनाने को तैयार नहीं था। यही तनाव धीरे-धीरे इतना गहरा हो गया कि देवेंद्र ने रास्ता निकाला — सुखबती को रास्ते से ही हटा देने का।

16 मार्च की शाम देवेंद्र ने अपने पिता केशव प्रसाद जायसवाल और सहयोगी मनोज पटेल के साथ मिलकर यह जघन्य अपराध अंजाम दिया। इसके बाद शव को रानी दहरा जलप्रपात के पास छोड़कर देवेंद्र फरार हो गया।

पुलिस ने कॉल डिटेल्स, लोकेशन डेटा और स्थानीय पूछताछ के आधार पर मात्र कुछ दिनों में संदेहियों का दायरा सीमित कर लिया — और जब पता चला कि मुख्य आरोपी पुणे में है, तो टीम बिना देर किए महाराष्ट्र रवाना हो गई।

पुणे तक पहुंची कबीरधाम पुलिस
पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह (भा.पु.से.) के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल, अमित पटेल तथा एसडीओपी बोड़ला अखिलेश कौशिक के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक रूपक शर्मा की अगुवाई में विशेष टीम गठित की गई। एक दल ने तकनीकी साक्ष्य — कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन — खंगाले, दूसरे ने घटनास्थल के आसपास सघन पूछताछ की।

जांच में जब देवेंद्र का नाम सामने आया और पता चला कि वह पुणे में छिपा है, तब पुलिस टीम को तत्काल महाराष्ट्र रवाना किया गया। कबीरधाम पुलिस ने देवेंद्र को पुणे से गिरफ्तार कर वापस लाई और पूछताछ में उसने सब कुछ कबूल कर लिया। पुलिस ने बाद में घटनास्थल पर डमी पुतले के जरिए पूरे घटनाक्रम का सीन रिक्रिएट कराया, जिससे अपराध के ढंग की स्पष्ट तस्वीर उभरी।

गिरफ्तार आरोपी देवेंद्र प्रसाद जायसवाल मुख्य आरोपी (लिव-इन पार्टनर) केशव प्रसाद जायसवाल आरोपी (देवेंद्र के पिता) मनोज पटेल आरोपी (सहयोगी)
थाना बोड़ला में अपराध क्र. 34/2026 के तहत धारा 103(1), 238(क) एवं 61(2) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। एक अन्य सहयोगी को भी सहआरोपी बनाया गया है।

Amritsar Haveli Raipur Grand Opening: अमृतसर हवेली के भव्य उद्घाटन समारोह में पहुंचेंगे प्रसिद्ध कलाकार पद्मश्री अनुज शर्मा

रायपुर। राजधानी रायपुर में जल्द ही पंजाब की संस्कृति, स्वाद और शाही मेहमाननवाज़ी का भव्य संगम देखने को मिलेगा। शहर में अमृतसर हवेली का ग्रैंड लॉन्च होने जा रहा है, जिसमें छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध कलाकार और पद्मश्री सम्मान से अलंकृत अनुज शर्मा जी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

अमृतसर हवेली का उद्घाटन कार्यक्रम शहर के लिए एक खास आकर्षण बनने जा रहा है, जहां पंजाब की पारंपरिक थीम, देसी अंदाज की सजावट, लजीज व्यंजन और सांस्कृतिक माहौल लोगों को अमृतसर की गलियों का एहसास कराएगा। कार्यक्रम में शहर के प्रमुख उद्योगपति, समाजसेवी, मीडिया प्रतिनिधि, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और गणमान्य नागरिकों की विशेष उपस्थिति रहेगी।

अमृतसर हवेली अपने ऑथेंटिक पंजाबी फूड, तंदूरी व्यंजन, पंजाबी थाली, लस्सी, स्पेशल डिश और फैमिली डाइनिंग एक्सपीरियंस के लिए जानी जाएगी। यहां आने वाले मेहमानों को न केवल स्वाद बल्कि पंजाब की परंपरा, संस्कृति और मेहमाननवाज़ी का शानदार अनुभव मिलेगा।

मुख्य अतिथि पद्मश्री अनुज शर्मा जी की उपस्थिति इस कार्यक्रम को और भी खास बनाएगी। उनके आगमन से कार्यक्रम में सांस्कृतिक गरिमा और उत्साह का माहौल रहेगा।

अमृतसर हवेली प्रबंधन का कहना है कि उनका उद्देश्य रायपुर के लोगों को एक प्रीमियम पंजाबी फूड डेस्टिनेशन देना है, जहां परिवार और मित्रों के साथ लोग यादगार समय बिता सकें।

ग्रैंड लॉन्च के दौरान विशेष मीडिया कवरेज, लाइव म्यूजिक, स्पेशल ऑफर और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।