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Sunday, November 1, 2026
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बेमेतरा में खनिज माफिया पर प्रशासन का ‘वज्रपात’: टिपनी में मचा हड़कंप, 7 गाड़ियां ज़ब्त

बेमेतरा:10/04/2026

बेमेतरा जिला वैसे तो खनिज माफियाओं का सुरक्षित अड्डा था जहां राजनैतिक संरक्षण में अवैध खनन होते रहा है। लेकिन अभी जिला प्रशासन सख्ती के मूड में है।जिले में अवैध उत्खनन का काला खेल लंबे समय से चल रहा था, लेकिन आज प्रशासन ने सूचना और शिकायत के आधार पर जो तेवर दिखाए, उसने माफियाओं के पसीने छुड़ा दिए। ग्राम टिपनी (थानखमरिया) की धरती आज उस वक्त गरज उठी जब खनिज विभाग की टीम ने बिना किसी पूर्व सूचना के मौके पर दबिश दी।

मौके का मंजर: भागने की भी नहीं मिली मोहलत
ग्रामीणों की उपस्थित पर जब प्रशासनिक टीम थानखमरिया के टिपनी क्षेत्र पहुँची, तो नज़ारा चौंकाने वाला था। हरे-भरे खेतों के बीच मिट्टी और मुरूम का सीना बेदर्दी से चीरा जा रहा था। जेसीबी के पंजे ज़मीन खोद रहे थे और हाईवा कतार में खड़े थे। जैसे ही प्रशासन की गाड़ियों का काफिला धूल उड़ाते हुए मौके पर पहुँचा, वहां अफरा-तफरी मच गई। चालक और गुर्गे भागने की फिराक में थे, लेकिन विभागीय टीम की घेराबंदी से उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया गया।

सिर्फ मुरूम ही नहीं, रेत और गिट्टी का भी खेल
जांच में खुलासा हुआ कि यह खेल सिर्फ एक जगह सीमित नहीं था। टीम ने न केवल अवैध मुरूम उत्खनन कर रही एक जेसीबी और दो हाईवा को ज़ब्त किया, बल्कि सड़कों पर दौड़ रहे उन ‘यमदूतों’ को भी रोका जो बिना रॉयल्टी पर्ची के रेत और गिट्टी ढो रहे थे। कार्रवाई का आलम यह था कि शाम होते-होते 7 भारी वाहनों को कानून के शिकंजे में कस लिया गया।

पंचों के सामने खुली पोल
आमतौर पर ऐसी कार्रवाइयों पर मिलीभगत के आरोप लगते हैं, लेकिन कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई के सख्त निर्देश थे कि सब कुछ दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए। गांव के पंचों और ग्रामीणों की मौजूदगी में नपाई हुई, पंचनामा बना और अवैध खुदाई के साक्ष्यों को कैमरे में कैद किया गया।

ग्रामीणों ने दबी जुबान में बताया कि यह अवैध कारोबार रातों-रात इलाके की शक्ल बदल रहा था।वहीं खनिज विभाग का कहना है,
“जिले में अवैध उत्खनन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई तो बस एक शुरुआत है, रडार पर कई और इलाके भी हैं।”

थाने में कतारबद्ध खड़ी ‘जब्त’ गाड़ियां
देर शाम तक बेमेतरा और थानखमरिया थाना परिसर ज़ब्त किए गए वाहनों से भर चुके थे। इन 7 गाड़ियों पर अब खनिज अधिनियम के तहत भारी जुर्माना और कानूनी गाज गिरना तय है।

अब देखना है कि ,
प्रशासन की यह कार्रवाई तो काबिल-ए-तारीफ है, लेकिन सवाल अब भी वही है—क्या यह दबिश केवल एक दिन की हेडलाइन बनेगी या खनिज माफियाओं की कमर सच में टूटेगी? फिलहाल, टिपनी की शांत हवाओं में आज प्रशासन के इकबाल की गूंज साफ़ सुनाई दे रही है।

59 अस्पतालों पर बड़ी कार्रवाई छत्तीसगढ़ आयुष्मान योजना की अनदेखी

डिजिटल डेस्क, रायपुर (10 अप्रैल 2026)

– छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के तहत राज्य नोडल एजेंसी ने नियमों का उल्लंघन करने पर 59 पंजीकृत अस्पतालों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की है। कई अस्पताल निर्धारित समयसीमा में HEM 2.0 पोर्टल पर अपनी जानकारी और दस्तावेज अपडेट करने में विफल रहे, जिसके कारण यह कदम उठाया गया।

एजेंसी ने सभी अस्पतालों से अपील की है कि वे समयबद्ध तरीके से पोर्टल पर आवश्यक जानकारी अपलोड करें। इससे न केवल उनका पंजीकरण बरकरार रहेगा, बल्कि मरीजों को बिना रुकावट के स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। दिशा-निर्देशों की अनदेखी पर आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

कार्रवाई का विवरण
21 अस्पताल निलंबित: जिन्होंने कभी आवेदन ही नहीं किया। इनमें रायपुर, दुर्ग, महासमुंद, बेमेतरा के न्यू आयुष्मान हॉस्पिटल, बेमेतरा अस्पताल प्रमुख हैं। ये अगले आदेश तक सेवाओं से वंचित।
12 अस्पताल निलंबित: आवश्यक जानकारी अपडेट न करने और क्वेरी का जवाब न देने पर। पूर्ण अनुपालन तक सेवाएं बंद।
26 अस्पतालों पर पाबंदी: आवेदन अधूरे रहने और दोबारा आवेदन न करने पर भुगतान व प्री-ऑथराइजेशन रोका गया। इनमें रूप जीवन हॉस्पिटल (कबीरधाम) शामिल।

यह कार्रवाई योजना की पारदर्शिता और मरीजों के हितों की रक्षा के लिए की गई है। अस्पतालों को तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करना होगा।



लोकतंत्र का महाकुंभ: तीन राज्यों में रिकॉर्ड मतदान, अब नतीजों की बारी

डिजिटल डेस्क, 10 अप्रैल 2026:

असम, केरलम और पुडुचेरी में गुरुवार को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया संपन्न हो गई। मतदाताओं के भारी उत्साह ने इस बार पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। ईवीएम अब स्ट्रॉन्ग रूम में कैद हैं और सभी की निगाहें 4 मई को आने वाले परिणामों पर टिकी हैं।

मतदान के प्रमुख आंकड़े
इस बार का टर्नआउट पिछले चुनावों के मुकाबले बढ़त दिखाता है:सबसे ज्यादा मतदान पुडुचेरी: 89.08% (सर्वाधिक जागरूकता) असम:85.04%केरलम:77.38%।

तुलनात्मक दृष्टि: पिछले चुनावों में असम में 84.42%, केरलम में 76% और पुडुचेरी में 83.42% मतदान हुआ था। इस बार का बढ़ा हुआ प्रतिशत सत्ता विरोधी लहर या मजबूत समर्थन, दोनों की ओर इशारा कर सकता है।

छिटपुट हिंसा और तनाव
असम के श्रीभूमि जिले(पथारकंडी) में चुनावी उत्साह के बीच हिंसा की खबरें भी आईं। कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच हुई झड़प में 25 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर है। पूरे राज्य में हिंसा के सिलसिले में अब तक 7 गिरफ्तारियां की गई हैं।

अब बारी बंगाल की
तीन राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में वोटिंग खत्म होने के बाद अब पूरा सियासी केंद्र पश्चिम बंगाल बन गया है। बंगाल की 294 सीटों के लिए दो चरणों में मतदान होना है:
1. प्रथम चरण: 23 अप्रैल
2. द्वितीय चरण: 29 अप्रैल
बंगाल में राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है और चुनाव आयोग के सामने सबसे बड़ी चुनौती शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करना है। यहाँ भी मतगणना अन्य राज्यों के साथ **4 मई** को ही होगी।
*यह रिपोर्ट लोकतंत्र की मजबूती और जनता की सक्रिय भागीदारी को रेखांकित करती है।

ऊर्जा बाजार: मिडिल ईस्ट में संकट के बीच रूस का ‘गैस कार्ड’, 40% छूट का ऑफर

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डिजिटल डेस्क, 10 अप्रैल 2026

ईरान और अमेरिका के बीच चले युद्ध तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में भूचाल ला दिया है। कतर में दुनिया के सबसे बड़े LNG निर्यात प्लांट पर हुए हमलों और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से दुनिया की 20% गैस सप्लाई ठप हो गई है। इस वैश्विक हाहाकार के बीच रूस ने दक्षिण एशियाई देशों के लिए बड़ा दांव खेला है।

भारत और बांग्लादेश पर प्रभाव
सप्लाई बाधित होने से गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिसका सीधा असर दक्षिण एशिया पर पड़ा है:
1.बांग्लादेश: अपनी जरूरतों के लिए हाजिर बाजार (Spot Market) से दोगुने दामों पर गैस खरीदने को मजबूर है।
2.भारत: बढ़ती कीमतों के कारण फर्टिलाइजर (उर्वरक) क्षेत्र की गैस सप्लाई में कटौती करनी पड़ी है।

प्रतिबंधों का पेच और भारत का रुख
रूस भले ही आर्कटिक LNG 2 और पोर्टोवाया से एक्सपोर्ट बढ़ा रहा है, लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों के डर से अधिकतर देश पीछे हट रहे हैं। भारत ने हमेशा प्रतिबंधों पर सतर्क रुख अपनाया है, हालांकि अतीत में रियायती दरों पर रूसी तेल की खरीद की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, चीन वर्तमान में ‘शैडो फ्लीट’ (गुप्त जहाजों) के जरिए रूसी गैस का आयात जारी रखे हुए है।

रूस की ‘बंपर डिस्काउंट’ चाल
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, रूस अपने अमेरिकी प्रतिबंधित संयंत्रों (जैसे आर्कटिक LNG 2) से गैस बेचने के लिए **40% तक की भारी छूट दे रहा है।रूसी मध्यस्थ कंपनियां चीन के माध्यम से इन खेपों को ‘स्पॉट प्राइस’ से आधी कीमत पर ऑफर कर रही हैं।पहचान छिपाने की कोशिश के साथ सूत्रों में दावा किया जा रहा है कि रूस इन खेपों को ओमान या नाइजीरिया जैसे देशों के फर्जी दस्तावेजों के साथ बेचने की कोशिश कर रहा है ताकि खरीदार देशों पर अमेरिकी प्रतिबंधों का खतरा न रहे।

समाचार निष्कर्ष: मिडिल ईस्ट में जारी जंग ने ऊर्जा सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या भारत और अन्य एशियाई देश अपनी अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए रूस के इस ‘सस्ते मगर जोखिम भरे’ ऑफर को स्वीकार करते हैं या नहीं।

100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान:-नवागढ़ में निःशुल्क एक्स-रे शिविर, 174 उच्च जोखिम लोगों की हुई स्क्रीनिंग

बेमेतरा, 9 अप्रैल 2026

जिले को टीबी मुक्त बनाने के संकल्प के साथ स्वास्थ्य विभाग बेमेतरा ने 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत नवागढ़ विकासखण्ड में एक सफल शिविर का आयोजन किया। कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देश और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमृत लाल रोहलेडर के मार्गदर्शन में 8 अप्रैल को आयुष्मान आरोग्य मंदिर अंधियार खोर एवं जेवरा एन में यह शिविर आयोजित हुआ।

शिविर में अत्याधुनिक हैंड हेल्ड पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से उच्च जोखिम समूह के 174 लोगों की निःशुल्क एक्स-रे जांच की गई। इनमें से 4 संदेहास्पद मरीजों के स्पूटम सैंपल ट्रू-नाट मशीन से जांच हेतु एकत्र किए गए।

जिला क्षय अधिकारी डॉ. बी.एल. राज, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री लता बंजारे एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक सुश्री संपत्ति बंजारे के साथ नवागढ़ के बीएमओ और बीपीएम की टीम ने इस शिविर को सफलतापूर्वक संचालित किया। जिला क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के जिले से यशवंत भारद्वाज डीपीपीएमसी, नवागढ़ से प्रमोद साहू सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर,द्वारा पूरी जिम्मेदारी से टीम गठित कर शिविर का आयोजन किया गया।
जिला चिकित्सालय के रेडियोग्राफर मोहम्मद जावेद मंसूरी ने पोर्टेबल एक्स-रे मशीन का संचालन किया।

शिविर से पूर्व मितानिनों ने घर-घर सर्वे कर ग्रामीणों को टीबी के लक्षण, उपचार और बचाव की जानकारी दी, जिससे लोग उत्साहित होकर बड़ी संख्या में शिविर में पहुंचे। यशवंत भारद्वाज, प्रमोद साहू, किशन चेलक, अमित मनहर, मोहन यादव, दीप निराला सहित स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम ने इस अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

खनिज माफियाओं द्वारा अवैध मुरूम खनन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

साजा, जिला बेमेतरा , 09 अप्रैल 2026

बेमेतरा जिले रेत और मुरूम उत्खनन के माफियाओं के हौसले इतने बुलंद है कि शासन प्रशासन के नियमों की अनदेखी करते हुए अवैध खनन जारी रखते हैं उन्हें किसी का भय नहीं होता । कभी ऊंची पहुंच का धौंस दिखाते हैं तो कभी किसी राजनीतिक संरक्षण के तहत यह अवैध कार्य करते हैं ।प्रशासन की आंखों में धूल झोंक कर रेत/मुरूम निकाल कर ले जाते हैं, लेकिन इस बार प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए खनन माफिया पर कार्रवाई किया है।बेमेतरा जिले के ग्राम बीजागोड़ में लंबे समय से चल रहे अवैध मुरूम खनन पर एसडीएम एवं तहसीलदार की टीम ने अचानक छापेमारी कर कड़ी कार्रवाई की।

कई स्थानों पर रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर खनन कार्य किया जाता था और ट्रकों के माध्यम से मुरूम को बाहर भेज दिया जाता था,जिससे पूरे क्षेत्र में एक संगठित माफिया नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है।


जब्त किया गया:एक जेसीबी मशीन।एक मुरूम से भरी हाईवा।टीम के अचानक पहुंचने पर कई लोग मौके से फरार हो गए। दोनों वाहन साजा थाने में सुरक्षित रखे गए हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

समस्या की पृष्ठभूमि संगठित माफिया
बिना अनुमति के खनन से सरकार को भारी राजस्व हानि
पर्यावरण पर गंभीर दुष्प्रभाव ।सड़कें खराब, खेतों की उपजाऊ मिट्टी नष्ट, गहरे गड्ढों से दुर्घटनाओं का खतरा रात के अंधेरे में ट्रकों द्वारा मुरूम की ढुलाई — संगठित माफिया नेटवर्क की आशंका

आम जनता की प्रतिक्रिया
ग्रामीणों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यदि इसी तरह सख्ती जारी रही तो अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल मानी जा रही है।

सबरीमाला मामला: सुप्रीम कोर्ट बोला — अंधविश्वास की आड़ में भेदभाव नहीं चलेगा

डिजिटल डेस्क नई दिल्ली,09/04/2026

केरल के सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 वर्ष की महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को नौ न्यायाधीशों की संविधान पीठ के सामने अहम सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली इस पीठ ने स्पष्ट किया कि यदि कोई धार्मिक प्रथा अदालत की अंतरात्मा को झकझोर दे, तो उस पर न्यायिक समीक्षा पूरी तरह संभव है।

पीठ ने कहा कि जादू-टोना, नरबलि और सती जैसी प्रथाएं भी कभी धर्म के नाम पर प्रचलित थीं, लेकिन उन्हें असंवैधानिक मानकर समाप्त किया गया। अदालत ने यह भी साफ किया कि किसी मामले में सरकार का निर्णय अंतिम नहीं माना जा सकता।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सरकार की ओर से तर्क दिया कि एक धर्मनिरपेक्ष अदालत यह तय करने में सक्षम नहीं है कि कोई प्रथा अंधविश्वास है या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि सबरीमाला में प्रतिबंध लैंगिक भेदभाव नहीं, बल्कि भगवान अयप्पा को नित्य ब्रह्मचारी मानने की धार्मिक मान्यता पर आधारित है।

जस्टिस अमानुल्लाह और जस्टिस बागची ने पूछा कि यदि विधानमंडल चुप रहे और जादू-टोने को धर्म बताया जाए, तो क्या अदालत हस्तक्षेप नहीं करेगी? जस्टिस नागरत्ना ने यह भी सवाल उठाया कि मूल याचिकाकर्ता ‘इंडियन यंग लॉयर्स एसोसिएशन’ भगवान अयप्पा के भक्त नहीं हैं, तो क्या वे इस परंपरा को चुनौती दे सकते हैं?

फिलहाल सुनवाई जारी है और पूरे देश की निगाहें इस ऐतिहासिक फैसले पर टिकी हैं।

विधानसभा चुनाव :असम, केरल और पुडुचेरी में आज मतदान

डिजिटल डेस्क नई दिल्ली, 09 अप्रैल 2026

देश के दो राज्य असम और केरल तथा केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए आज (9 अप्रैल) सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक एक ही चरण में मतदान हो रहा है। इन तीनों जगहों के नतीजे 4 मई को एक साथ घोषित किए जाएंगे।

कहां कितनी सीटें और कितने मतदाता
असम: 126 विधानसभा सीटें, करीब 2.5 करोड़ मतदाता।
केरल: 140 विधानसभा सीटें, लगभग 2.71 करोड़ मतदाता।
पुडुचेरी: 30 विधानसभा सीटें (पुडुचेरी, कराईकल, माहे, यानम), लगभग 9.44 लाख मतदाता।

तीनों क्षेत्रों की 296 सीटों पर कुल 1849 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, जिनकी किस्मत ईवीएम में बंद हो जाएगी।

असम में भाजपा नेतृत्व वाला NDA लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रहा है, जबकि कांग्रेस नेतृत्व वाले गठबंधन ने विकास, रोजगार और ‘फैमिली वॉर’ जैसे मुद्दों को आगे रखा है।
केरल में त्रिकोणीय मुकाबला चल रहा है, जहां एलडीएफ, यूडीएफ और NDA सरकार बनाने के लिए 71 सीटों के बहुमत की लड़ाई लड़ रहे हैं; रोजगार, महंगाई और स्थानीय विकास को बड़े मुद्दे बनाया गया है।
पुडुचेरी में NDA और INDIA ब्लॉक के बीच सीधी टक्कर है; यहां 30 सीटों में से 16 का बहुमत जरूरी है और स्थानीय भाषाई‑धार्मिक मुद्दे भी भूमिका निभा सकते हैं।

मतदान की तारीख और नतीजे
असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव प्रचार मंगलवार शाम छह बजे थम गया, जिसके बाद जनप्रतिनिधि अधिनियम के तहत ‘साइलेंस पीरियड’ लागू हो गया।मतगणना 4 मई को पूरे देश में चुनाव वाले राज्यों के लिए एक साथ की जाएगी, जिसके बाद नई सरकारें किसके हाथ में जाएंगी, यह तय होगा।

वनों को आग से बचाने ‘फायर अलर्ट’ सिस्टम: 25 हजार हेक्टेयर वन क्षेत्र की प्रभावी निगरानी

रायपुर/कवर्धा, 08 अप्रैल 2026
छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के कवर्धा परियोजना मंडल द्वारा वनों को आग से बचाने के लिए आधुनिक तकनीक और त्वरित कार्रवाई की प्रभावी व्यवस्था लागू की गई है। लगभग 25 हजार 436 हेक्टेयर वन क्षेत्र, जो 25 बीटों में विभाजित है, की सुरक्षा के लिए ‘फायर अलर्ट’ सिस्टम सक्रिय किया गया है।

वन विभाग द्वारा एफएमआईएस (Forest Management Information System) पोर्टल के माध्यम से सभी मैदानी अधिकारियों और कर्मचारियों के मोबाइल नंबर दर्ज किए गए हैं। जैसे ही किसी क्षेत्र में आग लगती है, संबंधित कर्मचारियों को तत्काल अलर्ट संदेश प्राप्त होता है, जिससे मौके पर मौजूद टीम तुरंत पहुंचकर आग पर नियंत्रण पा लेती है।

वनों की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक बीट में अग्नि सुरक्षा श्रमिकों की नियुक्ति की गई है, जो पूरे फायर सीजन में सक्रिय रहते हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से फायर लाइन तैयार की गई है तथा सभी परिक्षेत्रों में फायर ब्लोअर जैसे आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा त्वरित कार्रवाई के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) भी गठित की गई है।

अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए सोशल मीडिया समूह बनाए गए हैं, जिससे आग की सूचना तुरंत साझा की जा सके। साथ ही वन क्षेत्रों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को जागरूक कर उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अग्नि नियंत्रण के बाद पूरी जानकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर दर्ज की जाती है, जिससे कार्यों की निगरानी और मूल्यांकन में आसानी होती है।विभाग की सतर्कता और ग्रामीणों के सहयोग का ही परिणाम है कि मार्च 2026 तक इस क्षेत्र में केवल 23 अग्नि घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें से कई घटनाएं राजस्व भूमि और वन अधिकार पत्र वाली जमीन से संबंधित थीं, लेकिन सभी मामलों में समय पर कार्रवाई कर आग पर नियंत्रण पा लिया गया।

अवैध रेत परिवहन पर सख्ती, 99 वाहन जब्त कर 27.65 लाख की वसूली

रायपुर, 08 अप्रैल 2026

कांकेर जिले में अवैध रेत खनन एवं परिवहन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए टॉस्क फोर्स ने चालू वित्तीय वर्ष में 99 मामलों में 99 वाहनों को जब्त कर 27 लाख 65 हजार रुपये की वसूली की है। कलेक्टर श्री क्षीरसागर के निर्देश पर अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखते हुए कार्रवाई की जा रही है।

खनिज विभाग के अनुसार जिले में वर्तमान में 15 रेत खदानें संचालित हैं। इनमें चारामा विकासखंड के ग्राम माहुद, भर्रीटोला, भिलाई, भिरौद, करिहा, हाराडुला, बासनवाही, अरौद और किलेपार तथा दुर्गकोंदल विकासखंड के भंडारडिगी, गुदुम और परभरेली शामिल हैं। इन खदानों का संचालन ग्राम पंचायतों और स्व-सहायता समूहों के माध्यम से किया जा रहा है। साथ ही 16 अस्थायी रेत भंडारण लाइसेंस भी जारी किए गए हैं।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में रेत खनन एवं परिवहन से 76 लाख 62 हजार 572 रुपये की रॉयल्टी और 1 करोड़ 56 लाख 89 हजार 208 रुपये प्रीमियम के रूप में राजस्व प्राप्त हुआ है। इसके अलावा वर्ष 2019-20 और 2020-21 की 1 करोड़ 36 लाख रुपये की रॉयल्टी राशि ग्राम पंचायतों को वितरण हेतु जिला पंचायत को उपलब्ध कराई जा रही है।

अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई के तहत अवैध भंडारण के 13 मामलों में 9 लाख 81 हजार रुपये तथा अवैध खनन के 5 मामलों में 5 मशीनें और 4 वाहन जब्त कर 7 लाख 45 हजार रुपये की वसूली की गई है। हाल ही में मिली शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए 7 वाहन और 5 मशीनें भी जब्त की गई हैं।
जिला प्रशासन द्वारा रेत खदानों का संचालन नियमानुसार सुनिश्चित करते हुए अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सतत अभियान जारी है।