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Sunday, October 25, 2026
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से नागलोक क्षेत्र को बड़ी सौगात, समडमा में 2.91 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा विद्युत सब स्टेशन

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की पहल से नागलोक क्षेत्र को बड़ी सौगात

रायपुर :- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा आम नागरिकों को बेहतर विद्युत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री  साय के गृह जिले जशपुर के नागलोक क्षेत्र को बड़ी सौगात मिली है। जिले के फरसाबहार तहसील अंतर्गत ग्राम समडमा में 2 करोड़ 91 लाख रुपये की लागत से 33/11 केवी विद्युत सब स्टेशन का निर्माण किया जा रहा है। इस सब स्टेशन के शुरू होने से क्षेत्र के 16 गांवों के बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत आपूर्ति का लाभ मिलेगा और लंबे समय से चली आ रही लो वोल्टेज की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।

नागलोक क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से लो वोल्टेज और बिजली आपूर्ति संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे थे। पर्याप्त वोल्टेज नहीं मिलने के कारण घरेलू विद्युत उपकरणों के संचालन, कृषि कार्यों और अन्य दैनिक गतिविधियों में कठिनाइयां होती थीं। क्षेत्र की इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निर्देश पर समडमा में विद्युत सब स्टेशन का निर्माण कराया जा रहा है। इसके पूर्ण होने से स्थानीय विद्युत वितरण व्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता में सुधार होगा।

समडमा सहित 16 गांवों के हजारों ग्रामीणों को मिलेगा बेहतर बिजली व्यवस्था का लाभ

समडमा में निर्माणाधीन 33/11 केवी विद्युत सब स्टेशन से समडमा, सांको, साहिलता, बांसाझाल, छरला, मांझापारा, कोरचिकानी, लावाकेरा, जूनाडीह, जगदमपुर, रेंगारमुण्डा, जाडामल, बेलडीपा, चालडीह, जामडांड और रंगीयाडीपा सहित आसपास के क्षेत्रों के विद्युत उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।

विद्युत सब स्टेशन के शुरू होने से इन गांवों में बिजली वितरण व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी। इससे उपभोक्ताओं को पर्याप्त वोल्टेज के साथ बेहतर बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। विशेष रूप से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की गुणवत्ता में सुधार होने से लोगों के दैनिक जीवन में सहूलियत बढ़ेगी।

कृषि, शिक्षा और ग्रामीण आजीविका को मिलेगा बढ़ावा

समडमा में विद्युत सब स्टेशन का निर्माण केवल बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे क्षेत्र की कृषि, शिक्षा, छोटे व्यवसाय और ग्रामीण आजीविका से जुड़ी गतिविधियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। बेहतर विद्युत आपूर्ति से किसानों को सिंचाई पंप और अन्य कृषि उपकरणों के संचालन में सुविधा होगी। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे व्यवसायों और स्वरोजगार से जुड़ी गतिविधियों के संचालन में भी सहूलियत मिलेगी।

इसके साथ ही घरों में विद्युत उपकरणों का उपयोग अधिक सुगम होगा और विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। विद्युत अधोसंरचना के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और स्थानीय विकास को गति देने में सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री  साय की पहल से दूरस्थ अंचलों में मजबूत हो रही विद्युत अधोसंरचना

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निर्देशानुसार दूरस्थ ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। समडमा में 2.91 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन विद्युत सब स्टेशन इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसके शुरू होने से नागलोक क्षेत्र में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

लंबे समय से बिजली संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे क्षेत्रवासियों ने विद्युत सब स्टेशन के निर्माण पर प्रसन्नता व्यक्त की है। ग्रामीणों ने इस महत्वपूर्ण सुविधा के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए उम्मीद व्यक्त की है कि सब स्टेशन के शुरू होने से क्षेत्र में लो वोल्टेज की समस्या दूर होगी और बिजली आपूर्ति व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार आएगा।

Kanya Pujan 2026: कन्या पूजन में भूलकर भी न दें ये उपहार, जानिए बच्चियों को क्या भेंट करना माना जाता है शुभ

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Kanya Pujan 2026:  शारदीय नवरात्रि में अष्टमी और नवमी के अवसर पर कन्या पूजन की परंपरा निभाई जाती है। इस दिन छोटी बच्चियों को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनका आदर-सत्कार किया जाता है। कन्याओं के पैर धोने, तिलक लगाने और भोजन कराने के बाद उन्हें दक्षिणा तथा उपहार भेंट किए जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धा और स्नेह के साथ किया गया कन्या पूजन देवी शक्ति की आराधना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।कन्या पूजन के दौरान उपहार चुनते समय कुछ धार्मिक मान्यताओं और व्यावहारिक सावधानियों का ध्यान रखा जाता है। आइए जानते हैं कि इस अवसर पर बच्चियों को क्या देना उचित माना जाता है और किन वस्तुओं से परहेज करने की सलाह दी जाती है।

नवरात्रि में कन्या पूजन का क्या है धार्मिक महत्व?

हिंदू धर्म में छोटी कन्याओं को देवी शक्ति का प्रतीक माना गया है। इसी विश्वास के चलते नवरात्रि के दौरान कन्या पूजन किया जाता है। इस परंपरा में बच्चियों को भोजन कराकर उनका सम्मान किया जाता है और उनकी प्रसन्नता के लिए उपहार दिए जाते हैं।मान्यता है कि कन्याओं के प्रति आदर, स्नेह और सेवा का भाव रखना देवी की उपासना का एक महत्वपूर्ण रूप है। इस दौरान उपहार की कीमत से अधिक महत्व श्रद्धा और सम्मान को दिया जाता है।

कन्या पूजन में नुकीली वस्तुएं देने से करें परहेज

कन्या पूजन के अवसर पर छोटी बच्चियों को चाकू, कैंची या अन्य धारदार वस्तुएं उपहार में देने से बचना चाहिए। ऐसी चीजों से बच्चों को चोट लगने का खतरा रहता है। इसलिए उपहार चुनते समय उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है।इसके स्थान पर कॉपी, पेंसिल, रंग भरने की किताबें, कहानी की पुस्तकें और पढ़ाई में काम आने वाली दूसरी वस्तुएं दी जा सकती हैं। ये उपहार उपयोगी होने के साथ बच्चों के सीखने में भी मददगार हो सकते हैं।

चमड़े से बनी वस्तुएं देने से क्यों बचते हैं?

कुछ धार्मिक परंपराओं में पूजा-पाठ के दौरान शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाता है। इसी आधार पर कन्या पूजन में चमड़े से बनी वस्तुएं भेंट करने से परहेज करने की मान्यता प्रचलित है।ऐसे में बच्चियों को कपड़े, किताबें, रुमाल या दैनिक उपयोग की दूसरी वस्तुएं उपहार में दी जा सकती हैं। हालांकि, चमड़े की वस्तुओं से संबंधित यह मान्यता धार्मिक परंपराओं पर आधारित है, कोई सार्वभौमिक नियम नहीं।

काले रंग के उपहारों को लेकर क्या है मान्यता?

कुछ धार्मिक मान्यताओं में शुभ अवसरों पर काले रंग की वस्तुएं देने से बचने की सलाह दी जाती है। कन्या पूजन में भी कई लोग इस परंपरा का पालन करते हैं।इसके विकल्प के रूप में लाल, गुलाबी और पीले रंग के कपड़े या दूसरी उपयोगी चीजें चुनी जा सकती हैं। हालांकि, रंगों से जुड़ी ऐसी मान्यताएं अलग-अलग परंपराओं में भिन्न हो सकती हैं।

कन्या पूजन में बच्चियों को कौन से उपहार दें?

कन्या पूजन के लिए उपहार चुनते समय बच्चियों की उम्र, पसंद और जरूरतों को ध्यान में रखना चाहिए। इस अवसर पर कई उपयोगी चीजें भेंट की जा सकती हैं।

  • फल और मिठाइयां: बच्चियों को फल, मिठाई या अन्य उपयुक्त खाद्य पदार्थ दिए जा सकते हैं।
  • कपड़े और चुनरी: अपनी सामर्थ्य के अनुसार कपड़े या लाल चुनरी भेंट कर सकते हैं।
  • पढ़ाई का सामान: कॉपी, पेंसिल, रंग, किताबें और स्कूल में काम आने वाली सामग्री उपयोगी विकल्प हैं।
  • चूड़ियां और श्रृंगार सामग्री: उम्र के अनुकूल चूड़ियां और सुरक्षित श्रृंगार सामग्री दी जा सकती है।
  • रुमाल और दैनिक उपयोग की वस्तुएं: ये भी सरल और उपयोगी उपहार हो सकते हैं।
  • दक्षिणा: परंपरा के अनुसार अपनी क्षमता के मुताबिक दक्षिणा दी जा सकती है।

उपहार से ज्यादा जरूरी है सम्मान और स्नेह

कन्या पूजन का उद्देश्य केवल बच्चियों को उपहार देना नहीं, बल्कि उनके प्रति आदर और अपनत्व का भाव प्रकट करना भी है। इसलिए उपहार चुनते समय दिखावे के बजाय उनकी जरूरतों और सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धा, विनम्रता और स्नेह के साथ किया गया कन्या पूजन विशेष महत्व रखता है।

रायपुर में भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 सीरीज का आगाज, महिला दर्शकों को मिलेगी मुफ्त एंट्री

 रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबलों की मेजबानी करने जा रही है। नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में भारत और जिम्बाब्वे की महिला टीमों के बीच तीन मैचों की टी-20 सीरीज खेली जाएगी। सीरीज का पहला मुकाबला आज आयोजित होगा, जबकि दूसरा मैच 18 अक्टूबर और तीसरा मुकाबला 20 अक्टूबर को खेला जाएगा। तीनों मैच शाम 7 बजे शुरू होने हैं।घरेलू मैदान पर भारतीय टीम जीत के साथ अभियान का आगाज करना चाहेगी। दूसरी ओर, जिम्बाब्वे की टीम भारतीय खिलाड़ियों को चुनौती देने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।

महिला दर्शकों को स्टेडियम में प्रवेश मुफ्त

इस सीरीज को लेकर महिला क्रिकेट प्रेमियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। महिला दर्शकों को स्टेडियम में प्रवेश के लिए टिकट नहीं खरीदना होगा। उन्हें मुफ्त एंट्री देने का फैसला महिला दर्शकों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है।दोनों टीमों के रायपुर पहुंचने के बाद खिलाड़ियों ने अभ्यास की तैयारी शुरू कर दी है। मुकाबले को लेकर स्थानीय क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह रहने की उम्मीद है। मुफ्त प्रवेश की सुविधा से महिला दर्शकों की मौजूदगी भी बढ़ सकती है।

सुरक्षा से लेकर पार्किंग तक व्यापक इंतजाम

मैच के आयोजन को सुचारु बनाने के लिए स्टेडियम परिसर में कई व्यवस्थाएं की गई हैं। ई-टिकट की जांच के दौरान नेटवर्क संबंधी परेशानी से बचने के लिए प्रवेश द्वारों पर ओपन वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। टिकट खरीदने वाले दर्शकों को पार्किंग पास भी दिया गया है।स्टेडियम और पार्किंग क्षेत्र की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पेयजल और खानपान की व्यवस्था भी की गई है।

आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष तैयारी

मैच के दौरान सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी इंतजाम किए गए हैं। स्टेडियम में एम्बुलेंस तैनात रहेगी। किसी आपात स्थिति या वीआईपी आवागमन के दौरान तत्काल रास्ता उपलब्ध कराने के लिए ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था की गई है।इसके अलावा अग्निशमन वाहन, पानी के टैंकर और आपातकालीन निकास मार्ग तैयार रखे जाएंगे। बिजली आपूर्ति और मोबाइल नेटवर्क से जुड़ी समस्याओं से निपटने के लिए भी अलग टीमें तैनात रहेंगी। आयोजन की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक भी आयोजित की गई थी।

स्मृति मंधाना के नेतृत्व में उतरेगी भारतीय टीम

इस सीरीज में भारतीय टीम की कप्तानी स्मृति मंधाना करेंगी, जबकि शेफाली वर्मा को उप-कप्तान की जिम्मेदारी दी गई है। पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर भी टीम का हिस्सा हैं।भारत की 15 सदस्यीय टीम में ऋचा घोष, दीप्ति शर्मा, अरुंधति रेड्डी, मिन्नू मणि और क्रांति गौड़ सहित कई खिलाड़ी शामिल हैं। स्मृति मंधाना के नेतृत्व में टीम घरेलू दर्शकों के सामने बेहतर प्रदर्शन करने और सीरीज में बढ़त हासिल करने का प्रयास करेगी।

रायपुर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को लेकर उत्साह

महिला टी-20 सीरीज की मेजबानी से रायपुर के क्रिकेट प्रशंसकों को अंतरराष्ट्रीय मुकाबले देखने का अवसर मिलेगा। मुफ्त महिला प्रवेश और दर्शकों की सुविधा के लिए किए गए इंतजाम इस आयोजन को खास बना रहे हैं। अब सबकी निगाहें पहले मुकाबले पर टिकी हैं, जहां दोनों टीमें जीत के इरादे से मैदान में उतरेंगी।

छत्तीसगढ़ में कुपोषण और एनीमिया से लड़ने के लिए शुरू होगा ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान

 कुपोषण और एनीमिया से मुक्ति के लिए छत्तीसगढ़ में शुरू होगा 

हर-घर मुनगा, घर-घर मुनगा अभियान

रायपुर,  छत्तीसगढ़ शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा राज्य में कुपोषण और एनीमिया जैसी गंभीर समस्याओं को जड़ से समाप्त करने के लिए एक महत्वाकांक्षी हर-घर मुनगा, घर-घर मुनगा अभियान चलाया जाएगा। इस संबंध में आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई।

मुनगा के औषधीय और पोषण संबंधी गुण

    बैठक में बताया गया कि मुनगा (सहजन) की फलियों और पत्तियों में पोषक तत्वों का अपार भंडार होता है। इसमें आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन-ए और विटामिन-सी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इसे नियमित भोजन में शामिल करने से कुपोषण और एनीमिया की रोकथाम में काफी मदद मिलती है, विशेषकर कुपोषित बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए यह बेहद फायदेमंद है।

अभियान की मुख्य रूपरेखा और निर्देश

      अभियान के तहत राज्य के प्रत्येक घर में मुनगा के पौधे निःशुल्क वितरित किए जाएंगे और हर घर में इनका रोपण व देखभाल सुनिश्चित की जाएगी। नर्सरी में पौधों का तैयार होना उद्यानिकी, कृषि एवं किसान कल्याण तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की नर्सरियों में मुनगा के पौधे तैयार किए जाएंगे। फरवरी से मार्च माह के दौरान इन्हें घर-घर वितरित कर रोपित किया जाएगा। सभी जिलों के कलेक्टर इसकी निगरानी करेंगे।

आंगनबाड़ी, स्कूल और छात्रावासों में लगाए जाएंगे मुनगा के पौधे

      राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों, आश्रमों और छात्रावासों में भी मुनगा के पौधे निःशुल्क उपलब्ध कराकर लगाए जाएंगे। पौधों के रोपण, उनकी सुरक्षा और सिंचाई सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल जियो-टैगिंग और लाइव डैशबोर्ड मॉनिटरिंग पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि हर पौधे के जीवित रहने की दर और पोषण स्तर पर सीधी नजर रखी जा सके।

     इस अभियान को सफल बनाने के लिए कई प्रमुख विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग इस अभियान का नोडल विभाग होगा, जो आंगनबाड़ी स्तर पर समन्वय, हितग्राही चयन, पोषण शिक्षा और दैनिक निगरानी करेगा। राज्य के करीब 23 हजार 500 स्कूलों में मुनगा पौधे का रोपण कर शाला पोषण वाटिका का निर्माण किया जाएगा और मध्याह्न भोजन में मुनगा भाजी शामिल की जाएगी। 

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग

      ग्राम पंचायत स्तर पर बाड़ियों की पहचान, नर्सरी तैयार करने और स्व-सहायता समूहों के सहयोग से जन-जन तक अभियान की जानकारी पहुंचाई जाएगी। उद्यानिकी एवं कृषि विभाग  गुणवत्तापूर्ण मुनगा कलम व उन्नत पौधे तैयार करने, रोपण तकनीक, जैविक खाद और पौध सुरक्षा में तकनीकी सहयोग प्रदान करेंगे। इसके लिए वन विभाग का सहयोग भी लिया जाएगा।   

       बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, आदिम जाति विकास विभाग के सचिव भूवनेश यादव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह सहित वन, उद्यानिकी और कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

किसानों की खुशहाली और समृद्धि हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर :  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि किसानों की खुशहाली और समृद्धि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और संस्कृति के केंद्र में हमारे अन्नदाता हैं। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि सुशासन और जनसेवा के माध्यम से विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे और छत्तीसगढ़ का प्रत्येक परिवार प्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी बने। मुख्यमंत्री  साय ने आज रायगढ़ के शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में आयोजित कोलता समाज के नुआखाई भेंटघाट एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री  साय का समाजजनों ने पारंपरिक गजमाला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने माँ रणेश्वरी रामचण्डी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर समाज की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ग्राम कोतरलिया के चंडी डोंगरी में सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए 30 लाख रुपए तथा नगर पंचायत पुसौर में कोलता समाज के मंगल भवन के निर्माण के लिए 50 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने बाउंड्रीवॉल निर्माण की भी घोषणा की।

नुआखाई अन्नदाता के परिश्रम और नई फसल की खुशियों का पर्व

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कोलता समाज सहित सभी प्रदेशवासियों को नुआखाई पर्व की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि नुआखाई हमारी समृद्ध कृषि संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह नई फसल के स्वागत, अन्नदाता के परिश्रम के सम्मान और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का उत्सव है। ऐसे पर्व हमारी परंपराओं को जीवंत रखने के साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और जड़ों से जोड़ते हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान प्रदेश है और हमारी सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों को उनकी मेहनत का उचित प्रतिफल मिले, खेती की लागत कम हो, सिंचाई की सुविधा बढ़े और कृषि के माध्यम से परिवारों में समृद्धि आए, इसी सोच के साथ सरकार लगातार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रायगढ़ अंचल के किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुँचाने के लिए केलो परियोजना का कार्य प्रारंभ किया गया है। यह परियोजना क्षेत्र के किसानों के लिए वरदान सिद्ध होगी। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से खेती की उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास को नई गति देने के लिए 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की नई परियोजनाएँ शुरू की गई हैं। सरकार का प्रयास है कि अधोसंरचना के विकास का सीधा लाभ आम नागरिकों, किसानों, युवाओं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिले।

हर जरूरतमंद परिवार के पक्के घर का सपना हो रहा साकार

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गरीब और जरूरतमंद परिवारों के पक्के घर के सपने को तेजी से साकार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन लगभग 1,600 आवासों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि अपना पक्का घर केवल चार दीवारें और छत नहीं, बल्कि गरीब परिवार के लिए सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का आधार है। हमारी सरकार का प्रयास है कि कोई भी पात्र जरूरतमंद परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे।

सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा सरकार की कार्यसंस्कृति

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ने सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा को अपनी कार्यसंस्कृति का आधार बनाया है। आम नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए भटकना न पड़े और शासन तक उसकी पहुँच आसान हो, इसके लिए तकनीक और आधुनिक व्यवस्थाओं का उपयोग किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित तथा समयबद्ध निराकरण के लिए सुशासन एवं अभिसरण विभाग, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सेवा सेतु और अटल डिजिटल सेवा केंद्र जैसी व्यवस्थाएँ प्रारंभ की गई हैं। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से नागरिकों की शिकायतों के समयबद्ध समाधान की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की गारंटी के अनुरूप राज्य सरकार ने अपने ढाई वर्षों के कार्यकाल में अधिकांश वादों को पूरा किया है। शासन की योजनाएँ तभी सार्थक होती हैं, जब उनका लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर पहुँचे। इसलिए सरकार की प्राथमिकता योजनाओं और सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है।

नक्सलवाद के विरुद्ध मिली ऐतिहासिक सफलता, अब विकास की नई यात्रा

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद को समाप्त करने की दिशा में ऐतिहासिक सफलता मिली है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के दृढ़ संकल्प के साथ हमारे वीर सुरक्षा बलों के साहस तथा स्थानीय जनता के सहयोग से बस्तर में शांति और विश्वास का नया वातावरण बना है।

उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से जुड़े लोगों को हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में वापस आने का अवसर दिया जा रहा है। आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए 15 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। हमारा उद्देश्य शांति की स्थापना के साथ प्रभावित परिवारों का पुनर्वास करना और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने के अवसर प्रदान करना है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नक्सलवाद की चुनौती से आगे बढ़ता छत्तीसगढ़ अब विकास, विश्वास और समृद्धि की नई पहचान बना रहा है। बस्तर सहित प्रदेश के हर क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री  साय ने समारोह में समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति, परिवार और समाज की प्रगति का सबसे सशक्त माध्यम है। आज का युवा अपनी मेहनत, प्रतिभा और आधुनिक शिक्षा के बल पर किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकता है।

उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए परिश्रम करने का आह्वान करते हुए कहा कि युवा अपनी प्रतिभा से परिवार और समाज के साथ छत्तीसगढ़ का नाम भी देश-दुनिया में रोशन करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज द्वारा प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान करने की परंपरा सराहनीय है। इससे बच्चों और युवाओं को बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है तथा समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार होता है।

कोलता समाज की संस्कृति और संस्कार अनुकरणीय : वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी

वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक  ओ.पी. चौधरी ने नुआखाई पर्व की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि पुसौर और सरिया से लेकर तमनार, लैलूंगा तथा धरमजयगढ़ तक कोलता समाज के लोग अपनी ईमानदारी, सज्जनता, परिश्रम और संस्कारों के लिए विशेष पहचान रखते हैं। समाज की गौरवशाली संस्कृति और परंपराएँ सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

उन्होंने कहा कि समाज की नई पीढ़ी को शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता और प्रतियोगी परीक्षाओं के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता है। युवाओं को बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करने के लिए मेहनत करनी चाहिए।

वित्त मंत्री  चौधरी ने रायगढ़ क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि साकरा में लिफ्ट सिंचाई परियोजना, पुसौर एवं सरिया में रजिस्ट्री कार्यालय, 100 बिस्तरों का अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज और नालंदा परिसर जैसी सुविधाएँ क्षेत्र के विकास को नई दिशा दे रही हैं। वित्त मंत्री ने बेलरिया में विधायक निधि से 25 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन बनवाने की घोषणा भी की।

शिक्षा और संस्कार से आगे बढ़े समाज

लोकसभा सांसद  राधेश्याम राठिया ने नुआखाई पर्व की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि कोलता समाज सामाजिक उत्थान और सामुदायिक एकता के लिए सदैव समर्पित रहा है। उन्होंने समाज की सांस्कृतिक परंपराओं और विरासत को सहेजते हुए विकास की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

राज्यसभा सांसद  देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति में शिक्षा की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अभिभावक अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार दें। उन्होंने बच्चों को माता-पिता और बुजुर्गों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने तथा समाज के कमजोर और जरूरतमंद लोगों को साथ लेकर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

समारोह में समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री  साय ने समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और समाजजनों के साथ नुआखाई का पारंपरिक भोजन भी ग्रहण किया। आयोजन के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, शिक्षा को प्रोत्साहन, सामाजिक एकजुटता और क्षेत्र के विकास का संदेश दिया गया।

इस अवसर पर महापौर  जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  दीपक सिदार,  अरुणधर दीवान,  गुरुपाल भल्ला,  सुभाष पाण्डेय,  कांत सोमावार,  सत्यानंद राठिया,  विकास केडिया सहित समाज के पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में कोलता समाज के लोग उपस्थित थे।

सीएम विष्णुदेव साय आज करेंगे हेल्पलाइन 1076 की समीक्षा, 33 जिलों के कलेक्टरों से लेंगे रिपोर्ट

 छत्तीसगढ़:  आम लोगों की शिकायतों के समाधान की प्रगति पर राज्य सरकार की नजर है। इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सीएम हेल्पलाइन 1076 के कामकाज की समीक्षा करेंगे। दोपहर 3 बजे प्रस्तावित इस बैठक में प्रदेश के सभी 33 जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल होंगे। बैठक में शिकायतों के निपटारे, समाधान की गुणवत्ता और शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि से जुड़े पहलुओं पर चर्चा होगी।

करीब दो लाख शिकायतों के निपटारे की होगी समीक्षा

सीएम हेल्पलाइन 1076 की शुरुआत 9 जून 2026 को की गई थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शुरुआती चार महीनों में इस माध्यम से करीब दो लाख शिकायतें दर्ज की गई हैं। मुख्यमंत्री अधिकारियों से इन शिकायतों की मौजूदा स्थिति की जानकारी लेंगे।समीक्षा के दौरान यह देखा जाएगा कि कितनी शिकायतों का समाधान हो चुका है, कितने मामले अभी लंबित हैं और शिकायतों के निराकरण से आवेदक कितने संतुष्ट हैं। इसके साथ ही जिलावार प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी, ताकि समस्याओं के समाधान में आ रही बाधाओं की पहचान की जा सके।

कलेक्टरों को मिल सकते हैं जरूरी निर्देश

बैठक में मुख्यमंत्री शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे सकते हैं। जिलों के प्रदर्शन और लंबित मामलों की स्थिति के आधार पर संबंधित अधिकारियों से जवाब भी मांगा जा सकता है।शिकायतों के निपटारे में देरी, बार-बार सामने आने वाली समस्याओं और आवेदकों की असंतुष्टि जैसे मुद्दे भी समीक्षा का हिस्सा हो सकते हैं। इस प्रक्रिया के जरिए जिला प्रशासन की जवाबदेही और शिकायत निवारण व्यवस्था की प्रभावशीलता पर जोर दिए जाने की संभावना है।

क्या है सीएम हेल्पलाइन 1076?

सीएम हेल्पलाइन 1076 छत्तीसगढ़ सरकार की शिकायत निवारण पहल है। इसका उद्देश्य आम नागरिकों को अपनी समस्याएं दर्ज कराने के लिए एक साझा मंच उपलब्ध कराना और संबंधित विभागों के माध्यम से उनका निर्धारित समय में समाधान सुनिश्चित करना है।इस व्यवस्था के तहत नागरिक फोन के जरिए शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद शिकायत संबंधित विभाग को भेजी जाती है, जहां उसके निराकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। आज की समीक्षा बैठक में इस व्यवस्था के तहत दर्ज मामलों की प्रगति और शिकायतकर्ताओं को मिल रही राहत की स्थिति पर विशेष ध्यान रहने की उम्मीद है।

शाह का बड़ा दावा: अब तक 8,526 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, खुशहाल बस्तर बनाने का संकल्प

रायपुर- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि माओवादी हिंसा से मिले घावों पर मरहम लगाकर हर पीड़ित को सम्मानपूर्ण जीवन देना सरकार का संकल्प है। माओवादियों की हर निशानी मिटाकर बस्तर को फिर से हंसता-खेलता और खुशहाल बनाया जाएगा।

हिंसा से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति के पुनर्वास और आत्मनिर्भरता के लिए केंद्र सरकार, छत्तीसगढ़ सरकार के साथ मजबूती से खड़ी है।

शाह ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत दंतेवाड़ा में आयोजित निश्शुल्क दिव्यांगजन कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शिविर के दूसरे चरण का शुभारंभ किया।

768 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण दिए

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी शामिल हुए। शाह ने बताया कि दंतेवाड़ा में तीन दिवसीय शिविर के पहले चरण में दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के 768 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण दिए गए। इससे पहले जगदलपुर शिविर में 3,600 से अधिक दिव्यांगजन लाभान्वित हुए थे।

पंचांग: नवरात्रि का छठा दिन, मां कात्यायनी की पूजा, जानिए अमृतकाल और राहुकाल का समय

Aaj Ka Panchang: हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है. कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है. पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है, जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है. 16 अक्टूबर 2026 को आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि सुबह 5:54 बजे तक रहेगी. इसके बाद सप्तमी तिथि शुरू हो जाएगी. शुक्रवार को सुबह 6:28 बजे सूर्योदय और शाम 5:56 बजे सूर्यास्त होगा. वहीं, सुबह 11:24 बजे चंद्रोदय और रात 10:01 बजे चंद्रास्त होगा.

आज का पंचांग

16 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) को शारदीय नवरात्र का छठा दिन है. इस दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाएगी. महर्षि कात्यायन की तपस्या और उनके यहां पुत्री के रूप में मां के प्रकट होने के कारण ‘कात्यायनी’ नाम पड़ा. देवी सिंह (शेर) पर सवारी करती हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी कात्यायनी मानव शरीर के आज्ञा चक्र की अधिष्ठात्री हैं. इनकी उपासना से भक्तों को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष इन चारों पुरुषार्थों की प्राप्ति होती है. विवाह में आ रही बाधाएं भी इनकी कृपा से दूर होती हैं.

पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य देव चित्रा नक्षत्र में रहेंगे. ज्योतिष के अनुसार, जब सूर्य देव चित्रा नक्षत्र में प्रवेश करते हैं या इस नक्षत्र में स्थित होते हैं, तो इसके विशेष और गहरे प्रभाव देखने को मिलते हैं. चित्रा नक्षत्र के स्वामी मंगल ग्रह हैं, जिन्हें सूर्य का मित्र माना जाता है. सूर्य और मंगल के इस मेल से व्यक्ति के भीतर गजब का आत्मविश्वास, साहस, पराक्रम और ऊर्जा बढ़ती है. नौकरीपेशा लोगों के काम की उच्च अधिकारियों द्वारा सराहना होती है. प्रशासन, उच्च पदों या प्रबंधन से जुड़े लोगों को विशेष लाभ, नई जिम्मेदारी या प्रमोशन मिल सकते हैं.

शुक्रवार रात 10:05 बजे तक शोभन योग रहेगा. ज्योतिष के अनुसार, शोभन योग को 27 नित्य योगों में से 5वां योग माना जाता है. ‘शोभन’ शब्द का अर्थ सुंदर, शुभ, सुहावना या कल्याणकारी होता है. इस योग के स्वामी बृहस्पति (गुरु) हैं, जो ज्ञान, समृद्धि और शुभता के कारक माने जाते हैं. इस योग को अधिकांश मांगलिक और शुभ कार्यों के लिए बहुत श्रेष्ठ माना जाता है. नए वस्त्र धारण करना, आभूषण खरीदना, विवाह, सगाई, सौंदर्य उपचार और विशेष रूप से यात्रा शुरू करने के लिए यह योग अत्यंत मंगलकारी माना गया है.

अभिजीत मुहूर्त

इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:49 से दोपहर 12:35 बजे तक रहेगा. यह दिन का सबसे शुभ और फलदायी समय माना जाता है. आमतौर पर यह लगभग 48 मिनट (या दिनमान के अनुसार गणना किया गया आठवां मुहूर्त) होता है. माना जाता है कि इस मुहूर्त में किए गए कार्यों से सभी प्रकार के अशुभ प्रभाव या दोष स्वतः नष्ट हो जाते हैं. जब सूर्य ठीक सिर के ऊपर रहते हैं, तब अभिजीत मुहूर्त की बेला होती है.

अमृतकाल

शुक्रवार को रात 2:39 से 4:27 बजे तक अमृतकाल रहेगा. ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, अमृतकाल एक अत्यंत शुभ, मंगलकारी और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर समयावधि (मुहूर्त) है. इसे अमृत के समान उत्तम फल देने वाला माना जाता है. इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता की संभावना सबसे अधिक होती है. यह समय नए व्यापार, निवेश, पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण यात्रा के लिए श्रेष्ठ माना गया है.

राहुकाल

इस दिन राहुकाल रात 10:46 बजे से 12:12 बजे तक रहेगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहुकाल दिन का वह समय होता है, जिसे किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत के लिए अशुभ माना जाता है. राहुकाल को सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच के समय को 8 बराबर भागों में बांटकर निकाला जाता है, जो हर दिन लगभग 90 मिनट का होता है. स्थान बदलने के साथ इसके समय में भी बदलाव हो जाता है. इस दौरान कोई नया काम शुरू नहीं करना चाहिए, लेकिन जो काम पहले से चल रहे हैं, उन्हें जारी रखा जा सकता है.

गुलिक काल

शुक्रवार को गुलिक काल सुबह 7:54 से 9:20 बजे तक रहेगा. गुलिक काल को ‘विषैला समय’ भी कहा जाता है. यह एक उपग्रह है, जिसे अशुभ माना जाता है. माना जाता है कि इस काल में किए गए कार्य नकारात्मक परिणाम देते हैं. इस काल में कोई नया काम शुरू करने से बचना चाहिए, लेकिन जो काम पहले से चल रहे हैं, उन्हें जारी रखा जा सकता है. जो काम बार-बार करने हों, वे इस काल में किए जा सकते हैं. बैंक में पैसे जमा करना, दान देना, या निवेश करना इस काल में अच्छा माना जाता है.

यमगंड काल

इस दिन यमगंड काल दोपहर 3:04 से 4:30 बजे तक रहेगा. यह समय मृत्यु के देवता यमराज से जुड़ा हुआ माना जाता है. इस समय के दौरान स्वास्थ्य, दीर्घायु, या सामान्य दुर्भाग्य से संबंधित बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है. इस काल को नए कार्यों की शुरुआत के लिए अशुभ माना जाता है. नया व्यापार या नया काम शुरू करने से बचना चाहिए. इस दौरान किसी यात्रा पर भी निकलने और पैसों के लेनदेन से भी बचना चाहिए.

Aaj Ka Rashifal: नवरात्रि का छठा दिन, मेष, वृषभ और कर्क को मिलेगा घन का लाभ, जानिए आज का राशिफल

Aaj Ka Rashifal: आज 16 अक्टूबर और दिन शुक्रवार है. नवरात्र का छठा दिन है और इस दिन मां कात्यायनी का पूजा की जाती है. आज का दिन कई राशियों के लिए नए अवसर, जिम्मेदारियां और महत्वपूर्ण फैसले लेकर आ सकता है. चंद्रमा के गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों के जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों पर पड़ेगा. आज के दिन किसी को धन का लाभ मिलेगा, तो किसी को प्यार, परिवार, रोजगार में शुभ संकेत मिलेगा. जानिए मेष से लेकर मीन तक, आज का राशिफल.

मेष राशि

मेष राशि वाले जातकों के लिए आज का दिन उन्नति व्रत समाचार से मन खुश होगा. पढ़ाई में अत्यधिक मन लगेगा. नए कार्य की रूपरेखा तैयार होगी. सामाजिक सम्मान बढ़ेगा. घर गृहस्ती में चहल-पहल बढ़ेगी. कानूनी विवाद का समाधान पूर्ण रूप से हो जाएगा. यात्रा के शुभ योग बन रहे हैं. प्रॉपर्टी में आपके नाम हो जाएगी.

वृषभ राशि

वृषभ राशि वाले जातकों के लिए आज का समय मित्र सहयोग से योजना पूरी होगी. मित्रों के साथ मित्रता में बहुत मिठास व्याप्त होगा. शत्रु षड्यंत्र लोको पवार से बचे रहें. दूर समीप की यात्रा का विचार बनेगा. देव पूजन का लाभ होगा. नए कार्य का शुभारंभ कर सकते हैं. जमीन जायदाद वाहन आदि का सुख मिलेगा.

मिथुन राशि

मिथुन राशि वाले जातक वाणी पर विशेष नियंत्रण बनाए रखें. कानूनी विवाद नया मोड़ ले सकता है. योजना पूर्ति में किसी मित्र का सहयोग अपेक्षित रहेगा. पार्टनरशिप व्यापार में कार्य करने की योजना बनेगी. ग्रह चल का प्रभाव मध्यम रहेगा. अपने कर्तव्य का सही ढंग से पालन करें.

कर्क राशि

कर्क राशि वाले जातकों के लिए अभी का समय बहुत ही चंचल युक्त रहेगा. मन बहुत सारे कार्यों में बढ़ता रहेगा. इसलिए सर्वप्रथम मां को स्थिर रखें और नयापन न आने दें. राजनीति में सफलता मिलेगी. घर गृहस्ती में हास्य रस बढ़ेगा. मित्र सहयोग से नया रास्ता खुलेगा. रुका हुआ धन आपको प्राप्त हो जाएगा. विरोधी षड्यंत्र रच सकता है.

सिंह राशि

सिंह राशि वाले जातकों के लिए यह समय बहुत उत्तम है. सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखें. आलस से प्रमाण शारीरिक समस्याओं से बचाव रखें. इष्ट मित्र समागम होगा. अचानक द्रव्य लाभ होगा. परस्पर नोकझोंक के योग बन रहे हैं. वाणी एवं अपनी क्रियाकलापों पर नियंत्रण बनाए रखें. दांपत्य सुख मिलेगा, किसी दूसरे के विवाद में ना पड़े.

कन्या राशि

कन्या राशि वाले जातकों के आज का समय व्यर्थ की भागदौड़ से बचें. मित्र मदद करेंगे. नए कानूनी विवाद का सामना करना पड़ेगा और सफलता के मध्य सफलता मिलेगी. गृह कार्य में व्यस्तता बनी रहेगी. भूमि वाहन की खरीद कर सकते हैं. परिवार में खुशियां प्राप्त होगी. आत्म शक्ति का विकास होगा. कार्य व्यवसाय में परिजनों के सहयोग से लाभ होगा.

तुला राशि

तुला राशि वाले जातकों के लिए घर गृहस्ती की खुशी होगी. पुरानी निराशा आशा में बदल जाएगी. पुराने मित्र से मिलन संभव है. इच्छित वस्तु का लाभ मिलेगा. तीव्र लाभ के जिज्ञासा प्रबल होगी. कारोबार की नई रूपरेखा सामने आएगी. व्यापार के लिए नई योजना में आप कार्य करेंगे. नौकरी में अच्छे प्रमोशन के योग बन रहे हैं.

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वाले जातकों का आज का दिन घूमने फिरने का अवसर मिलेगा. मां आध्यात्मिक सुख अनुभव करेगा. विरोधियों से मधुर संबंध बनेंगे. आपके सामाजिक सम्मान मिलेगा. भौतिक विकास को बल प्राप्त होगा. नया समझौता आपके फायदे में उन्नति परत रहेगा. राजनीतिक संपर्कों से लाभ मिलेगा. मित्रों के साथ सुंदर धर्म की चर्चा होगी और आत्मविश्वास बढ़ेगा.

धनु राशि

धनु राशि वाले जातकों का आज का दिन बाद ही अध्यात्म युक्त रहने वाला है. व्यापार में अच्छा खासा लाभ प्राप्ति के बहुत सुंदर योग हैं. पार्टनरशिप में आप एक नया व्यापार करने की योजना बना रहे हैं. वह योजना आपका पक्का होगा. राजनीतिक संपर्क से लाभ होगा. दांपत्य सुख मिलेगा. बच्चों का परिणाम सर्वश्रेष्ठ रहेगा. सामाजिक एवं आध्यात्मिक उन्नति होगी. पड़ोसियों द्वारा अमर्यादित व्यवहार से बचें.

मकर राशि

मकर राशि वाले जातकों का आज का दिन विवाद युक्त रहने वाला है. व्यवसाय में सोच विचार से काम लें. अनजान से दोस्ती ना करें. अनजान व्यक्ति नुकसान पहुंचाने का पूरा प्रयास करेगा. मित्र मिलन मांगलिक अवसर पर शुभ का अनुभव होगा और सफलता के मध्य आपको पूर्ण सफलता प्राप्त होगी. शत्रु षड्यंत्र में व्यस्त रहेगा. कानूनी विवाद में आपका पूर्ण रूप से विजय होगी. समय बहुत सोच समझ कर चलने वाला है.

कुंभ राशि

कुंभ राशि वाले जातकों का आज का दिन सोची समझी योजना को परिपूर्ण कर पाएंगे. घर गृहस्थी का विचार पूरा हो जाएगा. प्रदेश से सुखद समाचार आपको प्राप्त होगा. सरकारी कार्य आपका पूर्ण हो जाएगा. वाहन खरीद सकते हैं. भौतिक सुख उपयोग के साधन सुलभ होंगे. कम बिगड़ने की संभावना ज्यादा है.

मीन राशि

मीन राशि वाले जातकों का आज का दिन ग्रह चल के प्रभाव से लाभदायक रहेगा. रुके हुए कार्य आपके बन जाएंगे. दीर्घकालीन विवाद सुलझ जाएगा. लंबी यात्रा संभव है. देव दर्शन सामाजिक कार्य में आपका समय व्यतीत होगा. लाभ और खर्च समान रहेगा. किसी के विवाद में दखल अंदाज ही ना करें. सोची समझी योजना कारगर रहेगी. नए मेहमान के आने से घर में खुशी का माहौल बनेगा. यात्रा छोटी मगर लाभप्रद रहेगी.

राज्यपाल डेका से छत्तीसगढ़ रेड क्रॉस समिति के अध्यक्ष ने की सौजन्य भेंट

 रायपुर, / छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोक भवन में छत्तीसगढ़ रेड क्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष श्री तोमन साहू ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान उन्होंने राज्य के 13 जिलों में जिला रेड क्रॉस समितियों की समीक्षा बैठक आयोजित किए जाने की जानकारी दी और इसका प्रतिवेदन राज्यपाल को सौंपा।

श्री साहू ने राज्यपाल को जिलों में रेड क्रॉस की गतिविधियों और संचालित कार्यक्रमों के बारे में भी अवगत कराया। साथ ही, उन्होंने छत्तीसगढ़ रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा आयोजित होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राज्यपाल को आमंत्रित किया।

राज्यपाल श्री डेका ने शेष जिलों में भी जिला रेड क्रॉस समितियों की समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने रेड क्रॉस की गतिविधियों का विस्तार करने पर जोर दिया, ताकि जरूरतमंद लोगों तक सेवाओं का लाभ पहुंचाया जा सके। इस अवसर पर रेड क्रॉस सोसाइटी के सदस्य श्री युगल सिन्हा उपस्थित थे।