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Sunday, October 25, 2026
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900 ग्राम के नवजात को मिला नया जीवन, दो महीने के उपचार के बाद अस्पताल से मिली छुट्टी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ ने गंभीर हालत में भर्ती महज 900 ग्राम वजन के नवजात को बचाने में सफलता हासिल की है। समय से पहले जन्मे इस बच्चे को सांस लेने में परेशानी और गंभीर एनीमिया की समस्या थी। करीब दो महीने तक चले उपचार और विशेष देखभाल के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ। इसके बाद 8 अक्टूबर 2026 को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।यह मामला दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं और नवजात शिशुओं के उपचार में विशेष देखभाल की भूमिका को उजागर करता है।

जन्म के समय बेहद नाजुक थी शिशु की हालत

गौरेला विकासखंड के चुकतीपानी गांव की निवासी गोमती के बच्चे का जन्म समय से पहले हुआ था। जन्म के समय उसका वजन केवल 900 ग्राम था। सांस लेने में दिक्कत और गंभीर एनीमिया के कारण उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई थी।शिशु की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला चिकित्सालय की विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में भर्ती कराया गया। यहां चिकित्सकों और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ ने तत्काल उपचार शुरू करते हुए उसकी सेहत की लगातार निगरानी की।

ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ दो यूनिट रक्त चढ़ाया

इलाज के दौरान नवजात को लगभग दो सप्ताह तक ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया। गंभीर एनीमिया से निपटने के लिए उसे दो यूनिट रक्त भी चढ़ाया गया। इसके अलावा शरीर का तापमान सामान्य बनाए रखने और पर्याप्त पोषण देने के लिए जरूरी चिकित्सकीय प्रबंध किए गए।बच्चे का वजन बढ़ाने और उसकी सेहत में सुधार के लिए कंगारू मदर केयर (केएमसी) तथा नियमित फीडिंग पर विशेष ध्यान दिया गया। लगातार निगरानी और उपचार के परिणामस्वरूप धीरे-धीरे उसकी हालत बेहतर होने लगी। करीब दो महीने में उसका वजन बढ़कर 1.35 किलोग्राम पहुंच गया। स्वास्थ्य में संतोषजनक सुधार के बाद 8 अक्टूबर को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

दूरस्थ गांव के परिवार को जिला अस्पताल में मिला सहारा

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जैसे वनांचल बहुल जिले में गंभीर स्थिति वाले नवजात का सफल उपचार जिला स्तर पर उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की उपयोगिता दर्शाता है। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए समय पर उपचार और विशेषज्ञ निगरानी बेहद महत्वपूर्ण होती है।जिला चिकित्सालय की एसएनसीयू इकाई ने इस मामले में अहम भूमिका निभाई। कम वजन और समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों को विशेष निगरानी, पोषण और चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता होती है। ऐसे में जिला अस्पतालों में उपलब्ध विशेष इकाइयां नवजातों के उपचार में महत्वपूर्ण सहारा बनती हैं।

चिकित्सकीय टीम की मेहनत से संभव हुआ उपचार

नवजात के उपचार में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा के मार्गदर्शन और सिविल सर्जन डॉ. देवेन्द्र सिंह पैकरा के निर्देशन में चिकित्सकीय टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. भरत भूषण त्रिपाठी, डॉ. अनिश ताम्रकार, डॉ. श्याम और एसएनसीयू के नर्सिंग स्टाफ ने बच्चे की देखभाल, पोषण प्रबंधन और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया।टीम के सामूहिक प्रयासों से गंभीर स्थिति में भर्ती नवजात की सेहत में सुधार हुआ और उसे घर भेजना संभव हो सका।

ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण, आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने तथा शासकीय अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के प्रयासों में एसएनसीयू जैसी इकाइयां अहम योगदान देती हैं।महज 900 ग्राम वजन के साथ जीवन के लिए संघर्ष करने वाले नवजात का स्वस्थ होकर घर लौटना उसके परिवार के लिए बड़ी राहत है। यह घटना चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के समर्पण के साथ-साथ गंभीर मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में सरकारी अस्पतालों की महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित करती है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का 22-23 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ दौरा प्रस्तावित, जगदलपुर में मुरिया दरबार में होंगी शामिल: मुख्यमंत्री साय

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरा प्रदेश के लिए गौरव और प्रसन्नता का अवसर है। राष्ट्रपति को बस्तर आने का आमंत्रण दिया गया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। उनका 22 और 23 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ प्रवास प्रस्तावित है। 23 अक्टूबर को वे जगदलपुर पहुंचकर मुरिया दरबार में शामिल होंगी।

मांझी-चालकी प्रतिनिधियों ने भी दिया था बस्तर आने का न्योता

मुख्यमंत्री साय ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान बताया कि राष्ट्रपति को बस्तर आने का निमंत्रण दिया गया था। इससे पहले बस्तर के मांझी-चालकी प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात के दौरान भी उनसे क्षेत्र का दौरा करने का आग्रह किया गया था। राष्ट्रपति द्वारा आमंत्रण स्वीकार किए जाने पर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का बस्तर आगमन प्रदेश के लिए सम्मान की बात है।

अमित शाह के संबोधन से हिंसा प्रभावित लोगों का बढ़ा आत्मविश्वास

मुख्यमंत्री ने नक्सली हिंसा से प्रभावित लोगों और अन्य दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित करने के कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दंतेवाड़ा में आयोजित शिविर को संबोधित किया। इस संबोधन से हिंसा प्रभावित लोगों का आत्मविश्वास बढ़ा है।साय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य नक्सली हिंसा से प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे सम्मान के साथ जीवन जी सकें और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।

अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मैच में महिला दर्शकों को निशुल्क प्रवेश

छत्तीसगढ़ में पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मैच आयोजित होने जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने इसे प्रदेश के लिए खुशी का अवसर बताया। भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच होने वाले मुकाबले में महिला दर्शकों के लिए प्रवेश निशुल्क रखा गया है।मुख्यमंत्री के अनुसार, इस पहल से प्रदेश की माताओं, बहनों और बेटियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की महिला खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने का अवसर मिलेगा। साथ ही, वे खिलाड़ियों के प्रदर्शन से प्रेरणा लेकर खेलों के प्रति अपनी रुचि और भागीदारी बढ़ा सकेंगी।

विधानसभा की बैठकें बढ़ाने की मांग! चरणदास महंत ने CM साय को लिखा पत्र

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने प्रदेश की ज्वलंत और मूलभूत समस्याओं पर गंभीर, खुली और सार्थक चर्चा सुनिश्चित करने के लिए आगामी विधानसभा सत्रों की अवधि तथा बैठकों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया है।

नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत ने कहा कि विधानसभा केवल वैधानिक औपचारिकताएं पूरी करने का मंच नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की तीन करोड़ जनता की उम्मीदों, आकांक्षाओं और पीड़ा को स्वर देने वाली सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ किसानों की समस्याओं, बिजली संकट, चरमराती कानून-व्यवस्था, बदहाल सड़कों, स्वास्थ्य व शिक्षा क्षेत्र की चुनौतियों तथा अधोसंरचना के विकास जैसे कई संवेदनशील मुद्दों से जूझ रहा है। इन गंभीर विषयों का स्थायी समाधान केवल प्रशासनिक आदेशों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए जनप्रतिनिधियों के बीच गहन विचार-विमर्श और सरकार की जवाबदेही तय होना आवश्यक है।

विगत सत्रों की सीमित कार्यप्रणाली पर चिंता व्यक्त करते हुए नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत ने कहा कि सदन की कार्यावधि छोटी होने के कारण महत्वपूर्ण ध्यानाकर्षण, स्थगन और शून्यकाल की सूचनाएं बिना विस्तृत चर्चा के ही समाप्त हो जाती हैं। इससे विपक्ष को जनहित के मुद्दे उठाने का अवसर नहीं मिल पाता और सदन में संवाद की मूल भावना आहत होती है।

डॉ. महंत ने स्पष्ट चेताते हुए कहा, “जब लोकतांत्रिक मंचों पर जनता की आवाज को पर्याप्त समय और संवेदनशीलता के साथ नहीं सुना जाता, तो वे समस्याएं सदन की चारदीवारी से निकलकर सड़कों पर आ जाती हैं। आज स्थिति यह है कि स्कूली छात्र-छात्राएं तक अपनी बुनियादी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरने को विवश हैं, जो पूरे प्रदेश के लिए अत्यंत चिंताजनक है। यदि सदन के भीतर संवाद के पर्याप्त अवसर हों, तो जन-असंतोष और विवादों का समय रहते शांतिपूर्ण समाधान निकल सकता है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष वैचारिक रूप से भिन्न हो सकते हैं, किंतु जनकल्याण के प्रति दोनों की संवैधानिक जवाबदेही समान है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष, कार्यमंत्रणा समिति और शासन से अपील की है कि सर्वदलीय सहमति बनाकर आगामी सत्रों के कार्यदिवसों में वृद्धि की जाए। सत्र की अवधि बढ़ने से जहां सरकार को जमीनी हकीकत समझने का अवसर मिलेगा, वहीं विपक्ष भी तथ्यों के साथ जनभावनाओं को पटल पर रख सकेगा, जिसका सीधा लाभ छत्तीसगढ़ के समग्र विकास और आम नागरिक को मिलेगा।

छत्तीसगढ़ पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, राज्य पुलिस सेवा के 12 वरिष्ठ अधिकारियों को मिली नई पदस्थापना

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग ने राज्य पुलिस सेवा संवर्ग के 12 वरिष्ठ अधिकारियों की पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। इन अधिकारियों को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सहायक सेनानी अथवा समकक्ष रैंक के पदों पर जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस संबंध में 15 अक्टूबर को नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय, महानदी भवन से आदेश जारी किया गया।

विभागीय समिति की अनुशंसा पर लिया गया निर्णय

शासन की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, यह पदस्थापना 17 सितंबर को आयोजित विभागीय पदोन्नति एवं छानबीन समिति की बैठक में की गई अनुशंसाओं के आधार पर की गई है।

भर्ती और पदोन्नति नियमों के तहत आदेश

अधिकारियों की नई पदस्थापना छत्तीसगढ़ पुलिस कार्यपालिक (राजपत्रित) सेवा भर्ती तथा पदोन्नति नियम, 2005 के नियम 14 और 23 की अनुसूची-पांच में दिए गए प्रावधानों के तहत की गई है। आदेश के जरिए 12 वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सहायक सेनानी या समकक्ष पदों पर नियुक्त किया गया है।हालांकि, उपलब्ध जानकारी में अधिकारियों के नाम और उनके नए पदस्थापना स्थलों का विस्तृत ब्योरा शामिल नहीं है।

छत्तीसगढ़ को मिले तीन नए IAS अधिकारी, अभिषेक अग्रवाल, सचिन भूतड़ा और राजीव पाण्डेय को मिली पदोन्नति

 रायपुर। छत्तीसगढ़ को तीन नए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी मिले हैं। इनमें अभिषेक अग्रवाल, सचिन भूतड़ा और राजीव पाण्डेय शामिल हैं। विभागीय पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीनों अधिकारियों को आईएएस संवर्ग में शामिल करने का निर्णय लिया गया है।

15 अक्टूबर को जारी हुई अधिसूचना

प्राप्त जानकारी के अनुसार, संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) में विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने 15 अक्टूबर 2026 को अधिसूचना जारी की। इसके माध्यम से अभिषेक अग्रवाल, सचिन भूतड़ा और राजीव पाण्डेय को भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदोन्नति प्रदान किए जाने की जानकारी दी गई है।तीनों अधिकारियों को आईएएस अवार्ड मिलने से छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक ढांचे में तीन नए अधिकारी शामिल हुए हैं।

छत्तीसगढ़ में आज बरस सकते हैं बादल, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी

रायपुर। अक्टूबर का आधा महीना गुजरने के बाद भी राजधानी रायपुर में गर्मी का असर कम नहीं हुआ है। दिन के साथ रात का तापमान भी सामान्य से अधिक बना हुआ है। इस बीच शुक्रवार, 16 अक्टूबर को दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में मौसम बदलने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक, यहां एक-दो स्थानों पर बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं।

रायपुर में रात का पारा भी सामान्य से ऊपर

राजधानी में गुरुवार को अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक था। वहीं, न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य स्तर से 2.3 डिग्री ज्यादा दर्ज किया गया।शुक्रवार को रायपुर का अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। दिन में धूप निकल सकती है, जबकि दोपहर बाद या शाम को आसमान में आंशिक बादल छाने के आसार हैं।

दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश के साथ तेज हवाओं का अनुमान

मौसम केंद्र रायपुर के अनुसार, दक्षिण छत्तीसगढ़ में एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। हालांकि, बारिश का प्रभाव सीमित क्षेत्रों तक रहने का अनुमान है।मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के दौरान प्रदेश के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई है। ऐसे में बारिश के बावजूद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट के आसार कम हैं।

पेंड्रा रोड में सबसे कम तापमान दर्ज

प्रदेश में पेंड्रा रोड का न्यूनतम तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि अंबिकापुर में यह 18.8 डिग्री रहा। अधिकतम तापमान की बात करें तो जगदलपुर में 32.9 डिग्री, माना एयरपोर्ट और बिलासपुर में 32 डिग्री तथा दुर्ग में 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मानसून की वापसी के बाद भी बारिश की संभावना

दक्षिण-पश्चिम मानसून 15 अक्टूबर को पूरे देश से विदा हो चुका है। इसके बावजूद मौसम संबंधी परिस्थितियों के कारण दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश की संभावना बनी हुई है। फिलहाल दक्षिणी तटीय तमिलनाडु से ओडिशा तट के पास बंगाल की खाड़ी तक एक द्रोणिका सक्रिय है।गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें तथा सुरक्षित पक्के भवन में शरण लें।

बॉक्स ऑफिस पर रजनीकांत की दहाड़, ‘जेलर 2’ ने पहले दिन बटोरे 125 करोड़ से ज्यादा, कई बड़ी फिल्मों को छोड़ा पीछे

मनोरंजन डेस्क। Jailer 2 Day 1 Collection: रजनीकांत की ‘जेलर 2’ ने रिलीज के साथ ही बॉक्स ऑफिस पर दमदार दस्तक दी है। गुरुवार, 15 अक्टूबर को सिनेमाघरों में पहुंची फिल्म ने पहले दिन दुनियाभर में 125.25 करोड़ रुपये का ग्रॉस कारोबार किया। ट्रेड ट्रैकर सैकनिल्क के मुताबिक, भारत में फिल्म की शुरुआती दिन की नेट कमाई 59.70 करोड़ रुपये रही। देशभर में इसके 16,599 शो दर्ज किए गए।

विदेशों से आए 55 करोड़ रुपये

‘जेलर 2’ की बड़ी ओपनिंग में अंतरराष्ट्रीय बाजारों का भी अहम योगदान रहा। फिल्म ने विदेशों में पहले दिन 55 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया। भारत में इसका ग्रॉस कारोबार 70.25 करोड़ रुपये रहा। दोनों को मिलाकर फिल्म ने पहले ही दिन वैश्विक स्तर पर 125 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया।

तमिल संस्करण ने संभाली कमाई की कमान

घरेलू बाजार में फिल्म को सबसे ज्यादा कमाई तमिल संस्करण से हुई। इसके बाद तेलुगु संस्करण का योगदान रहा। हिंदी और कन्नड़ में भी फिल्म ने कारोबार दर्ज किया।

भाषापहले दिन की नेट कमाई
तमिल43.35 करोड़ रुपये
तेलुगु12.50 करोड़ रुपये
हिंदी3.50 करोड़ रुपये
कन्नड़

धीरेंद्र शास्त्री की अपील, बहन-बेटियां दुर्गा-काली जैसी शक्तिशाली बनें, IAS-IPS बनकर आगे बढ़ें

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 छतरपुर। सनातन हिंदू एकता यात्रा के समापन कार्यक्रम में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने महिलाओं के बुर्का पहनने को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बहन-बेटियों को दुर्गा और काली जैसी शक्तिशाली बनना चाहिए। साथ ही, उन्होंने महिलाओं को शिक्षा और करियर के क्षेत्र में आगे बढ़कर आईएएस और आईपीएस अधिकारी बनने के लिए भी प्रेरित किया।

महिला सशक्तीकरण पर दिया जोर

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि सनातन हिंदू एकता यात्रा का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनने और समाज में अपनी भूमिका मजबूत करने के लिए प्रेरित करना भी था। उन्होंने महिलाओं से अपनी क्षमता पहचानने और आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया।

पांच जिलों में लगभग 500 किलोमीटर का सफर

पांच दिनों तक चली सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा ने बुंदेलखंड के पांच जिलों में करीब 500 किलोमीटर की दूरी तय की। गुरुवार को छतरपुर में यात्रा का समापन हुआ। इस दौरान अलग-अलग पड़ावों पर सामाजिक एकता, नशामुक्ति और आपसी भेदभाव दूर करने जैसे विषयों पर लोगों को जागरूक किया गया।

अपने घर और क्षेत्र से करें जागरूकता की शुरुआत

यात्रा के समापन पर शास्त्री ने हिंदू समुदाय में एकजुटता बढ़ाने और बुंदेलखंड को नशामुक्त बनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि समाज में व्यापक बदलाव लाने के लिए पहले अपने घर और आसपास के क्षेत्र में जागरूकता फैलानी चाहिए। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने यात्रा में भाग लेने वाले लोगों और आयोजन में सहयोग करने वालों का आभार व्यक्त किया।

धर्म के आधार पर आरक्षण का लाभ नहीं दिए जाने संबंधी सुप्रीम कोर्ट का फैसला महत्वपूर्ण : अवैध धर्मांतरण पर लगेगी रोक – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज रायगढ़ में पत्रकारों के सवालों के जवाब में धर्म के आधार पर आरक्षण का लाभ नहीं दिए जाने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले को महत्वपूर्ण बताया है। रायगढ़ में मीडिया से चर्चा के दौरान इस संबंध में पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला दिया है। धर्म के आधार पर आरक्षण का लाभ नहीं मिलने को लेकर यह निर्णय दूरगामी महत्व रखता है  और इससे निश्चित रूप से अवैध धर्मांतरण पर भी रोक लगेगी।

मुख्यमंत्री  साय आज रायगढ़ में कोलता समाज द्वारा आयोजित नुआखाई भेंटघाट एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने आमंत्रण के लिए समाज के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी समाजजनों को नुआखाई और शारदीय नवरात्रि की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोलता समाज शिक्षित, संगठित और प्रगतिशील समाज है। समाज के लोग शिक्षा, कृषि और व्यापार सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में भी कोलता समाज की महत्वपूर्ण भागीदारी है।

मुख्यमंत्री  साय ने समाज की गतिविधियों को और सुदृढ़ करने के लिए नगर पंचायत पुसौर में कोलता समाज के भवन हेतु 50 लाख रुपए तथा ग्राम कोतरलिया चंडी डोंगरी में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 30 लाख रुपए देने की घोषणा की।

मीडिया से चर्चा में मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मैच के आयोजन पर भी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के स्टेडियम में भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच होने वाले मुकाबलों से प्रदेश में महिला क्रिकेट को प्रोत्साहन मिलेगा और हमारी बेटियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से इन मुकाबलों में पहुंचकर महिला खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से नागलोक क्षेत्र को बड़ी सौगात, समडमा में 2.91 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा विद्युत सब स्टेशन

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की पहल से नागलोक क्षेत्र को बड़ी सौगात

रायपुर :- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा आम नागरिकों को बेहतर विद्युत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री  साय के गृह जिले जशपुर के नागलोक क्षेत्र को बड़ी सौगात मिली है। जिले के फरसाबहार तहसील अंतर्गत ग्राम समडमा में 2 करोड़ 91 लाख रुपये की लागत से 33/11 केवी विद्युत सब स्टेशन का निर्माण किया जा रहा है। इस सब स्टेशन के शुरू होने से क्षेत्र के 16 गांवों के बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत आपूर्ति का लाभ मिलेगा और लंबे समय से चली आ रही लो वोल्टेज की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।

नागलोक क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से लो वोल्टेज और बिजली आपूर्ति संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे थे। पर्याप्त वोल्टेज नहीं मिलने के कारण घरेलू विद्युत उपकरणों के संचालन, कृषि कार्यों और अन्य दैनिक गतिविधियों में कठिनाइयां होती थीं। क्षेत्र की इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निर्देश पर समडमा में विद्युत सब स्टेशन का निर्माण कराया जा रहा है। इसके पूर्ण होने से स्थानीय विद्युत वितरण व्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता में सुधार होगा।

समडमा सहित 16 गांवों के हजारों ग्रामीणों को मिलेगा बेहतर बिजली व्यवस्था का लाभ

समडमा में निर्माणाधीन 33/11 केवी विद्युत सब स्टेशन से समडमा, सांको, साहिलता, बांसाझाल, छरला, मांझापारा, कोरचिकानी, लावाकेरा, जूनाडीह, जगदमपुर, रेंगारमुण्डा, जाडामल, बेलडीपा, चालडीह, जामडांड और रंगीयाडीपा सहित आसपास के क्षेत्रों के विद्युत उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।

विद्युत सब स्टेशन के शुरू होने से इन गांवों में बिजली वितरण व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी। इससे उपभोक्ताओं को पर्याप्त वोल्टेज के साथ बेहतर बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। विशेष रूप से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की गुणवत्ता में सुधार होने से लोगों के दैनिक जीवन में सहूलियत बढ़ेगी।

कृषि, शिक्षा और ग्रामीण आजीविका को मिलेगा बढ़ावा

समडमा में विद्युत सब स्टेशन का निर्माण केवल बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे क्षेत्र की कृषि, शिक्षा, छोटे व्यवसाय और ग्रामीण आजीविका से जुड़ी गतिविधियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। बेहतर विद्युत आपूर्ति से किसानों को सिंचाई पंप और अन्य कृषि उपकरणों के संचालन में सुविधा होगी। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे व्यवसायों और स्वरोजगार से जुड़ी गतिविधियों के संचालन में भी सहूलियत मिलेगी।

इसके साथ ही घरों में विद्युत उपकरणों का उपयोग अधिक सुगम होगा और विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। विद्युत अधोसंरचना के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और स्थानीय विकास को गति देने में सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री  साय की पहल से दूरस्थ अंचलों में मजबूत हो रही विद्युत अधोसंरचना

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निर्देशानुसार दूरस्थ ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। समडमा में 2.91 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन विद्युत सब स्टेशन इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसके शुरू होने से नागलोक क्षेत्र में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

लंबे समय से बिजली संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे क्षेत्रवासियों ने विद्युत सब स्टेशन के निर्माण पर प्रसन्नता व्यक्त की है। ग्रामीणों ने इस महत्वपूर्ण सुविधा के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए उम्मीद व्यक्त की है कि सब स्टेशन के शुरू होने से क्षेत्र में लो वोल्टेज की समस्या दूर होगी और बिजली आपूर्ति व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार आएगा।