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Sunday, October 25, 2026
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माता पंडाल के पास लगी रस्‍सी में फंसा युवक का गला, एक की मौत, दूसरा घायल, पुलिस ने दर्ज की FIR

 CG News: अंबिकापुर में नवरात्रि के पंडाल के पास सड़क के बीचों बीच रस्सी बांधने की वजह से बड़ी घटना हाे गई. बैरिकेडिंग के नाम पर लगाई गई रस्सी से फंसकर एक बाइक सवार युवक की मौत हो गई. वहीं एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया. पूरी घटना कल रात की बताई जा रही है. घटना के बाद युवक दोनों युवक को अस्‍पताल लेकर जाया गया, जहां एक की मौत हो गई और दूसरे का इलाज जारी है.

परिजनों ने दुर्गा पूजा समिति पर लगाए आरोप

इस घटना में मृतक फैजान के परिजनो ने कोतवाली थाने में पहुंचकर उचित कार्रवाई की मांग की है. परिजनों ने दुर्गा पूजा समिति के पदाधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है. घटना का मुख्‍य कारण सड़क पर बैरिकेडिंग के नाम पर लगी रस्‍सी जो रात में नहीं दिखने को वजह बताया है. आरोप है कि रस्‍सी में फंसकर युवक को करंट के तार की चपेट में फंसा था. पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज करके जांच शुरू कर दी है.

रस्‍सी में गला फंसने से युवक की मौत

जानकारी के अनुसार, युवक रस्‍सी नहीं देख पाए थे, जिसकी वजह से रस्‍सी गले में फंस गई और दोनो बाइक से‍ नीचे गिर गए. आराेप है कि इसी समय उन्‍हें करंट भी लगा. दोनों को अस्‍पताल में भर्ती किया गया, जहां फैजान की मौत हो गई.

मुस्लिम समाज ने थाने का किया घेराव

वहीं दूसरा युवक घायल है, जिसका इलाज अस्‍पताल में चल रहा है. घटना के बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने बड़ी संख्‍या में इकठ्ठा होकर थाने का घेराव किया. पुलिस ने स्‍थति की गंभीरता को देखते हुए पंडाल में चल रहे जगराता कार्यक्रम को बंदा करा दिया. इसके साथ ही आयोजन स्‍थल पर बड़ी संख्‍या में पुलिस बल की तैनाती की गई.

छत्तीसगढ़ में CM हेल्पलाइन पर 2.31 लाख शिकायतें दर्ज, 88.85 फीसदी का निराकरण, लापरवाही पर तहसीलदार निलंबित

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए शुरू की गई CM हेल्पलाइन 1076 के जरिए प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इस हेल्पलाइन पर अब तक 2 लाख 31 हजार 850 शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें से 2 लाख 5 हजार 996 का निराकरण किया जा चुका है। इस तरह कुल शिकायतों में 88.85 प्रतिशत का समाधान हुआ है, जबकि 25 हजार 854 मामले अभी लंबित हैं।9 जून से 15 अक्टूबर 2026 तक के आंकड़ों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने व्यवस्था के शुरुआती परिणामों को उत्साहजनक बताया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों का निराकरण केवल सरकारी आंकड़ों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। संबंधित नागरिक को वास्तविक राहत मिलना ही कार्रवाई की सफलता का आधार होना चाहिए।

हेल्पलाइन कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री ने की समीक्षा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शुक्रवार को नवा रायपुर के सीबीडी भवन स्थित CM हेल्पलाइन कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने शिकायतों के निपटारे की स्थिति का जायजा लिया और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के कलेक्टरों से चर्चा की।इस दौरान मुख्यमंत्री ने अलग-अलग जिलों के शिकायतकर्ताओं से सीधे बातचीत कर जाना कि उनकी समस्याओं का समाधान हुआ है या नहीं। कुछ नागरिकों ने अपनी शिकायतों के निराकरण के बाद संतुष्टि जताई और अपने अनुभव साझा किए।समीक्षा के दौरान कबीरधाम जिले के पिपरिया में पदस्थ तहसीलदार प्रमोद कुमार चंद्रवंशी के खिलाफ शिकायतों के निराकरण में गंभीर लापरवाही सामने आने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया। इस कार्रवाई के जरिए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि नागरिकों की समस्याओं की अनदेखी करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

ट्रांसफॉर्मर खराब होने से परेशान 85 परिवारों को मिली राहत

गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र के निवासी दमन साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके गांव में ट्रांसफॉर्मर खराब होने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। इससे लगभग 80 से 85 परिवार प्रभावित हो रहे थे। स्थानीय स्तर पर समस्या का समाधान नहीं होने के बाद उन्होंने CM हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई।शिकायत दर्ज होने के करीब एक सप्ताह के भीतर गांव में नया ट्रांसफॉर्मर लगा दिया गया और बिजली आपूर्ति बहाल हो गई। मुख्यमंत्री ने इस मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों पर तत्काल ध्यान दिया जाना चाहिए, क्योंकि समय पर की गई कार्रवाई से बड़ी संख्या में परिवारों को राहत मिल सकती है।

आवास की दूसरी किस्त के लिए नहीं करना पड़ा लंबा इंतजार

जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड निवासी वीरेंद्र यादव ने प्रधानमंत्री आवास योजना की दूसरी किस्त मिलने में देरी की शिकायत की थी। भुगतान लंबित होने से उनके मकान का निर्माण प्रभावित हो रहा था।CM हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के लगभग दस दिनों के भीतर उनके बैंक खाते में 55 हजार रुपये की दूसरी किस्त पहुंच गई। इससे उन्हें अधूरे आवास का निर्माण आगे बढ़ाने में मदद मिली।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय पर राशि उपलब्ध कराई जाए, ताकि आर्थिक सहायता में देरी के कारण निर्माण कार्य नहीं रुके।

नौ महीने से बंद पेंशन दोबारा शुरू, बकाया राशि भी मिली

मुंगेली जिले के ग्राम करही निवासी तोरण साहू ने अपनी माताजी की पेंशन करीब नौ महीने से बंद होने की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की जांच और संबंधित विभाग की कार्रवाई के बाद पेंशन फिर से शुरू कर दी गई। इसके साथ ही लंबित राशि का भुगतान भी किया गया।मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन बुजुर्गों, विधवा महिलाओं, दिव्यांगजनों और अन्य पात्र लाभार्थियों के लिए आर्थिक सहारा है। ऐसे मामलों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले और उन्हें अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

रोजाना 1500 से 2000 शिकायतें पहुंच रहीं हेल्पलाइन पर

समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि CM हेल्पलाइन 1076 पर प्रतिदिन औसतन 1500 से 2000 शिकायतें दर्ज की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया में तेजी लाने के साथ उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।उन्होंने निर्देश दिए कि किसी शिकायत को बंद करने से पहले यह पुष्टि की जाए कि संबंधित नागरिक की समस्या वास्तव में दूर हुई है। इसके लिए शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेने की व्यवस्था को मजबूत बनाने की जरूरत बताई गई।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन के लिए कोई मामला सामान्य हो सकता है, लेकिन उस समस्या से जूझ रहे नागरिक के लिए वह गंभीर परेशानी का कारण बन सकता है। राशन कार्ड, पेंशन, बिजली, पेयजल, आवास की किस्त और राजस्व से जुड़े मामलों में देरी का सीधा असर आम लोगों के जीवन पर पड़ता है।

बार-बार मिल रही शिकायतों की वजह तलाशेंगे विभाग

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का विभागवार और जिलावार विश्लेषण किया जाए। यदि किसी विभाग, योजना या सेवा से संबंधित एक जैसी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, तो उनके पीछे के कारणों की पहचान कर व्यवस्था में सुधार किया जाए।उन्होंने कहा कि CM हेल्पलाइन का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि सरकारी सेवाओं में मौजूद खामियों को सामने लाना और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करना भी है।शिकायतों का समय पर समाधान करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की आवश्यकता भी बताई। उनका जोर इस बात पर रहा कि शिकायतों के निपटारे में देरी होने पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।

बस्तर और वनांचल क्षेत्रों में हेल्पलाइन का होगा प्रचार

CM हेल्पलाइन की पहुंच बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने बस्तर संभाग सहित दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसके तहत ग्राम पंचायतों, उचित मूल्य की दुकानों और कॉमन सर्विस सेंटरों में दीवार लेखन सहित विभिन्न माध्यमों से हेल्पलाइन की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिक से अधिक नागरिकों को इस सुविधा के बारे में जानकारी होनी चाहिए, ताकि वे अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकें। शिकायत दर्ज करने, संबंधित विभाग तक मामला पहुंचाने, निर्धारित समय में निराकरण करने और शिकायतकर्ता से प्रतिक्रिया लेने की पूरी प्रक्रिया सरल और प्रभावी बनाई जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास सुशासन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। इसे बनाए रखने के लिए प्रशासन को संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करना होगा।

समीक्षा बैठक में वरिष्ठ अधिकारी भी रहे मौजूद

CM हेल्पलाइन की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत और विशेष सचिव रजत बंसल सहित विभिन्न विभागों के सचिव शामिल हुए। सभी जिलों के कलेक्टरों ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में हिस्सा लिया।

लंबित 25 हजार से अधिक शिकायतों का समाधान अगली चुनौती

अब तक 88.85 प्रतिशत शिकायतों का निराकरण हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली के लिहाज से महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हालांकि, 25 हजार 854 शिकायतों का लंबित रहना प्रशासन के सामने चुनौती भी है। व्यवस्था की प्रभावशीलता इस बात से तय होगी कि इन मामलों का कितनी तेजी से और कितनी गुणवत्ता के साथ समाधान किया जाता है।मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद शिकायतों के वास्तविक निराकरण, नागरिकों से फीडबैक और लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही पर विशेष ध्यान दिए जाने की उम्मीद है।

3,500 लोगों को मिलेगा रोजगार, नवा रायपुर में स्थापित होगी प्रदेश की पहली कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकाई

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में यश फैन्स की नई औद्योगिक इकाई का भूमिपूजन।₹152.74 करोड़ के निवेश से स्थापित होगी इकाई, हजारों परिवारों को मिलेगा आजीविका का मजबूत आधार।

प्रदेश में ही होगा स्टील और एल्युमिनियम का वैल्यू एडिशन, स्थानीय सहायक उद्योगों और उद्यमियों के लिए भी खुलेंगे नए अवसर ‘मेड इन छत्तीसगढ़’ की पहचान के साथ देशभर के घरों तक पहुंचेंगे यहां निर्मित उत्पाद : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर, 17 अक्टूबर 2026

छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पहल हुई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में नवा रायपुर में यश फैन्स की नई औद्योगिक इकाई का भूमिपूजन किया गया। ₹152.74 करोड़ के निवेश से स्थापित होने वाली इस इकाई में 3,500 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।

यह छत्तीसगढ़ की पहली कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकाई होगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को अपने ही राज्य में रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इसी सोच के साथ औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में ऐसे उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जो बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करें। उन्होंने कहा कि यश फैन्स की यह इकाई केवल एक औद्योगिक निवेश नहीं, बल्कि 3,500 लोगों और उनके परिवारों के लिए आर्थिक संबल तथा बेहतर भविष्य का अवसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस इकाई की स्थापना से छत्तीसगढ़ कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भी कदम रखेगा। यश फैन्स द्वारा क्रॉम्पटन, हैवेल्स, उषा और मिल्टन जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड्स के लिए इलेक्ट्रिक फैन्स एवं किचन एप्लायंसेस का निर्माण किया जाता है।

नई इकाई प्रारंभ होने के बाद इन ब्रांड्स के उत्पाद अब छत्तीसगढ़ की धरती पर भी बनाए जाएंगे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस परियोजना से प्रत्यक्ष रोजगार के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यवसाय की नई श्रृंखला भी विकसित होगी। कल-पुर्जों की आपूर्ति, पैकेजिंग, परिवहन और अन्य सहायक सेवाओं की मांग बढ़ने से स्थानीय उद्यमियों और छोटे व्यवसायों के लिए नए अवसर बनेंगे। इससे नवा रायपुर और आसपास के क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

कवर्धा में ग्रामीणों की शिकायत पर एक्शन में डिप्टी सीएम विजय शर्मा, खराब सड़क दोबारा बनाने के निर्देश, 74.80 लाख के विकास कार्यों की घोषणा

 कवर्धा। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंपर्क के दौरान लोगों की समस्याएं सुनीं और विकास कार्यों को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। 16 अक्टूबर 2026 को कबीरधाम जिले के ग्राम बंदौरा और ठकुराइनटोला में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान उन्होंने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी मांगों और परेशानियों की जानकारी ली। इस दौरान सड़क, सामाजिक भवन, कबीर कुटी, नवधा मंच और मुक्तिधाम सहित विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए कुल 74 लाख 80 हजार रुपये देने की घोषणा की गई।ग्राम बंदौरा में सड़क की खराब स्थिति की शिकायत सामने आने पर उप मुख्यमंत्री ने तत्काल संबंधित अधिकारी से फोन पर बात की। उन्होंने सड़क को उखाड़कर नए सिरे से बनाने के निर्देश दिए। इस कार्रवाई के जरिए उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और ग्रामीणों की शिकायतों के त्वरित निराकरण पर जोर दिया।

ग्रामीणों के बीच पहुंचकर सुनी समस्याएं

जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान विजय शर्मा ने ग्रामीणों के साथ सीधे संवाद किया। उन्होंने गांवों में सड़क, सामुदायिक भवन, धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के लिए मंच और दूसरी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली। ग्रामीणों ने अपनी जरूरतों से उन्हें अवगत कराया, जिसके बाद विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए राशि देने की घोषणाएं की गईं।उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप प्राथमिकता दी जाए। साथ ही पात्र नागरिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने और लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान करने पर भी ध्यान दिया जाए।

बंदौरा में 41 लाख रुपये के निर्माण कार्यों की घोषणा

ग्राम बंदौरा में विकास कार्यों के लिए कुल 41 लाख रुपये देने की घोषणा की गई। इसके तहत वार्ड क्रमांक 10 में कबीर कुटी के निर्माण के लिए 10 लाख रुपये, सामाजिक भवन के लिए 10 लाख रुपये और नवधा मंच बनाने के लिए 3 लाख रुपये दिए जाएंगे।इसके अलावा मुक्तिधाम में शेड निर्माण और गांव में अन्य शेड बनाने के लिए 18 लाख रुपये की घोषणा की गई। इन कार्यों से ग्रामीणों को सामाजिक, धार्मिक और सामुदायिक आयोजनों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

ठकुराइनटोला और नयापारा को भी मिली सौगात

ग्राम ठकुराइनटोला में सीसी सड़क निर्माण के लिए 7.80 लाख रुपये, सामाजिक भवन के लिए 10 लाख रुपये और मुक्तिधाम निर्माण के लिए 6 लाख रुपये देने की घोषणा की गई। वहीं, ग्राम नयापारा पंचायत में सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए 10 लाख रुपये की राशि घोषित की गई।इन घोषणाओं के माध्यम से गांवों में आवागमन, सामाजिक गतिविधियों और सामुदायिक आयोजनों के लिए आवश्यक सुविधाओं का विस्तार करने की योजना है।

कवर्धा में 54 करोड़ रुपये से बन रही फोरलेन सड़क

ग्रामीणों से संवाद के दौरान उप मुख्यमंत्री ने कवर्धा शहर में चल रहे विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बिलासपुर रोड और रायपुर रोड से शहर में प्रवेश करने वाले मार्गों पर लगभग 54 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन सड़क का निर्माण कराया जा रहा है।इस परियोजना से शहर में वाहनों की आवाजाही को अधिक सुगम बनाने और यातायात व्यवस्था में सुधार लाने की उम्मीद है।

भोरमदेव मंदिर के विकास पर 146 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए विजय शर्मा ने बताया कि प्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर के विकास के लिए 146 करोड़ रुपये के कार्य किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से धार्मिक पर्यटन से जुड़ी सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।सरकार की योजना धार्मिक स्थलों के विकास के साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देने की है।

85 स्कूलों में डिजिटल शिक्षा का विस्तार

शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का जिक्र करते हुए उप मुख्यमंत्री ने बताया कि कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के 85 हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा की सुविधा विकसित की जा रही है। इनमें से 50 स्कूलों में डिजिटल बोर्ड लगाए जा चुके हैं, जबकि शेष 35 स्कूलों में भी इन्हें स्थापित करने की योजना है।डिजिटल सुविधाओं के विस्तार से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही उन्होंने कवर्धा में मेडिकल कॉलेज शुरू होने और उसके भवन निर्माण से संबंधित जानकारी भी साझा की।

गन्ना किसानों को 425 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य

किसानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए विजय शर्मा ने बताया कि राज्य में गन्ने का मूल्य बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और कृषि क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने के लिए सरकार प्रयास कर रही है।इसके अलावा गांवों में महतारी सदन के निर्माण की योजना पर भी काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराना है।

बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर जोर

उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास के लिए सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और विकास योजनाओं का क्रियान्वयन जरूरतों के अनुसार किया जाए।बंदौरा, ठकुराइनटोला और नयापारा के लिए घोषित कुल 74.80 लाख रुपये के निर्माण कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी और सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है। इन योजनाओं का वास्तविक लाभ निर्माण कार्य शुरू होने, उनकी गुणवत्ता और समय पर पूरा होने पर निर्भर करेगा।

रायपुर में कचरे से बनेगी स्वच्छ ऊर्जा, नवा रायपुर के कुर्रु गांव में 150 टन जैविक अपशिष्ट से तैयार होगी बायो गैस

रायपुर :  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कचरे के बेहतर प्रबंधन और वैकल्पिक ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कम्प्रेस्ड बायो गैस प्लांट स्थापित करने की तैयारी चल रही है। इस परियोजना के लिए पहले ग्राम रावाभांटा में जमीन चिन्हित की गई थी, लेकिन अब इसे नवा रायपुर अटल नगर के ग्राम कुर्रु में स्थानांतरित कर दिया गया है। नगर निगम के मुताबिक, परियोजना को रद्द नहीं किया गया है, बल्कि इसके निर्माण स्थल में बदलाव किया गया है। प्रस्तावित संयंत्र में प्रतिदिन 100 से 150 टन जैविक कचरे का प्रसंस्करण कर गैस तैयार करने की योजना है।

कुर्रु में स्थापित होगा नया संयंत्र

रायपुर नगर निगम ने शहर से निकलने वाले गीले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान करने और उससे उपयोगी ऊर्जा तैयार करने के उद्देश्य से यह परियोजना शुरू की है। इसके तहत घरेलू गीले कचरे, गोबर और कृषि अपशिष्ट का इस्तेमाल किया जाएगा।परियोजना के लिए पहले रावाभांटा में भूमि चिन्हित की गई थी। बाद में नवा रायपुर के कुर्रु गांव में जमीन आवंटित की गई। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि संयंत्र बनाने की योजना जारी है और केवल इसके स्थान में बदलाव किया गया है।

BPCL के जिम्मे निर्माण से लेकर संचालन तक की जिम्मेदारी

इस परियोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए रायपुर नगर निगम, छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (CBDA) और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के बीच त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं।समझौते के अनुसार, संयंत्र के निर्माण, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी BPCL संभालेगी। फिलहाल परियोजना स्थल पर बाउंड्री वॉल बनाने का काम चल रहा है। मुख्य संयंत्र के संचालन और रखरखाव के लिए एजेंसी का चयन कर कार्य आदेश भी जारी किया जा चुका है। इसके साथ ही प्लांट की ड्राइंग और डिजाइन तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

गीले कचरे, गोबर और कृषि अपशिष्ट से तैयार होगी गैस

प्रस्तावित संयंत्र में रायपुर शहर, नवा रायपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों से एकत्र किए जाने वाले जैविक कचरे का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें घरों से निकलने वाला गीला कचरा, पशुओं का गोबर और कृषि अवशेष शामिल होंगे।इन सामग्रियों को प्रसंस्कृत करके कम्प्रेस्ड बायो गैस (CBG) तैयार की जाएगी। इससे जैविक कचरे को उपयोगी ईंधन में बदलने का अवसर मिलेगा। गैस उत्पादन की प्रक्रिया के बाद बचने वाले जैविक पदार्थ से लिक्विड फर्मेंटेड मैन्योर (LFM) तैयार करने की भी योजना है। इस उत्पाद का इस्तेमाल खेतों में जैविक खाद के तौर पर किया जा सकेगा।

रोजाना 750 टन कचरे का प्रबंधन कर रहा निगम

रायपुर नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार, शहर में प्रतिदिन करीब 750 टन ठोस कचरा निकलता है। मौजूदा अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था के तहत इससे प्रतिदिन लगभग 20 टन कम्पोस्ट खाद तैयार की जाती है। इसके अलावा करीब 200 टन आरडीएफ यानी कचरे से तैयार होने वाला ईंधन भी उत्पादित किया जाता है।नगर निगम के मुताबिक, तैयार कम्पोस्ट को फर्टिलाइजर कंपनियां खरीदती हैं, जबकि आरडीएफ को सीमेंट संयंत्रों में ईंधन के रूप में उपयोग के लिए भेजा जाता है। इस व्यवस्था के माध्यम से कचरे में मौजूद उपयोगी पदार्थों का दोबारा इस्तेमाल किया जा रहा है।

80 से 90 प्रतिशत कचरे के पुनः उपयोग का दावा

नगर निगम का दावा है कि शहर से निकलने वाले कुल कचरे के लगभग 80 से 90 प्रतिशत हिस्से का पुनः उपयोग किया जाता है। प्रसंस्करण योग्य नहीं होने वाले अवशिष्ट कचरे को वैज्ञानिक पद्धति से सेनेटरी लैंडफिल में रखा जाता है।इस व्यवस्था का उद्देश्य खुले में कचरा फेंकने की जरूरत को कम करना, उपयोगी संसाधनों को दोबारा इस्तेमाल में लाना और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को नियंत्रित करना है। प्रस्तावित बायो गैस प्लांट शुरू होने से जैविक कचरे के निपटान के लिए एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध हो सकेगा।

निर्माण की तैयारी जारी, उत्पादन शुरू होने की तारीख स्पष्ट नहीं

नगर निगम के अनुसार, कुर्रु गांव में परियोजना के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। निर्माण स्थल पर बाउंड्री वॉल बनाने का काम जारी है और संयंत्र की डिजाइन तैयार की जा रही है। संचालन एवं रखरखाव के लिए एजेंसी को कार्य आदेश भी दिया जा चुका है।हालांकि, उपलब्ध जानकारी में मुख्य संयंत्र का निर्माण पूरा होने और व्यावसायिक स्तर पर गैस उत्पादन शुरू होने की निश्चित तारीख का उल्लेख नहीं किया गया है।

स्वच्छ ऊर्जा और खेती दोनों को मिल सकता है लाभ

कुर्रु में प्रस्तावित यह परियोजना कचरा प्रबंधन को ऊर्जा उत्पादन से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। इसके जरिए जैविक अपशिष्ट को उपयोगी ईंधन में बदलने के साथ कृषि के लिए जैविक खाद तैयार करने की भी संभावना है।यदि संयंत्र निर्धारित क्षमता के अनुसार संचालित होता है, तो रायपुर, नवा रायपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से निकलने वाले जैविक कचरे के निपटान में मदद मिल सकती है। साथ ही वैकल्पिक ईंधन के उत्पादन और संसाधनों के बेहतर उपयोग को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

पंचांग: नवरात्रि के सांतवे दिन मां कालरात्रि की पूजा से मिलेगा आशीर्वाद, दिन बेहद शुभ

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पंचांग  : आज 17 अक्टूबर, 2026 शनिवार, के दिन आश्विन महीने की शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि है. भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) इस तिथि के शासक है. जमीन-जायदाद या नए गहने खरीदने के लिए यह तिथि बहुत शुभ मानी जाती है.

17 अक्टूबर का पंचांग :

  • विक्रम संवत : 2083
  • मास : आश्विन
  • पक्ष : शुक्ल पक्ष षष्ठी
  • दिन : शनिवार
  • तिथि : शुक्ल पक्ष षष्ठी
  • योग : अतिगंड
  • नक्षत्र : मूल
  • करण : तैतिल
  • चंद्र राशि : धनु
  • सूर्य राशि : कन्या
  • सूर्योदय : 06:23:00 AM
  • सूर्यास्त : 05:49:00 PM
  • चंद्रोदय : 12:28 PM
  • चंद्रास्त : 10:30 PM
  • राहुकाल : 09:14 से 10:40
  • यमगंड : 13:32 से 14:58

आज का नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा धनु राशि और मूल नक्षत्र में रहेगा. यह नक्षत्र धनु राशि में 0 से लेकर 13:20 डिग्री तक फैला है. इसके देवता नैऋति है और शासक ग्रह केतु है. यह बिल्कुल भी शुभ नक्षत्र नहीं है. किसी भी तरह के शुभ कार्यों को इस नक्षत्र में टालना चाहिए. हालांकि, खंडहर तोड़ने का काम, अलगाव या तांत्रिक कार्य इस नक्षत्र में किए जा सकते हैं.

आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 09:14 से 10:40 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.

मेष, वृषभ और सिंह राशि वालों के लिए कैसा रहेगा शनिवार? जानें शुभ रंग, भाग्य अंक और दिन का हाल

 Aaj Ka Rashifal 17 October 2026: 17 अक्टूबर 2026 का दिन कुछ राशियों के लिए करियर और कारोबार में तरक्की के अवसर ला सकता है. जबकि कुछ को वाणी, गुस्से और स्वास्थ्य पर ध्यान देना होगा. जानें सभी 12 राशियों का राशिफल, शुभ रंग और भाग्य अंक.

आज शनिवार का दिन आपके लिए कैसा रहने वाला है. क्या नौकरी में तरक्की के मौके मिलेंगे, कारोबार में फायदा होगा या परिवार और रिश्तों में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. आचार्य मदनमोहन के अनुसार, सभी 12 राशियों के लिए दिन के संकेत अलग-अलग हैं. कुछ राशि वालों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है, तो कुछ को अपनी वाणी और गुस्से पर नियंत्रण रखने की जरूरत होगी. आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी राशियों का दैनिक राशिफल, शुभ रंग, भाग्य अंक और दान से जुड़ी जानकारी.

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए दिन मेहनत और जिम्मेदारी से जुड़ा रह सकता है. आपको किसी नए काम की अगुवाई करनी पड़ सकती है. हालांकि, सहकर्मियों या करीबी लोगों के साथ छोटी-मोटी बहस होने की आशंका है, इसलिए अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें. नौकरी और कारोबार में मेहनत का लाभ मिल सकता है. राजनीति से जुड़े लोगों से संपर्क भी फायदेमंद हो सकता है. कानूनी विवादों में राहत मिलने और शुभ समाचार प्राप्त होने के संकेत हैं. विद्यार्थियों का पढ़ाई में मन लगेगा और बच्चों के अच्छे परिणाम से खुशी मिल सकती है. दांपत्य जीवन में सुख बना रह सकता है.

भाग्य अंक: 2

शुभ रंग: लाल

दान: अनार

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए सुख-सुविधाओं से जुड़ी खरीदारी के योग बन सकते हैं. परिवार में खुशियां बढ़ सकती हैं और मंदिर में दर्शन करने का अवसर मिल सकता है. नौकरी या पद से जुड़ी अच्छी खबर आपका मन प्रसन्न कर सकती है. विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई पर ध्यान देने का समय है. अगर आप कोई नया काम शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो उसकी रूपरेखा पर गंभीरता से विचार करें. वहीं, कानूनी विवादों और ऐसे लोगों से दूरी बनाए रखना बेहतर होगा, जो आपके खिलाफ गलतफहमी पैदा कर सकते हैं. दूसरों की बातों में आने के बजाय अपने काम पर ध्यान दें.

भाग्य अंक: 3

शुभ रंग: सफेद

दान: चावल

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए कामकाज के लिहाज से दिन उत्साह बढ़ाने वाला हो सकता है. नौकरी में पदोन्नति के अवसर मिल सकते हैं और पहले से बनाई गई योजनाएं आगे बढ़ सकती हैं. संपत्ति से जुड़े मामलों में लाभ या किसी उपयोगी वस्तु की खरीदारी के योग बन सकते हैं. आपके काम करने की क्षमता बढ़ सकती है और मेहनत से अच्छे परिणााम मिलने की उम्मीद रहेगी. किसी योजना को पूरा करने के लिए दूसरे व्यक्ति की मदद की जरूरत पड़ सकती है. ऐसे में सहयोग लेने से हिचकिचाएं नहीं. लगातार प्रयास करते रहें और किसी भी काम को अधूरा छोड़ने से बचें.

भाग्य अंक: 5

शुभ रंग: नीला

दान: मूंग दाल

कर्क राशि

कर्क राशि वालों को कामकाज में मित्रों या परिचितों का सहयोग मिल सकता है. किसी अधूरे काम को पूरा करने में मदद मिलने की संभावना है. सुख-सुविधाओं से जुड़ी कोई वस्तु खरीदने का विचार भी बन सकता है. परिवार की जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, इसलिए काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाए रखें. बातचीत करते समय शब्दों का चयन सोच-समझकर करें. कानूनी विवादों में नया मोड़ आ सकता है, इसलिए जल्दबाजी में कोई फैसला न लें. कुछ मामलों में अच्छे और चुनौतीपूर्ण, दोनों तरह के समाचार मिल सकते हैं. योजनाओं को पूरा करने के लिए धैर्य और समझदारी से काम लेना जरूरी होगा.

भाग्य अंक: 4

शुभ रंग: सफेद

दान: सीसा

सिंह राशि

सिंह राशि वालों को किसी बड़ी योजना को पूरा करने में मित्रों का सहयोग मिल सकता है. जमीन, मकान या वाहन से जुड़े सौदों में लाभ की संभावना है. सामाजिक जीवन में मान-सम्मान बढ़ सकता है और परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा. प्रेम संबंधों में भी व्यस्तता रह सकती है. हालांकि, हर व्यक्ति से जरूरत से ज्यादा उम्मीद रखना ठीक नहीं होगा. किसी महत्वपूर्ण काम में सहयोग न मिलने पर निराश होने के बजााय अपनी योजना पर ध्यान दें. परिस्थितियों में बदलाव आ सकता है, इसलिए सोच-समझकर फैसले लें. परिवार का साथ आपको मानसिक सुकून दे सकता है.

भाग्य अंक: 6

शुभ रंग: पीला

दान: अनार

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए मेहनत सफलता की कुंजी साबित हो सकती है. कामकाज में आगे बढ़ने के नए रास्ते खुल सकते हैं और सुख-सुविधाओं से जुड़ी चीजें हासिल करने का अवसर मिल सकता है. हालांकि, बनते-बिगड़ते कामों से घबराने की जरूरत नहीं है. परिचित लोगों के साथ आर्थिक या निजी मामलों में सावधानी बरतें और किसी पर आंख बंद करके भरोसा न करें. दिन में कुछ शुभ तो कुछ चुनौतीपूर्ण समाचार भी मिल सकते हैं. कर्ज, विवाद या दूसरी परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है. अपने लक्ष्य पर ध्यान बनााए रखें और जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला न लें.

भाग्य अंक: 8

शुभ रंग: हरा

दान: अमरूद

तुला राशि

तुला राशि वालों को दिनभर अपने स्वास्थ्य और रिश्तों पर ध्यान देने की जरूरत हो सकती है. जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा, लेकिन रोजमर्रा के कामों में कुछ रुकावटें आ सकती हैं. छोटी यात्रा की योजना बन सकती है. विरोधियों या अनावश्यक विवादों से दूरी बनाए रखना बेहतर होगा. किसी अनजान व्यक्ति से दोस्ती करते समय सावधानी बरतें और निजी जानकारी साझा करने से बचें. अगर कोई काम उम्मीद के मुताबिक नहीं हो रहा है, तो धैर्य रखें. बेवजह की बहस में समय गंवाने के बजाय जरूरी कामों को प्राथमिकता दें. स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर लापरवाही न करें.

भाग्य अंक: 7

शुभ रंग: सिल्वर

दान: सफेद वस्त्र

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों को अपने गुस्से पर नियंत्रण रखने की जरूरत होगी. जमीन या वाहन से जुड़े मामलों में राहत मिलने की संभावना है. कारोबार में लाभ के अवसर मिल सकते हैं और नई दिशा में आगे बढ़ने का विचार बन सकता है. सुख-सुविधाओं से जुड़ी वस्तुओं की खरीदारी भी संभव है. कामकाज में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन समझदारी से उन्हें संभालने पर अच्छे परिणाम मिल सकते हैं. किसी विवाद को बातचीत से सुलझााने की कोशिश करें. भावनाओं में आकर फैसला लेने के बजाय तथ्यों को समझें. धैर्य और संयम आपके लिए उपयोगी रहेंगे.

भाग्य अंक: 8

शुभ रंग: लाल

दान: लाल मसूर की दाल

धनु राशि

धनु राशि वालों को राजनीतिक या सामाजिक संपर्कों से फायदा मिल सकता है. लंबे समय से अटका हुआ कोई काम पूरा होने की संभावना है. कारोबार में पहले दिया गया धन वापस मिलने या आमदनी के नए रास्ते खुलने के संकेत हैं. परिवार में खुशी का माहौल रह सकता है और किसी शुभ आयोजन की योजना बन सकती है. दोस्तों के साथ यात्रा का अवसर भी मिल सकता है. हालांकि, आर्थिक मदद के लिए दूसरों पर बहुत ज्यादा निर्भर न रहें. पड़ोसियों या परिचितों के साथ विवाद की स्थिति बने, तो बातचीत से मामला सुलझाने की कोशिश करें. जमीन या वाहन से जुड़े लेन-देन में दस्तावेजों की जांच जरूर करें.

भाग्य अंक: 9

शुभ रंग: केसरिया

दान: हल्दी

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए नौकरी और करियर से जुड़ी अच्छी खबर मिलने की संभावना है. कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ सकती है और नए अवसर सामने आ सकते हैं. कारोबार करने वाले लोग नया काम शुरू करने की योजना बना सकते हैं. मेहनत अधिक रह सकती है, इसलिए समय का सही इस्तेमाल करना जरूरी होगा. अचाानक आर्थिक लाभ की संभावना के बीच खर्च और बचत का संतुलन बनाए रखें. समझदारी से लिए गए फैसले आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद कर सकते हैं. सामाजिक जीवन में मान-सम्मान बढ़ने के संकेत हैं. किसी भी बड़े निवेश से पहले पूरी जानकारी जुटाना बेहतर रहेगा.

भाग्य अंक: 8

शुभ रंग: काला

दान: उड़द की दाल

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए दिन कई मामलों में राहत देने वाला हो सकता है. कानूनी विवाद सुलझने या दूर स्थान से शुभ समाचार मिलने की संभावना है. नौकरी में पदोन्नति अथवा नई जिम्मेदारी का अवसर मिल सकता है. बच्चों की पढ़ाई या उनके परिणाम से खुशी मिल सकती है. परिवार में हंसी-खुशी का माहौल रहेगा और धार्मिक यात्रा की योजना भी बन सकती है. दांपत्य जीवन में आपसी तालमेल बनाए रखने से रिश्ते मजबूत होंगे. नया काम शुरू करने का विचार है, तो पहले उसकी तैयारी और जरूरी संसाधनों पर ध्यान दें.

भाग्य अंक: 6

शुभ रंग: नीला

दान: हरा पालक

मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए पुरानी निराशा से बाहर निकलकर आगे बढ़ने का समय हो सकता है. परिवार के सहयोग से कोई जरूरी काम पूरा होने की संभावना है. कारोबार में मेहनत के साथ आगे बढ़ने पर आर्थिक तरक्की के अवसर मिल सकते हैं. पहले दिया गया धन वापस मिलने की उम्मीद भी है. हालांकि, शारीरिक या व्यावसायिक परेशानियां बढ़ सकती हैं, इसलिए अपनी जिम्मेदारियों को योजनाबद्ध तरीके से पूरा करें. मुश्किल परिस्थितियों में धैर्य रखें और जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें. आर्थिक माामलों में सोच-समझकर कदम उठाने से भविष्य की योजनाओं को बेहतर ढंग से आगे बढ़ाया जा सकता है.

भाग्य अंक: 8

शुभ रंग: नारंगी

दान: चने की दाल

अवैध रेत परिवहन पर खनिज विभाग की कार्रवाई, 6 हाइवा वाहन जब्त

बेमेतरा, 16 अक्टूबर 2026

कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देशानुसार जिले में अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन पर रोक लगाने के लिए खनिज विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में खनिज शाखा, जिला बेमेतरा द्वारा 14 एवं 15 अक्टूबर 2026 को ग्राम कठिया-राका के आसपास के क्षेत्र में रेत का अवैध परिवहन करते पाए जाने पर 6 हाइवा वाहनों को जब्त किया गया।

जब्त वाहनों को सुरक्षार्थ संबंधित थाना की अभिरक्षा में रखा गया है। खनिज विभाग द्वारा उक्त वाहनों के विरुद्ध अवैध उत्खनन एवं परिवहन के प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इन प्रकरणों में खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 से 23-ख के तहत प्रशमन की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।

खनिज विभाग द्वारा जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए निगरानी एवं कार्रवाई की जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

900 ग्राम के नवजात को मिला नया जीवन, दो महीने के उपचार के बाद अस्पताल से मिली छुट्टी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ ने गंभीर हालत में भर्ती महज 900 ग्राम वजन के नवजात को बचाने में सफलता हासिल की है। समय से पहले जन्मे इस बच्चे को सांस लेने में परेशानी और गंभीर एनीमिया की समस्या थी। करीब दो महीने तक चले उपचार और विशेष देखभाल के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ। इसके बाद 8 अक्टूबर 2026 को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।यह मामला दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं और नवजात शिशुओं के उपचार में विशेष देखभाल की भूमिका को उजागर करता है।

जन्म के समय बेहद नाजुक थी शिशु की हालत

गौरेला विकासखंड के चुकतीपानी गांव की निवासी गोमती के बच्चे का जन्म समय से पहले हुआ था। जन्म के समय उसका वजन केवल 900 ग्राम था। सांस लेने में दिक्कत और गंभीर एनीमिया के कारण उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई थी।शिशु की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला चिकित्सालय की विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में भर्ती कराया गया। यहां चिकित्सकों और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ ने तत्काल उपचार शुरू करते हुए उसकी सेहत की लगातार निगरानी की।

ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ दो यूनिट रक्त चढ़ाया

इलाज के दौरान नवजात को लगभग दो सप्ताह तक ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया। गंभीर एनीमिया से निपटने के लिए उसे दो यूनिट रक्त भी चढ़ाया गया। इसके अलावा शरीर का तापमान सामान्य बनाए रखने और पर्याप्त पोषण देने के लिए जरूरी चिकित्सकीय प्रबंध किए गए।बच्चे का वजन बढ़ाने और उसकी सेहत में सुधार के लिए कंगारू मदर केयर (केएमसी) तथा नियमित फीडिंग पर विशेष ध्यान दिया गया। लगातार निगरानी और उपचार के परिणामस्वरूप धीरे-धीरे उसकी हालत बेहतर होने लगी। करीब दो महीने में उसका वजन बढ़कर 1.35 किलोग्राम पहुंच गया। स्वास्थ्य में संतोषजनक सुधार के बाद 8 अक्टूबर को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

दूरस्थ गांव के परिवार को जिला अस्पताल में मिला सहारा

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जैसे वनांचल बहुल जिले में गंभीर स्थिति वाले नवजात का सफल उपचार जिला स्तर पर उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की उपयोगिता दर्शाता है। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए समय पर उपचार और विशेषज्ञ निगरानी बेहद महत्वपूर्ण होती है।जिला चिकित्सालय की एसएनसीयू इकाई ने इस मामले में अहम भूमिका निभाई। कम वजन और समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों को विशेष निगरानी, पोषण और चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता होती है। ऐसे में जिला अस्पतालों में उपलब्ध विशेष इकाइयां नवजातों के उपचार में महत्वपूर्ण सहारा बनती हैं।

चिकित्सकीय टीम की मेहनत से संभव हुआ उपचार

नवजात के उपचार में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा के मार्गदर्शन और सिविल सर्जन डॉ. देवेन्द्र सिंह पैकरा के निर्देशन में चिकित्सकीय टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. भरत भूषण त्रिपाठी, डॉ. अनिश ताम्रकार, डॉ. श्याम और एसएनसीयू के नर्सिंग स्टाफ ने बच्चे की देखभाल, पोषण प्रबंधन और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया।टीम के सामूहिक प्रयासों से गंभीर स्थिति में भर्ती नवजात की सेहत में सुधार हुआ और उसे घर भेजना संभव हो सका।

ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण, आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने तथा शासकीय अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के प्रयासों में एसएनसीयू जैसी इकाइयां अहम योगदान देती हैं।महज 900 ग्राम वजन के साथ जीवन के लिए संघर्ष करने वाले नवजात का स्वस्थ होकर घर लौटना उसके परिवार के लिए बड़ी राहत है। यह घटना चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के समर्पण के साथ-साथ गंभीर मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में सरकारी अस्पतालों की महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित करती है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का 22-23 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ दौरा प्रस्तावित, जगदलपुर में मुरिया दरबार में होंगी शामिल: मुख्यमंत्री साय

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरा प्रदेश के लिए गौरव और प्रसन्नता का अवसर है। राष्ट्रपति को बस्तर आने का आमंत्रण दिया गया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। उनका 22 और 23 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ प्रवास प्रस्तावित है। 23 अक्टूबर को वे जगदलपुर पहुंचकर मुरिया दरबार में शामिल होंगी।

मांझी-चालकी प्रतिनिधियों ने भी दिया था बस्तर आने का न्योता

मुख्यमंत्री साय ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान बताया कि राष्ट्रपति को बस्तर आने का निमंत्रण दिया गया था। इससे पहले बस्तर के मांझी-चालकी प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात के दौरान भी उनसे क्षेत्र का दौरा करने का आग्रह किया गया था। राष्ट्रपति द्वारा आमंत्रण स्वीकार किए जाने पर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का बस्तर आगमन प्रदेश के लिए सम्मान की बात है।

अमित शाह के संबोधन से हिंसा प्रभावित लोगों का बढ़ा आत्मविश्वास

मुख्यमंत्री ने नक्सली हिंसा से प्रभावित लोगों और अन्य दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित करने के कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दंतेवाड़ा में आयोजित शिविर को संबोधित किया। इस संबोधन से हिंसा प्रभावित लोगों का आत्मविश्वास बढ़ा है।साय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य नक्सली हिंसा से प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे सम्मान के साथ जीवन जी सकें और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।

अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मैच में महिला दर्शकों को निशुल्क प्रवेश

छत्तीसगढ़ में पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मैच आयोजित होने जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने इसे प्रदेश के लिए खुशी का अवसर बताया। भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच होने वाले मुकाबले में महिला दर्शकों के लिए प्रवेश निशुल्क रखा गया है।मुख्यमंत्री के अनुसार, इस पहल से प्रदेश की माताओं, बहनों और बेटियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की महिला खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने का अवसर मिलेगा। साथ ही, वे खिलाड़ियों के प्रदर्शन से प्रेरणा लेकर खेलों के प्रति अपनी रुचि और भागीदारी बढ़ा सकेंगी।