21.1 C
Raipur
Sunday, November 1, 2026
Home Blog Page 139

बेरला में पूर्व कृषि मंत्री रविंद्र चौबे का जन्मदिन धूमधाम से मना, ताम्रध्वज साहू व आशीष छाबड़ा रहे मौजूद

बेरला/बेमेतरा -;29 मई 2026

बेमेतरा जिला ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कार्यालय, बेरला में पूर्व कृषि मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता रविंद्र चौबे का कांग्रेस कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने दी शुभकामनाएं, वरिष्ठ नेतृत्व को बताया प्रेरणास्रोत उत्साह और गरिमामय माहौल में मनाया गया।

कार्यक्रम में पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम जिला कांग्रेस कमेटी बेमेतरा के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा के सानिध्य में संपन्न हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कांग्रेसजनों ने रविंद्र चौबे को पुष्पगुच्छ भेंट कर व केक काटकर जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं तथा उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।

वक्ताओं ने रविंद्र चौबे के लंबे राजनीतिक अनुभव, संगठन के प्रति समर्पण एवं जनसेवा में योगदान को प्रेरणास्रोत बताया।

पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि रविंद्र चौबे सदैव कांग्रेस परिवार के मार्गदर्शक एवं कार्यकर्ताओं के प्रेरणास्रोत रहे हैं। जिला कांग्रेस अध्यक्ष आशीष छाबड़ा ने कहा कि चौबे जी का संघर्ष, सादगी एवं संगठन के प्रति समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणा है।

इस अवसर पर ब्लॉक अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस सहित कांग्रेस परिवार के अनेक कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

AC कोच टॉयलेट में धुल रहे थे खाने के बर्तन, वीडियो वायरल होने पर FSSAI सख्त

न्यूज डेस्क /नई दिल्ली/ 29 मई 2026

जाए तो जाए कहां चारों तरफ है–अव्यवस्था
कौन सुने अब अपनी व्यथा।
खबर अनुसार एक मामला सामने आया जिसमें ट्रेनों में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने रेलवे की कैटरिंग व्यवस्था की पोल खोल दी है। वीडियो में आरोप है कि ट्रेन नंबर 12223 एलटीटी-एर्नाकुलम दुरंतो एक्सप्रेस के AC कोच में कैटरिंग स्टाफ टॉयलेट के अंदर खाने के बर्तन धो रहा था।

यात्री द्वारा बनाए गए इस वीडियो के सामने आने के बाद फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने तुरंत संज्ञान लिया है। FSSAI ने इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) को नोटिस जारी कर पूरे मामले पर तथ्यात्मक जवाब और स्पष्टीकरण मांगा है। अथॉरिटी ने इसे खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई के नियमों का गंभीर उल्लंघन माना है।

कार्रवाई करते हुए संबंधित कैटरिंग ठेकेदार पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि स्टाफ बेपरवाही से टॉयलेट के वॉशबेसिन में थालियां और बर्तन धो रहा है, जहां यात्री शौच के लिए जाते हैं। इस घटना ने यात्रियों के मन में रेलवे के खाने को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है।

गौरतलब है कि रेलवे कैटरिंग सिस्टम में साफ-सफाई को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हैं, लेकिन इस वीडियो ने एक बार फिर IRCTC की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

यात्रियों का कहना है कि “आदमी की सोच का स्तर कितना गिर गया है, यह भी नहीं पता कि खाने के बर्तन कहां धोने हैं।” फिलहाल FSSAI ने IRCTC से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।इमेज symbolic है बनाया हुआ।

द्विपक्षीय व्यापार वार्ता – भारत-कनाडा व्यापार संबंधों को नई गति CEPA वार्ता इस साल पूरी करने पर सहमति

डिजिटल डेस्क विदेशी व्यापार – 29/05/2026

कनाडा और भारत ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करने के लिए कई बड़े कदमों की घोषणा की है। कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू और भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की बैठक में दोनों देशों ने ठोस परिणाम हासिल करने पर जोर दिया।

बैठक की मुख्य बातें
साझा प्रतिबद्धता दोहराई: दोनों मंत्रियों ने आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और व्यवसायों के लिए नए वाणिज्यिक अवसर सृजित करने की प्रतिबद्धता जताई।
प्राथमिकता वाले क्षेत्र तय: स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, उन्नत विनिर्माण, डिजिटल प्रौद्योगिकी और कौशल विकास में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।

CEPA समझौते पर बनी सहमति
दोनों देशों ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
लक्ष्य: इस वर्ष के अंत तक CEPA वार्ता पूरी करना।
फायदा: बाजार पहुंच बढ़ेगी, आपूर्ति श्रृंखलाएं मजबूत होंगी और दोनों देशों की आर्थिक वृद्धि को रफ्तार मिलेगी।

नई पहल: कनाडा-भारत व्यापार एवं निवेश मंच
बैठक के दौरान कनाडा-भारत व्यापार एवं निवेश मंच की शुरुआत की गई। यह मंच दोनों देशों के उद्योग जगत के नेताओं को जोड़कर नए व्यापारिक साझेदारी अवसरों को बढ़ावा देगा।

फोकस संपर्क और आवागमन पर
मंत्रियों ने माना कि व्यापार विस्तार के लिए लोगों के बीच संबंध, व्यापारिक आवागमन और प्रत्यक्ष व्यावसायिक संपर्क बढ़ाना जरूरी है।

भारत आएगा ‘टीम कनाडा ट्रेड मिशन’
मनिंदर सिद्धू ने घोषणा की कि कनाडा इस साल के अंत में ‘टीम कनाडा ट्रेड मिशन’ को भारत भेजेगा। यह भारतीय बाजार में कनाडाई कंपनियों की बढ़ती रुचि और गहरी वाणिज्यिक साझेदारी की मंशा को दिखाता है।

नियमित संवाद से आगे की राह
दोनों देश प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में दीर्घकालिक और उच्च गुणवत्ता वाले निवेश को प्रोत्साहित करेंगे। उद्योगों, नवोन्मेषकों और संस्थागत भागीदारों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी। मंत्रियों ने नियमित संवाद जारी रखते हुए आने वाले महीनों में ठोस परिणाम लाने का संकल्प लिया।

IPL क्रिकेट 2026:आज मुल्लांपुर में GT vs RR का महामुकाबला, बारिश बन सकती है विलेन

0

मुल्लांपुर – 29 मई 2026

अभी के सीजन में आईपीएल 2026 का रोमांच चरम पर है। आज शाम मुल्लांपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच क्वालीफायर-2 खेला जाएगा। जीतने वाली टीम 1 जून को फाइनल में पंजाब किंग्स से भिड़ेगी, हारने वाली टीम का सफर यहीं खत्म हो जाएगा।

मैच डिटेल्स
मुकाबला: गुजरात टाइटंस vs राजस्थान रॉयल्स, क्वालीफायर-2 समय: शाम 7:30 बजे से
वेन्यू: मुल्लांपुर, चंडीगढ़ लाइव स्ट्रीमिंग: स्टार स्पोर्ट्स, जियोहॉटस्टार।

मैच से पहले दोनों टीमों का हाल

गुजरात टाइटंस: शुभमन गिल की कप्तानी वाली GT एलिमिनेटर में मुंबई इंडियंस को हराकर यहां पहुंची है। साई सुदर्शन और राशिद खान शानदार फॉर्म में हैं।

राजस्थान रॉयल्स: संजू सैमसन की RR को क्वालीफायर-1 में पंजाब से हार मिली थी। अब उनके पास फाइनल में पहुंचने का आखिरी मौका है। जोस बटलर, यशस्वी जायसवाल पर नजर रहेगी।

हेड टू हेड: दोनों टीमों के बीच अब तक 6 मुकाबले हुए हैं। GT ने 4 और RR ने 2 जीते हैं। इस सीजन दोनों 1-1 मैच जीत चुके हैं

पिच रिपोर्ट: बल्लेबाजों की मौज, स्पिनर्स को मदद
मुल्लांपुर की पिच पर इस सीजन हाई-स्कोरिंग मैच देखने को मिले हैं। औसत स्कोर 185+ रहा है। नई गेंद से तेज गेंदबाजों को स्विंग मिलेगी, बीच के ओवरों में स्पिनर्स गेम में आएंगे। टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला सही रह सकता है

सबसे बड़ा खतरा: मौसम
मैच पर बारिश का साया मंडरा रहा है। मुल्लांपुर में आज शाम 40% बारिश की संभावना है। अगर मैच धुलता है तो लीग स्टेज में बेहतर रैंक वाली गुजरात टाइटंस सीधे फाइनल में पहुंच जाएगी

मौसम अपडेट: दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई शहरों में तापमान में गिरावट आई है। चंडीगढ़-मोहाली में बादल छाए हुए हैं, शाम को हल्की बारिश हो सकती है

मिनी बैटल जिन पर रहेगी नजर
शुभमन गिल vs ट्रेंट बोल्ट: पावरप्ले की जंग
राशिद खान vs संजू सैमसन: मिडिल ओवर्स में स्पिन का इम्तिहान
यशस्वी जायसवाल vs मोहम्मद शमी: बाएं-दाएं का मुकाबला

क्या कहता है समीकरण?
अगर बारिश की वजह से 5-5 ओवर का भी मैच नहीं हो पाता है तो GT बिना खेले फाइनल में पहुंच जाएगी क्योंकि पॉइंट्स टेबल में GT दूसरे और RR तीसरे नंबर पर थी। RR के फैंस दुआ कर रहे होंगे कि मौसम साथ दे।

फाइनल का टिकट कटेगा या बारिश बिगाड़ेगी खेल?

सीएम सिद्धारमैया का इस्तीफा मंजूर:कर्नाटक में बड़ा सियासी उलटफेर ,मंत्रिपरिषद भंग

बेंगलुरु 29 मई 2026

कर्नाटक की राजनीति में गुरुवार सुबह बड़ा भूचाल आया। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया और इसके साथ ही पूरी मंत्रिपरिषद को भी भंग कर दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद राज्य में नए सियासी समीकरण बनने की अटकलें तेज हो गई हैं।

क्या है पूरा मामला?
सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया ने बुधवार देर रात राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा था। राज्यपाल ने गुरुवार सुबह इस्तीफा स्वीकार करते हुए मंत्रिपरिषद भंग करने की अधिसूचना जारी कर दी। राजभवन से जारी बयान में कहा गया कि “संवैधानिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई है”।

इस्तीफे की वजह अभी आधिकारिक तौर पर साफ नहीं की गई है। हालांकि राजनीतिक गलियारों में पिछले कुछ हफ्तों से कांग्रेस के अंदर चल रही खींचतान की चर्चा थी। ढाई-ढाई साल के CM फॉर्मूले को लेकर पार्टी में गुटबाजी सामने आ रही थी।

डीके शिवकुमार बनेंगे नए CM?
सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद डिप्टी CM और कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे आगे चल रहा है। शिवकुमार पिछले कई महीनों से CM पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे।

कांग्रेस विधायक दल की बैठक जल्द बुलाई जा सकती है। केंद्रीय पर्यवेक्षक भी बेंगलुरु पहुंच रहे हैं। अगर सब कुछ प्लान के मुताबिक रहा तो डीके शिवकुमार आज ही शपथ ले सकते हैं।

सिद्धारमैया का कार्यकाल
सिद्धारमैया ने मई 2023 में दूसरी बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। उनके कार्यकाल में ‘5 गारंटी’ योजनाओं को लागू किया गया। हालांकि, पिछले कुछ महीनों से MUDA स्कैम और वक्फ बोर्ड विवाद को लेकर विपक्ष उन पर लगातार हमलावर था।

विपक्ष की प्रतिक्रिया
भाजपा ने इस घटनाक्रम को “कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई का नतीजा” बताया है। पूर्व CM बसवराज बोम्मई ने कहा कि “कांग्रेस सरकार अपने ही बोझ से गिर गई”। वहीं JDS नेता एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि “राज्य में अस्थिरता का माहौल है”।

आगे क्या?
नया CM: कांग्रेस विधायक दल की बैठक में नए नेता का चुनाव होगा। डीके शिवकुमार प्रबल दावेदार हैं।
नई कैबिनेट: CM के शपथ के बाद नई मंत्रिपरिषद का गठन होगा। कई पुराने चेहरों की छुट्टी हो सकती है।
कानूनी पहलू: राज्यपाल ने अभी सिद्धारमैया को कार्यवाहक CM बने रहने को कहा है या नहीं, इस पर स्थिति साफ नहीं है।

संक्षेप में: कर्नाटक में कांग्रेस सरकार का एक अध्याय खत्म हुआ है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि क्या डीके शिवकुमार CM की कुर्सी संभालते हैं और क्या वो बची हुई अवधि में सरकार को स्थिर रख पाते हैं।

नोट: यह खबर 29 मई 2026 सुबह तक की उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। स्थिति तेजी से बदल रही है।

विकास का मुखौटा और खोती दुनियादारी

बाहरी दिखावे, विज्ञान की अंधी दौड़ और मानवीय रिश्तों के खोखलेपन पर ध्यान केंद्रित करें।

आईना/लेख/ 28 मई 2026

दुनिया बसाने का सपना बनाम स्वार्थ का यथार्थ

​हम दुनिया को बताने नहीं, बल्कि एक सुंदर दुनिया बसाने आए हैं—वह दुनिया जहाँ सादगी हो, सौंदर्य हो, असीम आनंद और सच्ची खुशियाँ हों। लेकिन हकीकत क्या है?

​हम तो समय के साथ सब में शामिल रहे, सबके होकर जिए; लेकिन आज मुड़कर देखें तो मन में एक ही टीस उठती है कि “हमारा कौन?” इतनी बड़ी दुनिया, इतने सारे लोग, और अंत में सवाल सिर्फ वही बचता है—”हम आपके हैं कौन?” यहाँ चारों तरफ सिर्फ स्वार्थ के रिश्ते हैं, मतलब की दोस्ती-यारी है। हर कोई बस अपनी आवश्यकता की पूर्ति में लगा है, और शायद इसी का नाम आज की ‘दुनियादारी’ रख दिया गया है।

​भ्रम का संसार:

सबसे बड़ा भ्रम तो यह है कि जो नहीं है, वह हमें दिखाई देता है; और जो वास्तव में है, उसे हम देख ही नहीं पाते। हम अपने आसपास के उस परिवेश का ध्यान नहीं रखते जहाँ हम सांस लेते हैं, लेकिन हमारी आँखें चांद, तारे, मंगल और अन्य ग्रहों की खोज में लगी हैं।

  • पत्थरों को आपस में टकराकर आग जलाने वाला इंसान आज न्यूक्लियर बटन पर हाथ रखकर बैठा है, लेकिन उसके भीतर का ‘डर और आक्रामकता’ (Aggression) रत्ती भर भी कम नहीं हुई।
  • ​कांटा-छुरी से आलीशान होटल में खाना खाने वाला उदाहरण इस बात का प्रतीक है कि हमने केवल अपनी पाशविक प्रवृत्तियों पर ‘शिष्टता’ (Sophistication) का मुलम्मा चढ़ाया है, उन्हें रूपांतरित (Transform) नहीं किया।
  • “
  • चौखट बदल गई, पर आईना वही है।” यह इस बात की ओर इशारा करता है कि जब तक मनुष्य का आंतरिक विकास (Internal Evolution) नहीं होगा, तब तक बाहरी तौर पर हम कंक्रीट के कितने ही जंगल खड़े कर लें, वह केवल ‘बदलाव’ होगा, ‘प्रगति’ नहीं।

महिला के लिए 108 संजीवनी एक्सप्रेस ने फिर निभाई जीवनदायिनी की भूमिका

बेमेतरा – 27 मई 2026

महिला प्रसव सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध प्रदेश सरकार की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा 108 संजीवनी एक्सप्रेस एक बार फिर गर्भवती महिला के लिए जीवनदायिनी साबित हुई। ग्राम आनंदगांव निवासी 24 वर्षीय श्रीमती मानसी को गर्भावस्था संबंधी जटिलता के चलते जिला चिकित्सालय बेमेतरा से मेकाहारा रायपुर रेफर किया गया था।

108 एम्बुलेंस के पायलट नीलमणि एवं ईएमटी कलावती गायकवाड़ महिला को लेकर रायपुर रवाना हुए, लेकिन धरसीवां के पास अचानक प्रसव पीड़ा तेज हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ईएमटी कलावती गायकवाड़ ने परिजनों की सहमति से एम्बुलेंस में ही सभी चिकित्सकीय सावधानियों का पालन करते हुए सुरक्षित प्रसव कराया।

महिला ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। प्रसव के पश्चात जच्चा और नवजात को मेकाहारा रायपुर में भर्ती कराया गया, जहां दोनों स्वस्थ हैं। परिजनों ने विषम परिस्थिति में तत्परता और संवेदनशीलता दिखाने के लिए 108 संजीवनी एक्सप्रेस टीम का आभार व्यक्त किया।

खबर हाईलाइट्स
रेफर केस: ग्राम आनंदगांव की 24 वर्षीय श्रीमती मानसी को जटिलता के चलते जिला चिकित्सालय बेमेतरा से मेकाहारा रायपुर रेफर किया गया।

रास्ते में प्रसव पीड़ा: 108 एम्बुलेंस में शिफ्ट कर रायपुर ले जाते समय धरसीवां के पास अचानक प्रसव पीड़ा तेज हो गई।

एम्बुलेंस में डिलीवरी: ईएमटी कलावती गायकवाड़ ने परिजनों की सहमति और पायलट नीलमणि के सहयोग से सभी चिकित्सकीय सावधानियों के साथ एम्बुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव कराया।

स्वस्थ जच्चा-बच्चा: डिलीवरी के बाद मां और नवजात को मेकाहारा रायपुर में भर्ती कराया गया, दोनों स्वस्थ हैं।

देशभर में ट्रांसपोर्ट संकट का असर गहराया, 95 लाख ट्रकों में से करीब 20% के पहिए थमे होने का दावा”

0

जनचौपाल36-संवाद/27 मई 2026

स्थान: एक व्यस्त हाईवे के किनारे ढाबा, जहाँ दूर-दूर तक ट्रकों की लंबी कतारें खड़ी हैं।

ज्वाला सिंह:आक्रोश और यथार्थ से भरे हुए, व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाने वाले।
ज्योतिपति: शांत, दार्शनिक, गहरी तार्किक समझ और दूरगामी दृष्टि रखने वाले।

ज्वाला सिंह: (दूर तक खड़ी ट्रकों की कतारों को देखकर, माथे पर हाथ रखते हुए) ज्योतिपति जी, यह दृश्य देख रहे हैं? देश की धमनियां रुक गई हैं! डीजल की आपूर्ति क्या बाधित हुई, लगभग 19 से 20 लाख ट्रकों के पहिये जाम हो गए। देश के कुल ट्रकों का 20 प्रतिशत हिस्सा सड़कों से गायब होकर किनारे खड़ा हो गया है। मुझे यह समझ नहीं आता कि कोई भी समस्या क्या अचानक ही प्रकट होती है और आते ही इतनी भयानक हो जाती है? हमारे देश के नीति नियंता, वो बड़ी-बड़ी योजनाएं बनाने वाले कर्णधार आखिर किस कोने में बैठकर समाधान ढूंढ रहे हैं?

ज्योतिपति: (शांत भाव से चाय की चुस्की लेते हुए) ज्वाला सिंह, समस्या कभी अचानक नहीं आती। बीज बहुत पहले बोया जाता है, संकट तो बस उसका अंकुरण है। जब थोक (Bulk) और खुदरा (Retail) कीमतों में ₹30 से ₹50 का अंतर आ गया, तभी तय हो गया था कि संतुलन बिगड़ेगा। जो बड़ी फैक्ट्रियां और बसें पहले थोक में डीजल खरीदती थीं, वे अब आम जनता के रिटेल पेट्रोल पंपों पर लाइन लगा रही हैं। नतीजतन, असली हकदार—जो ट्रक चालक हैं—उन्हें ईंधन के लिए 6 से 8 घंटे का इंतज़ार करना पड़ रहा है।

ज्वाला सिंह: (तैश में आते हुए) वही तो मैं कह रहा हूँ! अब सोचने वाली बात यह है कि इस विकट परिस्थिति में वो निर्णायक व्यक्ति कौन होगा, जिसकी आज इस देश को सबसे ज्यादा ज़रूरत है? विडंबना देखिए, आज कोई भी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। हालात वक्त से पहले बदतर होने लगे हैं। अभी तो कुल 95 लाख ट्रकों में से सिर्फ 20 फीसदी खड़े हुए हैं, अगर आगे की सप्लाई भी ऐसे ही बाधित रही, तो स्थिति कितनी भयानक होगी, इसकी कल्पना करके भी रूह कांप जाती है।

ज्योतिपति: तुम्हारी चिंता जायज है, ज्वाला। जिम्मेदारी का अभाव ही इस समय का सबसे बड़ा संकट है। जब व्यवस्था में ‘क्रेडिट’ यानी उधार बंद हो जाता है, तो सबसे पहले छोटे ट्रांसपोर्टर्स की कमर टूटती है। तेल कंपनियों ने हाथ खींच लिए, पंपों ने उधार देना बंद कर दिया। ट्रक चलाने की कुल लागत का 45% हिस्सा अकेले डीजल का होता है। अब जब वर्किंग कैपिटल (नकद पैसा) ही खत्म हो गया, तो छोटे मालिक ट्रक खड़े करने के अलावा और क्या करें?

ज्वाला सिंह: (व्यंग्यात्मक मुस्कान के साथ) और वो चेहरे कहाँ गायब हैं ज्योतिपति जी, जो देश की जनता को ‘अच्छे दिन’ के हसीन सपने दिखाया करते थे? आज जब संकट सामने खड़ा है, तो वो सब नेपथ्य में चले गए हैं। अब देश के प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को खुद सामने आकर यह सच्चाई स्वीकार करनी पड़ रही है कि देश अभी एक बेहद नाजुक दौर से गुजर रहा है। और कहाँ छिपे हैं वो बड़े-बड़े अर्थशास्त्री जो कल तक सरकार को विकास के शिखर पर चढ़ा रहे थे? आज जब हालात को संभालने की बात है, तो वो यह बताने आगे क्यों नहीं आ रहे कि इस दलदल से बाहर कैसे निकला जाए?

ज्योतिपति: (गंभीर होते हुए) अर्थशास्त्र जब केवल कागजी आंकड़ों में सिमट जाता है ज्वाला, तब जमीन की हकीकत ऐसी ही दिखाई देती है। यह सच है कि संकट पूरी तरह देश ने पैदा नहीं किया है। पश्चिम एशिया में, विशेषकर ईरान से जुड़े तनाव के कारण भू-राजनीतिक उथल-पुथल मची है, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छू रही हैं। तेल कंपनियां घरेलू स्तर पर घाटा (Under-recovery) सह रही हैं और ‘कंजर्वेशन मोड’ में चली गई हैं। यह एक वैश्विक आपदा है, इसमें कोई दो राय नहीं… लेकिन सवाल तो व्यवस्था पर ही उठेगा न?

ज्वाला सिंह: (बात काटते हुए) बिल्कुल उठेगा! वैश्विक तनाव अपनी जगह है, लेकिन हमारी आंतरिक व्यवस्था पर पहले ध्यान क्यों नहीं दिया गया? जब आपको पता था कि बादल घिरे हैं, तो छतरी का इंतजाम क्यों नहीं था? अब जबकि हालात नियंत्रण से बाहर हो रहे हैं, तब हमें समस्या का कारण नहीं, बल्कि उसका ठोस निदान जानना है!

ज्योतिपति: (सामने हाईवे की तरफ देखते हुए) निदान ही सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके दूरगामी असर बेहद डरावने हैं। छत्तीसगढ़ के बैलाडीला जैसे माइनिंग प्रोजेक्ट्स ठप पड़ रहे हैं, उत्तर से लेकर पश्चिमी भारत के व्यापारिक गलियारों तक माल ढुलाई बंद है। नेशनल हाईवे पर खड़ी ये कतारें सिर्फ ट्रकों की नहीं हैं, ये आने वाली महंगाई की कतारें हैं। अगर यह स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो फल, सब्जियां, राशन और रोजमर्रा की जरूरी चीजों की कीमतें आसमान छूने लगेंगी। आम आदमी की थाली पर इसका सीधा प्रहार होगा।

ज्वाला सिंह: (गहरी सांस लेते हुए) यानी तमाशा नीति नियंताओं का, और भुगतना देश की आम जनता को पड़ेगा। अब वक्त आ गया है कि खोखले दावों से हटकर कोई ठोस और निर्णायक कदम उठाया जाए, वरना यह आर्थिक चक्का पूरी तरह जाम हो जाएगा।

ज्योतिपति: (सहमति में सिर हिलाते हुए) सत्य कहा ज्वाला। जब तक दूरदर्शिता को नीति का आधार नहीं बनाया जाएगा, तब तक देश को ऐसे ही नाजुक दौर से गुजरना पड़ेगा। निदान की शुरुआत जिम्मेदारी स्वीकार करने से ही होती है।(मीडिया जानकारी पर)

मौसम हलचल -देश के 15 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट, IMD की चेतावनी

0

न्यूज डेस्क(नई दिल्ली) 28 मई 2026

बदलते मौसम ने आहट के साथ देशभर में अचानक करवट ले ली है। भारत मौसम विभाग (IMD) ने अगले 20 घंटों के भीतर देश के 15 राज्यों में तेज आंधी, बारिश और तूफान की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार कई इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।

आईएमडी द्वारा जारी अलर्ट में दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों को सतर्क रहने को कहा गया है। कई स्थानों पर बिजली गिरने और पेड़ उखड़ने की संभावना भी जताई गई है। मौसम विभाग ने किसानों, यात्रियों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

मौसम में आए इस बदलाव का असर सड़क और रेल यातायात पर भी पड़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। वहीं बिजली विभाग और आपदा प्रबंधन टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि प्री-मानसून गतिविधियों के कारण कई राज्यों में अचानक मौसम बदल रहा है। तेज हवाओं और बारिश से तापमान में गिरावट आने की संभावना है, जिससे भीषण गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि खराब मौसम के कारण फसलों और बिजली व्यवस्था को नुकसान पहुंचने का खतरा भी बना हुआ है।

आईएमडी ने लोगों से मौसम विभाग की आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।

सीबीएसई मूल्यांकन विवाद पर राहुल गांधी ने उठाए चार सवाल, न्यायिक जांच की मांग

नई दिल्ली 28 मई 2026

प्रसारित खबरें NEET घोटाले और पेपर लीक के सुलगते सवाल पर कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi ने CBSE परीक्षा परिणामों और ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि CBSE की मूल्यांकन प्रक्रिया में “भारी अनियमितताएं” हुई हैं, जिससे लाखों छात्रों और अभिभावकों में चिंता और असंतोष का माहौल बना है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि परीक्षा परिणामों में कथित गड़बड़ी ने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस कंपनी को डिजिटल मूल्यांकन का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया, उसका पहले भी विवादों से संबंध रहा है। कांग्रेस नेता ने इस पूरे मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच और विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की है।

राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे पर जवाबदेही से बच रही है। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में छात्रों और अभिभावकों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा है।

वहीं, Central Board of Secondary Education यानी CBSE ने राहुल गांधी के आरोपों को “भ्रामक और तथ्यहीन” बताया है। बोर्ड की ओर से जारी बयान में कहा गया कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और निर्धारित नियमों के तहत संचालित की गई है तथा कॉन्ट्रैक्ट देने में सभी प्रक्रियाओं का पालन किया गया।

इस विवाद के बाद शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा मूल्यांकन प्रणाली को लेकर देशभर में नई बहस छिड़ गई है। छात्रों और अभिभावकों के बीच परीक्षा परिणामों की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठ रहे हैं, जबकि राजनीतिक दल इस मुद्दे पर आमने-सामने आ गए हैं।